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हमारे लिए काम करोगे?
रमाकांत पंडित के, लड़के एक गुंडे के लिए काम करेंगे!
हमको मिर्ज़ापुर चाहिए, शरद।
हमको जॉइन कर लो।
मिलके मिर्ज़ापुर चलाएँगे।
हम पेट से हैं।
[गुड्डू की आवाज़] सिर्फ मारने नहीं जाएँगे।
हमको छीनना है उनका पावर
और मिर्ज़ापुर।
ज़रूरत सिर्फ हमारी नहीं, आपकी भी हो सकती है।
पूर्वांचल का व्यापार बंद है ना आपका।
शायद वहीं काम आ जाएँ हम।
अगर गुड्डू इतनी हिम्मत के साथ मैसेज भेजे हैं।
मतलब वो लाला से हाथ मिला चुके हैं।
तुम और हम…
मिलके मारेंगे साले को।
चुनाव प्रचार का दूसरा चरणार्थ चालू हो रहा है।
जाओ जाके रैलियाँ संभालो।
सफ़ेद साड़ी सूट नहीं करती है तुम पर।
उतार दो।
मुन्ना, तुम्हारे जैसा हम कोई दूसरा नहीं देखे हैं।
[बाऊजी की आवाज़] सिर्फ त्रिपाठियों का बीज गिरेगा तुम्हारे अंदर।
मतलब कमज़ोर नहीं था हमारा मामला।
त्रिपाठी परिवार का वंश है तुम्हारे पेट में।
हम भी सरवाइव करेंगे, तुम भी सरवाइव करोगे।
[गोलू की आवाज़] कालीन भैया की फैमिली अंदर से खोखली ही है।
हम अपनी साइड से डील रखेंगे,
आप अपना प्रॉमिस याद रखिएगा।
गुड्डू किया है ये सब।
नहीं। अंदर का कोई है, जो हमें कमज़ोर करना चाहता है।
थोड़े समीकरण बिठाने होंगे।
हम अपने स्वतंत्र प्रभार से
अखंडआनंद त्रिपाठी को मंत्रीमंडल में शामिल कर रहे हैं।
पोस्ता के खेतों का अलॉटमेंट तुम देखते हो ना?
त्रिपाठी को दिलवा दो।
तुम्हारे पापा को मिर्ज़ापुर की गारंटी दी तो थी हमने।
तो आप वो हमें दे दीजिए।
बदले में आपको जब भी ज़रूरत पड़ेगी, बस कह दीजिएगा।
पापा… नहीं रहे, बेटा।
एक कागज़ और गन मिला है इनके ट्रक से।
जौनपुर।
ये है हमारे पास।
हमारी मंज़िल एक है लेकिन रास्ते अलग हैं।
[माधुरी की आवाज़] कुर्सी किसी की परमानेंट नहीं होती।
पापा गए हैं, तो चाचा जी आए हैं।
अब, चाचा जी जाएँगे तभी तो कोई आएगा।
शोषण हुआ है हमारा। शारीरिक शोषण।
पार्टी ने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया है।
इसीलिए स्वयं जेपी यादव पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिए हैं।
हम एक नाम प्रपोज़ करना चाहते हैं।
माधुरी यादव त्रिपाठी।
दुनिया में आप अकेले मर्द नहीं हैं,
जो औरत के आगे कमज़ोर पड़ जाएँ।
दद्दा, अफ़ीम का व्यापार करना है।
ड्रग का व्यापार हम नहीं करेंगे।
ज़रा भी शक हो, तो मत करना।
[बड़े] दद्दा और भैया को पता चल गया है अफ़ीम के बारे में।
अगर आके तुम माफ़ी माँग लोगे ना उनसे, तो सब ठीक हो जाएगा।
तुमसे लव है हमको।
दिमाग खराब है क्या? लव नहीं, ज़रूरत थी।
चूतिया बनाया तुमको।
छोटे!
बड़े, तू ठीक तो है ना?
छोटे।
[अंग्रेज़ी में] मैं रॉबिन हूँ।
इन्वेस्टमेंट मनी मैटर में डील करते हैं।
[रमाकांत की आवाज़] गुड्डू की सब इन्फोर्मेशन चाहिए।
क्या लेन-देन है, व्यापार, सब।
अब ये हमारे दामाद नहीं! बेटा होंगे।
सर, लाला पे दबिश बनाने के लिए आपकी परमिशन चाहिए थी।
गुड्डू पंडित को भी अरेस्ट करेंगे, अफ़ीम का मामला है।
तो क्या करें?
एंकाउंटर। गुड्डू पंडित।
सब लोग शांतिपूर्ण ढंग से सरेंडर केरेंगे।
पंडित जी, आप ना इस वाली गाड़ी में निकलिए।
भागो।
मोर्या जी।
हम लोगों का काम सज़ा दिलवाना है, देना नहीं।
अब, हम में और आप में कोई फर्क नहीं रहा।
हम जो किए उसकी सज़ा हम पाएँगे।
[बाऊजी की आवाज़] त्रिपाठियों की दी हुई ज़िंदगी समझो त्रिपाठियों ने वापस ले ली।
बाऊजी को तुम नहीं मारोगे, मकबूल।
हम मारेंगे।
इससे।
टाइम आ गया है। फैमिली कमज़ोर है।
मिर्ज़ापुर के राजा
मिर्ज़ापुर दे रहे हैं।
मुन्ना त्रिपाठी।
[अंग्रेज़ी में] मिर्ज़ापुर के राजा।
गुड्डू।
सीजन 3
[एक आदमी मंत्रोच्चारण करते हुए]
उठा लीजिए, और वहाँ रखिए।
आप ले लीजिए इसे।
संभल कर।
हाँ रख दीजिए।
परिवार से है कोई?
पिताजी, भाई, या और कोई पुरुष?
मैडम जी वो तो--
[मीडिया वाले सवाल पूछते हुए]
मैडम ऐसा माना जा रहा है कि आपके पति की बेरहम तरीके से हत्या की गई है।
मैडम, क्या कहना चाहेंगी आप इस बारे में?
मैडम, सूत्रों के मुताबिक अखंडानंद त्रिपाठी भी लापता हैं।
क्या ये सच है?
और अगर नहीं हैं तो वो अपने बेटे के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं आए?
माधुरी जी, क्या ये गैंग वॉर का नतीजा है?
मैडम, अगर आपके साथ ऐसा हो सकता है, तो प्रदेश की आम जनता का क्या होगा?
जनता आप पर भरोसा कैसे करेगी?
हम लोग कहाँ जाएँगे, मैडम?
इसका जवाब कौन देगा?
प्रदेश की बेटी हैं हम।
ये सम्मान आपने हमें दिया।
आज, सिर्फ हम विधवा नहीं हुए हैं।
आज आपके घर की बेटी विधवा हुई है।
जैसे सिर्फ हमारे सर से हमारे पिता का साया नहीं उठा था।
आप सबके सर से भी उठा था।
आपके सवालों में छुपे गुस्से और निराशा को हम बखूबी समझते हैं।
और हम आपसे वादा करते हैं।
ये घाव हम सहेंगे
और ढाल की तरह डटे रहेंगे।
ताकि हमारे परिवार पर, यानि आप सब पर कोई आंच ना आए।
प्रदेश साफ होगा।
कानून के दायरे में रहकर साफ होगा।
जय हिन्द। जय प्रदेश।
भय ना होगा दोबारा!
माधरी बस तेरा सहारा!
भय ना होगा दोबारा!
माधुरी बस तेरा सहारा!
भय ना होगा दोबारा!
माधुरी बस तेरा सहारा!
लोक स्वराज पार्टी…
-ज़िंदाबाद! ज़िंदाबाद! -आईजी दुबे आपके ऑर्डर्स का वेट कर रहे
हैं, गुड्डू पंडित पर एक्शन लेने के लिए।
सिर्फ गुड्डू पंडित नहीं।
मुन्ना की मौत की ज़िम्मेदार मिर्ज़ापुर की गद्दी है।
और अब हमारा मकसद है उस गद्दी को खत्म करना।
मिर्ज़ापुर
[एक आदमी] सुबह-सुबह का टाइम था, जज साहब।
हम पखाना करके लौटे…
तो देखे टेबल पर वकील साहब आके बैठे हैं।
हमको लगा नींद में चलने का बीमारी लग गया है क्या।
पर ये कहने लगे, "हमको रिपोर्ट लिखवानी है।"
हम पूछे, "किसकी?"
तो बोले, "हमारी खुद की।"
हम कहे, "राम राम राम, वकील साहब।
सुबह-सुबह हमारी नौकरी खाओगे क्या?
आज, आप रिपोर्ट लिखवाओगे।
कल, केस ठोकेगे हम ही पर।"
पाठक जी, पॉइंट पर आइए।
पॉइंट इतना सा है, जज साहब--
क्या है? वही तो पूछ रहे हैं।
बस यही जज साहब कि वकील साहब थाने में खुद ही आके सरेंडर किए।
आप जा सकते हैं।
आप कुछ कहना चाहेंगे, रमाकांत पंडित?
पापा…
हमने एसएसपी मोर्या को मारा है।
और हमें इसकी सज़ा मिलनी ही चाहिए।
लिखके ले लीजिए, जज साहब।
ये इनकी नौटंकी है।
एक्सप्लेन कीजिए।
ऐसा है, जज साहब।
ये वकील साहब हैं बहुत ही चालू।
ये कोर्ट में सरेंडर करके सिम्पैथी लेना चाहते हैं।
ताकि माननीय न्यायालय जब इनको सज़ा सुनाए
तो ये टेटुआ के बल लटकने से बच जाएँ।
अपनी भाषा को साफ रखिए, वकील साहब।
सॉरी, जज साहब।
हम ये कहना चाहते हैं,
[अंग्रेज़ी में] ये कोई हत्या की श्रेणी में ना आने वाला
गैर-इरादतन की गई हत्या का मामला नहीं है।
[अंग्रेज़ी में] ये एक ऑन ड्यूटी ऑफिसर की साजिश करके
-क्या बोल रहे हैं? -की गई संगीन हत्या है।
-इन्हें धारा 302, 353 के तहत -पहले से डिसाइड करके मर्डर किया है।
सज़ा दी जाए
और मृत्यु होने तक फाँसी पर लटकाया जाए।
लेकिन मोटिव क्या था?
अपने बेटे का बिज़नस इंटरेस्ट।
सॉरी।
क्रिमिनल एक्टिविटीज़ को प्रोटेक्ट करना
और अगर ऐसा नहीं है,
तो सबूत पेश करें।
डिफ़ेंडेंट को अगली पेशी तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज रहे हैं।
जय हिन्द, सर।
ज़रूरत नहीं थी… सरेंडर करने की।
यहाँ कह दिया जाता वहाँ कोई जिम्मा ले लेता।
अखड़ जाएँगे जेल में आप।
चलिए।
हम आपको घर छोड़ देते हैं।
अरे आप चिंता मत करिए। आपकी जगह कोई क्रिमिनल ही जाएगा अंदर।
आप खुद वकील हैं।
केस तो लड़ लीजिए।
आपकी कानून की भाषा में क्या बोलते हैं वो…
[अंग्रेज़ी में] साबित नहीं होगा… दोषी नहीं होने तक।
[अंग्रेज़ी में] साबित नहीं होने तक… निर्दोष है।
हाँ, ये।
तो लड़िए।
अपने लिए नहीं,
मम्मी और डिंपी के लिए तो लड़ लीजिए।
कौन सा रास्ता चल दिए हैं आप?
तुम्हारी तरह है ना…
हमने भी अपना रास्ता तय कर लिया है।
हमारा रास्ता फाँसी तक नहीं जाता है।
रास्ता जाएँगे…
तो कहाँ जाता है?
कंट्रोल।
पावर।
इज्ज़त।
[गाड़ी पर ठोकने की आवाज़]
गुड लक कहें तुम्हें।
चलो।
और सुनो…
हमारा स्कूटर है ना थाने में खड़ा है।
घर छोड़ देना।
हवलदार साहब।
[एक आदमी] जाने दो!
जाने दो, जाने दो!
समय देने के लिए धन्यवाद।
बैठिए।
अंतिम संस्कार में नहीं आ पाए अफसोस है हमें।
नहीं आ पाए कि आना नहीं चाहे?
हमारे और मुन्ना के बिज़नस रिलेशन का असर…
माननीय मुख्यमंत्री की इमेज पर पड़ सकता था।
पब्लिक में गलत मैसेज जाता।
यही सोचके नहीं आए।
अब क्यों आए हैं?
हम कोई डील करने नहीं आए हैं, माधुरी जी।
बस आपको ये बताने आए हैं कि…
हमारा पूरा सपोर्ट है आपको।
सपोर्ट की ज़रूरत आपको है कि हमें?
शायद हम दोनों को।
हम भी आप ही की तरह अकेले पड़ गए थे,
अपने पापा की डेथ के बाद।
कोई नहीं था।
उस वक़्त मुन्ना साथ खड़े रहे हमारे।
इसलिए बात सपोर्ट लेने या देने की है ही नहीं।
जब आप अकेले हों तो सिर्फ ये विश्वास कि आपके साथ कोई खड़ा है। काफी होता है।
आज ये ही विश्वास और आश्वासन हम आपको देने आए हैं।
कि हम हैं।
हम समझ रहे हैं कि आप क्या कह रहे हैं।
पर ये याद रखिएगा।
भयमुक्त प्रदेश के दायरे में आप भी आते हैं।
इसमें कोई सहूलियत नहीं मिलेगी आपको।
जी।
धन्यवाद।
ताऊजी की कोई खबर?
कौन?
कालीन भैया।
अब तक नहीं।
नमस्ते, मुख्यमंत्री जी।
नमस्ते।
चना लो चना। खाओ चना रहो बना!
और भैया खिलावन, लाओ ज़रा चौड़ी पत्ती 26 नंबर एकदम भनभनुआ पान।
बना रखे हैं। ये लो।
और खाते में लिख ले रहे हैं।
ये ही लड़का है जो ठिकाना बताएगा।
लेकिन बहुत ही सेंसिटिव मोहल्ला है, दीदी।
गुड्डू भैया के लिए वेट करना बेहतर रहेगा।
चाचा, प्रणाम।
खुश रहो, राजू बेटा।
अरे खुश तो हम बहुत हैं।
भतीजे।
चाचा, प्रोटेक्शन? हैं?
तुम लोग कौन हो?
अरे चाचा हैं हमारे।
चाचा।
बहुत मादरचोद लौंडा है।
चाचा-चाचा बोलके हमको लंगड़ा कर दिया?
मार दीजिए।
जितना कहेंगी उतना पैसा देंगे हम आपको।
अच्छा।
अरे भिखारी है एक नंबर का।
इसके पास कुछ नहीं है देने के लिए।
आप इसकी हत्या कर दीजिए, पाँच बीघा ज़मीन आपको हम लेके देंगे।
पाँच बीघा खैरात में बाँट रहे हैं।
भोसड़ीके, तुम्हारे बाप देके गए थे?
हमारे बाप जिंदगीभर मिलिट्री में खटे हैं।
तब जाके 15 बीघा ज़मीन खरीदें।
उनके मरते ही सब हड़प गया चचुआ बहनचोद।
सुनो तुम्हारे बाप ने झाँट के बाल बराबर भी ज़मीन नहीं खरीदा था।
सारा पैसा ना गोपी गली के लौंडियों के ऊपर लुटाया था।
तुम खरीदे थे क्या? हैं?
दारू पी-पी के?
पुरखों की थी और तुम्हारे दादा हमारे नाम कर गए थे।
हमारे भाई को काहे मारे थे?
तो हमारे जीजा पर गोली काहे चलवाए बे?
हमारी माँ की बदनामी कौन किए?
तो हमारी साली को कौन छेड़ रहा था?
अरे साली रंडी थी तुम्हारी मादरचोद…
-चुप हो जाइए। -भोसड़ी के मैया चोद देंगे तुम्हारी!
-भैया जी… -मादरचोद…
[गोली चलने की आवाज़]
दिमाग से पैदल हो गए हैं?
जान ही नहीं बचेगी तो ज़मीन का क्या करेंगे?
आप?
ऑपरेशन कीजिए। और तुम। तुम।
आधा-आधा ज़मीन बाँटो पूरा कागज़ के साथ।
हमारा आदमी लोग नज़र रखेंगे।
कोई खून-खराबा नहीं चाहिए अब।
आप समझ नहीं रही हैं।
चचा मानेगा नहीं।
बहुत बड़ा मादड़ है।
मानेगा नहीं, तो उसकी दोनों टाँगें हम काट देंगे।
ये चाचा-भतीजा टाइप के लोगों से मुँह नहीं लगना चाहिए आपको।
हम किसी को खोज रहे हैं।
हमारी दुश्मनी आपसे नहीं है।
हम मिर्ज़ापुर के बाहुबली हैं।
गुड्डू पंडित ने हमें भेजा है।
ये मिर्ज़ापुर नहीं है।
यहाँ के बाहुबली हम हैं।
पूरा पूर्वांचल हमें रिपोर्ट करता है।
हमारे खिलाफ जाएँगे मतलब गद्दी के खिलाफ जाएँगे।
-चल। -भैया जी हम नहीं थे।
-मादरचोद। -भैया जी। हम--
भैया जी! भैया जी!
भैया जी! हम नहीं थे। भैया जी, नहीं!
गुड्डू पंडित पूर्वांचल चलाएगा, ये अभी तय नहीं हुआ है।
ये तय होगा सारे बाहुबली के समर्थन के बाद।
औरत हो इसलिए जाने दे रहे हैं।
अगली बार, ये एहसान नहीं करेंगे।
ए रुको, रुको!
मिल गया भैया जी।
रुको, रुको।
स्टार्ट नहीं हो रहा भैया जी।
पापा का है ना।
पापा से बात किए थे।
माने नहीं।
मम्मी हम डिसाइड किए हैं।
आप और डिंपी हमारे साथ रहेंगे।
यहाँ रहना ठीक नहीं है।
सही कह रहे हो, गुड्डू।
परिवार को साथ ही रहना चाहिए,
एक ही घर में।
हमारा घर तो ये ही है।
आप समझ नहीं रही हैं।
पापा यहाँ है नहीं।
आप और डिंपी हमारी ज़िम्मेदारी भी हैं।
हम कहीं नहीं जा रहे।
ये कौन सी ज़िद पकड़ ली हो तुम।
तो अगर ज़िद छोड़ दिए तो इस परिवार के तो नहीं हुए ना, गुड्डू।
जिद्दी माँ।
खतरा है। समझो।
हमारे साथ रहोगी, सेफ रहोगी।
मिर्ज़ापुर के सबसे बड़े बाहुबली की माँ हैं।
तो हमसे ज़्यादा सेफ कौन होगा इस शहर में?
बाहुबली हो ना तुम?
देखिए मैडम गुड्डू हैं तो गैंगस्टर ही।
तो उसके कई दुश्मन जो हैं पैदा किए जा सकते हैं।
और कुछ अपने अफसर हैं जो एक्सपर्ट हैं मैडम तो।
संभाल लेंगे वो।
[मुख्यमंत्री का आदमी] पैसे कितने लगेंगे?
खुली छूट है आपको।
बस मम्मी जी और लल्ला पर खतरा नहीं होना चाहिए।
गुड्डू उनको बंदी बनाके रखे हैं।
जी।
और बात हम तक नहीं पहुँचनी चाहिए।
जी, मैडम।
त्रिपाठी जी की कोई खबर?
कहाँ खबर है इनकी।
और वैसे भी मैडम जी जो ये क्रिमिनल्स होते हैं ना,
ये बड़ा कांड करने के बाद अक्सर अंडरग्राउंड हो जाते हैं।
आम बात है इनके लिए।
भूलिए मत।
सरकार में मंत्री भी हैं वो।
जी, मैडम।
[बच्चे के रोने की आवाज़]
बेटा क्या हो गया?
[बीना गुनगुनाती है]
ठीक है, बेटा, चलो। कोई बात नहीं।
राधिया टीवी ऑन की ना तो बहुत मारेंगे, बोल रहे हैं।
क्या भाभी। आप भी ये अंधविश्वास में पड़ी हैं।
देखना लल्ला अभी दो सेकेंड में चुप हो जाएगा।
भेड़िये के बच्चे को हिरण पाले या खुद भेड़िया
वो होता भेड़िया ही है।
और ये बात बच्चा खुद भी अंदर से जानता है।
बच्चे का इन जंगलों में फूल-पत्ती से कुछ नहीं होता।
उसे लगता है मांस।
-इसलिए इस प्रजाति के भेड़िए -देखिए?
छोटे झुंड में घूमते हैं।
-[राधिया] अरे गोलू दीदी आ गई। -बच्चों को शिकार करना भी सिखाते हैं।
शुरुआती दिनों में, बच्चे माँ के करीब होते हैं।
अरे गोलू दीदी, हम आपके लिए सत्तू बनाके रखे हैं।
हम बाद में ले लेंगे।
ठीक।
कब तक अंधेरे में तीर मारते रहेंगे हम्म?
समय लो तस्सली से कोई और तरीका सोचो।
समय ही तो नहीं है ना भाभी।
काहे नहीं है?
अगले हफ्ते बैठक है।
बैठक कौन बुलाया?
पश्चिम यूपी से अरकारा आया है।
अब्बास अली मीर ने अपना आदमी भेजा है
पूर्वांचल के मुखिया के चुनाव के लिए।
वेस्ट वाले काहे इंटरफेयर कर रहे हैं?
ये ही चलन है।
ऐसी सिचुएशन में उनके यहाँ भी मुखिया के इलेक्शन के लिए लोग यहाँ से जाते हैं।
मेडिएटर के तौर।
वो हमारा ननिहाल है आजमगढ़ साइड ना।
हाँ, ठीक है।
हमको नहीं पता था।
कालीन भैया की बॉडी के बिना कुर्सी पर हक जमाना मुश्किल होगा।
और अगर बॉडी नहीं मिली तो?
बैठक में दावेदारी पुख्ता करने के लिए कोई और तरीका तो सोचना पड़ेगा ना।
पर हम वो गलती नहीं करेंगे, जो कालीन भैया किए हैं।
हमें ज़िंदा छोड़कर।
उनकी लाश हमसे ज़्यादा और कोई नहीं देखना चाहता।
जिस परिस्थिति में वो गायब हुए हैं…
कोई अंदर का ही है…
जो उनको छुपाकर रखा है।
गोलू, हम देखे हैं तुम एकदम फोकस से बदला ली हो।
लेकिन हम इतने साल इस घर में सरवाइव नहीं करते
अगर एक ही प्लान के भरोसे रहते।
[एक आदमी] चल, चल, निकाल जल्दी से।
ये पश्चिम वाले कुलबुला काहे रहे हैं?
पूर्व वालों का मैटर है। पूर्व वाले सुल्टा लेंगे।
टेंशन ले रही हैं। हम संभाल लेंगे।
हम जानते हैं कोई बाहुबली आपके खिलाफ़ जाने का हिम्मत नहीं करेगा।
लेकिन ऐसा नौबत ही काहे आने दें?
भाभी सही कह रही हैं।
हमें बाकी जिलों के बाहुबलियों से संपर्क बनाकर अपनी पोजीशन स्ट्रॉंग कर लेनी चाहिए।
हाँ पूरा पूर्वांचल में आपका दबदबा महसूस होना चाहिए।
हम कहीं नहीं जा रहे हैं।
सारे बाहुबलियों को मैसेज करिए।
और कहिए मिर्ज़ापुर आके अपनी लोयल्टी प्रूव करे।
और नहीं आएँगे, तो दुश्मन में गिने जाएँगे।
ये लिख लौड़ा पढ़ पत्थर है गुड्डू पंडित।
बैठक में आना तो दूर।
हम सबसे लॉयल्टी प्रूव कराना चाहता है ये।
मनबड़ है गुड्डू।
जो मन में आता है बड़बड़ाता है।
और गद्दी की प्रभुता के दम पर वो सबको चुनौती दे रहा है।
देने दीजिए।
आप लोग इस सिचुएशन को अपने एडवांटेज के लिए यूज़ कीजिए।
तत्काल निकलिए।
और बैठक से पहले आप लोग बाकी बाहुबलियों से मिलकर उन्हें अपनी तरफ खींचिए।
ठीक है।
लोगों के बीच कालीन भैया के प्रति सिम्पथी पैदा करनी है बस।
बाकी गुड्डू को जो चिल्ला-चोट करना है करने दीजिए।
-ठीक है भाई। हो जाएगा। -ठीक है।
-प्रणाम। -आदाब।
प्रणाम।
साथ चलेंगे तुम्हारे।
सिर्फ प्यादों के भरोसे अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हो?
ऐसे मौके पर तो राजा भी एक-दो चाल खुद चलता है।
अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए।
पश्चिम के मिडीएटर्स से जाके मिलो।
[एक आदमी] आने वाला हर शख्स मेहमान नहीं होता।
आप बैठिए मुन्नवर मियाँ खाना खा रहे हैं।
-कुछ लोग खरीदार भी होते हैं। -ठीक।
और खरीदार और मेहमान दोनों के…
[लोगों के हँसने की आवाज़]
[दूसरा आदमी] बहुत खूब!
आइए। भाई बुला रहे हैं।
आइए, आइए, शुक्ला जी। तशरीफ़ रखिए।
धन्यवाद।
तश्तरी लगाइए शुक्ला जी के लिए।
अरे, नहीं। शुक्रिया हम खाकर आए हैं।
अरे तो क्या हुआ।
एक बोटी हमारे साथ भी नोश फरमाइए।
दो भई, शुक्ला जी को भी दो।
शुक्ला जी।
अभी हम इन सबसे पूछ रहे थे…
कि लज़ीज़ गोश्त बनाने में सबसे बड़ी खासियत किसकी होती है?
नुस्खी की…
या बनाने वाले बावर्ची की?
दोनों में से किसी की नहीं।
गोश्त की लज़्ज़त इस बात पर निर्भर करती है
कि उसे कितने सलीके से कितनी बारीकी से काटा गया है।
इसलिए ज़ायके की किस्मत कसाई खाने में लिखी जाती है।
हमने आपके बारे में सही सुना था।
आप बहुत ही ज़हीन और बासब्र इंसान हैं।
लेकिन सब्र अली का पकड़के लटकिएगा…
तो झूलते रह जाइएगा।
पुर्वांचल की गद्दी को लीडर की ज़रूरत है।
क्या आप वो लीडर हैं?
सीधा करिए। और होल्ड करना है।
ताकत पहले से अच्छी है गुड्डू भैया।
मोड़िए।
बस।
रिलैक्स करना है।
बॉडी सुखा गई है, डॉक्टर।
जिम शुरू करें?
हाँ, बिल्कुल कीजिए।
प्रणाम, गुड्डू भैया।
इन्हें बताइए जो आप हमें कह रहे थे।
शरद बहुत ज़ोर का फ़िल्डिंग कर रहा है।
उसके आदमी सारे बाहुबलियों से मिल रहे हैं।
माहौल बना रहे हैं आप लोगों के खिलाफ।
फिक्र मत करिए।
मीटिंग के लिए जो भी जाएगा, उसको इलाहाबाद में टोल देना पड़ेगा।
लॉयल्टी या बुलेट।
ये समय वाइलेंस का नहीं कंसोलिडेशन का है।
वाइलेंस तो हमाई यूएसपी है।
वाइलेंस से ही मैसेज जाता है।
कालीन भैया पर अटैक करने से बड़ा और क्या मैसेज होगा?
रिज़ल्ट अभी भी हमारे फेवर में नहीं है।
अब हम चैलेंजर नहीं, कंटेंडर हैं।
आपको प्रॉब्लम वेस्ट वालों के इंटरफेयरेंस से है ना।
पर वो पूरी तरह से गलत भी नहीं है।
एक प्रदेश, एक पुलिस एक कानून…
हैं तो दोनों इंटरलिंक्ड ही।
स्टेबिलिटी मेंटेन करना चाहते हैं।
हम नये हैं।
ट्रेडिशन से छेड़छाड़ ठीक नहीं रहेगा।
अटेंड नहीं करेंगे तो गलत मैसेज जाएगा।
सूबे का माहौल भी पता चल जाएगा कि कौन किस साइड पे है।
हमें जाना चाहिए।
पर…
एक गद्दी से एक दावेदार का ही परमिशन है।
तो…
तो।
हम बाहर वेट कर लेंगे।
हमारा पैर ठीक हो गया है।
और हम नहीं जाएँगे।
गोलू। ये बातचीत, बहस हमसे नहीं होगी।
हमको वहाँ मत भेजो मामला बहुत बिगड़ जाएगा।
आप अपनी कमज़ोरी को अपने ऊपर हावी होने दे रहे हैं।
शरद के अलावा और किसी की औकात नहीं है कि आपके मुँह लगे।
वो आपको भड़काने की कोशिश करेगा।
आपको बस कंट्रोल बनाए रखना है।
वो ही तो नहीं आता हमको।
जिस रस्ते से हम यहाँ तक आए हैं, मिर्ज़ापुर की गद्दी उसकी मंज़िल थी।
अब बाज़ी कुछ और है, और दावे पे बहुत कुछ।
और इसे जीतने के लिए आपको बाहुबल और बुद्धि दोनों की ज़रूरत पड़ेगी।
तुम हो ना हमारी बुद्धि।
जिसका इस्तेमाल आप कर नहीं रहे हैं।
छोड़ो।
छोड़ो। गोलू।
छोड़ो।
-सलाम। -सलाम।
विराजें?
आइए।
सलाम, भैया जी।
सब लोग आ गए?
मिर्ज़ापुर वालो का इंतज़ार है।
कोई कन्फर्मेशन आया है?
नहीं।
चलिए शुरू करते हैं।
-जी। -आइए, आइए।
जैसा कि आप सब जानते हैं,
कि हम मुन्नवर नियाज़ी, रिवायत के तहत,
मगरीब के गद्दीदार मिर्ज़ा अब्बास अली मीर की तरफ से…
आप सब के बीच एक आम रायशुमारी मुकर्रर करने के लिए आए हैं।
सवाल ये है, कि जिस हालत में पूर्वांचल आज है उसे संभालेगा कौन?
वैसे परम्परा तो ये ही रही है,
कि मिर्ज़ापुर का गद्दीदार ही पूर्वांचल चलाता है।
और मुन्ना को मारने के बाद, दावेदारी तो गुड्डू पंडित की बनती है ना।
लेकिन गद्दी पर तो कालीन भैया बैठे थे।
मुन्ना नहीं बैठे थे।
-बात तो सही बोली, भैया जी। -वो तो है।
बाहुबली की प्रतिष्ठा उसके वर्चस्व और विरासत से जुड़ी होती है।
और जो व्यक्ति बैठक में परंपरा का सम्मान नहीं कर सकता…
वो किसी भी गद्दी या दावेदारी के योग्य नहीं।
और गद्दी उसी का साथ देती है जो बल और बुद्धि दोनों का सही संतुलन रख सके।
तुम्हारी क्या राय है?
जौनपुर को ही दे देना।
सारा पूर्वांचल डोल रहा है।
शरद शुक्ला, शरद शुक्ला बोल रहा है।
भीख में मिला था जौनपुर इन्हें।
भीख में गद्दी भी चाह रहे हैं।
तो, गद्दी का मसला खत्म।
अब गद्दी है। और उसपे हमारे गुड्डू पंडित।
बस्ती का वोट तुमको है, शरद।
झाड़े रहो कलेक्टरगंज।
-ये हुई ना बात। -बिल्कुल सही बात है।
-हम आपके साथ हैं। -बिल्कुल सही बात है।
ऐसा है बेवजह दूल्हे के फूफ़ा मत बनो।
अभी इनको और ज़लील होना है।
मुन्नवर मियाँ,
पूर्वांचल पर हमारा दावा नहीं हक है।
हक तो कुत्ता भी अपने मालिक पर जताता है।
जो तुम थे कालीन भैया के।
शेर चाहे जितना ही शांत हो, जंगल का राजा वही होता है।
और कुत्ता कितना ही वफादार हो अगर खूंखार हो जाए, तो उसे वहीं सुला लिया जाता है।
आप लोग का सही है।
पिताजी माटसाहब थे। क-ख-ग सिखाते थे।
बेटा पूर्वांचल को चिड़िया घर समझ बैठा है।
पतले पिन का चार्जर है तुम्हारे पास?
इनके लगा दो।
कुत्तों की तरह कुटाए कौन गए थे बलिया में?
याद दिलाएँ?
तो भैया बलिया में बलवान बनने के बाद भी
आज हमारे ही सामने दावेदारी की अर्ज़ी डालने आए हो।
अबे हम सामने से आते हैं, पीछे से नहीं।
अच्छा।
और त्रिपाठियों का नामो निशान दोनों मिर्ज़ापुर के इतिहास से मिटा चुके हैं हम।
कालीन भैया की लाश मिली क्या?
-अभी तक तो नहीं मिली। -नहीं भैया जी।
-नहीं ना? -नहीं।
अच्छा।
हम सुने थे यहाँ बाहुबलियों की बैठक चल रही है।
यहाँ तो शमशान की चौकीदारी चल रही है।
हम लाशें गिनाने बैठे हैं।
-लाशें गिनने की ज़रूरत पड़ती है, पंडित। -अच्छा?
दूसरों की नहीं अपनों की।
इसी गुंडाई के कारण तीन जाने गवा चुके हैं ये।
याद है, या चार्जर लगवाएँ?
उनमें से बेचारी एक जान तो इस दुनिया में आ भी नहीं पाई थी।
बस, गुड्डू भैया।
शरद भैया…
गुड्डू भैया, जाने दीजिए।
नहीं, नहीं, नहीं, शरद भाई।
रोको भाई। रोको।
गुड्डू भैया।
-शांत, शांत अभी नहीं। -गुड्डू भैया। यहाँ नहीं।
ठीक है, ठीक है।
भयमुक्त प्रदेश आप ही लोगों की देन है।
बैठक के माहौल से साफ है,
कि गद्दी के दो ही दावेदार हैं।
गुड्डू पंडित और शरद शुक्ला।
तो आप दोनों हज़रात के पास दशहरे तक का वक़्त है।
खुद को साबित कीजिए।
और पूर्वांचल पर अपनी दावेदारी पुख्ता कीजिए।
गद्दी मिर्ज़ापुर की थी--
हकीम साहब की खास हिदायत है।
कि दशहरे तक कोई खून खराबा नहीं होना चाहिए।
वर्ना, हमारा कोऑपरेशन…
इंटरफेयरेंस में तब्दील हो जाएगा।
बैठक दशहरे तक मुल्तवी की जाती है।
एड़ी उठा लेने से लंबाई नहीं बढ़ती शरद।
और ज़रूरत से ज़्यादा लंबाई हो, तो नज़रे झुका के चलना पड़ता है पंडित।
देखते जाओ, पूर्वांचल बहुत जल्द डोलेगा…
शरद शुक्ला, शरद शुक्ला बोलेगा।
किसके दम पर इतना उड़ रहे हो?
कालीन भैया।
सारे इलाके तो टटोल चुके हैं इनके।
जिनके पेट में दाँत होते हैं उनके ठिकाने भी बहुत होते हैं।
प्रणाम, भैया।
सेप्सिस शॉक का रिस्क है।
कोमा इंड्यूस करना पड़ेगा।
रिस्क लीजिए और पूरी तरह जीवित करिए इन्हें।
कोमा में ये किसी काम के नहीं।
[ईसीजी मशीन में बीप की आवाज़ बढ़ती है]
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