All language subtitles for [Hindi (auto-generated)] Journey to Magic Mountain _ Movie Explained in Hindi_Urdu _ Fantasy Adventure Movie [DownSub.com]

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Original subtitles

दोस्तों इस वीडियो में आप देखेंगे एक

फैंटेसी एडवेंचर मूवी की कहानी यूरोप की

लोक कथाओं पर आधारित इस फिल्म की कहानी

काफी मजेदार है जिसे आप पूरे परिवार के

साथ देख सकते हैं इसलिए वीडियो को पूरा

आखिरी तक जरूर देखें अब कहानी शुरू करते

हैं फिल्म की शुरुआत में कई सालों पहले एक

राजा का महल दिखाया जाता है जहां राजा की

मां महल के सलाहकार को एक बच्चा सौंपते

हुए कहती है कि इसे जंगल में ले जाकर मार

डालो सलाहकार कहता है पर यह तो अभी-अभी

पैदा हुआ है राजा की मां कहती है जैसा मैं

कहती हूं वैसा ही करो और इस बारे में किसी

को कुछ पता नहीं चलना चाहिए यहां तक कि

राजा को भी नहीं राजा की मां के आदेश से

मजबूर सलाहकार बच्चे को लेकर जंगल में

जाता है पर वह उसे मारने की बजाय एक टोकरी

में रखकर नदी में छोड़ देता है नदी की

धारा में बहती हुई वो टोकरी वहां से कुछ

दूर एक माली के घर के पास पहुंच जाती है

बच्ची की आवाज सुनकर मालिन नदी से टोकरी

सहित बच्ची को उठा लेती है और अपने पति से

कहती है इस नदी से पहले हमें दो लड़के

मिले और अब ये लड़की भगवान के आशीर्वाद से

हम इसको भी पा लेंगे और इसका नाम लीना

रखेंगे इसके बाद 12 साल बाद का वक्त

दिखाया जाता है लीना अब 12 साल की हो चुकी

होती है वह घर के पास नदी के पास उसी जगह

पर पानी भरने आती है जहां से उसे मालिन ने

उठाया था तभी माली का बड़ा बेटा यानी लीना

का भाई पीटर वहां आता है और उससे कहता है

कि हमें फूल लगाने के लिए क्यारी तैयार

करनी है तो लीना उसे अपने हाथ से बनाया

हुआ काठ का खिलौना दिखाती है इसके बाद

दोनों वहां से अपने घर के पास जाते हैं

जहां पीटर लकड़ियां काटने लगता है और ली

ना फूल लगाने के लिए क्यारी तैयार करने

लगती है वहीं पर इनका तीसरा भाई सैम भी

पेड़ पर बैठा होता है वह इन दोनों पर

गुलेल से निशाना लगाकर इन्हें छेड़ रहा

होता है इन तीनों को माली और मालिन ने नदी

से गोद लिया था पर वो इन्हें अपने सगे

बच्चों से ज्यादा प्यार करते थे और तीनों

भाई-बहनों में भी आपस में काफी प्रेम था

लीना रोज नदी के किनारों पर अकेले खेलने

जाया करती थी एक दिन उसे नदी के किनारे दो

कुत्ते दिखते हैं तो वो उनके साथ खेलने

लगती है ये कुत्ते राजा एलेग्जेंडर के थे

जो वहीं नदी के पास उदास बैठ खे हुए थे

लीना को देखकर उन्हें अपनी मरी हुई पत्नी

की याद आ जाती है जिसे पहली बार वह इसी

नदी के किनारे मिले थे इसी बीच लीना राजा

एलेग्जेंडर के पास आती है और उनके हाथों

में काठ का खिलौना देखकर उनसे पूछती है कि

क्या यह आपने बनाए हैं राजा कहते हैं नहीं

यह लकड़ी का खिलौना मेरी पत्नी ने बनाया

था पर अब वो इस दुनिया में नहीं है लीना

कहती है मैं भी ऐसे ही लकड़ी के खिलौने

बना लेती हूं यह कहकर वो लकड़ी का एक

घोड़ा बनाकर राजा को दे देती है और फिर

अपने घर लौट जाती है घर पर उसके मां-बाप

उन सभी भाई-बहनों के लिए खाना परोस हैं

इधर राजा भी अपने महल में वापस लौट आता है

वहां जब राजा का सलाहकार उन्हें और उनकी

मां को खाना परोस रहा होता है तभी राजा

कहते हैं कि आज मुझे एक लड़की मिली थी जो

मेरी पत्नी हेलेना जैसे ही काट के खिलौने

बना लेती है और उसका बात करने का तरीका भी

वैसा ही था यह सुनकर उनकी मां चौक जाती है

और राजा से पूछती है कि वो लड़की तुम्हें

कहां मिली थी तो राजा कहते हैं नदी के

किनारे इसके तुरंत बाद राजा की मां बिना

राजा को बताए सलाहकार के साथ एक बग्गी में

बैठकर उस लड़की को ढूंढने निकल पड़ती है

तो थोड़ी देर नदी के किनारों पर चलने के

बाद वह अपनी बग्गी माली के घर के सामने

रुकती है और बग्गी से बाहर झांक कर माली

के परिवार को देखती है जिसमें उसके तीनों

बच्चे भी होते हैं उन्हें देखकर राजा की

मां को झटका लगता है और वो वापस महल आकर

सलाहकार से अकेले में पूछती हैं कि मैंने

जिन बच्चों को तुम्हें मार डालने के लिए

दिया था उनका तुमने क्या किया सलाहकार

कहता है कि मैंने उन्हें मारने की बजाय एक

टोकरी में रखकर नदी में डाल दिया था यह

सुनकर राजा की मां उस पर नाराज होते हुए

कहती हैं कि तुम्हारी गलती का नतीजा है कि

वो बच्चे ी से हैं और जिंदा हैं अगर राजा

को पता चल गया तो मेरे सब किए कराए पर

पानी फिर जाएगा सलाहकार कहता है तो अब आप

क्या चाहती हैं राजा की मां कहती है उन

बच्चों को मरना ही होगा पर इस बार यह काम

मैं अपने तरीके से करूंगी अगले दिन जब

लीना अपने घर के बाहर बत्तख को अकेले चारा

डाल रही होती है तभी राजा की मां गांव की

औरतों के कपड़े पहनकर लीना के घर के नजदीक

जाकर बैठ जाती है और कराने का नाटक करने

लगती है जिसे सुनकर लीना उनके पास जाती है

राजा की मां उससे कहती हैं कि मैं दूर के

गांव में रहती हूं और थक गई हूं लीना दिल

की अच्छी होती है इसलिए वह उनका झूठ नहीं

समझ पाती और वो उनके पांव दबाने लगती है

इस दौरान राजा की मां चालाकी से पूछती है

कि क्या तुम बचपन से यहीं रहती हो लीना

कहती है हां मेरी मां ने मुझे इसी नदी से

उठाकर गोद लिया था राजा की मां पूछती है

और तुम्हारी बाकी के दोनों भाई लीना कहती

है वो भी मां को इसी नदी से मिले थे अब

राजा की मां उससे कहती है कि क्या तुम्हें

कभी यह जानने की इच्छा नहीं होती कि तुम

लोगों के असली माता-पिता कौन है लीना कहती

है नहीं क्योंकि क्योंकि जिस मां-बाप ने

हमें पाला पोसा वह हमें इतना प्यार करते

हैं कि हमें कभी यह जानने की जरूरत ही

नहीं महसूस हुई इस पर राजा की मां कहती है

कि अगर कभी तुम और तुम्हारे भाई अपने असली

माता-पिता के बारे में जानना चाहे तो

जादुई पहाड़ पर रहने वाली ज्ञानी चिड़िया

तुम्हें सब बता सकती है लीना कहती है पर

वो तो यहां से काफी दूर है और उतने बड़े

पहाड़ पर ज्ञानी चिड़िया कहां मिलेगी

बुढ़िया कहती है उस पहाड़ पर एक सुनहरे

पत्तों वाला पेड़ और एक जादुई झरने का

पानी है अगर तुम उपहार के तौर पर ये दोनों

चीजें ज्ञानी चिड़िया को दोगी तो वो

तुम्हें तुम्हारे सा सारे सवालों का जवाब

दे देगी इसके बाद राजा की मां वहां से

वापस लौट जाती है दरअसल वो लीना और उसके

भाइयों को मारना चाहती है इसलिए उसने लीना

को जादुई पहाड़ पर भेजने के लिए चाल चली

थी क्योंकि वह रहस्यमय पहाड़ खतरों से भरा

था पर भोली भाली लीना बुढ़िया की षड्यंत्र

से अनजान होती है रात में वो अपने दोनों

भाइयों से कहती है आज मुझे एक औरत से पता

चला है कि जादुई पहाड़ पर एक ज्ञानी

चिड़िया रहती है जिससे हमें अपनी असली

माता-पिता का पता चल सकता है इस पर उसका

बड़ा भाई पीटर और उसका छोटा भाई सैम उससे

कहते हैं कि अगर हमारे असली माता-पिता को

हमारी इतनी ही परवाह होती तो वो हमें पैदा

होते ही नदी में क्यों फेंक देते इसलिए सो

जाओ सुबह जब लीना अपने माता-पिता और

भाइयों के साथ खाना खा रही होती है तब

पीटर सबसे कहता है कि मैं जंगल से

लकड़ियां लाने जा रहा हूं मुझे कुछ वक्त

लगेगा फिर वो घर से बाहर निकल जाता है तो

लीना भी बाहर उसके पास जाती है और उससे

कहती है कि तुम जादुई पहाड़ पर जा रहे हो

ना पीटर कहता है हां पर यहां किसी को मत

बताना मैं शाम तक लौट आऊंगा इस पर लीना

कहती है ज्ञानी पक्षी के लिए पहाड़ से

जादुई झरने का का पानी और सुनहरे पेड़ का

फल ले जाना मत भूलना पीटर कहता है ठीक है

इसके बाद पीटर वहां से निकल पड़ता है और

जंगल के रास्ते आगे बढ़ता है काफी देर

चलने के बाद आखिरकार वह जादुई पहाड़ के

सामने पहुंच जाता है पहाड़ के अंदर जाने

के लिए गुफा के आकार का एक द्वार होता है

उस द्वार के सामने एक अदृश्य जादुई दीवार

होती है पर पीटर उसे पार करके दूसरी तरफ

चला जाता है जहां एक खुले मैदान में उसे

सुनहरे फल वाला पेड़ दिखता है पीटर उस

पेड़ के करीब जाता है वहां पड़े हुए पत्थर

पर खड़ी एक बिल्ली उसे इशारे से कुछ बताने

की कोशिश करती है पर पीटर उस पर ध्यान

नहीं देता और उसे अपने पास से हटा देता है

इसके बाद वह सुनहरा फल तोड़ने के लिए उस

पेड़ पर चढ़ जाता है पर फल सबसे ऊंची शाखा

पर होता है इसलिए जैसे ही पीटर और ऊंचाई

पर चढ़ने की कोशिश करता है उसका हाथ फिसल

जाता है और वह पेड़ से नीचे गिर जाता है

आश्चर्य की बात यह होती है कि नीचे गिरते

ही वह पत्थर का बन जाता है उधर उसके

भाई-बहन घर पर उसका इंतजार कर रहे होते

हैं पर जब रात होने पर भी पीटर नहीं लौटता

तो उसके माता-पिता को उसकी चिंता होने

लगती है लीना और उसका छोटा भाई भी पीटर के

ना लौटने से परेशान होते हैं इसलिए लीना

अपने माता-पिता से सच बताते हुए कहती है

कि पीटर जादुई पहाड़ पर ज्ञानी चिड़िया के

पास गया है ताकि वह उससे हमारे असली

माता-पिता के बारे में पूछ सके यह सुनकर

माल और मालिन चौक जाते हैं और कहते हैं कि

क्या तुम लोगों को पता नहीं है कि जो भी

वहां जाता है कभी वापस नहीं लौटता और तुम

लोगों ने हमसे एक बार भी पूछना जरूरी नहीं

समझा लीना कहती है हमें माफ कर दीजिए माली

कहता है तुम अपनी मां के साथ यहीं रुको

मैं और सैम पीटर को ढूंढने जाएंगी इसके

बाद माली और सैम रात में ही पीटर को

ढूंढने निकल पड़ते हैं चलते-चलते सुबह हो

जाती है और ये दोनों जादुई पहाड़ के द्वार

तक पहुंच जाते हैं माली सैम से वहीं रुकने

को कहकर द्वार के जरिए पहाड़ के अंदर जाने

लगता है पर द्वार पर अदृश्य दीवार होने की

वजह से वह उसके अंदर नहीं जा पाता आश्चर्य

की बात यह होती है कि सयम उस अदृश्य जादुई

दीवार के पार चला जाता है यह देखकर उसका

बाप काफी हैरान रह जाता है और वह पूरी

ताकत लगाकर अदृश्य दीवार के पार जाने की

कोशिश करने लगता है पर हर बार वो दीवार

उसे पीछे ढकेल देती है उधर सैम दूसरी तरफ

उस मैदान में पहुंच जाता है जहां सुनहरे

फल वाला वो पेड़ होता है वो उस पेड़ के

पास जाता है तो पत्थर बने पीटर के ऊपर

बैठी बिल्ली उसे भी कुछ बताने की कोशिश

करती है पर सैम भी उस पर ध्यान नहीं देता

और उसको भगा देता है इसके बाद वो गुलेल से

सुनहरे फल तोड़ता है और उसे लेकर वहां से

आगे बढ़ता है कुछ दूर चलने के बाद उसे भी

जादुई झरने वाला पहाड़ दिखता है वहां एक

बाज मंडरा रहा होता है वो भी सैम को इशारे

से कुछ बताने की कोशिश करता है पर सैम

उसको डांट देता है और जादुई पानी लेने के

लिए ऊपर पहाड़ पर चढ़ने लगता है पहाड़

काफी ऊंचाई पर होता है इस दौरान जैसे ही

सैम आधी ऊंचाई पर पहुंचता है उसका पैर

फिसल जाता है और वह नीचे गिर जाता है

हैरानी की बात यह होती है कि नीचे गिरते

ही वह भी पत्थर का बन जाता है दूसरी ओर

राजा लीना से मिलने उसके घर जाते हैं पर

वहां कोई नहीं होता क्योंकि लीना और उसकी

मां पीटर को ढूंढते हुए जादुई पहाड़ पर आ

चुकी होती हैं यहां उन्हें माली मिलता है

जो अंदर ना जा पाने की वजह जैसे निराश

होकर गुफा के द्वार के पास ही बैठा होता

है वह अपनी पत्नी और लीना से बताता है कि

पहाड़ी के अंदर जाने वाले द्वार पर एक

अदृश्य जादुई द्वार है जिसकी वजह से मैं

तो उसके अंदर नहीं जा पाया पर सैम उसके

अंदर चला गया पता नहीं वो दोनों किस हाल

में होंगे यह सुनकर लीना उस अदृष दीवार के

पार जाने की कोशिश करती है हैरानी की बात

यह होती है कि वह भी दीवार के उस पार चली

जाती है वहां वह भी सुनहरे पेड़ के पास

जाती है तो बिल्ली उसके पास भी आती है

लीना उसे भगाने की बजाय उसे दुलार नहीं

लगती है और उसे पूछती है कि क्या तुमने दो

लड़कों को देखा है वो दोनों मेरे भाई हैं

तो बिल्ली उसे पत्थर की ओर इशारा करती है

लीना समझ जाती है कि पीटर पत्थर बन गया है

लेकिन लीना पेड़ पर नहीं चढ़ पाती थी

इसलिए वह बिल्ली से सुनहरा फल तोड़ने में

उसकी मदद करने को कहती है तो बिल्ली पेड़

पर चढ़कर उसके लिए सुनहरा फल तोड़ लाती है

अब लीना उसे दुलार कर वहां से आगे बढ़ती

है और चलते-चलते जादुई झरने वाले पानी के

पास पहुंच जाती है लेकिन वह झरना ऊंची

पहाड़ी पर होता है जहां एक बाज मंडरा रहा

होता है लीना उसे प्यार से अपने पास

बुलाती है और उससे पूछती है कि क्या तुमने

किसी लड़के को यहां देखा है तो बाज पत्थर

बने सैम के ऊपर बैठ जाता है अब लीना फिर

समझ जाती है कि उसका दूसरा भाई यहां पत्थर

बन चुका है इसलिए वह बाज से झरने का जल

लाने की प्रार्थना करती है और कहती है कि

अगर मैं ऊपर से गिरी तो मैं भी पत्थर की

बन जाऊंगी बाज उसकी बात मान लेता है और

उसकी बोतल लेकर ऊपर से जादुई जल ले आता है

लीना उसे धन्यवाद देती है और वहां से आगे

बढ़ती है अगले सीन में महल में राजा

एलेग्जेंडर को दिखाया जाता है जहां उनकी

मां उनसे से कहती है कि पड़ोस के राजा

तुमसे अपनी बेटी की शादी करना चाहते हैं

इसलिए तुम तैयारी शुरू कर दो राजा कहता है

मेरी पत्नी को मरे हुए 12 साल हो गए हैं

और मैं अब भी उसी से प्यार करता हूं अगर

इतने सालों में मैंने दूसरी शादी नहीं की

तो आपको क्यों लगता है कि मैं अब दूसरी

शादी करूंगा इस पर उसकी मां कहती है कि कब

तक तुम अपनी पहली पत्नी की याद में दुखी

होकर अपनी आगे की जिंदगी बर्बाद करोगे

जिसे जाना था वोह तो चला गया अब तुम अपने

आगे के वंश के बारे में सोचो यह सुनकर

राजा अपनी मां पर भड़क जाता है और कहता है

कि व एक कि की बेटी थी इसलिए आपने उसे कभी

भी अपने बहू के रूप में स्वीकार नहीं किया

और अब आपको मेरी फिक्र हो रही है मैं किसी

से शादी नहीं करूंगा इधर जादुई पहाड़ पर

आगे बढ़ रही लीना एक ऐसे पेड़ के पास

पहुंचती है जिस पर कई सारे पक्षी बैठे हुए

होते हैं तो वोह उन पक्षियों से पूछती है

कि तुम में से ज्ञानी पक्षी कौन है सारे

पक्षी कहते हैं कि मैं हूं ज्ञानी चिड़िया

यह सुनकर लीना कंफ्यूज हो जाती है और उनसे

कहती है कि ज्ञानी पक्षी हमेशा सच बोलता

है और तुम सब खुद को ज्ञानी पक्षी कह रहे

हो इसका मतलब यह है कि तुम सब झूठ बोल रहे

हो हो इसलिए तुम में से कोई भी ज्ञानी

चिड़िया नहीं हो सकता तभी बगल के पेड़ पर

उसे एक अकेला बैठा हुआ पक्षी दिखता है

लीना उससे कहती है कि क्या तुम हो ज्ञानी

पक्षी वो कहता है कि हां तुम काफी चतुर हो

और तुम्हारा अनुमान भी सही है तो लीना उसे

उपहार के तौर पर सुनहरे पेड़ का फल और

जादुई झरने का पानी पीने को देती है इससे

ज्ञानी पक्षी खुश हो जाता है अब लीना उससे

पूछती है कि मेरे दोनों भाई पत्थर बन गए

हैं वो कैसे ठीक होंगे तो ज्ञानी पक्षी

कहता है कि तुम्हारी बोतल में जो जादुई

झरने का जल है उसे उस पत्थर पर छिड़ रखने

से वो दोनों फिर से इंसान बन सकते हैं यह

सुनकर जादुई जल भरी बोतल लेकर लीना जल्दी

से झरने वाली पहाड़ी के पास जाती है और

वहां बाज के बताए हुए पत्थर पर जादुई जल

छिड़क देती है जिससे स्वयं फिर से इंसान

बन जाता है इसके बाद ये दोनों चिड़िया के

साथ सुनहरे पेड़ के पास जाते हैं वहां

लीना बिल्ली के बताए हुए पत्थर पर जल

छिड़क है जिससे पीटर भी इंसान बन जाता है

पीटर अपनी बहन से कहता है कि आखिर तुमने

कर दिखाया फिर तीनों भाई ज्ञानी चिड़िया

से पूछते हैं कि हमारे असली मां-बाप कौन

हैं चिड़िया कुछ देर सो पूछने के बाद

बताती है कि तुम्हारे असली माता-पिता राजा

एलेग्जेंडर और उनकी पत्नी हैं अब लीना

उससे पूछती है कि पर उन्होंने हमें पैदा

होते ही फेंक क्यों दिया ज्ञानी चिड़िया

कहती है तुम्हें तुम्हारे माता-पिता ने

नहीं तुम्हारी दादी ने फिंक वाया था उनकी

योजना तुम लोगों को मार डालने की थी यह

सुनकर तीनों बहुत हैरान होते हैं और

चिड़िया से पूछते हैं कि ऐसा गिरा हुआ काम

क्यों किया उन्होंने तो चिड़िया कहती है

राजा एलेग्जेंडर को एक किसान लड़की यानी

तुम्हारी मां से प्यार हो गया था दोनों एक

दूसरे से बहुत प्यार करते थे और राजा ने

अपनी मर्जी के खिलाफ जाक कर तुम तीनों की

मां से शादी कर ली थी इस बात से तुम्हारी

दादी बहुत नाराज थी क्योंकि वह राजा की

शादी किसी राजकुमारी से करना चाहती थी

इसलिए तुम्हारी मां को रास्ते से हटाने के

लिए उन्होंने एक प्लान बनाया और जैसे ही

तुम लोगों का जन्म हुआ तुम्हारी दादी ने

अपने आदमी से तुम लोगों को जंगल में ले

जाकर मार डालने को कहा उन्होंने एक भी बार

राजा और रानी को यह नहीं पता चलने दिया कि

तुम तीनों में से कोई भी जिंदा बचा है हर

बार वह राजा रानी से यही बताती रही कि

बच्चे पैदा होते ही मर गए जिससे रानी बहुत

दुखी रहने लगी यह सुनकर लीना कहती है तो

क्या इसी दुख से हमारी मां मर गई चिड़िया

कहती है नहीं वो मरी नहीं जिंदा है यह

सुनकर लीना चिड़िया से कहती है कि राजा ने

मुझसे कहा था कि रानी मर गई इस पर चिड़िया

कहती है उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि

उन्हें भी नहीं पता कि रानी जिंदा है राजा

को उनकी मां ने कुचली हुई लाश दिखाकर

बताया था कि रानी मर गई है यह सब जानने के

बाद लीना अपने दोनों भाइयों के साथ राजा

को सच बताने के लिए जाने लगती है चिड़िया

कहती है अभी मेरी बात पूरी नहीं हुई है

अभी तुम लोगों को एक और राजत जानना बाकी

है लेकिन ये तीनों जल्दी में चिड़िया की

पूरी बात सुने बिना ही दीवार के जरिए

पहाड़ से बाहर आ जाते हैं वहां मालि और

मालिन बच्चों का इंतजार कर रहे होते हैं

और बच्चों को सही सलामत बाहर देखकर दोनों

खुश हो जाते हैं लीना अपने मां-बाप से

कहती है कि ज्ञानी चिड़िया ने हमें बताया

है कि राजा एलेग्जेंडर और रानी ही हमारे

असली माता-पिता हैं और उसने यह भी कहा है

कि रानी अभी जिंदा है इसलिए यह बात हमें

जल्दी से जल्दी राजा तक पहुंचा होगी माली

और मालिन बच्चों की इस बात से सहमत हो

जाते हैं उधर राजमहल में राजा की मां अभी

भी राजा की दूसरी शादी करने की जिद पराड़ी

होती है पर राजा उन्हें फिर से मना कर

देता है इधर एक घोड़ा गाड़ी में बैठकर

माली और उसका परिवार राजमहल के लिए निकलता

है और कुछ ही देर बाद ये सभी लोग राजा

एलेग्जेंडर के महल तक पहुंच जाते हैं वहां

माली और मालिन बाहर रुकते हैं जबकि तीनों

बच्चे महल के अंदर जाते हैं सलाहकार उन

तीनों बच्चों को देखकर उनसे माफी मांगते

हुए कहता है कि मैं आप तीनों का गुनहगार

हूं फिर वह बच्चों को राजा के पास ले जाता

है तीनों को महल में देखकर राजा की मां

घबरा जाती है और कहती है कि तुम गरीबों को

इस महल के अंदर किसने आने दिया पर राजा

उन्हें टोक हुए लीना से पूछता है कि क्या

बात है लीना कहती है कि हम तीनों आप ही के

बच्चे हैं इस पर बुढ़िया कहती है कि ये

बच्चे झूठ बोल रहे हैं तो लीना कहती है

हमें जादुई पहाड़ की ज्ञानी चिड़िया ने सच

बता दिया है आपकी मां ने ही हम लोगों को

फिर से मारने के लिए जादुई पहाड़ पर भेजा

था पर हम तीनों फिर से बच गए ये सुनकर

राजा अपनी मां पर भड़क जाता है और अपनी

मां से कहता है डायन भी एक घर छोड़कर वार

करती है और आप इतना गिर जाएंगी मुझे ऐसी

उम्मीद नहीं थी फिर लीना राजा से ये भी

बताती है कि चिड़िया ने कहा है कि रानी

मां अभी जिंदा है ये सुनकर राजा अपनी मां

से पूछता है कि मेरी पत्नी कहां है है तो

उसकी मां कहती है तुम्हारी पत्नी को

रास्ते से हटाने के लिए मैंने उसे कहा था

कि तुम शापित हो इसलिए ही तुम्हारे बच्चे

पैदा होते ही मर जाते हैं अगर तुम जादुई

पहाड़ से सुनहरा फूल और जादुई फल ले आओ तो

तुम्हारा श्राप दूर हो जाएगा मेरी योजना

काम कर गई और वह जादुई पहाड़ पर गई और फिर

कभी वापस नहीं लौटी तो राजा कहता है

इसीलिए आपने मुझे यकीन दिलाने के लिए

कुचली हुई लाश दिखाई और कहा कि रानी मर गई

है मैंने आंखें बंद करके आप पर भरोसा किया

और यही मेरी गलती है इसके बाद राजा

सिपाहियों से अपनी मां को जेल में डाल ने

को कहता है और फिर बच्चों के साथ सुनहरे

पेड़ के पास बैठी ज्ञानी चिड़िया के पास

जाता है राजा उसे पूछता है कि मेरी पत्नी

कहां है तो चिड़िया एक पत्थर पर बैठकर उसे

बताती हैं कि यही है रानी अब लीना उस

पत्थर पर भी जादू जल छिड़क है जिससे रानी

भी इंसान बन जाती है रानी को वापस पाकर

राजा बहुत खुश होते हैं और कहते हैं कि 12

साल से मेरा दिल कहता था कि मैं तुम्हें

जरूर मिलूंगा अब राजा उन्हें अपने बच्चों

से मिलवा है उधर राजा की मां को जेल में

डाल दिया जाता है और इधर सभी बच्चे और

राजा रानी माली के घर जाते हैं बच्चे उनसे

कहते हैं कि आप आपको लगा था कि हम आपको

भूल जाएंगे क्या राजा और रानी भी माली और

मालिन का शुक्रिया अदा करते हैं और कहते

हैं कि आपने हमारे बच्चों को पाल पुसकर हम

पर जो उपकार किया है उसका कर्ज हम पूरी

जिंदगी नहीं उतार पाएंगे इसलिए आप लोगों

को अब से हमारे साथ महल में रहना होगा

राजा और बच्चों के आग्रह पर माली और मालिन

इस बात के लिए राजी हो जाते हैं इसके बाद

जब वो लोग वहां खाना खा रहे होते हैं तो

रानी सबको बताती है कि एक शाप की वजह से

सिर्फ राजा और उसके खानदान के लोग ही

जादुई पहाड़ के अंदर जा सकते हैं इस तरह

ये फैंटेसी फिल्म यही खत्म हो जाती है अगर

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