Afrikaans
Akan
Albanian
Amharic
Armenian
Azerbaijani
Basque
Belarusian
Bemba
Bengali
Bihari
Bosnian
Breton
Bulgarian
Cambodian
Catalan
Cebuano
Cherokee
Chichewa
Chinese (Simplified)
Chinese (Traditional)
Corsican
Croatian
Czech
Danish
Dutch
Esperanto
Estonian
Ewe
Faroese
Filipino
Finnish
French
Frisian
Ga
Galician
Georgian
German
Greek
Guarani
Gujarati
Haitian Creole
Hausa
Hawaiian
Hebrew
Hindi
Hmong
Hungarian
Icelandic
Igbo
Indonesian
Interlingua
Irish
Italian
Japanese
Javanese
Kannada
Kazakh
Kinyarwanda
Kirundi
Kongo
Korean
Krio (Sierra Leone)
Kurdish
Kurdish (Soranî)
Kyrgyz
Laothian
Latin
Latvian
Lingala
Lithuanian
Lozi
Luganda
Luo
Luxembourgish
Macedonian
Malagasy
Malay
Malayalam
Maltese
Maori
Marathi
Mauritian Creole
Moldavian
Mongolian
Myanmar (Burmese)
Montenegrin
Nepali
Nigerian Pidgin
Northern Sotho
Norwegian
Norwegian (Nynorsk)
Occitan
Oriya
Oromo
Pashto
Persian
Polish
Portuguese (Portugal)
Punjabi
Quechua
Romanian
Romansh
Runyakitara
Russian
Samoan
Scots Gaelic
Serbian
Serbo-Croatian
Sesotho
Setswana
Seychellois Creole
Shona
Sindhi
Sinhalese
Slovak
Slovenian
Somali
Spanish (Latin American)
Sundanese
Swahili
Swedish
Tajik
Tamil
Tatar
Telugu
Thai
Tigrinya
Tonga
Tshiluba
Tumbuka
Turkish
Turkmen
Twi
Uighur
Ukrainian
Urdu
Uzbek
Vietnamese
Welsh
Wolof
Xhosa
Yiddish
Yoruba
Zulu
यह है काली पहारी, गुनाहों का एक वीरान खंड़हर.
जहां इनसान के भेज में एक शैतान नेवला, मात के अंधिरों में नापाक सासे ले रहा है.
सूरश ढलते ही, यह शैतान, अपनी शैतानी प्यास बुज़ाने के लिए...
बंद डर्वाजे की काली गुफाओं से रात की अधेरे को चीरता हुआ...
निकल परता है फिर किसी शिकार की तलाश में.
लाओ.
एक बरस हो गये चारुधाम की यात्रा की हुए माराज.
अभी तक गोध सुनी है.
लगता है, जिन्दिगी भर सुलकती रहूँगी कीली लकडी की तरह.
और लाद के लिए.
निराश नहों बेड़ी.
भगवान अपने भगतों के साथ वचेतर खेल खेलता है.
उसकी लीला न्यारी है.
प्रभुने हमें धन, दोलत, मान, इज़त सब कुछ दिया है.
लेकिन संतान के लिए तरसा रहा है.
भगवान की लीला अपरम पार है ठाकुर सहाँ.
उसके घर देर है, अन्धेर नहीं.
उस पर विश्वास रखिये.
बहुत जल्द आपकी सूनी हवेली, खुशियों से भर जाएगी.
तुम्हें यहां नहीं आना चाहिए था.
ठाकुर सहाँ ने देख लिया, तो उन्हें शक हो जाएगा.
नेवला से कहना, कि मैंने जो फादा किया है, उसे पूरा करूँगी.
महुवा!
ठाकुर सहाँ!
वो काली पहारी वाला आदमी है, क्या कर रहा था?
जी, वो रामपूर का पता पूछ रहा था.
बगवास बंद कर, तो अच्छी तरह जानती है.
ये काली पहारी वाले लोग, उस शैतान नेवला को पूछते हैं.
वो जहरी या नाग, अपनी काली विद्या की शक्ती से...
मासूम गाँवालों को गुम्रा कर रहा है.
उनकी बहु बेटियों की इजद के साथ खेल रहा है वो कमीना.
एक दिन मैं उसके पाप की नगरी का नाम और निशान में टांग हो रहा हूँ.
और महवा याद रख, आज के बाद मैंने तुझे उसके गिरो की किसी आदमी के साथ देखा...
तो तुझे धक्के मार मार के निकाल दूँगा.
प्रताप, अरे प्रताप, प्रताप...
आओ माऊसी आओ.
बहु कहाँ है?
पूजा कर रही है.
ले, ये देख, कैसी है?
पसंद आई?
अच्छी है.
जैपाल की लड़की है, बात पक्की करूँ?
किसके लिए माऊसी?
तुम्हारे लिए और किसके लिए?
पाँच बरस तुम्हारी शादी को हो गए है.
अब तक आउलाद नहीं हुई, तो अब क्या होगी?
लेकिन पुझारी ने कहा था कि... अरे बुली मारो पुझारी को?
रिक की धेल में कभी फूल पैदा हुए है?
अरे दूसरी शादी नहीं करेगा, तो बंश कैसे चलेगा?
तुम्हारी पत्नी तो बांज ही रहेगी.
मैं कहा कहा नहीं भटकी.
पीड़ो पेगंबरों के दरगाओं में जाकर चादरे चड़ाए.
नंगे पाउं मंदर्यों में जाकर मन्नती मागी.
लेकिन मेरे नसीब में आलाद नहीं है, आलाद नहीं है.
तुम्हारी तक्दीर में आलाद है.
नहीं ममा, नहीं.
मैं वाक्य रेट का धेर हूँ.
जिसमें कभी फूल नहीं खिल सकता.
फूल पत्थर में भी खिल सकता है, अगर मेरा कहा मानो तो.
क्या करना होगा मुझे?
तुम्हें मेरे साथ चलना होगा, काली पहारी.
काली पहारी, कहीं तुम पागल तो नहीं होगी?
पागल तो तुम हो जाओगी, जब इस घर में तुम्हारी सोतन आएगी.
नहीं, ऐसा नहीं हो सकता, वो ऐसा नहीं करेंगे.
वो ऐसा ही करेंगे, ठाकुर को अपना वंस चलाने के लिए अलाद चाहिए.
और आलाद पाने के लिए वो किसी भी कीमत पर तुम्हारी सोतन ले कर ही आएगे.
नहीं, नहीं बंबा.
मेरा कहा मान लो माल्किन, ठाकुर साहब को कुछ पता नहीं चलेगा.
हम रात के अंधरे में जाएगे, और सुभाग की किरन से पहले लौट आएगे.
यह राज हम दोनों के बीच ही रहेगा, माल्किन.
यकीन मानो.
नेवला इनसान नहीं, साक्षाद चमतकार है.
लेकिन तुम्हें एक वचन देना होगा.
अगर लड़का हुआ, तो तुम उसे नेवला का नजराना समझ कर रख सकती हो.
नेवला का पहारी पहारी की हमानत होगी.
तुम्हें उसे नेवला के हवाले करना होगा.
पोलो...मनजूर है?
करम जली, मेरी किसमत फूटी थी, जो तेरी सहरेली बातुन में आ गई.
और ये पाप कर बैठी। ओलाद का मुझ देखोगी, तो पाप पुन्य बन जाएगा। क्या हुआ, मौसी?
बढ़ाई हो, प्रता को!
अरे तेरी पत्ती को बच्चा हुआ है.
बढ़ाई हो, ठाको साहब, बढ़ाई हो.
हे, मौसी, तेरा लाख-लाख शुकर है.
बढ़ाई हो, ठाको साहब.
बोलो, मौसी, लड़का हुआ है ये लड़की?
लड़की!
लड़की?
लड़की तो घर की लक्षमी होती है.
फिर देख तो सही, इसकी सूरत बिल्कुल तुष्पे गई है.
वही नाक, वही नक्षा.
लाजो, आज मैं बहुत खुश हूँ.
पुरे गाओं को दावत दूँगा.
रघू, बल्राम, सावन्त, दावत का इंतिजाम करो.
तुम जाओ.
दाई, तुम भी जाओ.
बच्ची को मैं देख लूँगे.
बड़ी प्यारी बच्ची है.
ढाकू साहब देव से घर लौटेंगे.
तो?
नेवला की अमानत उसे पहुँचा देखे?
पागल हो गई हो क्या?
मैं अपने बच्ची को अपने से अनर्थ नहीं होने दोगी.
अनर्थ हो जाएगा.
तुमने नेवला को वचन दिया था, कि अगर लड़की हुई तो तुम उसे... नहीं माँ, नहीं.
परसों बाद हमारी वीडान दिलों ने खुशयों के सपने देखे हैं.
अमारी होटों ने मुस्कुराना सीका है.
नेवला से कहो, वो हमारी खुशयाना चीने.
अगर तुम अपने वादे से मुकर गई, तो नेवला अपनी शैतानी ताकत से...
तुमारे सड़े खानदान को चला कर राक कर देगा.
मुझे बच्ची हर कीमत पर चाहिए। जाओ, उस बज़ाग को जहर दे दो। माल्केन, दूसरा.
..
महा, तुम्हारी दूसरा... खाकुर साब आ गए?
अभी तक नहीं आ गए।
हाँ माल्केन, मैंने तुम्हें जहर दिया है।
लॉगिन, आके तुनने मुझे तसी लिया न?
मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था। ये बच्ची काली पहाड़ी की अमानत है...
और ये काली पहाड़ी ही जाएगी। रुख जा कमिनी, भवान से तर... रगू,
भवान के लिए रुख जाओ...
मुझे माफ कर देना प्रभू...
मैं तेरी रासे भटक गई थी...
लेकिन, इसकी सजा मेरी बेटी को मत देना...
मत देना... ठकु रायन... ठकु रायन...
लाजो... लाजो... या हुआ लाजो... बोल लाजो... भवान मुझे जहर दे दिया... क्या?
वो हमारी बेटी को काली पहारी लेवला के पास ले गई... लाजो...
लाजो...
लेवला...
बच्ची को हाथ लगाया... लाशों का धेर लगा दूगा...
पहले से लॉट जाओ ठाकुर... ये बच्ची काली पहारी की अमानत है...
मैं जानता था नेवला.
..
तू इंसान नहीं... शैतान है...
ठाकुर पताप सिंग... एक दिन तेरी बच्ची नी पहारियों में लॉटाएगी...
प्रेतम आन मिलो... दुखिया दिया जैला... लगता है काम है मैंसाब, जाग गई...
अच्छार का पच्चे... अच्छार का पच्चे...
जाग गई... जाग गई...
वापस आ गए...
हाली हो!
अगलिये!
अगलिये!
ना... ना... ना... ना... ना... खामोश!
अपने बो हीरट सोचे, अद्मास्ते!
मतिस्को नमा कसर देना वागरी मा!
अधिशुदना बाता!
मुझे बचालिजे!
मुझे बचालिजे!
पापा!
इन्की दूसरा...
और फिर मेरे कमा... क्यो गोपी?
क्या करो ठाकोर साहाब?
जब से फिलम जनक जनक पयल बाज़े देखी है...
तब से मेरे रोम रोम में पयल बज़ रही है.
और गोपी किशन, मेरी नस नस में समा गया है.
जब भी कोई सुरीली तान सुनता हूँ... तो मेरे चाल बदल जाती है.
आज के बाद तो अगर मेरे बेड्रूम में आया ना...
तो मैं देरा सर पोड़े। अरे जाने भी तो बेटी.
गोपी, जाके नासा लगा.
लगाता हूँ.
पाजी कहीगा.
पापा, आप चलिये.
मैं चेंज करके आती हूँ.
हलो.
मेरी तबयद बहुत खराब है, कुमार.
क्या हुआ?
इतनी सर्दी में भी पसीना आ रहा है.
जी मचल रहा है.
दिल तडप रहा है.
ओ, फारण जाके शावर की नीचे बैठ जा.
मैं भी ना आ रहा हूँ.
हमारा शावर खराब है.
वही आ जाओ.
दाद, तू नहीं सुद्रेगी.
मा, नाश्ता लगा तो सैक्री के लिए देर हो रही है.
नाश्ता तो लग गया है.
तू ही फोन नहीं छोड़ रहा था.
मैं नहीं मा, वो कामियान अफशना बक रही थी.
क्या कह रही थी?
कहेगी क्या, वो तो पागल है.
लो बिटे, नाश्ता कर लो.
लो.
देखा, तेरा दोस्त आनन भी आ गया.
नाश्ता तो करते जाओ.
मा, आनन के साथ कर लूँगा, बाई.
गुड़ मौनिंग, गुड़ मौनिंग, साले साब.
एक दूंगा गुमा के, अभी मेरी बैंट से तेरी शादी नहीं हुई.
नहीं हुई तो हो जाएगी, टोस खा.
चलो, लेस गो.
बॉम्बे से सपना का फोन आया था.
उसकी हॉस्तल में छुटिया हो गई है.
वो आ रही है.
कहाँ?
आज रात को.
मुझे लिफ्ट चाहिए, अगर आपको एतराज नहों थो.
कहाँ जाना है?
जी यहीं.
काली पहाड़ी.
आईए.
क्या बात है?
आप कुछ परिशान नज़र आ रही हैं?
जी नहीं.
मुझे लिफ्ट चाहिए.
कुछ लोग... मेरा इंतजार कर रहे हैं.
इतनी रात गए... जंगल में आप अकेली... डर नहीं लगता आपको?
मुझे...
आबादी से डर लगता है.
जी... गाड़ी रोकें...
काली पहाड़ी आ गए...
हे अंधेरों के शेहन्स्या...
काली शक्ती के बेताद बर्शा...
हमें शक्ती दे... हमें शक्ती दे... आज तेरी इस दासी महुआने...
तेरी पोशीदा ताकत के सहरे... काली पहाड़ी की इस उचुड़ी हुई वीरान बस्ती को...
आज फिर से आबाग कर दिया है...
यह
बेपना शक्ती के मालिक...
हम घुलामों को हमेशा...
अपनी घहवी ताकत अताख करते रहना। सबना, क्या हुआ?
आखिर, हुआ क्या कुछ बता तो सही?
कुमार, कुमार, क्या हुआ सबना को?
लगता है किसी चीज़ से डर गई है.
अरे, ये तो पसिना, पसिना हो गई है.
गोपी, तु जल्दी से ब्रेंडी लिया.
चल, चल.
कुमार, तु जल्दी से इसके भाई को फोन कर दे.
क्या हुआ, बेटी?
सपना, क्या हुआ?
आनन, तंकिया.
पगली, तुने जो कुछ भी देखा ना, वो तरह वहम था.
वहम नहीं, हकीकत है, भाईया.
मैंने उस लड़की को अपनी कार में लिफ़ दी.
उससे बातें की, काली पहाडी पर छोड़ा.
तुमारा मतलब है, कि वो लड़की वहाँ हस्ते हस्ते मर नहीं गई थी?
ऐसा भी कभी हुआ है?
अब मैं कैसे आप लोगों को समझाँ?
ठैरो, ठैरो, ठैरो.
अगर ये सब हुआ है, तो वो शैतान के पुजारी अभी वही होंगे.
चलो वो नहीं होंगे, उस लड़की की लाश तो पड़ी होगी.
चलो लड़की की लाश भी ना मिली.
कम से कम खुन की निशान तो होंगे.
होंगे, क्यों नहीं होंगे?
तो ठीक है, कल सबा चल कर देख लेंगे.
इस पात का भी फैसला हो जाएगा.
तुम काली पहाड़ी जाओगे?
मैं नहीं, तुम भी साथ चलोगी.
वरना यह तुम्हारा वहहम कैसे दूर होगा?
यही वो जगह है, कुमार.
जहाँ कल रात मैंने उस लड़की को उतारा था.
यहाँ तो लगता है, बर्सोर से किसी परिंदे ने पार भी नहीं मारा.
कुमार नहीं, कुमार.
कमाल है.
यही वो जगह है, कुमार.
जहाँ कल रात वो शैतान के पुजारी मंतर पढ़ रहे थे.
और यहाँ वो लड़की लेटी थी.
और यहाँ वो आदमी ख़ड़ा था, जिसने उस लड़की पर खंजर से वार किया.
लेकिन यहाँ तो खुण की निशान तक नहीं है.
अजीब बात है.
फिर सपना देखने लगी?
चलो.
तुम सपने बहुत देखते हो.
इसलिए माबाप ने तुम्हारा नाम सपना रखा है.
अब दूर हुआ तुम्हारा वहम?
चलो.
पगली.
कुमार, वो देखो.
ये वही किताब है, जो कल राद भागते हुए मेरे हाथ से गिर गए थी.
जो कुछ भी मैंने देखा, अगर वो मेरा वहम था...
तो फिर ये किताब कैसी?
सुनो, सुनो, सुनो.
और क्या लिखा?
प्रेत, आत्मा.
मरने के बाद, इनसान का जिसम खातम हो जाता है...
लेकिन आत्मा जिंदह रहती है.
पकवास है.
नहीं कुमर, कल राद जो मैंने देखा, वो सच था.
वो लोग प्रेतों की पूजा कर रहे थे.
ओहो!
इस तरह सोचोगी तो खुद भी पागल हो जाओगी और हमें भी पागल बना दोगी.
लेकिन भाभी, जो मैंने कल देखा, वो एक वहम था.
सपना था.
भूल जा उसे.
चले?
ये तो पगली है.
हैलो, कामिया.
है?
अच्छा वो आप लोग सब यहां मिल गए.
मैं आपके घर आने वाली थी.
आज मेरा जनम दिन है और पापा ने आप सब को इंवाइट किया है.
जनम दिन मुबारक हो.
मैं तो इं्टुडीूस कराना ही भूल गया.
कामिया, यह सपना है.
मेरी छोटी बहन, बॉंबे हॉस्कल में पढ़ती है.
हाँ जी आईए.
और सपना, यह कामिया है.
मेरे बच्पन की दोस्त.
हलो.
आज रात आप भी ज़रूर आईएगा.
वरना मेहफिल की रौनक अधूरी रह जाएगी.
जब से कुमार ने फैक्टरी का जिम्मा संभाला है.
मैं तो एक तरह से रिटायर हो गया हूँ.
भाईसाब, कुमार को तो इस काबिल आप ही ने बनाया है.
नहीं भाभी जी.
यह तो इसकी खुद की महनत का नतीजा है.
वो क्या है के... Excuse me.
कुमार, एक मिला.
हाई.
हमसे तो खुशनसीब यह जाम है.
जो तुम्हारे होटों से तो लग गया.
सपना.
Hello.
Oh, here he is.
Hello, कुमार.
How are you?
Hi.
Hello.
Hi.
आने में महुत देर कर दिया.
भाईसाब, सपना का कुसूर है.
चार बार कबड़े बदल चुकी है.
कुमार को ये पसंद नहीं, कुमार को वो पसंद नहीं.
पानु, चलो ठाकर सब से भी.
हाँ, चलो.
See you.
कैसी लगती हूँ?
कयामत लगती हूँ.
ऐसा लगता है कोई परी अभी-अभी आस्मान से उतर आई है.
क्यों, कुमार?
ए!
नदिया से दरिया...
दरिया से सागर...
सागर से गहरा जा... इलियट!
ये क्या हुआ?
कैसे हुआ?
अब हुआ...
क्यों!
कुमार, सरा इधर आना?
काम्या!
देखो काम्या, हम दोनों बच्वान के बहुत अच्छे दोस्त हैं.
लेकं, मै ने तोमे कभी उसनजर से नई देखा.
लेकिन मै ने तो कुमें हमेशा एक ही नजर सी देखा हाई.
भ्यार की नजर सी.
हमें इस तरह आ चले अचेले उपर नहीं आना चहिए था.
नीचे मेहमाणं इतिसार कर रहा होगे.
मैं जानते हूँ, तुम्हीं किस मेवान की फिक्र हैं।
भावी, मैं घर जा रहे हूँ.
मेरी तबय़ ठीक नहीं है। कुमार कहा है?
मुझे नहीं मालों।
मेरी किताब तुम्हारी गाड़ी में रह गई थी। हाँ, हाँ, हाँ.
वो मैं आपको लोटाने गए थी, मगर...
कहाँ है वो किताब?
वो, घर पे...
मुझे वो किताब चाहिए।
आप यही रुकें, मैं... मैं किताब लिकर आते हूँ.
तुम्हें सरा पार्टी से क्यों चली आई?
कुमार, वो फिर आई है.
कौन आई है?
वही, काली भाड़ वाली लड़की.
वो सिंधा है.
कहाँ है वो?
वहाँ, पाहर, गाड़ी के पास.
आओ मेरे साथ.
यहाँ तो कोई भी नहीं है.
मैं सच कह रही हूँ, कुमार.
वो मेरे साथ कार में आई थी.
तुम मेरी बात का यकीन क्यों नहीं कर रहे हो?
यह किताब ही मनूस है.
कुमार.
हाँ सपना, यह सच है.
मुझे पाने के लिए वो जिद्दी लड़की कुछ भी कर सकती है.
लेकिन जब तुम जानते थे कि कामिया तुम से प्यार करती है...
तो फिर तुमने मुझे धोके में क्यों रखा?
कामिया का प्यार प्यार नहीं, भटकी हुई जवानी का एक नशा है.
और फिर मैंने कभी उससे महबद नहीं की.
लेकिन कुमार, मैंने उसके आँखों में एक अजीब सी तरब देखी है.
वो... वो तुम्हारे बिना नहीं रह सकती.
तुम मेरे बिना रह सकती हो?
सपना, मैंने प्यार किया है तो सिर्फ तुम से.
कामिया तो क्या, दुनिया का कोई भी तुफान, कितना भी तेज क्यों ना हो, हम दोनों को अलग नहीं कर सकता.
ओ, कुमार...
क्या फैसला सुनाना चाहती है?
कामिया, मैं सपना से महबद करता हूँ.
सपना में ऐसा क्या है जो मुझे में नहीं?
कुमार, मैं तुम्हार विना रह नहीं सकती.
तुम सिर्फ मेरे हो.
मैं तुम्हें किसी कीमत में नहीं खो सकती.
मुझे हमेशा केले अपनी बाहों में समेट लो.
समेट लो.
मुझे इतना करीब लो कुमार, कि हम दोनों एक हो जाएं.
कुमार, I love you.
कामिया!
कामिया!
कामिया!
ठाकुर साब की घर पैदा होकर, तुमने उनकी मुफ़ पर कॉलक पुद.
तुमने अब तक कामिया की महबबद देखी है.
अब उसकी नफ़रत भी देखोगे.
पहाड़ी की अमानत, नेवला का वर्धान.
अब मैं तेरी नसों में वो काला जहर भर दूँगी.
कि एक दिन तो खुद अपने आपको नेवला के हवाली कर देगी.
मुझे यहाँ क्यों लाये हो?
यह तो एक मामूली सा चमतकार है.
यहाँ इससे भी बड़े बड़े चमतकार होते हैं.
वो देखो.
देरों में चिपी बेपना ताकत के मालिक है.
जो जमाने से नाऊमीद हो जाते हैं...
उनकी हर खाइश यहाँ पूरी होती है.
अगर दुनिया ने तुझे प्यार के बदले ठोकरें दी है...
तो हमारी काली पहाली की काली शक्ती के सहारे...
तू अपना खोया हुआ प्यार हासिल कर सकती है...
लेकिन इसके लिए तुझे हमारे गिरो में शामिल होना होगा...
मैं तुम्हारे गिरो में शामिल होने के लिए तयार हूँ...
कुमार को पानी के लिए मैं कुछ भी कर सकती हूँ...
आप अभी तक सोय नहीं...
आज बहुत देर हो गई, बेटी.
कहाँ से आ रही हो?
पापा, गाड़ी का ब्रेक फेल हो गया था.
एकसिदन्ट होने वाला था, काली पहाड़ी पर.
काली पहाड़ी?
तुम्हें कोई चोड तू नहीं आई?
नहीं, पापा.
मैं अच्छा हूँ.
गुड़ नाइट.
गुड़ नाइट.
क्या हुआ बेटे?
अरे, तू तो पसिना पसिना हो रहा है.
माँ, मुझे ऐसा लगा जैसे कोई मुझे पुकार रहा है.
पगले, अरे तुने कोई सपना देखा होगा.
हैपी पर्मेशर का वो था?
अबे ओ, पर्मेशर के बच्चे!
अभी मैंने तेरी शादी का फैसला नहीं किया.
और, तु पती बन बैठा.
तेरे फैसले से क्या होता है?
जब मिया भीभी राजी, तो क्या करेगा पाजी?
लीजिये जवाई जी, और सुनाई। एक तो मौसम थन्दा, उपर से थन्दा पिला कर...
आप मुझे और थन्दा करना चाहती हैं?
आज तम कुछ गरम पियेंगे.
लो, ये भी खतम हो गई.
भाभी, कुछ ज्यादा ही पी गए है.
अब बस भी करिये, कितनी पियेंगे.
क्या बात करती हो, भाभी.
मैंने अब तक छुई भी नहीं.
अच्छा, तो और लेयाओ थोड़ी सी.
नाई, नाई, मैं, मैं खुद लेयाता हूँ.
और ते शिराब को हाथ नहीं लगाती.
ओके, बाई, सी यू, बाई.
उठो मेरी सुस्ताशिक, सब मैमान जा जुके हैं.
अब मैं क्या करूँ इसका?
ये तो गया काम से.
अज रात को इसे यही सुलाते हैं.
नहीं, नहीं, मैं घ़र जाओंगा.
देख, तु घ़र जाने के लाइक नहीं.
रास्ते में कहने के लाइक नहीं.
हाँ, जाओंगा, जाओंगा.
सिदमन करो, कुमार, रात को यही रुप जाओ.
मैंने माची को फोन तो करा रहा है.
सापना, कुमार को उपर वाले कमरे में ले जाओ.
जी.
कुमार.
कुमार.
संभल के.
सीधे जाके सो जाना है.
कुछ नशा कम हुआ, कि एक बार फिर डूबो दूँ। अब तो फूली ही उठर गई। लो, ये कपड़े बदल लो,
और चुप चाप शरीफों की तरस सो जाओ। मुझे बहुत नीन दा रही है। तुम ही पहना दो ना।
बध्माश। सपना...
हाई...
भीगा, भीगा मौसंब्तं पाए... तू भी मेरे पास ना आये... भीगा भीगा मौसंब्तं पाए...
तू भी मेरे पास ना आये...
मैं क्या करूँ हाई...
मैं क्या करूँ हाई...
नारे नारे.
..
मैं क्या करूँ...
उज़को चुमती होगी...
बून्द बून्द पानी की...
हम उज़को चुमती होगी... बून्द बून्द पानी की... अनसे खिल रही होगी...
फुश्वु सात रानी की... तेरे दिल में चाहिंच पिया...
भीगा भीगा मासम तडपाए...
तु मी मेरे पास ना आए...
भीगा भीगा मासम कडपाए, तुभी मेरे पास ना आए। मैं क्या करूँ हाई। मैं क्या करूँ हाई।
दे प्यास हो डोगी, प्यास तु बुच्छा दे। दे प्यास हो डोगी, प्यास तु बुच्छा दे। प्यार
को जरूरत क्या सीखने सिखाने की, बात एक जरासी है मेरे पास आने की।
भीगा भीगा मासम तरपाए। भुभी मेरे पास ना आए। मारे ना
तूए। मैं क्या करूँ हाई।
मैं क्या करूँ हाई। मैं क्या करूँ हाई। हय, मैं क्या करूँ?
सपना, क्या होगा?
भईया, कुमार इतनी राथ गए कार मैं न जाने कहाँ जला गया.
क्या?
कमाल है?
इतनी राथ को कहा जा सकता है?
भाईया,
ये देखो कुमार की कार.
कुमार...
कुमार... तुम इतनी राथ गए कबरिस्थान में क्या कर रहे हो?
कबरिस्थान?
कुमार...
कुमार, चलो घर चले.
तुम्हें दिन के वक्त यहाँ नहीं आना चाहिए था.
ठाकुर साहब देख ले तो तो क्या होता?
मैंने अभी भी उन्हें जाते हुए देखा है.
अच्छा, जली बताओ, क्या काम है?
क्यों आया हो यहाँ?
सुनो, आज रात तुम्हारा काली पहाड़ी पर आना बहुत दरूरी है.
भईया, यह तो काली पहाड़ी वाली उसी गिरो का आदमी है.
जो काला जादू करते हैं.
लेकिन यह आदमी यहाँ क्या करने आये था?
कामिया से इसका क्या वास्ता?
कहीं ऐसा तो नहीं कि कामिया भी इनके साथ मिल गई हो?
अब समझा, उस रात कबरिस्तान में कुमार की तस्वीर कैसे पाँचे?
मैं कुछ नहीं जानता, मुझे कुछ नहीं मालूं.
मैं उस रात कबरिस्तान क्यों गया था?
मैं बताती हूँ...
कामिया तुमें पाने के लिए गलत रह पर चल पड़ी है.
वो हम दोनों का अलग करने के लिए... काली पहारी वाले शैतानों से मिल गए.
ये... ये जूट है.
ये सच है.
वो तुम्हें मुझसे छीड़ने के लिए, तुम्हें काला जाधू कर रही है.
शरम.
कुमार, पागल हो गया है तो, शरम नहीं आती इस तरह हाथ उठाते हुए?
नहीं, मुझे नहीं.
मात रुजी, मात रुजी.
आखिर, आखिर, बात क्या हुई?
मैं पताता हूँ, माजी.
कुमार अपनी जिन्दगी की असलियत से भटक चुका है.
ये अपने होशा, हवास खो बेटा है.
आनन.
आनन ठीक कहता, कुमार.
मैं पुछता उस राथ, आदी राथ, तुम कबरिस्तान में क्या करने गय थे?
कुमार, तुम... तुम अहाँ खुद नहीं गय थे.
तुम्हें वहाँ बुलवाय गय था.
तुम्हें... तुम्हें जादू को तोना किया गय था.
इसका... इसका सुबूत है मेरे पास, कुमार.
ये... ये तस्वीर देखो.
देखो ये तस्वीर.
देखो.
कुमार, ये तस्वीर मुझे उस रात कबरिस्तान में मिले.
है, काली शक्ती क्या माले?
अथारा साल पहले, आज ही की रात को...
जिस ठाकुर ने तेरी आबाद बस्ती को वीरान बना दिया था...
आज उसी ठाकुर की बेटी...
तेरी बरसों की अधुरी प्यास बुज़ाने के लिए...
कुछ चल कर तेरी कद्मों में आई है.
तू बड़ी खुश किसमत है.
तुझे आज महान नेवला के दर्शन होगी.
नेवला?
कौन नेवला?
अन्धेरोग का शह्जादा.
बेपना शक्ति का मालिक.
तू ठाकुर परताप सिंग की बेटी नहीं है.
पलके काली पहारी की अमालत है.
जिसे तेरी माने नेवला को सोंपने से इंकार किया था.
और तेरे बाप ने काली पहारी को शमशान बना दिया था.
आज तू अपने माबाप के पापों का प्रैशित करेगी.
नेवला की दासी बनकर.
अब तू हमेशा के लिए कैद है.
इस बन दर्वाजे में.
सपना?
हाँ, तुम्हारा बिखरा हुआ सपना.
मैं जानती थी तुम मेरी बाहों में लौटाओगी.
कामिया?
यहाँ सिवाई मेरी और कोई भी नहीं है.
लेकिन मैंने अभी-अभी कामिया को वहाँ देखा.
वो तुम्हारा भटकाओगा खयाल था.
मैं पागल हो जाओगा.
जाने थो मुझे.
जाओ, लेकिन जान नहीं सकोगे.
तुम्हें मेरे प्यार का जवाब प्यार से देना होगा.
मेरा तन-बदन तुम्हारी प्यार की आग में चल रहा है.
पहले तुम मुझे सिर्फ शक था.
लेकिन अब मुझे पूरा यकीन हो गया है...
कि तुम्हारा सुक्षैन चीनेवला कोई नहीं.
सिर्फ काम्या है.
कल रात मैंने खुद अपनी आँखुं से... तुम्हारी प्यार की आग में चल रहा है.
उसे काली पहारी के तरफ जाते देखा है.
जहाँ इनसान नहीं शैतान बसते हैं.
लेकिन मुझे अभी यकीन नहीं हो रहा है.
तो आज रात को चल कर खुद अपनी आँखुं से देख लो.
तुम्हें यकीन हो जाएगा.
कुमार को पाने की जिद में...
कामिया गलत रास्ते पे चल पड़ी है, ठाकुर साहब.
उसे पाने के लिए... उसने काली पहाडी के ग्रोह का साहरा लिया है.
कामिया को शैतानों के चुंगल से निकालने के लिए... हम उन गुफाओं में गये भी.
लेकिन आचानाक एक दिवार तूटी... और उस दिवार की पीछे से... एक हाँफनाक शकिल दिखाई दी.
चारों तरफ कौरा पहल गया.
हम अंधेरे में भटक गये.
और जब वो कौरा हटा...
ना वहाँ कामिया थी...
और ना वो शैतान.
कामिया...
कामिया...
दायन...
तु अभी तक जंदा है?
मर जाती... तो आज तेरी तरफ का तमाशा कैसे देखती ठाकुर?
कमीनी...
कौमिया कहा है?
कामिया को भूल जाओ.
वो तुम्हारी खोकली दुनिया से बहुत दूर जा चुके है.
बता...
बता मेरी बच्ची कहा है?
बरुत...
तु, तु उसला अब कभी नहीं देखपाईगा, कभी नहीं!
वो... वो इन गुफाओं के अंधेरोडे गुम है.
गुम हो चुक diabetes तु सिर्भ उसकी सिस्किया, उसकी पुकार सुन सकेगा.
सिर्भ उसकी पुकार सुन सकेगा.
बस...
ठकुर आयन, तुने ईश्वर का द्वार छोड़ कर...
शैतान के चोखट पर कदम रखा.
उसकी सजा आज तेरी बेटी भुखत रही है.
धीरज रखे ठकुर साहब.
सब ठीक हो जाएगा.
क्या ठीक हो जाएगा?
दो दिन से मेरी बेटी लाबता है.
क्या हुआ?
कुछ पता चला कामिया का?
नहीं.
मैंने काली पाड़ी पर हर जगा तलाश किया.
लेकिन उसका कोई पता नहीं चला.
नजाने उस शैतान दरिंदे न उसे कहाँ चुप रखा है.
कामिया, इस वक्त तुम मेरे काबू में हो.
आज रात काली पहाड़ी के तैखाने में, नेवला के लिए एक नई तासी आएगी.
और तुम उस तासी को लाओगी.
भानु, कामिया, आप
लोग डून डून के परिशान हो गए.
ठाकुर साब का तो बुरा हाल है.
मैं बहुत मुसिबर में हुँ भानु, मुझे बचालू.
अरे, क्या हुआ?
तुम्हें मेरे साथ चलना होगा, अभी, इसी वक्त.
लेकिन, कहा?
सब बताती हूँ, तुम चलो तो.
आकर, तुम मुझे लेका चा रही हूँ?
जहाँ सब रास्ते खत्म हो जाते हैं.
क्या मतलब?
वो एक ऐसी बेनाम मन्जिल है, जिसके सनाटे में इनसान सिर्फ अपने ही सांसे और धड़कने महसूस कर सकता है.
बानू!
बानू!
बानू!
मैं तुम्हारा आनन हूँ.
बानू!
आनन!
आनन!
बानू!
आनन!
बानू बेटी, कुछ बता तो सही हुआ क्या?
क्या बता हूँ अंकल?
कल राज काम्या आयी थी.
कह रही थी, मैं मुसीवत में हुँ, वेरी मदद कर.
मैं... मैं उसके साथ गई.
लेकिन वो मुझे धोके से काली पहाड़ी ले जाना जाती थी.
गाऊं में सब से कह दो, अगर काम्या किसी को नज़र आये, तो उसे गोली मार दे.
ठाकोर अंकल.
काम्या अपनी होश में नहीं है.
वो जो कुछ कर रही है, वो शैतान के इशारों पे कर रही है.
सपना.
काम्या, तू?
मैं बहुत मुसीबत में हूँ सपना.
मुझे बचालो.
क्या हुआ?
तुम्हें मेरे साथ चलना होगा.
अभी इसी वक्त.
चलो मेरे साथ.
चलो मेरे हाद.
मैं कहता हुँ चलो मेरे हाद.
चलो.
चलो.
सपना.
सपना, क्या हुआ सपना?
कुमार, वो, वो शैतान, वो धरंता वो मेरे पीछे पड़ा है.
वो मुझे माड़ालेगा, वो मुझे माड़ालेगा। सब्रा!
काने है वो?
काने है वो?
मँझे सेरीयो के पने.
आओ जिना.
नहीं.
आओ जिना.
नहीं, नहीं.
भानु!
वो मुझे पुका रहा है.
मैं काली पहारी जाओंगी.
नहीं!
नहीं!
नहीं!
भाईया!
भाईया, क्या हुआ, भाईया?
भाईया, तो मलते क्यों नहीं?
भाईया, भाभी को क्या हुआ?
भाभी को क्या हुआ, भाईया?
सपना, उस काले नाग ने तेरी भाभी को डस ली.
नहीं!
लेकिन आज के बाद...
आज के बाद यह इस घर के बार कदम नहीं रखेगी.
समझी?
यह लड़की उसकी इजाजत के बिना...
इस बन दर्वाजे से बाहर नहीं चाह सकती.
मागरू, इसके जिम्मिदारी तुम पर है.
तु
एक चिंगारे थे, अब सिर्फ अधेरा है.
तु एक चिंगारे थे, अब सिर्फ अधेरा है.
तु एक चिंगारे थे, समझा न कभी.
आजे से, तु एक चिंगारे थे, अब सिर्फ अधेरा है.
आजे से, तु एक चिंगारे थे, समझा न कभी.
तुझे काम से मंदिल, पानी है आजे से.
तु एक चिंगारे थे, समझा न कभी.
तु एक चिंगारे थे, समझा न कभी.
कुमार, काम्या.
काम्या, उठो काम्या.
महा गुरु, तुम अपने जिम्मेधारी में नाकाम रहे.
काम्या के साथ ही उसे छुड़ा कर ले गए.
अब तुम्हें नेवला जिन्दा नहीं छोड़ेगा.
इसका मतलब है कि, नेवला सुरज के किरनों से डरता है.
ना जाने ये किस तरह का जखम है?
मुझे माँफ कर दो, मेरी आका.
मुझे माँफ कर दो.
खुन दे कर तुम्हें जिन्दिकी दिये है.
और आज तुम अपनी ये गुलाम की जान नहीं नहीं चाहती हो.
भाईया!
भाईया, कजब हो गया भाईया.
भाईविगर्ड से बहच चले गा.
कहा?
पारि पारि की तरह जाए.
कब?
अभी इसी वक्षब.
लेकिन तुमने से रोखा क्यों नहीं, सप्मण?
भाईया, मैंने बहुत कोईसिश की थी.
लेकिन... ठीक है, काड़ी में बैटो, चल गए।
सपना, तुम आ जाओ। भाणू.
..
भाईया, भाभी...
भाणू...
वो काली पहाड़ी नहीं, गुनाव का अंधिरा है। जहाँ तुम हमेशा हमेशा के लिए खो जाएगी, भाणू.
मैं नेवला के पास जाओगी.
भाणू, तुम उस शैतान के पास जाना चाहती है, जिसने तेरी नसु में जार भर दिया?
नहीं, भाणू.
मेरे जीते जी, मैं तुझे उस मौत के मुँ में नहीं दखेलूंगा, भाणू.
हर चाहो, मेरे दाद.
जाओ भी तुम नेवला के लिए.
नहीं कामिया की मान नेवला से मिलती.
नहीं मेरी बच्ची उसके जाल में फसती.
नहीं भाणू और सपना पर कोई मुसीबत आती.
मैं तो कहता हूँ कि वो मेरी जान लेले, लेकिन मेरी बच्ची को छोड़ दे.
होसला रखी है, ठाकुर साहब.
किसी को कुछ नहीं होगा.
हम उसे जिन्दा नहीं छोड़ेंगे.
नहीं बेटा, नहीं.
तुम उसके नज़दीग मज़ जाना.
आज से अठरा साल पहले, मैंने अपने इसी हाथ से नेवला के सीने में खंजर घोपा था.
वो इनसान नहीं, शैतान है.
Bhanu!
B... B...
नु... नु...
नु Bhanu, नु... नु Bhanu, नु.
नु, नु बहुत वीटरविढ्यां मुझे चोड के नहीं जा सकती, Bhanu.
नहीं जा सिकती, Bhanu.
नहीं जा सिकती.
कहाना कहाँ वाव्शारFinally, Boy.
ले जा सप्ना.
भूग नहीं है.
भाभी तो चली गई.
तुम भूगे रहकर क्यों अपनी जान से खेल रहे हो?
क्या चाहते हो तुम लोग?
काम्या को काली पहाड़ी से आजाद करवा के...
तुम लोग ने अपने कैद के दरवाजे खुद खोल लिये हैं.
अब तुम्हें काम्या की कमी पोरी करनी होगी.
नेवला की तासी बन कर.
पूलीस्!
पूलीस्!
बजाओ!
बता, कहा है तुम्हारा वो शैतान दरंदा?
बता!
वो कौन सी काली गुफा है, जिसमें तुम लोगों ने उस दरंदे को छुपा रखा है?
बता!
वरना मार मार के मैं तेरी खाल उदेड़ेंगा.
बता!
बोल!
बताता हूँ.
बताता हूँ.
बताता हूँ.
उस खोफ्या दर्वाजे के पीछे एक और बंदा राजा है.
और उस दर्वाजे के खुलने का वक्त...
पहता!
नहीं!
भाईया, मुझे... मुझे छोड़ कर मत जाना, भाईया.
सब्ना!
सब्ना!
बस कर, बेटी, बस कर.
मैं ही तुम्हारा विनेदार हूँ.
जो केहर तुम्हे तूटा है, उसका जिम्मेदार मैं हूँ.
मुझे माफ कर दे, बेटी.
मुझे माफ कर दे.
जहरीली नाग, तुने मेरी माँ की जिन्दगी में जहर गोल दिया.
मुझे और मेरे खानदान को बरबाद कर दिया.
आज, आज मैं तेरे पापों का अन्ध कर दूँगे.
नहीं, नहीं, छोटे मुझे.
शैतान की पुजारी, मैं तुझे एसी बात दूँगा, कि तुम्हारी रूप भी कापूतेगी.
नहीं, मुझे मत मारो.
अगर मैं मर गया, तो तुम नेवला की मात का रास कभी नहीं जान पाओगे.
रास, कैसा रास?
बताता हूं, लेकिन पहले वादा करो, कि तुम मेरी जान बखस दोगे.
बागो!
नेवला की जिन्दगी, काली पहाली के अंधेरे तैखाने में छुपे, उस शैतानी पुतले में है.
अगर वो पुतला जल गया, तो समझो नेवला भी जल कर हाक हो जाएगा.
मैं सोच कहरा हूँ.
तुम अन बस्तिवालों की मदद लो.
देखो कि नेवला इस लाके से निकल न पाए.
मैं काली पहाली के और बढ़ता हूँ.
उस शैतानी पुतले को जलाने के लिए.
खाक की अमानत खाक के सुपूर्द कर दी गई.
ईश्वर की शक्ती के सामने शैतान का अन्ध हुआ.
मुद्दई लाक बुरा चाहे, तो क्या होता है?
वही होता है, जो मन्दूर खुदा होता है.
Can't find what you're looking for?
Get subtitles in any language from opensubtitles.com, and translate them here.