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[संगीत]
[संगीत]
शंकर
शंकर हां
मालिक प्रोफेसर अभी तक नहीं आया
बस मालिक आते ही
होंगे यह कैसा शाप है हम
पर हमारी हवेली
पर हमारा पूरा खानदान मिट गया और आज मैं
भी मेरे बच्चे का क्या
होगा
प्रोफेसर
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
प्रेसर ठकुर ठकुर मे दोस्त ये क्या देख
रहा हूं ठाकुर ये ये
हवेली यह हवेली नहीं नर्क है प्रोफेसर
नर्क इस नर्क में मैंने अपनी बीवी को तड़प
तड़प कर मरते हुए देखा है यह क्या राज
है यह राज नहीं प्रोफेसर बद दवा
शराब इस हवेली पर इस खानदान पर
[संगीत]
बददुआ
शराब
ये
उस दिन की बात
[संगीत]
है
[संगीत]
जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा
क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा
[संगीत]
धीरज रखो घबराओ नहीं ये बताओ कि क्या हुआ
नदी का पानी हमारे खेतों को ना मिल सके
इसलिए ठाकुर ने एक बान बांध दिया
धर्मा ठाकुर का हुक्म था कि काली को भेड़
चढ़ाने के लिए हर किसान 20 20 मन गेहूं इस
पाखंडी पुजारी को दे क्या काली माता इतनी
भूखी है कि इन गरीबों की थाली में से रोटी
उठाकर खाएगी बच्चों के मुंह से निवाले
छीने गी
नहीं अब और अत्याचार नहीं सहा जाएगा बन
तोड़ दिया
जाएगा बान तोड़ दिया हा अब आपका सर टूटेगा
य मैं नहीं कह रहा सरकार वो कह रहा था
पिताजी
आ राम राम राम कहता था आप असली राजपूत की
औलाद नहीं है महागुरु ठाकुर साहब की शान
में यह गुस्ताखी ये मैं नहीं कह रहा
ठाकुरान वो कह रहा
था कहां है यह
[हंसी]
[संगीत]
धर्मा आइए आइए सरकार आइए
आइए
र यहां
च ठकुर
काकल अगर तूने मेरी मां पे हाथ उठाया तो
मैं तेरा खून पी जाऊंगा नहीं मेरे बेटे
नहीं लमा बाहर
निकलो धर्मा मैं कहता हूं बाहर निकलो जाओ
उसे खेंच के बाहर लाओ
नहीं मैं काली माता के चरणों में बैठा
हूं है किसी में इतनी शक्ति
जो मुझे मेरी मां के चरणों से
उठाए ऐसे नहीं मानेगा
सरकार कैसे बाहर नहीं
[संगीत]
आता
भया
भया
अरे ठाकुर भगवान तुझे बर्बाद कर दे त
बर्बाद हो जाए भगवान इसने दुखिया मा का
दिल दुखाया है इसने मेरी प को जलाया है
भगवान इसे कभी शांति ना देना कभी नहीं जिस
तरह तूने मेरे बेटे को खाक में मिला दिया
है मेरी बददुआ है
ठकुर तेरा खानदान भी इसी तरह थ में मिल
जाएगा मेरी बददुआ है y
[संगीत]
मे सब कुछ खत्म हो गया प्रोफेसर एक माह के
शाप इस हस्ती जगमगाती हवेली
को वीराम कब्रस्तान बना दिया बोलो ठाकुर
मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूं
प्रोफेसर बंबई में मेरा एक दोस्त है वकील
कृष्ण
प्रसाद तुम सूरज को उसके पास पहुंचा दो और
तुम
ठाकुर वक्त बहुत कम है प्रोफेसर प्रेसर इस
ले जाओ म मैं ड़ कर नहीं जा सकता प्रेस
जाओ बहु है
[संगीत]
आ
प्र मत आ र है
प्र
m
[संगीत]
m
भ
[संगीत]
[संगीत]
है
[संगीत]
[संगीत]
18 साल गुजर चुके हैं
मालिक हर साल जब आप इन तस्वीरों को देखते
हैं उदास हो जाते हैं शंभू मैं जाने क्यों
आज मेरे प्यारे दोस्त ठाकुर प्रताप सिंह
की बहुत याद आ रही है मैं समझता हूं मालिक
मैं समझता
हूं ठाकुर साहब आपके बहुत करीबी दोस्त थे
लेकिन लेकिन मैंने भी उस घर का नमक खाया
है
मालिक ना जाने कैसा शाप है कैसी बददुआ है
उस हवेली को जो भी उसम जाता है मौत के बर
हम हाथ उसका गला घूट देते
हैं पहले बेचारी ठकुराइन और फिर ठाकुर
साहब बस अब तो बाकी है उस खानदान का रे
चिराग बेटा सूरज अच्छा किया जो तुम उसे
यहां ले आए लेकिन मालिक ना जाने क्यों
डरसा लगा रहता है किसी दिन सूरज को उस
हवेली का राज ना मालूम हो जाए वो मुझसे वो
मुझसे अक्सर उस हवेली का पता पूछा करता
हैट करता है मालिक
शंभू चाहे तुम्हारी जान ही क्यों ना चली
जाए लेकिन ये राज तुम्हारे सीने में कब्र
की तरह दफन ऐसा ही होगा
मालिक ऐसा ही होगा
काश मेरा प्यारा दोस्त ठाकुर प्रताप सिंह
जिंदा
होता तो देखता कि उसका बेटा
सूरज कितना जवान हो गया
[संगीत]
है
[संगीत]
हा जन्मदिन मुबारक हो रचना ये मुबारक बाद
तु मुझे सातवी बार दे चुकी हो मैं तो
चाहती हूं जुबली हो जाए लगता है मेरे पैदा
होने की खुशी सबसे ज्यादा तुम्हें कोई शक
है तुम्हें नहीं साहब बिल्कुल नहीं मेरी
क्या मजाल की आप पर शक कर
सकू
सुनो आज रा तुम्हे डैडी ने खाने पर बुलाया
है अगर तुम आओगे तो बहुत खुश
होंगे और
तुम मैं भी अगर आप खाने के बाद घर में जाए
तो और फुट पाथ जा म छोड़ो
ना हा एक आइडिया है क्या
है तुम ज्यादा पी लेना तुम चढ़ जाएगी और
फिर तुम्हे डी खुद जाने नहीं देंगे बस बात
[संगीत]
खत्म और अगर ज्यादा पीने के बाद भी ना
चड़ी
तो इंतजाम है मेरे पास क्या है तुम्हारे
पिताजी के दौलत में से मैंने आधी रकम के
शेयर खरीद लिए हैं हम अब उनमें काफी
मुनाफा भी हुआ है हम और क्योंकि तुम्हारी
तालीम पूरी हो चुकी है मैं चाहता हूं यह
कारोबार तुम संभाल लो नहीं नहीं क्यों यस
यस अंकल यस यस बेटी मैंने जो कुछ भी कहा
तुमने सुना यस यस यस यस यस व्हाट अंकल इट
री
[संगीत]
इंगरी अरे बेटे तुम्हारा गलास खाली
ओ क्या बात करता है आज तुम्हारा जन्मन
[संगीत]
है क्या हु अंकल क्या हुआ पापा मुझे ऐसा
महसूस हुआ जैसे मेरे पांव के ऊपर कोई चुआ
चल रहा हो नहीं अंकल चुआ नहीं जरूर चई
होगी
[संगीत]
चई अभी तक कबूतर बना बैठा है च नहीं अभी
बनाती हूं
उलू क्या बात है शंभू
[संगीत]
काका सरज बेटा कल ऑफिस में आके जरा अकाउंट
तो देख लो कैसी बातें करते हैं अंकल आपने
तो मुझे अपने बेटे की तरह पाला है थैंक यू
ठेलो ठहरो पापा क्या हुआ सब उल्टा हो
जाएगा उल्टा हो जाएगा क्या उल्टा हो जाएगा
ये आपके हिसाब से और ये इनके हिसाब
से बेटी तुम्हारा हिसाब किताब मेरी समझ
में आज तक नहीं आया ओके यंग मैन चेयर्स च
बॉटम अप बॉटम
अप
[हंसी]
[संगीत]
ओके गुड नाइट अंकल बेटी मैं यहां
[हंसी]
हूं लगता है आज काफी हो गई मेरा ख्याल है
आज तुम यही सो जाओ बेटे नहीं नहीं नहीं
नहीं अंकल मैं टैक्सी में चला जाऊंगा
टैक्सी क्यों ये भी तो तुम्हारा अपना ना
यस पापा सूरज को ऊपर वाले कमरे में ले
जाकर सुला दो जाओ बेटे
जाओ रचना हमें बहुत चढ़ गई है हम घर जाते
[संगीत]
चलो
डैडी के सोते ही मैं तुम्हारे पास आऊंगी
और अगर तुम्हें सोता हुआ देखा तो राम कसम
बिू छोड़ दूंगी तुम्हारे चद्दर में अरे ये
क्या कर रहे हो यह कौन बोल रहा है भूत
नहीं
तुम्हारी तुम अभी तक यही हो बुद्धू कहेंगे
सोना
नहीं स्वीट ड्रीम्स पापा
मतलबी खुदगर्ज सो
गए अभी उतारती हूं तुम्हारी
खाल
एक दो
तीन
हराम इतना मारने के बाद भी नहीं है
ना गलती तो मेरी थी एक गोली देनी थी चार
दे
दी तुम तो हंस रहे हो देखो मेरा दिल कितना
धड़क रहा है
रियली अरे बाप
रे यहां तो जोरों से तबले बज रहे हैं
आओ शरारती कहीं
के अभी नहीं तो फिर कब शादी के बाद और अब
अब बाहर
चलो बाहर
[संगीत]
चलो
[संगीत]
सूरज मैं कैसे लग रही हूं मैम साहब एक बात
पूछो आप दिन में कितने बार कपड़े बदलती
है आपने कुछ कहा मुझसे
[संगीत]
सूरज पापा ने दरवाजा बंद कर
दिया मर गए तेरे बाप ने लटका दिया वो मेरे
कमरे में जाएंगे और मैं वहां पे नहीं हूं
और जब मेरी तलाशी होगी पता लगेगा साप
बहादुर लापता है सुर जा चप कुछ सोच दे दे
जल्दी
सोचो
हां चढ़ नहीं पहले तुम
चढो चढो मुझे डर लगता
[संगीत]
चलो
[संगीत]
आ आ र संभल
के जान बची लाखों पाय लौट के बुद्धू घर को
आए हम आए आप नहीं आए आपका कमरा उधर है
जनाब अच्छा
तो जनाब ये चिड़िया घर आपका है ओ फूट भी
पपा फिर
नाट क दे रही हो चलो ना पापा आ जाएंगे
अच्छा पहले गुड नाइट किस दे
दो य नहीं
[संगीत]
यहां शरा
[संगीत]
क सूरज आ ग
जा भी छ जा प्लीज ंदर
बैठो कुछ नहीं
होगा मेरा द
जाएगा बेटी रचना यस
पापा अरे रचना इतनी रात गए तुम अभी तक जाग
रही हो आप अभी तक नी आई पापा सूरज अपने
कमरे में नहीं है कमरे में नहीं है कहां
चला गया मेरा ख्याल है कहीं टहने चला गया
होगा ट्स राइट ने चला गया होगा ये तो कोई
ने का वक्त है अगर रास्ते में कहीं कुत्ते
ने काट लिया
तो
बेटी सर बहुत शरीफ लड़का है मुझे तो बहुत
पसंद है उससे बात करने से पहले मैं
तुम्हारी राय जानना चाहता
हूं तुम्हें पसंद है
ना बस ठीक है मुझे इत्मीनान हो गया अब मैं
सूरज से बात करूंगा मुझे यकीन है वो
रिश्ता जरूर मंजूर करेगा और सुनते ही हां
[संगीत]
[हंसी]
[संगीत]
कहेगा
[संगीत]
हा
[संगीत]
[संगीत]
k
ले
[संगीत]
[संगीत]
श
क्या बात है सूरज कुछ
नहीं बो क्या बात है तुम इने खामोश क्यों
हो
सूरज खामोश उस आग की तरह जो चल तो रही है
लेकिन कुछ कह नहीं पा रही और य चल चल राख
हो जाएगी ओहो सूरज फिर से तुमने वही वहम
की बात शुरू कर दी आखिर तुम ऐसे सोचते ही
क्यों हो
ता मैं वक्त के साथ-साथ बचपन को छोड़ के
जवानी की तरफ बह तो आया हूं लेकिन गुजरे
हुए
कल लेकिन गुजरे हु कल की खौफनाक यादें
मुझे जीने नहीं
दगी
सूरज
बेटा आज मैं तुम्हारी अमानत तुम्हारे
हवाले करता हूं आज मेरे कंधों से बहुत
बड़ी जिम्मेदारी का बोझ उतर गया है एंड
गुड लक प्लीज
पास
अंकल इसमें हवेली के कागजात नहीं
है सूरज बेटा 18 साल से तुम मुझसे यही
सवाल पूछते आए हो और मैंने तुम्हें हमेशा
यही जवाब दिया है कि उस हवेली में जाने का
ख्याल अपने दिमाग से निकाल दो तुम्हारे
मरहूम बाप ठाकुर प्रताप सिंह की खवाहिश थी
कि उस हवेली का साया भी तुम पर ना पड़े
क्यों पूछ सकता हूं
क्यों आखिर क्यों तुम्ह ना बताया जाए इसी
में तुम्हारी भलाई मुझे भने की कोशिश मत
कीजिए अब बच्चा नहीं अपना भला बुरा से
समझता हूं आपको मुझे पता होगा मैं मजबूर
मुझे मजबूर मत कीजिए अंकल कि मुझे आपके
सामने जुबान खोलनी
पड़े मैं आपसे आखरी बार इल्तजा कर रहा
हूं मुझे हवेली के कागजात दे कागत नहीं
मिलेंगे इसका म यह है कि आपकी नियत खराब
है सरज तु मुझ पर शक कर रहे हो पहले तो
सिर्फ शक था लेकिन अब यकीन हो गया है कि
आप मेरी जादा को हड़ लेना चाहते किसके लिए
अपने लिए रचना के लिए जो री पत्नी है
तुम्हा घर की मालकिन है और मैं मैं लालची
हूं बेईमान हूं तुम्हारे जायदा को ह कर ना
चाहता हूं ठीक है ऐसा ही समझो लेकिन याद
रख काता भी नहीं
[संगीत]
बता
[संगीत]
[संगीत]
क्या हुआ
[संगीत]
सूरज ये ख्वाब फिर वही ख्वाब ये ख्वाब जान
लेकर ही नार
ये ख्वाब मुझे दूर ले जाते
हैं
दूर बहुत दूर आखिर ऐसा क्या है
सूरज
दरवाजा
दरवाजा हां
रचना
दरवाजा एक अजीब और गरीब खौफनाक
दरवाजा जो गोरे में लिपटा हुआ हर रात मेरे
ख्वाबों में जख्मी यादगार बनकर आता है
उस दरवाजे के पीछे खून में डूबी कुछ ऐसी
याद जो बारबार मुझ अपनी तरफ
बुलाती मु
अपी पता
नहीं पता नहीं ऐसा क्या है उस दरवाजे
में सुर क्या ऐसा दरवाजा तुमने कभी कहीं
देखा
है शायद बचपन
में कुछ कुछ याद
आ एक ली वरान
हवेली जब मेरे पिताजी दम तोड़ रहे थे क्या
तुम्हे याद है वो जगह कहां है जगह मालूम
है रास्ता मालूम नहीं लेकिन जब भी तुम्हा
डडी से इस हवेली के बारे में पूछ पता नहीं
क्यों हमेशा वो टाल जाते हैं लेकिन इस बात
का फैसला हो कर ही
रहेगा काका मुझे तुमसे एक जरूरी बात पूछनी
है
बेटी तुम क्या पूछना चाहती हो मैं जानता
हूं
लेकिन लेकिन अगर तुम्हे सूरज की जिंदगी
अजीज है तो मत पूछो बेटी मत पूछो बताना
होगा शंभू
काका तुम्हे बताना
होगा वरना मैं यूंही खुट खुट कर मर जाऊंगा
ऐसा मत करो बेटे मैंने तुम्हें बच्चे की
तरह पाला क्या तुम चाहते हो कि जिन हाथों
ने मेरी परवेश की है जिन हाथों में मैं
जवान हुआं उन्हीं हाथों में मेरी लाश हो
नहीं सूरज बेटे इन कंधों पर बैठकर मैं
खेला हूं शंभू काका नहीं बेटे उन्ही कंधों
पर मेरी अरथी उठेगी शंभू श का बता दो नहीं
सूरज बेटे मैं तुम्हारे पांव पढ़ता हूं
काका मैं तुम्हारे पाव पढता हूं ऐसा मत
कहो बेटे ऐसा मत कहो मेरा तुम्हारा प्यार
का कुछ भी रिश्ता स
लेकिन यह मत भूलो कि तुम मेरे मालिक हो और
मैं तुम्हारा नौकर पाव को हाथ लगा के मेरे
बढ़ा को जलील मत करो क्यों नहीं बताते हली
कहां
है अगर तुम्हारी यत है तो
सुनो क्या कहना चाहते थे
[संगीत]
तुम क्या कहना चाहते थे
तुम क्या कहना चाहते थे तुम श
देखो य देखो तुम चुप क्यों हो गए तुम्हारी
जबान बंद क्यों हो गई अब बोलते क्यों
नहीं
सूरज तुम्हारी पीठ पर यह निशान कैसा
सूरज
सूरज तुम्हारी पीठ पर निशान कैसा मुझे
नहीं मालूम रचना मुझे नहीं मालूम मुझे
नहीं
मालूम जरूर डडी की कोई मजबूरी होगी मजबूरी
डडी की मजबूरी है मेरी कोई मजबूरी नहीं
तुम तो मेरी बीवी हो तुम भी ऐसा कहती हो
तुम जानते हो खवाबों ने मेरी रातों की
नींद दिन का चैन हराम कर रखा है जब तक मैं
में पहुच हकीकत से पर्दा ना हटा लो मैं
चैन से नहीं जी
सकूंगा इसके बाद भी तुम चाहती हो कि मैं
किसी से कुछ ना क यही टुट कर मर
जाऊ तो ठीक है मैं किसी से कुछ नहीं
कहूंगा तुमसे भी नहीं
[संगीत]
कंगा
[संगीत]
[संगीत]
रज चरा के
ं य
है य फ जिसकी मुझे तलाश
थी जिसका खल में मैं होश को बैता
था आई ए सो हैपी आई सो
हैपी अकल हमम के लिए जा तो रहे हैं लेकिन
जो कुछ हुआ उसके लिए बहुत शर्मिंदा
हूं मुझे माफ कर दीजिए ओ कम ऑन यंग मैन
फॉरगिव एंड फॉरगेट बड़ों का फर्ज है
बच्चों की गलतिया माफ कर देना और फिर
झगड़ा तो अपने से हुआ करता है कोई गैर से
नहीं और फर मुझे खुशी इस बात की है कि तुम
सही रास्ते पर आ गए और हवेली जाने का
ख्याल अपने दिमाग से निकाल
दिया अ बेस्ट ऑफ लन भगवान तुम दोनों को
सुखी रखे पापा अपना ख्याल रखना सूरज का
ख्याल रखना बेटे अच्छा शंभू
[संगीत]
[संगीत]
काका
पता नहीं क्या हो गया है लगता है गाड़ी
गर्म हो
गई
ता क्या सोच रही हो
सूरज हम डी से झूठ बोलकर अच्छा नहीं
किया और कोई रास्ता भी तो नहीं
था जब तक में पहुच हवेली को देख लोरी रू
को सुकून नहीं
मिलेगा मुझे र लग रहा है
सरज
पगली
सा मुझे अपनी जान की
नहीं तुम्हारी जान की फिक्र है
हो
हो आगे रास्ता बंद
है क्या हुआ पता नहीं देखता
हूं क्या हुआ चट्टाने गिर पड़ी है रास्ता
बंद है सुबह तक साफ होगा
ओहो शिगो को जाने के लिए और कोई रास्ता है
शिगो नहीं कोई रास्ता नहीं
अच्छा सुनो यहां कोई रात गुजारने के लिए
जगह मिलेगी इस राने में आपको कहा जगह
मिलेगी क्या र अजीब मुसीबत में फस गए बा
एक जगह है आप इस क सड़क से पहाड़ी पर चले
जाइए वहा एक बहुत पुराना गग मिला
है
खा
माली
चौकीदार कोई
है
कोई अंदर कोई है सूरज मुझे नहीं लगता य
कोई रहता
है
कोई है अरे कोई
है
माली कोई
है लगता य कोई नहीं रहता नहीं सूरज अंदर
कोई है अगर कोई होता तो दरवाजा नहीं खुलता
सूरज मेरी बात का यकीन करो मैंने अपनी
आंखों से देखा है य तुम्हारा है अंदर कोई
नहीं
है
कौन कौन
हैर हम बंबई से आए रास्ता बंद है अगर रात
गुसाने के लिए जगह मिल जाए
तो
[संगीत]
यहां अर अंधेरी रातो में बिजली कट जाया
करती
है आप लोग कहां जा रहे हैं
शमा क्या
हुआ आप लोगों को भूख तो लगी
होगी मैं कालू के हाथ से खाना भिजवा
हूं
सरज तुमने एक बात पर गौर किया क्या य औरत
शिग के नाम पर चौकी क्यों कुछ नहीं है
गाड़ी स लेकर आता हूं तुम जल्दी से
हालो बाथरूम का दरवाजा अच्छी तरह से बंद
कर लेना मैं तुम्हारी तरह डरपोक नहीं हूं
अच्छा बाबा आप बहादुर है और मैं डरपोक च
जल्दी से
भाग
[संगीत]
[संगीत]
मर
गया मैं खाना हूं कालू लाया हूं नहीं नहीं
नहीं नहीं मैं कालू खाना लाया हूं
आपको
साहब कालू
व टलेट में कोई है कौन
है कौन
है अभी देखता हूं साले
को चाल बां के तुमने मुझे डराया बहुत बद
बनती थी कहां गई री
बहादुरी पहले बहादुर को तो उ
[संगीत]
मा
h
आपको सोच ही
है उनकी मा जाना चाहते हो क्योंकि वहा जाए
बिना मेरी जिंदगी अधूरी है वहा पहुच
तुम्हारी जिंदगी खत्म हो जाएगी आओ मेरे
साथ पा साल पहले जिस जिंदगी ने मौत का कफन
ओ लिया था आओ आज मैं उसकी कब्र का दरवाजा
खोलकर तुह अपने गम की बिग ई तस्वीर
दिखलाती हूं यह है मेरा
गम मेरे कलेजे का
टुकड़ा मेरा प्यारा बेटा
गंगा हसना खेलना मुस्कुराना और खुश रहना
मेरे ग की जिंदगी
थी मेरा बेटा गं के पहाड़ों के दरा ने
वाला पानी लाकर गाव की गरीब लोगों को बेचा
करता
था मैंने अपने लाल को बहुत समझाया कि उस
हवेली के साय की तरफ ना जाए लेकिन वो कहता
कि य सब व है लेकिन नहीं वो वह नहीं था वो
वह नहीं था व सचाई
थी पानी की तलाश में व म की बियो पर चलने
लगा वो रास्तों पर चलने लगा जो म से गले
मिते थे ठाकुर प्रताप सिंह की मनहूस हवेली
के पास
लीने अपने खखार मुंह खोल रखे
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
थ
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
सब संतों की
[संगीत]
ज
[संगीत]
[संगीत]
h
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
नहीं
गंगा की आंखें खुली
थी उसकी आंखों में डर था खौफ
था
थी और जानते हो गंगा की जबान पर आखरी लज
क्या
[संगीत]
था
[संगीत]
ब
आज काफी सर्दी है हां वो तो है
ही मौसम बहुत रंगीन
है वो तो है
ही बारिश होने का खतरा है
हा
[संगीत]
सूरज
[संगीत]
य आई लव यू
[संगीत]
टू
[संगीत]
[हंसी]
[संगीत]
स सरज सु को आ र
[संगीत]
है
[संगीत]
तुम मुझे क्यों तलाश कर रहे थे बोलो ना
मैं तुमहे मार डालूंगा कौन हो तुम कौन हो
तुम मुझे आदमी पागल नजर आता
[संगीत]
है सूरज तुम मेरा नाम कैसे जानते हो चले
जाओ चले जाओ यहां से वो बददुआ तुम्हारा
पीछा कर रही है चले जाओ चले जाओ झूठ है
बकवास है कैसी ब जानना चाहते हो यह
देखो
मैं ने
नहीं ठीक
है अगर तुम ऐसे ही चाहती
हो तो हम लोग लौट चलते
हैं नहीं सूरज मैं जानती हूं तुम मुझे
छोड़कर अकेले चले जाओगी हम शिमा को
जाएंगे हम शिमा को जाएंगे सूरज रना
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
मैं सामने झील से पानी भर कर आता
हूं
[संगीत]
उस्ताद सामने कोई शहरी टन का डिब्बा दिखाई
दे रला है डिब्बे में बुलबुल बेहद
प्यारे उस्ताद अपना भी ख्याल रखना
[संगीत]
[संगीत]
छोड़ो तु
कुते छोड़ो मुझे छोड़ो
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
अ
[संगीत]
[संगीत]
[हंसी]
क्या
[संगीत]
h
f f
[संगीत]
f
[संगीत]
ये
ले लाचार करके मारता है वे हिज
मर्दों की तरह लड़ छोड़
देला मैं कहता तू चली जा तू मेरे बीच में
मत आ वना तेरे लिए अच्छा नहीं होगा आट मैं
कहता हूं तू चली जा वरना मैं शकाल से कह
दूंगा
आ अरे शकाल तो क्या शाकाल के बाप से भी
नहीं डरती हूं मैं ऐसा मारूंगी कि पानी
नहीं मांगेगा
छोड़ उस्ताद चल दो इसी में भलाई है
लौंडिया ने घाट घाट का पानी
पिया साला ठीक
है तू आना गांव
[संगीत]
में तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया शैला अरे
इनकी तो ऐसी की तैसी मैं इन्हे बहुत अच्छी
तरह जानती हूं अब तुम्ह जरा कोई हाथ लगाकर
त
दिखाए चलो ए सुनो
मुसाफिर मेरा नाम सूरज है कहां जा रहे हो
ठाकुर प्रताप सिंह की हवेली जा रहे हैं
मनने के लिए ऐसी जगह क्यों पसंद की तुम
कहां रहती हो शिमा गो से पहले पहाड़ के
नीचे एक बस्ती है बलि नगर वहां के सरदार
की बेटी हूं ये शाकल कौन
है शैतान की दूसरी शक्ल शकल
है मारने
साले अरे मारने सा मारने साले का हा
[संगीत]
च शाबाश
शल
एक मार
[संगीत]
एक अभी तक मैं बाकी
हूं
बली नगर में कोई ऐसा नौजवान नहीं जो शाह
काल का मुकाबला करे शाह काल इस साल बेनाम
तुमने जीत
तुम्ह नाज होना चाहिए कि तुम ऐसे शक्तिमान
की बीवी हो सरदार सरदार इस बली नगर में
ऐसे ऐसे लोग है जो बली नगर की शान है जैसे
कि मैं और शाकाल
गुरुजी शुक्रिया
शुक्रिया और सरदार कुछ ऐसे भी लोग है जो
मु लटका के आ रहे हैं जिसको देखकर घोड़े
और गधे भी शरमा जा रहे हैं जरा मुलाहिजा
फरमाइए कौन है वह जिसने तुम्हारा मुंह
काला कर दिया आज तक वो आदमी पैदा नहीं हुआ
सरदार जो गोगा के सामने सीना तान के खड़ा
हो हां फिर वो कोई औरत हो
हां एक औरत और कसम देवता की अगर वो हमारे
सरदार की बेटी नहीं होती तो आज वो मेरे
बच्चे की मां
होती ज्यादा जबान ना चलाओ वरना कट जाएगी
शहला ने शहला ने अगर तुम पर हाथ उठाया तो
उसकी कोई वजह होगी कोई वजह नहीं थी सरदार
इधर देख के बात कर
कुत्ते तू एक मासूम लड़की की इज्जत लूटना
चाहता था क्या ये कोई वजह नहीं यह झूठ है
ये सच है बापू यह सब कमीने मिलकर एक आदमी
को बेबस करके मार रहे थे वो आदमी जो इस
गांव का मेहमान है नहीं सरदार वो हमारे
गांव का मेहमान नहीं वो चलाख शहरी भेड़िया
है शहरी लोग जो हमारी मां बहनों को गंदी
नजरों से देखते हैं तो वो लड़की भी शायद
तुम्हारी बहन होगी जिसे तुमने भाई की
नजरों से देखकर इज्जत लूटना
चाहा शायला कौन है वो शरी बाबू सूरज ठाकुर
प्रताप सिंह का बेटा
सूरज
ठाकुर प्रताप सिंह का
बेटा हमारे प्यारे दोस्त का बेटा यकीनन
हमारा मेहमान हो मेहमान नहीं वो हमारा
दुश्मन है सरदार श के सीने में एक आग लग
रही है 18 साल से य जवाला मुखी पक रहा है
और यह सिर्फ सूरज के खून से ही ठंडा होगा
शल तुम पागल हो गए हो हा मैं पागल हो गया
हूं अपनी मां अपने भाई के लिए आज तक मेरे
भाई की चीख मेरे कानों में सुनाई दे रही
है सरदार मेरी मां की फरियाद ममता की
पुकार मेरे कानों में गूंज रही है और ये
सब र प्रताप सिंह की वजह से हुआ मैं
इंतकाम लूंगा उसकी औलाद से सरदार जो कुछ
भी हुआ है वो ठाकुर प्रताप सिंह ने नहीं
किया बल्के पापी मागु ने किया यह झूठ है
तुम झूठ बोल रहे हो सरदार इसलिए कि तुम
ठाकुर प्रताप सिंह के दोस्त थे तुम उसके
पाप पर पर्दा डाल रहे हो
शल मैं तो सच्चाई बता रहा हूं पाप तो उस
महा पापी गुरु ने किया था और उसके किए की
सजा भगवान ने उसे अच्छी तरह
[संगीत]
दी
ओ
गड क्या हुआ सूरज अजीब मुसीबत में फस गए
हम तार कहीं भूला हैं ओ आज रात यहीं
गुजारनी
होगी लगता है हम शिवागो के आसपास
है कितनी डरनी जगह
है अंधेरा ही अंधेरा
है क्या तुम मुझे देख सकती हो हम हम तो
फिर अंधेरा
नहीं
क्या अभी बेडा लगता
[संगीत]
है
[संगीत]
[संगीत]
देख
[संगीत]
[संगीत]
i
[संगीत]
i
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
अ
[संगीत]
ब
ब
[संगीत]
[संगीत]
नहीं
[संगीत]
[संगीत]
आ
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
ब
[संगीत]
कौन हो
तुम यहां क्यों आए हो
क्यों तुम कौन हो मैं इस हवेली का रखवाला
तुम्हें इस हवेली का रखवाला किसने बनाया
है मेरे मालिक ठाकुर प्रकर प्रताप सिंह को
घुसे 18 साल हो चुके हैं मैं उनका बेटा
हूं इस हवेली का मालिक
छोटी सरकार
आप
[संगीत]
य चले जा च जा य से चले जा
फ तुम्हारे हाथ में फोन किसका है मैं कता
ता
[संगीत]
है तु मुझे अकेले छोड़ के कहां गए कहां
गए बहुत
हमारी
ड़
सेक मैं जानता उसका जिम्मेदार कौन
है नम हराम बता वो कौन था
बुआ आप यहां से चले जाइए मालिक च जा मरने
से पहले आपके पिताजी की अंतिम इच्छा यही
थी कि आप कभी भी ह कदम
कभी भी कदम ना रखे
क्यों मैं आपको यह नहीं बता सकता
मालिक ठीक
है यह राज मैं खद ही जान
लूगा
चलोना
[संगीत]
[हंसी]
[संगीत]
a
यकीनन ये मेरे पिताजी
है यह मेरी मा होगी हां
मालिक क्षमा कर दो
मालिक जब आपने रहने का फैसला कर ही लिया
है तो मैं आपके सोने के लिए कमरा साफ कर
दूं ने इंतजाम है आपके लिए तो मैं खुद
अपने हाथों से र कर करूंगा
खाना खाने में जहर मत मिला
[संगीत]
दे मिल के
उठा मिल के उठाओ लगाओ मिल के उठाओ लगाओ
मिलके उठाओ लगाओ इतनी भारी गाड़ी उलट
देना यह शक्ति किसी शैतान की हो सकती है
इंसान की नहीं यह काम किसी जानवर का भी तो
हो सकता है वो जानवर नहीं राक्षस था सरज
हो सकता है कोई आदमी भयानक नका पहन के
लोगों को डराता हो डराना कैसा वो तो खून
पी जाता है तुम्हारे पिताजी की मौत के एक
साल बाद हवेली के बाहर एक लाश मिली हाथ
पैर टूटे हुए और फिर इसी तरह कई एक बार
भेड़ बकरिया और राही मरे हुए पाए गए आज तक
किसीने उसका चेहरा नहीं देख और जिन्होंने
देखा है वो मारे दहशत के गंगे अंधे और
पागल हो गए ताकि वो किसी को कुछ बता ना
[संगीत]
सके पत्थर आप भी के तक गया
है
लेकिन तू पीता ही क्यों
है मेरे प्यार का नशा नहीं होता
तुझे मुझे तो तेरे प्यार का बहुत अशा होता
है जो आज तेरे दिल में भड़क रही है उसको
बजाने के लिए दूसरी आ पीता
शाकाल तेरी मां मर गई है शाकाल दुनिया उसे
भूल चुकी है तेरा भाई पागल था कभी कभी ऐसा
सोच क तू तो पागल ही हो गया है त उस आदमी
से बदला ले चाता जिससे तने देखा
[संगीत]
नहीं
[संगीत]
मु नहीं
जातनी और दिन च
दिए लेकिन मुझे मेरी और मे भाई का काल
नहीं मि न ठाकुर मर चुका है इंतकाम नहीं
मरता रेश्मा मेरे लिए उसका बेटा जिंदा है
भूल जा पुराना बर और मेरे प्यार के सा में
जिंदगी बता दे शाक जब तक मैं उस शहरी
कुत्ते को जिंदा ना जला
दूं मैं इंतकाम की आग में यूंही चलता
[संगीत]
रहूंगा
[संगीत]
रा मेन बन
करद यह शरा
[संगीत]
[संगीत]
नहीं
बारा कर
ही हां यही रिवाज है ये हमारी आन है ये
हमारा धर्म है क गां वालो हां यही हमारी
आन
है ये नया है यह हमारी रिवाज नहीं जानता
रिवाज कोई मां के पेट से नहीं सीख कर आता
शैला
सरदार रिवाज सिखाए भी जा सकते हैं और अगर
मैं सिखना चाहू तो तो इसका मतलब है तुम
सरदार के मेहमान नहीं बन सकते तुम कायर हो
टपक हो यह तुम कैसे कर सकते हो
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
क्या हुआ श काका श काका की लाश उन्हे
किसीने मार डाला क्या कह रही हो शंभू काका
यहां कैसे आ सकते है मैंने अपनी आंखों से
देखा है
हा आओ मेरे
साथ नहीं नहीं
सरज कहां है लाश लाश यही थी सूरज इस सारी
से निकली
थी
आजकल तुम जाते हुए सपने देखने लगी हो नहीं
सूरज मेरी बात का यकीन करो मैं सच कहती
हूं भगली क
[संगीत]
की वो शहरी कुत्ता अरे वो आज किस्मत के बल
पर बच गया कोई बात नहीं साली हार ने मेरे
इंतकाम की आग को और भरका दिया है उस आग को
तो खून का दरिया भी नहीं बुझा सकता शाकाल
मेरी बात मान बात
मत अगर फिर मेरी प्रतिज्ञा तोड़ने की
कोशिश की ना राम जादी तेरे जिस्म की एक ही
खड्डी तोड़ दूंगा
समझे तेरी उस शैरी बाबू पे आंख है क्या हट
बेशर्म अगर मेरी इज्जत पे कीचड़ उछाला ना
तो याद रखना मैं भी इस माटी से जन्मी हूं
टुकड़े टुकड़े करके फेंक दूंगी चाहे तू
मेरा पति क्यों ना हो अरे बा मेरी
शनी पहले अपने गंदे दिमाग को साफ कर उसके
बाद मेरी तरफ नजर उठाने की कोशिश करना
त जा मर साली रेशमा अरे ओ रेश्मा
इतनी रात ग कहा जा रही है तू शाकाल से
झगड़ा हुआ क्या उसका झगड़ा तो शेरी बाबू
से है वो उसे जान से मार डालेगा तो फिर उस
शरी बा को यहा से चले जाना चाहिए आ पढ़ा
लिखा है जरूर समझ जाएगा तू उसे समझाने जा
रही है हा इस वक्त रात को कल चली
जाना कल ना जाने क्या हो
जाएगा रेश्मा
[संगीत]
बाबूजी बाबू
जी बाबू
जी बाबू
[संगीत]
जीी
[संगीत]
[संगीत]
w
[संगीत]
[संगीत]
[हंसी]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
i
[संगीत]
i
i
[संगीत]
श्
[संगीत]
[संगीत]
r
यही वो शहरी भेड़िया है जिसने रेशमा की
लूटकर उसे याद अपना दिया है मारो साले
[संगीत]
को तुम रचना को नहीं बचा सकते तुम स को
कुछ नहीं बताओगी कुछ
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
नहीं
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
तुम उधर जाओ तुम उधर जाओ
[संगीत]
चलो
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
गया
[संगीत]
ब गोला
गला
चल
चल कौन
हैन कौन
[संगीत]
है
[संगीत]
श्
र
यहां कोई सरंग है अंदर जरूर कोई त खाना
[संगीत]
[संगीत]
होगा
[संगीत]
[संगीत]
सोगा
भगवान यह सब क्या हो रहा
है
[संगीत]
रना
रना
स
ना तुम कहां थ सरज यहां पर भी वही बला थी
उसी ने इन सबको मार डाला
है बहुत डराना था बहुत खतरनाक था चलो सूरज
हम यहां से चलते हैं वरना मैं पागल हो
जाऊंगी पागल हो
[संगीत]
जाऊंगी नहीं सरज छोड़ दो मुझे ना आज मैं
इस राज के पर्दे को हटा कर ही
[संगीत]
रहूंगा
[संगीत]
कौन
हो कौन हो
तुम कौन हो
[संगीत]
तुम
ठकुर प्रता थ तुम जिंदा
हो पिताजी
[संगीत]
आप आप जिंदा है पिताजी
मैं मैं आपका बेटा सूरज पिताजी मैं आपका
बेटा सूरज
हूं पिताजी
पिताजी प्रताप सिंह
तुम बोलते क्यों नहीं यह क्या राज है 18
बरस से मेरे गांव को मारने वाला वह
राक्षस कहां है प्रताप सिंह कहां है बोलिए
आप खामोश क्यों है पिताजी कुछ तो बोलिए
पता मालूम होता है कि 18 बरस से इन्ह इसी
खाने में कैद कर रखा
है य अपनी याददाश्त भी खो
चुके
मैं जानता हूं इसका जिम्मेदार कौन है नम
हराम
श
श नहीं नहीं मैं बेकस मालिक मैं कुछ नहीं
जानता मैं कुछ नहीं जानता मैं कुछ नहीं
जानता मालिक मैं कुछ नहीं जानता तू जानता
है जानता है तू सब कुछ जानता है बकार तूने
मेरे बूढ़े बाप को 18 साल तक अंधेरे खाने
में कैद रखा करता रहा सेवा की है यही सेवा
की है कि उनके आंखों की रोशनी छीन ली
तुमने बता का है वो खूनी बला जिससे तू
उनके दिल और दिमाग को कुचल रहा क है वो
राक्षस नहीं मालिक कोई राक्षस नहीं है है
जरूर है ये सब झूट है झूटा तू अ यार कमीने
अगर तू सच्चा था तो तूने मुझसे क्यों ये
राज छुपा के रखा कि मेरा बाप जिंदा है
रेश्मा का खून तूने किया है नहीं सब लोगों
को तू ही मारता रहा नहीं जिस रात मैं
हवेली में दाखिल हुआ था तेरे हाथ खून से
रंगे हुए थे तू कातिल है नहीं मैं कातिल
नहीं
किस था वो खून किसका था शंभू काका का शंभू
काका का शंभू
[संगीत]
काका हां
मालिक शंभू का का
का पुराने डाक बंगले में जो औरत आपसे मिली
थी वो शंभू काका के बहन
थी बहन
हां बहन
जब उसे पता चला कि आप शिमा गो जा रहे
हैं तो उसने अपने भाई शंभू को यह खबर बंबई
भेज
दी वो दोनों आपको बचाने के लिए शि मागो आ
गए
और तलाश करने
लगे
लेकिन उस अंधेरी रात
को काली गुफाओं
[संगीत]
में जब आप गुफाओं के अंदर थे
अचानक उस खौफनाक बला ड़
उ खुश किस्मती से रचना वहां से भाग निकली
शंभू काका और उसकी बहन वहां
पहुंची
[संगीत]
[संगीत]
i
लेकिन शभ काका उस बला के हाथ मारे आप रचना
को ढूंढते हुए
हवेली और फिर मैंने शंभू काका की लाश को
लाकर अलमारी में छपा दिया लेकिन व ला क्या
थ और है यह मैं आपको नहीं बता सकता मालिक
शंकर ज्यादा चालाक बनने की कोशिश मत करो
अभी स तुमने मुझसे छुपा रखी
है मैं मजबूर हूं मा मजबूर मत करो शंकर
शकर का कोई दो नहीं
सद य सब उस शैतानी बाप बेटे के करतूत है
नहीं नहीं शकाल इस मन हवेली में जरूर कोई
बला है लेकिन यह राज हमसे क्यों छुपाया
गया ठकुर प्रताप सिंह जिंदा है बोल सरदार
बो सरदार गौर से देख य सिर्फ लाश नहीं
सवाल है पा सुलते सवाल और इधर
देख वो किसके जालिम हाथ
है जिन्होने इस बुढ़िया की लाठी
तोड़ी इसके बुढ़ापे का सहारा छीन
लिया और
सरदार य
सुहागन
सुहागन
इसकी मांग का सिंदूर अब चिता की राख बन
चुका
है और यह अनाथ
बच्चा कौन इसके आंसू पहुंचेगा कौन इसके
आसू पगा बताने इंतकाम की वजह से तुमर से
नफरत करते हो हा मैं नरत करता मगर तुम तुम
अंधे हो चुके हो तुमने अपनी आंखों पर
दोस्ती का पर्दा चढ़ रखा है तुम्हें कातिल
कातिल थोड़ी नजर आएंगे तुम तो कातिलों से
मोहब्बत करने लगे हो लेकिन आज आज मैं
तुमको ऐसी सच्चाई दिखाऊंगा सरदार जिसे
देखकर तुम्हारी दोस्ती का पर्दा फाश हो
जाएगा
देखो
सायला मेरी बच्ची साला मेरी
बच्ची ब मेरे मेहमान नवाज
सरदार तेरे मेहमान ने इस गांव को शमशान
बना दिया
है शह
काल
जाओ ठाकुर प्रताप
सिंह और उस उस के बेटे का सर ला
दो उसके बेटे का सर ला
[संगीत]
दो
[संगीत]
ठाकुर सुरज स गंदी नाली के की बाहर निकल
अरे पापी ाक की हरा ला मैं आपको बाहर जाने
नहीं दूंगा मालिक तुम कौन होते हो मुझे
रोकने वाले मालिक आपके बच्चे मैंने अपने
इही हाथों से अपनी बीवी की चिता जलाई है
सग है स मुझे चता की जब तक तेरी औरत को
जिंदा ना चला दूंगा सास नहीं लूगा सास
नहीं लूगा तुझे
सास नहीं सरज तुम बाहर नहीं जाओगे सरज सि
अगर तीन गिनने पर तू बाहर आया तो तो याद
रखना यह हवेली जिसम मेरी हर खुशी
दफन तेरी भी कब्र बन जाएगी तेरी भी कबर बन
जाएगी
एक
समझ ले
हो शंकर के सब का इन
ले जन बंद कर और चला जा अरे तू जरा उस
लौंडे को तो बाहर भेज एक
के आप बाहर नहीं जाएंगे मालिक ह जा
कुते उस जंगली के मुय कुत्ता ही लग सकता
है
मालिक
आप
[संगीत]
नहीं मेरे खानदान के
कातिल अपने मरने का ढोंग रचा कर 18 साल तक
तू मेरे इंतकाम को धोखा देता रहा है मगर
मौत ने भी तुझ पर रहम नहीं
किया क्योंकि तेरी मौत मेरे हाथों लिखी है
ठाकुर प्रताप सिंह यह तेरे बूढ़े शरीर में
बची हुई चंद सांसे जो है
ना यह मेरी अमानत है इन्हीं से मैं अपनी
बेकसूर मां और मासूम भाई का बदला लूंगा
ठाकुर मैं तुझे य नहीं मारूंगा
नहीं मैं तुझे तड़पा तड़पा कर मारूंगा तू
सिसक ससक कर मरेगा
[संगीत]
कुत्ते शल फिए मर्द है तो मुसे ला
[संगीत]
इ के हा
[संगीत]
उ
शल मेरे मालिक हात ना उठा मैं तेरा खून पी
जाऊंगा शल दरवाजा खोल
[संगीत]
शल
[संगीत]
े मैं कहता दरवाजा
खोल
ल नहीं नहीं नहीं
[संगीत]
तुम चले जाओ मालिक मैं इस राक्षस को अपने
काबू में रख सकता था अब इसे कोई नहीं रोक
सकता इसे सिर्फ का माता की ल सेही मत आ सक
है सिफ काली माता
[संगीत]
[संगीत]
की
[संगीत]
[संगीत]
i
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
h
[संगीत]
नहीं इ को अपने काबू में रख सकता था अब
इसे कोई नहीं रोक सकता इसे सिर्फ काली
माता की ु से ही मौत आ सकती
[संगीत]
है
भाग मंदर से बाहर नि लो बाहर निकलो भाग
भाग
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
i
[संगीत]
[संगीत]
ठाकुर प्रताप
पिताजी
[संगीत]
ये सब कैसे हुआ
बेटा
बेटा किसी के दिल से निकली हुई
आख और बद दवा कभी खाली नहीं
जाती मैंने काली माता के भक्त को जला डाला
मेरे नीच और गंदे विचार राक्षस और शैतान
का रूप बनकर मेरे चेहरे और शरीर पर आ गए
यही तो काली का शराब था मुझे क्षमा कर दो
मां जन्म जन्म मुझे सजा ना
देना मुझे मुक्ति दो मां जय हो महाकाली जय
हो
[प्रशंसा]
[संगीत]
महाकाली
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