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टोड़ा रुकें...
भर ले दा, सावन रंग अच्छा लगता है, मुझे को सावना कर ले दा। सावन में तू परसाती
हो, बिन सावन माँगे। प्यासों को क्यों तरसाती हो, तन पर इतना जल बरसे,
मन को जल धल कर देना।
तुम पुरहित की बेटी हो ना?
नहीं, देवी की पुत्री। तुम राजमहल आओगी मेरे साथ, मेरी सकी बन कर?
फूल का थाल सजाना है, भजन याद करना है, रात का भोजन बनाना है, मंतर बंद करना है।
अभी बंद, राजकुमाडी कुंदवै इं गुला रही है, नदनी चाओ, आप आये।
कुणदवै, कौन है यह राजकुमाडी?
छमा कीजे, यह अनाथ बच्ची है, भयसे भागाई। कृप्या देखने सब कुछ वापस लोटा दीया है।
अब ये दुबारा महल में पयर नहीं रखेगी.
मैं वचन देता हूँ.
नाधनी, रुको!
मेरे खोड़े से दोड़ लगाओगी?
खोड़ा आपका हो सकता है.
पर ये वाइन मेरा है.
हमें कोई यहाँ देख लेगा.
देखने दो.
मैं आपसे बात नहीं कर सकती.
किसने बोला?
राजकुमरी.
कुन्दवेडे?
क्यों?
मैं अनाध हूँ.
मेरा कोई वंच नहीं है.
मैं आज तंजोर जाने वाला हूँ.
राज सियादेर से.
उनके साथ यूठ पर जाना है.
यूठ पर?
इस आईम में?
एक तो वर्ष लगेंगे लोटने में.
योदा योद पर चले है, तीरों पर पले है शूर भीर.
मोलो जय जगार, मोलो जय जगार.
तीर पर खेज तीर साले शूर भीर.
वरसे आग बानी, जोटी पर निशानी साघर भार बानी.
चूला राज जानी, शहर तू के की जानी.
भुश्मन के लिए जड़, भुश्मन के लिए रुकावार। करदशों से जुटे जंपती लोगी जड़ार। बोलो जय
जड़ार, बोलो जय जड़ार। योथा योथ कर चले हैं दीवां वर्वरे।
रासियां सजेंगे, मृतांगे नोबते बजेंगे। शाल का हो भया, शब्द ना मिलेंगे जेंगे। साम के
नश्टियों पे बादवां उड़ेंगे। हाम कर हवां, उत्पार है तुम रदेंगे। महरू पर रत भगाए,
इर्नो की रदां। मुटों पें सिन्दो के राजा की दालां। जूर भी रसूमा भूलो जै जमाल।
मेरा आस्मा जल गया रे, चांद को आग लगी। आस्मा पे राख ही राख उड़ी है, जल गया मेरा
आस्मा। आँखी बहती है जनिया, पलके जलती है। जीने का पल पल गया जनिया, जल गया मेरा
आस्मा। पाउ में वीरा ना, दिल में उजाडा है जनिया। जाये कहां दिवाना, जल गया मेरा
आस्मा। आधी आधी रात में कभी तुम नीद में बोलाती थी, रात जल गयी वो जनिया,
खाब जल गया। बादलों से नर्म थे जनिया, हाथ जल गयी थे। आँखों ही से बोलती थी,
तुम होट्ड को बहलाती थे। मेरा आस्मा जल गया रे, चांद को आग लगी। आस्मा पेरा खिरा फूड़ी है, जल गया मेरा आस्मा।
आग ही आग है मेरी चार दिशाओं में। पगपग पड़े हैं चाले अब मेरे पाऊं में। कौन से जहाँ मैं अब तुझे जाँ खोजू रे?
मेरे हर जहाँ का निशाँ जल गया जल गया रे। लदी दी...
कौन से ज़रूरी शुचन रे जिया?
लदी दी ज़रूरी शुचन रे जिया?
नौ सुबर सुच शुचन रे जब इसा पोर्व चौल सामाराच्या एक भयांकर जुत का सान्ना कर रुहा
था, राश्ट कुटकराजा कूर्धिकन... तन्जोर पर आक्रबन करने के लिए...
एक विशाल सेना एकट्रत कर रहा था.
वीर पांड्या की आत्यां का प्रदिशों देने के लिए...
पांड्या आत्यारोंने चोल राज्जे में कुस्पेट कर ली थी.
संदर चोल के ताओ, गद्रधित्य के पुत्र मदुरान्द कन...
अपने पिदा की इच्छा और अपनी माँ के आदिश की विरुद... सिंगासन की लाज़ा कर रहे थे.
चोल सामराजया के कुष अध्यक्ष... नी यूधा, परवतेश्वर और अन्य राजा...
मदुरान्तकन के समर्थम में करले थे.
परवतेश्वर की पत्नी नन्धनी ने... चोलों का विनाश करने के लिए...
पांड़े आत्यारों के साथ सांट काट कर ली थी.
राजकुमार अरलमोरी वर्मन को... सिंगला में बंदी बनाने का...
समराड से राजसी आतेश दिलबा दिया.
परंद्दू... अरलमोरी को वापस ला रहा जहास... समंतर के बीच... एक दूफार में भस कर ढूप गया.
अरलमोरी के मुझ्य के समाचार ने... सामराज्या को हिला कर रक दिया.
पुनियन सिल्वन के दूबने का कारण... नन्धनी ही है.
अत्यंत क्रोधित... अधित्या का रिगालन... अपनी सेना के साथ... गंजोर के ओर पढ़ने लगे...
एर अभीदास... मेरे पैसो का क्या?
मेरे तूटी नाओं का पैसा... पिना दिया भागो जा रही?
छोटा शेह, समंतर में दूब गया है.
मछ़विया उसे खा रही होगी.
छोटों का शेह, समंतर में दूब गया है.
अगनी थी, दीवर थी, चारोर थी, हवा चली, शक्ति शले...
बागल!
रभी दास, क्या हुआ है?
पहले उसकी लाश को देखना होगा.
तब तक, फीर पांड्या की खत्या का पप्ला पूरा नहीं होगा.
आग अभी पुछे नहीं.
पड़बुर राणी नंदनी देवी कहा है.
उस मूड़े के साथ प्रकाश स्टंब के पास सेना भी है.
समुद्र तद पर हर जगा ढूढ रहे है.
राकमा, ढूढना मात.
चूटा शेर मर चुका है.
राकमा, जागा पड़ो राणी से कहो, तो मुझे उनसे मिलना है.
ततकाल मिलना है.
हे इश्वर, ये अरुन मूरी ही होना चाहिए.
वो पल्लव दोज़ है.
पल्लव राजा पार्थी बन, लंका गए थे.
मैंने सुना था, क्या ये बहुत है?
उसने अरुन मूरी को बचा लिया होगा.
अरुन मूरी आ रहा है.
पार्थी बन, अरुन मूरी कहा है?
मेरे बच्चे को कुछ हुआ तो नहीं?
इतना बनो मत, आप तो उसे विर्थ देखना चाहते थे.
क्या कह रहे हो?
पोते को बंदी बनाने आपने जहास भेजा?
अरुन मूरी जहास के साथ डूप गया.
अरुन मूरी को मैंने पाला है.
अनके दादा समान है.
आप मुझे बंदी बना सकते हैं.
कोई और मेरे पास नहीं आएगा.
कौन है ये?
नदरी देवी को प्रणाम.
मैं पल्लव राज हूँ, पार्थी बन.
मात्र पार्थी बन नहीं, वीर पांडेन का हत्यारा पार्थी बन पल्लवन.
ये सम्मान अधित्य करिगालन को ही चाह सकता है.
मैं उसका मित्र हूँ.
अब उससे क्या मतलब?
अरुन मोरी कहा है?
क्या वो सच में उस जहास पर नहीं है?
राजा असत्य नहीं बोलता हूँ.
राजा के असत्य को राजनीती कहते हैं.
फिर भी, जहास में एक बार देख लेना ही चाहिए.
मैं वहाँ जाकर देखता हूँ.
कलन थकार, मैं भी साथ आता हूँ.
अल्लाव पर नजर रहना है कहीं जाने नपाएं.
मेरी नजर है इन्बर.
बुद्धा बिना कारण मुझे पर संदेय कर रहा है.
क्या तूफान मैं लाय था?
क्या अरुनवाडी की मृत्यू मेरे कारण हुई?
कारण आप नहीं, मैं हूँ.
सभी यही कहेंगे.
बुढ़े आदमे को रिज़ा कर, चोल सामराजे को हडपना चाहती हूँ ना मैं.
ऐसा कोई नहीं कहेगा.
यह सब... एक आउरत कह रही है, मैं निष्चित रूप से जानती हूँ.
कौन?
राजकुमारी कुंदवै.
देखा, कुंदवै के नाम मातर से, आप शात हो गया.
जोल राजकुमारी, अपरत्यम सुन्दरी.
किसे की भी सुन्दरता आपके पैर की उंगली के बराबर भी नहीं है.
ये सब उससे मिलने के बाद नहीं बोलेंगे, जानती हूँ.
मैं ऐसा नहीं हूँ, मैं...
आप मेरा एक कारे कर देंगे?
बताये.
कुछ लोगों के कारण, चोल राज्य को बरबाद होने से बचाना है.
कैसे?
ये करने का एक ही रास्ता है.
और यहाँ कार्या आप ही संभव कर सकते हैं.
क्या करना होगा मुझे?
मैं जो कहूंगी आप वो करेंगे.
आप कहें तो पल्लव राच्य आपके चार्णों पर रख दूँ.
सच कह रहे हैं आप.
सुनो...
आदि शिवयोग मुर्ती प्रथम काला मुगण ने हमें नई दिशा दिखाई है.
जो सम्राज जगेश्यो भक्तंदर अधित्य के पुत्र मदरां तगदेव यहां हमारे साथ है.
कोडी करई से संदेश आया है.
अरुन मोडी को समत्र लील गया.
शीवो हम...
सिंग्धासन का उत्तरा दिकारी... रांज गदेव...
यूत के प्यासे काला मुगन हाजारो विक्राल वीर आपके साथ हैं.
चोल राजकुमार, मैं उक्रदेवन हूँ.
राश्यकूर्ट समराथ कोर्थिका अमोग वर्षका सेनापती, उनके भतीजे करकन आपके लिए संदेश लाया हूँ.
राश्यकूर्ट चोलों के शत्रु हैं.
शत्रु थे, अब करीगालन शत्रु है.
आप करीगालन को परास्त नहीं कर पाएंगे, हमारा साथ दीजिए.
मैं तुम्हारा साथ तो हूँ.
शत्रु के साथ मिलकर चोल सामराज्यो को गमादू.
शत्रु का शत्रु मिठर हुआ, शिवोहम.
गमाए ये मत्ध, हमारा साथ दीजी.
हम आपको चोल समराज बराएंगे.
कोर्टिका अमोग वर्ष का वचर मैं आपको देता हूँ.
प्रमान के तोर पर...
कोर्टिका अमोग वर्ष की पुत्री, माधुरी.
अगर आप हमारे जमाई बनते हैं तो, ये हमारा सवभाग्य होगा.
चोल और राष्टकुट समराज चे साथ हों तो, हिमाले भी दूर नहीं.
इस संधी से एक भी बुंद रक्त बहाये भीना, आपको चोल सिंघ हासन दिलाएंगे, ये कोर्टिका अमोग वर्ष का बचन है.
युवराज, अगर आपकी इच्छा हो तो, आप आद्या करें.
हमारी सेना आपके साथ खड़ी होगी.
शिवोहम
युवराज, आपको कुछ नहीं हुआ युवराज.
युवराज, आपकी कुछ नहीं हूँ.
हम तड़ तक पहुँँ पहले हैं.
युवराज, आपको कुछ नहीं हूँ.
युवराज, युवराज, आपको कुछ नहीं हूँ.
जोराज!
युफराज, युफराज...
बस कुछ समाया और रूप चाहिए युफ्राज.
बून्दमा, कोई नाव आ रही मैं... चुप ज़प.
वो किसकी नाव है?
मैंने प्रकाश तमसेंग बून्दमा की नाव को देखा?
तुमसे डोडता वो आ गया.
विश्याज़ इसका मतर पाज़ कुमार पुर्नी मिशेल बराएँ। नाम को इस द्रहम भीचो.
इस द्रहम भीचो.
पुर्णि माई!
इस नाम में तो कोई भी नहीं है.
तमी तो?
यूराज कहाँ शुयाद शौय करें.
नहीं यूराज.
पूर्णि माई, ये पाल उठाये.
नन मार्टी आपको पाल दे। शात.
शात रो.
यही रहे है राज़खुन.
वह तो अस्वस्त है.
वैद के बास ले जाना है.
जिवराज जीवित है.
जिवराज जीवित है.
वनियन सेल्वेट जीवित है.
चूट चूट रो.
चूट चूट.
यह किसे है तो?
पार्थीवन के साथ.
चूट चाप चला आया.
इसे देखा और साथ चला आया.
मुझे संकाल परदानमंतरी को सुचित करना हूँ.
जीवित है.
पहले यिवराज को वैद के बास ले जाना होगा.
ये विशेला बुखार है.
किसी को पता ना चले कि ये जीवित है.
ऐसा है तो इनको नागबटना विहार ले चले हम.
बहुत विक्षों के पास ही अपचार होगा.
तट पर चारूर सिपाई है.
नम्भी, इस माँपर आओ.
जल्दी.
मैं इनको देखता हूँ.
वहाँ कौन है?
अरे, रविदस, तुम हो.
घर पर सब कैसे हैं?
सब कुशन मंदल?
ए!
तुम यहां कैसे आये?
कौन मैं?
समुदर में गीर गया.
तैर ते, तैर ते, इधर आ गया.
बहुत भूँग लगी थी.
एक पेड़ पे चड़के एक उल्लू का अंडा या पिर कवए का अंडा मिला, पर पेड़ ही तूट गया.
ओ, जाजुगर जी, एक कमुतर का अंडा मिलेगा क्या?
ए!
अरिन मोरी कहाँ है?
मैं हूँ अरिन मोरी.
देखो, मुद्री का.
और ये तो समुद्र में बेवी.
और तुम कौन?
जाजुगर हो ना?
नहीं ना, जाजुगर कहा, तुम्हारा यमराज.
अरिन मोरी तक पहुचाए बिना, तुम्हे आगे नहीं जाने दूंगा.
देवरालन, नहीं.
मैं पारी से डरता हूँ.
जो भी हैं, किनारे पर बात करते हैं.
रास्ता दो.
दो बिदा आओ.
यहीं बात खेलब कर देते हैं.
रास्ता दो.
रुको, इतना तेज़ मत सलायो.
तुम्हे मेरी नाओ नहीं दिख रही है क्या?
नहीं दिख रही है.
अट जाओ.
इतना तेज़ मत लाओ.
नाओ तक रास्ता दो.
पार्टेवा, अरुन मोरी ठीक है, बस इतना सुनना चाहता हूँ.
और कुछ भी मत कहना.
इच्छा से सत्य नहीं बदलता। अपनी आखों से देखा। तुमने स्वेम देखा। हाँ, वो जहास के साथ डूब गया। साथ में वन्द्यतेवन भी।
मुझे विश्वास तम शूप समचार दोगे। मूर्खों जैसे विश्वास किया। तुम्हारे संदेश की
प्रतिक्षा करता रहा। मैं क्या करता। अरुन बोडी ने मेरी बात को सुना ही नहीं। उसने तुम्हारा अदेश भी नहीं माना।
बस यह बताओ, यह किसका कारे है?
उसी का कारे है न?
परोड की नागें का शर्यंद्र। बताओ?
नहीं, यह पांड़े हात्यारों का काम है। नन्धिनी और वह आपस में मिले हुए हैं। अगर
छोल राजय में पांड़े हात्यारे इतनी आसानी से गूंब रहे हैं, तो कारण वही है। क्रुवत ने तुम्हें अन्धा कर दिया है।
तुम बदल गए हो। सच बोला, तुम मिले थे उससे। आधित्य, छोल राजय संकट से खिरा है। और अगर
समराट और प्रजागों को इस संकट से बचा सकता है, तो वो सिर्फ तुम हो। वो तुम मुझे पर
छोड़ दो। मेरी सेना कल तंजोर के लिए प्रस्थान करेगी। यह मूर्गता होगी। लोग
सोचेंगे तुम अपने पिता के विरोद दो। मदुरा दकन के पास अपनी सेना है। उसके फरुच जाने से
चोल राजय में ग्रेह यद चड़ जाएगा। राजय मिट जाएगा। और यही बात नन्दिनी देवी ने तुम तक पहुचाने मुखा है।
मतलब, तुम उससे मिले थे। क्या कहा है उसने?
बोलो। चोल राजय का भविश्य तुम हो आदित्या। और उस भविश्य के रख्षा हेतु नन्दिनी देवी ने
तुमको कडम्बूर बुलाया है। कडम्बूर बुलाया है?
जहाँ शड़ियंट लचा गया है। और तुम उसके दूसर हो।
तुम्हारे लिए कितने यूत लड़े हैं। आगे भी लड़ता रहूंगा। मेरे मित्र के भविश्य के लिए,
छोल सामराज्य के लिए। तुम्हें मेरे साथ चलना होगा।
पर्तिमा, उसने क्या कहा?
सच पता न। उसने कहा था कि उसके बलाने पर तुम अवश्य होगे।
तुम्हारे हाथ में आदित्या करिगानन की दिए हुई राजसी मद्रिका।
पहले उसने प्रेम दिखाया, फिर छोड़कर यूच पर चला गया। जानवर की तरह दुदकार दिया। याद है न?
क्या कहना चाहती हूँ?
मैं उसे अपने सामने देकर कमजूर पढ़ जाओगी। ये राजसी मद्रिका इतने सालों तक तुम्हारे
संदुप में पढ़ी थी। आज हाथ में आ गए। बस करो। एक अनाथ लड़की भीकारियों की तरह भटक थी
रही। भूके भेड़िये उसकी सुन्दर्स्ता पर जपड़ने को तयार थे। तब उसको शरन देने वाला कौन था?
वीर पांडियम, अपनी बेटी की तरह पाला उसे। ये मत बूलो।
मैं नहीं बचूँगा। किस ने कहा, मैं आपको नहीं चूड़गे। किसी भी तरह आपको बचाँगे। नन्दनी,
मुझे एक वचन दो। आदिश करें। मेरा बेटा अमर भुजन, उसको अपना भाई मान कर उसकी देखभाँ
करना करोगी। अमर भुजन पांडियो का राज अभिशेक मेरे सामने आप करेंगे।
अमर रवीदास। लेकिन वो धूर्थ जिसने उसे छोड़ दिया, उसको दया नहीं आई।
मेरी अच्छे मिलती है, जीवर दाओ थीचे।
बासुकी, मैं कुछ नहीं भूली।
आप मुझे भूल नहीं। आपको कैसे भूल सकती हूँ, राजकुमार। आपके पिता के हत्यारों से बदला
नहीं लेना चाहिए। लेना है, सर काट कर लेना है। मारेंगे, छोड़ वंच को जड से मिटा देंगे।
पांडिया के फीर योधाओं, हमारा परंशत्रु करिगालन, अरुड मोरी की मिर्ति की सूचना पाकर
पागल हाथी की तरह विचनित हो जाएगा। ये विश्वुजी तलवार उस पागल हाथी को मार देगी।
अपने पुदर की चिता को अगनी देने सुरक्षा के बिना सुन्दर चोन अपने महल के भार आएगा। वही
हमारा अफसर होगा। उसी चोन उसे मार देना चाहिए।
अगर वो अरुन मोरी अब भी जीवित है...
तो अपने पिता और भाई की मिर्द्दी की सूचना पाकर छुपेगा नहीं... वो बहार आएगा...
पांडिया के प्रतिछोद का शिकार में... रभी दास...
तुम्हारी कोई योजना काम नहीं करेगे...
अरुन मोरी को तुम बार पाए...
सिंगला में तुम कितनी बार सफल हुए...
करिगालन सो अरुन मोरी के समान है...
तुम उस पागल हाथी के निकट भी नहीं जा पाऊगे...
उन तीनों में से... पहले जिसकी हत्या होती है... बाकी दोनों की सुरक्षा...
तीन गुना बड़ा दी जाएगी...
तंजोर की पूरी सेना हमारी पीछे होगी...
हर नगर, हर वण में... हमारे लोग शिकार बनेंगे...
करिगालन कडम्बुर में... मेरे हातों मरेगा... ये होकर रहेगा... करिगालन कडम्बुर आयेगा...
कैसे पता...
क्युकि बुलाया है मैंने...
हमारा संकल पूरा करने का एक ही रास्ता है... अगली पूर्णि मान को... एक ही दिन में...
हमें वो तीरो का बत करना होगा...
इस से पहले की... एक हियात्या का पता दूसरे को चले...
हमें उनहीं मारना होगा...
हम भीर पांडिया के चिता पर लिए गए संगल्स को पूरा करेंगे। जोल पांडिया की जय हो!
मतुराय नरेश की जय हो!
जोल परास हो!
जोल परास हो!
देवी, आप यहाँ?
एक प्रश्न का उत्तर देने से तुम जीवित वल्लम बापस जा सकते हो। देवी, मैंने निकलते समय
अपनी माँ को मस्तक के साथ लोटने का वच्चन नहीं दिया। इसमें क्या रखा है?
आप कर दिजे.
अरुन मोडी कहा है तुम जानते हूँ?
नहीं बताया तो मृत्यू सम्माण जनक नहीं होगे?
बताया तो जीवन सम्मां जनक नहीं होगा,
अरुन मोडी जीवित है। मुझे पता है वह कहा है.
पताओंगा नहीं.
चाहे जो हो.
परन्तु, मुझे आपका एक बड़ा रहसे पता है.
चाहे तो वो बात पता दू.
क्या?
रहसे कोई इस तरह बताता है क्या?
पहले इन दुष्टों को यहाँ से भगाईए.
राजकुमार.
पाकली हो गया था जादुकर.
क्या माराण?
तंजोर में आप बड़भू राणी स्वरूप है.
यहाँ वन में आप बाढ्या राणी स्वरूप है.
आपका राज कहा नहीं है.
तुम्हें क्या रहसे पता है?
पहले वो बताओ.
एक दम आप जैसे एक उरद देखी मैंने.
कोई भी उन्हें आपकी माँ समझेगा.
लंबे श्वेत केश, हाथी परवान की राणी की तर आय थी.
जूत.
उनके बारे में एक और बात बताता हूँ.
वो बोल नहीं सकती थी.
कौन सी जगह?
उन्हें कहा देखा?
आपको बता कर यहाँ मन में अकेला मारों, मैं गधा हूँ क्या?
मुझे अपनी सुरक्षा चाहिए.
आपके लोग मेरा पीछा ना करें.
मैं वचन देती हूँ, इस तलवार की सोगत तुम्हें नहीं मारेंगे.
आभार, सर पच गया.
मस्तक आदमी के लिए बहुत अवश्यक होता है देवी.
लीजिये, अब अराम से, बड़े प्यार से ये रस्य को काट दीजे.
इसकी आवश्यक्ता नहीं है देवी.
वानर कुल का भल्ला वरायन, अपना वचन नहीं तोड़ता.
बदाओ, मेरी माँ को कहा देखा?
सिंगला में, तुंडाइमा नधी के किनारे, वो वन की रानी की तरह रहती हैं.
एक दम आपका चेहरा, जैसे आपकी परचाईं, उनकी आँखों में, कोई क्रोध नहीं,
कोई प्रतिशूत नहीं, केवल करुणा थी.
जैसे की एक माँ,
आँखों में आँखों हैं फिर भी, आप बरम सुनतरी हैं.
नन्तिनी को रूत दे हुए, एक ही आत्मी नहीं देखा है, इस वन्द्यती वन्दे.
अगर तुम उस गुंगी माँ से फिर मिले, तो उन्हें मेरे पास लिया ना.
रविदास, इसको कोई रूकेगा नहीं.
वीरा, वीरा, यहाँ वन में खूम पीती भूत नहीं है रे.
काली का नाम लो तो छूम अंतर हो जाती है रे.
आप कौन है स्तीवाण.
मैं काला मुगन, मैं तमुरी बली चढाने आया हूँ.
औरनाम भी.
बईलर, रस्तिمل कोऽलो, बाद वे बली चादा ना। यह बात बता हूँ तुमने मुझे पैचाना कैसे?
" अच्छा हुआ, तुम्हारी बदी काली को नहीं चड़ा है, पुन्देवान हो.
पर जिस तरह रभीदास तुम्हें मारा था, मुझे लगा...
यमलोग के द्वार पर ऐसे लटके होगी, ये सोच करा.
सच में कसके मारा, लेकिन तुम्हें अच्छा भी नहीं था। अच्छा?
उनकी सबी बातें सुनली मैंने, तुम अधित्य करिगालन को ढूड़ो, मैं कुन्दवी देवी के पास जाता हूँ.
यह क्या था डिये?
शीकर जाओ.
पैसे, पैसे.
वह मेरा पुतर है.
महराणी सेवियर माधेवी कहां है?
अपने पुतर पर मुख आरा है, ऐसा पत्र मिला मुझे.
इसलिए अपने मित्रों के साथ आया हूँ.
कहा है, मेरी प्रीव माता श्री?
अपने प्रीव पुत्र को क्या देना है उन्हें?
सिंगहासन या रुद्राक्ष की माला?
जो कुछ भी देना हो यहाँ मेरे मित्रों के सामने दे.
यहाँ क्यों बुलाया है?
चाचाश्री, आप चक्रवर्ती पर आक्रमन करने के लिए सेनाय कठा कर रहे हैं.
क्या यह सच है?
देखो, सभी शिवभक्त एक दैविय शक्ति दोरा संचालित और प्रेरित हैं.
और दैविय शक्ति क्या चाहती है?
छोड़ना ना सत्य है और ना ही अधिकार.
समराट के विरुद चोल राज्य के दो भाग करना क्या यही सत्य की रख्षा है?
या फिर शत्रु कोर्टिगर की पुत्री से विवाह करके चोल सिंहासन पर कभ्जा कर लेना?
समराट का सिंहासन मेरा है, जो उन्हें कुछ समय के लिए दिया गया था.
बंदी बना लो इस गुप्चट को.
अरे गुप्चट मैं?
अरे मैं राजखुमारी से ही मिलने आया हूँ.
एक गुप्त काले के लिए.
राजखुमारी मुझे जानती है.
राजखुमारी को जीत रहे थे, तक चोल राजखुमारी को किस ने रास्था दिखाया?
मैंने सब कुछ सुच्चाब समाला हुआ.
अब मैं सिंगहासन पर बैठकर, राज करने को तयार हूँ.
ये राज़ी मेरा है, सिंगहासन भी.
शिवो हम शिवो हम शिवो हम शिवो हूम!
मैंने राजकुमारी का कारे पूरा कर दिया है। मुझे अभी उनसे मिलना है। मूर्खो। एई...
अरे मैं तुम्हारी राजकुमारी के लिए अच्छी ख़बर लाया हूँ। उनके मास लेकर चलो ना। कौन है?
आओ...
तुम मेंसे कोई एक तो मत निकला। बस मेरे हाथ खोल दो। मैं बंद दागों से भी तुम्हारे प्राण अढलूंगा। कौन है?
आर्योन मुरी कहा है। तो इस त्रीकों बैजाया है। तुम्हें क्यों बताओं मैं?
शीरिश उड़ा दो। नहीं... तुम मुझे मार नहीं पाऊगी। क्यों?
मेरे पास तुम्हारी राजकुमारी के लिए एक महतुपून सूचना है। क्या सूचना?
मैं केवल उन्हीं बता सकता हूं। तुम कौन हो?
राजकुमारी ने मुझे बेजाया है। सच में?
क्या कहा उन्हें?
कहा उस गुपचर को मार दो। क्या उन्होंनें मुझे दीखा नहीं?
मुझे पहचाना नहीं?
नहीं, हो सकता है तुम्हें भूल गयी होंगे। हो सकता है.
मैं एक साधार अनवीर हूं, वो चक्रवर्ती की पुत्री, और... और?
और वो पललफ के राजकुमार से विवा कर रही है.
क्यों?
कर भी ले तो तुम्हें क्या?
मुझे कुछ नहीं.
वानरवंच के पास कोई राज्य ही नहीं है.
तो फिर इच्छा कैसी?
क्या इच्छा है तुम्हारी?
बहुत है.
राजकुमारी पल्लव से विवाह कर रही है, किसने कहा?
नहीं कर रही.
सभी में.
क्यों?
राजकुमारी के मन में कोई और बसने लगा है.
उसने राजकुमारी को एक वचन दिया था.
वो पूल चुका है.
वचन पूरा किया है.
जिसे सुरक्षत लाने को कहा था...
वो स्वस्तर सुरक्षित है.
यह उसे दिया हुआ आदेश था.
कारे सफलता से पूरा करने के लिए बहुत धन्यवाद.
लेकिन वचन का क्या?
कौनसा वचन?
तुमारा जीवन तुमारा नहीं.
अब उनका है.
तरही ही तु खुशम रोह है ना कही.
मदद मन नेन बदन नेन से कही.
आके आखे तुनेए कही चहाँ करतो नहीं.
सजा तुम मिले ये प्यार के, कैदहु पहार कि.
वन्ती वन्ती रूधी मर्जे है मेरे यार के रूआ रूआ खिलने लगी है जमि आगे बगे तोने कही चाहते तो नहीं
तेरो मलाई जुहराज, मैं और मेरा घोड़ा उबड खाबड रस्ते पर चलका ठक चुके है.
दोनों ही बेहाल हो गये है.
लेकिन एक शुब समाचार लेकर आया हूँ यूराज.
परन्तु वो केवल आपके लिए है.
इसलिए मैं शीवीर में नहीं आया.
अरुन मोरी के बारे में?
हाँ यूराज.
आपको मेरे साथ नाग बढ़िनम चलना होगा.
यह यह पहला है.
दिरुमलाई... यह नहीं है.
यलो...
देलो... राक लो...
दिरुमलाई...
दो वीर यूझ्डहों के साथ बली बड़ी हूँ मैं.
मैं आसू नहीं बाह सकती।
हसाओ मुझे। जब मैं यहाँ नहीं था, तुमने अपने लिए कोई लड़का ढूंग लिया है क्या दीदी?
जुप कर। पंज़ेद देवन बोल रहा था। तो वो है। भस करूँ। पंज़ेद देवन बोल रहा था। अब तो वही
है। वो कह रहा था कि तुम्हारी जान बचाने वाली एक गुंगी उरद थी। वो कौन थी अरुनोरी?
नन्दिनी। क्या कह रहे हो तुम?
ये दूसरी बार उन्होंने मेरी जान बचाई है। जब मैं कावेरी में गिरा था तब भी वही थी।
नन्दिनी जैसी ही लग रही थी। परन्तु श्वेत केश। नन्दिनी नहीं। उसी के जैसी दिखने भाली
एक बूरी उरद। बंदियारे का भी यहीं मानना है। यह कैसे?
यह कैसे संभाव है?
वो हमेशा एक माँ की तरह तुम्हारी रखशा क्यूं करती है?
एइ चोटी, कहां भाग रहे हूँ?
तुमने कैसे बैचा ना?
चमेली की देल की बुद्बु से.
यहाँ क्या कर रहे हूँ?
बुद्धकी पूज़ा करने आया हूँ.
तुम भी पूज़ा करने आया हूँ.
आथ पैर तोड़ दूगो तो पूज़ा कैसे करोगे?
सादु, सादु, विहार में मार बिट के बात करूँ.
मैं आपको यहाँ लाने के लिए कहा था ना मैंने.
बिक्षू मत कर खड़े हो यहाँ.
बुद्धा बिक्षू दिखने वाले, सब ही बुद्धा बिक्षू है क्या?
ऐसे लगता है मर कर वापस आया.
तुमाले बेना ये जीवन सोच भी नहीं सकता था.
बागल हो गया था मैं.
आप सबको इतनी असानी से छूड़ कर चला जाओंगा.
अभी तो आपको बहुत सताना बाकी है.
तब ये ठीक हो जाने थो.
मैं अब यहाँ और नहीं लो सकता.
किसी गुपचर ने देख लिया तो...
तुम्हारे यहाँ होने की भड़ा पड़ जाएगी.
सब खीक करके... मैं तुमसे मिलने आता। भाईया, आप कडंबूर जा रहे हो न?
मत जाओ.
ठीक है.
हम उन्हें अपने महल लेकर आएंगे.
नहीं.
मैं नहीं जाओंगा.
आप खुश?
आप नंदिनी से मिलने जा रहे हैं न?
अब उससे कहने को क्या बचाए?
उसको कहने दो उससे क्या चाहिए?
मेरा सब कुछ ले रहने दो.
नहीं भाईया.
इस मनास्तिति में वहां मत चाहिए.
मैं बात करता हूँ.
तुम दोनों की सुरक्षा की अवशक्ता नहीं है मुझे.
मैंने यह शुरू किया है.
और मैं ही कतम करोगा.
यही रुको.
वन्दे देवन.
इफराज.
कितने दिनों बात मिल रहे हैं.
अविनंदन इफराज.
दियावा कारे तुमने पूरा किया विद्र.
अब मैं मलता हूँ.
वानवज सही में एक वीर कुल है.
धन्यवाद इफराज.
मताईए भाईया को.
इफराज.
वन में उन पांड़े हत्यारों की योज़रा मैंने सुनी.
इस पूर्नमा को, टीक दो दिन बाद चोल कुल के तीनों वीरों को एक साथ मारने की प्रतिग्या लिगई है, नन्दरी देवी की उपस्तिती में.
आपको गडबूर बुलाने का यही कारण है.
उनके हत्यारों ने हर तरव से हम सब को घेल लिया है भाईया.
कुन्दवाई, परियाप्त सुरक्षा के साथ तंजोर चाओ.
वंदे देव, आरंबोही के थीको जाने पर इन्हें तंजोर सुरक्षेत पोचाना तुम्हारा दायत है.
बताओ इन्हें.
गिवराज, मुझे अपने साथ कडम्बूर राणी की आनुमती दिये.
पड़बूर राणी और बाक्यों को साथ मारते हैं.
मेरी सुरक्षा के लिए आ रहे हैं या नदरी देवी की रक्षा के लिए?
गिवराज, आपकी सुरक्षा मेरा धर्म है.
मित्र, कडम्बूर राणे की तुम्हें आनुमती नहीं है.
यह मेरा अदेश है.
गिवराज, अगर अब भी तुम आए, तो जो होगा उसका उतरदाई मैं नहीं है.
हम चूल युगराज का कडम्बूर में स्वागत करते हैं.
दुआर बंद करने की इतनी चल्दी क्या है?
मुझे भी बंदी बनाने वाले हो क्या?
क्या कह रहे है आप?
यह छोटा किला है.
इतने लोग यहां नहीं आ पाएंगे.
मेरे अभिन मित्र बार्थी बेद्र पल्लाव, तुमने दल बदल लिया?
मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ.
मुझे ही नहीं पता मैं किसके साथ हूँ.
दल तो हर पल बदलते रहते हैं.
शड़ियंत शुरू किये जाते हैं.
मेरे प्रिये दादा...
ओ... पढ़गूर राणी... कैसी है आप?
आधी पर बढ़ा ऊपटा कर लाए, ताकि पुरा नगर देख सकें.
यही सही है, अब से ने हर जगा ऐसे इनके पर प्रिये कर लाए.
सेनापतियों ने मेरे विरुद शर्यंत्र रचा है ऐसा कुछ चरों का कहना है। यूवराज,
आप कुछ सद्देह के साथ हमसे बात कर रहे हैं। कैसा सद्देह?
मुझे?
देखो, परवुर राजा सामने है। चोल कुल के विरुद ये कुछ करेंगे ऐसा सोचू?
मैं कोई पागल हूँ क्या?
क्यों, परवुर दादा?
सब सेरापती कहा है?
वो लोग शाम तक आ जाएंगे। आ रहे दो, सबको आ रहे दो.
हम सब मिलकर शर्यंत्र करेंगे.
शर्यंत्र तो मुझे भी पसंद है.
और उसके लिए इससे बेटर जगा हो ही नहीं सकती.
है ना दादा?
हमारे राजकुमार को इनोंने बंदी बनाया है.
मेरे कारण इस बिहार पर कलंक नहीं लगना चाहिए.
आजाओ, सब लोग आजाओ.
योगराज, ये पांडो की चाल है.
वो भीड में चुपे हुए है, मेरे स्वाहिम देखा.
वो भीड की आर में आप पर हमला करेंगे, मत चाहिए.
योगराज, कड़ो वैयार नहे से निकल जाती हैं, सीधे अनाय मंगलम चलती हैं, और वहाँ से परेयरी चले जाएंगे.
मेरी अपनी प्रजा को जहासा देकर मुझे भागने को कह रहे हो तिरुमले?
प्रजा पर विश्वास पिना प्रशासन संभाव नहीं.
पोनियन सिल्वन सुरक्षित है, हमारे चक्रवर्टी के वीर पुत्र। मैं यहाँ इस मठ में पूर्णता सुरक्षित था.
इनोंने ही मेरा उपचार किया है.
यहाँ का हर एक भिक्षू हमारे विश्वों के तरह है.
पोनियन सिल्वन जैयो.
सभी संशाय जल मिट जाएंगे, तब मैं आप सब से पुना मिलूंगा.
आपने स्विहाग में जो तोड़ फोड की है, उसे आपको ही सही करना होगा.
इन भिक्षुओं का अशिरवाद लेने के बाद ही कर जाएंगे.
यह मेरा आदेश है.
परिजा युवराज को एक दिन और ठहर कर हमारे जासे साधारल लोगों के आतित्य को सुखार करना चाहिए.
राजकुमार तो हमारे गाओं में आना ही पढ़ेगा.
हाँ राजकुमार.
हाँ राजकुमार.
कल पूर्डिमा की पूजा है.
राजकुमार से आगरा है कि उसमें भाग ले.
बुद्ध का आशिर्वाद लेकर आप यहां से जाएंगे, तो खुशी होगी.
युवराज नहीं, ये लोग...
युवराज नहीं, ये लोग...
युवराज नहीं, ये लोग.
..
दिवान साथू,
साथू, साथू, साथू, साथू...
बिख्षूं, हट जाओ.
हमारी शत्रुता अरुणोरी वर्मन से ही है.
हम इस पवितर विहार पर बिना कारण रक्त पात नहीं जाँते.
हट ओ.
आपको करते हैं.
आपको करते हैं.
चलो.
चली चलो.
चली है चाल.
पसा है शेर.
चली है चाल मक्कारी.
पसा है शेर इस पारी.
कटेर देशी.
बेंडे के पिछे दिखाल रमसारी.
आई, तुम बाल्यराज्या के गुप्ता चलो.
ए विश्णबाग, पीछे देख.
हाथी पे फिर से मरेगा एक चोर राजकुमार.
अंकुस को देखा?
ओ यह, थूछ देखें... उन्हें देखें...
दूसरा ज देखूने दाकी है.
है कहा वो?
ये तो मैं अपने आप को भी नहीं बताओंगी.
छोड़ो, दिवारों की भी खान होते हैं.
उससे कुषल है, यही बहुत है। पिता जी, मैं आपसे एक महत्तवपूर्ण बात करने आयी हूँ.
अरुन मुरे ने सिंघला में एक गोंगी राणी को देखा.
वो हाथी पर सवार होकर एक देवी के तरहा आयी.
उससे वो एकटम नन्दिनी जैसी प्रतीद हुई.
नन्दिनी को देखा था, आप जोक गए थे.
आपका छेरा पीला पड़ गया था.
हाथ पेर काप रहे थे.
बार बार उससे कूच रहे थे, क्या ये तुम ही हूँ?
आप लगातार उसकी मां के बारे में पूच रहे थे.
आपके छेरी का हर भाव मुझे याद है.
बोलिए, आप कुछ तो जानते हैं.
क्या?
क्या जाना चाहते हो तुम?
नन्दिनी जैसी दिखने वाली वो गुंगी राणी कौन है?
वो मर चुके है.
बहुत पहले ही मर चुके है.
पता नहीं तुम किसे बारे में बात कर रहे हो?
वो जीवित है.
अरुन मोरी को उसी ने बचाया है.
केवल इस बार नहीं.
जब अरुन मोरी कावेरी में डूबा था, तब भी बचाने वाली वही थी.
वो जीवित नहीं है.
समुत्र में डूब गई थी.
वो कौन थी?
बस यह पता थी.
मेरा पाप है.
मेरी जिन्दगी का सबसे बड़ा विश्वास गया था.
कहा कर निकला था वापस आओंगा.
लेकिन यहां सिंहासन पर बेट थे के बाद...
मैंने मन्दाकिनी को, मेरी गुंगी राणी को खो दिया.
क्या मेरी माँ की जगे मन्दाकिनी को होना चाहिए?
एक चक्रवर्ती वचन तोड़ सकता है?
राजा धर्म का पालन नहीं करेगा, तो प्राजा क्यों करेगी?
खुंदा भाई, अवपा अधित्यंगरी कालन जैसा है.
उन दिनों मैं भी वैसा ही था.
वही ग्रोध, वही जडबुते.
एक बार मेरे जहाज पर पांड्या सेना ने आक्रमन किया.
सिंगल राज के एक द्वीप में पहुंचा.
वहां की एक लड़की ने मुझे बचाया.
मन्दाकिनी ने?
मैं उसके साथ कुछी दिन रहा.
मेरे हर्दई में एक जगा उसकी हो गई.
चोड सामराज ने मुझे बचा कर वापस लाने के लिए एक जहाज बेजा था.
मन्दाकिनी की हाथ पकड़ कर उसको वचन दिया था कि मैं लोटंगा.
तंजावर आने के बाद भी उसी की सोच में था.
उसे तंजावर ले आने के लिए अनुजुत को बेजा.
और वो आपस उसके समुदर में डूब के मरने का समाचार ले के लिए.
जिससे मैं नफ्रत करती थी, वो नन्दीनी.
मन्दाकिनी की पुत्री.
वो मेरी बेहन है.
क्या कह रही हो पुत्री?
इसलिए करी गालन और नन्दीनी के बारे में पता चलने पर, आपने उसे दूर भेज दिया था.
नहीं, नहीं पुत्री.
मैं आपको सबसे निक और सच्चा मांती थी.
सुन्दर चोली नन्दीनी की पिता है न?
कहा जा रही हो?
जूटे हैं आप.
मैं उनसे बात करूँगी जो जूट नहीं बोलेगी.
कुंदोई, रुखो.
रुखो.
नन्दीनी की रास के बारे में आप जानती है न?
पिताजी ने बताया कि आप असत्य नहीं बोलती.
क्या मोनी राणी उसकी मा है?
सुन्दर चोली उसके पिता है?
वो मेरी बेहन है न?
मेरी मा के स्थान पर मंदाकिनी को होना चाहिए था.
उसकी पिता कौन है?
ये मुझे नहीं बता.
पर अंतो मुझे द्रेट विश्वास है कि वो तुमारी बेहन नहीं है.
तीन साल पहले मेरे पिता ने सबके सामने मुझे युवराज गोशित किया.
आप सभी लोगों की सहमती से.
याद है न?
लेकिन अब आप लोग मदुरांतकन को ये पत देना चाहते हैं.
कडम हुर मामा, ये नयाय है क्या?
अगर मैं मना कर दू तो?
इस चोल सामराज पर मदुरांतकन का भी अधिकार है.
इसको नकारण नहीं जा सकता.
युबराज, हमारा सामराज ये कन्या कुमारी से कृष्णा नदी तक भैला हुआ है.
आप दर्म पत्नी को बातने जासी बात कर रहे हैं.
यह आप जसे बुरे आदमी के लिए संभाव हो सकता है.
मेरे लिए संभाव नहीं था.
क्या करने वाले?
अब और क्या करेंगे?
चकरवर्धी को महल में बंदक बना कर उन्हें कट पुतली की तरह नचा रहे हैं आप सब लोग.
मेरे भाई को सिंगला में बंदी बनाने का अधिश चकरवर्धी ने अपने इच्छा से दिया था या आप सब के दबाब में दिया था?
दादा, दियाद से सुनिये.
आरुन बोरी को समुदर में तुबा के मारने के लिए आप पर चूल राचे के लोग आखरोशित हैं.
जुबराज, ये निराद हर आरोप किस ने लगा है?
मैं उसकी जीम काट कर, उसके तुकड़े तुकड़े कर दूँगा.
हर आरोप लगाने वाले को अगर बार ने चले तो, चूल राचे शम्शान काट बन जायेगा.
सुनिये, नियम बरंपराओ जैसे शब्दों की आड़ में, आप एक नकारा को समराट बनाकर,
अपने काबू में रखना चाहते हैं.
आपी कद्दी पर क्यों नहीं बैट जाते?
आदित्या... जैँस... जैंस...
आदित्यू नहीं बैट जाते?
जैंस...
जैंस... जैँस...
जैंस...
मेरी पूरी सेना मेरे साथ रहेगी.
मैं कभी तंजोर नहीं आओंगा.
कृष्णा नदी के आगे जहाबी में विज्ञे प्राप्ट करूँ, वो भूमी मेरी होगी.
या फिर, मेरे भाई अरुनोडी की होगी.
हाँ, हम सहमत हैं.
हाँ, हम सभी सहमत हैं.
हाँ, हम सहमत हैं.
हाँ, हम सभी सहमत हैं.
तंजोर चल कर समराट को सुचित करके निर्ने लेते हैं.
यह संभव नहीं है.
अगर मैं तंजोर गया और मेरे पिता इसके विपरीत आग्या दें, तो वाधेश मैं टाल नहीं पाऊँगा.
दादा, सब इसी कडम्बूर महल में ख़तम करना होगा.
दादा, तुरंथ तंजोर जाकर मधुरान्तेकन को यहां ले आए.
ठेक है.
दादा,
इस बार मधुरान्तेकन को सबके सामने से लाना.
नंदनी दादी की पायल की में मत ले आना आप.
बाबरे, इतना बड़ा किला.
तुम इधर ही रहते हो?
मैं मंदिर में रहता हूँ.
मैं इधर आ जाओ क्या?
हाँ, मेरे घ़र आ जाओ.
मैं क्यों तुम्हारे घ़र आओ?
मेरे संगेनी बन कर.
तुम्हारे साथ पूल चुनो.
मुझे गेहने, साडिया और महल चाहिए.
दे सकते हूँ?
ये सब होगा तो शान्ती नहीं होगी.
मैं तुम्हें शान्त जीवन दे सकता हूँ.
शान्ती बनने के बाद मिलने चाहिए.
चल जा.
दुर्निमा, आओ.
रास्ता दो.
ए!
यह पूर्णीट सेवन की सेना है ना?
हाँ.
उनकी सेना पति आ रहे हैं.
हमें तुरंद किली के अंदर जायना होगा.
क्यों?
किली के दुवर बंतरने के लिए कह रहे हैं.
चल जा.
किली के अंदर रहने वरे लोग शीक रहे हैं, तरखें!
देखा ले, देखा ले...
मुर्णा मत.
मारी राणी, ये तंजोर में कैसे है?
मारी मारी देश्वर...
पुर्णमा... यही वो गुप्त सुरंग है.
बर्वतेश्वर... तुमने इस तरह सिनाले का किले के दौर क्यों बत कर दिये?
चोल कुल के द्रोही बन गए हो तुम और तुमारे भाई.
चोल राजी से हम तुमें खज़िड दे आये है.
कौन है द्रोही?
तंजोर के चक्रवर्ती समराथ सुंदर चोल के विरुद दाने वाले तुम ही हो द्रोही.
बखवास बक्योरों, तुमने समराथ को तंजोर में बंदी बना रखा है.
आये मधुरांचकन, बात ध्यान से सुन.
यहां के युमराज आधित्य चरिगालन है.
जो उनके विरद ही जायेगा, वो हमारे हाथों मारा जायेगा.
जीवित रहना है तो, भाग जाओ.
तुम यहां समराथ को बंदी बनाने आये हो, जोल राज्य तुम्हें माफ़ नहीं करेगा,
यह समराथ को यहां आकर बोल ले दो.
लाओ उन्हें यहां, समराथ को यहां लाओ, नहीं तो होगा युठ.
आ जाओ, तुम्हें कुछ समय देता हूँ.
कल सुरज रूबने तक हमें समराथ से मिलना है, नहीं तो फिर मैं इस
केले को मिट्ली में मिला दूँगा, बड़ो वुर्कुल लश होगा, दियान रहे.
आज की ब्राखनी द्रिनायफ है, कल सुबा तंछोर में आपका राज्य अबिशेक होगा, धैरे रखे.
धैरे के वश्यक्ता आपको है, बाहर खड़िवी सेना कहीं आपको सूरी न चड़ा दे.
मैं तंछोर लोड़ूंगा, मेरा राज्य अबिशेक होगा, बिना रत्पात के, बिना युद्ध के.
मैं चोल राज्य का चकरवर्ती पन के रहूंगा.
ये सामराज शिव की भूमी है.
शिवोहम, शिवोहम, शिवोहम.
तुम्हें पैरोगी आवास सुनाय दी क्या?
जो भी सुरम में मर जाते हैं, उन सब की आत्मा यहां भटकती रहती हैं.
डरो मत.
लेकिन ये भूत विशाच सच में होते हैं क्या?
हाँ, होते हैं.
लेकिन जो सबसे ज्यादा रते हैं, ये उन्हीं को खाते हैं.
यही है न?
गब्राओ मत.
पीछे देखो.
हवा आने के लिए वो खो बनी है.
वहाँ से देखने पर बड़े शेर का कक्ष दिखाए देगा.
बड़े शेर के साथ बहुत लोग है.
धेरे सोमा.
सभी लोग आज दुर्गा पूजा के लिए जाने वाले हैं.
उस समय शेर यहां अकेला होगा.
उसके आसपास बहुत सेहनिक हैं.
शेर की हत्या के लिए हमें प्रतीक्षा करनी होगी.
धेरे रखना होगा.
हट जाओ। रास्ता दो.
चक्रिवर्ती के दूत है.
रास्ता दो.
हुडिम बालोर पेरे विलार सेल्यो पती विक्रम केसरी की ड़्टक पुत्री राजकुमारी वान्ति पधार रही है। रास्ता दो.
वान्ति, तुम यहां.
क्या है ये?
मैं चक्रवर्ती के लिए एक संदेश लाई हूँ.
और अनमोरी वर्वर के बारे में?
उनके बारे में कुछ पता चला?
वो वीरों के वीर हैं.
महावीर, शूर वीर हैं.
कावेरी में भी जो डूबे नहीं, समुद्र भी जिसे लीलना पड़ा.
बहुत हुआ.
राजकुमार कहा है, ये बताओ.
मैं केवल चक्रवर्ती को ही बता सकती हूँ.
रास्ता छोड़िये, ये राजस्नी आदेश है.
कडमबुर की राजकुमारी को हमारा ब्रणाम.
हाथी और महावत के अतीरिक किसी और ने प्रवेश किया तो, काट देंगे.
किले के सिनापती ये न भूले, कि यदी मेरी बच्ची पर तनित भी आ जाई, तो मैं तुम्हारे पूरे वर्ष का नाम मता दूँगा.
गायर, इस लड़की को राणी बनाने के लिए ही तो इतनी बड़ी सिना लेकर आये हो तुम.
या कहा?
ताच्री, मुझे सिंहासन पर बैठाने के लिए था यह सब?
यदि मेरा पुनियं सेलबन से विवाह हुआ, तो मैं धर्मपतनी बनकर अन्तरपुर में रहूंगी.
मैं राणी बनकर सिंहासन पर नहीं बैठूंगी.
वोड़क लड़की, उनकी राणी बनने के लिए तो सैकरोडर की अतिजाब हैं। चक्रवर्ती से मिलने के लिए राजदूत को अनुमती दे। कौन है तो?
युवराज, आप?
आपके लिए किमना तित्तित थे?
अरुण मोरी वेर्वन की जैहो!
ओनीन सेल्वन की जैहो!
राजकुमार दंजोर आये हैं.
चक्रवर्ती को सुचीत करो.
मंगल गान और शंक बजाना आरम किया जाए.
नगाडे बजने दो.
राजकुमार के लिए किले के द्वार खोल दो.
आपको कुछ हुआ तो नहीं?
आपको ही कुछ हो गया है मामा.
इस गेरावंधी का क्या प्रयोजन है?
अगला समराथ कौन होगा, आप कैसे निढ़ने ले सकते हैं?
अब आप आत्मसमर्पन कर दिजिये.
योबराज?
सेनापती, आप मेरे आदेश का पालंग करेंगे या नहीं?
क्यासी आग्या?
समुद्र कुमारी, तुम पानी छोड़कर अप दर्थी पर रहने लगे?
योबराज?
यह कौन, हमारा सिंदन है?
तिरुमलाई, आईए.
आप आगे बढ़िये, मैं मिलता हूँ.
तुम कौन?
तिरुमलाई, यह क्या है?
यह लड़की कौन है?
सेनापती, बोलू.
चक्रवर्ती का जीवन संकट में, पांड्या हत्यारे अंदर प्रवेश कर चुके हैं। कैसे?
वो लोग अंदर कैसे आ गए?
पुर्णी मा, पताओ.
उन्हें बड़ू वो राणी की दासी अंदर लेकर गई थी.
मैंने स्वयम देखा, वो उन्हें गुप सुरंग से ले गई हैं। हीरों बुराई, सबी वेला कराई
उद्धा तत्कान की ले के अंदर आ जाओ। लड़की, आओ।
छोटा शेर अभी जीविद है।
नाथ पत्नम में हमारे लोगा सफल रहें।
अब दोनों का वाधे एक साथ करेंगे।
सिर्य वेलार की पुत्री।
यह कैसी आवाज है?
क्या था यह?
वो सब कुछ नहीं है। आगे बढ़ो। डरो मत। कौन है?
कौन है?
कौन है वहाँ?
कौन?
कौन है वहाँ?
तुम ही हो?
तुम अभी भी जीवित हो?
मुझे एक शमा कर दो। मैं...
मैं पापी। मतुरे के वीर केशरी पराक्रमी चकरवती वीर पाट्या अमर।
मुक्ति दो, मुक्ति दो, माटी से माटी को। मुक्ति दो, मुक्ति दो, माटी से माट्यी कॉं.
वस्त्र से शरीर को। शरीर से यह पाक हो...
मूत्ती थो, मूत्ती थो...
रोशनी को रोशनी में...
समा जाने दो... रोशनी को रोशनी में...
समा जाने दो...
सुरे से यह आई थी...
सुरे में जाने दो... सुरे से यह आई थी...
सुरे में जाने दो...
मूत्ती थो, मूत्ती थो...
माते से माते को...
मूत्ती थो, मूत्ती थो...
हमारा समय यह बाग चुका है...
अगले सो वर्षों तक चोल समराज यह उठ नहीं पाएगा...
एइ, जल्दी से रसी खोल तो... मुझे बहुत सारी रहस्य पता है...
तुम्हारे युमराज के जीवन पर संकत है...
बस कर आप, वरना जीव काट लूँगा...
आज भूल निमा है ना...
सावधान रहना, तुम्हारे युमराज के...
पर्वतेश्वर कान जा रहे हैं, एक और शोड़ियों तो...
खोड़े किनारे पर छोड़ दिये, वरना पीछा करके पता कर...
पती, पैटो, पैटो, मुझे देखो, वो वहाँ...
नमी, ये क्या है?
वो कडम्बुर राज महल में जाने का कुट्ट मारग है...
अरे, नहीं, नहीं, मेरी बात सुनो...
मल्लाहिन एक बाला ढूद किनारा...
बैट पिछोने में दिवस काटे है सारा...
मल्लाहिन एक बाला ढूद किनारा... ना भी कोई, हमें कुप्तिचर लगा था तो बंदी बना लिया...
पांडियन हो?
थोड़ा चोल, थोड़ा पांडिया, बाकि सिंगला... जो सही मोल दे दे, मैं उसका काम करता हूँ...
नाम है कमल नहर...
उठा के फैंक तो इसे... इतनी जटवाजी ठीक नहीं, मुझे बहुत रहसे पता है...
पांडिया मुकल और ख़जाना सिंगलों में कहां चुपा है, ये सिर्फ मुझे पता है... चलतो मुझे...
चलतो... नहीं...
एक और रहसे बताओं क्या तुम्हें... आज रात्री करिगालन के जीवन पर संकत है... नन्दिनी देवी
के कारण... बढ़बढा रहे हो... पांडिया हत्यारे नन्दिनी देवी के साथ बिले हुए है...
रस्ते भेको पहले... नहीं तो सारे सच मेरे साथ इस पानी में सब आ जाए पागल है...
बढ़बढा रहा है...
सेडी भेको... फिर से ना...
महराज, मैंने खुद देखा है...
कानों से सुना है...
वाग्या नलाकों को मैं ही... अपनी नव में कटंबूर देकर आया था...
आज रात वो प्रतिशोत लेकर ही रहेंगे... जहास को मोड़ो...
रैनी, अब वो सुमय आ गया है...
रविदास, यहाँ किटनी लोगों के साथ आये हो?
करिगाला देखो...
आप उसे मारिये। आपको सुरक्षित बाहर ले जाना हमारा कर्तप्य है। मायावी, तुम्हें यहाँ
शांती से प्रदिक्षा करने होगे। मेरे बुलाने पर ही अंदर आना। अगर आप हिच्छाएंगी,
तो शत्रु को हमें मारना पड़ेगा। अगर कोई बीच में आया, तो उसे मारने में हम सोचेंगे नहीं। फिर जाहें वो आप ही क्यों ना हूँ।
रविदास, अगर यहाँ कार्य मैं नहीं कर पाए तो, तुम यहाँ निश्चति नहीं कर पाओगे। यही रुको।
यहाँ कैसे पहुँचें?
तुरंद यहाँ से चले जाओ। मुझे मीन की चीनी वाली तलवार दे दिजे। चला जाओंगा। इस शिकार
ग्रह में और भी भाले और तलवारे हैं। सच पतह ये, इस पूर्णमा को बतला लेंगे ना आप। देवी,
यह पाप मत कर ये। तुम रोखोगे मुझे?
बहुत बढ़िया। तुम अपने मित्र को ये सब बता कर, यहाँ आने से रोम क्यों नहीं देते?
देवी, उन्हें मेरे आने का पता चला, तो मेरा सर कट देंगे। मैं उन्हें नहीं समझा सकता। इसलिए आपके पास आया। दान्देनी.
..
नहीं, युवराज ने अवश्या, तलवार गिरने की आवाज सुनी होगे। अगर तलवार नहीं होगे,
तो संदेह करेंगे। छुप जाओ।
कड़ी मत लगईये। दान्देनी.
..
यूद्धा...
क्या यह तलवार मेरे स्वागत के लिए है?
एक वीर यूद्धा के स्वागत के लिए है ये सही तरिका नहीं है क्या?
मुझे लगा तुम सब कुछ भूल गई होगी.
क्या आप सब कुछ भूल पाए हैं?
तुम ज़ित भूला नहीं पाओगी.
लेकिन क्या माफ भी नहीं कर सकती?
माफ करने वाली मैं कौन?
आपने खुद ग्रूर होना चुना.
अपने आपको माफ करने वाली आप ही हैं.
क्या यह तलवार मेरे लिए है?
पांडिया की तलवार...
सही है.
इसे मेरा सच चाहिए ना?
सच बता, तुमने मुझे...
मुझे यहाँ कड्डंबुर महल में क्यों बुलाया?
यह मत कहना कि समझाते के लिए बुलाया है.
मैं विश्वास ही नहीं करूँगा.
यदि होता तो आता ही नहीं.
फिर... फिर यहां क्यों आये?
क्या उमीद लेकर आये थे?
उमीद?
मुझे... मेरे पास अब केवल अविश्वास, निराशा, कुछ से क्रिणा करने वाले को सुख और शान्ती नहीं मिलते.
तुमने बस एक शीज मागी, पाढ़ेया का जीवन.
और मैंने वो भी नहीं दिया.
यह बहुत जैसे शिव के विश्वित इदर, यहां अटक के मुझे मार रही है.
मृत, तो मृत ही रहींगे.
जो हो गया, सो हो गया.
अब कोई कुछ भी बदल नहीं सकता.
लेकिन क्या जीवन देकर प्राश्चित नहीं किया जा सकता?
तुम मुझे मार कर बदला लेने तो आयी हो.
यह जानते हुए मैं यहाँ आया हूँ.
तुम्हारे सामने अपनी जान रखने के लिए ही मैं यहाँ आया हूँ.
तुम्हारे हाथों मरने से ही मुझे मुक्ति मिलेगे.
बारो... बारो...
तुम मुझे नहीं बार सकते.
नहीं बार सकते.
क्योंकि मैं तुम्हारे मन में अब भी हूँ.
यह क्या बात हुई?
मैं पर्वतेश्वर की अर्धाँदिनी हूँ.
दुनिया के लिए तुम पर्वतेश्वर की रानी हो सकते हो.
लेकिन मेरे लिये तुम मेरी नंदनी हो.
मुझे देख कर बोलो। कह तो कि मैं तुम्हारे मन में नहीं हूँ। तुम मेरे लिए आजून नहीं बाती।
बोलो। बोल तो कि तुम सच में मुझे से नफ़रत करती हूँ।
बोलो। मेरे साथ चलो।
माथरम उम्हें चोड़ दूगा। माधा, पिता, राजबार, सबको चोड़ कर आ जाओगा। समंधर भार
किसी दूर देश चलेंगे। मेरे लिए तुमसे बढ़कर कोई नहीं है।
मुझे महल का जीवन...
राजसी वैभा...
और सिंगहासन ही चाहिए। इसलिए मैंने पर्वतेश्वर से विवाँ किया। वीर पांडिया को बचाने की कोशिश किया। जूग.
..
जूग... जूग... जूग...
जूग...
यही सच है। यह लो.
.. यह लो... मारो... तुम्हारे हाथो ही मुझे मर रहा है। मारो तो मुझे... मारो...
यहाँ महल में गया था। मेरा छेरा देखकर तुम दल्बार नहीं चला पारेणा।
मैं तुम्हारा वो अधित्द करिगाला नहीं रहा। मैं कुन ही हूँ। उसका आदमारा शरीर हूँ। मारो.
..
मारो...
यूराज... यूराज...
यूराज... यूराज...
कमलापति, चाहो दिखो जा और क्या हुआ?
यूराज... अरे दिए..
यूराज... यूराज... यूराज..
पापी हत्यारे!
तो गलीकर गलीकर वाली गर्डडा परेंजुस करते जा लागे...
तुमने युवराज की हत्या कर दी। वन्द्या देवा, किसकी ले किया ये?
अरंबोडी के लिए?
पिठाजी, ये गुप्चर है.
युवराज की हत्या करने के लिए गुप्टमाग से आया होगा.
है?
पापी!
पापी, क्या इसलिए तुम्हें गुप्टरूप से कड़ंपरी भेजा था?
मेरे पत्री को मारने वाले द्रोही.
एक दिल अरंबोडी को मुझे इसका जवाब देना होगा.
भाधित्या!
मेरे बच्चे!
एश्वर!
ये कलंग मेरे कुल पच्चे था अब जो तक पना रहा है का?
एह बगवाद!
बस कर!
बहुत हुआ.
तुम्हारे निमंतरण पर जुपराज यहां आये.
तुम ने उन्हें मरने दिया.
ये सब तुम्हारा शर्यत्र है.
इस दूसर को बढ़ी बना लो.
इसका उत्तर तुम्हें देना ही होगा.
इस बाद्य देवन को भी ले चलो.
सेहना पति, मुझे शोड़ने को कहिये.
मुझे युवराज के साथ रहना है.
सेहना पति, सेहना पति, ये मुझे युवराज है.
मुझे लोगिये.
जयत भूर्णिमण, जब ईश्वन इस धरती पर उतरते हैं, आतितं करेगालन को शांति, चोल कुल के शेहर को शांति.
बांध्या कुल के संगारक को शात्ती।
प्रेवाने आशीमा, जोड़ा बंच जै, जैका, जै, जैका। चर्वी रहे विजै की दार,
आर्थी उतार
जैकी। बांध्या कुल के संगारक को शात्ती।
अधित्य करिगालन को क्या हुआ?
मैंने इस बुद्धे आद्नी को ज़िधाया था, इस अनर्थ को रुकने के लिए। मंदाकिनी की
बेटी, क्या तुमने भी मिलकर प्रतिश्वत ले लिया?
ये पता चला, तो तुम्हारी गूंगी मां कितनी दुखी होगी। ये कमलने, बहुत हो गया।
मंदाकिनी तुम्हारी मा है। मारे पिता कौन है?
ये जानना नहीं चाहती तुम?
वीर पांड्या!
महाराज वीर पांड्या!
कमलने, सुना नहीं तुने?
नहीं चुनूं मैं.
मंत्राओं के लिए मैंने सुन्दर्श्वल का पता वीर पांड्या को दे दिया.
लेकिन बंपा कड़ा नहीं गया.
उन्होंने पूरा नगर नश्ट कर दिया.
सुन्दर्श्वल का गुस्सा, वीर पांड्या ने मम्दा की लीपर निकला.
रवी दास, मुझे देखो.
मुझे जबाब दो.
क्या वीर पांड्या ने मेरी माँ का अपरण किया था?
क्या उनके उस पाप से मेरा जल्म होगा?
ये सब उन्होंने मुझसे क्यों छुपाया?
क्यों मुझे एक अनाथ की तरह पाला?
मैं वीर पांड्या की बीटी हूँ.
बच्पन से ही तुम पर गुपत चरूं तुम्हारा नजर पनाय रखने वाले कौन थे?
तुम्हें किसने शरण दी?
वीर पांड्या?
क्यों?
मरते समय उन्होंने, नन्दनी मुझे छिमा कर दो कहा था.
यह बात उनके अंतरात्मा से निकली थी.
अब ने पाँच वश्व के पुत्र को किसके पास छोड़ा?
किसकी गोध में आगरी सांस ली?
हमने आज तक क्यों तुमारे हादिशों का पालन किया?
तुम वीर पांड्या के पुत्री हो इसलिए है.
राश्रकुण चक्रबर्थी कोर्ठिका नमोगवाश को मेरा प्रनाम.
प्रनाम.
प्रसननदा होई कि आप हमारे साथ हैं.
अब दक्षन तक हमारा शासन होगा.
गंगा तक राज करेंगे.
मेरा एक ही लक्ष है.
मेरे मित्र आदित्य करिगालन की मृत्य का प्रतिशोध लेना.
पार्तिबन, हमारे साथ चालू के समराट तैलब खड़े होंगे.
गंगा वण्श के समराट परसिम्ह भी हमारे साथ है.
सिंगला से महिंदम की सेना यहां पहुंच चुकी है.
इस युद्ध में अर्वन बॉली का सर काट कर आपको भेट करेंगे.
उज़ित रहेगा?
पल्लव की सेना युद्ध के लिए तैयार है.
कोर्तिका, आप अपना वचन भूल रहे हैं.
चोल राष्ट को धोखा नहीं देना है.
हमारा साथ दीजिए.
आपको चोल राज्य का समराट परा दूँगा, ये कहा था.
मुझे एक शत्र से राज सिंघासन की भीक लेकर उसपर शासन करना चाहिए.
मेरी धम्नियों में चोल रक्थ है.
क्या समझा है मुझे?
कि मैं आपके इशारों पर नाचूँगा?
आपकी सहाइदा से समराट बनने से अच्छा कि मैं अरुन मुडी का सेवक बन जाओं.
महाराज, मेरी माँने मुझे मंदिर की सीडियों पर छोड़ दिया था.
मुझे प्रेम करने वाले आदित्यों ने मुझे राज इसे बाहर निका दिया.
वीर बांड्या, मेरी माँ का अपभरण करके मेरी पिता बने और उन्होंने ये सब मुझे से अंत तक चिपा कर मुझे धोगा दिया.
सब ने मुझे से कुछ ना कुछ चाहा.
मुझे से बिना किसी उमीद के प्यार करने वाले एक आप ही थे.
मुझे पर आपकी बहुत एहसान है.
अगले जनम में सब चुका दूगे.
बहुत यहवाद कोटलपाई मंदिल में है।
समराथ, तोषी आपके सामने खड़ा है.
इससे मृत्यू दंड़े दीजे.
कन्दमारण, तुमने कहा कि वन्द्यतेवन नहीं युवराजकरी गालन के हाँत्या की.
तुमने स्वाइम देखा?
जुवराज के शव के बास मातरी यही था.
वो भी नन्दनी देवी के कक्ष में.
वहाँ इसका क्या काम हो सकता था?
शम्भुनारण, आपके पुत्र कन्दमारण के अरोपों पर आपके क्या विचार है?
शम्भुनारण, ये मूर्ख उस दिन भी यही सब कह रहा था.
तब भी विश्वास नहीं था.
और ना ही आब.
मैंने कुछ लोगों के कहने पर करिगालन को कडमपूर के महल में बुलाया था.
मेरे और मेरे कुल पर ये कलंक सदा के लिए लग गया.
समरात, करिगालन का हत्यारा मैं ही हूँ.
अपने प्रान देकर विवराज की रक्षा करूँगा.
राजकुमानी को बच्चन दिया था.
एक ही पल में भूल हो गई.
कर्तब देने विफर्णा,
मैं विवराज को नहीं बच्चा दाया.
डंड मिलना ही चाहिए.
चक्रवर्ती, चोड़ कूल के साथ मैंने विश्वास कात किया है.
नदिली के मौं में मैं अन्धा हो गया था.
पांडिया अध्यारों को मैंने अपने महल में शरण दी.
अधित्य कविकालन की मृत्यों मेरे कारण हुई.
यह बानर कुलवीर शिकार ग्रेश से अंदर आया.
मुझे देखकर यह चिलाए नहीं इसलिए, मैंने इसकी करदन पर बार कर दिया.
यह बेहोश हो गया था.
अधित्य कविकालन को किस ने मारा?
इसे पता हो ही नहीं सकता.
हत्या किसने की परवतेश्वर?
समराट, युवराज के प्रांड संकट में ही ये पता चलते ही, मैं कडमबुर महल लौटाया.
लेकिन, पांडिया हत्यारों ने मुझे रोक लिया.
उन्होंने ही युवराज को मार कर, अपना प्रतिशोध ले लिया होगा.
करिकालन को ना बचाने वाला, मैं ही उनकी अध्या का उत्तरदाई हूँ.
राष्टर गुट की सेना, चोल भूमी में प्रवेश कर चुई है.
पलैमार, अपनी फीनो और भुकी सेना, और विलाग के सैनिकों को युद्ध के लिए तैयार करो.
पलैमार, अपनी फीनो और भुकी सेना, और विलाग के सैनिकों को युद्ध के लिए तैयार करो.
महराज, मुझे बढ़ना है तो युद्ध भूमी पर मर ले दीजीए.
युद्ध राज के साथ भेजिए.
कोचिगन के साथ पार्थिबन सेना और सिंगला सेना चे मिलने के बाद उनकी शक्ति तीन गुना हो गई है.
हमारे साथ आतित्ते करिकालन है.
ज़िन बुरास्त्रकुट मेरे शत्रो हो,
शत्रो का शत्रो राश्त्रकुट मेरा में तरा है.
हम दोनों के साथ में विरूत्र लड़े हैं.
पोनी और सिल्वन अपने भाई के प्रीय मित्र के विरुद लड़ना नहीं चाहते.
डर गया क्या?
सेना कम पड़ गयी?
कहा है पर्वतेश्वर?
छोटे शेर को अकेला चोड़कर वो महल में छुप गया?
समधान की बात करते हैं.
आदित्या की चिता बजने से बहले प्रतीश्वर चाहिए.
इस भूमी को तुम्हारे रक्त से भर देना चाहिए.
आदित्या को मारने वाले, तुम्हें भेशने वाले, अरुन मोडी का सर काड़ दूँगा.
जाओ, बता दो.
आर्तिमा, अर्तिमा रुको.
अरुन मोडी, मुझे सबसे आगे जाने तो.
पहला तील मैं अपनी सीरे पर लोगा.
यही मेरे पापों का प्राइशचित होगा.
युद्ध शुरू होने से पहले आप आ जाएंगे, ऐसा पिता जी ने कहा था.
आप हमारे साथ रहे हैं.
हमारी पूरी सेना आपके साथ है.
युद्ध शुरू करो.
युद्ध शुरू करो.
युद्ध शुरू करो.
युद्ध शुरू करो.
युद्ध शुरू करो.
युद्ध शुरू करो.
बिजै।
मांतमे चोज, जीनों। ने पांड़ेयो को परास ती हुआ.
परमशिव भत गंधरा दिति हुआ.
राष्ट कुट विजएई अरिंजय!
वीर पांडिया का वध करने वाले अधित्य करिगालन और महावीरों की परंपरा बढ़ाने वाले कोनियन सेल्वन की जय हो!
सेम्यन कुल के उदै हो रहे सूर्य की जय हो!
बस मत्रेवर, ये प्रशंसा मेरे पूरोजों के लिए उच्छत है.
मुझे उनके जैसा योग्य बनने के लिए अभी बहुत कारी करने है.
सम्राथ, आपने मुझे युवराज खोशित किया, तो ये राजमुकट अब मेरा हुआ ना?
मैंने तुम्हें कुछ नहीं दिया, तुमने स्वयम अरजित किया है.
जो राजमुकट मैंने अरजित किया है, वो मैं किसी और को दे दूँ, या ये मेरा अधिकार नहीं?
नियम से मेरे जेश मुधुरांतकन ही इसके अधिकारी है.
विकत पचिस वर्षों से आपके अधिन, इन्होंने राज्य पर शासन किया है.
इनके शासन में ये सामराज्य उन्नती करेगा.
अतह, मैं ये राजमुकट, ताच श्री मधुरांतकन देव को अरपित करता हूं.
आरुन मोडी, नहीं.
मैं इस लाइक नहीं.
मेरी आकांशा अधिक बढ़ गई थी.
आकांशा तो अच्छे राजा का गुण है.
हमें भारत वर्ष को जीतना चाहिए.
हिमाले पर चोल धज लहराए, कावेरी मा इस भूमी को सम्रित करें.
यहाँ भर्पू भोजन हो, शिक्षा उत्कृष्ट हो, मंदिलों का निर्मान होगा.
आपकी दाई और मैं खड़ा होगा.
बाई और ये मंदिय देवल, मार्ग दर्शिन के लिए परवतिश्वर दादा रहेंगे.
परवतिश्वर दादा रहेंगे.
परवतिश्वर दादा रहेंगे.
मार्ग दर्शिन के लिए परवतिश्वर दादा रहेंगे.
एद महाज...
दिन अबोरत बॉल का गाना है.
समी दोड़ा रिक्कें.
जाटे को, अब गीह.
चलोग दृखे ले, जाने कर दें.
रखें दालें, गें घुबुद.
गें गुबुद गुबुद!
जाने रिक्कें, गें गुबुद गुबुद!
यही है, यही है सुभाबी।
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