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सिडनी।
यह देखने में कितना
क्यूट है, लेकिन इसके बाद दम भयंकर है।
दो बार शादी कर लिया और उसका गोबर आइटम।
यह मौका भी मिल गया।
लेकिन याद।
इसको देखते हुए नाम कुछ कुछ होता है।
बस एक बार मौका मिल जाए।
इसके साथ।
लेकिन यह बिना कुछ कम नहीं है।
से से बात तक नहीं करता।
और यह मुझे क्या देगा?
कितना मजेदार है।
कि। कि।
आप। उस। आम।
हां हां, हां हां।
हां। हां हां।
हां हां।
और हां।
हां। हां, आम।
और। हम।
ही हैं।
तो। हम। भी।
तो। अंग हैं।
और हां। अब्बा।
आह। ओह हां हां हां।
ओह, ओह और तो
और तो
आप उसके।
से वेताल को।
ढूंढ़े इतना वक्त लगता है कि दरवाजा खोलने में।
अब आप लोग इतनी जल्दी आ गए।
आप लोग तो मंदिर गए थे न।
पापा पाजी, मैं कमरे में था। हां ठीक बेटे चल।
इस लड़के से पंगा छुपाओ तुम।
सौतेली ही सही, पर मां तो होना समझा और इसे।
हां मालिक, आप सही कह रहे हो।
और मालकिन आप इतना प्यार करते उसे और वह आपको मातंगी बोलता है।
जब ज्यादा फटाफट बोलने की जगह पर जब तक चुपचाप
सब चतुष्पद अपनी टांग लड़ाती है,
सुलझती है इतना।
बेटे के पीछे पड़ने की जरूरत नहीं है।
हरे ही तो वह भोलाभाला।
ठीक है, मुझे मां नहीं बोलता है, लेकिन दिल से तो प्यार करता है।
अब वह सब छोड़ो, आप बैठो।
मैं आपके लिए गर्मागर्म चाय लेकर आती हूं। अब।
भोला भाला दुनिया का सबसे बड़ा बेवकूफ है।
ऐसे बच्चे पैदा क्यों होते हैं?
अरे सुनो, चाय गरम लेकर आना।
ये ठंडा नहीं।
होता।
अरे सरला।
तू भी बड़ी।
मैं खड़ा रहता। जगमोहन भाई कहां है?
अरे अपनी साड़ी के देखने बाहर गए थे और वैसे बता आज तेरा यहां कैसे आना हुआ?
अरे मेरे जिगनेश का लगन तय हो गया है।
उसी का तो इनविटेशन देने आई हूं तुझे।
अरे बधाई हो बधाई तुझे।
अरे अरे मनीष आओ बेटा।
वैसे कैसे हो तुम?
डैडी वगैरह कंप्लीट हुए कि नहीं?
तुम्हारी तो?
हां हां, मेरे बेटे की पढ़ाई एकदम कंप्लीट हुई।
मनीष बेटा जब घर में आराम कर।
सच कहूं, मेरा बेटा एक दम होनहार है।
सच में इसे होनहार नहीं, इंट्रोवर्ट कहते हैं।
बुरा मत मानना भी।
पर यह कोई अच्छे लक्षण नहीं है।
अरे लोगों से मिलेगा, चलेगा नहीं।
बातें भी करेगा तो अपने जीवन में आगे कैसे बढ़ेगा।
वो सही बात करें। यूज करना।
मुझे भी कभी कभी मनीष को लेकर बहुत टेंशन होती है।
अरे टेंशन न ले सुन।
जल्दी से जल्दी एक लड़की उसकी जिंदगी में बहुत आ जाएगी।
ना तो अपने आप सबसे घुलने मिलने लगेगा।
मिल जाएगा।
वो तो सही में सच कह देंगे।
मैं इसके बारे में ना मनीष के पापा से बात करती हूं।
हां सही बात है।
हां, ये तुम्हारा इन्विटेशन।
और मैं चलती हूं।
मुझे बहुत सारे लोगों का इन्वाइट पीछे लाया।
शायद चल ही रहा था। ध्यान रखिएगा।
स्वतंत्र अपना ख्याल रखने।
चले तो भी चिंता मत करियो।
जल्दी से अच्छे भाव ढूंढ लें। खासा।
कोजी था।
मनीष के पापा से बात करनी पड़ेगी।
और आप मुझे नहीं कपूर साहब।
मुझे बैंक को दिखाना पड़ता है।
मैसेज कीजिए। ठीक है, ठीक है।
धन्यवाद।
सुनैना मुझे आपसे बात करनी है।
हां विभा,
मैं तुम्हारे हाथ में आज चाहता।
तो सब छोड़ो।
मेरी बात सुन।
बाद बात में कहते हैं ना पहले होम।
मेरी बात सुनने के।
बाद बाद में।
मैं कहना चाहती हूं।
कि। तुम
सस्ता। हो।
हम। में।
क्योंकि।
हमारा।
खुद। कुछ।
मरम्मत।
सामान। की।
मां। और।
कुछ। है।
तो। और।
मैं। तो और।
और हां, हां।
अब घर खत्म हो।
और हम।
और। उसका।
हाल है।
तब तक। है।
मैं। हम। सब।
को। हां, हम।
कुछ कुछ।
नहीं होगा।
तुम। कुछ।
और तो। हूं।
और। तुम।
अब हम।
हां हां, हां हां, अब कहां?
हां हां
हां। हां हां हां।
हां, बाहर अभी तो
हां कुछ। है।
हां ही था कि।
हां हां हां, अब
हां हां तो है।
हम कुछ।
तो आप खुश।
तो। हां
हां हां हां हां
हां उठा था।
हां हां हां हां हां हां
हां तो तुम है।
हां, हां हां हां हां हां हां हां हां हां तो
अब रास्ते भर हैं।
हां, हां हां हां
हां हां, मैं।
हां, हम तुम।
हम तुम
और वो
हमें।
अच्छा हुआ तुम ही अंदर रही ताला।
मैं जानता हूं तुम मां नहीं बनना चाहती।
सच कह रहे।
हो मैं सिर्फ और सिर्फ मम्मी से आता हूं।
मुझे पता है
अब मुझे जो बोलना था मैं बोलूं।
अरे पुरुषों की।
मैं ये सोच रही हूं कि मनीष की शादी
कोई अच्छी सी लड़की देखकर करवा दे तो क्या दिक्कत है?
तू पागल हो गई मनीष की शादी। हां।
जहां आप अपना
से कोई शादी करेंगे।
अरे एक बार ट्राय तो करके देखते हैं।
शादी हो जाने के बाद।
तो मनीष सुधर जाएगा। समझ जाएगा।
विभा वो आदमी अपने करीब के रिश्तेदारों, दोस्तों से बात नहीं कर सकता।
कतराता है।
बात करने के लिए बीवी लेकर उसे कैसे निभा रहे हैं।
इस पर बात करने में क्या हर्ज जाती है?
कब तक वो ऐसा कुंवारा रहेगा?
अब इतनी छोटी सी बात के।
क्या पूरी जिंदगी में अपने बेटे को कुंवारा रखूं?
तुम चाहो तो उसकी शादी हो जाए। हां,
ठीक है, मैं अपने करीब कुछ दोस्तों से बात करता हूं।
शायद उसके लिए कहीं बात बन जाए।
कच्ची लड़की मिल जाए।
अब अभी तो खुश होना ही।
सच में तुम बहुत अच्छे हो।
अभी मुझे लड़का पसंद है।
क्या बात कर रहे हैं सच में? हां,
अब फिर कल शाम को मिलते हैं, आज शाम को।
हां हां, बिल्कुल मिलेंगे।
धन्यवाद। जी।
अरे दीपा। हां।
हमारी कल बात हुई था।
हां पर किस चीज की।
अरे कल तुमने बात छेड़ी थी।
हां, आज मैंने सारा काम पूरा कर दिया था।
कौन सा काम बताओ।
हां बताओ लड़कीवालों को हमने मनीष का फोटो भेजा।
उन्होंने पसंद किया।
लड़के लड़की फोटो भी आगे।
ठेलकर हैं।
अरे वाह, बहुत सुंदर है।
लड़की नरैना।
हां और मनीष की और इस लड़की की जोड़ी खूब जमेगी।
और मनीष हमारी शादी।
अरे पता है।
पिताजी मैं कमरे में जा रहा हूं।
क्या बात है?
मालिक और मालकिन आज बड़े खुश लग रहे हो।
खरे तू भी खुश हो जा।
पेरिस।
छोटे सेट की यानी कि मनीष की शादी होने वाली है।
लड़की वाले ने पसंद कर लिया है।
बधाई हो मनीष।
साइट।
देखा।
मुझे इसकी भी बात हुई है।
अगर हम कुछ पूछ रहे हैं, जवाब तो देना ही
अच्छे चलेंगे।
आप सहमत हुए मंच से बात कर लेने तुम।
तुम बात नहीं मनीष से खुद मैं बात रही।
बहुत हो गया।
अनेश ने।
अनेश।
अरे, यहां बैठा है तेरे हम लोगों ने लड़की पसंद किया।
शादी की।
अगले।
फोटो देखकर मुस्कुरा रहा है।
कुछ बोलेगा आया ना।
पसंद है तुझे।
हां पापा।
थोड़ा जोर से तो बोलकर हां मार।
का खूबसूरती है।
काश 15 साल पहले मुझे मिलती।
तो मैं दूल्हा बन जाता।
हूं। एक दस्तक एक ने देना
जरा वो।
सदा सुहागन रहो।
दूधो हाउ पूतों फल।
अरे वाह!
तुम्हारी बहू तो सच में बहुत खूबसूरत है।
सच कह रही हूं सरला।
मेरी बहू सच में बहुत खूबसूरत है।
हाय! नजर न लगे दिनभर।
मगर आज से इस घर की बात का
और मनीष की जिम्मेदारी सब तुम्हारे ऊपर सौंपती हूं।
इसे अच्छे से समाज की रखना।
देखो जी मांजी मनीष, पर अभी तो कुछ गला।
कसकर के से कर दो।
थक गए होंगे को आराम करने को लेकर घर पर
आओ। आओ आओ
वेलकम डिमांड की जावेगी।
अरे एक कलश रह गया है। अब।
आओ बेटा।
पहली बार डर लग रहा है।
पता नहीं कैसे मालूम।
हो सकता है।
लगता है वो आ गया।
आ गया है।
बस। ठीक। है।
मैं। तो।
बस स्वागत।
करता। रहा।
तुम हम।
उस। तुम।
और हम भी तो।
सच में!
वो। हो।
जब तुम।
सबको।
साथ। साथ।
तुम। आज।
भी उस।
हो हम।
हम। उस।
इंसान। का।
हो। जिसे।
अब। मां हो।
हां हां,
हां, आम। आम।
हां, नाम।
हम भी हैं
और हम।
हैं। मां।
हां, हां, हम। हैं।
मां और
हां, हम।
खुशी।
हम। तो हम।
हैं। हां।
कुछ हां।
कुछ। और है।
कुछ। तुम से। है।
अब। ठीक। है।
हां, हम।
जो। हम हैं।
तुम तो।
मां हो। हां।
ये मैं कहां फंस गई? आज
ये आदमी है या क्या है?
छुट्टी वाले दिन अपना ध्यान काम था।
कल रात मनीष भाई ने कुछ याद तो नहीं।
तू नौकरानी है, नौकरानी की तरह है।
अपनी औकात भूलकर ज्यादा बोला मत समझी।
क्या हुआ था वो किस बात, कितना गुस्सा रहती है
अब तक तुझे क्या हुआ दूर हो रही है
या घर का काम देख बाहर झट।
बहुत।
क्या बात है
हेतल को इतना गुस्सा क्यों कर रही हूं?
हां, अरे अभी तुम्हारी नई नई शादी हुई है
तो खुश ना करो।
खुश लाखन हाथ।
मेरी तो पूरी जिंदगी बर्बाद हो चुकी है।
आखिर बात क्या है बताओ मुझे बहुत।
मैंने सोचा था
मेरी शादी मर्द से होगी लेकिन आपके बेटे में तो वो बात ही नहीं है।
क्या बोल रही है कुछ भी न बोलती।
हमारे बेटे के बारे में क्या अब?
जी हां, आपका बेटा मुझे पत्नी का सुख नहीं दे सकता।
पर अब मैंने भी फैसला कर लिया है।
मैं इस घर में रहकर अपनी जिंदगी बर्बाद नहीं कर सकती।
बहुत जल्दबाजी में कोई फैसला ना।
कितनी अच्छी बात ये दिखी मनीष के लिए सबकुछ नया है।
उसको एक बार मौका तो देखो प्लीज प्लीज।
बस मैं तुम्हारे हाथ जोड़कर हूं।
पायल पढ़ती हूं।
उसे एक दो, तीन दो महासचिव बन जाओ।
देखो ठीक है।
मुझे मनीष पापा से बात करनी पड़ेगी,
नहीं तो बहु हासिल कर जाएगी।
तो। क्या हुआ?
बुजुर्ग है।
तुम। अगर हमें बेटी को छोड़कर आया हूं।
तो हक।
मेरी तरफ लगी थी ना।
तो वो रो भी रही।
वो कमीनी मालकिन ना
आज मुझे मेरे खत पर तरस।
अरे छोड़ जाने बस वो बड़े हो गए।
किसी और का गुस्सा इस ओर बता रहे थे खुद।
कम में नहीं उसे कुछ ज्यादा ही नहीं था।
क्या मुझे उसे सॉरी बोलना चाहिए?
एक दिन ये खुद ही।
खुद मेरे वास्ते रंग ठीक करने आए हैं।
क्या वह बहुत सुंदर दिख रही।
सिर्फ मैं क्या शायद आज।
तुझसे नहीं।
बस रोटी सब्जी।
इतनी सुंदर दिख रही है कि।
सृष्टि की।
चंद चल।
नीरजा
कितना और ड्राइवर।
अरे ये क्या कर रहे हो सबके सामने?
मुझे खुले में।
ही गिन मेरे हाथ।
कहां। मेरे साथ चलता ही।
आता है मां।
हां। हां, कहां। से।
अच्छा तो।
ये खिचड़ी पक। गई।
इन दोनों।
में। सफेद।
मुझे है नहीं।
तिल की।
और 1 में।
तो। है।
साथ आप सब का।
हां। में।
आंखें।
और। और।
कुछ कुछ कहा।
तो। तुम।
मुझे। हां।
हां हां।
तुम। कुछ।
हो तो।
मां हां तो।
हां, हां और
हां और।
हां, हां, हां
हां, मैं
हां हां हां हां
हां हां हां।
हां हां।
और हां हां हां हां हां हां।
हां हां हां हां हां हां हां
हां हां हां,
एक से हां हां।
हां हां
हां हां हां
हां हां ही।
हां, हां हां हां
हां हां हां हां हां हां।
है। हां हां हां हां हां
हां तुम। हां हां।
हां हां हां हां, हां, अब और हां।
हां हां हां हां हां
हां हां।
हां हां
हां हां हां हां
हां हां हां हां।
हां हां।
जहां।
हां। हां हां हां हां हां हां
हां हां हां हां हां हां हां हां
हां हां हां और।
हां हां
हां हां।
हां हां
हां हां हां हां हां हां हां हां।
हां हां
भर है ना।
हा हा हा हा हा
हा हा हा हा हा हा हा हा
हा हा हा हा हां।
बस। हां हां
हंसी खुशी तो है।
हां आप कहां? हैं।
हां कि हां हां हां
हां हां तो।
भावेश ये काम हो जाएगा।
आपकी बेटी की शादी का।
साडियों का डिजाइन सेंपल भेज रहा हूं।
देखेगा अब कैसी बातें करें आपको?
व्यापारी ने जवाब दिया ना, काम हो जाएगा तो हो जाएगा।
अब बिल्कुल सुनो धन्यवाद।
क्या बात है।
बहुत परेशान लग रहे हैं।
परेशान मैं नहीं तुम्हारे चेहरे में चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं।
क्या बात?
रितु परेशान क्यों है बताओ।
परेशानी है।
तू परेशानी छोड़ देना।
मैं थोड़ा चाहता हूं।
इस पर मन कर रहा है।
देखो, मेरा मूड नहीं है।
मुझे आपसे कुछ बात करनी है।
मेरी बात सुनो।
बहुत नाजुक बात है।
कैसे नाजुक।
मनीष ने
जो एक औरत को सारा सुख चाहिए वो अपनी बीवी को नहीं दे पा रहा है।
इसीलिए उसकी बीवी घर छोड़ने की धमकी दे रही।
मुझे लेबर देना
ये मैंने पहले कहा था तो वो नहीं था।
अब अब ये सब छोड़ो मुझे बड़ा कैंसर होता है।
थोड़ा सब इंजीनियर चाहिए जा सकता है।
अगर कोई बांझपन
आप उसे मनीष को समझाते क्यूं नहीं हो?
अरे एक मर्द दूसरे मर्द को भी समझा सकता है।
उसे बता सकता है।
ठीक है,
मैं मनीष से बात।
चल ना बता दूं अभी।
और वो सुनो तो पहले उसे समझा।
उसके ठीक चिकित्सक को फिर से रोना।
और तुम्हारा बेटा मनीष
मेरे साथ हमेशा ऐसा क्यों करता हूं?
जब से मनीष।
मनीष।
मनीष क्या ये सब इस मन करता है
मुझे हटा या छोटा?
मैं इनको कैसे समझाऊं?
जहां मनीष का रिश्ता टूटने के कगार पर है
तो कुछ और सोच रहा है।
तो। गुजार।
सकता है।
अब उन।
बुआ से मिलाप बताता है।
जिसके ऊपर मेरी पैकिंग कहीं नहीं।
चांद बना पाएगी है।
मालिक आप अपने यहां कुछ सही थे कि आपको।
चाहिए था
जो तू मोबाइल में किसी को दिखा रही थी ना?
जलवे दिखाओ।
मलिक ये नहीं कर सकते तो।
ड्रामा मत करो। आप।
पैसे।
जीतो कुछ भी नहीं है।
शुरुआत तो मुझे मत से देते जाओ।
मस्त माल मालामाल।
अखबार सेक्स। बहुत अच्छी है।
तुम। तीनों।
स्टोरेज में।
ये यार मनीष कहां पर रह गया?
गीतकार संदीप।
लेकिन
ये आवाज कैसी है?
मुझे देखना पड़ेगा।
ना। तू।
तो। हम।
और हां।
हां हां,
आज शाम हम।
पांच।
और उस।
शाम को और।
हम उस।
आम। और ये दोनों कुछ।
उन और।
हम और।
हम। तक। छीन।
हां हां,
हां, हां।
हां, अब और हां।
हां हां
हां, हम और।
बहुत है।
तो। अब।
हम कहां? है।
हां, हम।
हां, हां, हम।
हां हां,
अब। हां।
तुम हमें।
हां हां हां।
हां हां हां हां हां
हां हां।
हम। हां।
हम। और। तुम।
हम अब।
हां हां, हां
और हां।
हम। अब और हम।
हैं। हां,
अब हम।
हां और हां, अब।
हां हां, हां हां, अब।
हां, हां।
हां हां हां
हां हां
हां हां हां हां।
हां हां हां है
और मजा।
तुम तो वैसे ही मजे लेती।
हम तुम्हें शाम को।
बस बस मुझे इस तरह पैसे देते रहना।
हां, मैं रोज आप एक पुरूष।
हां। छाप किताब थाम
हां। कृति शादी।
तुम्हारे।
आपने।
जैसे मैं पर था और माता।
पिता भी ऐसी हूं।
मालिक हां हां,
आप अब मालकिन को भी
ऐसे मजे देते रहते होंगे ना? हां,
मजा देता हूं।
सभी को देता। हूं।
अब तुम तो मेरी एकदम पसंदीदा हो गई हो।
राय समीर किताब के पास 838।
आठ किताब बार बार रहा।
अब दीपा ने
कभी भी मना किया तो मैं हेतल के पास चला।
उसने खुद से हाथ
भरा और साबित मजा लिया।
किस्मत चमक बिलियन
एक नहीं तो दूसरी आ ही जा।
बैठना।
तो कितना नालायक था।
इतनी खूबसूरत पत्नियां तेरे पास
जिसे तू ब्याह करके ले आया।
अब उसको जो है तो तकलीफ दे रहा।
तेरे कारण बहुत घर छोड़ छोड़कर चले गए ना।
तो मेरा नाम तो पुराण तुमको देना था।
नाम पता ना क्या ना जगमोहन सा
नालायक तू नाला है ऐसे कुछ नहीं होगा।
अभिभावक साथ अगर तू सही में मेरा बेटा है।
तो सब शोहरत नाम की रचना
ठीक है जीवन में
दूसरी बार से अपने पांवों को धार कर खदान।
तेरी कितनी इज्जत है वो
अगर मेरी शक्ल मिट्टी में मिल गई
या मुझे बदनाम
तो मैं कहीं का नहीं छोड़ूंगा।
या। जाना
मुंह लटकाए क्यों बैठा है?
बस हुकुम चलाना आता।
शायद कभी अच्छे से बात की होते तो
अच्छे दिन
लाना।
अब। तुम?
छी, कितनी गंदी। है।
बिना शादीशुदा किसी।
लेकिन कुछ दिखाऊं?
लक्की भी है।
बिना शादीशुदा होते हुए भी दिन में दोपहर
और मैं शादीशुदा होकर भी
एक बार भी अच्छे से नसीब नहीं होता।
कितना फर्क है ससुरजी में और मनीष को।
काश मनीष को कुछ चंद सास थी।
तो एक। तो।
मैं। उसकी।
मां। को।
आम। हो।
मैं। तुम
और मैं। थी।
आम। कुछ।
तुम। हो।
तुम? और।
हम तुम।
में हम। तुम।
हैं। हां।
कुछ। लोग।
तो। ना। हैं।
का। सुख भी मिलता है।
सबकी।
तुम। में।
कहां। है।
और। हम उस से तुम खुश हो।
हां हां, हां हां।
हां हां
हां हां हां हां,
हां, इस प्रत्यक्ष अचानक आरसीएच आई।
हां मनीष
सुर्खियों में है।
साख तुम्हारा हमेशा का है।
बस अब और नहीं होगा। फिर से।
चाहे मां।
बस देखते ही रहोगे।
कुछ बोलोगे भी।
फिसलन क्या तुम्हारी।
मुझे तो लगता ही नहीं कि मैं तुम्हारी पत्नी ही।
शादी के इतने दिन हो गए।
लेकिन कभी भी तुमसे पति पत्नी वाली फील नहीं आई।
मुझे।
मुझे तो लगता है तुम बस एक जिंदा लाश हो जिसकी सिर्फ जिस्म यहां पर है।
बस और कुछ नहीं।
मैं मैं ट्राई तो करता हूं।
टाइम लगे आखिर कितना ट्राई करोगे तो एक साल, दो साल
या फिर 10 साल या पूरे उम्र।
मैं तुम्हारा इंतजार कर के बूढ़ी नहीं होना चाहती।
हां, जाओ, ऐसे ही मुंह छिपाते रहो।
अच्छा ही होगा रिश्ता खत्म।
टेंशन खत्म।
न रहेगी।
बस जीवित।
छोटी मालकिन या क्या।
करे या
और अब आप। कहां जा रहे हो?
मुझे क्या करना है? तुझे अपना काम कर।
के। बड़ी
मालकिन, बड़ी मालकिन।
क्या हुआ?
अब क्या प्रॉब्लम है?
और मैं तुझसे कितनी बार बोली हूं कि घर में आने से पहले एक बार दरवाजा।
नौकर समझ में नहीं आता क्या?
बल्कि अपने बार में डाल लेना।
पहले चले ना।
छोटी मालकिन के रूप में वह अपना बैग पैक कर रही है।
पैकिंग कर रही है।
हां, सगाई किस।
क्या बहू?
और ये
पैकिंग करके कहां जा रही हूं, यह तक तो कमरे से बाहर जाने।
पर पर मालकिन।
फाडक़र कुछ ले जाए और ध्यान रहे कि कमरे में कोई आने
या बाहर जा कि क्या हुआ।
आखिर बात हुई है ना कि हुआ कुछ भी नहीं।
आपने बोला था मनीष को एक मौका और दो मैंने दिया
लेकिन उसका भी कोई फायदा नहीं।
देखो बहू, मैं तुम्हारे पास खाली होती हूं।
इस तरीके से घर छोड़कर जाओगी ना।
तो मनीष को बहुत बुरा लगेगा।
उसका दिल टूट जाएगा।
देखो और हम लोग इस समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे।
एक मौका दे दो।
देखो, मैं तुम्हारी मां जैसी हूं।
प्लीज प्लीज मान जाओ।
एक मौका दे दो।
ठीक है,
लेकिन आखिरी होगा।
थैंक्यू।
हर कोई मुझ पर बैंकों का।
अग्री करता है।
वैंकूवर।
मुझे ये लोगों से मेल मिलाप करना पसंद नहीं है।
मैं अनकंफर्टेबल हो जाता हूं।
कोई भी कभी समझने की कोशिश की।
एक बच्चा जो
अपनी मां से सबसे ज्यादा करीब था और वही मां।
उस बच्चे को इस दुनिया को छोड़कर हमेशा के लिए चली जाती है।
तुम बच्चे की हालत क्या हो?
जब उसके।
दुनिया ही उजड़ गई
तो इस दुनिया से कैसे रिश्ता बना पाता?
कभी किसी
किसी ने समझने की कोशिश नहीं की।
दीपक जी का मैसेज अर्जेंट।
आपने बुलाया मुझे?
हां, काम था जी।
दरवाजा बंद करता हूं।
लगा दी कुछ जरूरी बातें।
मनीष बैठक तो।
देखा अपना मुंह खोलने से पहले एक बार सोच लें।
कहीं मनीष को बुरा तो नहीं लग जाएगा।
सचमुच कुछ कहने जा रही है।
उससे कुछ हटकर होगा।
केवल कुछ।
मनीष, मैं
तुम्हें इस तरीके से दुखी नहीं देखना चाहती।
तुम्हारी क्या प्रॉब्लम है, इसे बताओ।
मुझे बताओगे नहीं तो मुझे कैसे पता चलेगा
और मैं तुम्हारी प्रॉब्लम को कैसे स्वर्ग तक।
मैं तुम्हें इस हालत में नहीं देख सकती।
मनीष कुछ तो बोलो।
अनूपजी
मैं अपनी पत्नी को पति का सुख देना चाहता हूं,
पर मैं कंफर्टेबल नहीं,
एक जगह में आकर के रुक जाता हूं।
उसे पता।
मनीष एक औरत को क्या चाहिए?
वह सबकुछ सिखाऊंगी
जिससे औरत खुश होती है
और एक औरत होने के नाते यह मेरा फर्ज है।
मनीष और मेरा कोई हक नहीं।
बुरा मत मानना। हां।
मैं तुम्हें सबकुछ सिखाऊंगी।
आज दो अपना। घर।
मनीष एक औरत का इंपॉर्टेंट पार्ट होता है
और स्किपिंग पॉइंट होता है।
कुछ। और होती है किस
औरतों को किस करने से
औरत ज्यादा एक्साइटेड हो जाती है?
अरे देखो!
यहां पर किस करो।
यहां पर किस करने से
औरत पूरी तरह से सहम जाती।
वित्त,
वित्त।
समिति की तमाम।
चीजें।
हैं। जिसमें।
आम। और।
कुछ। है।
और। काम। है।
तो। तो। और।
कुछ। नहीं।
तो और हम।
हम तो कम से सबको।
अच्छी।
मां और
हम आम।
को कम से कम
तो हैं।
हां। हां।
हां, हां।
तुम हां।
हां, हम।
हां हां।
हां हां।
हां। हां हां।
हां। हां हां
हां हां हां हां हां हां,
कुछ कुछ।
इस। हां हां व हां।
हां हां हां हां हां
हां हां हां
हां हां हां।
हां हां
हां हां हां हां हां
हां हां हां हां
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ।
हां अब।
हम सूत्रों। की।
हम। तो तुम।
उन। मन की
आप सबकी चाय यहाँ तक।
लेकर।
अब मुझसे क्या शर्माना।
शाम और ससुरजी के।
साथ बहुत मजे लेकर करती हूँ।
इनसे क्या प्रॉब्लम है?
हाँ मालकिन,
ये आप क्या कह रहे हो?
वही कह रही हैं जो देखा है
शाम और ससुरजी के साथ हंस मजे से कर रही थी।
मेरे से क्या प्रॉब्लम? थी
अब तुम मुझे
बताओ या मैं सास को बता मुझे?
जवाब हाँ या ना में चल फिर मेरे पास इसका जवाब।
अपने मुँह की बात हिंदी।
आप इतनी खूबसूरत हैं, आपको देखकर लड़कों का क्या
लड़कों का भी दिल मसल जाता है।
कि। अच्छी।
अच्छी। और।
आम। अच्छी।
हाँ। तो।
हम आप ही।
तो पता कहाँ
कहाँ।
तक तो। आशू।
कुछ। न।
कहते हैं।
उन। पर।
खूब। मिलती है। और।
हम। उन।
कुछ हंस।
को। भी।
तो। और कम।
हाँ हाँ
हाँ हाँ।
हम। और तो और तो और,
हम और हम।
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ आप तो
हाँ हाँ और हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ भी।
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ और वह हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ।
हम। सही।
हैं। उसका।
कुछ। तो।
तुम्हें।
उनकी।
ही। सुन।
और हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हम
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
तो उन्हें कि हाँ।
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ।
इसकी कुछ।
हाँ हाँ हाँ
तो है उस।
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ।
हाँ हाँ हाँ हाँ।
हाँ हाँ हाँ तो।
और हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ में हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ तुम। ही।
वाह क्या बात है।
हाँ, तुम्हारा
हमारे बहुत अच्छा साथ
शरीर का पहनावा।
पूरे गाँव। में।
चार बदन है और हमारे नालायक बेटा
उसी बहु को परेशान करता रहता।
बेचारी को अपने शरीर की भूख मिटाने के लिए
हेतल के साथ ना जाने
क्या क्या करना पड़ रहा है।
शायद कोई रास्ता निकल।
मनीष को छोड़ सबकुछ सुख गया
छोड़ औरत।
को मिलना चाहिए।
खैर कोई बात नहीं
अब मेरे मनीष का रिश्ता नहीं टूटेगा।
उस शादी से अपनी बीवी को जल्द
उसे। से।
सबकुछ देकर।
में बहुत अच्छा लगता।
आज मनीष को खुश तो।
दीपा हाँ, मुझे नींद नहीं आ रही है।
गाड़ी में टहल आ रहा हूँ।
ठीक ठीक और।
मेरा इंतजार मत करना।
लौटने में समय लगेगा।
तुम सो जाना।
एक के।
हैलो हैलो मनीष, कहाँ हो?
मैं अभी मायके पहुंचा हूं।
अच्छा
बाकी का सामान ले लिया क्या?
ले लिया। मैंने रास्ते में देखा जो कोई नहीं।
बहाना करके निकला हो।
रश्मि तो गुस्से में थी।
फिर मैं निकल गया।
खैर कोई बात नहीं, जब तुम दरवाजे पर आ जाना।
मुझे शिशुपाल, सलोनी अथवा सब कुछ समझाती है।
लेकिन आप।
ये। जिसके लिए
मैंने मनीष को इतना सारा समझाई हूँ।
बस एक बस
अपनी बेटी के साथ सेट हो जाए।
अरे मागे जो मैंने बोला हो।
ले आई ना। ये भी। वैरी गुड।
सुनो पहले अपने कमरे में जाना
और अपनी बीवी को अपने हाथों से ये फूल देना देखना
सबकुछ अच्छा हो जाएगा।
हर है। जो।
अरे बाबूजी आप।
कुछ। बेखबर।
दीपा ने तुम्हारे और मनीष के बारे में सबकुछ बता दिया।
मैं जानता हूँ तुम सही हो।
बिल्कुल गलत नहीं।
लेकिन
मनीष को महिला के साथ कैसा बर्ताव करना था, उसे नहीं मालूम।
वह नासमझ है।
उसकी वजह से तुम दोनों आपस में रिश्ते तोड़।
वंछित मोनी बाउजी
अब आपको क्या बताऊँ, हम?
औरत को बिस्तर में मर्द चाहिए होता है जो
मुझे कभी मनीष से मिला ही नहीं।
अब मैं चाहती हूँ
एक ऐसा मर्द हूँ जो मेरे से प्यार करें।
मुझे डॉमिनेट करें।
लेकिन यहाँ तो सब मुझे ही करना पड़ता है।
आखिर कब तक मैं मनीष के मर्द बनने का इंतजार कर।
इतनी सी बात है।
तुम्हें मर्द का सुख।
अगर तुम चाहो तो
सारा मर्द का सुख बहुत होगा।
लेकिन देखो यह बात हम कम पहुंचते रहेंगे।
अगर तुम्हें मन हो तो।
इन भौजी की हमारे बीच।
बहुरूप!
इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।
उनको सिर्फ मर्द का सुख ही चाहिए ना।
वो सारा सुख तेरा हो।
और ये बातें चारदीवारी के अंदर बंद रहेगी।
हम तुम्हारे और मनीष का रिश्ता जो बना रहे
इसी बस
पति तुम्हारा हुई है
सिर्फ बिस्तर में मैं तुम्हारा मात्रा का
तो चरम सुख, सारा सुख तुम।
आबाद। कुछ।
और। हाँ।
हम। तुम साथ।
ही। तो।
इसमें।
तुम। भी।
हाँ हाँ।
तुम। सब मुझे क्या करना?
अपने नाम के साथ।
साथ। सुमन अब मुझे।
मर्द की जरूरत नहीं।
अबसे बाउजी ही मेरे मर्द हैं।
अब जब मैं बेटे कुरुक्षेत्र के पास बन कर
अपनी।
स्कूटी।
बहू जब जगमोहन जी को अपना पति मान ही ली हो
तो आज से मैं ही इसे अपना पति मान लेती हूँ। फिर।
तो बाप।
क्या करे?
वही जो तुम कर रहे हैं।
उस। सूरत में बेहाल कर दूंगा।
जिस चीज की तड़प थी।
जो मैं अब।
छीन। नहीं।
उस उनकी मर्जी को खुश।
रहूँगा।
अपनी।
सुखी।
सुखी। माँ।
को। तुम।
सुखी।
पिता की।
का। तो हो।
ही। नहीं।
अब हम। तो।
उनका।
नहीं हो सकता।
इनका।
थाना।
में। आकर।
और हम।
बेटा। खुश।
हैं आप हैं?
हाँ तो।
उस भी।
खुश हैं माँ।
हाँ हाँ।
सासू खुश हैं। कुछ।
हाँ हाँ।
मैं। कुछ।
बहुत खुश।
आपकी खुशी को। तुम।
फिर से मनीष के पास अचकचाया।
मुझे कुछ ऐसा करना होगा।
उसके कदम पीछे न जाएँ।
ज़िन्दगी पर इसका सफर चाहे अच्छा।
कार का मालिक।
हमारा। हो।
तुम। कुछ।
और। काम।
हम उन।
तुम। उस वक्त।
वहाँ आप।
अपना।
अच्छा।
तो हम।
आप। हाँ
हाँ हाँ। मैं।
हाँ माँ।
अब। हाँ
हाँ हाँ।
मैं। माँ
हूँ और।
हाँ। इन्हीं।
मेरे।
चलो अच्छा है।
जब से सुधीर गाँव।
जो पहले वाला अकाउंटेंट था,
बहुत घपला करता था।
हाँ। फिर।
मेरी।
क्या है?
हाँ, सो पढ़ाया था।
क्या बात? है।
कि। आप। तो।
कामिनी
चली गई।
गांव तो सब काम संभालना पड़ता है।
थक गई।
बहुत रखी थकी सी नजर आ रही हूँ।
उस क्या करूँ मेरे
आपके।
नौकरानी खुद चली गई।
गांव ना और घर के सारे काम मेरे
और बेचारी मंदाकिनी के ऊपर आ चुकी है।
देखो ऐसा है कि तुम ना
राम्या को इन चीजों में मत फंसाओ।
वैसे कहने को तो वो आपकी सौतेली बेटी है।
मेरे बहु
और बेटे को सगी मां से ज्यादा प्यार किया है।
मेरे बेटे प्रीतम के देहांत के बाद
तुमने मंदाकिनी को और।
कौन महान है ये हम बाद में डिसाइड करते हैं।
अभी चलिए आराम करते मैं थक चुकी हूँ।
अरे नाना ना अभी तो आराम करने।
उन्होंने मुझे
आज वो आज मन कर रहा है इस सैलून।
लेकिन मैं थक चुकी हूँ।
तुम मेरी थकावट मिटाना,
मैं तुम्हारी थकावट मिटा हूँगा।
हमला तो रोज ही करते हैं।
10 साल हो गए बताओ
तुम हमेशा से ऐसे करते सुनना देखो
बहुत तड़पा रही है तो क्या मैं अब अपने आंसू का इस्तेमाल।
गंदे न करते।
तो। इनकी कोई।
हाँ। हाँ।
तो। अब। तो।
हाँ हाँ हाँ।
अब। हाँ।
इन बूढ़ी माँ।
हाँ हाँ।
तो हूँ।
19। को
हाँ हाँ
हाँ हाँ तुम।
तो हो।
खुद। हो। कि।
मैं उस। खून।
और हाँ हाँ
हाँ तुम
तो। चल।
अब। आप।
हाँ हाँ
हाँ अब आप।
इस। पर। हाँ।
चाहे। आप।
हाँ। हाँ। तो।
तुम्हारे बात।
कहाँ?
हाँ। हाँ।
हाँ। हाँ।
इस। वक्त।
मैं तुम्हारा।
मन। ही।
हूँ तो उस। हाँ।
और तुम तुम्हें कुछ।
हाँ हाँ, तुम।
हाँ। है।
अब आप तो। सही।
तुम हो।
ओह! वो।
इन। हाँ हाँ।
हाँ हाँ।
इन्हें।
अपने। हाथ।
पैर। हाँ, तुम।
नंगी।
ही। कर।
हाँ, तुम।
ओह हो।
कि ये।
तो हाँ।
हाँ हाँ हाँ।
हाँ हाँ अब हम
तो तो।
ओह! की उस।
हाँ अब तो हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ।
हाँ हां
और अब आप।
अब। हाँ अब
और अब।
हाँ आज आम आपको खास।
अब हाँ हाँ अब
तुम तुम।
हाँ हाँ हाँ अब तुम तो
और हाँ हाँ।
तुम तो हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ करती हूँ।
हाँ हाँ और।
हाँ हाँ हाँ
हाँ मुफ्त आओ।
हाँ अब। तुम।
उन्हें हाँ
हाँ हाँ तुम।
हाँ हाँ
तुम तो।
और वो तब
और तो।
और तुम।
तो माँ जी!
अब टेंशन मत लो।
समय आने पर रोमी अपनी सारी जिम्मेदारी समझेगी।
सब कहते हैं कि समय आने से सीख जाएगी।
वो वक्त कब आएगा।
लड़कियाँ 22 साल की हो चुकी है तब।
अरे मालकिन
अपनी रमिया भी 22 साल की नहीं हुई है।
वो तो एक साल की है।
लो आ गई महारानी।
आते कैंची जैसी जबान चलाने लगी है।
अरे मालकिन मैं जानती हूँ आप मुझे क्यों ताना दे रही हूँ।
देखना शायद चुटकी में काम खत्म कर दूंगी।
बात तो एकदम सही है।
इनका काम एकदम नपातुला रहता है।
अरे वो राम्या इस वक्त कहाँ जा रही हो? तो
माँ मैं
आउटिंग के लिए जा रही हूँ और लंच बाहर कर लूंगी।
और हाँ प्लीज़ अभी मत टोकना।
हद कर दी इस लड़की ने उसको देखो और इसको देखो।
प्रीतम जाने के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी अपने सर पर ले लिया है।
अरे मालकिन कितनी बार बोलो की जिम्मेदारी जिम्मेदारी सौंप।
बाकी एक बात
अपनी रमिया की शादी करा दो सारे झंझट ही खत्म हो जाएगी।
सुन तुझे क्या लगता है मैंने इसके बारे में नहीं सोचा।
कब का सोच कर रखी हूँ मैं धीरेन्द्र जी को इसके बारे में बोल के भी रखी हूँ
लेकिन उसका एक ऐसा घर परिवार चाहिए जो आँखों के सामने रहे।
अरे मालकिन इसमें कौन सी बड़ी बात है।
आप तो बहुत पैसे वाली हो, कोई अच्छा लड़का देखकर
अपना घरजमाई बना लो और आपकी बेटी भी घर में रह जाएगी। हाँ
ये तो बहुत अच्छा आइडिया है।
मैना धीरेन्द्र जी से एक और बात करती हूँ उसके बारे में ठेकेदार बाबू।
से ही दिखती। है।
कामिनी ने तो बहुत अच्छा आइडिया दिया है।
अभी धीरेन्द्र जी आते होंगे।
उनको समझा देती हूँ।
अगर नहीं मानी ना तो मुझे बहुत बड़ा कदम लेना ही पड़ेगा।
इतना लाड दुलार भी अच्छा नहीं है।
क्या अच्छा नहीं है?
कुछ नहीं छोड़ी है।
अच्छा तो तुम्हारे कुछ नहीं के चक्कर में
तुमने मुझे भरी दोपहर में ऑफिस से यहाँ बुला लिया।
वो क्या है न कि मैं राम्या की शादी के बारे में सोच रही थी।
ऐसा होता कि हम लोग घर जमाई लेकर आते।
ऐसा होगा कि राम्या बेटी की शादी भी हो जाएगी और वो हमारी नजरों के सामने भी रहेगी।
मैं उसके बारे
में तुमसे बात करने ही वाला था और मेरी नजर में एक लड़का है कौन?
अरे तुम्हें याद है सुधीर अपना अकाउंटेंट।
वो एक नेक लड़का है और शरीफ भाई।
मैं तो ये समझता हूँ कि ऐसे घर जमाई वो मुझे बहुत पसंद है।
सही कहा आपने भले वह अनाथ हो लेकिन संस्कारी भी है।
ठीक है मैं रमैया और सुधीर से बात कर लेता हूँ।
अगर दोनों की हाँ हो जाती है तो इसी हफ्ते उनकी शादी कर देंगे।
एक्चुअली अभी से ही ये सब तैयारी की शुरुआत करनी पड़ेगी।
अरे तुम कहाँ जा रहे हो?
बैंक से
इसके लिए मेल
छोडिये ना।
मुझे ये सब कॉमन नहीं है।
बहुत सारे घर में काम भी है।
मुझे अभी से काम पर लगना पड़ेगा। कुछ।
अभी के अभी दीपा
होटल में पहुच फ़ास्ट नहीं गई।
तो। फिर। पता।
इतनी देर लगाएगी तो नहीं आने में। हाँ।
क्या करें मालकिन ने इतना काम जो दे दिया।
उसकी आदत बन गई है न खुद करती है,
किसी को करने देती है।
जो भी हो अब तुम्हीं आ गई हूँ न।
तो मुझे तेरा ही सहारा है।
जूही तो मुझे संतुष्ट करेगी।
मेरी प्यास बुझा के
मुझे संतुष्ट करने वाले हैं।
सिर्फ।
न ही तो निकालूंगी।
पानी उस
प्लान।
में। तो।
हम। तो
अपने। हाथ।
में। तो।
वह अब।
नाम। तो। है।
हाँ तो। हाँ।
तुम। और तुम।
तो। और हाँ।
अब। हम।
कहाँ तो? हाँ।
तुम? हाँ।
तो। तो वो खूब।
दूर। तुम
तो हो।
हाँ, एक।
वो। ही।
तो। है।
कि। हाँ।
हाँ। तो।
हम। तो।
और हाँ हाँ हाँ।
माँ हाँ। तो।
यूँ ही।
तुम खुद।
ही हो।
तो तुमको।
तो। समझो
अंगूर। हाँ।
और। ना।
वो तो होगी तुझे वो।
चीज और हम तो
अब तुम।
और हम हाँ।
अब हम। अब।
हाँ हाँ हाँ।
हम। हाँ। और।
हम। तो तुमको।
हम अब
हाँ, अब।
तो हम।
तुम। और।
हम कुछ।
और। हैं।
तुम। हाँ।
अब। हाँ हाँ।
मैं। इस।
तुम। ही। हाँ।
हाँ। तो।
हाँ। हाँ।
अब तो
तुम सब। हो।
कहाँ?
अम्मा। और।
अम्मा हाँ।
तुम। भी।
अभी हो। हाँ।
तुम। हाँ।
हाँ हाँ
हाँ हाँ हम होंगी
भी हैं।
हाँ हाँ। हां।
तो। हाँ हाँ
हाँ अम्मा और था
तो तुम्हें
हाँ हाँ हो तो वो
तो तो।
और हम।
तो। फिर। हम।
हाँ, तुम तो हो
अम्मा।
हम। सब।
हम अम्मा।
और। ये जो। हैं।
अम्मा वो।
माँ। आप।
हम। अम्मा
आप हम अपने पीछे
उसको तो।
हम। अम्मा
को हम।
और हाँ हाँ
हाँ आप हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ कहाँ?
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ और है
और हम
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ तो।
ओह ओह ओह ओह तो ओह ओह ओह ओह
ओह ओह ओह!
हाँ हाँ हाँ और हाँ हाँ और
अब तो तुम तो
हाँ हम।
तुम। तुम हाँ
हाँ हम
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ।
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ आप
तो तुम जीवित होंगी।
हाँ हाँ।
और तो और हाँ हाँ
और हां हां
हाँ हाँ।
बक्ख बक्ख बक्ख बक्ख बक्ख बक्ख बक्ख बक्ख बक्ख।
खींचती
स्क्रीन दी।
हां हां हां।
बीच हुई।
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ तो अब तक पक्की तो।
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ।
तो अपना आपा खो खो खो तू
हुकुम अंकल जी हाँ हाँ ज़माना तो अब
खो चुके हैं।
हाँ हाँ हाँ हाँ क्यों?
हाँ हाँ 1 की
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
मैं हूँ।
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ।
हाँ हाँ हम तो हो अब तो फिर तुम भी।
हाँ मैं भी।
तो तुम
हाँ हम तो हाँ हाँ
अब तू तो और।
हाँ उन को
तो मौका तो
हाँ हाँ हाँ हाँ
तो नाम तो।
अनुपमा हाँ कि।
इस। कुछ।
बेटी राबिया, इतना नया जीवन है
और शादी का जो रिश्ते होते हैं ना,
बहुत ही नाजुक होते हैं और एक बार यह रिश्ता
एक जायदाद और इससे ज्यादा मजबूत दुनिया में और कुछ नहीं होता।
बेटे, मैं
जानता हूँ तुम एक नेक लड़का लेकिन फिर भी एक बाप होने के नाते
मैं तुमसे रिक्वेस्ट करता हूँ कि मेरी बेटी को हमेशा खुश रखना।
आप एक किस्मत की चीज है।
अब आपकी बेटी मेरी पत्नी है।
अब मैं उसे खुश रखने की पूरी कोशिश करूंगा।
तो ठीक है बेटा, लेकिन एक बात जो है ना।
अब मुझे ये शहर कैसे छोड़ दें?
अरे डैड बांसुरी कुछ भी बोल सकते हैं।
लेकिन सर मत कहना कि गीत बदल सकते हैं।
चल हर्षिल चले हैं।
अभी तेरी जिंदगी पूरी अलग हो चुकी है
और तुझे सब कुछ तौर तरीके तो सीखने पड़ेंगे ना।
कम ऑन मम्मा।
आज की सुहागरात सुधीर जी के साथ और आपको के अलग अलग लेक्चर दे रहे हो।
कौन किसको लेक्चर दे रहा है भाई?
अरे कुछ नहीं
मेरा मियां बेटी को शादी के बाद की जिंदगी के बारे में समझा रही थी आने।
मतलब अब ये जिम्मेदारी इन दोनों की है।
इन दोनों को अकेला छोड़ आओ।
हम बाहर चलते हैं। ठीक।
चलो चलो।
वैसे तो मुझे पता तो नहीं है कि मैं आपको पसंद आया हूँ कि नहीं।
हो सकता है आपको मेरा स्टेटस भी ठीक न लगा होगा।
ऐसी कोई बात नहीं है।
अगर पापा ने आपको मेरे लिए चुना है तो सही चुना होगा।
कुछ तो अलग बात होगी।
आपने जी ऐसा बिलकुल भी नहीं है
जो मैं आपके लिए एक गिफ्ट लेकर आया था।
जो हो सकता है वो आपको अच्छा न लगे पर।
दिल से लाई हुई।
हर चीज़ खूबसूरत होती है और आपकी लाइफ में हर चीज मुझे पसंद आएगी।
क्या अब तुम इन्हें मेरे बालों में लगाओगे?
नहीं।
वैसे आपके हाथ पैर बांधकर आपके साथ सुहागरात मनाऊंगा।
कमान सुधीर की सब चीजें सिर्फ वीडियो में अच्छी लगती हैं।
क्या हम थोड़ा सुहागरात नॉर्मल नहीं मना सकते?
ऐसी भी सारी रस्मों में मैं थक चुकी हूँ।
सर ठीक है, पहले नॉर्मल से स्टार्ट करता हूँ।
शायद आगे जाकर खुद अलग तरीके से शुरू कर।
इस। बीच।
इस। इस।
स्थिति।
में कुछ।
कुछ। यह भी। कुछ।
होगी कि।
तुम सब आपा।
को। कुछ।
हो? हाँ।
रोज। की।
कमेन्ट
आप आज आप।
आप। से।
आप। और आप।
मिलने।
हाँ हाँ।
हम लोग।
कुछ। माँ और।
माँ। हाँ। हाँ।
हम। तो हैं।
वो। हम।
माँ। हाँ
हाँ हाँ।
हाँ। हाँ
तुम तो।
और हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ और हाँ।
हाँ हाँ।
हाँ हाँ हाँ माँ आपको।
हम को हाँ हाँ तो और भी।
हाँ हम
सुधीर पागल हो गए।
क्या तुम? मुझे अच्छा नहीं लग रहा?
अरे रम्या ऐसे ही मजा आता है।
तो तुम अपनी।
पोस्ट शेयर करना है तो ऐसी करो।
मैं एक्स्ट्रा एफर्ट नहीं लगा सकती। हाँ।
हाँ हाँ
तो और बहुत कम है।
सुधीर बस करो कि हाँ सुधीर बस करो तो।
खुद को खत्म करो। को।
सुधीर बस करो कि।
ये थी कि।
हाँ हाँ हाँ
तो। यह।
यार इस लड़की के अंदर तो आग ही नहीं है।
साला कितना टाइम हो गया अभी तक।
सुधीर आया नहीं भाई नई नई शादी हुई है ना।
बुरा वक्त लगेगा ही।
सॉरी गाइज लेट हो गया।
इसरो के लोग समझ सकते हैं।
पत्नी ने निकलने नहीं दी होगी कंबल के साथ साथ का सस्ता।
अच्छा सुधीर कल रात की स्टडी बताना।
भाभी ने सुहागरात में कितना थकाया तुझे।
क्या यार तुम लोग भी बस करो।
अभय शर्मा क्यों रहे हैं?
तुषार भी देख ले अपने फर्स्ट नाइट से लेकर शादी
तक सारी सेक्स स्टोरी शेयर करता है।
और अब एक और चीज एड हो चुकी है।
एक और चीज।
हाँ बॉयज तो खिलाडी निकला यार हद तक क्या हुआ
भाई मेरी वाइफ ने ना
डिफरेंट डिफरेंट तरीके से ब्लोजॉब करना सीखा है।
क्या मजा आता है यार।
पता है कल रात को आइसक्यूब लेके ब्लोजॉब किया
क्या मजा आता है यार सच में सेक्स में
तो बिल्कुल कोहराम मचा देती है।
इसकी जिंदगी कितनी अच्छी चल रही है।
कितना खुश है ये मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता।
मुझे अपनी बीवी के साथ बात करना पड़ेगा।
ईश्वर की दी हुई बड़ी सजा मिली मुझे तो
शादी के
दो महीने बाद ही प्रीतम जी का देहांत हो गया।
जब तक मैं उनके करीब थी,
उन्होंने सारी शक्ति मुझे
और अब उनके न होने से
बहुत चुभन होती है।
मेरे। पति।
मेरे होते हुए तुम्हें किस बात के अकेलेपन की चुभन है?
वो तो।
सही है।
तुम तो वो तिनका हो जो डूबते हुए को सहारा दे रहे हो।
अब क्या करें बहूरानी, मेरा तो इस घर के सारे लोगों की सेवा करना
सबसे बड़ा धर्म है।
मेरे सीने में एक आग लगी है,
फिर तुम उसे शांत कर दो।
अरे बहूरानी,
आपके सीने पर दो दो पहाड़ हैं।
आज से रौन रौन के।
मैं मिट्टी बना दूंगी तो।
माँ तो।
देखा। माँ।
माँ। माँ।
माँ। आप।
पुष्पा माँ।
हाँ। कहो।
हम। आम।
तो। हम
वो और।
हम। सब। माँ।
उत्सव। में।
तो। माँ।
अम्मा।
माँ को भोग।
न। आप अपनी माँ को आप।
की माँ।
माँ को माँ।
माँ। और आम।
माँ। माँ। माँ।
या कम से कम थोड़ा बहुत कोशिश तो किया करो।
तुम तो ऐसे उलझे जैसे हमारे बीच में कभी सेक्स ही नहीं हुआ।
अरे सेक्स होता है। मैं ये नहीं कह रहा हूँ।
बट जो हमारे बीच होता है उसमें तुम्हें सिर्फ पड़ी हुई लाश की तरह रहती हूँ।
माइंड लैंग्वेज तुम ये मत भूलो जिस घर में खड़े हो वो घर मेरा है।
नाउ गेट लॉस्ट
फॉर कॉल।
नई दिल्ली।
गली गली में।
गली गली गली में।
अच्छा
तो जमाई राजा को ज़रूरत है एक जोशीले पतंग की
और मुझे ज़रूरत है
एक मर्द की।
अब तो कुछ करना होगा।
जमाई राजा को अपने करीब लाने के लिए।
अरे वाह मंदाकिनी रानी,
आज तो तुम्हारी खूबसूरती की बात ही अलग है।
तुम्हारे इन टपकते होठों का रस
बेचारा किस पर डूब जाऊं?
दूर हटो।
अरे दूसरे काम में।
आना मंदाकिनी मुझे कुछ भी सुनने बहाना
जो यहाँ से।
ले लेती है।
अरे हाँ, हम
जमाई बाबू को ज़रा रूम में भेज देना।
काम है मुझे कुछ ठीक ठीक है।
बोल दूंगी।
कुछ। उस कामिनी को मैंने कहा था।
सुधीरजी को भेजने के लिए अभी तक आईने।
भाभीजी, क्या मैं अंदर आ सकता हूँ?
अरे सुधीर जी, आप बाहर तो खड़े हैं।
जी, अब आपने बुलाया था मुझे।
हाँ, क्योंकि मुझे पता है कि मेरी जरूरत
सिर्फ आप पूरी कर सकते हैं।
मतलब समझने में कुछेक।
अरे वो देखिए ना मेरा वेट कितना बढ़ गया है।
आप तो कितने फिट हो।
तो मुझे लगा मेरी मदद कर सकती हूँ
वेट कण्ट्रोल करने में।
आपका वेट वैसे है नहीं।
इतना।
आप मेरी मदद कर रहे हो या नहीं?
प्लीज।
चलिए ठीक है कर दूंगा।
मैं आपसे मदद तो क्या करना चाहेंगी।
पहले आप जो आपको लगे आप वो एक्सरसाइज करा दो।
ठीक है
तो पहले हम स्पॉट करेंगे
सिटी। कि या।
तो आपको इस पोजीशन में रहना है एंड।
डाउन कर।
के तौर पर करेंगे।
गुड फूड।
आपको और कौन कौन से बॉडी पार्ट्स कवर करना है?
बेली फैट, थाई सबकी।
तो बेली फैट के लिए पहले हम एक्स करेंगे फिर ठीक है
तो आप इसे कैसी?
अब हम करेंगे
यहाँ पर क्रंचेस देखें तो आपको ये पोजीशन में लेग रेस करना है।
ओके। इसको अपनी चेस्ट के पास लेकर रहना है।
ठीक है
या करिए।
चलिए।
आप। कुछ।
कुछ। ही।
समझ। सकते हैं।
तो हाँ हाँ, आप।
हाँ। तो। इस।
का कुछ। इस।
खाना। है।
अब। यूँ ही।
आप कहोगे? ये।
कहाँ? से।
हो। आप।
तो आपने देखा।
इस। डिश।
में। मैं।
तो। खूब।
हूँ। हाँ हाँ।
हाँ हाँ। हाँ।
और हाँ हाँ हाँ हाँ।
हाँ हाँ।
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ रखा।
तो हम तो हाँ की ही।
हाँ हाँ हाँ कि हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ तो तुम।
और हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ को
तो तो वो हाँ और
हाँ हाँ हाँ और उस।
तो अब सस्ती तो।
हूँ तुम तो हो तुम तो कि तुम तो
हाँ हाँ तो तुम तो।
तो हो तुम सबको तो हाँ हाँ
और उन को तो
तो हाँ हाँ हाँ तो
अब तो इनकी।
भी एक। तो।
साहब तुम।
नीचे भी एक सीढ़ी बनी ही थी
तो कि खूबसूरती की
तो कब तक?
हाँ हाँ हाँ और।
तुम तो हाँ।
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ तो।
हाँ हाँ हाँ हाँ तो तो।
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ इन
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ। ना।
ये सफेद साड़ी में
तुम्हारा भीगा हुआ बदन एकदम लाजवाब लग रहा है।
सच में ऐसा मन कर रहा है ना?
इसमें गोते खा कर दूर रहो।
देख लिया तो आजकल मैं देख रही हूँ।
तुमसे दूर जाने की कोशिश कर रही हूँ।
हाँ नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है।
देखो लग रहा मुझे अंदर बुला रही तुमको।
अरे मधुर कामिनी।
अब। जी माल के।
क्या बात है,
आज सुबह सुबह जान लेने का इरादा है क्या?
इस सफेद साड़ी में ऐसा भी जाना चाहिए?
मंत्र कर रहे हैं कि
मन कर।
रहे हैं जो फैसला
अभी आपके। मन।
में। कि।
हमारा।
जो। आप।
में फिट।
है। अरे यार ये मालकिन वीना
एक साथ सारी चीज़ नहीं मंगवाएंगे।
जब देखो तब कभी ये ले क्यों?
कभी बोले क्या?
अब बताओ फिर चलो उनके साथ मार्किट इनकी गुलाम बनकर।
अब फिर सारे सामान लेकर आओ।
मैं तो परेशान विवश मालकिन से।
ये तो सब भूख से।
मन तो कह रहे हैं कि
इसके साथ साथ मैं भी इस तरह के जैसा विचित्र।
इसीलिए मुझसे आजकल कटी कटी।
रहने लगी है।
हाँ हाँ।
तो। अब।
हम। भी। ये।
करते हैं।
कि। हम।
कुछ कुछ। खा।
हाँ हाँ।
तो। उन्होंने।
तो। हाँ। जी।
हाँ तो तो।
हाँ। तो।
उसको हाँ
हाँ हाँ हाँ।
अब। कुछ।
खा और हाँ।
तो। उनका तो।
हाँ हाँ। हाँ।
ये। तो। हाँ।
अभी दिन।
तो। बस।
हाँ हाँ।
हाँ हाँ हाँ।
स्पोर्ट्स।
तो हम।
तुम्हें।
अपना। कह।
ये जानने के लिए कि।
आगे भी
दामिनी कहाँ तो यह पैसा लेकर आ रहे थे।
अच्छा!
मेरी बात ध्यान से सुन मैं क्या बोल रही हूँ।
वो अपने साहब हैं ना।
उनके ऑफिस जा और मेरे से अच्छा सर्विस देना।
हाँ अरे जैसा बोलो वैसा कर दूँ।
और हाँ और साहब से ये भी बोलना उनकी बहूरानी और दामाद
दोनों को अपनी आंखों से देख क्या ये कि हमबिस्तर हो रहे हैं?
हाँ ठीक है चल मैं रखती हूँ और आप।
कामिनी।
हाँ तो कितनी भी अच्छी खाना बना लेती है ना।
पर राम्या बेटी को ना मेरे हाथ का मंचूरियन ही पसंद है।
सही कहा मालकिन, राम्या को ही क्यों इस घर के सारे मेंबर को
आपके हाथों का मंचूरियन पसंद है।
सच्ची
झूठ बोलो तो मेरी जबान कट जाएँ।
ये भगवान कितनी बड़ी नौटंकी है।
और माँ मैं हल कर दे।
अरे कामिनी सही कहती थी।
मंदाकिनी शादी होते ही किचन के कामों में हाथ बंटाने को सोच रही है।
अरे मालकिन, मुझे याद आया
वो मालिक ने आपको बुलाया था और टिफिन लेकर
मुझे।
हाँ ठीक है ठीक है मैं बोलकर आती हूँ।
केबिन बनाने में थोड़ा वक्त लगेगा।
काम संभाल लें तब तक।
क्या बात है?
कहाँ खोये हुए हैं?
हाँ, कुछ नहीं।
छोटी मालकिन है।
वैसे तो बताने के लिए मेरी जुबान काप रही है।
लेकिन छोटी मालकिन आप तो अपनी होना तो मैं आपसे धोखा कैसे कर सकती हूँ?
अरे सस्पेंस मूवी की तरह बातें करना बंद करो।
सीधी सीधी बताऊँ क्या बात है
छोटी मालकिन मेरी बात का यकीन भी होगा
तो आप अपनी आंखों से देख लेना वो क्या है?
छोटी मालकिन।
मैंने अपनी आंखों से सुधीर बाबू
और छोटी मालकिन को हमबिस्तर होते देखा है।
जुबान संभालो अपने।
तुम्हें पता है तुम किस बारे में बात करो।
जिस इंसान के बारे में संवाद कह रहे हो वो इंसान मेरा पति है, दूसरी मेरी भाभी है।
छोटी मालकिन तुम्हारे अपने ही दोनों हैं।
वही दोनों मिलकर आपकी पीठ पर छुरा घोंपा है।
सच कह रही हूँ मैं तुम्हारी बात पर विश्वास नहीं करती।
अरे छोटी मालकिन मेरी बात पर विश्वास नहीं हो रहा है ना।
तो ना करो अपनी आंखों से देखो कितना विश्वास करोगी ना।
हाँ ठीक है।
जाओ देखो अपनी आंखों से विश्वास करना।
क्या ये सच है?
मुझे माँ से बात करनी पड़ेगी। हाँ।
मालिक
मालिक है।
मालिक।
मालिक।
लगता है कहीं बाहर गए हैं।
बचपन में बहुत इच्छा थी
कि पढ़ लिखकर अफसर बनूं
और ऐसी कुर्सी पर बैठूंगी।
मालिक नहीं है।
अच्छी बात है।
इस चेयर पर बैठ के मजे ले लेती हूँ।
बजा बजा रही है मेरी जान।
चिल्लाती रही है इसके बोल वरना लोगों को लगेगा
बिजली ज़बरदस्ती ले रहा हूँ आराम से।
मालिक आप ही तो जाने निकाल दे मेरी।
अरे भाई
तुम्हारी जान निकलने का कोई इरादा नहीं है।
मेरा तो जुबान कट जाए।
आखिर झूठ बोलो तो
समझिये कि मैं 18 साल की है
और आपने जो मेरी सील तोड़ी थी पहली बार तब से आपके दीवाने बन गई हूँ।
आप मेरी कहानी बतायेगी
तेरे चूल्हे की आग बुझाता हूँ। मैं।
लेकिन मालिक एक गुजारिश है
और सब कुछ ना
इस चेन और टेबल के साथ ही करेंगे।
ऐसा है।
देखा जाये तो कभी कभी डिमांड करती है
तो आज तो तेरे मन की बात ही होगी।
कुर्सी टेबल क्या आज सोफे पर भी करेंगे?
हाँ। खुद।
ही। तो। समझ।
आता। है।
हम। तो लंच।
तो तो।
करा। ही।
अब बाकी का हाँ।
तो और अब
हम समाज का अंग अंग।
हाँ हाँ।
हाँ हाँ हाँ आपको तो हाँ।
इस। आप।
सब। उस उस
कुछ कुछ।
आप। तो उस बस।
का वो।
स्वाद। तो।
है कि।
इस। स्कूल। की।
एक। एक।
111111 चीज।
ये स्कूल कुछ
इस चीज।
को देखो
ये लिखी थी कुछ इस
स्कूल
के बीच एक।
एक। एक।
आम। बोला
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ।
हाँ हाँ।
हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ।
ना हाँ न तो
हम तो अब भी।
कुछ कुछ
तो तुम ही
हमारे।
और। आप।
हाँ। आह आह आह। हाँ।
हाँ अब।
हाँ वक्त
मुश्किल।
तो। तुम।
अब हाँ हाँ।
अब बस कुछ।
हाँ तो कल। अब।
हाँ तो।
और हाँ हाँ अब कुछ
और वक्त तो।
हाँ हाँ हाँ
हाँ आज अब
बस आप आज।
वैसे मालिक एक ज़रूरी बात बतानी थी।
हाँ बोल आपको पता है छोटी मालकिन के साथ बहुत धोखा हो रहा है।
अच्छा काम कर रहे हैं।
आपकी बहूरानी और जमाई राजा दोनों हमबिस्तर होते हैं।
40 तुझे मालूम है
तो किसके बारे में बोल रही है?
किसके बारे में बोल रही हूँ ये तो मुझे पता है।
और सबसे बड़ी बात जो मैं बोल रही हूँ सच बोल रही हूँ
सन्न है।
अगर ये बात भी छूट निकली ना
तुझे पता ही नहीं है मैं तेरा हश्र क्या करूंगा।
गलत बात होगी तब सोचूंगी ना।
फिलहाल आप ही सोचिये कि मैं सच बोल रही हूँ तो
मेरा नाम क्या होगा?
ठीक है
निकला भी जा।
सुधीर
अभी के अभी मेरे कैबिन में अभी।
तो। जीता था बधाई।
तुम्हारे और मंदाकिनी के बीच में क्या रिश्ता है
वो तो इसका मतलब
ये बात सच है तो हम लोगों को धोखा दे रहे हो
और मेरी प्यारी बेटी राम्या की जिंदगी बर्बाद कर दी तुमने।
समधी की
जिंदगी की बेटी अनन्या ने मेरी खराब की है।
उसके फादर इसके बात बताने से कतरा रहा था।
पर पानी सर के ऊपर से जा चुका है।
अभी एक मत है आपको पता है कि हम मर्दों की कुछ खुशियाँ होती हैं,
कुछ इच्छाएं होती हैं।
हम भी चाहते हैं कि हमारी बीवी हमें सम्भोग का सुख दे और हम उसके बदले में
उनकी सारी खुशियों को पूरा करें।
पर आपकी बेटी
बिस्तर पे एक मरी हुई लाश की तरह है।
इतिहास फिर से दोहराया जा रहा है।
जैसे बहुत ही
ऐसी बेटी।
और एक तरफ वो है
मंदाकिनी जो कि इतने सालों से विधवा है
पर उसके रोम रोम में जादू है
उसके साथ सेक्स करना।
मुझे समझ में आया कि असली मजा क्या होता है।
सेक्स का।
उसने ना पूरी कामसूत्र खुलकर दिए हैं।
अब आप ही बताइए अगर ये सब चीजें समय के पास होती
तो मैं क्यों जाता किसी और के पास?
मैं समझ सकता हूँ।
शर्मा जी के
तुम काम करो
तो वापस अपने काम में जाओ।
राम्या से बात मैं करता हूँ।
इस। कितना वक्त हो गया है
तब। तिरंगा जी को फोन किया था अब तक।
नहीं यार।
लो मैं आ गया।
हम बताओ इतनी अर्जेंट क्यों बुलाया मुझे।
बात ही ऐसी है।
कुछ बताना था आपको?
हाँ बोलो मैं सुन रहा हूँ मुझे।
एक्चुअली राम्या ने बताया कि जमाई राजा मंदाकिनी के बीच में ना नाजायज संबंध है।
ये सब मुझे भी पता चला हूँ।
दामिनी ने बताया। मुझे दामिनी ने बताया।
दामिनी तो कुछ दिन से घर पर नहीं आ रही है।
उसकी बहन ने कामिनी कमीनी दामिनी को बताया और दामिनी ने फोन करके मुझे बताया।
मैं तो कहती हूँ सुधीर को ही घर से निकाल दो।
सारा झमेला ही खत्म हो जाएगा।
देखो ऐसा है।
मुझे जब सब पता चला तो मैंने सुधीर से बात की।
सारी बात पता करने के बाद ही पता चला है कि सारी की सारी गलती सुधीर की नहीं।
यहाँ ऐसा होता है कि औरत के हाथ में ही होती है
अपने पति को बचने की तो अगर वो डोर छूट जाती है
तो इसका मतलब ये नहीं है कि सारे की सारी गलती पति की होती है।
ऐसा है
मैं ड्रामे से बात करता हूँ और रही बात मन्दाकिनी की है उसे मैं अपने।
तरीके से समझाता हूँ।
कितना मजा आया आज।
जिस्म के।
तार हिल गया।
ऐसी बात है।
मर्द का स्वाद चखा जितना नीचे बाद।
प्रेत बात है
कि एक विधवा होने के बावजूद भी तो
ऐसी हरकतें कर रही है।
हाँ करमजली, मैं अगर तुझे मर्दों के जिस्म की इतनी ही जरूरत थी
तो हमें बोल देती तेरी हम दूसरी शादी करवा देते।
मुझे माफ कर दीजिए ससुर जी मुझे माफ कर दीजिए।
मेरी आँखों में अक्षत डाल के देख देख
तेरी हालत ही माफी के लायक है।
मालूम है कितना बड़ा पाप कर रही है।
एक औरत का बसा बसाया घर उजाड़ है तू।
बहुत मुश्किल होता है
एक चरित्रहीन औरत का सुधरना।
तेरी जवानी में ना बड़ी आग चढ़ी हुई है
आज तेरी इस जवानी की आग को बेहद ओछा कह रहा हूँ।
ससुर जी अब क्या बोल रहे हो तो।
अपने बोली में नहीं
करके दिखाऊंगा।
क्या कर रहा था?
इस समय घर में कोई भी नहीं है
तेरी यहाँ कोई आवाज नहीं सुनेगा।
तो। बस
बस अब।
तो अपने।
बस। में ही। खुद।
उसकी।
अच्छी।
अच्छी।
अच्छी। कुछ।
कुछ। कुछ।
रोज। की।
हाँ। उसका।
हाँ हाँ।
मैं। हाँ,
अब तुम।
तो। था।
अब तुम। ही।
हम और
तुम आम।
तुम। गिफ्ट में।
तो। तुमसे।
हाँ नहीं।
हाँ हाँ,
अब ठीक।
हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ।
तुम तो आम और।
बीच मेरी।
हाँ। और तुम।
यहाँ रात का भुट्टा।
हाँ हाँ।
हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ।
अब तो तुम।
ही। हाँ इस
और हाँ वो।
तो। अब।
हाँ वो तो।
और उस।
और तुम?
हाँ हाँ।
अब तुम अब
अब कहाँ
कहूँ? तो?
हाँ, आज।
जो कुछ। हुआ।
और हाँ हाँ हाँ हाँ।
व हाँ अब
ये तो तुम ही।
हाँ हाँ तुम।
न। अपनी स्पीड।
न? और तुम?
हम तो।
हाँ हाँ
हाँ अब
तुम। हाँ।
हाँ और हाँ।
व हाँ।
वह तो।
आई सच में
बहुत ही मजेदार हूँ।
आप भी।
मेरे घर जाते समय हम पहुँचे।
ये फिटनेस के ऊपर इतना ध्यान देकर कोई फायदा नहीं है।
तुम्हारा बेटा तो उसकी बन बन जाती हूँ।
द हेल्प यू टू जज मी।
सुधर जाओ अभी भी मौका है वरना।
वरना क्या कर लोगी तुम?
जहाँ जाओ मैं अपना फोन हैंडल कर लो।
उसके बाद अपना पति हैंडल करना।
हाँ पापा, बात करनी थी।
मुझसे बात करनी थी।
ओके मैं आती। हूँ।
तुमको तो मैं बाद में देखती हूँ।
अरे कामिनी जी इसका नहीं।
जबकि हाँ मुझे तो बहुत आम है।
पर तुम कहाँ जा रहे हो?
अरे वो मुझे कुछ जरूरी काम था तो इसलिए मैं जा रहा था।
हाँ जाइए जाइए बहूरानी मंदाकिनी के पास जा रहे हो ना?
अरे जो खुशी वो तुम्हें दे सकती, मैं भी दे सकती।
तुम्हें। हाँ।
अब। तुम उसके लिए मेरा हाथ छुड़ा रहे हो
जो अपने ससुर को ही अपना पति मानकर हर शाम उसका रंगीन करती है।
क्या कह रही है दुनिया?
अगर मेरी बात पर विश्वास नहीं हो रहा है तो खुद उससे ही पूछ लो।
लेकिन हाँ,
मेरी इस खबर का मुझे इनाम तो देते जाओ।
लगता है इसकी प्यास बुझानी पड़ेगी।
इसलिए।
नहीं।
तो। कुछ।
कुछ। खाना। है।
हाँ, मैं।
तो। इसमें।
कुछ। कुछ।
और। भी।
करता।
था अब तो।
आप? हाँ।
हाँ, तो।
हाँ हाँ, हम।
तो। अच्छा।
हाँ। और हाँ।
अब। हाँ
हाँ। हाँ।
हाँ, कह सकता।
हाँ हाँ।
हम। सब। तो।
कुछ। नहीं।
हाँ हाँ
हाँ। हाँ।
हाँ अब।
हाँ। कुछ।
ना। कुछ।
तो। और।
हाँ तो।
और अब।
तो तुम।
उस। से
कुछ तो।
और हाँ हाँ।
हाँ तो छुपा
आपको तो सब।
शुक्ला बहुत।
हाँ हाँ।
हाँ हाँ तो। आप।
कहाँ कहाँ आप
मुझे।
और। उसकी।
अपनी उस।
माँ। और
हाँ हाँ। माँ।
और अब आप।
न। हाँ।
उनका।
तो आप
तो हैं। हाँ।
अपना।
और हाँ।
अब आप क्या?
हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ।
तो तो।
अब वो हाँ।
तुम तो।
और हाँ
तो हाँ तो
और और तो
तो हाँ हाँ हाँ
अब तो।
तुम। हाँ हाँ वो
हाँ हाँ तो अभी। है।
अब बस
तो बस।
करो और अब।
तो इसको।
हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ।
अब और
तो अब।
आप। आता
मजा आ गया।
आज से बहुत ही मजा आ गया।
ये कुछ अलग एडवेंचर था ये जवान लड़कियों के बदन की।
कसाब की तो बात ही कुछ अलग होती है।
मंदाकिनी।
अरे आप मेरी बेटी है।
आओ पापा।
पापा।
में तेरी बेटी इधर
इधर इधर आकर बैठ जाती।
देख, भले ही मैं तेरा सौतेले
बाप हूँ, लेकिन बात तो तेरी भलाई के लिए ही करूँगा ना।
तेरी माँ ने मुझे सबकुछ बता दिया है और जितना में समझाओ ना सारी गलती।
सुधीर की नहीं है, तेरी भी कुछ गलती है।
मेरी गलती लेकिन कैसे देख?
अगर मैं रोज तुझे उबली हुई दाल खिलाऊं
तो एक न एक दिन घर के खाने से तेरा मन भर जायेगा।
फिर तू क्या करेगी?
तू रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए भागेगी।
ठीक उसी तरह पति को भी खुश करने के लिए तुम्हें कुछ नया करना चाहिए।
इसका मतलब सुधीर को नए नए खाना पकाकर दो।
घंटे तक पगली कितनी बोली तू?
अरे भाई, नई चीज़ का मतलब
यह नहीं है कि सिगड़ी के ऊपर कुछ पकाकर नया खिलाना है।
इसका मतलब है अपने जिस्म की नई नई वरायटी देनी है।
अब ये चाह के पापा।
देखो राम्या, मेरे बेटे के मरने के बाद
एक तू ही तो मेरा सहारा है और मैं नहीं चाहता कि तुम्हारा जीवन दुखों में कटे।
इसलिए तुम्हें अपने आपको बदलना ही पड़ेगा।
मैं कैसे क्या करूं, मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा।
ठीक है, तो ऐसा करते हैं।
मैं तुम्हें सिखाऊंगा।
लेकिन वादा कर तू भी अच्छे से सीखेगी।
ठीक है पापा।
तो फिलहाल के लिए ना तो मुझे अपना पति समझ।
पति हाँ।
तू मुझे अपना पति समझ और मैं तुझे अपनी पत्नी।
ठीक है तो अब बता अगर मैं तुझे ये कहूँ
कि मेरा आज बहुत मन कर रहा है तो तू क्या करेगी?
मैं किस करूँगी। उसके बाद।
उसके बाद मेरा पति कपड़े निकालकर मेरे साथ वो सब करेंगे।
देखा ऐसा है कि हर बार पति ही करे।
ऐसा नहीं कभी कभी पत्नी को भी करना चाहिए।
पति चाहता है कि सम्भोग में पत्नी उसका पूरा सहयोग दे।
जैसे अगर पति हर बार कपड़े उतारता है
तो इस बार पत्नी कपड़े उतारे, समझी कि तो फिर अब क्या करेगी?
अच्छा तो एक काम कर ज्यादा सोच मत।
मेरे साथ प्रैक्टिस कर
चलो, खड़े हो जाओ।
मैं तुम्हें सिखाता
सबसे पहले हमें क्या करना है।
किसके घर।
में। आने वाले पति को किस करना है।
छोटे बच्चों को थोड़ी करना है।
मैं बताता हूँ ऐसे किया ऐसे।
समझ आ गया अब क्या करना है।
कपड़े उतारो।
अब क्या करना है?
अब तुम्हें मेरे जिस्म के ऊपर किस करना है।
ठीक है कि ठीक चलो चलो
अच्छे से बात।
शाबाश।
ये डीएलएफ ग्रुप। है।
और। इस।
घर में। है।
तो तो।
है कि।
वो। उसको।
साथ। से।
उसके।
साथ। लगा।
अपने दोनों।
अपना पूरे।
मूड। का।
मामला।
है। आप।
उस। को।
दोहरा सकते हैं।
वो। हँसते। हैं।
तो। तुम।
समूह तो। हाँ।
हम। तो।
बिना। पति।
के। हैं। मगर।
मैं। तो।
उस। दोस्त।
को। साथ।
रखना था।
हाँ हाँ
हाँ, हम।
यहाँ।
1 में।
आजकल चल क्या रहा है तुम्हारे साथ?
गुस्सा क्यों हो रहे हो?
इतना गुस्सा होने वाली काम करोगे तो गुस्सा होंगे ना?
अरे मुझे पता है कि अब तुम मेरे और ससुर जी के संबंध के बारे में पता चल गया है।
लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि अब मैं उनकी ही हो गई।
कभी आपके पास तो कभी उनके पास।
दोनों मिलकर मजा करेंगे।
मुझे ना ससुर जी से मिलकर बात करनी पड़ेगी।
ना। अब।
अच्छा तो ये सब चल रहे हैं आप मुझे ना।
कुछ देर के लिए लग रहा था कि मैं तुम्हारे साथ बुरा कर रहा हूँ।
पर तुम दोनों की हालत देखकर न रंगरलियां मना रहे हो न तुम दोनों।
मन तो कर रहा है कि मैं तुम्हारा गला दबा रहा हूँ।
रिचार्ड अब
तुम भी बड़े भोले और बेचारे बनने की कोशिश मत करो।
शुरुआत किसने की थी?
तुमने?
बहाना तो हम लोग कर रहे हैं और वैसे भी
यहाँ जो कुछ भी मैं रमैया को सिखा रहा हूँ ना हो तो तुम्हारे काम आएगा।
इसमें बुरा क्या है कि तुम दोनों को मैं न छोड़े।
मैंने अपनी औकात में रहे वरना दूध में से मक्खी की तरह बाहर फेंक दूंगा।
तुझे पता नहीं है मेरे में ताकत कितनी है,
कहाँ तक पहुँच है मेरी चल निकल।
बड़ा शरीर साधा।
मैं। हाँ
अरे कौन है
वीरेंदर जी आप?
क्या?
अरे वीरेंदर जी क्या कर रहे हैं?
छोड़ दीजिए न प्लीज।
अरे वीरेंद्र जी छोड़ दीजिए ना कुछ लग रहा है।
छोड़ दीजिए ना।
जाकर प्लीज।
छोड़ दीजिए ना।
तो मैं थक गई हूँ उसे।
मैं थकी हुई हूं।
धीरेंद्र जी छोड़ दीजिए ना।
एक। फ्रेश।
छोड़ दीजिए।
नाली वगैरह में उसका अता।
अरे क्या हो गया?
कोई देख लेगा।
छोड़ दीजिए ना।
कुछ इस छोड़िए ना।
इस देश जिसे इस।
इस। छोड़ दीजिए ना।
मत खोलिए साड़ी भी इस अंदर। जी।
आप अब तक।
अब छोड़ दीजिए।
इस आस
साड़ी
देख को कोई धीरे से प्लीज
मत करिए। ऐसे।
लग रहा है
वीरेंदर जी प्लीज।
इसे मत खोलिए।
इस पर जो।
आप। हां।
तो अंदर ही छोड़।
मुझे लग रहा है
छोड़िए न प्लीज इस लग रहे
अंदर ही प्लीज छोड़ दीजिए।
क्या ये सब करने।
में ही यही।
छोड़ देना
खोज में लग रहा है मुझे अत्यधिक
ताप से बांध के रखे।
उस कुछ छूने
के लिए।
कुछ आज।
और अब
नादिरा धीरेंद्र जी छोड़
ये छोड़िए प्लीज कि छोड़िए।
देख लेगा कोई।
और वीरू मुझे।
कुछ भी इस।
झोपड़ी की।
क्या दे रहे, लग रहा है मुझे।
किस। हाथ में लग रहा है।
छोड़ दीजिए। ये।
भगवान चीखकर।
उस बस।
अंदर सड़क तक।
और तब तक उसे तब तक छोड़।
दीजिए जब तक।
उस बस।
छोड़ दीजिए।
दिल अंदर एक नजर आ गिरा।
हाथ में हाथ दीजिए।
के उस
घेरे।
हाथ खोल दीजिए।
उसे। अब तक अब तक छोड़ दीजिए।
मैं थक सोच में था।
कहीं उसे चेन
वो आज सुबह तक।
और चौड़ी है ये
अब उस।
छोटी चौड़ी।
चौड़ी।
लेकिन अंदर से लग रहा है कि।
हां, अब अब और और।
और आज तो
उस दिन तो उस।
हाल पर हम
और एक तो।
शैतान, तेरी भूख इतनी बढ़ गई है कि
तू मां तो बस सास के साथ ये सब।
है और अब छोड़ दे। और इस
छोड़ मां चौड़े और।
तो छोड़ दो।
छोड़ मुझे ही।
आज वो सब कुछ पसंद।
आता तब छोड़ मुझे।
मेरी भूख कभी मेरी सांस और बदन के लिए थी।
मैं अब तो महसूस होगा
रात। अब।
मजार।
की तरह अच्छा हो तो बहुत किसी का बदला
किसी के बदले के लिए बोल रहा है तो तो छोड़।
तुझे सब कुछ जानना है ना?
चलो मेरे साथ तो
उस। की।
छांव में। था।
मगर उस दिन ये क्या हो रहा होगा?
आज भी।
मधु तेरी ऐसी हालत।
ला मत लीजिए आप मेरा और तो तू मेरी बेटी होकर
मेरे सुहाग के साथ ये सब करते शर्म नहीं आई।
मैंने सोचा था कि रिश्तों की मर्यादा मेरे जमाई और मेरे बहू ने मिलकर तोड़ा है।
लेकिन यहां के रिश्तों का अपनापन तो आप लोगों ने तोड़ा है।
सौतेला ही सही।
आप दोनों के बीच बाप बेटी का रिश्ता था ना।
उस रिश्ते को उछालने में एक मिनट भी टाइम वेस्ट नहीं कि आप लोगों ने मधु।
ऐसे किसी आदमी के बैठने और फिसलने में अकेले आदमी का हाथ नहीं होता है।
अगर उसकी पत्नी अच्छी हो ना तो आदमी कभी भी ऐसा कदम नहीं उठाता है।
आज मुझे पता चला आप ठीक ही नहीं हो।
अभी देखो मैं आपके सामने क्या क्या करती हूं।
तो कमी कहां मर गई
जी वाले।
बाप रे बाप!
एक हम देख रहे हैं कि लोग तो आपस में ही रिश्तों की अदला बदली कर रहे हैं।
हां, मैंने तुम्हें यहां कमेंट पास करने के लिए बुलाया है।
चल रहा हूं। बगल में।
जिम एक। है।
इसको।
छुट्टी। ना।
मिलने। पर।
अब। पड़ोस।
में कुछ।
और। आ गया
वहां। तो।
आप। आ।
पास। और।
अच्छा।
महसूस। हो।
और आप।
अपना।
सामान। उस।
मां को। और।
हां, कह।
और अब तो।
उस। मां। का।
अब तो।
और तो वो अब।
और। ना
अब। आगे।
तो। हम।
बड़े अच्छे।
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