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जीवन और मृत्यु के बीच एक ही चीज़ महत्वपूर्ण है...

और वो है वर्चस्व।

हमारी दुनिया में ये वर्चस्व आता है पावर से।

और इस पावर का प्रतीक है,

ये गद्दी।

[गंभीर संगीत]

गद्दी ना तो विरासत से मिलती है, ना सियासत से।

मिलती है तो सिर्फ़ और सिर्फ़, बाहुबल से।

और टिकती है, डर पे।

[गंभीर संगीत]

जिस दिन इसपर बैठे समझो मौत से तुम्हारा रिश्ता पक्का हो गया।

[गंभीर संगीत जारी है]

[गंभीर संगीत जारी है]

[घंटी बजाते हुए मंत्र जाप]

[शंख बजता है]

[मंत्रोच्चार जारी है]

[रहस्यमय संगीत]

[रहस्यमय संगीत जारी है]

मक़बूल...

मुन्ना कहाँ है?

उनकी तबीयत थोड़ा डाउन है, भैया जी।

तबीयत डाउन है, कि नशा करके पड़े हुए हैं?

उनको याद नहीं थी, आज वार्षिक पूजा है?

[गाड़ी के हॉर्न की आवाज़]

बहराइच की बाहुबली संजय जैसवाल आ गए, भैया जी।

[गंभीर संगीत]

[गंभीर संगीत जारी है]

प्रणाम, बाऊजी।

जीते रहिए, आयु लंबी हो।

[गंभीर संगीत जारी है]

कैसे हो, अखंडा?

आज के शुभ दिन ही त्रिपाठीयों को मिर्ज़ापुर की गद्दी मिली थी।

तुम स्पेशल न्योता भेजे हो। हम तुरंत चले आए।

स्पेशल मेहमान हैं आप, जैसवाल जी।

तो स्पेशल न्योता तो भेजना ही था।

विराजिए।

[गहरी साँस छोड़ने की आवाज़]

जब से हम मिर्ज़ापुर की गद्दी पर बैठे हैं,

तब से तुम संभाल रहे हो ज़िला बहराइच।

बहुत पुराना साथ है अपना, अखंडा।

और हमेशा से हम तुम्हारे पीछे खड़े रहे हैं।

फ़िर पीठ पे छुरा क्यों घोंपे?

[तनावपूर्ण संगीत]

हमारा माल जा रहा था नेपाल।

चोरी क्यों करवाए, जैसवाल?

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

हमारे बहराइच से होकर जाता है।

तो थोड़ा टोल टैक्स लेना तो बनता है ना, अखंडा?

हमसे कहते।

हम मना करते क्या?

पर तुम तो रतिशंकर शुक्ला के अंडकोष बन गए।

वो ज़रा सहलाए, और तुम उन्हें प्रॉफ़िट पहुँचाने लग गए।

[तनावपूर्ण संगीत]

[गूढ़ संगीत]

जौनपुर से प्रेशर था तो--

जौनपुर और मिर्ज़ापुर में अंतर है।

एक पूर्वांचल में आता है...

और दूसरा स्वयं पूर्वांचल है।

[गंभीर संगीत]

ग़द्दारी की सज़ा जानते हो, जैसवाल?

[गंभीर संगीत जारी है]

लखनऊ से फंड्स का बहुत प्रेशर है तुम पे।

क्योंकी चुनाव सर पे है।

हम अपने लड़के को...

क्लियर निर्देश दे के आए हैं।

कि यदि हम ना लौटें...

तो तुम्हारा ट्रक और माल...

दोनों फूँक दें।

[तनावपूर्ण संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[नंबर डायल करने की आवाज़]

[कुत्ते के भौंकने की आवाज़]

[झींगुर की आवाज़]

[ज़ंजीर खींचने की आवाज़]

[जोशीला संगीत ]

नमस्ते, कालीन भैया।

[फ़ोन पर] बताओ, बबलू।

माल का ट्रक और छोटे जैसवाल, दोनों को दाब लिए हैं।

सीनियर जैसवाल को बता दीजिए।

[फ़ोन पर] पापा, पापा, बचा लीजिए हमको! उल्टा लटका दिए ये लोग हमें।

अखंडा, छोड़ दो उसे।

देखो, हम गलती किए।

माफ़ी माँगते हैं, ना?

गलती पकड़े जाने के बाद माफ़ी माँगना...

बेईमानी हुई।

और बेईमानी हमें स्वीकार नहीं है, जैसवाल।

अरे, तुम्हारी गोद में खेला है वो।

मत मारिए।

मत मारिए कालीन भैया, मत मारिए।

बाहुबली मारते नहीं...

मारने का ऑर्डर देते हैं।

मक़बूल।

[गोली मारने की आवाज़]

मार दिया।

मार दिया? मार दिया! हरामखोर! खोलो हमें!

खोलो! खोलो!

आवाज़ तो सुन ही लिए होंगे।

विसर्जन करिए छोटे जैसवाल का भी।

[तनावपूर्ण संगीत]

कालीन भैया, माल तो पकड़ ही लिए हैं,

और सीनियर जैसवाल को मार के आप स्ट्रॉंग मेसेज तो दे ही दिए हैं।

ये इनको निपटाना ज़रूरी है क्या?

- कालीन भैया, कालीन भैया... - छोटे बहुत तेज़ है।

इन्होंने ही डील किया था शुक्ला के साथ का।

वैसे तो छोड़ भी दें...

क्योंकि काबिल औलाद बहुत मुश्किल से मिलती है।

[गंभीर संगीत]

और कभी-कभी नहीं भी मिलती।

और आज इन्हें छोड़ दिया तो...

कल ये भी पीछे से वार करेंगे।

- माफ़ कर दीजिए कालीन भैया... - भविष्य के लिए खतरा चाहे जितना भी छोटा हो,

उसे जीवित नहीं छोड़ सकते।

निपटाइए इन्हें भी।

यही गद्दी का नियम है।

[तनावपूर्ण संगीत]

बबलू!

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

आगे जाओ बे ज़रा।

- हम देखते हैं। - बबलू भैया...

आप तो समझदार हैं।

सुनिए!

गुड्डू भैया, छोड़ दीजिए।

कसम खा रहे हैं, ज़िंदगी भर लॉयल रहेंगे आपके लिए।

तुम्हारे पापा कालीन भैया के लॉयल नहीं रहे,

तुम हमारे लिए रहोगे?

पागल समझे हो?

गुड्डू भैया, मत कीजिए ना?

हम करने नहीं वाले थे,

लेकिन अब करना ज़रूरी है।

शौकीन टाइप हो ना तुम?

फैक्ट्री की वर्कर लड़कियों के साथ जो करते आए हो,

तुमको टाँगों के बजाय शरीर के किसी और अंग से लटकाना चाहिए था।

ए!

ले लो बदला।

यही मौका है।

[तनावपूर्ण संगीत]

देख क्या रही हो?

कोई भी इज़्ज़त पर हाथ डाले,

उसे छोड़ना नहीं होता है, हम्म।

हम हैं, आओ।

आओ, आओ!

कुछ नहीं करेगा ये।

इनके मुंह को लेवल पे लाने दो।

[गंभीर संगीत]

मालिक हैं हम तुम्हारे।

कोई हाथ नहीं लगाएगा।

जितना बोलेगा उतना मारो।

और कसके।

दे दो, दे दो, ज़ोर से दो!

[बोरी गिरने की आवाज़]

[तनावपूर्ण संगीत]

दो, दो।

नीचे से दो, नीचे से।

[थप्पड़ की आवाज़]

बस।

[ज़ंजीर की आवाज़]

[बंदूक लोड करने की आवाज़]

उत्तेजित संगीत]

गड्डू भैया!

[गोलियाँ चलने की आवाज़]

[चिल्लाने की आवाज़]

बच गए, बच गए!

[रोमांचक संगीत]

इन हरामज़ादों को मारेंगे कम, घसीटेंगे ज़्यादा!

छोड़ना मत हरामज़ादों को!

[तनावपूर्ण संगीत]

क्या?

ईंट।

[गोलियाँ चलने की आवाज़]

[गोलियों की आवाज़ जारी है]

[षड्यंत्री संगीत]

दस-बारह लोग हैं।

सात-आठ दाईं तरफ़, बाकि बाईं तरफ़।

[तनावपूर्ण संगीत]

♪ रुतबा कमाल है ♪

♪ तेवर बवाल है ♪

♪ पुरे जिल्हे में हमारा भौकाल है ♪

[गोली चलने की आवाज़]

♪ आया जो सामने बुरा तेरा हाल है ♪

♪ जहाँ का भी तुर्रम, सब हलाल है ♪

♪ टॉप का है एम, टॉप का है गेम ♪

♪ अलग ही चलते कोई ना टॉप माय लेन ♪

♪ ज़िंदगी शानदार ♪

♪ बंदे है जानदार ♪

♪ एरिया ये जानते हैं, काम करें कान फाड़ ♪

[गोलियों की आवाज़]

♪ कान फाड़ ♪

[छींकने की आवाज़]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[खाँसने की आवाज़]

[रोमांचक संगीत]

♪ कान फाड़ ♪

खोलो, खोलो!

♪ कान फाड़ ♪

♪ कान फाड़ ♪

बबलू!

मर हरामखोर!

[चिल्लाने की आवाज़]

[चीखने की आवाज़]

मिर्ची!

आँख जल गई! आँख जल गई!

[तनावपूर्ण संगीत]

कितनी बार बोले हैं तुमको, बबलूआ?

सर पे मारो या छाती पे, फ़िनिश करो।

गोली चलाते समय चैरिटी नहीं करनी होती है।

- बबलू! - [गाड़ी के छत पर मारने की आवाज़]

कालीन भैया, हम लोगों पे फ़िर से ट्रस्ट किए, बबलू।

हम ही लोग चला रहे हैं कालीन भैया का एम्पायर, सुन रहे हो?

राजा का एम्पायर सैनिक लोग चलाते हैं।

और युद्ध में मारे भी वही जाते हैं।

[गंभीर संगीत]

एक इंच,

गोली एक इंच इधर से गई होती, तो वहीं ढेर हो गए होते हम।

और अगली से आप।

कब तक रिस्क लेंगे ऐसे, कुछ सोचे हैं?

सोचे तो नहीं थे।

अब सोच रहे हैं।

हमें एम्पायर चलाना नहीं है, गुड्डू भैया।

बनाना है।

वरना पता है ना,

राजा के बाद हम किसके नीचे होंगे?

[मनोरंजक संगीत]

राजकुमार के।

कालीन भैया द किंग ऑफ़ मिर्ज़ापुर

[रोमांचक संगीत]

[हॉर्न की आवाज़]

अरे, रुको बे!

[लगातार हॉर्न की आवाज़]

अबे, क्या उड़ के जाओगे?

[लगातार हॉर्न की आवाज़]

तेरी बहन का...

साले--

[रोमांचक संगीत]

भैया जी, ये आप ही को देने आए थे।

ओपन जीप है ना? सर सेफ़ रहेगा।

अभी हटा रहे हैं गाड़ी, अभी हटा रहे हैं।

[रोमांचक संगीत]

हैप्पी बर्थडे मम्मी

मुन्ना भैया...

ठीक बनाया ना?

जैसा आप बोले थे।

साले!

ये बोले थे? ये बोले थे?

ये बोले थे हम तुम्हें?

लिटाएँ तुम्हें यहीं पे?

"हैप्पी बर्थडे बेस्ट मम्मी" लिखने को बोले थे ना?

क्या बोले थे हम लिखने को?

समझ नहीं है?

जड़बुद्धि हो?

सिर्फ़ "हैप्पी बर्थडे मम्मी" लिख दिए!

भाईसाहब, एक मिनट।

भाईसाहब वो "बेस्ट" के पहले ना, "द" लगाना ज़रूरी होता है।

वरना व्याकरण के हिसाब से गलत हो जाता है।

इंग्लिश अध्यापक हैं हम।

- वो "बेस्ट" का "बी" जो है वो-- - सुनो बे टॉलस्टॉय,

ज़्यादा शेक्सपियर मत बनो, समझे?

वरना पता है ना "द" के आगे और क्या लगता है?

"एन्ड",

कर दिया जाएगा आपका यहीं पे।

अब निकलिए।

अंग्रेज़ी कहीं का!

- भाड में जा। - मुन्ना भैया,

केक पे,

ये लगा देते हैं,

[अंग्रेज़ी में] मामला ख़तम।

[हिंदी में] कितने का है ये?

वैसे तो पाँच रुपए का है, लेकिन आपसे पैसा थोड़ी लेंगे।

आइए, क्लोज़ आइए हमारे।

[मनोरंजक संगीत]

मतलब जिसके पास भी पाँच रुपया है,

उसकी मम्मी बेस्ट हो जाएगी?

हम्म?

यहाँ पे जितने लोग हैं,

सबकी मम्मी बेस्ट है।

[मनोरंजक संगीत]

जितना पीस रखे हैं ना इसका दुकान में,

सब पैक कीजिए और गाड़ी में रखवाइए।

और फ्री में नहीं लेंगे,

पैसा देंगे।

इनाम दिए हैं कालीन भैया।

एक मैटर सुलटाए थे।

- अच्छा सुनो, - हम्म?

- वो... - हाँ?

पापा की वो हाथ घड़ी पिछले साल गिरवी रखवाई थी ना?

हाँ, वो हनीमून पे दिए थे हम तुम्हारे पापा को बनारस में।

दो दिल गुदवाए थे उसपे।

छुड़ा ला ना?

छुड़वा लेंगे।

खुश हो जाएँगे तुम्हारे पापा, भले ही दिखाए ना।

[स्कूटर की आवाज़]

- और ये भी लाए हैं। - क्या है?

अरे गुड्डू!

अरे! ये क्या है?

[धीमा संगीत]

क्या है?

अरे!

क्या ले आए?

क्या है ये?!

ये क्या लिए हो इनसे?

सर्दी के कपड़े लाए हैं, मम्मी के लिए।

मिर्ज़ापुर में सर्दी पहले नहीं पड़ती थी?

हम मना किए हैं ना? कुछ नहीं लेना इनसे।

हम ट्राय करके आते हैं।

सूजी का हलवा बनाएँगे फ़िर। बिना खाए निकल मत जाना, हम्म?

[तनावपूर्ण संगीत]

पापा, एन्जॉय कर लेने दीजिए मम्मी को।

वो कभी कुछ बड़ा माँगी हैं आपसे?

माँगी भी होती, कौन सा कर ही देते ये?

गुनगुनाए फ़िरते हैं।

अब लड़के कर रहे हैं, तो उसमें भी चुल है इनकी।

ये ईमानदारी ना पापा? अजगर है!

लपेटे आप हैं अपने गले में। और दम सबका घुट रहा है।

ठीक है, पापा। अब गुड्डू भैया कुछ किए ही हैं घर के लिए।

थोड़ा खुश हो जाइए।

गुड्डू कभी ऐसा कुछ नहीं करेंगे कि हमें खुशी हो या प्राउड फील करें।

[गंभीर संगीत]

और ये अपने साथ तुमको भी गैंगस्टर बना लिए।

पापा, आपकी दिक्कत क्या है?

तरक्की कर रहे हैं आपके लड़के। आप इतिहास उठा के देख लीजिए।

जितने गैंगस्टर लोग महत्वाकांक्षी रहे हैं, सब साले टॉप पे पहुँचे हैं।

- नीचे से उठ के ऊपर गए हैं। - बेटा,

वो सब ऊपर नहीं गए। ऊपर ही चले गए हैं।

आप हमेशा नेगेटिव ही बोलिएगा।

सारा शहर हमको इज़्ज़त दे रहा है। आप ही से नहीं मिल रही है, बस।

[मज़ाकिया हँसी]

अम्मा, ये हुई ना बात!

वसुधा कैट!

फिल्म हीरोइन लग रही हो मम्मी।

देखो, अब आप लोग ना लड़ो मत।

हम हलवा बना रहे हैं। खाओ और खुश रहो।

विदेश की ट्रिप लगवाएँगे तुम्हें इसमें।

- सच्ची? - कोई कहीं नहीं जा रहा है।

ना ये, ना हम।

आपसे तो पूछ ही नहीं रहे हैं। रहिए अपने मिडिल क्लास में।

क्यों पापा से ऐसे बात करते हैं?

तुम क्यों बीच में बोल रही हो?

बाप-बेटे का मैटर है। चुपचाप जा के खड़ी हो वहाँ पे।

भैया, बीच में तो हम बोलेंगे क्योंकि ये बाप और बेटी का मैटर है।

[धीमा संगीत]

गोविंद पंडित उर्फ़ गुड्डू,

विनय पंडित उर्फ़ बबलू,

के विरुद्ध अब तक कुल 32 शिकायतें, 12 गैर दंडनीय मामले, 8 एफ़आईआर दर्ज हैं।

अभियुक्त बिना न्यायालय की पूर्व अनुमति के

मिर्ज़ापुर ज़िले की सीमा के बाहर नहीं जा सकते।

पापा पेटिशन डाले थे। उसी से मिला ये कोर्ट आर्डर।

हम ही टाइप किए थे, आप लोगों की सुरक्षितता के लिए।

ए डिम्पी, इधर आ।

[तनावपूर्ण संगीत]

जब मन कहेगा, क्रॉस करके जाएँगे।

जब मन कहेगा, क्रॉस करके आएँगे।

मिर्ज़ापुरर का बॉर्डर हमें रोक थोड़ी ना पाएगा, पापा।

[गंभीर संगीत]

अब आपके साथ बैठ के हम खा तो ना पाएँगे।

बाप है हम तुम्हारे।

बेटा हो तुम हमारे, इसलिए कर रहे हैं ये सब।

अच्छा हुआ बता दिए!

हम नज़र रखेंगे गुड्डू भैया पे।

कैसे रखोगे नज़र?

और अगर रख भी लोगे,

तो तुम पे कौन रखेगा नज़र?

तुम भी उसी दुनिया के हो जा रहे हो धीरे-धीरे।

तो हम क्या ज़िंदगी भर माँगते रहे, पापा?

[भावुक संगीत]

बताइए।

थक गए थे माँगते-माँगते।

इसलिए शायद छीनने का मन हुआ है।

फॉर द बेस्ट

["हैप्पी बर्थडे टू यू" गुनगुनाता है]

[तनावपूर्ण संगीत]

[गोली लगने की आवाज़]

[गुनगुनाते हुए] हैप्पी बर्थडे डिअर,

बेस्ट मम्मी।

हैप्पी बर्थडे...

टू यू।

[भावुक संगीत]

राजा!

राजा!

जी मुन्ना भैया।

केक खाओगे कमीने?

आप हर साल पूछते हैं, मुन्ना भैया। लेकिन खिलाते तो कभी हैं नहीं।

वो इसलिए क्योंकि ये स्पेशल केक है।

हर किसी के नसीब में नहीं होता।

और नौकरों के तो बिल्कुल नहीं।

[अटपटा संगीत]

हम जानते हैं, मुन्ना भैया।

वैसे मालिक लोग का कोई मीठा चीज़...

अगर नौकर चखने को पा जाए,

तो उसका स्वाद ही अलग होता है।

ऐसा क्या चख लिए बे तुम?

वो भाभी...

[धीमा संगीत]

भाभी चखा देती हैं कभी-कभी।

[धीमा संगीत जारी है]

दिए?

पापा, केक लीजिए।

सौ बार बोले हैं मुन्ना तुमको।

ये बर्थडे वगेरे सब चोचले हैं।

मनाना बंद करो।

आपसे बर्थडे मनाने को थोड़ी ना कह रहे हैं।

- थोड़ा केक ही तो खाने को कह रहे हैं। - हटाओ, नहीं तो उठा के फेंक देंगे।

[भावुक संगीत]

बेटा, ये रोना धोना...

त्रिपाठीयों पर सूट नहीं करता।

मर्द बनो, मर्द।

और मर्द मतलब वो नहीं, जो तुम दुकान वाले के साथ किए।

ये सड़कछाप गुंडों की तरह तुम्हारी छिछड़ी कब रुकेगी?

साला...

यहाँ राजा के माथे पे काँटों का ताज है,

और राजकुमार इतने बेवक़ूफ़ हैं, कि उनके सर पे रख भी नहीं सकते।

एक तरफ़ वो गुड्डू-बबलू हैं,

जिनको कोई भी काम दो, तो कायदे से करते हैं।

और एक तरफ़...

[तनावपूर्ण संगीत]

आत्म मूल्यांकन कीजिए।

और सुनो...

गोलियाँ चलती हैं, तो लोग मरते हैं।

जो चले गए उनके लिए जीवन भर रोया नहीं करते।

मैं भुला चुका हूँ।

तुम भी भूल के जीवन में आगे बढ़ो।

आप तो दूसरी पत्नी ले आए, पापा।

हम दूसरी मम्मी कहाँ से लाएँ?

[भावुक संगीत]

हम हैं ना?

आपकी मम्मी।

छाती से लगा के रखेंगे आपको।

- आपके पापा जो बोले उसका बुरा मत मानिए। - देखिए ऐसा है,

पापा हैं हमारे, कुछ भी बोल सकते हैं हमें।

आप हमारी मम्मी नहीं हैं।

[गंभीर संगीत]

रिश्ता कौनसा भी हो मुन्ना भैया,

औरत के गले से लगकर मर्द को सुकून ही मिलता है।

- ट्राई तो करिए। - अरे!

क्या--

[नाटकीय संगीत]

- लोक स्वराज पार्टी! - ज़िंदाबाद!

- लोक स्वराज पार्टी! - ज़िंदाबाद!

- लोक स्वराज पार्टी! - ज़िंदाबाद!

- सूर्या प्रताप यादव! - ज़िंदाबाद!

- सूर्या प्रताप यादव! - ज़िंदाबाद!

- सूर्या प्रताप यादव! - ज़िंदाबाद!

प्रणाम।

भैया की स्पीच से पहले दो शब्द हम भी कहेंगे, आनंद।

नाम अनाउंस करो।

- आनंद। - सूर्या प्रताप यादव!

ज़िंदाबाद!

जेपी, यहाँ आओ।

जी, भैया।

[तनावपूर्ण संगीत]

बहुत बड़े हो गए हो? हाँ?

तुम मंच की व्यवस्था और लोजिस्टिक्स संभालो।

और माइक पर दो शब्द बोलने की ज़िम्मेदारी हम पे छोड़ दो।

और पब्लिक की लाइमलाइट लेने के लिए पहले उसके लायक तो बनो।

- फ़ंड मोबिलाइज़ हुआ? - हो रही है, भैया।

- हम बात किए हैं। - घंटा बात किए हो!

जल्दी करवाओ।

पता नहीं, मम्मी पापा ने भांग पी के पैदा किया क्या तुम्हें?

[तनावपूर्ण संगीत]

मुर्ख कहीं के!

- सूर्या प्रताप यादव! - ज़िंदाबाद!

- सूर्या प्रताप यादव! - ज़िंदाबाद!

- सूर्या प्रताप यादव! - ज़िंदाबाद!

- सूर्या प्रताप यादव! - ज़िंदाबाद!

[मशीन की आवाज़]

[जेपी फ़ोन पर] त्रिपाठी...

तुम्हारी फैक्ट्री में मशीनों की घिसाई की आवाज़ तो बहुत तेज़ आ रही है,

लेकिन हमारे फंड्स तेज़ी से नहीं आ रहे हैं।

बात हुई थी ना हमारी?

यादव जी, थोड़ा समय दीजिए। हम प्रबंध कर रहे हैं।

हम ही आ जाएँगे लखनऊ, कैश ले के।

ज़्यादा वेट करवाए, तो तुम लखनऊ नहीं,

हम मिर्ज़ापुर आएँगे, त्रिपाठी।

और आके तुम्हारी मरम्मत करेंगे कायदे से।

चुनाव सर पे है!

[तनावपूर्ण संगीत]

प्रॉफिट बढ़ाना होगा।

पैसों का प्रबंध करना है।

उसके लिए बर्फ़ी की सप्लाई बढ़ानी होगी, कालीन भैया।

सप्लायर सप्लाई पे कंट्रोल रखता है,

ताकि मन मुताबिक रेट बढ़ा सके।

और इतनी जल्दी अफ़ीम का नया सप्लायर मिलना...

कठिन है।

मिलेगा।

हमारा देश बहुत दानी है, कालीन भैया।

खोजने पे भगवान मिल जाए।

साला सप्लायर क्यों नहीं मिलेगा।

ज़रूर मिलेगा।

[रोमांचक संगीत]

[रोमांचक संगीत जारी है]

[रोमांचक संगीत जारी है]

[लड़की गुनगुनाते हुए] ओ म्हारी, घूमर छे नख रानिये।

घूमर रमवा...

- मैं जासा। - ये क्या हुआ?

- क्या? - सुर छूट रहा है तुम्हारा।

मुमताज़ बीवी, ये मत भूलो कि...

तुम्हारे दिल के साथ-साथ तुम्हारी आवाज़ से भी लव है हमको।

सुर ना छूटे प्लीज़, ठीक है? शुरू करो।

[लड़की गुनगुनाते हुए] ओ मेरी, घूमर छे नख रानिये।

ए बिरजू,

- जी भैया। - गाड़ी तेज़ भगा।

सूरज डूबने से पहले रेगिस्तान छोड़ देना हमको।

पैर देख लो, बब्बन भैया।

एक्सेलरेटर पर चिपका के रखे हैं फेविकॉल की तरह।

ब्रेक साला टच ही नहीं करेंगे।

[गंभीर संगीत]

आह!

अब सही सुर लगा रे, मुमताज़।

[तनावपूर्ण संगीत]

[पृष्ठभूमि संगीत]

बब्बन!

मैं भैरोसिंग कर्णावत बोल रहा हूँ।

आवाज़ तो पहचान ही ली होगी।

मेरा पार्टनर होके मेरा से ही गद्दारी?

और सुन ले।

ये बर्फ़ी ले के यहाँ से निकल तो पाएगा नहीं तू।

उल्टा, जान से हाथ ही गँवाएगा।

अरे जैसलमेर की गद्दी हथियाने का सपना छोड़ दे।

ये गद्दी मेरी है, मेरी ही रहेगी।

हुकुम, अब मेरा इनाम पक्का। भूलो मत।

- रिज़वान... - जी, हुकुम।

इनाम तो पक्का है।

खबर सही निकली तेरी।

ए, साला।

रिज़वान...

शक्ल में खोट था, साला--

बब्बन बेटा...

चल माल वापस दे मेरा।

रहमदिल आदमी हूँ। मौत दूँगा,

दर्द नहीं।

चिंता नहीं, बब्बन भैया।

[षड्यंत्री संगीत]

ज़िंदा ये साला आप को पकड़ नहीं पाएगा।

और मरने हम आप को देंगे नहीं।

बिरजू,

- रेगिस्तान में हमको गूम होना पड़ेगा। - हम्म।

रिज़वान को भी उठाना है।

[रहस्यमय संगीत]

[चिंताजनक संगीत]

मुमताज़...

लव यू।

[चिल्लाने की आवाज़]

[जोशीला संगीत]

[धमाके की आवाज़]

[गोलियों की आवाज़]

[गोलियों की आवाज़]

इसकी तो!

[पृष्ठभूमि संगीत]

एक वार,

दो घाव।

इसे कहते हैं,

कॉस्ट बेनिफिट एनलाइसिस।

कॉस्ट-

अरे, ये क्या? तेरा हीमोग्लोबिन कम है क्या, रे?

देख, देख, साला कितना कम खून निकल रहा है तेरा।

बोले थे, तेरे को ऐसे अनार जूस पिया करो।

अनार जूस पिया करो!

अनार जूस पिया करो!

हुकुम, बब्बन तो गया।

[अजीब संगीत]

[गाना गुनगुनाने की आवाज़]

[गाड़ी की आवाज़]

[गाना गाने की आवाज़]

अरे, बस!

[अस्पष्ट आवाज़]

[गाना गुनगुनाने की आवाज़]

[एक आदमी दूर से] संग्राम, ओ संग्राम!]

एक बात नोटिस की हो?

वो बाँसुरी वाले ने जो आखिरी सुर लगाया था ना,

अद्भुत था वो।

क्या हुआ?

ज़िम्मेदारी हैं हम आपकी, बब्बन बाबू।

कैसी बात कर रही हो तुम?

एक गोली लगने दिए तुमको?

बताओ, एक भी गोली लगने दिए क्या?

साला, अगर तुमको जो गोली मारता ना,

उसके शरीर में छेद-अछेद कर देते, छेद-अ-

क्या करते?

छेद-अछेद।

- छेद-अ-- - छेद-अ-छेद करते रे,

छेद-अ-छेद करते।

छेद-अ-छेद।

हाँ, बोलो?

सारा माल सुरक्षित ले आए हैं।

ए, नमक ले आओ रे!

भैया, नमक तो ठीक डाले थे। कम लग रहा है क्या?

अबे साले, हम कब बोले कि खाने में डालना है।

पकड़ो।

[गूढ़ संगीत]

[गूढ़ संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत]

[चिल्लाने की आवाज़]

स्वाहा!

स्वाहा।

ये नहीं पूछेंगे कितने में बिके। क्या फ़र्क पड़ता है?

बिक तो गए ना।

- ए छेदीलाल, - जी, भैया।

- मार के मिट्टी डाल इस पे। - बब्बन भैया!

हम बीस साल,

बीस साल आपके वफ़ादार रहे हैं। बब्बन भैया, माफ़ कर दो।

वफ़ादार...

वफ़ादार तो था ये, छेदीलाल।

ऐसा कर, मत मार इसको।

बिना मारे ही,

मिट्टी डाल दे इस पर, ज़िंदा।

- ठीक है। - देख रिज़वान हम तुझे नहीं मारे।

हाँ।

रहम कीजिए, बब्बन बाबू।

अरे मेरी जान!

[दर्द से कराहने की आवाज़]

पानी का डब्बा भी डाल दे साथ में।

जब तक ज़िंदा रहेगा, प्यास तो लगेगी ना इसको?

मत मारो मुझे! छोड़ दो!

[तनावपूर्ण संगीत]

कहाँ रह गए थे, बिरजू लोहार?

ये लाने गए थे, भैया, हमारी छटंकी।

जान बसती है हमारी इसमें, छोड़ थोड़ी ही देते।

माल कहीं और छुपाना पड़ेगा।

कोई नया प्लान सोचते हैं।

घर वापसी का समय आ गया है।

[गूढ़ संगीत]

हम बब्बन बोल रहे हैं।

बब्बन बबुआ।

मिर्ज़ापुर जाना है।

एक इंट्रोडक्शन करवा दीजिए, डील के लिए।

हमारे पास भारी मात्रा में बर्फ़ी है।

[तीव्र संगीत]

ये बातें फ़ोन पे नहीं हो सकती बबुआ।

राजनीति में फ़ोन टैपिंग भी हथियार होता है।

लखनऊ आ के मिलो।

फेस टू फेस।

हम आ रहे हैं।

[रहस्यमय संगीत]

[सीटी की आवाज़]

[कोयल की आवाज़]

तुमको हम कॉलेज में भी मना किए हैं ना?

तुम घर आए हो, तो आ गए बाहर मिलने।

हम तुम्हारे लिए केक लाए हैं।

हमें याद है लास्ट टाइम तुम बोली थी, शाकाहारी हो गई हो।

एगलेस बनवा के लाए हैं।

दीदी को डायबिटीज़ है, फूलचंद।

[अटपटा संगीत]

अब वो मीठा नहीं खाती।

अच्छा!

तो गोलू देवी, आप ये बताइए, आपको जूता चुराई का पैसा चाहिए कि नहीं?

चाहिए ना?

तो जाइए अंदर जाके कमरा में पढ़िए।

जीजा जी से ज़्यादा फ्लर्टिंग नहीं करते। चलिए, फ़टाफ़ट

छोटी सी है।

ले लो ना, प्लीज़।

[कोयल की आवाज़]

थैंक यू।

छोटू, आजा, आजा।

छोटू, खा।

खा, खा।

[मनोरंजक संगीत]

लो, खा लिया।

तुमसे हमको कुछ नहीं चाहिए, मुन्ना।

ना अभी, ना लाइफटाइम में कभी।

[रहस्यमय संगीत]

[संगीत तेज़ होता है]

हमारे लव के गार्डन में रहते हो तुम।

इसीलिए छोड़ रहे हैं तुम्हें।

वरना यहीं तुम्हारा हॉट डॉग बना देते बे।

स्टेरॉयड खत्म हो रही हैं, यार।

गोलियाँ हैं, संतरे की टॉफ़ी नहीं हैं।

आप ऐसे ही चबा जा रहे हैं। बॉडी जो है इनके बिना भी बन सकती है।

अबे ऐसे थोड़ी ना बनेगी, बे।

हमको इनके जैसे बनानी है।

[अटपटा संगीत]

देख रहे हो?

बॉडी तो हेवी बना रहे हैं। पर अंदर से जो है पिलपिले ही हैं आप।

स्वीटी को आई लव यू बोलने में फट रहे हैं आप की।

अबे, हम जता तो रहे हैं।

तुम तो जता भी नहीं पा रहे हो, बता भी नहीं पा रहे हो। हम बताएँ?

गोलू!

स्वीटी की बहन।

- शर्मा गए! - आ गए।

[रूमानी संगीत]

[पृष्ठभूमि संगीत]

छोड़िए, मुन्ना भैया।

आपको कन्याओं की कमी है?

अरे, मिर्ज़ापुर के सबसे बड़े अल्फ़ा आप हैं।

आप शहद, और लड़कियाँ चींटी।

लव तो स्वीटी है ना, बे?

[कोमल संगीत]

♪ बांधा नैनों ने नैनों से डोरा ♪

♪ मोहे खींचे चला मोह तोरा ♪

♪ तोहे सौंपा है तन मन ये कोरा ♪

♪ मोहे थामे तू रखना सवारा ♪

♪ वारूँ वारूँ मैं वारूँ तोरी ♪

♪ अब ना जग की है परवाह कोई ♪

♪ थाम ले तू मोरी ज़िंदगी ♪

♪ तोहसे बढ़ के ना कोई खुशी ♪

♪ वारूँ वारूँ मैं वारूँ तोरी ♪

♪ आज सौंपे हैं सपने सभी ♪

♪ नैना तोरे तिजोरी मोरी ♪

♪ है मोरी ♪

♪ फीका फीका था मनवा ये मोरा ♪

♪ छू के तूने भरा रंग तोरा ♪

♪ मेले जैसा सजा है ये अंगना ♪

♪ तोहरे आने से दिल का मोरा ♪

तुम जब आओगी,

तो खोया हुआ पाओगी मुझे।

मेरी तन्हाई में...

ख़्वाबों के सिवा कुछ भी नहीं।

मेरे कमरे को सजाने की तमन्ना है तुम्हें।

मेरे कमरे में किताबों के सिवा कुछ भी नहीं।

♪ वारूँ वारूँ मैं वारूँ तोरी ♪

♪ तोहसे नाता है मोरा कोई ♪

♪ तू गगन, मैं पवन हूँ तोरी ♪

♪ मोरी साँसें भी सब हैं तोरी ♪

♪ वारूँ वारूँ मैं वारूँ तोरी ♪

♪ मोहे आँखों में भर ले कहीं ♪

♪ तोरी खुशियों से धड़कन मोरी ♪

♪ है मोरी ♪

♪ तोसे जन्मों का फेरा है मोरा ♪

♪ तोरी छाया में मोरा बसेरा ♪

♪ तोहरे वादे पे सब कुछ लुटा दूँ ♪

♪ मो पे रखियो भरोसा ज़रा ♪

हमारे कॉलेज इलेक्शन की स्पीच लिख दोगे?

[मधुर संगीत]

वीसा, पासपोर्ट, सर्टिफिकेट, इंग्लिश कोचिंग,

सब करा देते हैं हम।

मेरा नाम,

रॉबिन अगरवाल है।

वैसे अगर स्टूडेंट डिज़र्विंग के साथ-साथ खूबसूरत भी हो तो,

सीधा स्कॉलरशिप करा देते हैं।

हमारी मम्मी भी गई हैं लंदन।

पढ़ने।

एक काम कीजिए, अपनी स्कॉलरशिप अपने पास रखिए।

और देखिए, वहाँ मम्मी कहीं फेल न हो जाएँ।

[रूमानी संगीत जारी है]

ये भी ठीक है।

देखिए मुन्ना भैया, आपके लिए क्या लाए हैं।

♪ तोरे नाज़ सारे उठा लूँ ♪

♪ जो कहे ♪

♪ ये नैना मोरे ♪

♪ मोरे जागे है संग तोरी ♪

♪ हर रात तोरी सजा दूँ, जो कहे ♪

♪ है जीना मोहे ♪

♪ मोहे जीना है संग तोरे ♪

अट्ठानबे,

निन्यानबे,

चार सौ!

- चार सौ! - आगे गिन!

चार सौ एक...

[गूढ़ संगीत]

- माल बेचना है? - हाँ।

हाँ, तो बेचो।

पर,

ये मिर्ज़ापुर वालों को ही क्यों?

किसी और को बेचो।

एक बढ़िया पार्टी है, हमारे दिमाग में।

जौनपुर के बाहुबली,

रतिशंकर शुक्ला।

भैया, लेकिन हम मिर्ज़ापुर की गद्दी के बारे में सुने हैं।

पूरे पूर्वांचल का कंट्रोल उसी के पास है।

पूर्वांचल किसके कंट्रोल में है...

वो हम डिसाइड करते हैं, बब्बन।

अभी बुआ के लड़के हो तुम, फर्स्ट कज़िन,

तुमको गलत राय देंगे?

मिर्ज़ापुर से सिर्फ़ हम और भैया डील करते हैं, डायरेक्ट।

तुम मिर्ज़ापुर नहीं, जौनपुर जाओ।

हम इंट्रोडक्शन करा देंगे।

अमीनाबाद के व्यापारी आपसे एक मीटिंग चाह रहे हैं, सर।

हमें लगता है करनी चाहिए।

इससे वहाँ हमारी पार्टी का बेस और मज़बूत होगा।

आप पार्टी की सेवा में लगी हैं, ज़रीना जी।

पार्टी चलाने वालों की सेवा कब करेंगी?

कल की रख लीजिए मीटिंग।

और सुनिए,

मीटिंग में चलने के लिए, ये साड़ी जो है, कमर के नीचे बाँधिएगा।

आपके सौंदर्य के दर्शन होंगे, तो व्यापारियों की आँखों को ठंडक मिलेगी।

और आपका जाना भी उपयोगी होगा।

चलिए, जाइए।

हाँ, क्या कह रहे थे आप?

भैया, तब हम चलते हैं। कल जौनपुर निकलेंगे।

आ रहे। खुश रहो। खुश रहो।

[रहस्यमय संगीत]

होटल राम भवन

मैडम, आईडी प्लीज़।

आप जाइये, हम देखते हैं।

- हमारा नाम लिखिए। - बोलिये।

मोनू शर्मा।

[रहस्यमय संगीत]

[संगीत जारी है]

भैया!

हमारा निमंत्रण स्वीकार करने के लिए धन्यवाद।

आइए।

- हम चाय बनाते हैं। - अरे!

हम चाय लेके आते हैं, आपके लिए भी। आप बैठें।

ये मुमताज़ है।

जानकारी चाहिए।

मिर्ज़ापुर की गद्दी,

उसके पावर,

वहाँ की दावेदारी...

और वहाँ की राजनीति, सब।

[गंभीर संगीत]

और ये सब हम आपको क्यों बताएँगे?

और बदले में आप हमें क्या देंगे?

इज़्ज़त।

मुमताज़, चाय।

[गंभीर संगीत जारी है]

देखिए जेपी यादव के कज़िन होने के अलावा,

हम बहुत महत्वाकांक्षी इंसान हैं, बिल्कुल आपकी तरह।

कल कोई भी जरूरत पड़ेगा,

हम आपका ध्यान देंगे।

[चिंताजनक संगीत]

अखंडानंद त्रिपाठी।

कालीन भैया।

मिर्ज़ापुर की गद्दी को कंट्रोल करते हैं।

गद्दी पूर्वांचल को, और पूर्वांचल यूपी की राजनीति को।

और यूपी, पूरे देश की।

[जोशीला संगीत]

माँ विंध्यावासनी देवी के महोत्सव के,

मुख्य अतिथि कालीन भैया, एंट्री ले रहे हैं।

- कालीन भैया! - ज़िंदाबाद!

- कालीन भैया! - ज़िंदाबाद!

[ज़रीना] त्रिपाठी जी के राइट हैंड है गुड्डू पंडित, और लेफ़्ट हैंड है बबलू पंडित।

बबलू पंडित के राय का काफ़ी मान रखते हैं त्रिपाठी जी।

[जोशीला संगीत जारी है]

परंतु उनके सुपुत्र मुन्ना बाबू को गुड्डू-बबलू एक आँख नहीं सुहाते।

[शंख की आवाज़]

[सभी लोग] माँ विंध्यावासनी देवी की जय!

अब गजुमल कॉलेज की छात्राएँ अपनी प्रस्तुति देंगी!

जिसमें मुख्य कलाकार हैं, स्वरांजीनी गुप्ता और दिव्या पंडित।

♪ शुम्भ हरणी, कपाल धरनी, युद्धवासिनी की जय हो ♪

♪ रात में जो प्रभात कर दें, ऐसी मर्दिनी की जय हो ♪

♪ शुम्भ हरणी, कपाल धरनी, युद्धवासिनी की जय हो ♪

♪ माँ, हे माँ, ये माटी रक्त-रंजित कर दो ♪

♪ शुम्भ हरणी, कपाल धरनी, युद्धवासिनी की जय हो ♪

♪ माँ, हे माँ, संहार पापियों का कर दो ♪

♪ शुम्भ हरणी, कपाल धरनी, युद्धवासिनी की जय हो ♪

♪ तू रहे तो कोई भी फ़िर महिषासुर ना जी सके ♪

♪ तू रहे तो हाथ सर पर, कोई भी ना छू सके ♪

♪ शुम्भ हरणी, कपाल धरनी, युद्धवासिनी की जय हो ♪

♪ रात में जो प्रभात कर दें, ऐसी मर्दिनी की जय हो ♪

♪ शुम्भ हरणी, कपाल धरनी, युद्धवासिनी की जय हो ♪

♪ रात में जो प्रभात कर दें, ऐसी मर्दिनी की जय हो ♪

जेपी यादव और त्रिपाठी जी का रिश्ता उन दो लोगों की तरह है,

जो साथ में सोते तो हैं, पर मजबूरी में।

इसीलिए, गद्दी का अगला कैंडिडेट तैयार किया जा रहा है।

जौनपुर के रतिशंकर शुक्ला।

[रोमांचक संगीत]

शुक्ला जी की बहुत पुरानी दुश्मनी है त्रिपाठी जी से।

वो गद्दी के दावेदार थे, जो उन्हें कभी नहीं मिली।

इसीलिए शुक्ला जी ने कई बार अटैक भी करवाए हैं त्रिपाठी जी पर।

एक बार मिर्ज़ापुर की गद्दी हमारी हुई,

जो भी हमारे संगे खड़ा है,

लाभ उठाएगा।

पापा, अगर शतरंज की बिसात भी सेम रहे,

और आपके प्यादे भी सेम हों,

तो खेल का रिज़ल्ट भी सेम ही होगा ना?

[रोमांचक संगीत जारी है]

नया प्यादा लगेगा।

इंतज़ार कीजिए।

मिले, तो खेल में उतार दीजिएगा।

[रोमांचक संगीत]

रतिशंकर शुक्ला कुछ बाहुबलियों को मीटिंग में बुलाए हैं, कालीन भैया।

हम्म।

गद्दी को लेकर बात की है।

सियार इकट्ठा हो रहे हैं, अखंडा।

जंगल के कोने में।

जी, बाऊजी।

♪ हर युग में जब पाप बढ़ा है, तूने ही तो बचाया है ♪

आप कहें तो बहराइच वालों की तरह इन बाहुबलियों को भी...

सारी प्रजा को मार देंगे,

तो राज किस पे करेंगे?

[बाऊजी मुस्कुराते हैं]

वो नए रिश्ते बना के अपनी शक्ति बढ़ा रहे हैं।

हमें भी नए समीकरण बिठाने होंगे।

♪ हर युग में जब पाप बढ़ा है, तूने ही तो बचाया है ♪

♪ अहंकार के उठते सिर को तूने ही तो झुकाया है ♪

♪ एक नहीं आठ है, अष्टभुजाधारी है माँ तू ♪

♪ दुश्मनों की मात है, दो धारी तलवार है माँ तू ♪

♪ शुम्भ हरणी, कपाल धरनी, युद्धवासिनी की जय हो ♪

सारी लड़ाई गद्दी की है।

मिर्ज़ापुर की गद्दी पे जो बैठेगा...

वो देश की राजनीति का भविष्य डिसाइड करेगा।

♪ रात में जो प्रभात कर दें, ऐसी मर्दिनी की जय हो ♪

और वही होगा सबसे बड़ा बाहुबली।

♪ शुम्भ हरणी, कपाल धरनी, युद्धवासिनी की जय हो ♪

♪ रात में जो प्रभात कर दें, ऐसी मर्दिनी की जय हो ♪

चल कमीने!

[अस्पष्ट आवाज़]

यही है जो पी के होश खो दिया था।

[गंभीर संगीत]

क्यों?

क्यों इतने पीते हो भाई, हाँ?

बहराइच वालों से हमारी सौदेबाज़ी चल रही है।

पब्लिक में जाके तुम भौंक दिए।

और बात अखंडा तक पहुँच गई।

भैया जी, पता नहीं कैसे पीके हम थोड़ा...

घरवाले भी बहुत समझाए भैया जी अब।

आगे से कभी ऐसी गलती नहीं होगी भैया जी।

- बस एक बार माफ़ कर दीजिए। - नहीं, आगे क्या होगा नहीं होगा

ये तुम थोड़ी ना तय करोगे, हाँ?

क, ख, ग, घ, सुना दो ।

तो तुम बच जाओगे।

हं?

[तनावपूर्ण संगीत]

सुना दो, हिंदी वर्णमाला।

- क, ख, ग, घ? - हाँ।

- क, - हाँ।

- ख, - हाँ।

- ग, - हाँ।

- घ, - हाँ।

- ङ। - [तनावपूर्ण संगीत]

च।

छ।

ज, झ।

ञ।

बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया।

त...

थ, ड...

ध...

ण।

प, फ, ब, भ, म...

य, र, ल, व, श, ष...

स, ह, क्ष, त्र, ज्ञ।

[तीव्र संगीत]

पूरा हिंदी वर्णमाला सुना दिए, भैया जी।

[गंभीर संगीत]

पूर..पूरा सुना दिए हम।

पूरा, पूरा हिंदी वर्णमाला सुना दिए भैया जी।

पूरा सुना दिए भैया जी।

ए! पूरा हिंदी वर्णमाला सुना दिए।

हम पूरा सुना दिए रे।

अरे, हम पूरा सुना दिए।

अरे, पूरा सुना दिए।

हिंदी वर्णमाला पूरा सुना दिए।

आज से दारू बंद। बच गए रे, बच गए!

उर्दू की सुनाओ।

- उर्दू? - हाँ।

अरे भाई, भिन्नताओं से भर देश है हमारा।

भैया उर्दू तो...

देखो हम बेईमानी नहीं करते।

हमको आती है।

एक उर्दू के जानकार हमारे बेटे को धमकी दिए थे।

तो हम सीख लिए।

भैया, हम सीख लेंगे।

अच्छा चलो, हम बोल के सुनाए तुमको?

देखो।

अलिफ़, बे, पे, ते, टे, से,

जीम, चे, हे, खे,

दाल, डाल, ज़ाल,

रे, डे, ज़े, झे,

सीन, शीन, स्वाद, ज़्वाद,

तोए, ज़ोए, ऐन, ग़ैन,

फ़े, क़ाफ़, काफ़, गाफ़,

लाम, मीम, नून, वाओ,

हे, चश्मी हे,

हम्ज़ा, छोटी ये, बड़ी ये

हैं?

[शैतानी हँसी]

बोल दिए ना हम, हाँ।

चल।

अरे, हम तो प्रैक्टिस भी करवा दिए अभी देखो।

हाँ, बोलो अभी बोलो।

भैया जी...

हम भी याद कर लेंगे भैया जी।

बोलो बे।

[तनावपूर्ण संगीत]

अलिफ़...

अलिफ़...

अलिफ़...लैला!

[सुहाना संगीत]

हराम के...

अलिफ़, लैला, मजनू...एँ?

निपटाइए।

भैया पूरा याद करेंगे, भैया जी।

पूरा याद करेंगे, भैया जी।

हम पूरा याद करेंगे, भैया जी।

क्या हुआ बे?

[इशारे में] अगर ये उर्दू की वर्णमाला सुना देता तो

क्या आप अंग्रेज़ी की पूछते?

अबे, पागल हो क्या बे, हैं?

अंग्रेज़ी में

हमको हाँ, हाँ और ना, ना के अलावा कुछ नहीं आता।

[गोली की आवाज़]

[गंभीर संगीत]

[गाड़ी की आवाज़]

जेपी यादव सिफ़ारिश किए, इसीलिए ये इन्क्वायरी नहीं करवाए।

डील की बात तो फ़ोन पे भी हो सकती थी।

उसके लिए इतने दूर से यहाँ तक आने की ज़रूरत क्या थी?

कुछ बातें आमने-सामने बैठकर हो तो बेहतर होता है, शुक्ला जी।

आपको मिर्ज़ापुर की गद्दी चाहिए ना?

[रहस्यमय संगीत]

अगर अखंडानंद त्रिपाठी को...

हम गद्दी से हटा दें तो?

[रहस्यमय संगीत जारी है]

माँ भी बच्चे को दूध इसलिए पिलाती है कि...

बुढ़ापे में वो उसका सहारा बनेगा।

पर हम तो अजनबी हैं आपके लिए।

इसमें आपका लाभ?

हम आपकी तरह ही बाहुबली हैं।

अब शेर को राज करने के लिए जंगल तो चाहिए।

मिर्ज़ापुर की गद्दी मिलेगी तो हम आपस में बाँट लेंगे।

देखिए, इससे हमको पावर मिलेगा

और आपको आपका बदला। क्या कहते हैं अंग्रेजी में?

विन-विन सिचुएशन।

विन-विन...

विन-विन सिचुएशन!

विन-विन...

आप...

अखंडानंद को केवल पकड़ेंगे,

मारेंगे नहीं।

ये शुभ कार्य हम अपने हाथों से करना चाहते हैं।

[रहस्यमय संगीत जारी है]

बहुत गहरा चोट दिया है उसने।

निशान अभी तक बाकी है।

वो कहते हैं ना...

खून बहा के ही गद्दी मिलती है।

तो हम पूरी रीति-रिवाज़ से ही लेंगे।

आप रीति-रिवाज़ निभाइए, हमको कोई प्रॉब्लम नहीं है।

गद्दी मिलते ही अपने ज़ुबान से...

फिर तो न जाइएगा, यादव जी।

[तनावपूर्ण संगीत]

फिरे ना...

तो एक बाप के नहीं हैं।

ये हमारी...

सरकारी कॉन्ट्रैक्ट है।

[जोशीला संगीत]

- एक चीज़ और है, बब्बन बाबू। - कहिए।

हम गाड़ी निकालते हैं, भैया।

मिर्ज़ापुर के गद्दी पे बैठने वाले को मिर्ज़ापुर में नहीं मारा जा सकता।

ये पावर है उस गद्दी की।

अखंडा को मारने के लिए...

उन्हें मिर्ज़ापुर से बाहर निकालना पड़ेगा।

[तनावपूर्ण संगीत]

प्रणाम।

आप शुक्ला जी से डील करने जौनपुर क्यों आए?

आधी गद्दी भी दे दिए।

अखंडानंद को तो हम लोग खुद अपने हाथों से निपटा देते भैया।

[तनावपूर्ण संगीत]

रती शंकर शुक्ला फ़िर हम लोगो के पीछे वैसे ही पड़ जाते गद्दी के लालच में

जैसे बरसों से अखंडानंद के पीछे पड़े हैं।

अब वो हम लोगों के पीछे नहीं आएँगे।

क्योंकी हम और शुक्ला जी अब एक तरफ़ हैं।

और रही बात अखंडानंद को निपटाने की।

तो मंजिल महत्वपूर्ण है, रास्ता नहीं।

कोई भी निपटाए।

[गूढ़ संगीत]

क्या फ़र्क पड़ता है।

कोई भी निपटाए।

पागल हो क्या तुम?

तुमको हम जौनपुर भेजे थे, डील करने के लिए।

और तुम रतिशंकर शुक्ला के साथ मिल के

अखंडानंद त्रिपाठी को निपटाने का प्लानिंग कर डाले?

अगर सीएम भैया को पता चला ना, तो वो जान ले लेंगे।

तुम्हारी भी, हमारी भी!

भैया,

- भैया, सुन तो लीजिए। - ए!

भैया, सुनिए ना।

भैया, कब तक आप अपने बड़े भैया से दबेंगे?

कब तक उनको सीएम-सीएम पुकारेंगे, भैया?

हमें गद्दी लेने दीजिये, भैया।

मिर्ज़ापुर की गद्दी पर बैठेंगे,

तो आपको तख्ता पलटने में आसानी होगी।

ये क्यों नहीं सोचते हो आप?

और रही बात वो जौनपुर वालों की,

तो वो त्रिपाठी जी को निपटा देंगे, और गद्दी मिलते ही हम उनको निपटा देंगे।

शुक्ला जी ने हमसे कहा था, भैया।

कि गद्दी पाने के लिए खून बहाना पड़ता है।

[तनावपूर्ण संगीत]

तो हम उनका बहा देंगे।

बहुत पुराना रिश्ता है हमारा त्रिपाठी के साथ।

और उनके साथ एक...

पुराना सेटलमेंट भी करना है हमको...

[अंग्रेज़ी में] बहुत ज़रूरी।

[हिंदी में] उनको एक मौका देना तो बनता है, बब्बन बबूआ।

[तनावपूर्ण संगीत]

लीजिए, भैया।

क्या बात है, मुन्ना भैया?

ऐसे शीशे में खुद को क्यों निहार रहे हैं?

अबे, कम्पाउंडर...

देखो, वैसे शक्ल तो हमारी किसी हिंदी फिल्म के हीरो से कम है नहीं।

- हाँ। - हम्म!

पर ये स्वीटी क्यों नहीं मान रही बे?

- अरे, एक सुझाव दे, मुन्ना भैया? - हम्म?

- फेशियल करवा लीजिए। - ये क्या चीज़ है, बे?

अरे, फेशियल मतलब मुँह का बूट पॉलिश।

चेहरा जो है, एकदम चमक जाता है।

सनलाइट रिफ्लेक्शन मार दे, वैसा।

- अच्छा? - हाँ!

नहीं, वैसे टैनिंग तो हमको भी बहुत हो गया है।

- तो चलिए, एक जगह जानते हैं। - आओ।

[गुनगुनाते हुए] सजनवा जोगनवा उठा बैठे!

- कलेजवा में... - हाँ बेटा कुमार सानू,

फेशियल कराना है हमें।

टॉम क्रूज़ बना दो एकदम।

बैठिए...

बस एक कस्टमर है, निपटा लें।

साले...

हम तुम्हें ही ना निपटा दें?

हमें वेट कराओगे? जानते नहीं हम कौन हैं?

नहीं, भैया। हम नहीं जानते, भैया।

- लेकिन, ये इम्पोर्टेन्ट कस्टमर हैं। - साले!

मुन्ना त्रिपाठी को वेट कराओगे?

हैं?

[तनावपूर्ण संगीत]

कह तो दिया उसने, वेट करो।

हम्म।

हम्म।

इम्पोर्टेन्ट कस्टमर हैं हम।

अब ये गुड्डू पंडित को जानता है।

मुन्ना त्रिपाठी को नहीं जानता है।

ऐसा है...

[गंभीर संगीत]

फेशियल तो पहले मुन्ना भैया का होगा।

ज़्यादा हारमोनियम ना बनो।

वरना बजा डालेंगे तुम्हारी सरगम।

बकबक बंद करो कुर्सी खाली करो, पहलवान।

[तनावपूर्ण संगीत]

अब तो फेशियल हमारा ही होगा, मुन्ना भैया।

तो साले ऐसा है...

कि फेशियल तो,

पहले अब हमारा ही होगा।

ट्रिगर दबाइएगा नहीं।

आपके पापा के राइट हैंड हैं अब ये।

- मम्मी, जाओ ना यहाँ से! - चुप रहो तुम।

आंटी जी...

आपकी सुपुत्र एकदम सही कह रहे हैं।

आप जाइए यहाँ से।

यहाँ वायलेंस होने वाला है।

अगर बेटे पे गन चलानी है, तो पहले माँ पे चलानी होगी।

[तनावपूर्ण संगीत]

अगर बेटे पे गन चलानी है, तो पहले माँ पे चलानी होगी।

मुन्ना!

[भावुक संगीत]

मुन्ना भैया,

मुन्ना भैया, फ़ोन।

- जी, पापा? - मुन्ना,

कैश लेके जेपी यादव के पास पहुँचिए।

सर्किट हाउस में।

हम फैक्ट्री से डायरेक्ट आएँगे।

और सुनो, बेटा...

कोई बेवकूफ़ी नहीं। हम्म?

जी।

[तनावपूर्ण संगीत]

[गंभीर संगीत]

[गहरी साँस छोड़ने की आवाज़]

[तनावपूर्ण संगीत]

मुन्ना भैया, आप गन क्यों नीचे कर दिए?

कुछ याद आ गया था, बे।

जाओ अंदर।

हाँ भैया, बच्चे का मुंडन करना है। फटाफट कर दे।

- हं? - मुँह क्या देख रहा है?

बीड़ी ही पीने जा रहा है ना?

पाँच रुपये ज़्यादा ले लेना। मुहूर्त निकालेगा क्या?

भाग!

न्हाई दिखते है तुमको हम?

आंटी जी?

इनके उस्तरे से ना मुंडन नहीं होता।

श्राद्ध होता है।

[मज़ाकिया संगीत]

अंदर एक पहलवान टाइप का आदमी बैठा है।

वो करता है मुंडन। जाइए आप फ़टाफ़ट।

जाइए!

[मज़ाकिया संगीत जारी है]

ऐल्बट्रॉस से बेहतर प्यार का प्रतीक कोई है ही नहीं इस दुनिया में।

अपने तीन मीटर चौड़े पंखों के--

अरे, रधिया।

- जी? - कहाँ है ये?

कौन मुन्ना भैया?

अरे ये, कहाँ है?

[फ़ोन पर आवाज़] मम्मी बुला लो बेटा।

बीना का पूछ रहे हैं रधिया। तिजोरी की चाबी चाहिए।

- भाभी? - हाँ, कहाँ है?

ऊपर...

बेडरूम में होगी मुन्ना भैया।

हम्म।

[चिंताजनक संगीत]

[संगीत जारी है]

राजा?!

राजा?!

[कामुक आवाज़]

[कामुक आवाज़ जारी है]

- हमारा... - नहीं,

नहीं, अब नयी पोज़िशन में।

[कामुक आवाज़ जारी है]

[कामुक आवाज़ जारी है]

- हमारा...हो गया! - [कामुक आवाज़ जारी है]

- आ गया, आ गया! - [कामुक आवाज़ जारी है]

- हं? - हमारा हो गया!

भाग!

बीना किसी काम में व्यस्त होगी।

अं, ये लो।

डुपलीकेट चाबी।

हम ईमर्जन्सी के लिए रखते हैं।

धन्यवाद, बाऊजी!

[चिंताजनक संगीत]

आज नौकर और मालिक दोनों बराबर हुए।

ना वो संतुष्ट कर पाते हैं ना तुम।

हम कोशिश तो पूरी किए थे भाभी।

तुम्हारा पूरा अधूरा रहा राजा।

मर्द और औरत जब प्रेम में होते हैं...

[गूढ़ संगीत]

तब मर्द औरत को संतुष्टि देता है।

[भावुक संगीत]

और तभी वो संतुष्ट होती है।

[भावुक संगीत जारी है]

बहुत किस्मत से मिलते हैं ऐसे औरत और मर्द।

[भावुक संगीत जारी है]

जिन्होंने एक दूसरे से यूँ दिल लगाया हो।

- [जोशीला संगीत] - [जीप की आवाज़]

[जोशीला संगीत जारी है]

ये पापा कैश भिजवाए हैं।

- अभी आते ही होंगे। - बैठो।

[तनावपूर्ण संगीत]

जब तक तुम्हारे पापा आएँ, बैठो।

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[पक्षियों की चहचहाहट]

नीट लोगे या पानी के साथ?

- नहीं, हम नहीं लेंगे। - अरे, पी लो।

अगर बड़े कुछ कहें तो छोटों को मान रख लेना चाहिए।

हम बड़े हैं ना? तुम छोटे हो।

[गला साफ़ करने की आवाज़]

बड़े मान रखने लायक भी तो होने चाहिए।

और वैसे भी देखिए, हमको ना जमता नहीं है फ़्री की शराब पीना।

जैसे आप पिए थे, हमारी होली की पार्टी पे। क्या पेल के पिए थे ये...

फ़्री की शराब।

[गंभीर संगीत]

[सीटी बजाने की आवाज़]

सीटी बजाना बंद करो।

[सीटी की आवाज़ जारी है]

सीटी बजाना बंद करो!

[गंभीर संगीत]

फ़िर क्या बजाएँ?

तुम उस दिन होली पार्टी में भी ऐसे ही बदतमीज़ी किए थे।

और तुम्हारे बाप,

पुत्र मोह में अपनी औकात से आगे बढ़कर हमको पलट कर जवाब दिए थे।

उसके लिए सॉरी हो कि नहीं?

[गंभीर संगीत जारी है]

[सीटी बजाने की आवाज़]

हमको तुम्हारी सॉरी चाहिए।

सॉरी हो कि नहीं, मुन्ना?

[गूढ़ संगीत]

[सीटी की आवाज़ जारी है]

उस दिन हम तुमको पार्टी में खींच के चमाट दिए थे।

भुल गए, या दें अभी एक और?

[थप्पड़ की आवाज़]

हम कुछ भी भुलाते नहीं हैं, यादव जी।

हिसाब चुकाते हैं।

[उत्तेजित संगीत]

एक बार टच करने का फ़िर से ट्राई कीजिए।

- समझ जाइएगा। - ट्राई करें?

- कीजिए। - दें अभी?

कीजिए ना ट्राई!

कीजिए, मारिए, मारिए हमको!

मारिए!

बहुत ज़ोर से चुल मच रही है हमें।

एक बार प्लीज़ बस मार दीजिए हमें।

[जोशीला संगीत]

साले!

गधे के नितंबों जैसा शक्ल है तुम्हारी, और नखरे क्लियोपैट्रा के दे रहे हो?

और आप,

कैसे सोती हैं इनके साथ?

थूकने का मन नहीं करता?

बिना कपड़ों के तो और विभत्स लगते होंगे ये।

"सॉरी चाहिए", यहीं डाल देंगे सॉरी अंदर!

साले, हमारे बाप के बारे में बोल रहा है?

अबे, कालीन भैया हैं वो। किंग ऑफ़ मिर्ज़ापुर!

तो हम हुए, साले, प्रिंस!

[तीव्र संगीत]

ए! गन डाउन।

[गंभीर संगीत]

भूलिए मत,

कि मिर्ज़ापुर में हैं आप, यादव जी।

हम जान से मार देंगे इसे। पागल है तुम्हारा लड़का!

पागल है, ये ज़रूरी नहीं है।

हमारा लड़का है,

ये ज़रूरी है।

और हमारे लड़के को कोई छू भी नहीं सकता।

दो जगह तो कतई नहीं।

एक, मिर्ज़ापुर के अंदर।

और दूसरा, मिर्ज़ापुर के बाहर।

तुम देखे नहीं? ये गन्स हटा दिए थे!

तो आप इन्हें सबके सामने तमाचा लगाए थे।

जवान खून है, कुछ तो रिएक्ट करेंगे।

इनकी उम्र में हम होते, तो सटाते नहीं ठोक देते।

[तनावपूर्ण संगीत]

- मुन्ना, - जी, पापा।

- आप जाइए फैक्ट्री। - जी, पापा।

और वहाँ पहुँच के हमको फ़ोन कीजिए कि सुरक्षित पहुँचे या नहीं।

जी।

[जोशीला संगीत]

[कालीन भैया] चुनाव का पैसा तो हम आपको पहुँचा ही देते हैं।

और क्या दक्षिणा माँगने आए हैं?

माँगिए।

हम जिस परिवार से आते हैं...

वहाँ जो चाहिए, सो चाहिए।

[गूढ़ संगीत]

सॉरी बोल देना चाहिए था, त्रिपाठी।

मुन्ना को भी,

और तुमको भी।

[सीटी बजाने की आवाज़]

अरे, मक़बूल!

फैक्ट्री में सब वर्कर लोग के लिए समोसा और कोल्ड ड्रिंक मँगवाओ।

नमस्ते, मुन्ना भैया।

- गुड्डू-बबलू बाहर आए हैं? - कालीन भैया आएँगे तो भेजिएगा।

- हम हैं ना? भेजो उन दोनों को। - जी।

[रोमांचक संगीत]

आइए!

छोटे पंडित, बड़े पंडित।

सॉरी यार, हम तुमको बैठने के लिए कहते, लेकिन दोनों कुर्सियाँ गिरी हुई हैं।

लेकिन करिए, आप लोग चेक करिए।

हमने सुना है कट्टों की क्वालिटी में कुछ तरक्की किए आप लोग, हैं?

देखें ज़रा, हम भी कैसा रहा प्रदर्शन।

मक़बूल मियाँ!

क्या हुआ, भाई, समोसे और कोल्ड ड्रिंक का?

किस बात की दावत चल रही है?

बस, आज खुश हैं, पापा, सो बोल दिए।

किस बात पे खुश थे?

- प्रकाश डालिए। - पापा वो...

आज आप...

जैसे वो साले,

जेपी यादव के सामने हमारा साइड लिए और उसको

दबोच दिए!

हम बहुत ज़्यादा प्राउड फील किए, पापा।

प्राउड नहीं, शर्म की बात है ये।

और आप ना, पुत्र नहीं कुपुत्र हैं।

प्रचंड बेवक़ूफ़!

और ये तुम्हारी हरकतें चलती रहती है ना पब्लिक में?

यही हाल रहा, तो एक दिन मिर्ज़ापुर की गद्दी इन दोनों को दे देंगे,

और तुमको काम करवाएँगे इनके नीचे।

ये क्या दिन रात चश्मा ओढ़े रहते हो?

अंधे हो? मोतियाबिंद हो गया है?

[धीमी हँसी]

नहीं, नहीं, उतारिए मत!

पहन के जाइए वेल्डिंग डिपार्टमेंट में...

और सीखिए वहाँ पे, प्रोडक्शन का काम। उसके बाद क्वालिटी देखिएगा।

सुनो...

जेपी सीएम का भाई है।

उनकी सेक्युरिटी अगर ठोक देती ना, तो एफआईआर तक दर्ज नहीं हो पाती।

और जब बेटा ही नहीं बचते, तो हम बाप किसके?

[उदास संगीत]

जाइए।

कालीन भैया...

एक सप्लायर का टिप मिला है।

डील के लिए आपसे डायरेक्ट मिलना चाह रहे हैं।

बब्बन बबुआ नाम बताया है अपना।

[गूढ़ संगीत]

[रहस्यमय संगीत]

[रोमांचक संगीत]

[संगीत जारी है]

बबलू पंडित।

[रोमांचक संगीत]

कालीन भैया!

त्रिपाठी अखंडानंद।

बढ़िया धागा है आपका। हम देखते ही पहचान लिए।

अच्छा, रंग भी गाढ़ा है इसका।

हम बब्बन यादव।

प्यार से लोग हमको बबुआ कहते हैं और...

इज़्ज़त से भी।

हाँ।

वाह! अद्भुत स्थान है ये आपका।

हम्म।

राजस्थान के जैसलमेर के व्यापारी हैं हम।

यादव जी, क्या डील करना चाहते हैं?

सात ट्रक बर्फ़ी है हमारे पास...

हाई क्वालिटी के।

आदमी सेवन करते ही झूम जाएगा।

बढ़िया दाम देंगे तो पूरा माल हम आपको सौंप देंगे।

[षड्यंत्री संगीत]

पर आप पुराने व्यापारी लगते हैं।

तो पुराना नेटवर्क होगा ही।

फ़िर ये जैसलमेर से मिर्ज़ापुर कैसे?

देखिए त्रिपाठी जी, व्यापार एक्सपैंशन माँगता है।

हमारे बाप-दादा पूर्वांचल से थे।

तो अब हम चाह रहे हैं कि हम पूर्वांचल में एक्सपैंड हों।

सुने हैं कि एक ही आदमी है पूरे उत्तर भारत में,

जो माल खरीद सकता है, जिसमें ताकत है।

तो आपके पास आए हैं, आपके दरवाज़े।

आपसे बात नहीं बनेगी तो किसी और का दरवाज़ा खटखटाएँगे।

पूर्वांचल में एक ही दरवाज़ा है यादव जी,

हमारा।

और वो यदि बंद मिला,

तो दूसरा कोई नहीं खोलेगा।

नहीं खुला तो तोड़ देंगे।

[गंभीर संगीत]

अरे भाई, पूर्वांचल में आपने भी तो कभी एंट्री मारी होगी।

उसी तरह हम भी एंट्री मार लेंगे।

अब व्यापारी व्यापार नहीं करेगा तो मर जाएगा।

करना है, तो करना है।

डेलीवेरी कहाँ देंगे?

जैसलमेर के रेगिस्तान में माल पड़ा है।

[गूढ़ संगीत]

हम टच में रहेंगे।

[गंभीर संगीत]

हम वेट करेंगे।

देखिए, आप निश्चिंत रहें त्रिपाठी जी, निराशा नहीं होगी।

- जी। - टॉप क्लास का माल--

[रहस्यमय संगीत]

भैया, वो जो घड़ी हम गिरवी रखे थे ना, हाथघड़ी?

वापस चाहिए।

रसीद।

पूरे पैसे लेकर आए हैं,

ब्याज सहित।

आप लेट हो गई, भाभी जी।

वो घड़ी तो इनको पसंद आ गई थी।

हम बोले थे ना, कि हम आएँगे लेने?

सेंटीमेंटल वैल्यू है इसकी।

लेकिन हम भी तो बोले थे, कि और कोई अच्छा रेट मिलेगा तो हम निकाल देंगे।

अब इनको दिखाए हैं, इनको पसंद आ गई।

अब बताइए, क्या करें?

अच्छा?

जानते हो ना, किसकी मम्मी हैं हम?

"हमारा बाप कौन है? " ये तो बहुत बार सुने थे।

लेकिन "जानते हो ना हम किसकी मम्मी हैं? "

ये पहली बार सुने हैं।

हमारे लिए पसंद किए हो?

तो बस ये हमारी है।

जाने दीजिए ना?

इनके लिए सेंटीमेंटल वैल्यू है इसकी।

अभी सेंटीमेंटल वैल्यू अब हमारी हो गई, क्योंकि आपने हमारे लिए पसंद की है।

ठीक है? पैक करिए।

ये हमारी है।

[राक्षसी संगीत]

बहन जी छोड़ दीजिए, हाथ टूट जाएगा।

पहले ही आपको औकात में रहकर खरीदनी चाहिए थी, नहीं तो आप गिरवी नहीं रखती।

छोड़ दीजिये ना।

ये लीजिए।

इसकी कीमत।

नई खरीद लीजिएगा।

लेकिन अगले महीने का खर्चा थोड़ा तमीज़ से करिएगा,

नहीं तो वो भी गिरवी हो जाएगी। चलिए, छोड़िए।

छोड़िए, छोड़िए, ज़िद नहीं करते। छोड़ो, छोड़ो।

[तनावपूर्ण संगीत]

हम्म... चलें? हो गई शॉपिंग?

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[गंभीर संगीत]

[गंभीर संगीत जारी है]

[उदास संगीत]

मम्मी? मम्मी?

मम्मी, क्या हुआ?

नहीं, नहीं, नहीं, रोते नहीं।

[तीव्र संगीत]

[तीव्र संगीत जारी है]

कौन था वो हरामखोर?

नाम-पता लिखे हो उसका? हम्म?

नहीं, भैया, वो तो नहीं पता।

क्यों!

क्यों नहीं लिखे?

वैसे तो बहुत पेपरवर्क करते हो, कमीने!

हाँ?

हमारे पापा की घड़ी उठा के ले गया।

हमारी मम्मी को इंसल्ट किया। उसका हाथ में नील डाल दिया वो।

क्या कर रहे थे तुम?

क्या कर रहे थे? प्रॉफिट कमा रहे थे, भूतनी के!

भैया जी हमको नहीं पता था!

अब तुम्हारा प्रॉफिट-लॉस का स्टेटमेंट हम बनाएँगे।

गिराओ सामान, गिराओ।

हमारी मम्मी रो रही हैं। जान रहे हो क्या करने वाले हैं?

गिराओ, एक-एक करके गिराओ।

[उत्तेजित संगीत]

इस डील में हमको मार्जिन दिख रहा है।

काम करिए,

मक़बूल को बोल के सैंपल मँगवाइए बब्बन बाबू से।

कालीन भैया, सैंपल मँगवाने की जगह क्यों ना हम लोग...

खुद जैसलमेर जा के बब्बन यादव का सारा माल चेक करें?

रेट भी सही लगवा पाएँगे और...

इस बहाने पार्टी की फुल जाँच हो जाएगी।

जेपी यादव और रतिशंकर शुक्ला को,

काउंटर करने के लिए पार्टनरशिप बना सकते हैं या नहीं,

इसका भी बढ़िया आईडिया लग जाएगा।

कालीन भैया, आज नहीं तो कल ज़रुरत तो पड़ेगी ना?

[रहस्यमय संगीत]

[कप टूटने की आवाज़]

[चीनी मिट्टी के बर्तन टूटने की आवाज़]

मम्मी...

बैठ जाओ।

यहाँ तो जगह ही कहाँ है, गुड्डू?

[आक्रमक संगीत]

और बबलू भैया, कैसे हैं?

क्या निर्णय लिए?

वो कालिन भैया सैंपल की क्वालिटी चेक करवाना चाह रहे हैं।

तो हम और हमारे भाई हैं, गुड्डू भैया।

दोनों आएँगे जैसलमेर।

अरे स्वागत है आपका और आपके गुड्डू भैया का, आइए ना।

इंतज़ार करेंगे।

अच्छा, रख रहे हैं, ठीक है।

[रहस्यमय संगीत]

खुशखबरी।

[रोमांचक संगीत]

ये डील हो गई ना?

तो जो इनाम चाहोगे,

देंगे।

संभाल लेना, बब्बन।

हम दोनों का उज्जवल भविष्य इससे जुड़ा है।

हम जो इनाम चाहेंगे, देंगे आप, कालीन भैया?

दोनों भाई, जाइए राजस्थान।

[प्रेरणादायी संगीत]

शेर को गुफ़ा से निकलने तो दीजिये।

अखंडानंद त्रिपाठी अब बचेंगे नहीं।

और हम बनेंगे...

किंग ऑफ़,

मिर्ज़ापुर!

[जोशीला संगीत]

मध्यांतर

तुमको वहाँ होना चाहिए था। होना चाहिए था तुमको वहाँ।

गुड्डू, बड़े डील के लिए जा रहे हो, अब गुस्सा छोड़ दो।

हम नहीं छोड़ सकते हम... हमको वहाँ होना चाहिए था।

हमारे दिमाग में जब घुस जाता है ना, तो भन्नाने लगता है।

हमारे शहर में हमारी मम्मी को बेइज़्ज़ती करें, हम सह नहीं सकते।

हमको वहाँ होना-

- होना चाहिए था, होना चाहिए था-- - श्श... अब जाने दो ना, गुड्डू?

जाने दो। अब वो जो भी था, वो ले गया घड़ी तो ले गया।

हम्म?

सुनो...

सुनो।

चाय पियोगे?

नहीं, हाँ।

एक शर्त पे।

इलायची वाली पिलाओगी?

इसमें शर्त क्या रख दिए?

पिला देंगे, इलायची ही तो है।

अपने मुँह से तोड़ के इलायची डालोगी चाय में तो पिएँगे।

[रूमानी संगीत]

[रूमानी संगीत जारी है]

झूला झूल लिए हो, तो हमारा भाषण भी लिख दो।

कहाँ है?

अब तो हम तुम्हें पेन भी गिफ्ट कर दिए।

उसी के लिए तो आया, गोलू।

तुम्हारे जो भी पॉइंट्स हैं, तुम बता दो।

रस्ता लंबा है, रस्ते में स्पीच के नोट्स भी बना लेंगे।

ज़्यादा टाइम लगाए, तो हम खुद ही लिख लेंगे।

प्रिय भाईयों और बहनों,

- हम-- - भाईयों?

- भाइयों क्यों लिखना है। - क्यों?

क्या दिक्कत है?

[मस्तीभरी धुन]

हम भी सेम ही कॉलेज में हैं, तो भाइयों क्यों लिखना?

[मस्तीभरी धुन जारी है]

[गला साफ़ करने की आवाज़]

हम अपने पॉइंट्स मेसेज कर देंगे।

और भाषण का इंतज़ार करेंगे।

और बबलू, ध्यान रहे...

हम हिंसा विरोधी हैं।

वो हिंसा, जो बिना किसी कारण किया जाए।

और बुद्धि वाले लोग, ये हिंसा रोक सकते हैं।

हम भी यही सोचते हैं, गोलू।

[सुहाना संगीत]

इसलिए, मिर्ज़ापुर से अलग अपनी एक दुनिया बनाना चाहते हैं।

बबलूआ, चाय हो गई हमारी!

इलायची वाली।

तुम रुको यार एक- रुको, रुको, रुको!

हाँ, आ रहे हैं।

[गाड़ी का दरवाज़ा खोलने की आवाज़]

- ये... - [गाड़ी स्टार्ट होने की आवाज़]

और हम जब,

चले जाएँ, तभी खोलना।

अरे--

गुड्डू फ़ोन करते रहना। हम पहली घंटी पर उठाएँगे।

हाँ रुको, हम गायब हो जाएँ तब खोलना।

आई लव यू

♪ हो बोडरा ते पार मेरे कारोबार नी शहर कांड होया यार तेरा ज़िम्मेदार नी ♪

♪ चारों पासे लगे नाके रहवे लगदे ही छापे डील फेर भी किसे पे नहीं थमरी ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

अरे यार, कम्पाउंडर से लेना रह गया, यार।

फेशियल के दूकान पे आप जो लंठाई किए हो...

हमको डाउट है कम्पाउंडर आपको कुछ भी देगा।

चलाईए चुपचाप।

♪ नी तू आई छोरी मिलने न बाल बनके ♪

♪ तेरा यार मिल बैरियाँ ते काल बनके ♪

♪ हारे हौसला न मिला रे मिसाल बनके ♪

- आगे स्टेट बॉर्डर है। टैंक यहीं फुल करा लेते हैं। - क्यों?

- अपने यूपी में सस्ता है ना पेट्रोल? - हाँ, पुत्र ऑफ़ पापा।

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ बराबरी होने में लग जानी सदियाँ कदे आगे कदे पीछे रहव लाल बत्तियाँ ♪

- ओ, ओ... - ♪ सोनिये गुलाबी रंग वाले नोटां पर मेरे ♪

- रेस, रेस, रेस! रेस लगाओ! - ♪ रब्बरां की गांठ भी नी बदली ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी ♪

- ऊंट लोग को फ़ालतू परेशान कर रहे हैं, गुड्डू भईया। - ♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

गुड्डू भईया।

[रोमांचक संगीत]

अरे!

हाँ भईया।

पंक्चर बना दो इसका, जल्दी निकलना है।

अभी बना देते हैं, भईया। बस इसको निपटा लें?

[बकरी का मिमियाना]

गुड्डू भईया, चाय पिएँगे?

[बकरी का मिमियाना]

[अस्पष्ट आवाज़]

दो चाय छानिएगा, भईया?

अरे, ये पंक्चर बनाया है?

क्या हुआ, भईया?

अरे, कल तेरे से पंक्चर बनवाया था।

आज हवा निकल गई।

तीन किलोमीटर दूर से ढोके ला रहा हूँ।

[हवा भरने की आवाज़]

देख, देख, निकला ना पंक्चर?

हम जो पंक्चर बनाए थे वो तो एकदम ठीक है, भईया।

देखिए, ये कोई नया पंक्चर है।

अरे, पागल समझ रहा है क्या मेरे को?

कस्टमर को पागल क्यों समझेंगे, भईया?

वही तो रोटी देता है, ना?

जो रोटी मिलती है ना? वही डाल देंगे साले अंदर हम तुम्हारे!

मार क्यों रहे हो भईया? पंक्चर हम बना देंगे!

ए, साले!

साले!

[आक्रमक संगीत]

तुम्हें ऐसा सबक सिखाएँगे साले!

[गुर्राने की आवाज़]

[जोशीला संगीत]

[जोशीला संगीत जारी है]

क्या है ये?

ये रोटी हमारी दादी बनाई थी।

बूढ़ी दादी!

सात नंबर का मोटा चश्मा पहन के!

रोटी का अपमान नहीं सहेंगे, कुत्ते!

साला चार पंक्चर बनाएँ, तब जा के एक वक्त की रोटी मिलती है।

- ओ, बाप रे! - तुम साले धरती पे गिरा दिया आके।

अभी भरते है तुमको हीलियम का गुब्बारा।

भर ले, सांड!

[ज़ोर ज़ोर से साँस लेने की आवाज़]

[हँसने की आवाज़]

ओ, भईया? अरे आराम से, छोटू।

[मारने की आवाज़]

हट!

साला चला रहा है काली साइकिल,

और सर्विस चाहिए लैम्बोर्गिनी वाली।

[ज़ोर से हँसने की आवाज़]

एकदम जोंक की तरह चिपट गए बे तुम।

मशीन मुँह में घुसा दिए, हवा भर दिए, ये स्टाइल अच्छा है।

गुस्सा आ गया था, भईया।

वरना हम मारपीट करते नहीं हैं।

हम भी।

आप लोग मिर्ज़ापुर से हैं?

- हाँ। - हम भी तो वहीं से हैं।

अच्छा?

तो कालीन भईया नाम सुने होगे।

अरे कौन नहीं सुना, भईया।

हम उन्हीं के साथ काम करते हैं।

गुड्डू, बबलू।

[रोमांचक संगीत]

गुड्डू पंडित, बबलू पंडित। कालीन भईया के लेफ़्ट हैंड राइट, हैंड।

हमारे कज़िन भी तो उन्हीं के लिए काम करते हैं।

मुन्ना भईया की टीम में।

कम्पाउंडर भईया।

बस उन्हीं के ज़रिये मिर्ज़ापुर की खबर रखते हैं।

हम, चंदू पंक्चर।

बे।

तो कम्पाउंडर जैसे स्टेरॉयड गोलियाँ भी रखते होंगे तुम।

हमारी फिनिश हो गई हैं।

गुड्डू भईया...

तो चंदू,

मिर्ज़ापुर के अलावा, जैसलमेर की भी कुछ खबर रखते हो?

रखते हैं ना, भईया।

बब्बन यादव के बारे में बताओ।

- बब्बन बबुआ। - बब्बन यादव?

- भैरवसिंह कर्णावत के पार्टनर। - हम्म।

अब भैरवसिंह ठहरे पुराने बाहुबली।

सुना है बब्बन उनका माल ले के भागे।

[तनावपूर्ण संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[गोलियों की आवाज़]

चल, चल, चल, इधर जा!

[तनावपूर्ण संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

छैनू, बड़ा दुष्ट है रे तू। हम ही को काट रहा है। जा अपनी पत्नी को काट।

हाँ छेदी, बोलो।

बब्बन भईया, शहर गए थे राशन लाने।

भैरव भईया और उनके लोग सुमड़ी में पीछे पड़ गए।

पता ही नहीं चला!

अभी कहाँ हो तुम?

[तनावपूर्ण संगीत]

ए, रुक!

रेत में भटका दिया सालों को।

आप तक नहीं पहुँच पाएँगे।

- तुम्हारे पास कितनी गोली है? - सिर्फ़ एक गोली बची है भईया।

और भैरव भईया ऐलान किए हैं कि--

[गोली लगकर गिरने की आवाज़]

[चिल्लाने की आवाज़]

सेकंड हैंड जानकारी क्यों दे रहा है, छेदीलाल?

मैं हूँ ना?

फर्स्ट हैंड इन्फॉर्मेशन दे देता हूँ।

[जोशीला संगीत]

बेटा बब्बन...

तू चोर है,

चोर ही रहेगा।

अब सुन,

मैं तेरे से मेरा माल भी लूँगा,

और फ़िर जो सज़ा चोर की, वो तेरी।

ये छेदीलाल सब बताएगा,

जब इसके छेद में काली मिर्चे का घोल डालूँगा ना...

ए, भैरव भैया।

देखो, आपकी दुश्मनी हमारे से है।

ये छेदी हमारे बच्चे जैसा है।

और जब तक हम उसको नहीं बोलेंगे,

वो कुछ नहीं बताएगा।

एक बार उससे हमारी बात करवाइए। लेकिन, बात करने से पहले एक शर्त है।

आप उसको टॉर्चर नहीं करेंगे।

अरे, जब सब बता देगा तो टॉर्चर क्यों करेंगे?

बाहुबली हूँ, जानवर नहीं।

उसको फ़ोन दीजिए।

ले!

अब तेरा बब्बन ही बताएगा क्या करना है।

अरे, अब ले...

हाँ, भईया?

एक गोली बची है, ना?

हाँ।

भैरव पे निशाना ले सकता है?

[गूढ़ संगीत]

नहीं।

[रहस्यमय संगीत]

तुम्हारे परिवार की ज़िम्मेदारी हमारी।

समझ गए, भईया।

प्रणाम, भईया।

[संगीत तेज़ होता है]

[गोली मारने की आवाज़]

[तीव्र संगीत]

[गाड़ी की आवाज़]

[भयावह संगीत]

यहाँ से हम ले के जाएँगे बब्बन भईया के पास।

आँखों पे पट्टी बाँधनी होगी पहले।

तुम्हें ना बाँध दें साले, पोटली टाइप?

[अटपटा संगीत]

चलिए, जैसे ले के चलना है, चलिए।

[पृष्ठभूमि संगीत]

[रोमांचक संगीत]

♪ ये सुन ♪

♪ रुतबा कमाल है, तेवर बवाल है, पुरे जिल्हे में हमारा भौकाल है ♪

♪ जहाँ का भी तुर्रम, सब हलाल है ♪

♪ टॉप का है एम, टॉप का है गेम ♪

♪ भिड़ना ना हमसे, हम नहीं सेम तेरा बॉस भी अच्छे से जानता है नेम ♪

- [सिटी मारने की आवाज़] - ♪ ज़िंदगी शानदार ♪

♪ बंदे है जानदार ♪

♪ रहना तू बचके, ना काट ना रस्ते, एरिया ये जानता, ये काम करें कान फाड़ ♪

[ऊँट की आवाज़]

♪ कान फाड़ ♪

♪ कान फाड़ ♪

[गाड़ी की आवाज़]

♪ कान फाड़ ♪

♪ कान फाड़ ♪

अरे भाई, आराम से यार। मोशन सिकनेस का प्रॉब्लम है हमको।

अबे, धीमे चलाएँगे, तो रेत में धँस जाएगी गाड़ी।

क्या स्पीड से भगा रहे हैं?

साठ पे है।

साठ पे तो नहीं लग रही है ये।

चक्कर आ रहा है।

इनके मुँह पे उल्टी कर दो, बबलू।

मेरे हाथ में बंदूक है।

हमको तो दिख नहीं रहा है।

♪ ज़िंदगी शानदार, बंदे है जानदार ♪

♪ एरिया ये जानता, ये काम करे ♪

♪ कान फाड़ ♪

♪ कान फाड़ ♪

♪ कान फाड़ ♪

खोल सकते हैं पट्टी अब।

[रहस्यमय संगीत]

[सीटी की आवाज़]

[रहस्यमय संगीत]

[रहस्यमय संगीत जारी है]

बबलू!

आ गए?

स्वागत! अरे...

कैसा रहा सफ़र, ठीक? ये गुड्डू, कैसे हैं गुड्डू?

[तनावपूर्ण संगीत]

तुम्हारी माँ का- हाथ छोड़िए!

हरामखोर!

तुम ही हो जो हमारी मम्मी के हाथ से घड़ी छीन के ले गए थे?

- गुड्डू भैया क्या कर रहे हैं? - हमारी मम्मी के हाथ मरोड़े थे तुम?

पापा की घड़ी ले गए तुम।

घड़ी हम ले के जाएँगे।

चाहे हाथ काट के ले जानी पड़े।

मम्मी को नीचे दिखा के कोई हमारी चीज़ नहीं लिजा सकता।

समझे?

[तनावपूर्ण संगीत]

अरे साला! ये मम्मी पापा का चक्कर हम को मालूम ही नहीं था, यार।

दरअसल हुआ यूँ कि...

ये घड़ी मुमताज़ को पसंद आ गई।

मुमताज़ हमारा लव।

वो बोली तुम्हारे हाथ में जचेगी, तो हम ले लिए।

अब हमको क्या मालूम?

ये रखो, बिरजू रखो।

अब हमको क्या मालूम?

रख दोगे नीचे?

रखो नीचे।

दो दिन बाद हमारी सालगिरह है।

उसके बाद हम लौटा देंगे और बबलू,

इनके घर जा के इनकी मम्मी को हम सॉरी भी बोल देंगे, बस?

यार पहलवान, हाथ छोड़ दो।

दो दिन ही घड़ी पहनेंगे हम।

- बबलू, समझाओ ना? - गुड्डू भैया,

यादव जी की बात का मान रख लीजिए।

हम लोग यहाँ डील के लिए आए हैं।

हाथ छोड़िए!

अरे साला!

बड़ा ज़हरीला पंजा है तुम्हारा, रे।

नील डाल दिए।

हिसाब बराबर किए हैं, यादव जी।

अब माल देखें?

- माल देखते हैं। - आओ चलो।

आओ, आओ...

[रहस्यमय संगीत]

[रहस्यमय संगीत जारी है]

वो पीछे वाला दिखाओ।

[रहस्यमय संगीत जारी है]

[रहस्यमय संगीत जारी है]

हाँ, बबलू।

कैसा लगा?

क्वालिटी तो बढ़िया है, यादव जी।

कालीन भैया पूरा माल उठा लेंगे।

मुद्दे की बात पे आते हैं।

कीमत बताइए।

हमारी कीमत...

ये है।

इसका 50 टका देंगे।

आपको माल बेचने की जल्दी है, यादव जी।

हमें खरीदने की नहीं।

किसी और का ले के भागे हैं, ना?

हमसे पहली बार डील कर रहे हैं,

रिश्ता बनाइए, लाभ नहीं।

[तनावपूर्ण संगीत]

अखंडा को मारने के लिए...

उन्हें मिर्ज़ापुर से बाहर निकालना पड़ेगा।

मंज़ूर है।

लेकिन हमारी शर्त भी याद रखिएगा,

कैश-पैसा त्रिपाठी जी खुद ले के आएँगे।

जैसे कि आपने कहा ना, कि रिश्ता बनाइए,

तो रिश्ता तो मेहमान नवाज़ी से ना होता है, पंडित जी।

क्या?

[रोमांचक संगीत]

जी।

[गंभीर संगीत]

[सिलाई मशीन की आवाज़]

भैया, अंदर आ जाएँ?

आओ, आओ, बिरजू। अंदर आओ।

- क्या हुआ? - आज आप बेइज़्ज़ती क्यों सहे, भैया?

हमारा खून खौल रहा है। इन दोनों को यही मार कर गाड़ दें रेत में।

उस पहलवान को तो...

काटेंगे बेरहमी से।

वो दोनों पोस्टमैन हैं।

और पोस्टमैन की मारी नहीं जाती, बिरजू।

सबको एक साथ निपटाएँगे।

वहाँ गलती की कोई गुंजाइश भी नहीं रहेगी।

तुम हमको अच्छे से जानते हो।

बढ़िया से दोनों को खाना खिलाओ।

और सुबह में रेगिस्तान के बाहर सुरक्षित छोड़कर आना।

जाओ, चलो।

गुड्डू भैया कभी तो, थोड़ा तो दिमाग लगाया कीजिए।

आपको पता है, आपकी दिक्कत क्या है?

आप बिना कारण के हिंसा करते हैं।

एक और दुश्मन बना लिया आपने।

आपके ऊपर खतरा हो सकता था, दोनों के दोनों यहीं मारे जाते।

हुआ तो नहीं ना।

हम पर खतरा हम ही हो सकते हैं।

और कोई न ही मारेगा। और अंत में...

वो वादा कर तो दिए कि घड़ी दे देंगे।

उनके प्यार का मामला है।

बस हो गया।

फिर से गड़बड़ करेंगे तो हम फिर से दाब लेंगे इनको।

[रोचक संगीत]

और कितनी देर लगेगी, बब्बन बाबू?

कब से ऐसे ही बैठे हैं?

परफेक्ट नाप का बना रहे हैं ना, बीवी?

टाइम तो लगेगा।

और प्यार है हमारा इसमें। ये लो, तैयार हो गया।

फिट बराबर है ना?

बिल्कुल परफेक्ट बनाए हैं।

और इसका मैचिंग लहँगा?

इसके बाद उसी का नंबर है। वो भी सिल देंगे।

और उसके बाद...

हमारी शेरवानी।

ये शेरवानी पहन कर,

ऊँट पर चढ़कर...

तुमसे ब्याह करने आएँगे।

[रोमानी संगीत]

[रोमानी संगीत जारी है]

[रोमानी संगीत जारी है]

तुम्हारा हाथ बहुत सख्त पड़ता है, राजा।

बीना कहाँ है?

भाभी बोली किसी सहेली से मिलने बाहर जा रही हैं।

शाम तक आ जाएँगी।

[रोमानी संगीत जारी है]

[रोमानी संगीत जारी है]

दोनों लोगों को कालीन भैया भेजे हैं डील के लिए,

जैसलमेर।

वो हमारा भाई बताया।

उसकी दुकान है उधर।

आपका बहुत बड़ा फैन है।

मिलने के लिए चुल किए हैं।

तो साले, ऐसा कौन है जो हमारा फैन नहीं है?

ठीक है, दे देंगे दर्शन तुम्हारा भाई है तो।

पूरी बात बताओ।

पार्टी और रेट पर कुछ बात करने गए थे दोनों।

डील बड़ी लग रही है, मुन्ना भैया।

अगर ये डील हो गई ना बे कम्पाउंडर...

तो ये चंगू-मंगू साले, सारा क्रेडिट ले जाएँगे।

और हम फिर से बेवक़ूफ़ रह जाएँगे।

साला पूरा पूर्वांचल इनको हीरो समझेगा और हमको ज़ीरो।

एक बात बताओ।

कैसे चलाएँगे हम गद्दी, अगर हमको कोई मौका ही नहीं मिला चलाने का?

[तनावपूर्ण संगीत]

- मुन्ना भैया, वो देखिए। - हाँ?

[तनावपूर्ण संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

वहाँ भूमी पूजन करवाना है, जो हमें बुलाए हैं?

लाओ।

वैसे डील अच्छा किए हैं, आप दोनों।

हम जाएँगे, जैसलमेर।

कैश का प्रबंध हम करते हैं।

- चलते हैं, कालीन भैया। - जी।

छोटा वाला बुद्धिमान है, बाबूजी।

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

पापा, हमें कुछ बात करनी है आपसे।

नहीं, हम खड़े ही ठीक हैं।

- बोलो। - हम आप ही का लड़का हैं,

या हमें किसी अनाथालय से उठा के ले आए थे आप?

क्या हुआ?

[गाड़ी के हॉर्न की आवाज़]

आप ये, इन दोनों को क्यों भेजे डील करने के लिए?

हमें क्यों नहीं भेजे आप?

क्योंकि बेटा, तुम जहाँ जाते हो, वहाँ से बेवक़ूफ़ी करके आ जाते हो।

- भरोसा कम है तुम पर। - तो ठीक है पापा,

आप इन दोनों को गोद भी ले लीजिए,

और हम चले जाते हैं भिक्षा माँगने लंगोट पहन के।

यहाँ तो अपने बेटे पे ही भरोसा नहीं है।

आप हमें कुछ करने का मौका देंगे तभी तो ना हम आपका विश्वास जीतेंगे?

अभी तो पूरा बेगाना महसूस कर रहे हैं हम।

जाने दो, अखंडा।

मुन्ना को कैश लेकर जाने दो।

शेर का बच्चा शिकार करना नहीं सीखेगा,

तो जंगल का राजा कैसे कहलाएगा?

और वैसे बब्बन ने,

कैश के साथ त्रिपाठी को ही इन्वाइट किया है।

ये भी तो त्रिपाठी हैं,

तुम्हारा बीज।

जाने दो।

वैसे ये...

जैसलमेर देखे भी नहीं हैं।

जैसलमेर हमको नहीं देखा, बाबूजी।

अच्छा।

ठीक है,

तुम जाओगे।

पर साथ में वो दोनों भी जाएँगे।

बॉडीगार्ड की तरह। कोई दिक्कत?

नहीं, कोई दिक्कत नहीं है, पापा।

ले जाएँगे साथ इन दोनों को भी।

वैसे भी, सब कुछ हमें ही देखना है,

मालिक बनके।

दोनों साथ में रहेंगे सहायक बनके तो,

मदद ही करेंगे।

[रहस्यमय संगीत]

कमाल कर दिया मुन्ना भैया।

क्या राजी किए हैं।

डील गई भाड़ में।

हमें तो बस साले उस गुड्डू को निपटाना है।

[रोमांचक संगीत]

वहीं रेगिस्तान में मार के गाड़ देंगे साले को।

दूसरी स्टेट है,

हम पे कोई जाँच भी नहीं करेगा।

ठीक है, मुन्ना भैया।

आप गन में गोली रेडी रखिएगा...

हम उस्तरे में धार।

शाम को निकलेंगे, जैसलमेर।

अच्छा।

घर आ के सॉरी बोलेगा?

बोलेगा।

और नहीं बोलेगा, तो मुँह में हाथ डाल के बुलवाएँगे, मम्मी।

घड़ी ले के आना, गुड्डू।

ले के आएँगे, मम्मी।

पापा के लिए सरप्राइज़।

ये ले जा।

पापा के साथ खाओ।

वही तो बुलाए हैं, आज तुम्हें चाय पे।

- बड़ा दिन है। - हाँ।

पापा, चाय पे कैसे बुला लिए हमको?

- चाय तो आप बबलू के साथ पीते हैं। - क्यों?

तुम हमारे बेटे नहीं हो?

[दरवाज़े की घंटी बजती है]

पापा, हम देखते हैं!

नहीं, बस थोड़ा सरप्राइज़ हो गए थे हम।

- लीजिए। - एक और सरप्राइज़ है तुम्हारे लिए।

आप गए थे ना, मिर्ज़ापुर की सीमा के बाहर,

फिर से जाने वाले हैं,

अब नहीं जा पाएँगे।

कौ--

[तनावपूर्ण संगीत]

लाडला बेटा बताया ना आपको?

बैल-बुद्धि समझते हैं हमको, बबलू।

लाल कपड़ा देखेंगे,

बिना सोचे समझे कहीं भी भिड़ जाएँगे।

[तनावपूर्ण संगीत]

आपके साथ चाय पिए ही नहीं, पापा।

खाली बबलू के साथ पीते हैं।

गुड्डू बेटा--

ये अच्छा है।

ना हम आपके, ना आप हमारे।

चलिए, गुड्डू पंडित।

[तनावपूर्ण संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत]

बधाई हो, मुन्ना भैया!

आपके पापा आप पर भरोसा दिखाए हैं।

कुछ काम था?

बिना काम के नहीं आ सकते, अपने बेटे के कमरे में?

रदिया!

[रहस्यमय संगीत]

बच्चा से मर्द बन रहे हैं आप।

तो मर्दों वाला जश्न भी हो।

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

हम आपके पापा को नहीं बताएँगे।

मन है ना?

ले लीजिए।

बढ़िया से डील करके आईएगा, हम्म।

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

रदिया!

किधर जा रही हो?

मुन्ना भैया को नशा चढ़ेगा, तो तुम ही उतारोगी ना?

भाभी--

कायदे से उनकी सेवा कर के बाहर निकलना।

जाओ।

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[कामुक आवाज़]

[कामुक आवाज़ जारी है]

एकदम-

एकदम निचोड़ के रख दिया।

जानवर जैसे।

हमारे बाद हुआ ना आपका?

आज तो बिना बताए चढ़ गईं, बिना जी, हमारे ऊपर।

हम तो भोजन माँगे थे।

मन कर आया था।

क्यों मारते उसे?

आप ही के पास आएँगे ना?

इतना आकर्षण है हम में?

क्यों नहीं होगा?

आप प्रोवाइडर हैं,

प्रोटेक्टर हैं,

मिर्ज़ापुर के किंग हैं।

कौन औरत है, जो आपसे आकर्षित नहीं होगी?

आप एकदम ठीक निर्णय लिए हो,

जो मुन्ना भैया को भेज रहे हैं डील के लिए।

ऐसे ही तो सीखेंगे वो।

हम्म।

लेकिन हम सोच रहे हैं, वो वहाँ कोई गलती कर दिए तो?

कौन सँभालेगा?

बच्चा ही तो हैं ना मुन्ना भैया?

बड़ी डील है, बड़ा कैश...

आप भी होने चाहिए ना वहाँ?

बच्चा का काम थोड़ी ना है।

वयस्क का है,

मर्द का,

जो आप हैं।

बाकी हम ठहरे औरत, हम क्या जानें? जो आप ठीक समझें।

भूख लग गई होगी, है ना?

आप चलिए, हम हाथ-मुँह धो के आते हैं।

और मुन्ना भैया को उनके कमरे से साथ लेते जाईएगा।

आज तो बाप-बेटे का साथ बैठके खाने का दिन है।

[रहस्यमय संगीत]

[रहस्यमय संगीत जारी है]

[रहस्यमय संगीत जारी है]

बाबूजी...

हम आपके जैसे पिता नहीं बन पाए।

बन पाते, तो मुन्ना को बेहतर संभाल पाते।

तुम मुन्ना को...

अखंडानंद बनाना चाहते हो, अखंडा।

बरगद के पेड़ के नीचे,

बरगद ही पनपता है।

मुन्ना को मुन्ना रहने दो।

खुद पनप जाएँगे।

हम्म।

जी, बाबूजी।

इसीलिए मुन्ना को साथ ले कर जा रहे हैं जैसलमेर।

बड़े का काम है, बच्चे का नहीं।

हाँ।

हम पक्का कर दिए हैं।

कालीन भैया पहुँचेंगे जैसलमेर।

कोई गलती ना हो।

निपटाना है उनको।

निपटाएँगे।

बहुत बरसों बाद तुमको पाएँ हैं।

अब चूकेंगे नहीं।

और बाबूजी?

बेटा और पोता गए तो वो आधे रह जाएँगे।

कोठी में आकर निपटा देना।

हम दाखिला करवा देंगे।

[तनावपूर्ण संगीत]

पूरे त्रिपाठी परिवार का चौथा उठवाना है।

अपना ध्यान रखना।

तुम भी।

लव यू।

छटंकी।

आई लव यू टू।

[रहस्यमय संगीत]

[रहस्यमय संगीत जारी है]

किसी को आई लव यू बोलीं आप?

भाग्य वाले ही बोल पाते हैं।

किसी को नहीं बताएँगे, भाभी।

आपकी बिटिया...

बहुत ही सुंदर और सुशील है।

[रहस्यमय संगीत]

- बाबूजी-- - अखंडा,

घर में स्त्री सुख मिले

तो संयम रहता है।

और गद्दी को भी ठीक से संभाल पाओगे।

और फिर,

ऊँची जात की भी हैं।

बीना अब हमारी हुई,

दो जोड़ी कपड़ों के साथ।

- बीना मेरी इकलौती संतान है... - मना मत करना।

बात झूठी हो जाएगी हमारी।

त्रिपाठीयों की बात को कोई झूठा नहीं करता।

और रहे वो बिरजू लोहार...

इनके आशिक,

अगर उन्होंने दिक्कत पेश की तो...

कन्यादान के साथ...

पिंडदान भी हो जाएगा।

[तनावपूर्ण संगीत]

कहाँ हम-आप, और कहाँ वो?

मिक्स नहीं करते।

दूध में पानी थोड़ी मिलाया जाता है,

स्वाद खराब हो जाता है।

[आग भड़कने की आवाज़]

[लोहा कूटने की आवाज़]

मार देंगे।

जान से मार देंगे!

कालीन भैया को, उनके बाप को जान से मार देंगे।

[लोहा कूटने की आवाज़]

छोड़ेंगे नहीं।

बिरजू, रुको!

[भावुक संगीत]

तुम्हारी दी हुई निशानी पक्की करा लिए हैं हम।

[कामुक आवाज़]

हम दोनों का पहली बार था ना?

[गंभीर संगीत]

बिरजू...

वो मार देंगे तुमको, बिरजू।

फिर जीते जी हम भी मर जाएँगे।

वो लोग बहुत ताकतवर हैं।

[गंभीर संगीत]

तुम चले जाओ यहाँ से।

तुम्हें हमारे प्यार की कसम है।

[भावुक संगीत]

[भावुक संगीत जारी है]

चले जाएँगे।

[भावुक संगीत जारी है]

लेकिन लौटके वापस आएँगे।

आज से इसका नाम है छटंकी।

आज वो लोग ताकतवर हैं।

कल हम होंगे, और लौटेंगे।

इसी से काटेंगे बाप-बेटा को।

[भावुक संगीत जारी है]

- ए, सुनो। बियर रखवा दी है ना? - जी।

कैश लोड हो गया, भैया जी।

पता नहीं कहाँ रह गए हैं, गुड्डू भैया।

फ़ोन भी नहीं उठा रहे हैं।

तबीयत थोड़ी डाउन बता रहे थे।

दवा-फवा ले के घर जाके सो ना गए हों।

[रहस्यमय संगीत]

पापा,

वेट ही कर लेते हैं गुड्डू का।

आप बोले थे ना, एक बॉडीगार्ड टाइप आदमी साथ रहना चाहिए?

तो हम सोच रहे थे कि...

हमारा पर्सनल अंगरक्षक अगर हमारे साथ नहीं होगा,

तो हमारी सिक्यूरिटी पे थोड़ा ऊँच-नीच ना हो जाए।

वहाँ है ना, रुस्तम-ए-हिंद? सवा छह फीट का सिक्यूरिटी।

और तुम्हारे भी तो हैं,

वार्ड बॉय।

अरे छोटे पंडित, जैसलमेर वाली डील आप लीड करेंगे।

जी, जी कालीन भैया।

बेटा, आप हमारी शक्ति बनिए।

बाप का उत्तराधिकारी बेटा ही होता है।

हमारे बाद आप ही के माथे पे पगड़ी बंधेगी।

चलिए।

[गंभीर संगीत]

ये गुड्डू के लिए खाने लाए हैं।

- भाभी, चेक करवा ली जिए। - जी।

बबलू ने ठीक नहीं किया, मम्मी। पापा और डिंपी के साथ मिलके...

हमें भूख नहीं है।

खा लो।

मम्मी के कहने से खा लो।

बहुत मन से बनाकर लाए हैं ये टिफिन आपका।

लो, लो।

अरे, एक तो लो!

अरे, बड़ा शरीर है, एक से क्या होगा? उठाओ!

[रहस्यमय संगीत]

खाली रोटी खाओगे क्या?

चावल का डब्बा भी तो है यहाँ नीचे।

ले लो।

- कहाँ हैं? - हम्म?

- यार, थोड़ी भूख तो लगी है। - हम्म, देखो।

पसंद के हैं तुम्हारे?

किचन में छूट गई थी, हम ले आए।

पापा की घड़ी लानी है ना?

वसुधा कैट!

भाभी जी!

खाना खिला के घर जाइए।

- ऊपर वालों को जवाब देना होता है। - अंडा तो खाओ।

माँ, अंडा खा लें, अंडा।

पंडित जी तो वैसे भी आज यहीं के पुजारी हैं।

पीछे मुड़े तो खोपड़ी उड़ा देंगे तुम्हारी थानेदार साहब, जो हीरो बने तो!

इनमें से कोई भी अगर पीछे आया,

तुम्हारी मौत की जिम्मेदारी तुम पर है, हम्म।

हत्कड़ी की चाबी निकालो।

चूड़ी पहनके तो जाएँगे नहीं। मम्मी को दो।

[तनावपूर्ण संगीत]

आ जाओ, आ जाओ। आ जाओ, आ जाओ।

[रोचक संगीत]

मम्मी, गाड़ी से आई हो?

- कौन चला रहा है? - आओ ना।

[रोचक संगीत]

कार चलानी आती है, हमको।

अब होने वाली सासू माँ जहाँ कहेंगी, उनको बहु उनको बिठा कर ले जाएगी।

डिक्की खोलो, डिक्की।

- डिक्की? - हाँ, तुम--

अरे मैडम, पैर के नीचे।

तुम को बहुत रिश्ता बनाना था ना मेरे पापा से,

हमसे डील कर लेते,

फ़ायदे में रहते।

अब देखो, बंधे हुए पड़े हुए हो, ईद के बकरे की तरह।

गुड्डू भईया, आपने डील का पूछा ही नहीं। हम थोड़ा ना मना कर देते।

आपके पापा से रिश्ता निभाने के चक्कर में, एक रुपए का फ़ायदा नहीं हुआ आज तक।

आप दस बार जाओ मिर्ज़ापुर की सीमा के बाहर, हम आपको खुद छोड़ कर आएँगे।

चलो छोड़ रहे हैं तुमको आज। बाद में इनाम देंगे, और सुनो,

पापा को मत कहना।

[रोमांचक संगीत]

[साँस छोड़ने की आवाज़]

ये जो लिखा हुआ दिए हो,

मुँह से कब बोलोगे?

- [हल्का संगीत] - हम्म?

स्वीटी सीधी सी बात है,

हम हिम्मत जुटा रहे हैं।

जैसे हम ये डील करके लौटेंगे,

तब बोलेंगे जमा के।

तुम्हारा नाम इसके आगे लगाकर बोलेंगे।

हमारे पापा की कसम।

- हम्म? - हम्म।

[हल्का संगीत]

दो चाय।

एक चाय छानिए, भैया।

दो छानो।

जी।

[गंभीर संगीत]

मन तो कर रहा है, यहीं रख के दे दें तुमको एक।

दे दीजिए।

वैसे भी खुद पे कंट्रोल तो है नहीं आपको।

छोटा होने का नाजायज़ फायदा ना उठाओ, बबलू।

ये जोड़ी तोड़ देंगे हम।

और पीछे मुड़के देखेंगे भी नहीं।

गुड्डू भैया, आपकी चिंता थी।

इसलिए किए।

[भावुक संगीत]

दोबारा ऐसा स्टंट मत करना, बबलू।

जितनी चिंता तुमको हमारी है, उतनी हमको तुम्हारी है।

इतने वायलेंस के बीच में रहते हैं हम लोग, हम्म?

हम ढाल हैं तुम्हारी, समझे?

भैया जी, चाय।

कितना हुआ?

हम देंगे।

ये रखो।

इसी वायलेंस से दूर जा के,

अपना साम्राज्य बनाने की योजना कर रहे हैं हम।

कहाँ चले जाएँगे, बे?

सब जगह तो बाहुबली गद्दियों में बैठे हैं।

बहराइच ज़िला खाली हुआ है ना?

[रोमांचक संगीत]

आप ही तो मारे थे, छोटे जैसवाल को।

इस डील के बाद कालीन भैया से इनाम में माँग लेंगे।

वो वादा किए हैं हमें।

चलिए।

[रोमांचक संगीत जारी है]

[अँग्रेज़ी में]-मुन्ना भैया, वो आ गया। - हम्म।

[रोमांचक संगीत जारी है]

[हिंदी में] चाय चल रही है?

क्या, भैया पहलवान?

अबे, कहाँ थे यार तुम? तुम्हारी चिंता हो रही थी हमको।

हमारा मन नहीं लगता है तुम्हारे बगैर।

- अरे सॉरी। - अरे।

अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं हम।

- बहुत खूब। - अरे क्या हो गया? बात ही तो कर रहे हैं।

- ओ भैया, - अरे, कोई नहीं।

शर्मा गए लड़के, क्या हो गया?

तबीयत ठीक हो गई आपकी?

जी, कालीन भैया।

सॉरी, पहुँचने में थोड़ा लेट हुए तो--

नहीं नहीं, देर आए दुरुस्त आए।

वैसे, छोटे पंडित की इकोनॉमिक्स की समझ बहुत बढ़िया है।

बॉर्डर से पहले तेल भरवा के साढ़े सात हज़ार बचा दिए।

समझदार हैं इसीलिए इनका मान रखते हैं हम।

आप भी रखिए, कालीन भैया, लाभ में रहेंगे।

लाभ और लोभ का ज्ञान व्यक्ति को होना ही चाहिए।

करें प्रस्थान?

[तनावपूर्ण संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

- सब तैनाती करवा रहे हैं, भैया। - शाबाश!

अखंडानंद के अलावा,

सबको निपटाना है।

गद्दी का नियम जानते हो?

शत्रु कितना भी छोटा क्यों ना हो,

जीवित नहीं बचना चाहिए।

अब बाप भी मरेंगे,

उनके उत्तराधिकारी भी मरेंगे, और उनके...

बायाँ हाथ और दायाँ हाथ भी मरेंगे।

[गंभीर संगीत]

निश्चिंत रहिए भैया आप।

जिस जिस को निपटाना ज़रूरी है,

हम निपटाएँगे।

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[फ़ोन की घंटी]

जी, यादव जी।

कैसे हो, त्रिपाठी?

मिर्ज़ापुर आने की सोच रहे हैं।

शहर में ही हो कि कहीं बाहर निकले हो?

नहीं, शहर के बाहर निकले हैं, एक डील के लिए।

कहिए तो वापस लौट आएँ?

अरे नहीं, नहीं। करो, करो।

कैश का प्रबंध करो।

हम प्रेशर अपने तक ही रोकें हैं।

रिश्ता ही ऐसा है ना?

हम और तुम एक ही तरफ तो हैं, त्रिपाठी।

- जी। - बढ़िया डील करना।

और हाँ, वो क्या कहते हैं,

[अंग्रेज़ी में] सफ़र शुभ हो।

[गंभीर संगीत

[गंभीर संगीत जारी है]

मक़बूल...

[हिंदी में] कोई ढाबा वगैरह दिखे, तो पड़ाव लेना।

जी, कालीन भैया।

[रोमांचक संगीत]

दो घंटे का पड़ाव ले रहे हैं।

सबके लिए खाना पैक कराने बोले हैं, कालीन भैया।

वहाँ कोई किसी का दिया हुआ नहीं खाएगा।

- अब जाइए आप लोग भी विश्राम कीजिए। - जी, भैया जी।

नमस्कार।

अखंडानंद त्रिपाठी बोल रहे हैं।

[तनावपूर्ण संगीत]

अबे, आओ ना?

- मुन्ना भैया, - हम्म?

किसी को मिलवाने लाए थे आपसे।

प्रणाम, भैया।

मतलब मुन्ना भैया,

साक्षात लाइव!

- ये क्या चीज़ है, बे? - यही है, हमारा भाई।

- कहे थे ना आपसे? - हाँ!

आपका बहुत बड़ा फैन है...

पंक्चर लगाता है।

नाम है चंदू पंक्चर।

अच्छा।

मतलब, साले, जो काम करते हो उसी का उपनाम रख लिया, हम्म?

बढ़िया है।

तो कम्पाउंडर, ऐसे तो हमारा नाम होना चाहिए था,

- मुन्ना ठोकू। - वाह!

[हँसने की आवाज़]

मुन्ना भैया, ये आपके लिए गिफ़्ट।

- ये क्या है, बे? - जैसलमेर की कड़क बियर।

- अबे, तो खोलो ना फिर! - खोलो, खोलो।

अरे!

भैया?

- ये बात! - ये लीजिए, भैया।

- प्लीज़। - क्या है?

- करिये ना? - हाँ, कर रहे हैं।

मजनू मॉल्ट, स्ट्रॉन्ग देसी बियर।

- मुन्ना भैया... - हम्म?

- एक निवेदन है। - हम्म।

हमारे साथ चलना चाह रहा है।

आपको जॉइन करना चाहता है। मतलब, अगर आपको ठीक लगे तो।

[रोचक संगीत]

साले, शर्मा, तो ऐसे रहे हो जैसे नई-नवेली दुल्हन हो।

हमारे साथ सुहागरात मनानी है?

उतारें नथ तुम्हारी? हैं?

[हँसने की आवाज़]

ठीक है, ले चलो।

फैन है। ये भी तो देखेगा,

जलवा है हमारा।

[गाड़ियों की आवाज़]

[ऊँट की आवाज़]

[लोक संगीत]

[गाड़ी स्टार्ट करने की आवाज़]

[जोशीला संगीत]

रोको, रोको, रोको!

वो, इसका दूध चाहिए हमें।

इसका तो दूध तो नहीं हो पाएगा, साहब।

- इसको हम दौड़ के लिए तैयार कर रहे हैं। - [ऊँट की आवाज़]

- इसे पेट से होने ही नहीं दिए। - अच्छा?

तो दौड़ के लिए कुछ तो खिलाते होगे इसे?

बहुत तगड़ी लग रही है। ताकतवर, शानदार!

यही चारा पानी और तो क्या, साहब?

- नाम क्या है? - नाम मोमल है।

मोमल!

- मोमल। - [ऊँट की आवाज़]

हाँ, ये चारा पानी से दौड़ जीत लोगी?

नहीं ना?

और क्या खिलाते हो, बे?

एक इंजेक्शन और देते हैं,

जिससे ये तगड़ी बनी रहती है।

हाँ, वो इंजेक्शन चाहिए हमको।

पैसा देंगे बे, फ़्री में नहीं माँग रहे हैं।

दे दो, बोलो।

[पृष्ठभूमि संगीत]

कितने ऊँट और पाले हो?

एक और है, भैया।

उसे भी इंजेक्शन लगाते होगे?

[रोचक संगीत]

आदमी पहले जानवर ही था।

अब उनका इंजेक्शन हम लगा लिए, तो क्या हो गया?

ये जो किया है, जोखिम भरा हो सकता है।

दिल की धड़कन दस गुना फ़ास्ट हो जाती है, रेलगाड़ी की तरह।

हाँ, तो ठीक तो है।

दिलवाले हैं हम,

दिल फ़ास्ट धड़कना चाहिए।

[पृष्ठभूमि संगीत]

अरे!

- मुन्ना भैया, - स्पीड?

नंबर वन ही रहना है हम लोगों को।

बेटा पंक्चर, तुमने बोल दिया समझो हो गया।

अब देखो हम इन दोनों को कैसे पंक्चर करते हैं।

आओ सालों!

[जोशीला संगीत]

[जोशीला संगीत जारी है]

तेज़ चलाओ।

तेज़ चलाओ बे, बबलू।

- भैया कोई रेस नहीं लगा रहे हैं। - गाड़ी तेज चलाओ।

- शांति से बैठे रहिए। - तेज़ चलाओ ना यार!

- शांति से बैठे रहिए, गुड्डू भैया! - अरे हम--

मूत लग रहा है हमको। हम यहीं उतर जाएँगे।

- हम यहीं खोल देंगे हम। - अरे, क्या--रोक रहे हैं!

- गाड़ी रोको। रोको, रोको, रोको। - रोक रहे हैं, रोक रहे हैं, रोक रहे हैं।

इज़्ज़त का सवाल है।

- क्या कर रहे हैं? - अब एक काम करो, इधर आ जाओ।

- अरे यार, ये इंजेक्शन लेकर पगला गए हैं। - आओ, बदलो बदलो।

अरे, फोन--

बदलो, बदलो, बदलो।

[पृष्ठभूमि संगीत]

मुन्ना भैया की माँ का...

आराम से, आराम से!

[पृष्ठभूमि संगीत जारी है]

- ये देखिए, - हाँ, हम हैं। हम चला रहे हैं अब।

अब लगाइए रेस। जो हारा,

वो झंडू। मुँह काला करके गधे पे बिठाएँगे।

बहुत बढ़िया, पहलवान! तो ढूँढ लो अपने लिए गधा।

- बहुत सुंदर लगोगे। - अच्छा? ढेंचू!

ढेंचू!

- चलाइए, चलाइए मुन्ना भैया। - बहुत उछल रहा है।

बताते हैं साले को।

अरे गुड्डू भैया।

ये लोग पिए हुए हैं। आप तो होश में रहिए।

कोई फायदा नहीं है आपसे बात करके। आराम से! आराम से!

[हॉर्न की आवाज़]

क्या कर रहे हो?

[जोशीली हँसी]

सामने देखो-- सामने देखो गुड्डू भैया।

- कालीन भैया। - हम्म।

और तेज़!

ये क्या पागलपन है? क्या हुआ?

- कम्पाउंडर, - हाँ?

बंदूक दो। थोड़ी आतिशबाज़ी हो जाए।

हाँ, हो जाए।

ये लो।

[गोली की आवाज़]

ओहो! बंदूक दो बे, बंदूक दो!

अब ये बंदूकें क्यों?

अबे, कम्पाउंडर मुन्ना भैया को दिया हैं ना? अब तुम दो।

अरे, कम्पाउंडर तो उसका नौकर है, हम भाई हैं।

अरे यार!

अरे, क्या कर रहे हैं? - अबे, रुको।

- अरे कालीन भैया हिसाब रखते हैं गोलियों का! - दूसरा दो हमें, दूसरा दो।

- क्या कर रहे हैं! - पकड़ो, पकड़ो...

और निकालो, निकालो पहलवान, निकालो!

[गोलियों की आवाज़]

एनाकोंडा दो, एनाकोंडा दो!

- ए, देखो! - बहुत खूब, मुन्ना भैया!

बढ़ा, बढ़ा।

[गोलियों की आवाज़]

[ट्रेन के हॉर्न की आवाज़]

नहीं मुन्ना भैया।

क्यों बे, पहलवान?

हैं?

आओ!

- अरे बबलू, बोल ना! - अरे, क्या कर रहे हो? ट्रैन आ रही है!

ब्रेक लगाइए, गुड्डू भैया ब्रेक लगाइए, ब्रेक लगाइए।

[तनावपूर्ण संगीत]

अरे बढ़ा, बढ़ा, बढ़ा, मक़बूल।

[फाटक लगने की आवाज़]

अरे, रोकिए!

[जोशीली हँसी]

अरे, उड़ा दो मुन्ना भैया, आप तो अमर हो ना?

अबे हरामखोर, तुम तो नहीं हो ना? पीछे हटो!

ब्रेक लगाइए गुड्डू भैया।

[ट्रेन की आवाज़]

मुन्ना भैया!

अबे चिंता क्यों कर रहे हो, बैठो यार।

माफ़ कर देना, गोलू। तुमको बोलते हुए सुन ना पाए।

[तेज़ रफ़्तार ट्रेन की आवाज़]

[अंग्रेजी में] हे भगवान!

[तेज़ रफ़्तार ट्रेन की आवाज़]

कालीन भैया, मिर्ज़ापुर के राजा।

[बच्चों का शोर]

[ट्रैन की आवाज़]

जीते नहीं गुरु तुम।

हारे भी तो नहीं, मुन्ना भैया।

[हँसने की आवाज़]

[तनावपूर्ण संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत]

हमारे सुपुत्र और आपके भ्राता श्री,

विचित्र प्राणी हैं दोनों।

कुत्ते की पूछ की तरह।

12 साल नल्ली में रखो और वापस निकालो तो टेढ़ी की टेढ़ी।

दोबारा ये हीरोगिरी हुई ना,

तो वहीं उतार के मिर्ज़ापुर वापस भेज देंगे।

रोडवेज़ की बस में, नॉन एसी!

भूसा भरा है दिमाग में।

चलिए हाथ मिलाइए दोनों।

हाथ मिलाइए।

हाथ मिलाओ दोनों और बोलो हम दोस्त हैं।

[अंग्रेजी में]-पर हम नहीं हैं। - बोलो।

[रोचक संगीत]

- दोस्त। - दोस्त।

हम दोस्त हैं।

[दोनों एक साथ] हम दोस्त हैं।

[हिंदी में]और मुन्ना आखरी बार चेतावनी दे रहे हैं, वार्निंग है ये।

दोनों गाड़ियाँ साथ नहीं चलेंगी, मकबूल।

जी।

- चलो। - हमारे पापा भी ऐसे ही हैं।

[रहस्यमय संगीत]

पापा को हम ही दिखते हैं, जैसे वो रेस नहीं लगा रहा था।

सारी कमियाँ हमारी ही हैं ना यहाँ पर।

अबे साले, क्या कर रहे हो? कौन है पीछे?

कोई नहीं है। हम हीं आखिरी हैं।

सही कर रहा है!

वो गुड्डू आजकल बहुत बराबरी कर रहा है आपकी, मुन्ना भैया।

उसको मारना पक्का है ना?

नहीं मतलब, उधर आप लोग बहुत...

पक्का है।

मारना है साले को।

हम भी तो हैं ना मुन्ना भैया।

जिस को कहिएगा, निपटा देंगे।

[हँसने की आवाज़]

अबे तुम वो अपनी दादी से रोटियाँ भी तो बनवा के लाए थे सबके लिए।

- अबे कहाँ है? - लाए हैं ना मुन्ना भैया।

पूरी तीन रोटियाँ बनवा के लाए हैं।

सबके हिस्से की एक, हरी मिर्च के साथ।

सबका पेट भर जाएगा।

[तनावपूर्ण संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

अच्छा सुनो...

कालीन भैया को पट्टी नहीं बाँधी जाएगी।

किसी को पट्टी नहीं बाँधनी है।

कालीन भैया ज़रूरी गेस्ट हैं। इज़्ज़त से ले के जाएँगे।

फिर ये मौका मिले ना मिले।

[गंभीर संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[हलकी सी मुस्कराहट]

शुक्ला जी, सहीकर तैयार है। आइए और निपटाइए।

अरे, बहुत ही बढ़िया समाचार सुनाए, यादव जी।

जी, प्रणाम।

इतने बरसों मिर्ज़ापुर की जिस गद्दी के पीछे आप भागे हैं,

वो ऐसे ही आधी बाँट लेंगे?

गद्दी एक बार मिल तो जाने दीजिए, शकुंतला जी,

उसके बाद आधी तो क्या,

मिर्ज़ापुर का एक इंच भी ना देंगे।

[गंभीर संगीत]

बाबू, तुम निकलने की तैयारी करो।

[गंभीर संगीत जारी है]

♪ घूम, घूम, घूम ♪

♪ घूम, घूम, घूम ♪

♪ घूम, घूम, घूम ♪

♪ घूम, घूम, घूम ♪

♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪

♪ घूमर घूम घूमूँ मैं ♪

♪ के संग-संग म्हारे राजाजी आँख घुमावे ♪

♪ घूमर घूम घूमूँ मैं ♪

♪ के संग-संग म्हारे राजाजी आँख घुमावे ♪

♪ ज़रा भी लाज नहीं बेधड़क इशारों ♪

♪ से अपने पास बुलावे ♪

♪ बिच्छू बना है मेरी पतली कमर पे ♪

♪ यौवन चढ़ा है मेरी बाली उमर पे ♪

♪ आँखों में झाँका है जिसने भी उसका ♪

♪ तो होने लगा है होश गुम ♪

♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूमर घूम ♪

♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूमर घूम ♪

- ♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪ - ♪ ओ राणी, राणी ♪

- ♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪ - ♪ घूँघट घूमे जानी ♪

- ♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪ - ♪ ओ राणी, राणी ♪

- ♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪ - ♪ घूँघट घूमे जानी ♪

मुन्ना! मुन्ना, आओ ना?

अरे, आओ ना यार!

अरे कालीन भैया, भेजो उसको।

- मर्यादा-- - संगीत फॉलो करता है, पापा!

मक़बूल,

मुन्ना चलते-फिरते बारूद है, नज़र रखना।

जी, भैया जी।

♪ बैरी ओ... ♪

♪ ओ बैरी ओ... ♪

♪ मेरी नज़र का नशा ♪

♪ मीठे ज़हर की तरह ♪

♪ इसमें मज़ा भी, इसमें सज़ा भी ♪

♪ तुमको नहीं है पता ♪

♪ मेरी नज़र का नशा ♪

♪ मीठी ज़हर की तरह ♪

♪ इसमें मज़ा भी, इसमें सज़ा भी ♪

♪ तुमको नहीं है पता ♪

♪ एक में ज़मीन पे, दूजा चाँद फ़लक पे ♪

♪ लुटते हज़ारों मेरी एक ही झलक पे ♪

♪ कल था कोई और महफ़िल में मेरी ♪

♪ मेहमान हो आज तुम ♪

♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूमर घूम ♪

♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूमर घूम ♪

- ♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪ - ♪ ओ राणी, राणी ♪

- ♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪ - ♪ घूँघट घूमे जानी ♪

- ♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪ - ♪ ओ रानी रानी ♪

♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪

♪ बैरी ओ... ♪

♪ ओ बैरी ओ... ♪

- स्वीटी, यार मुकाबला चल रहा है, रखें? - ♪ खतरों भरी है अदा ♪

♪ रहना तू बचके ज़रा ♪

♪ जलवों में मेरे जो भी फसा है ♪

♪ फिर वो निकल ना सका ♪

♪ खतरों भरी है अदा ♪

♪ रहना तू बचके ज़रा ♪

♪ जलवों में मेरे जो भी फसा है ♪

♪ फिर वो निकल ना सका ♪

♪ जा अपने रस्ते तू देख ना पलट के ♪

♪ ख़ाक हुए है कई मुझसे लिपट के ♪

♪ है जानलेवा मेरे दिल की गली ये ♪

♪ यहाँ ना रखना कदम ♪

♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूमर घूम ♪

♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूमर घूम ♪

- ♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪ - ♪ ओ राणी, राणी ♪

- ♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪ - ♪ घूँघट घूमे जानी ♪

- ♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪ - ♪ ओ राणी, राणी ♪

- ♪ घूम, घूम, घूम, घूम, घूम, घूम ♪ - ♪ घूँघट घूमे जानी ♪

♪ ओ राणी, राणी ♪

♪ घूँघट घूमे जानी ♪

मक़बूल भाई!

क्या हुआ?

कालीन भैया?

कालीन भैया खतरे में हैं।

[तनावपूर्ण संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

- घाघरे में घुसने वाले थे उसके। - अरे नहीं भैया।

अंदर ले लेती ना, दम घुटके मर जाते।

- मुन्ना भैया... - हाँ?

बाएँ में देखिए ज़रा।

यही मौका है।

शोर-शराबे में किसी को पता भी नहीं चलेगा कि कौन आया,

और पेल के चला गया।

[जोशीला संगीत]

[जोशीला संगीत जारी है]

गुड्डू भैया!

[गोली की आवाज़]

[तनावपूर्ण संगीत]

मुन्ना भैया, चलो चलो!

बच्चा... चल-चल...

[लगातार गोलियों की आवाज़]

[लगातार गोलियों की आवाज़]

हरामखोर! हम पे गोली कौन चला रहा है, बे?

बब्बन जब रास्ता बदलवा के लाए,

तभी से शक था हमें।

शक गया तेल लेने!

मुन्ना भैया हम पे गोली चलाई, बब्बलू।

माँ कसम, रेत में गाड़ देंगे, मुँह के साइड से इसको।

कुछ तो गड़बड़ है, मुन्ना भैया।

लेकिन वो साला हरामी गुड्डू हमको गोली चलाते हुए देख लिया है।

साले।

ये चाहे जो भी हो, उस साले को नहीं छोड़ेंगे। उसे मारेंगे आज हम।

हम इधर देखते हैं क्या चल रहा है। तुम उसे दाबो, साले को।

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत]

साले।

पगला गए हो क्या? ग्राहक हैं तुम्हारे, तुम हमें ही मार रहे हो।

गोली बहुत खा ली है, पहलवान। अब सर्जरी का टाइम है।

तेरी माँ का!

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[लगातार गोलियों की आवाज़]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[धमाकों की आवाज़]

[तनावपूर्ण संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[बंदूक लोड करने की आवाज़]

तीन तक गिनेंगे, पहलवान।

उसके बाद दोनों साथ चलाएँगे। जो बचा सो बचा।

- जो गया सो गया। - तीन तक क्यों गिनना?

डर लग रहा है?

डायलॉगबाज़ी खत्म करते हैं। बिना गिने खींचते हैं।

खींचने का कष्ट आप लोग ना करें।

इस कार्य के लिए यहाँ पे बहुत लोग हैं।

कालीन भैया को ले गए है वो लोग।

रात भारी है, आखिरी भी हो सकती है।

इसलिए एक दूसरे को पेलना बंद करें और एक पाले में आ जाते हैं।

आप लोगों को दिखाई नहीं देता है,

कि आप दोनों में रत्ती भर फ़र्क नहीं है?

दोनों के दोनों लंठ हैं।

दोनों अपने पापाओं की शाबाशी खोज रहे हैं,

और दोनों अपनी मम्मीयों से बहुत प्यार करते हैं।

हाँ मुन्ना भैया...

हम दोनों एक जैसे ही तो हैं।

एक टीम के हैं,\ पर एक टीम में नहीं हैं।

अरे, समझ में नहीं आ रहा है क्या? यहाँ से बच के निकलना है!

कालीन भैया को बचाना है ना?

तो उसके लिए एक टीम में आके लड़ना होगा।

[गंभीर संगीत]

बबलू!

[गोलियों की आवाज़]

[स्कारतमक संगीत]

भैया,

एकदम अमर, अकबर, एंथनी वाला फील आ रहा है।

अबे, इनमें अमर सिर्फ मुन्ना भैया हैं।

और उनके अकबर और एंथनी दोनों हम हैं।

ज़्यादा बकलोली मत करो। पीछे चलो हमारे।

[पृष्ठभूमि संगीत]

[पृष्ठभूमि संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

साला बब्बन कालीन भैया को वहीं ले गया होगा,

जहाँ बर्फ़ी दिखाया था।

कहाँ?

और साला, हम वहाँ पहुँचेंगे कैसे?

रेगिस्तान में खड़े हैं। यहाँ कौन से साले साइन बोर्ड लगे हैं?

ये है ना, छोटे पंडित?

आइंस्टाइन, बताओ।

तुम्हें पता है?

[तनावपूर्ण संगीत]

गाड़ी का औसत गति अगर 60 मान के चलें,

साढ़े सत्रह किलोमीटर का रास्ता होना चाहिए।

[नाटकीय संगीत]

शुरू में साढ़े तीन किलोमीटर पक्का रास्ता होगा।

उसके बाद सीधे हाथ मुड़े थे, फिर सब उबड़-खाबड़ था।

[जोशीला संगीत]

यहाँ से, उल्टे हाथ लीजिए।

[जोशीला संगीत जारी है]

गुड्डू भैया, ये झड़ी हटानी होगी, ये वाली।

[जोशीला संगीत जारी है]

मिल जाएँगे, कालीन भैया।

हमारे पापा पे हाथ डाले हैं, साले।

नहीं डालना चाहिए था।

[जोशीला संगीत जारी है]

क्यों, बब्बन बाबू?

क्यों?

मिर्ज़ापुर की गद्दी के लिए।

आपसे बेहतर कौन समझेगा?

आप भी तो उसी गद्दी पर बैठे हैं।

अब हमें बैठना है।

क्या है ना, त्रिपाठी जी,

हम जिस परिवार से आते हैं...

वहाँ जो चाहिए,

सो चाहिए।

जिस परिवार से आते हैं...

वहाँ जो चाहिए, सो चाहिए।

[गंभीर संगीत]

[झींगुरों की आवाज़]

[जोशीला संगीत]

बब्बन भैया!

- क्या हुआ? - वो गाड़ियाँ हमारी तरफ़ आ रही हैं।

तुम जाओ।

- हम देखते हैं। - बिरजू!

तुम मुमताज़ बीवी के पास रहोगे, उनकी सुरक्षा में।

उन पर कोई खतरा नहीं आना चाहिए।

हमें अखंड़ा के संग रहने दीजिए। उनकी सुरक्षा भी तो ज़रूरी है।

उनको कोई छुड़ा लिया तो?

मुझे किसी और पर विश्वास नहीं है।

जो हम तुम्हें कहें, उसे हमारा आदेश और अपना वचन समझना।

बीवी को अकेले नहीं छोड़ना।

ठीक है।

हम आ रहे हैं।

[जोशीला संगीत]

इसी टीले के नीचे मक़बूल भाई।

- यहीं। - हाँ यही है!

[जोशीला संगीत]

मुन्ना भैया देख के।

आराम से मकबूल भाई, हे भगवान।

[जोशीला संगीत जारी है]

- रोको। - संभालकर मुन्ना भैया।

पंक्चर, अबे चलाओ गोली।

गोली कैसे चलती है, हम दिखाते हैं।

[जोशीला संगीत जारी है]

[गोलियों की आवाज़]

[जोशीला संगीत जारी है]

- मक़बूल भाई! - हाँ!

आप कालीन भैया को देखिए। हम इन लोगों को संभाल लेंगे।

[जोशीला संगीत जारी है]

[गल रेदने की आवाज़]

[जोशीला संगीत जारी है]

[गोली की आवाज़]

[जोशीला संगीत जारी है]

बीबी, हमें एक काम निपटाना है, ज़रूरी।

बब्बन भैया के प्यार का मामला है, तो हमारे भी प्यार का ही मामला है।

[तनावपूर्ण संगीत]

[बंदूक लोड करने की आवाज़]

ट्रिगर खींच दीजिएगा।

कोई जोखिम आए तो।

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जद्दो-जीहद की आवाज़]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[गंभीर संगीत]

[गंभीर संगीत जारी है]

तुम वफ़ादारी के लिए लड़ रहे हो,

हम प्यार के लिए लड़ रहे हैं।

हम से जीत तो नहीं पाओगे।

[जोशीला संगीत]

[जोशीला संगीत जारी है]

अखंडानंद त्रिपाठी!

आँखें खोलो!

[जोशीला संगीत जारी है]

[गोली की आवाज़]

[हल्का संगीत]

पापा?

हम हैं।

आपके बेटा।

मुन्ना त्रिपाठी।

[भावुक संगीत]

कुछ होने नहीं देंगे आपको।

मुन्ना...

जी, पापा।

मुन्ना?

[जोशीला संगीत]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

जान बचाए हो हमारी, पंडित। वादा करते हैं, हिसाब चुकाएँगे, गुरु।

[गोली की आवाज़]

मुमताज़ बीबी, अरे अंदर जाओ!

आप मेरी ज़िम्मेदारी हो, अंदर जाओ!

नहीं जाएँगे! आप खतरे में हैं।

मुमताज़, अंदर जाओ!

कम्पाउंडर! बीवी ने बंदूक उठा ली है, उन्हें संभालो, कुछ कर ना बैठें!

[गोली की आवाज़]

भैया, क्या कर रहे हैं, बंदूक उठाइए।

[गोली की आवाज़]

आपको बंदूक चलाना नहीं आता है?

हाँ, नहीं आता, तभी उस्तरा चलाते हैं, साले।

मुमताज़, अंदर जाओ।

साला!

[गोली की आवाज़]

[गिरने की आवाज़]

[तनावपूर्ण संगीत]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

गुड्डू भैया!

[तनावपूर्ण संगीत जारी है]

मुमताज़!

गुड्डू भैया, गुड्डू भैया, उठिए।

[गंभीर संगीत]

गुड्डू भैया, गुड्डू भैया!

गुड्डू भैया!

आँखें खोलिए, गुड्डू भैया, आँखें खोलिए गुड्डू भैया।

गुड्डू भैया।

आँखें खोलिए, गुड्डू भैया।

मुमताज़!

[तनावपूर्ण संगीत]

कुछ नहीं हुआ।

गुड्डू भैया, आँखें खोलिए।

[भावुक संगीत]

एक मिनट, यहीं था।

- इंजेक्शन है? - कौन सा इंजेक्शन?

- इंजेक्शन! - अरे, कौन सा इंजेक्शन?

- वो स्टेरॉयड है? कहाँ है? - क्या बोल रहा है?

- [चिल्लाने की आवाज़] - अरे, ढूँढो।

[भावुक संगीत]

[तेज़ संगीत]

सुनो बे, तुम संभालो इसको।

वादा किए हैं,

मरने नहीं देंगे।

तब तक हम साले इस पागल साँड को देखते हैं।

[जोशीला संगीत]

कहाँ लगाएँ?

- कम्पाउंडर कहाँ लगाएँ? - [फुसफुसाता है]

दिल के दो उंगल नीचे!

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

क्या हुआ?

धड़कनें नहीं मिल रही है।

धड़कन?

नहीं, नहीं, नहीं।

गुड्डू भैया।

[लड़ाई की आवाज़]

साले! हमारे मुन्ना भैया को मारोगे?

चंदू! हरामखोर!

नहीं!

चंदू!

[भावुक संगीत]

भाई था वो हमारा साले! भाई था वो हमारा!

[भावुक संगीत]

उठिए।

गुड्डू भैया, उठिए।

हम ध्यान रखेंगे गुड्डू भैया का।

उठ जाइए, यार।

[भावुक संगीत जारी है]

गुड्डू भैया, आपकी चिंता थी, इसलिए किए हैं।

[भावुक संगीत जारी है]

इतनी वायलेंस के बीच में रहते हैं हम लोग...

हम ढाल हैं तुम्हारी।

उठिए यार, गुड्डू भैया।

[भावुक संगीत जारी है]

[भावुक संगीत जारी है]

[गंभीर संगीत]

ए, हरामखोर!

बब्बन, हरामखोर!

[जोशीला संगीत]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

अब सबको मारेंगे।

तुम्हारा प्यार! तुम्हारा परिवार,

सब को मार देंगे।

[गुस्से से चिल्लाने की आवाज़]

[तड़पने की आवाज़]

[सकारात्मक संगीत]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

[जोशीला संगीत जारी है]

चीटिंग नहीं बे, बब्बन।

हाथों से चल रहा है।

हरामखोर!

[जोशीला संगीत जारी है]

हाथों से बहुत हुआ।

अब खत्म करने का समय है।

[पृष्ठभूमि संगीत]

[पृष्ठभूमि संगीत जारी है]

त्रिपाठी!

रेगिस्तान से कैश और माल लेकर,

जाओगे कैसे?

ना रास्ता तुम्हारा,

ना सीमा पर पुलिस तुम्हारी।

सीमा पार सिर्फ़ हम करा सकते हैं।

बब्बन!

[रोमांचक संगीत]

अखंडानंद त्रिपाठी बोल रहे हैं।

आपको परिचय देने की ज़रूरत नहीं है, त्रिपाठी जी।

और कॉल आपने किया है, तो फिर हमें भी परिचय देने की जरूरत नहीं है।

कुछ भी दिक्कत आए तो ये भैरवसिंह जी को फ़ोन लगाइएगा।

ये आपके अपराधी हैं, कालीन भैया।

सज़ा आप देंगे या हम?

बाहुबली मारते नहीं।

मारने का ऑर्डर देते हैं।

[रोमांचक संगीत जारी है]

निपटाइए।

तुमको तुम्हारे प्यार के पास भेज रहे हैं।

[तनावपूर्ण संगीत]

तुम सामने से बोल नहीं पाओगे।

हम तुम्हारा सॉरी मम्मी को बोल देंगे।

चंदू चला गया अबे, कंपाउंडर।

विश्वास नहीं हो रहा है।

बच्चा था यार वो।

दुखी मत होइए, मुन्ना भैया।

हमारे परिवार में वफ़ादारी में जान देने का शोक नहीं मनाते।

- रोटी खाइएगा? - हम्म।

चंदू हम लोगों के लिए बड़े शौक से लाया था।

निकालो यार, निकालो। लाओ।

[हल्का संगीत]

अभी तो रिश्ता बना है आप तीनों का।

बहराइच ले के क्या कीजिएगा, पंडित जी?

मिर्ज़ापुर में रहिए,

और पूरे पूर्वांचल पर राज कीजिए।

शक्ति के केंद्र में रहेंगे,

तो शक्तिशाली माने जाएँगे।

और जैसे मक़बूल,

आजीवन हमारे वफ़ादार रहे हैं...

वैसे ही आप दोनों भाई,

मुन्ना के लिए रहिएगा।

जीवनभर।

[गंभीर संगीत]

चलिए।

[गंभीर संगीत जारी है]

[गंभीर संगीत जारी है]

[मिर्ज़ापुर का टाइटल संगीत]

[टाइटल संगीत जारी है]

[टाइटल संगीत जारी है]

[रोमांचक संगीत]

[रोमांचक संगीत]

[मिर्ज़ापुर का टाइटल संगीत]

[जिपर की आवाज़] [रहस्मय संगीत]

[रहस्मय संगीत]

प्रिय जेपी यादव जी,

वादा मुताबिक, चुनाव का पूरा पैसा भिजवा रहे हैं।

और आगे से कैंची हो या छुरा,

गद्दी के लिए पीछे से पीठ में नहीं उतारिएगा।

और हम भी जिस परिवार से आते है,

वहाँ जो चाहिए, सो चाहिए।

सप्रेम, अखंडानंद त्रिपाठी।

इसकी तो--

[झींगुरों की आवाज़]

[रेडियो पर गाना बजता है]

जीती रहो।

हम नहाने जा रहे हैं।

[भावुक संगीत]

♪ प्रीतम का कुछ दोष नहीं है ♪

♪ वो तो है निर्दोष ♪

[लड़ाई की आवाज़]

♪ अपने आप से बातें करके हो गई मैं बदनाम ♪

♪ साँसों की माला पे ♪

♪ साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम ♪

♪ साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम ♪

♪ साँसों की माला पे ♪

♪ प्रेम के रंग में ऐसी डूबी ♪

♪ बन गया एक ही रूप ♪

♪ अपने मन की जान और पी के मन की श्याम ♪

♪ साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम ♪

[दर्द से चिल्लाने की आवाज़]

अपनी छटंकी से मारेंगे तुमको दोनों को।

छटंकी बुलाए ना तुम हथियार को...

बिरजू लोहार?

तुम्हीं हमारी बीना के आशिक रहे?

- कहीं वही तो दाखिला नहीं दिलाई तुमको? - [गोली चलने की आवाज़]

[भावुक संगीत]

[भावुक संगीत जारी है]

अब हम बहू हैं त्रिपाठी घर की।

दहलीज़ थोड़ी ही लाँघेंगे, बाबूजी।

प्यार ही तो है।

लाइफटाइम थोड़ी ही रहता है।

♪ साँसों की माला पे ♪

♪ साँसों की माला पे ♪

♪ साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम ♪

♪ साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम ♪

♪ साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम ♪

♪ प्रेम के रंग में ऐसी डूबी ♪

♪ बन गया एक ही रूप ♪

♪ अपने मन की जान और पी के मन की श्याम ♪

♪ साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम ♪

♪ सिमरूं मैं पी का नाम ♪

♪ पी का नाम ♪

♪ साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम ♪

♪ साँसों की माला पे ♪

♪ सिमरूं मैं ♪

♪ पी का नाम ♪

साली, पिछले सात दिनों में दोस्ती ऐसी हो गई है,

समझो सात जन्मों की हो।

इसे सुहाग का संबंध समझिए, मुन्ना भैया।

बस सात फेरे लेना बाकी है हम दोनों को।

[हँसने की आवाज़]

वो देखो, वो देखो।

क्या भैया, छोटे पंडित?

फ़ोन देख के क्या मुस्कुरा रहे हो, बे?

गर्लफ्रेंड वगैरा रखे हो क्या?

अरे, ये शर्मीले टाइप हैं।

गर्लफ्रेंड तो हम रखे हैं।

- [हँसने की आवाज़] - हाँ?

अरे, तो मिलवाओ यार गुरु कभी।

अरे मिलवाएँगे, मिलवाएँगे। वो प्यार हैं हमारा।

प्यार तो हमारा भी हैं एक।

बस एक बार हाँ कर दे।

हम भी मिलवाएँगे।

अच्छा, सुनो यार, अपनी वली का नाम बताओ तो।

- हम बताते हैं। - बताओ।

बहुत प्यार करते हैं।

और उसके लिए अपनी जान दे देंगे, मुन्ना भैया।

और हम अपनी वाली के लिए,

जान ले लेंगे।

ठीक है, गुरु।

फिर दोनों तीन पे, साथ नाम बोलेंगे।

- गिनती का बहुत शौक है आपको, ठीक है। - हम्म।

एक,

दो,

तीन।

- स्वरांजिनी। - स्वीटी।

हाँ, वही।

[गोली की आवाज़]

♪ सजनवा जो गनवा निकाल बैठे करजवा में गोली उतार बैठे ♪

♪ सजनवा जो गनवा निकाल बैठे करजवा में गोली उतार बैठे ♪

♪ पान चबाए आए, पाँव दबाए आए मन का ट्रिगरवा दबाए बैठे ♪

♪ भोली सूरत ओह की, नीयत है खोटी मोहे बीच बजरवा सताए बैठे ♪

♪ सजनवा जो गनवा निकाल बैठे करजवा में गोली उतार बैठे ♪

♪ सजनवा जो गनवा निकाल बैठे करजवा में गोली उतार बैठे ♪

♪ सजनवा जो गनवा निकाल बैठे करजवा में गोली उतार बैठे ♪

♪ सजनवा जो गनवा निकाल बैठे करजवा में गोली उतार बैठे ♪

♪ ये सुन ♪

♪ रुतबा कमाल है, तेवर बवाल है, पुरे जिल्हे में हमारा भौकाल है ♪

♪ आया जो सामने बुरा तेरा हाल है, जहाँ का भी तुर्रम, सब हलाल है ♪

♪ टॉप का है एम, टॉप का है गेम अलग ही चलते कोई ना टॉप माय लेन ♪

♪ भिड़ना ना हमसे हम नहीं सेम तेरा बॉस भी अच्छे से जानता है नेम ♪

♪ ज़िंदगी शानदार, बंदे है जानदार ♪

♪ रहना तू बचके, ना काट ना रस्ते, एरिया ये जानता ये काम करें कान फाड़ ♪

♪ कान फाड़ ♪

♪ कान फाड़ ♪

♪ इन्टू द नाइट नाउ, ऑल द वे आई गो फील इट गेटिंग क्लोज़र, लूज़ अ लिटिल कॉन-कंट्रोल ♪

♪ आई डू द शैडोज़, इट कम्स अलाइव गिव मी ऑल योर फीवर, कीप मी बर्निंग टूनाइट ♪

♪ आँखों पे पट्टी है, देखो, मैं फिर भी दौड़ता भेजा ये जैसे हो बिजली साथ में ♪

♪ अपना भाई भी जिगरी ♪ दुनिया कैसी ये लेगी फिर फिरकी ♪

♪ घर नहीं है डिक्शनरी में खोल देंगे भेजा, साले उल्टी गिनती साँसें गिन कर दिया जो मरे हवाले ♪

♪ पाला तो रुत्बा, वहम नहीं पाले कितनों के यहाँ वहम निकाले ♪

♪ कितनों को यहाँ सीधा किया और कितनों को रब हवाले ♪

♪ ज़िंदगी शानदार, बंदे है जानदार ♪

♪ रहना तू बचके, ना काट ना रस्ते, एरिया ये जानता ये काम करें कान फाड़ ♪

♪ कान फाड़ ♪

♪ कान फाड़ ♪

♪ कान फाड़ ♪

♪ कान फाड़ ♪

♪ इन्टू द नाइट नाउ, ऑल द वे आई गो

♪फील इट गेटिंग क्लोज़र, लूज़ अ लिटिल कॉन-कंट्रोल कान फाड़ ♪

♪ आई डू द शैडोज़, इट कम्स अलाइव ♪

♪ गिव मी ऑल योर फीवर, कीप मी बर्निंग टूनाइट कान फाड़ ♪

♪ हो बोडरा ते पार मेरे कारोबार नी शहर कांड होया यार तेरा ज़िम्मेदार नी ♪

♪ रात गोली की आवाज़ थी स्पीकरां ते ज़्यादा गया मिलके सवेरे तेरा थानेदार नी ♪

♪ होके तैयार जेलों बाहर मेरी डार निकले एंटी चिपगे बिला मैं नहीं बाहर निकले ♪

♪ चारों पासे लगे नाके रहवे लगदे ही छापे डील फेर भी किसे पे नहीं थमरी ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ नी तू आई छोरी मिलने न बाल बनके ♪

♪ तेरा यार मिल बैरियाँ ते काल बनके ♪

♪ हारे हौसला न मिला रे मिसाल बनके खड़िया ज़िंदगी में कैयां की सवाल बनके ♪

♪ देख खोलके किवाड़ मेरे घर की दीवारां पे मैं बैरियाँ की टंगी होई है चमड़ी ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ आए तोड़-तोड़ जैला खेल मौत आले खेला लेला बदला चोरी रचीता बुझने से पहला ♪

♪ तेरे यार की किसे प चोरी मिले ना डिटेलां एंटी झुंड में फिर है छोरा फिरदा अकेला ♪

♪ जावा खाली हाथ आवा छोरी लुटके नई मेला खुशी बाँट दूँ मैं सारी दुख कले नी है झेला ♪

♪ तेरे यार का सपोर्ट माँग बड़े खबी खान देख रुतबा किसे तों छोरी कम नी ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ बराबरी होने में लग जानी सदियाँ कदे गे कदे पीछे रहव लाल बत्तियाँ ♪

♪ सोनिये गुलाबी रंग वाले नोटां पर मेरे रब्बरां की गंड भी नी बँधरी ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी! ♪

♪ वारूँ-वारूँ ♪

♪ वारूँ-वारूँ, मैं वारूँ तोहरी ♪

♪ अब ना जग की है परवाह कोई ♪

♪ थाम ले तू मोरी ज़िंदगी ♪

♪ तोहसे बढ़ के ना कोई खुशी ♪

♪ वारूँ-वारूँ, मैं वारूँ तोहरी ♪

♪ आज सौंपे हैं सपने सभी ♪

♪ नैना तोहरे तिजोरी मोरी, है मोरी ♪

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