All language subtitles for [Hindi (auto-generated)] Magical Heist Escape _ Movie Explained in Hindi_Urdu _ Fantasy Thriller Movie [DownSub.com]

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Original subtitles

दोस्तों इस वीडियो में आप देखेंगे एक

फैंटेसी थ्रिलर मूवी की कहानी यह फिल्म

काफी मजेदार है जिसे आप अपने पूरे परिवार

के साथ देख सकते हैं और इस फैंटेसी स्टोरी

से आप लोगों को काफी कुछ सीखने को भी

मिलेगा इसलिए वीडियो को पूरा आखिरी तक

जरूर देखें अब कहानी शुरू करते हैं फिल्म

की शुरुआत में कई सालों पहले फ्रांस में

एक हरा भरा जंगल दिखाया जाता है जंगल के

बीच से बह रही नदी के धारा के पास जूलिया

और रोजी नाम की दो बहनें खेल रही होती हैं

तभी वहां एक सिपाही उस राज्य के राजा का

संदेश लिखा हुआ एक पत्र लेकर आता है दोनों

लड़कियां वो पत्र लेकर उसी जंगल में बने

अपने घर को लौट आती हैं वहां उनके

माता-पिता उनका इंतजार कर रहे होते हैं वो

दोनों अपने पिता को वो पत्र देते हुए कहती

हैं राजा ने आपके लिए कोई संदेश भिजवाया

है रात में जब दोनों लड़कियां सो जाती हैं

तो उनके पिता हरकुलिस उनके पास आकर एक

गुलाब का फूल रखते हैं और कहते हैं पड़ोसी

राज्य से युद्ध शुरू हो गया है राजा का

खास योद्धा होने की वजह से उन्होंने मुझे

अपनी तरफ से लड़ने के लिए बुलाया है इसलिए

मुझे आज रात ही जाना पड़ रहा है पर युद्ध

खत्म होते ही मैं लौट आऊंगा ये कहकर

हरकुलिस अपनी अपनी बेला के पास जाता है और

उससे कहता है हमारी दोनों बेटियां अभी सो

रही हैं मुझे तुम सबकी बहुत याद आएगी मैं

अब जा रहा हूं पर तुम इन दोनों का अच्छे

से ख्याल रखना युद्ध में जाना किसी खतरे

से कम नहीं था इसलिए बेला दुखी मन से

उन्हें जाते हुए देख रही होती है इसके बाद

15 साल बाद का वक्त दिखाया जाता है बड़ी

हो चुकी जूलिया और रोजी अब गुलाब से तेल

और इत्र बनाने में अपनी मां की मदद किया

करती थी इन्हीं इत्रों और तेलों को बेचने

के लिए बेला रोज राज्य के बाजार में जाती

थी और उससे जो भी पैसे मिलते थे उसी से उस

उसके और उसके परिवार का गुजर बसर होता है

एक दिन बेला जब अपनी टोकरी लेकर बाजार से

वापस घर लौटती है तो वो परेशान दिख रही

होती है उन्हें परेशान देखकर उनकी दोनों

बेटियां उनसे पूछती हैं कि क्या बात है

मां बेला कहती है शहर के लोग गरीब होते जा

रहे हैं और उन लोगों का कहना है कि उनके

पास अब खाने पीने की चीजें और फसलों का

बीज खरीदने तक के पैसे कम पड़ रहे हैं तो

वो गुलाब का तेल और इत्र कैसे खरीद लें

इसलिए अब बस कुछ ही लोग हमारा बनाया हुआ

इत्र और तेल खरीदते हैं ये सुनकर उनकी

दोनों बेटियां कहती हैं कि मां कल से हम

दोनों बहनें इत्र और तेल बेचने के लिए

बाजार में जाएंगी और आप घर पर रहना बेला

उन दोनों को अकेले नहीं भेजना चाहती पर

दोनों की जिद्द की वजह से वह मान जाती है

रात में खाना खाते वक्त जूलिया पूछती है

कि मां हमारे पिता कब आएंगे काफी साल गुजर

गए हैं उन्हें गए हुए और युद्ध भी कब का

खत्म हो चुका है यह सवाल सुनकर बेला और

परेशान हो जाती है पर वह अपनी परेशानी

छिपाते हुए कहती है कि मैं भी उनका इंतजार

कर रही हूं पर अब तक मुझे भी उनकी कोई खबर

नहीं मिली है अब रोजी उनसे पूछती है कि

उन्होंने यह घर जंगल में पुरानी गुफा के

पास क्यों बनाया तो उनकी मां बताती है कि

जब तुम लोग पैदा नहीं हुई थी तब इस जंगल

की गुफा में एक दुष्ट बौना रहता था उसे

जादू भी आता था इसलिए वह लालची बौना आए

दिन लोगों को लूटता रहता था जनता को उससे

परेशान देखकर राजा ने उसे पकड़ने की

जिम्मेदारी तुम्हारे पिता को सौंपी

तुम्हारे पिता ने उस दुष्ट बौने को हराकर

गुफा से भगा दिया और उसके बगल में हमारा

यह घर बनाकर यहीं रहने लगे ताकि फिर कोई

दूसरा बौना यहां आकर ना रह सके क्योंकि

बनों की जिंदगी का बस दो ही मकसद होता है

गुफाएं खोजना और खजाना इकट्ठा करना यह

सुनकर जूलिया कहती है पर हमारे पिता ने

हमारे घर और गुफा के चारों ओर गुलाब की

झाड़ियां क्यों लगा रखी हैं बेला कहती है

क्योंकि इन खास गुलाब की झाड़ियों की वजह

से बनों का जादू यहां काम नहीं करता और वो

लोग इन खास झाड़ियों की वजह से ही हमारे

घर और उसके बगल वाली गुफा तक आने से डरते

हैं तो दोनों लड़कियां पूछती हैं वो बौना

कहां गया और क्या तब से कोई दूसरा बौना

नहीं आया बेला कहती है पता नहीं तब से तो

यहां कोई बौना नहीं दिखा अगले सीन में

वहां से काफी दूर एक खाली जगह पर कुछ बनों

को दिखाया जाता है वहां बनों का सरदार

अपने साथियों से कहता है हम बौने गुफा में

रहा करते थे और खजाना खोजकर उसमें इकट्ठा

किया करते थे पर सब बदल गया है और अब इतने

सालों से हम लोग खुले में ही रह रहे हैं

और खजाना भी नहीं इकट्ठा कर पा रहे यह हम

बौने प्रजाति के लोगों के लिए बहुत ही

शर्म की बात है तुम लोग सुस्त और आलसी हो

गए हो इसलिए अब मुझे अकेले ही गुफा और

खजाना दोनों ढूंढना पड़ेगा यह सुनकर एक

बौना कहता है हम लोगों ने आसपास खोजबीन की

थी पर कुछ नहीं मिला तो सरदार बौना कहता

है आसपास कुछ नहीं है इसलिए अब मैं दूर

दराज के इलाकों में खोजबीन करूंगा क्योंकि

बिना गुफा और बिना खजाने के हम बनों की

जिंदगी पर धिक्कार है यह कहकर बनों का

सरदार गुफा और खजाने की खोज में निकल

पड़ता है वो काफी देर तक चलता रहता है और

अगले दिन वह उस जंगल में पहुंच जाता है

जहां बेला का घर होता है जब वो उस जंगल की

पहाड़ी पर होता है तभी उसे पुराने बौने की

गुफा दिख जाती है फिर जब वोह वहां से

दूसरी तरफ देखता है तो उसे जंगल के बाहर

राजा का महल भी दिख जाता है यह सब देखकर

बौना सरदार खुश हो जाता है क्योंकि उसे

गुफा भी मिल गई थी और खजाना लूटने के लिए

राजा का महल भी इसी दौरान उसे जूलिया और

रोजी टोकरी में इत्र और तेल लेकर राज्य के

बाजार की ओर जाती हुई दिखती हैं तो अब

दुष्ट बौना एक चाल चलता है वह अपनी दाढ़ी

को सहला करर जादू से अपना रूप बदल लेता है

और एक अमीर व्यापारी के वेश में आ जाता है

अगले सीन में जूलिया और रोजी को दिखाया

जाता है जो टोकरी में गुलाब का इत्र और

तेल लेकर राज्य के बाजार में पहुंच जाती

हैं बाजार के पास ही राजमहल की खिड़की से

राजकुमार पॉल बाजार को देख रहे होते हैं व

अपने पिता राजा विल्सन से कहता है हमारे

राज्य की अर्थव्यवस्था बहुत खराब है

किसानों के पास पैसे नहीं हैं कि वह फसलों

की बुआई के लिए बीज खरीद सकें और

व्यापारियों के पास भी ज्यादा पैसे नहीं

हैं कि वो ठीक से व्यापार कर सक आम लोगों

की हालत तो और भी खराब है उनके पास तो

खाने के लिए अनाज खरीदने तक के पैसे नहीं

हैं ऐसे तो सब भूखे मर जाएंगे इसलिए आपको

जल्दी ही कुछ करना होगा राजा अपने मंत्री

से पूछता है कि क्या ये सच है मंत्री कहता

है हां महाराज तो राजा कहते हैं फिर अब तक

तुमने लोगों की मदद क्यों नहीं की तो

मंत्री कहता है महाराज अगर हम राजकोष के

खजाने से लोगों की मदद करेंगे तो लोग हम

पर ही निर्भर हो जाएंगे ये सुनकर राजकुमार

पॉल कहता है अगर ऐसे बुरे वक्त में हम

राजकोष से लोगों की मदद नहीं करेंगे तो

लोग भूखे मरने लगेंगे और खराब

अर्थव्यवस्था से हमारा राज्य भी तबाह हो

जाएगा समस्या की गंभीरता को समझते हुए

राजा राजकोष से धन निकालकर प्रजा के लिए

अनाज और बीज खरीदने की इजाजत दे देते हैं

अगले सीन में महल के पास के बाजार को

दिखाया जाता है जहां जूलिया रोजीसी कहती

है मैंने अपने पास का सारा इत्र और तेल

बेच दिया है रोजी कहती है पर मेरे पास अभी

भी एक दो शीशी इत्र बचा हुआ है क्योंकि

लोगों के पास पैसों की काफी कमी है इसी

दौरान एक आदमी रोजी के पास आकर उसका इत्र

सूंघता है उसे वो गुलाब का इत्र काफी पसंद

आता है रोजी उससे से कहती है इसकी कीमत बस

दो सिक्के हैं तो वो आदमी कहता है मेरे

पास अनाज खरीदने के लिए दो सिक्के नहीं

हैं तो मैं इत्र कैसे खरीद लूं उसकी

मजबूरी देखकर रोजी उसे मुफ्त में इत्र की

एक शीशी दे देती है इत्र पाकर वो आदमी

काफी खुश होता है जूलिया अपनी बहन से कहती

है यह तुमने अच्छा किया इसी बीच घोड़े पर

सवार होकर राजकुमार पौल अपने खजांची के

साथ महल से बाहर आते हैं और बाजार में

मौजूद लोगों से कहते हैं आप लोगों को

ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है मैं

राजकोष से धन निकालकर आप लोगों में वितरित

करवाऊंगी उससे आप लोग खाने-पीने के लिए

अनाज और खेती के लिए बीच खरीद सकते हैं

राजकुमार पॉल की दरिया दिल्ली देखकर वहां

मौजूद जनता और दोनों बहनें काफी खुश होती

हैं इसी बीच अमीर व्यापारी का वेश बनाया

हुआ वो दुष्ट बौना वहां आता है और

राजकुमार के घोड़े के सामने से होकर

राजमहल के अंदर जाने लगता है उसे देखकर

राजकुमार का घोड़ा बिजक जाता है तो जूलिया

घोड़े के पास जाती है और उसका सिर सहला

करर उसे शांत कर देती है यह देखकर

राजकुमार पॉल अपने घोड़े से उतर कर जूलिया

से पूछते हैं कि तुमने यह कैसे किया

जूलिया कहती है मुझ में बचपन से ही

जानवरों के साथ घुलने मिलने का हुनर है

राजकुमार को जूलिया और उसका हुनर काफी

पसंद आता है इसलिए वह उसका हाथ पकड़कर उसे

अपने महल के परिसर में ले जाता है कुछ देर

व उससे बातें करता है और उसके बारे में

पूछता है जूलिया उसे अपने बारे में बताती

है और वह भी राजकुमार से बातें करके काफी

खुश होती है फिर राजकुमार के कहने पर वह

उसके साथ डांस करने लगती है वहीं दरबार

में रईस का रूप रखकर घुसे बौने से राजा

पूछते हैं कि तुम कौन हो और यहां कैसे आ

गए बौना झूठ बोलते हुए उनसे कहता है कि

मैं दूसरे राज्य का एक अमीर व्यापारी हूं

मुझे पता चला है कि आपके राज्य की आर्थिक

स्थिति काफी खराब है राजा कहते हैं तो

इसमें तुम क्या कर सकते हो बोना कहता है

मेरे पास एक ऐसी विद्या है जिससे मैं आपके

राजकोष का सारा धन तीन गुना कर सकता हूं

यह सुनकर राजा खुश होकर बौने के झांसे में

आ जाते हैं और उसे अपना धन भंडार दिखाने

ले जाते हैं उधर महल के बाहर राजकुमार के

साथ डांस करने के बाद जूलिया जब रोजी के

साथ अपने घर लौटने लगती है तो राजकुमार

उससे कहता है मैं जंगल में तुम्हारे घर

तुमसे मिलने जरूर आऊंगा रोजी हंसकर कहती

है मेरी बहन आपका इंतजार करेगी इधर महल के

धन भंडार वाले कमरे में दुष्ट बौना राजा

से कहता है महाराज आपके राजकोष में तो बस

थोड़ा ही धन बचा है राजा कहता है हां तभी

तो मैं तुम्हें यहां लाया हूं ताकि तुम

इसे तीन गुना कर दो धूर्त बौना कहता है

बिल्कुल महाराज आप बेफिक्र रहिए इसी दौरान

दरबार में राजकुमार पौल अपने पिता को

पुकारने लगता है तो राजा बौने को राज कोश

वाले कमरे में छोड़कर अपने बेटे से मिलने

चला जाता है अब मौका देखकर दुष्ट बौना

अपनी लंबी दाढ़ी सहला करर वापस जादू से

अपने असली रूप में आ जाता है फिर वो वहां

जो भी थोड़ा बहुत धन रखा हुआ होता है उसे

अपनी पोटली में भर लेता है और महल से बाहर

निकलने लगता है दूसरी ओर दरबार में राजा

अपने बेटे से कहता है कि आज एक चमत्कारी

व्यापारी आया हुआ है उसने हमारे राजकोष का

धन तीन गुना कर दिया है यह सुनकर राजकुमार

पॉल चौक जाते हैं और अपने पिता के साथ

राजकोष वाले कमरे में आते हैं पर उस कमरे

से सारा धन गायब होता है और वहां बौने का

चित्र बना हुआ एक कागज पड़ा होता है ये सब

देखकर राजकुमार अपने पिता से कहता है वो

कोई दुष्ट बौना था जिसने रूप बदलकर आपको

बेवकूफ बनाया और राजकोष में जो थोड़ा बहुत

धन था भी वो भी लेकर भाग गया इधर बौना धन

की पोटली लेकर महल से बाहर आ जाता है और

बाजार से होते हुए जंगल की तरफ भाग जाता

है राजकुमार अपने पिता से कहता है कि आप

चिंता मत करिए वो ज्यादा दूर नहीं गया

होगा यह कहकर वह घोड़े पर सवार होकर अकेले

ही जंगल की तरफ बौने सरदार को ढूंढने निकल

जाता है जंगल के अंदर धन का थैला लेकर

बौना बहुत तेजी से भाग रहा होता है और

राजकुमार घोड़ा लेकर उसका पीछा कर रहा

होता है आखिरकार राजकुमार पॉल घोड़े से

उतर कर उस दुष्ट बौने से धन का थैला छीन

लेता है तो वो लालची बौना पहले तो उसे

बुरा भला कहता है फिर अपनी लंबी दाढ़ी

सहला करर जादू से राजकुमार को भालू बना

देता है भालू बनते ही बेचारा राजकुमार

थैला छोड़ देता है तो बौना वो थैला उठाकर

भाग जाता है अगले सीन में दोनों बहनों को

दिखाया जाता है जो बाजार से अपने घर लौट

रही होती हैं उन्हें सरदार बौने के धन

चुराने वाली बात और राजकुमार के भालू बन

जाने वाली बात नहीं पता होती इधर वो बौना

बेला के घर तक पहुंच जाता है वहां वो

गुलाब के झाड़ियों के सामने खड़े होकर

बेला से कहता है कि दो सोने के सिक्कों के

बदले मुझे अपना घर और उसके बगल की गुफा

बेंच दो इतने सालों बाद एक बौने को देखकर

बेला चौक जाती है और बौने से कहती है कि

मैं इनमें से कुछ भी नहीं बेचूंगा उसे और

ज्यादा सोने के सिक्कों का लालच देता है

पर जब इस बार भी बेला उसे मना कर देती है

तो गुस्से में आके वो बौना जादू से बेला

को मेंढक बनाने के लिए अपनी दाढ़ी सहलाने

लगता है पर बेला मेंढक नहीं बनती यह देखकर

बौना चौक जाता है तो बेला उससे कहती है ये

खास किस्म की गुलाब की झाड़ियां हैं कोई

बुरी नियत वाला जादू इसको पार नहीं कर

सकता इसलिए तुम्हारा जादू झाड़ी के इस पार

काम नहीं करेगा इस बात से बौना बौखला जाता

है और बेला से कहता है मुझे हर हाल में वो

गुफा चाहिए मैं वापस आऊंगा और इन झाड़ियों

को काटकर गुफा पर कब्जा कर लूंगा यह कहकर

बौना धन का थैला उठाकर वहां से चला जाता

है रात के वक्त जंगल में एक जगह भालू बने

राजकुमार को दिखाया जाता है वो बहुत दुखी

होता है और उसे समझ में नहीं आ रहा होता

है कि आखिर वह क्या करें वहीं जंगल में एक

पेड़ के पास बैठकर जूलिया अपनी बहन से

कहती है कि राजकुमार ने यहां आकर मुझसे

मिलने का वादा किया था पर वो आया क्यों

नहीं रोजी कहती है लगता है तुम्हें उससे

प्यार हो गया है इसलिए तुम उससे मिलने के

लिए बेचैन हो रही हो सुबह होने पर जब

दोनों बहनें बाजार से इत्र बेचकर लौट रही

होती हैं तो उन्हें जंगल में एक जगह दुष्ट

बौने की चीखने की आवाज सुनाई देती है आवाज

सुनकर ये दोनों बहनें उस बौने के पास जाती

हैं बौने की लंबी दाढ़ी एक पेड़ की जड़

में फंस गई होती है जिसे वो चाह कर भी

नहीं निकाल पा रहा होता है इसलिए वो उन

दोनों से उसकी मदद करने को कहता है जूलिया

और रोजी उसकी बुरी नियत से अनजान होती हैं

इसलिए रोजी उसकी मदद करने के लिए जाने

लगती है तो जूलिया उससे कहती है मां ने

बताया था ना कि बौने दुष्ट होते हैं इसलिए

उनसे सावधान रहना चाहिए रोजी कहती है मुझे

नहीं लगता कि ये किसी को नुकसान पहुंचाएगा

इसलिए हमें इसकी मदद करनी चाहिए तो अब

दोनों बहनें पेड़ की जड़ में फंसी उसकी

दाढ़ी खींच कर निकालने लगती हैं पर जब

दाढ़ी नहीं निकलती तो रोजी एक कुल्हाड़ी

से उसकी लंबी दाढ़ी का जड़ में फंसा हुआ

हिस्सा काट देती है इस से बौने की दाढ़ी

तो निकल जाती है पर थोड़ी दाढ़ी कट जाने

की वजह से बौना उन पर भड़क जाता है और

दोनों बहनों को बुरा भला कहने लगता है फिर

वो धन का थैला उठाकर वहां से आगे बढ़ जाता

है बौने का ऐसा व्यवहार देखकर जूलिया रोजी

से कहती है हमें धन्यवाद देने की बजाय ये

हम पर भड़क रहा है इसके बाद ये दोनों अपने

घर पर आती हैं और अपनी मां से कहती हैं कि

आज हमें एक बौना मिला था बेला पूछती है

उसने तुम दोनों को कोई नुकसान तो नहीं

पहुंचाया दोनों बहनें कहती हैं नहीं घर के

अंदर जाने पर जूलिया अपनी मां से कहती है

कि आज राजकुमार ने मेरे साथ डांस किया और

उन्होंने यहां आकर मुझसे से मिलने का वादा

भी किया है यह सुनकर उसकी मां कहती है वो

राजकुमार है बेटी इसलिए उससे ज्यादा

उम्मीदें मत रखो अगले सीन में दुष्ट बौने

को धन छुपाने के लिए जंगल में एक जगह

गड्ढा खोदते हुए दिखाया जाता है इस दौरान

उसके दिमाग में आता है कि भालू बनकर जंगल

में घूम रहा राजकुमार उसके लिए खतरा बन

सकता है इसलिए उसको रास्ते से हटाने के

लिए बौना एक और चाल चलता है वह अपनी लंबी

दाढ़ी सहला करर जादू से इस बार एक दूसरे

व्यापारी का रूप रख लेता है उधर राज महल

में राजा का मंत्री राजा से बताता है कि

हमने जंगल में बहुत तलाश की पर हमें

राजकुमार कहीं नहीं मिले वहां से सिर्फ

उनकी ये तलवार मिली है इसी बीच व्यापारी

का रूप बदलकर दुष्ट बौना वहां आता है और

राजा से कहता है मैं आपके लिए एक जरूरी

खबर लाया हूं राजा पूछते हैं तुम कौन हो

और कैसी खबर लाए हो बौना कहता है मैं दूर

देश से आया हुआ एक व्यापारी हूं कुछ दिन

पहले मैंने यहां की जंगल में धन का थैला

उठाए हुए एक बौने को देखा जादू से वो एक

बड़े भालू में बदल गया यह सुनकर राजा उससे

पूछते हैं कि क्या राजकुमार भी वहां थे

बौना कहता है महाराज भालू बने उसी बौने ने

राजकुमार को कहीं छिपा रखा है अगर आप उस

भालू को मार डालें तो उसका जादू खत्म हो

जाएगा और आपका बेटा आजाद हो जाएगा अपने

बेटे के ना मिलने से दुखी राजा फिर से

दुष्ट बौने के झांसे में आ जाता है और

अपने मंत्री से कहता है राज्य के सभी

शिकारियों को उस भालू को मारने के काम पर

लगा दो क्योंकि मुझे जल्दी से जल्दी अपना

बेटा वापस चाहिए राजा के आदेश पर मंत्री

राज्य के कुछ चुनिंदा शिकारियों को इकट्ठा

करता है और उनके साथ जंगल में भालू के

शिकार के लिए निकल पड़ता है इन लोगों में

से किसी को यह नहीं पता होता कि भालू ही

राजकुमार पॉल है अगले सीन में अपने असली

रूप में आ चुके बौने को दिखाया जाता है वो

एक कैची लेकर बेला के घर के सामने की

गुलाब की झाड़ियां काटने जाता है पर उससे

साड़ियां नहीं कट रही होती हैं इसी बीच

बेला उसे देख लेती है और वहां से भाग जाने

को कहती है तो बौना उससे कहता है मैं वापस

आऊंगा और गुफा पर किसी ना किसी तरह से

कब्जा जरूर करूंगा फिर वो धन का थैला टांग

करर वहां से चला जाता है रास्ते में जब वो

एक जगह पानी पी रहा होता है तभी उसकी लंबी

दाढ़ी पानी के अंदर किसी पत्थर में फंस

जाती है और वो चीखने लगता है उसकी आवाज

सुनकर वहां से गुजर रही दोनों बहनें फिर

से उसके पास जाती हैं बौना उनसे कहता है

कि क्या तुम लोग मेरी मदद करोगी या बस

खड़ी होकर देखती रहोगी दोनों बहनें नेक

दिल होती हैं इसलिए बौने की मदद करते हुए

वो उसकी दाढ़ी चट्टान से छुड़ाने की कोशिश

करने लगती हैं पर जब बौने की लंबी दाढ़ी

नहीं छूटती तो बेला कैची से उसे फिर से

थोड़ा सा काट देती है जिससे बौने की दाढ़ी

छूट जाती है पर इस बार भी दाढ़ी कटने की

वजह से वह उन दोनों पर भड़क जाता है और

थैला उठाकर वहां से चला जाता है राजकुमार

से ना मिलने की वजह से जूलिया काफी दुखी

होती है वो रोजी से कहती है शायद राजकुमार

मुझे भूल गया है रोजी कहती है भरोसा रखो

हो सकता है वह किसी काम में व्यस्त हो इसी

बीच उन्हें भालू बना राजकुमार दिखता है

रोजी जोलिया से कहती है इस जंगल में भालू

पहली बार दिख रहा है लेकिन ये बेहद शांत

और घबराया हुआ दिखता है दोनों बातें ही कर

रही होती हैं कि तभी राजा का मंत्री

शिकारियों और सैनिकों के साथ वहां आता है

उन्हें देखकर भालू छिपकर वहां से चला जाता

है दोनों बहनें मंत्री से पूछती हैं कि आप

लोग यहां क्यों आए हैं तो मंत्री कहता है

हमें राजा का आदेश मिला है जंगल के एक

बड़े भालू का शिकार करने के लिए अगले सीन

में फिर से बोने को दिखाया जाता है इस बार

उसकी दाढ़ी एक बड़े पत्थर के नीचे फंस

जाती है और वो पूरी ताकत लगाने के बाद भी

अपनी दाढ़ी निकालने में सफल नहीं होता उसी

रास्ते से अपने घर की तरफ लौट रही दोनों

बहनें जब उसको इस हाल में देखती हैं तो

उसके पास जाकर उससे कहती हैं तुम अपनी

पूरी दाढ़ी काट क्यों नहीं देते बौना कहता

है दोबारा ऐसी बातें बोलना भी मत अगर मदद

कर सकती हो तो करो नहीं तो जाओ तो रोजी इस

बार भी उसकी फंसी हुई दाढ़ी काट देती है

इससे बौना फिर से आजाद तो हो जाता है पर

अब तक उसकी दाढ़ी पहले के मुकाबले छोटी हो

चुकी होती है इसलिए उन दोनों पर भड़कते

हुए कहता है तुम दोनों मेरे खास दाढ़ी को

बर्बाद कर रही हो मैं तुम दोनों को

छोडूंगा नहीं इसके बाद दोनों बहनें जंगल

में भालू को पकड़ने के लिए लगाए गए सारे

लोहे के जाल उठाकर अपने घर में ले आती हैं

और अपनी मां से कहती हैं कि हम निर्दोष

भालू को मरने नहीं देंगे तो उसकी मां कहती

है तुम लोगों ने अच्छा काम किया अब वो

दोनों अपनी मां से बताती हैं कि आज वो

बौना हमें फिर से मिला था जब हमने उसकी

दाढ़ी काटी तो वो हम पर भड़क गया बेला

कहती है दाढ़ी काटने पर वो इसलिए नाराज

हुआ क्योंकि जादू करने के लिए बौने अपनी

दाढ़ी का इस्तेमाल करते हैं दाढ़ी जितनी

लंबी होगी उनका जादू उतने अच्छे से काम

करेगा और अगर उनकी दाढ़ी ना रह जाए तो

उनका जादू ठीक से काम नहीं करेगा लेकिन उस

बौने का कोई भरोसा नहीं है इसलिए आज के

बाद तुम लोगों को घर से दूर जाने की इजाजत

नहीं है अब से मैं ही बाजार में इत्र और

तेल बेचने जाऊंगी ये सुनकर दोनों बहनें

कहती हैं यह सही नहीं है मां तो बेला कहती

है तुम दोनों की सुरक्षा के लिए यही सही

है रात होने पर मंत्री और शिकारी राजा से

बताते हैं कि हमने भालू के लिए जाल लगा

दिया है पर व अभी भी पकड़ में नहीं आया है

इस बात पर राजा बहुत नाराज होता है और

कहता है कि अगर जल्दी ही तुमने उसे नहीं

मारा तो मैं तुम्हें तुम्हारे पद से हटा

दूंगा राजा का सख्त आदेश होने की वजह से

मंत्री शिकारियों के साथ जंगल का चप्पा

चप्पा छानने लगता है और आखिरकार जब एक जगह

उन्हें भालू मिलता है तो वो उसे मारने के

लिए दौड़ा लेते हैं बेचारा भालू बना

राजकुमार शिकारियों की तीरों से बचने की

कोशिश कर रहा होता है और शिकारी उसे हर

हाल में मारना चाहते हैं आखिरकार भालू

वहां से भागकर पहाड़ी के बीच में छिप जाता

है पर वहां उसका पैर शिकारियों द्वारा

लगाए हुए लोहे के एक पिंजरे में फंस जाता

है जिससे वो बेचारा कराह नहीं लगता है

गनीमत यह होती है कि वहां छुपने की वजह से

सिपाही उसे नहीं देख पाते शाम को दर्द से

कराता वो भालू मदद के लिए बेला के घर पर

आता है और वहीं गिर जाता है उसकी ऐसी हालत

देखकर बेला और उसकी बेटियां उसे अपने घर

के अंदर ले जाती हैं और चिमटे से उसके

पैरों में फंसा लोहे का जाल निकाल देती

हैं नुकीले जाल के कसने की वजह से भालू के

पैरों में काफी खून निकल चुका होता है इसी

बीच भालू को ढूंढते ढूंढते मंत्री और

शिकारी बेला के घर तक आ जाते हैं उनकी

आवाज सुनकर बेला कहती है हमें भालू को

कहीं छिपाना होगा नहीं तो ये लोग भालू को

मार देंगे थोड़ी देर बाद मंत्री के दरवाजा

खटखटाने पर बेला दरवाजा खोल देती है

मंत्री कहता है एक बौना जादूगर भालू बनकर

घूम रहा है राजा के आदेश पर हम उसे मारने

के लिए ढूंढ रहे हैं बेला कहती है यहां

कोई भालू नहीं आया है तो मंत्री कहता है

भालू के खून के निशान तुम्हारे दरवाजे तक

आ रहे हैं इसलिए मुझे तुम्हारे घर की

तलाशी लेनी होगी मंत्री का शक दूर करने के

लिए बेला उसे अपने घर की तलाशी लेने की

इजाजत दे देती है तो अब मंत्री मसाल लेकर

उसके घर के अंदर इधर-उधर देखता है पर जब

उसे भालू नहीं मिलता तो वो बेला से माफी

मांगकर वहां से चला जाता है उसके जाने के

बाद जूलिया और रोजी छज्जे पर छिपे हुए

भालू को नीचे उतार कर उसके जख्मों पर मराम

पट्टी करती हैं जूलिया भालू का ख्याल रख

रही होती है पर वो राजकुमार की याद में

दुखी होती है भालू अब घर से बाहर आ जाता

है रोजी जूलिया से कहती है कि अब ये पहले

से बेहतर लग रहा है तो अब भालू जूलिया के

साथ खेलने लगता है वहीं पास की पहाड़ी से

एक दूरबीन के जरिए बोना ये सब देख लेता है

इसी बीच बेला जूलिया से कहती है अब भालू

को वापस जाने दो तो भालू वहां से बाहर चला

जाता है इसके बाद बेला अपनी दोनों बेटियों

से घर पर रुकने को कहकर खुद इत्र बेचने के

लिए बाजार चली जाती है उसको वहां से जाते

देखकर बौना दाढ़ी सहला करर फिर से अपना

रूप बदल लेता है फिर वो पहाड़ी के पास

बैठकर राजकुमार के बारे में बातें कर रही

दोनों बहनों के पास जाता है और उनसे कहता

है मैं बहुत दूर से आया हुआ एक संत हूं

मुझे रास्ते में राजकुमार पॉल मिले थे वो

जूलिया को बहुत याद कर रहे थे तो जूलिया

पूछती है कि कहां है वो बौना कहता है मैं

तुम्हें उनसे मिलवा सकता हूं पर इसके लिए

तुम्हें पहले खुद को आजाद करना होगा

जूलिया पूछती है कि वो कैसे तो वो बौना

दोनों बहनों के साथ उनके घर के सामने लगी

गुलाब की झाड़ी के पास जाता है और कहता है

कि इन्हें काट दो जूलिया अपनी बहन से कहती

है इसे हमारे पिता ने हमारे परिवार की

सुरक्षा के लिए यहां लगाया था इसलिए हम

ऐसा नहीं कर सकते तो जादूगर उनसे झूठ

बोलता है कि इस पर एक ऐसा जादू है जिससे

तुम दोनों कभी मां नहीं बन सकती इसलिए इसे

काट दो दोनों बहनें काफी दुविधा में होती

हैं इसी बीच वहीं से थोड़ी दूरी पर खड़ा

भालू गर्दन हिलाकर जूलिया को जादूगर की

बात ना मानने का इशारा करता है उसका इशारा

समझकर जूलिया रोजी को गुलाब की झाड़ काट

ने से रोक देती है इससे नाराज होकर बौना

अपने असली रूप में आकर रोजी से कुल्हाड़ी

छीन लेता है और झाड़ियों के अंदर जबरदस्ती

घुसने की कोशिश करने लगता है पर सुरक्षा

वाले गुलाब की झाड़ियां उसे राख में बदल

देती हैं उसके मरते ही उसका जादू भी खत्म

हो जाता है और दोनों बहनों की आंखों के

सामने ही भालू फिर से राजकुमार बन जाता है

जूलिया और राजकुमार एक दूसरे से दोबारा

मिलकर बहुत खुश होते हैं और एक दूसरे से

अपने प्यार का इजहार करते हैं अब तक बेला

भी वहां आ जाती है फिर घर के अंदर जाकर

बेला अपनी दोनों बेटियों से कहती है कि

मैंने कभी तुम लोगों को यह सच नहीं बताया

कि युद्ध में जाने के बाद एक एक पत्र आया

था जिसमें लिखा था कि तुम्हारे पिता शहीद

हो गए हैं यह सुनकर रोजी और जूलिया कहती

हैं कि आपने ये इसलिए किया ताकि हमें दुख

ना पहुंचे उसकी मां कहती है हां अगले सीन

में बाकी बनों को दिखाया जाता है जो एक

बर्तन के पानी में जादू से बेला के घर पर

घटने वाली सारी घटनाएं देख रहे होते हैं

उनमें से एक बौना कहता है हमारे सरदार ने

गलती कर दी पर हम दूसरा तरीका अपनाएंगे

उधर महल में राजकुमार और जूलिया की शादी

हो जाती है वहीं पर एक दूसरा राजकुमार भी

आया हुआ होता है रोजी को पसंद आ जाता है

तो रोजी अपने परिवार से आज्ञा लेकर उस

राजकुमार के साथ घर बसा लेती है इस तरह ये

फैंटेसी स्टोरी यहीं खत्म हो जाती है अगर

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