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Original subtitles

ओम

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

हो

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पास जिला

सीतापुर के सरैया गांव में लक्ष्मी का

जन्म हुआ।

मिल जाएंगे पहले वादा करो मेरे साथ पड़ोस

वाले बाग में आम तोड़ने चलोगी।

अल्हड़ जवानी के जोश में वो सहेलियों के

साथ खट्टे मीठे आमों का आनंद ले रही थी।

अचानक उसकी मुलाकात एक बहुत बड़े जमींदार

के बेटे विजय सिंह से हो गई।

ये क्या आपके चोट लगी है? लाइव ड्रेसिंग

कर देता हूं।

नहीं नहीं मैं अपने गांव के वैद्य से दवा

लगवा लूंगा।

अजी वैद्य तो हम भी हैं लेकिन अंग्रेजी

वैद्य हैं। अगर इस खरोच पर मरहम ना लगाई

गई तो ज़हर फैलने का डर है। आइए

मुलाकात जान पहचान में बदल गई। जान पहचान

ने मोहब्बत का रूप ले लिया

और मोहब्बत भरे दिलों ने एक दूसरे की

जिंदगी में रंग बिखेरने शुरू कर दिए।

हो हो

[संगीत]

हो

[संगीत]

साथे थे साथे थे साथे थे साथे थे रंग दे

[संगीत]

मन पूरी काया रंगों का मौसम आया गोरा मन

पूरी काया रंगों का मौसम आया

होली है होली है मस्तों की डोली है रंग ले

रे

गोरा मन कोरी काया रंगों का मौसम आया गोरा

मन कोरी काया रंगों [संगीत] का मौसम आया

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

दुनिया से प्यारा तेरा संग लगे

तेरा ही रंग मेरे अंग लगे दुनिया [संगीत]

से प्यारा तेरा संग लगे

तेरा ही रंग मेरे अंग लगे तूने छुआ

[संगीत] मेरे मन को

तू ही छुएगा मेरे तन को [चीखने की आवाज़]

सपनों में मेरी तू ही छाया

साथ

रंग दे

मन कोरी [संगीत] काया रंगों का मौसम आया

गोरा मन कोरी काया रंगों का मौसम आया

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

बाबा

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

युग बीते जीवन गुजरे

प्यार का रंग कभी ना उतरे

युग बीते [संगीत]

जीवन गुजरे

प्यार का रंग कभी ना उतरे

किस्मत

काया

हर कोई लगता है प्यारा

प्यार तेरा पाया

होली है डोली है मस्तों की डोली है रंग ले

रे

गोरा मन कोरी काया रंगों का मौसम आया गोरा

मन कोरी आया रंगों का मौसम आया

थ

रंग दे

[संगीत]

मन कोया रंगों का मौसम आया गोरा मन कोया

रंगों का मौसम आया

ताई होली है होली है

ताई

होली है होली है

ता होली है होली है

होली है होली है

ए लक्ष

इतनी चुपचुप क्यों ह

नहीं तो

अच्छा

मुझसे छुपा रहेगा

अपने विजय से

हम बताओ क्या बात है

विजय

हम

तुम मुझे बहुत चाहते हो ना

तुम्हें कोई शक है

शक नहीं

डर लगता है

डर किस बात का

तुम इतने बड़े जमींदार के बेटे हो और मैं

एक मामूली पोस्ट मास्टर की गरीब बेटी हूं।

अमीर और गरीब इंसान धन दौलत से नहीं होता

है।

दिल से होता है।

और जहां तक दिल का सवाल है मैं जानता हूं।

मेरी लक्ष्मी उतनी ही अमीर है।

जितना कि मैं

तुम्हारा दिमाग तो ठीक है। एक पोस्ट

मास्टर की लड़की से शादी करना चाहते हो?

हमारी जगहजाई कराना चाहते हो कि बड़े-बड़े

घरानों के रिश्तों को ठुकरा कर तुमने एक

मामूली पोस्ट मास्टर की लड़की से शादी की?

पोस्ट मास्टर

पोस्ट मास्टर तो आप लोग इस तरह से कह रहे

हैं जैसे वो जेल से भागा हुआ कैदी हो।

आप लोग ये क्यों नहीं सोचते? पोस्ट मास्टर

भी आखिर भगवान का बनाया हुआ एक इंसान है।

सुन लिया आपने? और पढ़ाइए डॉक्टरी।

देखो, इसमें इसका नहीं, इसकी उम्र का कसूर

है। इस उम्र में नौजवान गलतियां किया ही

करते हैं।

हम्म।

लेकिन बेटे एक बात याद रखना अकलमंद वो

होता है जो अपनी गलती सुधार ले।

पिताजी मैं नहीं चाहता कि आप लोगों का दिल

दुखाऊं लेकिन मैंने जो भी फैसला किया है

बहुत सोच समझ कर किया है। मैं उसे वचन दे

चुका हूं।

तो फिर मेरा फैसला भी सुन ले। अगर तू उस

लड़की को घर में लाया तो मैं जहर खा

लूंगी।

टकराइंग इस घर में फैसला करने का अधिकार

सिर्फ हमें है। जरा सोचो तो सही। भगवान ने

हमें एक ही तो संतान दी है। अगर हम उसे

खुश नहीं रख सके तो हमसा निर्दई मां पर

कौन होगा?

उसी की खुशी के लिए ही तो मैं कह रही हूं।

हमें मालूम है लेकिन ठकराइन ये ऐसा मामला

है जिसमें उसकी खुशी ही हमारी खुशी होनी

चाहिए।

ठीक है। मगर यह शादी विलायत से आने के बाद

होगी।

ना ना ठकराइन बुजुर्गों का कहना है शुभ

काम में देर नहीं करनी चाहिए। आ क्यों

बेटे मैं [संगीत] ठीक कह रहा हूं ना।

अर्पणमहा

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

हो

ये

[रोने की आवाज़]

[संगीत]

[संगीत]

लक्ष्मी

लक्ष्मी

मैं तुम्हारे दिल की धड़कने महसूस कर रहा

हूं।

सच

हम

जानती हो वो क्या कह रही हैं?

क्या कह रही हैं?

वो कह रही हैं जब तुम मेरे बच्चे की मां

बनोगी तो तुम मुझसे और भी प्यार करोगी।

[हंसी]

और जब तुम दो बच्चों की मां बनोगी तो और

भी ज्यादा प्यार करोगी।

लेकिन

तुम तो विलायत जा रहे हो।

जुदाई की घड़ियां मैं कैसे बिताऊंगी?

हम परेशान नहीं होते।

दिन यूं ही बीत जाएंगे।

आज की रात का हर पल महसूस ही नहीं होने

देगा कि हम एक दूसरे से जुदा है।

लक्ष्मी

जीते रहो। ध्यान से पढ़ाई करना बेटा।

खानदान का नाम रोशन करना।

आपके आशीर्वाद से जरूर होगा पिताजी।

अपना ख्याल रखना बेटी।

मां लक्ष्मी का ख्याल रखना।

लक्ष्मी

उदास नहीं होते।

तो वक्त क्यों निकल जाएगा पता भी नहीं

चलेगा। हां खातों का जवाब जल्दी देना।

नहीं

जीते रहो

प्रणाम बाबू जी

भगवान तुम्हें सफलता दे

[चीखने की आवाज़]

हां

मोहन

ए मोहन

अबे क्या बात है शोर क्यों मचा रहा है?

अरे डार्लिंग तू शोर मचाने की बात कर रहा

है। मेरा बस चले तो मैं हिंदुस्तान उड़ के

चला जाऊं। क्यों ऐसी क्या बात है?

अरे प्यारे लाल हम बाप बनने वाले हैं।

अरे वाह बेटे मुबारक हो। यानी कि हमारी

कैटेगरी में आ गए।

कितना प्यारा है। है ना बेटा। बिल्कुल

विजय जैसा है।

[रोने की आवाज़]

बाय वर्च्यू ऑफ़ द अथॉरिटी वेस्टेड इन मी

इज वाइस चांसलर ऑफ दिस यूनिवर्सिटी। आई

कनफर्ड अपॉन यू द डिग्री ऑफ मास्टर ऑफ

मेडिसिन।

मां

क्या है?

मां मां पिताजी का तार आया है। दादा जी

कहते हैं वो कल आ रहे हैं।

सच आजा

अरे तुझे तो भूल ही गई।

तू भी तो मेरा पप्पू ही है।

चल जा

हां बेटा जीते रहो जीते रहो

अच्छा तो

आपका आशीर्वाद है पिताजी

अरे मां मेरी अच्छी मां जीते रहो मेरे

बेटे जीते रहो

पिताजी पिताजी

पिताजी आप हमारे लिए क्या लाए हैं

अपने बेटे के लिए बहुत कुछ लाए हैं

[नाक से की जाने वाली आवाज़]

[हंसी]

चल बेटे अंकल को नमस्ते करो।

नमस्ते अंकल जी।

अच्छा तो ये है जूनियर विजय।

अच्छा आ ना पिता ये है मेरा दोस्त मोहन।

पिताजी

नमस्ते बेटे नमस्ते।

मां

नमस्ते।

और तुम्हारी भाभी

पिताजी मोहन हमारे साथ रह गया छुट्टियों

में।

अच्छा ये तो बड़ी खुशी की बात है। इसे अपने

ही घर समझो बेटे। अरे बंसी सांप का सामान

मेहमान खाने में ले जाओ।

चलो नहा धो के थोड़ी देर आराम करो। शाम को

पार्टी है।

पार्टी

हां तेरे फर्स्ट क्लास फर्स्ट आने की खुशी

में बड़ी दूर-दूर से लोग आ रहे हैं। हां

आओ बेटा आओ आओ कम।

अ हम अपने पप्पू राजा के लिए बहुत

अच्छे-अच्छे खिलौने लेकर आए हैं। ये देखो

जिब खोली।

कैसा लगा बेटे?

अच्छा है ना?

अच्छा है ना मां? [हंसी]

चलो।

ये घड़ी कैसी है?

अच्छी है।

अच्छा हम मोहन ने तुम्हारे लिए खरीदी है।

मेरे लिए?

हम

और आप क्या लाए हैं?

मैं तुम्हारे लिए

ये मोहन है ना मोहन बहुत ही प्यारी चीज

है। उसके भी अपने पप्पू जितना बेटा है।

बहुत ही प्यारा बच्चा है।

हम्म।

और हम दोनों दोस्तों ने फैसला किया है कि

अगर हमारे लड़की होगी तो हम मोहन के बेटे

से शादी करेंगे। और मोहन के लड़की हुई तो

हम अपने बेटे पप्पू से शादी करेंगे।

अगर दोनों के यहां लड़के हुए तो?

अ अगर दोनों के यहां लड़के हुए तो फिर से

ट्राई करेंगे।

पप्पू

पप्पू

बेटा तुम दादा और दादी को जाकर अपने

खिलौने क्यों नहीं दिखाते? दादी मां को।

हां, दिखाओ ना। अच्छे खिलौने हैं।

अभी दिखाता हूं।

शाबाश, शाबाश।

शाबाश [नाक से की जाने वाली आवाज़] मेरे

बेटे।

मैं गरम पानी भेजती हूं आपके लिए।

कहां?

इस वक्त गरम पानी की नहीं, गरम सांसों की

जरूरत है।

छोड़िए ना। वो लोग क्या सोचते होंगे?

क्या सोचते होंगे? यही सोचते होंगे। इतने

दिनों के बाद मिले हैं। दुख सुख की बातें

करते हैं।

इतनी भी क्या बेसब्री? रात तो हो जाने

दीजिए।

तुम आंखें बंद कर लो। रात हो जाएगी।

[हंसी]

पारक हो ठाकुर साहब।

बहुत बधाई हो ठाकुर साहब। बहुत-बहुत बधाई

हो।

अजी विजय बाबू ने तो गांव की नाक।

अजी गांव की क्या सारे शहर की नाक कर दी

विजय बाबू ने।

अजी विलायत से डॉक्टरी पास करके आए हैं।

तो है

भाग्य हो तो आपकी बहू जैसे भगवान करे ऐसी

बहू सबके घर में आए। ये तो साक्षात

लक्ष्मी है।

बिल्कुल। हार्टस्ट कांग्रेचुलेशंस टू

ग्रेट फादर एंड ग्रेट सन। हेलो छोटे

ठाकुर।

इस इलाके के डिप्टी कलेक्टर मिस्टर सुंदर

सिंह।

हेलो

प्लीज टू मीट यू। मीट माय फ्रेंड मिस्टर

मोहन सक्सेना। लंदन में हम दोनों एक साथ

आपसे मिलकर बड़ी खुशी हुई।

नाइस मीनिंग यू टू।

थैंक यू। प्रणाम ठाकुर साहब। प्रणाम छोटे

ठाकुर।

काका कैसे हैं आप?

छोटे ठाकुर। पोस्ट मास्टर साहब की अचानक

तबीयत खराब हो गई है।

क्या हुआ? भगवान जाने मैं बहुत घबराया हुआ

हूं। पहले ही बस पकड़ कर आ रहा हूं।

लेकिन तुम्हारे गांव में वैद जी है ना?

वैद जी किसी काम से शहर गए हुए हैं। परसों

आएंगे। इसीलिए छोटे ठाकुर साहब के पास आया

हूं।

दिमाग खराब हो गया है क्या? विजय पार्टी

छोड़ के तुम्हारे साथ जाएगा। पार्टी तो

चलती रहेगी लेकिन मेरा जाना बहुत जरूरी

है।

कम ऑन।

हां अंकल। मरीज को देखना डॉक्टर का पहला

फर्ज है।

लेकिन बेटे तुम तो जानते हो आने जाने में

4- 5 घंटे लग जाएंगे।

आप उसकी फिक्र ना कीजिए। मैं बहुत जल्द

वापस आ जाऊंगा।

मोहन तुम मेरे साथ चलोगे? घर छोड़ो। तुम

इधर रहो मैं।

नहीं नहीं मैं चलता हूं। शायद कोई काम आ

सके। ओके थैंक्स कम।

मुबारक हो ठाकुर साहब। शुक्रिया।

आपने उसे जाने क्यों दिया?

ओहो, मैंने बहुत मना किया टकराए। लेकिन

मनीष को देखने की बात थी और वो भी उसके

ससुर तो चला गया।

इसके खानदान वाले जब तक कोई विघ्न ना डाले

हमारे यहां शुभ कार्य हो ही नहीं सकता।

ओो अब छोड़ो अभी कह के गया है कि जल्दी आ

जाएगा।

[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]

माफ करना बेटा। आज तुमने बड़ी तकलीफ दी।

बड़ी इच्छा थी तुम्हारी पार्टी में आने

को।

लेकिन तुम तो मेरी हालत देख ही रहे हो।

पता नहीं

लक्ष्मी और पप्पू को फिर से देख भी पाता

हूं या नहीं। दिल छोटा मत कीजिए मास्टर

जी। हर बीमारी जान लेकर तो नहीं जाती।

ये बीमारी तो मेरी मौत ही बन जाएगी।

पिताजी मौत तो किसी को किसी वक्त भी आ

सकती है। इंसान को भगवान पर विश्वास रखना

चाहिए।

जी हां। आप घबराए नहीं कुछ नहीं होगा।

लक्ष्मी और पक्षों को मेरा प्यार दे।

अच्छा मास्टर जी।

जब पार्टी खत्म हो जाएगी सब लोग अपने घर

चले जाएंगे तब वो आएगा।

ओ हो टू क्राइम

साहब 11:00 बज चुके हैं और लोग काफी बोर

हो रहे हैं। मेरा ख्याल है कि म्यूजिक का

प्रोग्राम शुरू कर देना चाहिए और म्यूजिक

खत्म होने तक वो लोग भी वापस आ जाएंगे और

फिर सब एक साथ मिलकर खाना खा लेंगे। क्या

ख्याल है आपका?

आप ठीक कहते हैं। शुरू करवाइए सर। [संगीत]

क्या बात है। क्या बात है। सुभान अल्लाह।

[गाना गाने की आवाज़]

क्या बात है। क्या बात है। सुभान [संगीत]

अल्लाह।

क्या जलवों की बरसात है। सुभान अल्लाह।

[गाना गाने की आवाज़]

एक चांद फलक पे है तो एक चांद जमीन पर

दो चांद हैं एक रात [गाना गाने की आवाज़]

है

ओ सुभान अल्लाह

सुभान अल्लाह

सुभान अल्लाह

सुभान अल्लाह

सुभान अल्लाह सुभान अल्लाह

सुभान अल्लाह सुभान अल्लाह

सुभान अल्लाह सुभान अल्लाह

सुभान अल्लाह सुभान अल्लाह

सुभान अल्लाह

सुभान अल्लाह

सुभान अल्लाह

सुभान अल्लाह आ

[संगीत]

मतलब के है ये बंदे [चीखने की आवाज़]

लाहौर मिला कुतन

उजले हैं मन धंदे

लाहौर मिला कुत

ये प्यार कहे जाए

या इश्क कहे पाए

हो सब फंदे फंदे ला मिला कुत

लाहौर मिला कुत [संगीत]

लाहो मिला कुत कुत कुत

ला मिला कुत

ला मिला कुत

जानेमन जाना मन कुर्बान है तुझ पे जानो तन

तू गुल बदन गुल पे रहन जुल्फे घटा मुखड़ा

चमन गुंचा दहन शीरी सुखन सबकी ना बन मेरी

तो बन ओ तू मेरे दिल की आरजू तू मेरे

ख्वाबों की दुल्हन

ए बदनजर ए बद चलन चालू है तू भोला ना बन

बैठा है क्या जा कुड़ा सेहरा बने तेरा वतन

झूठे सुन झूठी लगन झूठा है ये दीवानापन हो

देखे ना सीने की जलन देखे ना ये दिल की

चुभन ये अक्ल के है अंधे

लाह मिला कुवत

ला

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

तेरी शोख तो बहारों में नहीं

चांद तारों में नहीं गुलजारों में नहीं

लालाजारों में नहीं तेजधारों में नहीं

[संगीत]

तुझसा

प्यारा कोई प्यारों में नहीं

[गाना गाने की आवाज़]

सैकड़ों

बलके

हजारों में नहीं हजारों में नहीं

तुझ सावारा

बाजारों में नहीं है गुजारों में नहीं

तू कोई दर्द के मारों में नहीं गवारों में

नहीं वफादारों में नहीं जाने में नहीं

तुझको लोभी तो गवारों में नहीं से

बल्कि

हजारों में नहीं [संगीत]

हजारों में नहीं हजारों में नहीं

सुभान अल्लाह सुभान अल्लाह

लाहौल मिला कुत

लाल मिला कुत

सुभान अल्लाह सुभान अल्लाह लाहौल मिला कुत

लाल मिला कुत [संगीत]

सुभान अल्लाह सुभान अल्लाह

लाल मिला कुत

लाल मिला कुत

सुभान अल्लाह सुभान अल्लाह

लाल मिला कुत

लाल मिला कुत

सुभान अल्लाह सुभान अल्लाह लाहौल मिला

कुवत

लाहौल मिला कुवत

बंद करो

बंद करो [चीखने की आवाज़] बंद करो बंद करो

पिताजी

पिता जी

[संगीत]

आ

[संगीत]

क्या हुआ? ये सब कैसे हो गया?

यहां जल्द से जल्द पहुंचने के ख्याल से

विजय वापसी में बहुत तेज रफ्तार से जीप

चला रहा हूं।

विजय

यार जरा आहिस्ता गाड़ी चला। रास्ता खराब

है। तू फिक्र ना कर मां। इन खराब रास्तों

पर तो मैं बचपन से गाड़ी चलाता आ रहा हूं।

ये डायन मेरे जवान बेटे को खा गई। मैं

कहती हूं ये पैदा होते ही मर क्यों नहीं

गई?

इसे जवानी [हंसी] में ऐसा क्यों नहीं हो

गया?

मैंने तो यही चाहा था कि ये घर में ही ना

आए। लेकिन क्या मालूम इनकी बुद्धि को क्या

हो गया था। इन्होंने मेरी एक ना सुनी।

और उस भिखारी बाप को भी उसी दिन बीमार

पड़ना था। अरे यहां किसी को भेजने से पहले

वो बूढ़ा खुद क्यों नहीं मर गया। चुड़ैल

अपने पति को खा गई। अभी भी तसल्ली ना हुई

हो तो मुझे खा ले। सारे खानदान को निकल

जा। [हंसी]

मुझे भूख नहीं ले जाओ। कहां ना ले जाओ

भाभी

तब तक ऐसी भूखी रहोगी

जो होना था

हो गया

इस तरह खुद को कष्ट दोगी

तो उसकी आत्मा को भी शांति नहीं मिलेगी

और किसी के लिए ना सही

आपको पप्पू के लिए तो जीना ही है

हाय हाय अभी पति कि चिता की आंख ठंडी भी

नहीं हुई और यहां गैर मर्द के साथ आंख

मटक्का हो रहा है।

[संगीत]

हे भगवान हम जिसे लक्ष्मी का साक्षात रूप

समझते थे वो तो राक्षसनी निकली। इस घर का

चिराग बुझ गया इसी अभागन के कारण। हां बहन

भगवान बचाए इस मनहूस के साए से।

[संगीत]

डायन अपना झूठा खाना खिला रही है उसे।

बेटे के बाद मेरे पोते पे नजर है।

मां मां

मत कह उसे मां। वो मां नहीं डायन है।

चुड़ैल है। चल यहां से। मैं कहती हूं चल

चल।

[संगीत]

बीवी जी

मालकिन का हुकुम है कि आज से घर के कपड़े

लत्ते आप धोएंगी।

[संगीत]

ये लो ये यहां आ गई। ठाकुरन की तो मती

मारी गई है। दूसरी सास होती तो चुटिया

पकड़ के मां-बाप के घर भेज देती। इस मनहूस

को तो धक्के मार के घर से बाहर निकाल देना

चाहिए। सोच क्या रही है? दफा हो यहां से।

घबराओ मत बेटी तुम मां बनने वाली हो।

[संगीत]

पता नहीं भगवान इस पर इतना निर्दय क्यों

हो गया है।

बापू जी कैसे हैं काका? बोलिए ना

मास्टर जी [हंसी] अभी दुनिया में नहीं

बिटिया

[चीखने की आवाज़] नहीं

नहीं

भगवान मैं क्या करूं?

नहीं नहीं

[रोने की आवाज़]

शंभू राजू रामकली आज मंदिर में कीर्तन है।

हम लोग वहीं जा रहे हैं। तुम लोग भी अपना

काम जल्दी खत्म करके वहीं आ जाओ।

हां।

मां जी

मैं भी मंदिर जन्मजली पैदा होते ही अपनी

मां को खा गई। उसके बाद अपने पति को निगल

गई। और अभी उसका तहरवा भी नहीं भुला पाए

थे कि बाप को खा गई। तुझ जैसी मनहूस औरत

को मंदिर में ले जाकर पूजा को अपवित्र

करना है क्या? तेरा ठिकाना मंदिर नहीं

नर्क है नर्क। चलो जी।

मां बनने वाली है। मां बनने वाली है। इनकी

बहू ये कैसे हो सकता है?

बरसों बाहर रहने के बाद जिस दिन उसका पति

घर आया, उसी रात चल बसा। पति से मिले बिना

ही मां। अरे मैं ना कहती थी पराए मर्द से

आंख मटक्का करने के बाद यह नहीं होगा तो

और क्या होगा?

कलंक नहीं उल्टा किसका बाप है तेरे पेट

में

मां जी कहां मुंह काला किया तूने?

पिताजी

आपके चरणों की सौगंध ये आप ही के बेटे की

निशानी है।

झूठ बोल रही है कलमुई। जिस दिन हमारा बेटा

घर आया उसी रात को तू उसे खा गई। पिताजी

तुमने जो कुछ किया है उसके लिए तुम्हें

भगवान भी माफ नहीं कर सकता।

सारे गांव में तेरे पाप के चर्चे हो रहे

हैं। हम किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं

रहे। निकल जा हमारे घर से बाहर निकल जा।

मर गई तेरी मां। चल इधर आओ।

भगवान के लिए मुझे मेरे बेटे से अलग मत।

मत कह इस बेटा। तू मां नहीं वेश्या है।

वेश्या।

[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]

ना तेरा दुर्भाग्य नया है

ना जग का व्यवहार

नया

ना राहों के शूल नए

ना पत्थर दिल संसार

नया

सीता भी जहां सुख पा ना सकी तू उस धरती की

नारी है। सीता भी जहां सुख पा ना सकी तू

उस धरती की नारी है। जो जुल्म तेरी तकदीर

बना जो जुल्म तेरी [संगीत] तकदीर बना वो

जुल्म युगों से जारी है सीता भी जहां सुख

पा न सकी [संगीत]

तू उस धरती की नारी

[संगीत]

[संगीत]

वो कन्या हो या गर्भवती

नारी को सदा अपमान मिला। वो कन्या हो

[गाना गाने की आवाज़] या गर्भवती

नारी को सदा अपमान [गाना गाने की आवाज़]

मिला। अवतारों की नस्ल बढ़ाकर

[गाना गाने की आवाज़]

भी पतताओं

में स्थान मिला। सदियों से यहां हर अमला

ने रोरो कर उम्र गुजारी है सीता भी जहां

सुख [संगीत] पा ना सकी। तू उस धरती की

नारी है।

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

कहने को तो देवी कहलाई

पर नार यहां दासी ही रही कहने को तो देवी

कहलाई

पर नार यहां दासी ही रही। दो प्यार के

मीठे बोलों की मरते दम तक प्यासी ही रही।

जो जहर मिले वो पीती जा जो जहर मिले वो

पीती जा तू कौन सी जनक दुलारी है सीता भी

जहां सुख पा ना सकी तू उस धरती [संगीत] की

नारी है

आ

[संगीत]

[संगीत]

मैं का छोटा ससुराल छोटू [संगीत]

जाएगी मगर जाएगी कहां

मैं काल छोटा ससुराल छोटू

जाएगी मगर जाएगी कहां [संगीत] अब वाल्मीकि

सा कोई ऋषि इस [संगीत] धरती पर पाएगी कहां

अब तू एक भटकी [संगीत]

हिरनी है अब तू एक भटकी

हिरनी है और मर्द की [संगीत] आंख शिकारी

सीता भी जहां सुख पा ना सकी [संगीत] तू उस

धरती की नारी है। सीता भी जहां सुख पा ना

सकी तू उस धरती की नारी है।

[संगीत]

[संगीत]

चलो कुछ

तशरीफ रखिए बेबी जी

जल्दी चलो

चलो जल्दी से उस सिक्के का पीछा करो

अबे ए ह इ ह इ ह इ ह इ ह इ ह इ ह इ ह इ ह

इ ह इक्का रोको हिक्का रोको कोचवान नहीं

तो तुम्हें हम पुलिस के हवाले कर देंगे

भगवान के लिए इक्का मत रोकना

ये लड़की कहां से भागी हुई है

ये लोग झूठ बोल रहे हैं इनका मत रोकना

और तेज और तेज चलाओ और तेज चलाओ चलाओ

बदमाश है ये लोग मेरा पीछा कर रहे हैं।

जल्दी

और तेज पकड़ो उसको

जल्दी चलो और तेज

रखो खुश नहीं तो पकड़ कर आएंगे तुमको

हे भगवान जल्दी और जल्दी

दीदी जी आपको जाना कहां है? घोड़ा कब तक

इस रफ्तार से भागेगा? आखिर यह भी जानवर

है।

अच्छा मुझे यहीं उद्धार दो।

ये दो

शुक्रिया

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[खांसने की आवाज़]

[संगीत]

मां जी मां जी मेरी मदद करो मुझे बचा

लीजिए बदमाश मेरा पीछा कर रहे हैं मां जी

[संगीत]

आओ मेरे साथ

चलो

शोभा देवी उर्फ तमंचा भाई उस लड़की को

हमारे हवाले कर दो अंजाम अच्छा नहीं होगा

वो हमारी भतीजी है

झूठ बोल रहे हैं मां जी। मेरा उनके साथ

कोई रिश्ता नहीं।

घबराओ मत। दरवाजा बंद करके कमरे में

चुपचाप बैठ जाओ।

मैं अभी आई।

क्यों नेहा?

क्या तकलीफ है आप लोगों को?

लड़की को हमारे हवाले कर दो तमंचा भाई।

वरना

वरना।

[नाक से की जाने वाली आवाज़]

मुन्ने ये खिलौना नहीं है। हाथ कट सकता

है।

गला भी कट सकता है तमंचा भाई।

ओ होंगे।

[संगीत]

अरे बाप रे

बस

आज के लिए इतना ही सबक काफी है।

दरवाजा खोलो बेटी।

अब कभी भूल कर भी इस तरफ नहीं आएंगे वो

लोग।

मां जी मैं आपका ये एहसान कभी नहीं

भूलूंगी।

मगर बेटी ये तो बताओ कि तुम आई कहां से

हो?

कहां जाना चाहती हो तुम?

जहन्नुम से आई हूं।

नई जिंदगी की तलाश में जहन्नुम से आई हो?

नई जिंदगी की तलाश में?

तो फिर बेटे ये समझ लो कि तुम अपनी मंजिल

पर पहुंच गई हो। हां सच मां जी। मां जी

मैं बच्चों को पढ़ा सकती हूं। नाचना गाना

सिखा सकती हूं। सिलाई बुनाई कर सकती हूं।

मां जी मैं बर्तन तक मांझने को तैयार हूं।

ये सब कुछ तुम मुझ पर छोड़ दो बेटा।

और आज से तुम इस घर को अपना ही घर समझो।

सच मां [हंसी] जी? ये रहा भंडवा।

नीचे उतर

ये नीचे नहीं उतरेगा। पुलिस को

बुलाओ।

हां हां। अब ये हरामखोर इस चौक में नहीं

रह सकता। मैं कहती हूं इसका मुंह काला

करके इसे गधे में बिठा के सारे चौक में

घुमाओ। मुंह काला करके और बिलकुल नंगा

करके।

हां हां बिलकुल नंगा करके।

[चीखने की आवाज़]

मैं खुद ही नंगा हूं।

ये क्या हो रहा है?

अब्बू से क्या पूछती है तमंजा बाई? हमसे

पूछिए कि क्या हो रहा है? तमंजा बाई ये सब

आपके सर चढ़ाने का नतीजा है।

ओ हो आखिर हुआ क्या है?

मैंने अंग्रेजी अड्डा मंगाने के लिए ₹50

दिए थे। हाय हाय तुम अपने ₹50 के लिए रो

रही हो। यह मजनू की औलाद हम दोनों बहनों

के ₹100 खा गया।

मेहनत की कमाई के थे।

क्या कहा?

हाय हाय एक तो चोरी ऊपर तो थी ना चोरी।

ठीक है मैंने पैसे लिए हैं। मगर मैंने

किसी के पैसे खाए नहीं।

खाए नहीं तो फिर गए कहां पैसे?

वो मैं

जुए में हार गया।

परेशान होने की जरूरत नहीं। सबके पैसे मिल

जाएंगे। हाय मैं वारी ही जाऊं।

लेकिन दोबारा किसी ने इसे पैसे दिए तो।

अरे तमंचा भाई ऐसा मत करना। तुम्हारा कोठा

उजड़ने के बाद इसी तोड़-जोड़ पर तो जिंदा

हूं।

उजड़े कोठे कभी आबाद भी हो जाते हैं

मियां। हम

कर्मणवास्ते

[गाना गाने की आवाज़]

मा फलेशु

कदा चनम

कर्म करो फल की इच्छा ना करो

आशा से निराशा बनती है कैसी लगी

आय हाय हाय कयामत है

कसम है अब्बू की दलाली की लोगों के घर

बिकवा दूंगा तब शाबाश

अम्मी जान

नहीं अम्मी

अम्मी अम्मी [रोने की आवाज़]

क्या है बेटा

हमें पतंग चाहिए

कितने का है

20 पैसे का

ये तो बहुत महंगा है बेटा

हमें चाहिए

अच्छा ले लो पैसे भिजवा देंगे

मां

कब आएगी मेरी मां?

आ जाएगी बेटे आ जाएगी।

रोज आप कहते हैं आ जाएगी आ जाएगी मगर आती

नहीं है। [रोने की आवाज़]

बच्चे को झूठी तसल्ली नहीं देनी चाहिए।

दादी मां बताओ ना कहां गई है मेरी मां?

बेटी तुम्हारी मां भगवान के घर गई है।

कब आएगी वहां से?

जो एक बार भगवान के घर जाता है ना वो लौट

कर नहीं आता।

तो मैं भी भगवान के पास जाऊंगा। नहीं बेटे

नहीं है। ऐसा नहीं बोलतेI ऐसा नहीं बोलते।

अब तो तू मुझे ही अपनी मां समझ। मैं

तुम्हारी मां की तरह हूं बेटी। मैं जो कुछ

करूंगी तुम्हारी भलाई के लिए करूंगी।

लेकिन मां जी ये कपड़े ये जेवर मैं नहीं

पहन सकती।

क्यों नहीं पहन सकती?

मैं

मुझे शोभा नहीं देते।

तुम्हें क्या शोभा देता है और क्या नहीं

देता ये मुझ पर छोड़ दो। हां अगर तुम

सचमुच मुझे अपनी मां समझती हो तो

मां

हुजूर उस नायाब हीरे की शान में एक शेर

अर्ज करना चाहिए

शेठ जी अर्ज किया है

कि दाग आफताब में है।

आफताब में है।

दाग आफताब में है। धब्बे मेहताब में है।

सुभान अल्लाह वाह सुभान अल्लाह

वाह वाह हैं क्या हकीकत बयान की है चांद

और सूरज दोनों में ही दाग है

जी हां दाग आताब में है धब्बे महाताब में

अब हुजूर किसको लाऊं मैं उसके जवाब में

आ गई

कसम खुदा की इसका हुस्न तो जोगी को भी

भोगी बना सकता

इस खंज्जर को कहां छुपा कर रखा था तमन्ना

भाई

पहला हां हम खाएंगे तमंचा भाई कीमत

तुम्हारी और गर्दन हमारी

माफ़ कीजिए मैं फिर दावतनामा भेजूंगी

हो गई

जाने दो मुझे छोड़ दो मुझे जाने दो मुझको

जाने दो छोड़ दो मुझे

एक बार जो यहां आता है वो वापस नहीं जाता।

मैं चिल्ला चिल्ला के लोगों को इकट्ठा

करता हूं।

लड़के

शायद तुझे मालूम नहीं

[नाक से की जाने वाली आवाज़] कि इस चार

दीवारी में से किसी की आवाज बाहर नहीं

जाती।

इसलिए अक्ल से काम ले मेरी बात मान।

शहजादी बनकर रहेगी। नहीं बनना मुझे शहजादी

जाने दो मुझे जाने दो

हगो

[संगीत]

हां

अब गौर से सुन लो मेरी बात

मैं तुम्हें 24 घंटे की मोहलत देती हूं और

उसके बाद अगर तुम्हारा जवाब ना में हुआ तो

मैं तुम्हें सीधे रास्ते पे लाने के

इस गूंगे को तुम्हारे साथ अकेले समय में

छोड़ दूंगी। नहीं

ख्याल रहे ये गूंगा अपने काम में बहुत

माहिर है। [हंसी]

नहीं मुझे जाने दो। खोलो दरवाजा। खोलो

[हंसी] खोलो दरवाजा।

अब तू एक भटकी

हिरनी है और मर्द [संगीत] की आंख शिकारी

है। सीता भी जहां सुख पा ना सकी [संगीत]

तू उस धरती की नारी है।

अबू

तुम्हारा क्या ख्याल है? यह लड़की मान

जाएगी क्या?

आपका क्या ख्याल है?

तेवर तो उसके अच्छे नहीं लगते लेकिन उसकी

बख्शी हुई इस नेमत को हम किसी कीमत पर भी

हाथ से जाने नहीं देंगे।

आज वो दरिंदा

अकेला इस कमरे में छोड़ दिया जाएगा।

मैं कैसे अपनी रक्षा करूंगी?

मैं कैसे?

नहीं

नहीं

इससे पहले

कोई मेरे शरीर को छुए मैं आत्महत्या कर

लूंगी।

आत्महत्या

नाथ मैं तुम्हारे पास आ रही हूं तुम्हारी

आखिरी निशानी को लेकर

आखरी निशानी

नहीं

मैंने आत्महत्या की

तो इसकी हत्या होगी।

ये तो बहुत बड़ा पाप होगा।

तो तो

मैं तमंचा भाई के कदमों पे सर रखकर दया की

भीख मांगूंगी। आखिर आखिर वो भी तो औरत है।

कैसे नहीं पिघलेगी?

मां

तमंचा भाई तुम्हारा जवाब जानना चाहती हैं।

मैं उनसे मिलना चाहती हूं।

तुम्हारा जवाब हां मेहर

नहीं।

तो फिर उनसे मिलने का कोई फायदा नहीं।

मैं उनके कदमों पे सर रख के दया की भीख

मांगना चाहती हूं।

तुम अपना ही नहीं उनका भी वक्त साया

करोगी।

मेरे जीते जी कोई मुझे छू नहीं सकता।

[हंसी]

चंद ही लम्हों के बाद तुम एक मसला हुआ फूल

बन जाओगी।

[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]

अबू भैया अब भैया मेरी रक्षा करो। मेरी

रक्षा करो। अबू भैया मेरी रक्षा करो। अबू

भैया मेरी रक्षा करो।

मेरी रक्षा [हंसी] करो भैया।

क्या कहा तुमने?

मेरी रक्षा करो। मुझे बचा लो भैया। मुझे

बचा लो।

भैया।

तुमने मुझे भैया कहा?

मुझे रिश्ते से पुकारा?

मुझे नहीं मालूम। मेरे मां-बाप कौन है?

मेरा मजहब क्या है?

जब से होश संभाला

अपने आप को अपने आप को इन्हीं कोठों पर

पाया मैंने।

दुनिया वाले हमेशा मुझे हब्बू दलाल हब्बू

कह कर पुकारते रहे।

जिंदगी भर जिंदगी भर मेरे कान तरसते रहे।

कि कोई कभी मुझे बेटा भाई कह कर पुकारे।

लेकिन

लेकिन

आज

आज

तुम्हारी जैसी मासूम लड़की ने मुझे भैया

कहा। मैं इस रिश्ते की लाज रखूंगा बहन।

मेरे जीते जी तुम्हें कुछ छू भी नहीं

सकता।

भैया मुझे यहां से ले चलो भैया।

ये मेरे बस से बाहर है बहन।

तमंचा भाई की ताकत को तुम नहीं जानती।

गूंगा जैसे ना जाने कितने बदमाश उसके

गुलाम है।

लेकिन एक रास्ता है।

क्या?

मंचा बाई को दौलत चाहिए। तुम नाच गाकर

उसके बेटे कौन कहता है कि यह पाप है बहन

अगर यह पाप है तो रेडियो सिनेमा नाटक में

नाचने गाने वाले सभी पापी हैं।

हां बहन

अब्बा

बहन मेरा विश्वास करो इसके सिवा और कोई

चारा नहीं।

लक्ष्मी

हब्बू भैया की बात मान ले। ये कैसे हो

सकता है? मैं तू कौन है? तेरा वजूद तो उसी

दिन खत्म हुआ जिस दिन तेरे पति का देहांत

हुआ। अब तू तो वाइफ बनके रह या समाज की

ठुकराई हुई विधवा। क्या फर्क पड़ता है?

याद रख अब तेरी जिंदगी तेरे अपने लिए नहीं

बल्कि उस मासूम के लिए है जिसे तू जन्म

देने वाली है। तुझे बलिदान देना है जी कर

मर कर नहीं।

[नाक से की जाने वाली आवाज़]

क्या फैसला किया है तुमने?

साजिंदों को बुलवाइए।

आज से तुम नीलम बाई कहलाओगी।

हालात

से लड़ना

मुश्किल था।

हालात से रिश्ता

जोड़

लिया।

जिस रात की कोई

सुबह नहीं

उस रात

से रिश्ता

जोड़ लिया

जलवों से दिल बहना लो [संगीत] जमाने वालों

जलवों से दिल बहला लो जमाने वालों कहती है

ये हाय

कहती है ये झंकार झंकार झंकार

रातों का जश्न मना लो जमाने वालों जलों से

दिल

बहना लो जमाने वाले

[संगीत]

चुनरी रंगा ली मैंने

बिया सजा ली मैंने [संगीत]

चुनरी रंगा ली मैंने बिया सजा ली मैंने

झूमर की मांग पट्टी दिल से सजा ली मैंने

झूमर की मांग पट्टी फिर से सजा ली मैंने

[संगीत]

आ

कर लिए 16 हाय

कर लिए 16 श्रृंगार श्रृंगार श्रृंगार

नजरों की प्यास बुझा लो जमाने वालों

जलबों से दिल बहला लो जमाने वालों

[संगीत]

[संगीत]

सबकी कमीज हूं मैं। [चीखने की आवाज़]

रस्ते की चीज हूं मैं।

सबकी कमीज हूं मैं। रस्ते की चीज हूं मैं।

वो भी नहीं है मेरे जिनको अजीज हूं मैं वो

भी नहीं है मेरे जिनको अजीज हूं मैं

सया गए हाय

सया गए उस पार उस पार उस पार

चाहे जो मोल लगा लो जमाने वालों चाहे जो

मोल लगा लो जमाने वालों कहती है ये हाय

कहती [संगीत] है ये झंकार झंकार झंकार

[संगीत]

रातों का जश्न मना लो जमाने वालों जलों से

दिल बहला लो जमाने

2 बज रहे हैं। इतनी रात गैप कौन हो सकता

है?

दरवाजा खोला।

नहीं तो तोड़ दे तमंचा भाई।

[संगीत]

पधार ठाकुर पधार

बहुत दूर-दूर तक तोरे कोठे की धूम मची है

अब तमंचा भाई और हम के खबर नहीं क्यों

आजकल तोहर राज कोने जंगल हो हम पता नहीं

खबर कहां द

कोनो मुजायका नहीं हम खुद ही हाजिर हो गए

भवानी मां की सौगंध लागत जैसे धरती पर

स्वर्ग उतम

भाई

ई मोरनी का नाच हमरे अड्डे पे हुई

ठाकुर ठाकुर

एक अर्ज है ये छुकरी इस कोठे से बाहर नहीं

जाएगी [हंसी]

आज हम बड़ी खुशी भई केू हमरे सामने ना कहे

की हिम्मत तो की

अब्बू

क्या कहत रहा है तू?

की शुक्रिया इस कोटे से बाहर नहीं जाएगी।

नहीं

ठाकुर ई जगह बंदूक दागे का नाही पुलिस

[संगीत]

तनिक एक बार फिर [संगीत] से कहा बबुआ

ठाकुर जब तक जी चाहे यहां इसका नाच देख लो

लेकिन

मेरी हड्डियां चूरचूर कर दो ठाकुर लेकिन

मेरी इल्तजा कबूल कर लो।

इंतजा कबूल कर ले गली के कुत्ते

ठाकुर मैं हाथ जोड़ के विनती करता हूं।

जिद मत करो हरामजादे

ई बाजारू औरत के खातिर

ठाकुर [चीखने की आवाज़] वो मेरी बहन है

अपने अल्फाज़ वापस ले ले ठाकुर

नहीं हटा

अब्बू हम अपन हार कबूल करता ही

आज हमसे बड़ी भूल ही

बहुत बड़ी भूल हुई हमसे।

यह तो हम भूल ही गए कि औरत की आबरू बचाए

वाले की मदद तो ऊपर वाला भी करत है।

ज

भैया

भैया

काश

मेरी जिंदगी में भी कोई ऐसा भाई आया होता।

क्या हुआ?

क्या हुआ बहन?

कुछ नहीं।

रात भर बेचारी मुजरा करती है। रोज सुबह को

हम दोनों को गीता का पाठ सुनाती है। थक

जाती होगी।

ये बात नहीं है मां जी।

फिर

मुबारक हो।

क्या हुआ?

मुबारक हो। तुम मामा बनने वाले हो। मैं

अभी आई।

सच

तुम यहां बैठो। मैं मिठाई लेके आता हूं।

अब भैया एक बात कहूं?

हां हां बोलो बोलो।

मानोगे ना?

अरे कमाल करती हो। तूने मुझे इतनी बड़ी

खुशखबरी सुनाई और मुझसे पूछती है कि मैं

मानूंगा। अरे मैं आज तेरे लिए आसमान से

तारे भी तोड़ के ले आऊंगा। बोल।

पप्पू को देखने के लिए बहुत जी चाहता है।

पप्पू को

लेकिन अब ये कैसे हो सकता है?

मुझे नहीं मालूम। सिर्फ एक बार भले ही दूर

से हो।

अच्छा और बोल और क्या चाहिए तुझे?

बस

बस

मुझे

वो जो लाल कमीज वाले के दाहिने में खड़ा

है वही मेरा पप्पू है।

अच्छा मैं उसे अभी बुलाता हूं।

तुम उस पेड़ की आड़ में छुप जाओ। जाओ।

अरे खिलौने वाला नाचते खिलौने झूमते

खिलौने हर बच्चे के लिए खिलौने ही खिलौने

आ जाओ बच्चों नए-नए खिलौने देखो मालूम

बंदर

आ जाओ बच्चों कौन सा खिलौना चाहिए हवाई

जहाज चाहिए रेलगाड़ी चाहिए गुड़िया चाहिए

बताओ ये है बंदर जो उचकता है और यह है

भालू जो ढोल भी बजाता है और ड्रम भी बजाता

है और ये है रेलगाड़ी ये तुमने पटरी पर

बिठाई और इसने अपनी दौड़ लगाई

[चीखने की आवाज़]

आ और ये है बैट और ये है बल्ला मजा आया

हां

और ये है भगवान जी मुरली बजैया कृष्ण

कन्हैया इनके चरणों में फूल चढ़ाओगे तो

पास हो जाओगे और अगर इन्हें तुम दूध से

नहलाओगे तो जो मांगोगे पाओगे

जो मांगोगे पाओगे

हां बेटे

मेरी मां इनके घर गई है मांगूंगा तो ये

मुझे दे देंगे

पप्पू

बोलो ना ये मेरी मां को क्या मेरे पास भेज

देंगे?

अ बेटे तुम अपनी मां को बहुत चाहते हो।

ये तो अपनी मां के लिए हवाई जहाज खरीदेगा।

हां हमें रोज खर्चने के लिए 25 पैसे मिलते

हैं। हम उन्हें खर्चते नहीं जमा करते हैं।

क्यों बेटे?

जब हमारे पास बहुत पैसे हो जाएंगे। हम एक

हवाई जहाज खरीदेंगे और आसमान में उड़कर

अपनी मां को लेके आएंगे।

बेटे तुमने ये हाथ पर क्या गुदवाया हुआ

है?

मां

मां

[चीखने की आवाज़]

बहन अब तुम उसे भूल जाओ जिसे छोड़ आई हो।

उसकी चिंता करो जो इस दुनिया में आने वाला

है।

[रोने की आवाज़]

ले मेरी भांजी।

हब्बू चुप कर। भांजी मेरी तो पोती है।

पोती मेरी गीता। मैंने तो इसका नाम भी रख

लिया है।

आंखों [संगीत] का नो जैसा दिल का उजाला

आंखों का नो जैसा दिल का उजाला

[संगीत]

गीता

ये क्या कर रही हो? मम्मी हम भी नाचेंगे।

नहीं मेरे बच्चे नहीं। हब्बू भैया हब्बू

भैया

क्या हुआ बहन?

क्या हुआ? इतनी परेशान क्यों हो?

इस बच्ची की खातिर मैंने यह जिंदगी अपनाई

है। मैं नहीं चाहती कि मेरी जिंदगी का

साया भी इस पर पड़े।

ठीक है। तुम्हारा साया बिल्कुल नहीं

पड़ेगा। हम काली रानी बिटिया को दिल्ली

शहर किसी ऐसे स्कूल में दाखिल करवा देंगे

जहां बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ परश भी

होती है।

[संगीत]

अमृत ज्योतिषचार्या लिंगा स्वामी हमको सब

मालूम जी तुम्हारा नाम दो अक्षरों का जी

हेमा रेखा सीता गीता

हमको मालूम जी तुम्हारा नाम तीन अक्षरों

का जी राकेश

मुकेश

किशन

किशन

हमको मालूम जी

आई आईयो तुमको किशन बहुत अच्छा लगता जी

हमको मालूम जी

तुमको गीता बहुत अच्छा लगता जी

अब मालूम जी यू बोथ मेड फॉर ईच अदर जी एक

दूजे के लिए। [हंसी]

गीता, अरे

तुम किधर जाता जी? हमरा फीस लेकर जाओ जी।

नमस्ते मामा जी।

मां क्या कर रही थी बेटी? कुछ नहीं मां।

वो जरा ज्योतिषी की बातें सुन रहे थे। मां

ये मेरे क्लास में

नमस्ते मां जी।

हमने सब सुन लिया [हंसी] है।

किशन मेरे मामा जी

नमस्ते मामा जी

नहीं नहीं

बेटी

जब तुम पहली बार यहां आई थी

तो मैंने यह समझा था कि मैं तुम्हें एक नई

जिंदगी दूंगी।

आज मुझे महसूस हो रहा है कि नई जिंदगी

तुमने मुझे दी है।

[संगीत]

जय

जय

मा

मुबारक हो अजय मुबारक हो क्या खेलता है

यार

दोस्तों

मेरे हारने की खुशी मेरा मतलब अजय के

जीतने की खुशी में अगले इतवार की रात को

मेरी तरफ से पिकनिक पार्टी

[हौसला बढ़ाने की आवाज़]

कम ऑन अजय

अजय जैसा बैडमिंटन प्लेयर यूपी में दूसरा

नहीं है

बैडमिंटन ही क्या उसका तो हर गेम में जवाब

नहीं

और मजे की बात तो ये है कि इतना ही अच्छा

ब्रिलियंट स्टूडेंट स्टूडेंट बिहेवियर।

अरे वो तो नाक है इस कॉलेज की।

लेकिन सर दुख इस बात का है काबिलियत की

तराजे की किस्मत नहीं है।

क्यों?

बेचारा सपने देखा करता था जिस तरह बाप ने

विलय से ड्राफ्टी पास की वो भी वहां से

वकालत पास करें। लेकिन हालात साथ नहीं दे

रहे।

क्यों? वो तो किसी बड़े जमींदार घराने से

है ना?

है तो। लेकिन अब सिर्फ बेचारे के पास

घराना ही रह गया है।

जमींदारी तो खत्म हो चुकी है।

ये तो बड़ी बदकिस्मती की बात है वाकई।

बेचारे की बैड लक।

अबू भैया मेरा बेटा विलायत से वकालत पास

करेगा।

विलायत में लेकिन बहन इतने पैसे कहां से

आएंगे?

कितने रुपए लगेंगे?

मैं अनपढ़ क्या जानू? मेरी मोटी बुद्धि के

हिसाब से तो कम से कम 40-500 लगेंगे।

ठीक है। मैं मोती सेठ से बात करूंगी।

आई लव यू मोती सेठ।

आहा कदमों की आहट पहचान ली

जी नहीं वक्त की पाबंदी

आइए

आदाब

अरे तुम्हारी इसी अदा ने तो हमें तुम्हारा

पाबंद बना दिया है नीलम भाई

आज साजिंदर नजर नहीं आ रहे

जी बुलाए नहीं

मुझे आपसे तन्हाई में कुछ अर्ज करना है

नसीब

हमें तन्हाई के काबिल तो समझा फरमाइए

₹00 की सख्त जरूरत है।

खैरियत?

अ मेरी एक सहेली को इलाज के लिए अमेरिका

जाना है। मैं उसकी मदद करना चाहती हूं। 6

महीने में लौटा दूंगी।

यूं मुंह पे तमाचा मारोगी? अरे 40 क्या?

50-60 लो। लेकिन कभी हमें समझने की कोशिश

तो करो।

मोती सेठ आप मेरी मजबूरी का फायदा उठाना

चाहते हैं।

तुम समझते क्यों नहीं नीलू? हम सिर्फ

तुम्हारा नाच गाना सुनने थोड़ी यहां आते

हैं।

तो

हम तुम्हारे करीब आना चाहते हैं। तुम्हें

हमेशा हमेशा के लिए अपना बनाना चाहते हैं।

मोती सेठ

देखो नीलू अगर अब भी तुमने हमसे मोहब्बत

ना की तो ईमान से हम जहर खा लेंगे।

अगर आप इस नियत से यहां तशरीफ लाते हैं तो

बराए मेहरबानी

आइंदा आप अपना और मेरा वक्त जाया मत

कीजिएगा। वाकई

हमने आज तक बहुत वक्त और पैसा जाया किया

लेकिन अब नहीं करेंगे।

छोड़ो मुझे

[संगीत]

दो टके की लौंडी तेरी ये मजा

सर

हाथ उखाड़ कर गली में फेंक दूंगा। निकल जा

यहां से।

निकल जाओ।

मैंने तो सिर्फ रुपए उधार मांगे थे।

ये जलील उधार मांगने के काबिल नहीं होते।

बहन

पप्पू की जरूरत से मजबूर होकर

बहन जिस भगवान ने जरूरत पैदा की है वो खुद

उसका हल भी निकालेगा। घबराओ मत।

खैरियत सरकार बहुत प्यासे नजर आ रहे हैं

आप।

ये प्यास

उस दिन बुझेगी फलू मियां

जब हम नीलम को अपनी बाहों में लेकर उसका

घमंड चूरचूर कर देंगे।

अरे सरकार ये खादिम किस दिन काम आएगा?

ये जेवर कितने में खरीदेंगे आप?

₹15,000 दे दे।

सिर्फ ₹15,000?

सोने को भाव घो गिरि गयो नीलम भाई

ठीक है 15000 ही दे दीजिए

चीज को फजलू मलियाबादी कहते हैं खान विकार

खान का खादिम खास हूं और इस वक्त उनका खास

खास पैगाम लेकर आप तक हाजिर हुआ हूं।

आइए अंदर बैठिए बैठना मेरे उसूल के खिलाफ

है क्योंकि जिंदगी में बड़ी मुश्किल से

खड़ा हुआ हूं।

खैर कहिए क्या पैगाम है?

शहर के हर आम खास की जुबान पर नीलम बाई के

चर्चे और खान साहब अपने घर पे एक महफिल

करवाना चाहते हैं।

घर पे फजलू मियां नीलम बाई बाहर के मुजरे

नहीं लेती। खान साहब से कहिए यहीं तशरीफ

ले आए।

खान साहब किसी के कोठे पे तशरीफ नहीं ले

जाते।

ओ तब तो मुश्किल होगी।

मुश्किल का एक हल है। यह ₹00 बयाना और

बाकी के 20,000 मुजरे के पास और मुजरे की

जगह ना आपका कोठा और ना खान साहब की कोठी

कुमती के किनारे किसी तन्हा खूबसूरत से

मुकाम पर खान साहब का खैमा डलवा देते।

फजलू मियां नीलम बाई नहीं मानेंगी। मुजरा

कोठे पर ही होगा।

भैया मुजरा खमे में होगा।

शुक्रिया।

नवाब साहब से कह दीजिए

नीलम पहुंच जाएगी।

बहुत-बहुत शुक्रिया। ये लीजिए आधा वर्सेज़।

आधा वर्सेज़।

लेकिन बहन तुम्हारे उसूल

पप्पू के लिए उसूल तो क्या मैं अपनी जान

भी कुर्बान कर सकती हूं।

[संगीत]

कभी दे के खुशियां कभी दे के गम कभी दे के

खुशियां कभी दे के गम लिए जिंदगी ने लिए

जिंदगी ने लिए जिंदगी ने बड़े इम्तहान

कभी देख के खुशियां कभी देख

कभी ले खुशियां [संगीत]

[संगीत]

खिजाओं

से दामन

दामन

दामन

दामन

फिदा से दामन [संगीत] बचाए

वो क्यों बचाए वो क्यों बहारों

[गाना गाने की आवाज़]

में जिसका जलाशियां

बहारों [संगीत] में जिसका जलाशियां

ले जिंदगी ने लिए जिंदगी ने लिए जिंदगी ने

बड़े इम्तहान

कभी दे [संगीत] के खुशियां कभी देके गम

कभी दे [संगीत] खुशियां

[संगीत]

कोई जब के दिल में

दिल में

दिल में दिल में

कोई जब [संगीत] के दिल में तमन्ना नहीं

तमन्ना नहीं मुकद्दर हुआ भी तो कब मेहरबान

मुकद्दर हुआ भी तो कब मेहरबान

लिए [संगीत] जिंदगी ने लिए जिंदगी ने लिए

जिंदगी ने बड़े इम्तहान

कभी देके खुशियां [संगीत] कभी देके गम कभी

देके खुशियां

नवाब साहब

साहब

[संगीत]

क्यों हबू?

उस दिन तू मेरा हाथ उखाड़ के गली में फेंक

देना चाहता था ना। कमीने

आज मैं तेरी आंखें नोच के तुझे गोमती में

फिकवा दूंगा।

लेकिन अभी नहीं तेरी बहन के साथ हिसाब

करने के बाद।

छोड़ दो मुझे।

इस को उठाकर बोरी में बंद कर दो।

क्या

हो जाए यार।

खेमे में देखो।

अब उस खेमे में देखो क्या तमाशा हो रहा

है।

आराम कर दो। मेरा मुंह क्या देख रहे हो।

बाहर जाके देखो कौन हो वो लोग।

अम्मा हुजूर आप क्यों खामखा तकलीफ कर रहे

हैं? हम खुद ही हाजिर हो गए हैं।

कौन हो तुम लोग?

आपके बच्चे हैं हुजूर।

मुंह लगने की जरूरत नहीं। यहां क्यों आए

हो?

अम हुआ यूं हुजूर कि हमने दूर से एक खातून

को आप पर हाथ उठाते हुए देखा। बस हम डर गए

और आपकी मदद के लिए हाजिर हो गए। ज्यादा

चालाक बनने की कोशिश मत करो। और ना ही

हमारे जाती मामले में दखल देने की कोई

जरूरत है। चले जाओ यहां से।

देखिए साहब हमने आपको बाप का दर्जा दिया

है। जब तक हम उस देवी के दर्शन नहीं कर

लेते जो हमारे पिताजी के साथ ज्यादती कर

रही थी। हम यहां से नहीं जाएंगे।

क्यों? वो क्या तुम्हारी चाची लगती है?

चाची नहीं जनाब। यूं समझ लीजिए कि मां

लगती है। आपको कोई ऐतराज है?

देख क्या रहे हो? तोड़ दो सर हरामजादों

के।

आप तो दंगा फसाद कर रहे हैं।

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

मोहतरमा हमने दूर से देखकर ये समझ लिया था

कि आप मुसीबत में हैं। इसीलिए अपना फर्ज

अदा करने के लिए हम हाजिर हुए। कोई और

खिदमत हो तो बताइए।

जालिमों ने मेरे भाई को बोरी में बंद किया

हुआ है।

कहां हो तुम?

इन सबका शुक्रिया अदा करो भैया।

आज इन लोगों ने हमारी जान बचाई है।

लेकिन लेकिन वो सेठ और उसके आदमी

कहां है?

हमने उन्हें मार मार कर भगा दिया।

भगा कर दिया। मुझे उस हरामजादे का खून

पीला। [चीखने की आवाज़] सेठ।

कानून को हाथ में मत लीजिए। जुर्म है। कोई

और खद तो बताइए। हम तुम्हारा यह एहसान

जिंदगी भर नहीं भूलेंगे।

एहसान किस बात का? ये तो इंसानियत का एक

फर्ज है जो हमने अदा किया।

चलिए आप लोगों को किसी महफूज जगह पर

पहुंचाई देते हैं। आइए

ये बहन दिल पर जरा काबू रखना। कहीं ऐसा ना

हो पप्पू को करीब से देखकर सिसकियां भरने

लगाओ।

तुम बेफिक्र रहो।

फरमाइए। हम अंदर आ सकते हैं बेटे।

लाइए।

बैठिए।

बेटे मेरा नाम असलम है और यह है मेरी बहन

सलमा। आदाब

बेटे मैं तुम्हारे वालिद का दोस्त हूं। अब

खैर तुम क्या पहचानोगे? तुम तो इतने से थे

जब मैं हिंदुस्तान छोड़कर कारोबार के लिए

दुबई चला गया था।

और अब तकरीबन 17 बरस के बाद वापस आया हूं।

आते ही अपने दोस्त विजय के बारे में मालूम

किया तो

अल्लाह उसे जन्नत बख्शे।

मुझ जैसा बदनसीब कौन होगा चाचा जिसके

मां-बाप दोनों ही बचपन [संगीत] में छोड़कर

चले गए।

उस मालिक की मसलहत को तो वही बेहतर जानता

है बेटे। बहरहाल इस वक्त तो मैं तुम्हें

ये

₹55,000 देने आया हूं।

जी ₹55,000

मुझे किस लिए

बेटे? दुबई जाते वक्त नया कारोबार शुरू

करने के लिए ये मैंने तुम्हारे वालिद से

उधार लिए

मालिक ने बरकत दी तो ये वापस करने चला

आया। बेटे ये तुम्हारी ही अमानत है अच्छा

तब चलते हैं। बहुत लोगों से मिलना है। आओ

बहन

मेरी आद

ये क्या? बहन

इतना बड़ा फर्ज निभाकर भी तुम्हारी आंखों

में आंसू

खुशी के हैं भैया। अब तो एक ही अरमान है।

अजय की तरह गीता को भी उसकी मंजिल तक

पहुंचा दूं। उसके हाथ पीले कर दूं।

मां को आजकल मेरी ही चिंता लगी रहती है।

मेरी मां को भी। कहती है बहू ले आओ तो

गंगा नहा लो।

अरे बारिश आ गई।

चलो जल्दी चलो वरना भीग जाएंगे। कम ऑन।

ओह गॉड।

अरे बारिश तो बहुत होने लगी।

आओ उस पेड़ के नीचे चल।

हाय राम। मैं तो बिल्कुल भीग गई।

भीग कर तुम और भी सुंदर लग रही हो।

तुम्हें प्यार करने को जी चाहता है गीता

नहीं किशन

क्यों

शादी से पहले ऐसा प्यार बाप होता है

नाराज हो गए बोलो ना

गीता आज तक मैं तुमसे प्यार करता था अब

मैं तुम्हारी पूजा भी करूंगा और उस पूजा

में अपनी देवी को बिठाने के लिए हम फैसला

करें।

अपनी अपनी मां को

एक दूसरे से मिलाने के लिए

हम आज

इसी वक्त से

कोशिश करेंगे।

नमस्ते मां जी।

नमस्ते।

हेलो गीता।

हेलो।

मामा जी नहीं आए।

इसकी नानी की तबीयत खराब थी। उन्हें देखने

बनारस गए हैं।

ओ आइए ना।

मां देखो कौन आया है।

आइए आइए बहन जी आइए।

नमो नम बैठिए गीता आपकी बहुत तारीफ करती

है। गीता खुद ही तारीफ के काबिल है। किशन

बेटा जाओ जलपान का इंतजाम करो।

अभी लाया।

जाओ बेटी तुम भी किशन का हाथ बटाओ। जाओ।

जी

बहन जी।

किशन मेरा इकलौता बेटा है। शायद इसीलिए एक

ही तमन्ना है। जल्द से जल्द बेटे का सेहरा

देखूं। हर मां की यही तमन्ना होती है बहन

जी। तो फिर क्यों ना हम दोनों अपनी

तमन्नाएं पूरी कर लें।

गीता और किशन एक दूसरे को बहुत चाहते हैं।

मुझे मालूम है। आपकी इजाजत हो तो इजाजत

कैसी बहन? ये तो मेरी खुशकिस्मती होगी।

ये लो मां।

किशन हमने तुम दोनों की शादी पक्की कर दी

है। मुंह मीठा करने से पहले अपने पिताजी

का आशीर्वाद ले लो।

और हम दोनों दोस्तों ने फैसला किया है कि

अगर हमारी लड़की होगी तो हम मोहन के बेटे

से शादी करेंगे। और मोहन की लड़की हुई तो

हम अपने बेटे पप्पू से शादी करेंगे।

[संगीत]

लो बहन मुंह मीठा कर लो।

ये किस खुशी में मुंह मीठा कराया जा रहा

है बहन।

अरे मोती भैया बड़े शुभ अवसर पर आ गए।

इनसे मिलो। ये है लक्ष्मी देवी और ये है

उनकी बेटी गीता। मेरी होने वाली बहू।

नमस्ते।

ये मेरे मुंह बोले भाई है मोतीलाल।

नमस्ते जी।

नमस्ते।

आपको शायद पहले भी कहीं देखा है?

जी

शायद

आपको कहीं संगीत का शौक तो नहीं?

हां।

मेरा मतलब है गाने बजाने का।

जी। कोई खास नहीं।

मेरा ख्याल है मैंने किसी संगीत सम्मेलन

में देखा है आपको।

हो सकता है भैया। ये लखनऊ की रहने वाली है

और वहां तो संगीत सम्मेलन होते ही रहते

हैं।

अरे हां अभी तो कह रहा हूं मैं।

बैठो तो।

नहीं अभी नहीं बहन एक जरूरी काम याद आ गया

फिर कभी आऊंगा। ठीक है।

अच्छा।

अरे हां बहन मेरा एक अजीज दोस्त है नीलम

सेठ। उसका शायद फोन आएगा। उसे कह देना मैं

अशोका होटल के सूट नंबर 22425 में ठहरा

हूं। मुझे वहां मिल ले कुछ जरूरी बातें

करनी है।

[संगीत]

दरवाजा खुला है।

आओ।

हमें यकीन था तुम जरूर आओगी नीलम।

नीलम नहीं सेठ जी।

इस वक्त

एक मां आई है।

अरे हां ये तो हम भूल ही गए कि तुम एक

खूबसूरत और जवान लड़की की मां भी हो।

बैठो।

अरे बैठो।

मां होने के नाते मैं आपसे कुछ कहने आई

हूं। हां हां जरूर कहो। हम तुम्हारी क्या

मदद कर सकते हैं?

मैंने बड़ी तपस्या करके

गीता को इस काबिल बनाया कि वो किसी शरीफ

खानदान की बहू बन सके।

[हंसी]

और आज तुम्हारे सपनों का महल

हमारे कदमों में है।

सेठ जी मैं आपसे दया की भीख मांगने आई

हूं। दया और तुम पर भूल गई वो तमाचा जो इस

गाल पे मारा था। ये हाथ जिसे तुम्हारा

दलाल भाई उखाड़ के गली में फेंक देना

चाहता था।

उसके बदले में जो सजा चाहे मुझे दे दीजिए।

[नाक से की जाने वाली आवाज़]

लेकिन दुनिया के सामने मेरा राज खोल कर

मेरी बच्चे की खुशियों से मत खेलिए।

[हंसी]

खेलने का पेशा तो तुम्हारा है नीलम भाई।

हम तो कारोबारी आदमी है।

जरा सिर्फ असल बल्कि सूट भी कभी नहीं

छोड़ते।

अगर तुम अपनी बच्ची की खुशियां चाहती हो

तो तुम्हें हमारी हर ख्वाहिश पूरी करनी

होगी।

बोलो

बोलो तैयार हो?

मिटा ले अपनी हवस।

[हंसी]

सेठ [हंसी] जी

क्या हो गया है आपको?

ये दिल भी इंसान के पास

बड़ी अजीब चीज है नीलम भाई।

कहां तो तुम्हारा इतना दीवाना था।

और कहां आज?

तुम चाहती हो कि गीता की शादी उस घर में

हो?

हां।

तो उसे पहले हमारी ही बनना पड़ेगा।

नहीं नहीं

[संगीत]

सिर्फ एक रात के लिए।

सेठ वो आपकी बेटी के बराबर है।

औरत को हम रिश्ते की नहीं सिर्फ जरूरत की

नजर से देखते हैं।

सोच लो फैसला तुम्हारा है। एक तरफ

तुम्हारी छोटी सी कुर्बानी और तुम्हारी

बेटी का उज्जवल भविष्य है।

और दूसरी तरफ

तुम्हारे सपनों का महल चकनाचूर है।

ठीक है। परसों कोठे पे तशरीफ़ ले आइए। मैं

गीता को बुलवा लूंगी।

मोहब्बत में जो मिट जाता है वो कुछ कह

नहीं सकता।

हमारी खुशनसीबी पर तो किसी को भी रश हो

सकता है।

असली मेजबान नजर नहीं आ रही।

ट्रेन के पहुंचने का वक्त हो गया है। कुछ

ही देर में आ जाएगी।

यह कुछ देर ही तो हमारे लिए कयामत बन

जाएगी।

इस कनीज के होते हुए इजाजत हो तो इंतजार

की घड़ियों को रंगीन बनाने की कोशिश करूं।

आहा नेकी और पूछपूछ

आहा

इस खिदमत का मौका भी आज हम ही को दीजिए।

जरा नवाजी का शुक्रिया। आ

[गाना गाने की आवाज़]

शाम पीने की फिर ना आएगी

शाम पीने [गाना गाने की आवाज़] की फिर ना

आएगी

शाम पीने की फिर ना आएगी

इस शाम

के बाद

शाम पीने की फिर ना आएगी

इस शाम

के बाद

रूह लहराएगी

रक्स फरमाएगी

रूह लहराएगी

रक्स फरमाएगी

प्यास मिट जाएगी तन मन की इस जा

के बाद

हो [रोने की आवाज़] शाम पीने की फिर ना

आएगी

इस शाम

के बाद

[संगीत]

मेरी नजरों में जो तेजी है वो खंजर में

नहीं

आ

मेरी नजरों में जो तेजी है वो खंजर में

नहीं

जितनी होठों में है उतनी किसी सावर

में नहीं

[संगीत]

और क्या चाहिए ना

[रोने की आवाज़]

और क्या चाहिए ना

इस नाम

के बाद

हो शाम पीने की फिर ना आएगी

इस शाम

के बाद

[संगीत]

[संगीत]

दिल ही पत्थर का नहीं है कि वचन ही ना

सके।

दिल ये पत्थर तो नहीं है के वचन ही ना सके

तूने यूं हमको पुकारा

के संभल ही ना सके

[संगीत]

किसका पैगाम सुने हम

किसका पैगाम सुने हम तेरे पैगाम

के बाद

हो शाम पीने की फिर आएगी

इस शाम

के बाद

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

पीने की फिर ना आएगी

इस शाम

कुछ

शहन सी हो रही है।

शराब तो ठीक थी सेठ जी। मेरा ख्याल है

आपने कुछ ज्यादा पी ली है।

हरामजादी ये क्या पिला दिया तूने मुझको?

[हंसी]

[हंसी]

कमीने मेरी जिंदगी भर की तपस्या को राख का

ढेर बना देना चाहता था। मेरी बेटी से

मिलना चाहता था। मैंने तुझे मौत से मिला

दिया। [हंसी]

[हंसी]

बचाओ बचाओ [चीखने की आवाज़]

बचाओ।

[संगीत]

[संगीत]

[हंसी]

मुझे

नीलू

भाई के में खून हो गया है।

तुम दोनों अंदर की तलाशी लो। तुम यहीं

रहो।

बाकी पैसे तुम रख लो।

हुजूर आपके यहां खून हो गया।

क्या?

हां हुजूर मोती सेठ का खून हो गया।

[संगीत]

नहीं खबरदार

सेठ मोतीलाल

गीता की जिंदगी खत्म कर देना चाहता था।

मैंने उसे मार डाला।

बहन तुमने उसे मार नहीं डाला। [संगीत]

बल्कि तुमने एक पापी को उसके पाप की सजा

दी है। खैर मैंने तुम्हारे बचाव के लिए इस

शहर का सबसे बड़ा वकील कर लिया है।

तुम्हें मुझे एक वचन देना होगा।

तुमने जो कुछ भी किया है उसे अदालत में

कबूल नहीं करोगी।

हां बहन

तुम्हें मेरी कसम।

तुम्हें गीता की कसम।

चलिए साहब टाइम हो गया।

बहन

इस वचन को निभाना

प्रोसीड

याना

मैं ठाकुर अजय सिंह इस मुकदमे में वकील

इस्तगासा की हैसियत से मुलजिमा के खिलाफ

और मेरे फाजिल दोस्त

और मेरे बुजुर्ग दोस्त श्री जगदीश चंद्र

माथुर मुलजिमा के बचाव में पैरवी करेंगे।

आप सुनेंगे कि मुलजिमा

जिसका पेशा

नाच गाकर लोगों का दिल बहलाकर पैसे कमाना

है। उसने कैसे सेठ मोतीलाल को मोहब्बत के

जाल में फंसाया। कैसे उसकी दौलत को लूटना

शुरू किया और कैसे जब वो उसकी दिन-ब दिन

बढ़ती हुई मांगों को पूरा ना कर सका तो

उसे उसकी बेवफा बेवफाई समझकर उसकी शराब

में जहर मिलाकर उसकी जान ले ली।

अब मैं अपने पहले गवाह इंस्पेक्टर सिंह को

अदालत में पेश करूंगा।

इंस्पेक्टर साहब आपके सिपाहियों को उस

कोठे से कोई मतलब की चीज मिली?

जी हां। एक उम्र खयानुमा शराब की सुराही

और उसके साथ का गिलास जिसमें थोड़ी सी

शराब बची हुई थी।

अच्छा नीलम बाई लाश के पास खड़ी थी।

जी हां। आपको देखकर उसने कुछ नहीं कहा।

जी नहीं। बल्कि जैसे ही मैंने उसकी तरफ

देखा उसने अपने दोनों हाथ मेरी तरफ बढ़ा

दिए।

वेरी गुड। इंस्पेक्टर साहब आप उन बढ़े हुए

हाथों को देखकर किस नतीजे पर पहुंचे?

यही कि वो अपने जुर्म का इकबाल कर रही है

और अपने आप को कानून के हवाले कर रही है।

थैंक यू।

मिस्टर माथु योर विटनेस।

थैंक यू मिस्टर प्रोसकटर।

इंस्पेक्टर।

आपकी कितने साल की सर्विस है? जी 5 साल

की। जाहिर है इस 5 साल के दौरान आपके पास

कत्ल के कई केसेस आए होंगे।

जी हां, आए हैं।

तो आप मुझे अपने तजुर्बे की बिना पर यह

बताइए इंस्पेक्टर कि कत्ल के केसेस में

कातिल जब किसी को मार डालता है तो क्या वो

मौके वारदात से भागने की कोशिश करता है या

वहीं खड़ा रहता है? कातिल हमेशा भागने की

कोशिश करता है।

पॉइंट नोट किया जाए। योर ऑनर।

इंस्पेक्टर

अभी-अभी आपने अपने बयान में कहा कि

मुलजिमा के बढ़ते हुए हाथों को देखकर आप

इस नतीजे पर पहुंचे कि मुलजिमा अपने आप को

कानून के हवाले कर रही है।

जी हां। आप कैसे इस नतीजे पर पहुंचे?

जी।

मैं पूछता हूं आप कैसे इस नतीजे पर

पहुंचे?

ऑब्जेक्शन योर ओनर। क्या मेरे बुजुर्ग

दोस्त ये कहना चाहते हैं कि मुलजिमा ने

अपने हाथ इंस्पेक्टर सिंह की तरफ गले

लगाने के लिए बढ़ाए थे?

योर ओनर। मेरे नौजवान दोस्त को बताया जाए

कि लखनऊ के कोठों पर लोग तहजीब सीखने के

लिए आते हैं। जहां तवाइफें हर आने वाले का

इस्तकबाल हमेशा हाथ फैला करती हैं। यू आर

राइट? [हंसी]

प्रोसीड नो मोर क्वेश्चंस योर ऑनर।

अब मेरे अगले गवाह है डॉक्टर के बी पाठक।

सेठ मोतीलाल की मौत आर्सनिक नाम का जहर खा

लेने की वजह से हुई और 16 अक्टूबर की रात

10:30 बजे के दरमियान उनका दम टूटा। लगता

है आर्सनिक खाने से पहले उन्होंने शराब

काफी पी ली।

थैंक यू।

योर विटनेस मिस्टर माथुर।

थैंक यू।

डॉक्टर पाठक

कोठे से बरामद सुराही और ग्लास में जो

शराब थी उसे आपने एग्जामिन किया।

जी हां। उसमें जहर मिला हुआ था।

किस में? सुराही वाली शराब में या ग्लास

वाली शराब में?

गिलास वाली शराब में।

योर ओनर। इस पॉइंट को नोट किया जाए।

थैंक यू डॉक्टर।

चुन्नी बाई

रात के तकरीबन 10:00 बजे हमारे कोठे पर

मुजरा चल रहा था कि अचानक नीलमबाई के कोठे

से किसी मर्द के चिल्लाने की आवाज आई।

उसके बाद क्या हुआ?

सेठ मोतीलाल का दम टूट रहा था। मुंह से

छाग निकल रही थी और दम तोड़ते-तोड़ते

उन्होंने कहा जहर मुझे नीलू।

सुनने भाई सेठ मोतीलाल ने दम तोड़ते वक्त

जो अल्फाज़ कहे उन्हें फिर से दोहराइए।

जहर मुझे नीलू

जहर मुझे नीलू

जी

शुक्रिया

योर विटनेस मिस्टर माथुर योर ऑनर मैं

मुलजिमा को बतौर गवाह पेश करने की इजाजत

चाहता हूं इजाजत है थैंक यू योर ऑनर

नीलम भाई सेठ मोतीलाल को आप कब से जानती

थी?

काफी अरसे से।

क्या यह सही है कि उन्होंने आपके ऊपर

लाखों रुपए पानी की तरह बहा दिए?

वो मेरे बहुत बड़े कदरदान थे।

आपको चाहते भी बहुत थे।

तवाइफ के पास उसके चाहने वाले ही आते हैं।

आप भी उन्हें चाहती थी।

मेरा पेशा नाच गाकर लोगों का दिल बहलाना

है।

दिल लगाना नहीं।

आखिरी सवाल। क्या पीने के बाद अक्सर सेठ

मोतीलाल धमकी दिया करते थे कि अगर आपने

उनके साथ मोहब्बत नहीं की तो वह जहर खा

लेंगे?

जी शुक्रिया। योर विटनेस मिस्टर प्रोसकटर

थैंक यू मिस्टर

नीलम भाई आप कब से मुजरा करती हैं

जब से होश संभाला

तब तो आपका ये खानदानी पेशा होगा

जी नहीं इस पेशे से मेरा खानदान चलता है

खानदान से मतलब

आप शादीशुदा हैं।

तो वाइफों से ऐसे सवाल नहीं पूछे जाते।

सवाल का जवाब हां या ना में दीजिए। क्या

आप शादीशुदा हैं?

जी।

आपके पति का नाम क्या है?

नीलमई में आपके पति का नाम पूछ रहा है।

हमारे यहां स्त्री अपने पति का नाम नहीं

लेती।

मगर दूसरों के पतियों के दिल जरूर फैलाती

है। उनकी रातें जरूर सजाती है। ऑब्जेक्शन

योर ऑनर

ऑब्जेक्शन सस्टेन। थैंक यू योर ऑनर।

नो मोर क्वेश्चंस।

प्रोसीड

योर ऑनर मैं डॉक्टर पाठक की मेडिकल

रिपोर्ट से पूरी तरह मुत्तफिक हूं कि सेठ

मोतीलाल की मौत आर्सेनिक खा लेने की वजह

से हुई।

मैं यह भी कबूल करता हूं कि मुलजिमान नीलम

भाई के कोठे पर ही सेठ मोतीलाल के हलक से

नीचे आसनिक उतरा और दम टूटते वक्त उनकी

जुबान पर सिर्फ तीन अल्फाज थे। जहर मुझे

नीलू मैं यह सब मानता हूं।

लेकिन इन सबके बावजूद मैं मैं अदालत से

दावा करता हूं कि मुलजिमा नीलम बाई

बिल्कुल बेकसूर है क्योंकि

सेठ मोतीलाल को जहर खिलाया नहीं गया था

बल्कि जहर उन्होंने खुद खाया था।

इसलिए

यह मुकदमा कत्ल का नहीं खुदकुशी का है। अब

सवाल यह उठता है कि सेठ मोतीलाल ने जहर

क्यों खाया?

नीलम बाई से उनके बहुत पुराने ताल्लुकात

थे। उन्होंने लाखों रुपए इन पर पानी की

तरह बहाए। वो नीलमबाई के दीवाने हो गए। और

दीवानगी के आलम में उन्होंने इनसे कहना

शुरू किया। मेरी जान अगर तुम हमसे मोहब्बत

नहीं करोगी तो हम जहर खा लेंगे। यही नहीं

बल्कि उन्हें डराने के लिए अपनी जेब में

उन्होंने आर्सनिक की डिब्बियां भी रखनी

शुरू कर दी। 16वीं अक्टूबर की शाम को सेठ

मोतीलाल हमेशा की तरह नीलमबाई के कोठे पर

पहुंचे। शराब के नशे में धुत होकर

उन्होंने फिर वही राग अलापना शुरू किया।

देखो मेरी जान अगर तुमने हमसे मोहब्बत ना

की तो हम जहर खा लेंगे। नीलम बाई जल्ला

गई। गुस्से में आकर उन्होंने कहा खा लीजिए

सेठ जी अभी खा लीजिए।

सेठ मोतीलाल को बहुत बड़ा झटका लगा।

इंतहाई किस्म की शर्मिंदगीगी महसूस हुई।

आशिकी के जोश और शराब के नशे में जेब से

आर्सेनिक निकालकर शराब में मिलाई और पी

गए।

यही वजह है।

कि जहर उस गिलास में था जो पीने वाले के

हाथ में था। उस सुराही में नहीं जो पिलाने

वाले के हाथ में थी। यू ओनर मैं मानता हूं

कि दम तोड़ने से पहले उन्होंने इनका नाम

लिया और कहा जहर मुझे नीलू। लेकिन इस

सिलसिले में मैं अदालत से एक सवाल पूछना

चाहूंगा। क्या इन तीन अल्फाज़ ज़हर मुझे

नीलू से कोई मुकमिल जुमला बनता है? नहीं।

तो मैं समझता हूं अदालत अपनी सहूलियत के

लिए इन तीनों लफ्जों से कोई मायने नहीं

निकाल सकती। खुसूसन तब जब किसी की जिंदगी

और मौत का सवाल हो। योर ऑनर अब मैं अदालत

से दरख्वास्त करूंगा कि गौर किया जाए।

नंबर एक किसी ने भी मुलजिमा को सेठ

मोतीलाल की शराब में जहर मिलाते हुए नहीं

देखा। नंबर दो अगर मुलजिमा नीलमबाई कातिल

होती तो पुलिस के आने तक क्या वो मौका

वारदात पर ही खड़ी रहती। नंबर तीन अगर उसे

जहर मिलाना ही था तो क्या यह अहमकाना हरकत

अपने ही कोठे पर करती? नंबर चार अगर उसे

सेठ से बेवफा बेवफाई का बदला लेना ही था

तो क्या वो उसी मुर्गी को मार डालती जो

उसे अब तक सोने के अंडे दे रही थी? रनर

मुलजिमा कानून के हर नजरिए हर नुक्त निगाह

से बेकसूर है। मैं अदालत से दरख्वास्त

करूंगा कि इन्हें बाइज्जत रिहा किया जाए।

थैंक यू योर ऑनर।

ठाकुर जय सिंह।

योर ओनर।

मेरे बुजुर्ग दोस्त ने

कत्ल के इस मुकदमे को खुदकुशी का रंग देने

के लिए जो तरीका अपनाया है उसके लिए मैं

इन्हें मुबारकबाद देता हूं।

मगर मेरे काबिल दोस्त ने पैरवी के दौरान

बजाय किसी ठोस किस्म की दलीलें और सबूत

पेश करने के खोखली और मनगढ़ंत कहानी पेश

करके अदालत का जो वक्त जाया किया उसका

मुझे बेहद अफसोस है। मेरे दोस्त ये तो

मानते हैं

कि सेठ मोतीलाल के नीलमबाई से पुराने

ताल्लुकात थे और इस पर उन्होंने पानी की

तरह क्या बहाया। मगर उनका कहना है कि उन

सबके बावजूद नीलम बाई से सेठ मोतीलाल को

वो राहत नहीं मिली जिसके वो दीवाने थे और

उस वजह से वो खुदकुशी पर आमादा हुए। फिर

मेरे दोस्त का कहना है कि सेठ मोतीलाल ने

दम तोड़ते वक्त जो अल्फाज़ कहे यानी जहर

मुझे नीलू इसका कोई मतलब नहीं निकलता।

यान मैं अदालत से सिर्फ ये पूछना चाहता

हूं अगर कोई शख्स जिंदगी की आखिरी सांसे

गिन रहा हो जिसमें इतनी ताकत ना हो कि वो

अपनी जुबान तक हिला सके तो क्या मुझसे ये

उम्मीद करें कि वो ग्रामर का ख्याल करते

हुए पूरा जुमला बोले? नहीं योना जहर मुझे

नीलू के अगर कोई माने है तो सिर्फ ये कि

जहर मुझे नीलू ने दिया है और फिर मेरे

काबिल दोस्त का यह कहना है कि अगर मुलजिमा

कातिल है तो मौका वारदात से भागे क्यों

नहीं यार इस बारे में मैं बता देना चाहता

हूं कि मुलजिमा कोई मामूली किस्म की कातिल

नहीं बल्कि बहुत ही पहुंची हुई घाक औरत है

जिसे इस बात का इल्म था कि अगर वहां से

भागेगी तो पकड़ी तो जाएगी अगर वहीं खड़े

रहकर अपने आप को कानून के हवाले कर देगी

तो बाद में अदालत इसके साथ हमदर्दी से पेश

आएगी। योर ओनर ये औरत जिसका भोलेभाले

इंसानों की जिंदगी से खेलना पेशा है। बसे

बसाए घरों को तबाह बर्बाद करना जिसका मजहब

है। इंसानियत और जमीर को बेचकर सिर्फ दौलत

कमाना जिसकी जिंदगी का उसूल है। ये औरत

जिसने कभी पति का प्रेम बच्चों का प्यार

मां की ममता नहीं जानी। ये औरत जो सीता

सावित्री के देश में धरती पर एक कलंक है।

ये खूनी औरत जिसे औरत कहना औरत जात की

बेइज्जती करना है। ये औरत के नाम पर धब्बा

है। ये औरत नहीं नागिन है। नागिन नहीं

वैश्य

मुझे वैश्या ना कहो। मुझे वेश्या ना कहो।

मुझे पति दे दो। मुझे जान से मार डालो। पर

मुझे वेश्या ना कहो।

अपनी हत्यारों पर मुझे वेश्या ना कहो

पप्पू मुझे वेश्या ना कहो

[रोने की आवाज़]

[हंसी]

मुझे बचपन के नाम से पुकारने वाली ये औरत

कौन है मुझे पप्पू कह कर बुलाने वाली ये

औरत कौन है

योर ऑनर सदमे की वजह से मुलजिमा अपना

दिमागी तवाजुन खो बैठी है उसके इकबाल वाले

जुर्म पर गौर ना किया जाए। हम अदालत कल तक

के लिए मुल्तवी की जाती है।

नीलमबाई किसी से नहीं मिल सकती।

जिले साहब

प्लीज डोंट इंसिस्ट उनको नींद की दवा दी

गई है और डॉक्टर की इंस्ट्रश है कि उनको

बिल्कुल डिस्टर्ब ना किया जाए।

नीलमबाई कौन है?

नीलम बाई मेरी बहन है।

आपकी बहन है। अदालत में उसने मुझे मेरे

बचपन के नाम से पुकारा है। बताइए वो कौन

है?

मैं जो कुछ बता चुका हूं उससे ज्यादा कुछ

नहीं बता सकता।

आपको बताना होगा।

बताइए वो कौन है? कौन है? कौन है? कौन है?

[नाक से की जाने वाली आवाज़]

बताइए नहीं तो मैं आपको जान से मार दूंगा।

बताइए

मैं आपके हाथ जोड़ता हूं। मैं मैं आपके

आपके पांव पड़ता हूं। प्लीज मुझे बता

दीजिए औरत कौन है? मुझ पर एहसान कीजिए।

प्लीज मुझे बता दीजिए औरत कौन है? मुझ पर

रहम करो। मैं जी नहीं सकूंगा। मुझ पर रहम

करो। बता मुझे औरत कौन है?

वो तुम्हारी मां है बेटे।

मां

लेकिन मेरी मां तो भगवान के घर चली गई।

यही कहा गया था ना तुमसे।

लेकिन वो जिंदा है।

तुम्हारे पिता के स्वर्गवास होने के बाद

वक्त और हालात ने लाकर उसे यहां पटक दिया।

लेकिन

लेकिन बेटे उसने यहां भी गंगा की तरह

पवित्र रहकर उसकी शक्ति बटोर कर तुम्हें

तुम्हें वकालत पास करवाई तुम्हारी बहन को

कॉलेज भेजा।

मेरी बहन

हां

कल तक तुम उससे भी मिल लोगे।

बेटे

सेठ मोतीलाल तुम्हारी बहन की जिंदगी तबाह

कर देना चाहता था। उसी की जिंदगी बचाने के

लिए उसने उस दरिंदे को हमेशा के लिए खत्म

कर दिया।

बेटे

अपनी मां से मिलना चाहोगे?

उसने कहा नहीं मुझे मेरी मां के पास ले

चलो। उसने कहा नहीं वो मुझसे मिलना चाहता

है।

नहीं बहन

उसने कुछ नहीं कहा। अलबत्ता मैंने उससे

पूछा तुम अपनी मां से मिलोगे?

तो उसने क्या कहा? बोलो। बोलो उसने क्या

कहा?

कुछ नहीं। सुनी अनसुनी सी करके चला गया।

नहीं [हंसी] नहीं नहीं।

बहन मैंने गीता को तार कर दिया है। वो आज

पहुंच जाएगी।

उसे भी पता चल गया होगा कि उसकी मां तो आई

है।

हां बहन खबर तो सब अखबार में छपी है।

वो आएगी ना?

हां जरूर आएगी।

मुझे मां कहने से इंकार तो नहीं करेगी।

क्या कह रही हो?

नीलम भाई बोर जाने का टाइम हो गया।

चलो चलो।

रचित ठाकुर अजय सिंह।

क्या

पिछले चंद घंटों के दौरान इस मुकदमे के

सिलसिले में मुझे कुछ ऐसी मालूमात हासिल

हुई है जिनकी बिना पर मैं मुलजिमा के लिए

अदालत से रहम की दरख्वास्त करना चाहता

हूं। मिस्टर अजय सिंह अदालत वकील इस्तगासा

को मुलजिमा के बचाव में पैरवी करने की

इजाजत नहीं दे सकती। यह होना अदालत और

कानून का बुनियादी उसूल है। भले ही 10

कसूरवार रिहा हो जाए मगर एक भी बेकसूर को

सजा नहीं मिलनी चाहिए। क्यों ना?

अगर मुझे इस मुकदमे पर नई रोशनी डालने की

इजाजत नहीं दी जाएगी

तो मुलजिमा के साथ बेइंसाफी होगी। कानून

के नाम पर धब्बा लगेगा। प्रोसीड थैंक यू

ऑनर।

ना कानून हर इंसान को उसके जानो माल की

हिफाजत करने का हक देता है।

अगर कोई मुझे कत्ल करने के इरादे से मेरी

तरफ आए तो कानून मुझे इस बात की इजाजत

देता है कि मैं अपने बचाव के लिए उसे मार

डालूं। मगर यह होना दुनिया में कुछ ऐसे

लोग भी होते हैं जिन्हें अपनी जिंदगी से

ज्यादा अजीज किसी दूसरे की जिंदगी होती

है। जैसे कि इन्हें

इस मुलजिमा को

जिसे अपनी जिंदगी से ज्यादा अजीज उसकी

बेटी की जिंदगी थी।

जिसकी असमत को लूटकर सेठ मोतीलाल उसे मौत

से भी बदतर हालत में पहुंचा देना चाहता

था।

और उसी की वजह से इस औरत ने उस दरिंदे को

खत्म कर डाला। यह

मेरी अदालत से एक अर्ज है। अगर कानून

एक इंसान को अपनी जान की हिफाजत के लिए

हमलावर को मारने की इजाजत दे सकता है। तो

कानून उसकी हिफाजत के लिए हमलावर को मारने

की इजाजत क्यों नहीं दे सकता? जो उसे अपनी

जान से भी ज्यादा अजीज है।

थैंक यू जोराना।

थैंक यू।

[संगीत]

ओम [संगीत]

[संगीत]

दोनों वकील साहिबान की पैरवी सुनकर अदालत

मुलजिमा नीलम बाई को मुजरिम करार देती है।

मकसद कितना भी बुलंद क्यों ना हो

जब तक उसे हासिल करने के तरीके कानूनी तौर

पर जायज नहीं होते। अदालत किसी को भी माफ

नहीं कर सकती। इसलिए यह अदालत

मुजरिमा को उम्र कैद बा मुशकत की सजा देती

है।

[संगीत]

अरे [संगीत] चलो चलो हटो।

अरे पीछे हटो बोला ना क्या है?

[संगीत]

अरे बोला ना पीछे हटो।

अरे पीछे हटो पीछे पीछे हटो बोला ना। पीछे

हटो

गीता नहीं आई

पप्पू भी चला गया ना

चलिए आगे बढ़िए

[संगीत]

मां

गीता मेरी बेटी

[हंसी]

मां

मेरी मां

पप्पू [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]

पप्पू

ये सब क्या हो गया

तू आ गया मेरा बेटा झुक झुक

मैं हाई कोर्ट तक इस केस को ले जाऊंगा

तू बहुत बड़ा वकील बन गया है ये तेरा भाई

है

बहन

चिंता है तो सिर्फ इसकी क्या समाज इसे

अपनाएगा

तवा की बेटी से कोई शादी करेगा

मां जी अगर आप गीता का हाथ मेरे हाथ में

दे दे तो मैं अपने आप को दुनिया का सबसे

खुशकिस्मत आदमी समझूंगा।

आप पर किसी भी नारी को गर्व हो सकता है।

बहन

क्या हुआ मां?

भैया

[रोने की आवाज़]

क्या हुआ मां?

कुछ नहीं।

[नाक से की जाने वाली आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]

तुम लोगों से फुर्सत मिल गई ना?

नहीं [हंसी]

अब मैं उनके पास जा रही हूं।

नहीं।

सीता भी जहां सुख पा ना सकी तू उस धरती की

नारी है। सीता भी जहां सुख पा ना सकी तू

उस धरती [संगीत] की नारी है। जो जुल्म

तेरी [संगीत] तकदीर

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