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प्यार है मांगता कुर्बानिया मेरे जानिया
दादू के मुजाहिर कर लेगा शादी बट अब तो
तेरे बगैर भी कर लूंगा बस मैडम शिफकत मान
जाए एक दफा
सुखी को बुलाओगी शादी पर
नहीं
यार तुम एक काम करो तुम भाग के शादी कर लो
हमें भी सब्र आ जाएगा।
कम ऑन री के दादा से रेस्टोरेंट मिलने गई
कि शर्म नहीं आई तुम्हें झूठ बोल।
शर्म दिलवाने गई थी मैं कि भाई प्लीज दो
प्यार करने वालों को नहीं छुड़वाएंगे।
तुम तो बड़ी छुपी रुस्तम लिखी हो यार।
बेबी साहब तो फैन हो गए हैं तुम्हारे।
सच-सच बताओ क्या जादू किया उन पे। प्यार
का जादू है जो सर चढ़कर बोलता है।
ओके यार
साहब के रिश्ते वाली बात।
रिश्ते की बात भी हो जाएगी। पहले कुछ
पुराने खाते हैं उन्हें तो क्लोज कर लें।
खुदा के लिए निकल आओ माजी से। भूल जाओ उस
इलेक्शन को जो तुम्हारे हलक में फंसा हुआ
है पिछले 40 बरस से।
मेरे हलक में फंसा हुआ है। वो इलेक्शन मैं
कैसे भूल सकती हूं जो तुमने धांधली से
जीता। और अपना लट्ठे का शलवार कुर्ता
कड़कड़ाता हुआ पहन कर यूं कैंपस आए थे
जैसे तुमने अमेरिका ही फतह कर लिया हो।
तो धांधली हुई थी तो तुम साबित कर देती।
तुम भी तो लूट के बैठ गई जैसे दुल्हन मायो
बैठी होती।
अरे मेरा मुंह मत खुलवाओ एडी। तुम्हारी वो
केमिस्ट्री वाली फहमीदा, तुम्हारी वो
इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट वाली अलमास और वो
जो राश मुर्तजा दायमी नजले की मरीज थी।
बताओ सबके बारे में।
अरे मेरे पोतों को सब कुछ पता है। आई एम अ
वेरी फ्रेंडली ग्रैंडफादर। और इनको पता है
इनके दादा बड़े हैंडसम थे और बहुत सारी
लड़कियां हमारे पर मरती थी। और मैं बताऊं
वो जो ऑल पाकिस्तान डिबेट में क्या हुआ
था?
हां, हां, तो क्या, क्या हुआ था? एक जरा
सी स्पीच ही तो भूली थी मैं। वो भी
तुम्हारे छिछोरे दोस्तों की वजह से जो
सामने बैठकर सीटियां बजा रहे थे।
अरे वो सीटी बजा रहे थे मां जमीन के लिए
जो तुम्हारे साथ बैठी हुई थी। ह तो तुम
ऐसे खुशहमी में मु्तला हो गई। एडी साहब
रिश्ते वाली बात करें ना।
बेटे रिश्ते की तो नहीं। तुम्हारे दादा की
उम्र अब फरिश्तों से बात करने की रह गई
है।
दादी
तो मेरी अगर उम्र ज्यादा है तो तुमने भी
तो अपनी उम्र आईडी कार्ड में कम लिखवाई
थी। और जब सब लोगों को पता चला तो तुम चार
दिन कैंपस नहीं आई शर्म के मारे।
अच्छा तुम्हें याद है कि तुमने और
तुम्हारे दोस्तों ने मिलकर प्रोफेसर नकवी
के सारे पेपर चुरा लिए थे और छुपा लिए थे।
फिर क्या हुआ था? पुलिस का छापा पड़ा था
तुम्हारे हॉस्टल में पुलिस का।
तो क्या मिला पुलिस को?
एडी साहब बस कर दे खुदा का वास्ते रिश्ते
की बात करें ना।
मुझे इस बुड्ढे से बातें नहीं करनी।
बुड्ढा ठुडा ऐसी की तैसी।
दादी तो नाराज हो के चली गई।
हम चलें क्या?
रोमी तुम क्या कर रही हो मुझे कुछ समझ में
नहीं आ रहा
प्लीज
खैर
ऐसा बेशर्म और ढीठ इंसान मैंने पूरी
दुनिया में कभी नहीं देखा।
दादी, आपको क्या जरूरत थी पुराने खाते
खोलने की? मैं चाहती थी कि तुम्हें अच्छी
तरह पता चल जाए कि इस दो नंबर खानदान में
तुम्हारी शादी नहीं होनी चाहिए।
कसर आपने भी कोई नहीं छोड़ी वैसे दादी। और
आपका पूरा रिकॉर्ड था उनके पास।
अच्छा क्यों? मैं कोई इश्तारी मुजरिम थी।
मेरे यूनिवर्सिटी में पोस्टर्स लगे हुए
थे। कुछ तो हया करो। दादी के बारे में ऐसा
कह रही हो?
फला फॉर गॉड सेक यार रूमी तुम ही एटलीस्ट
होश के नाखून ले लो। यार तुमने देखा नहीं
था। कैसा पानीपत का मैदान सजा के रखा था
इन दोनों ने।
आई नो यार। वो दोनों भी बेचारे अलग ही
शर्मिंदा हो रहे थे।
जिस काम के लिए आए थे तब तो वो बात हुई
नहीं। अब कर लें क्योंकि इन लोगों ने बाकी
सारे गड़े मुर्दे उखेड़ के रख दिए अभी।
आपने ये जानबूझकर किया ना दादी।
एक्जेक्टली।
मैं क्यों करने लगी जानबूझकर ये सब?
क्योंकि आप नहीं चाहती कि रूमी की शादी
इधर हो इसलिए। रूमी तो जैसे मेरी हर बात
मानती है।
जिद्दी बाप की जिद्दी बेटी है वो।
एडी साहब मान लें। हम वहां पर रिश्ता लेने
नहीं दंगल लड़ने गए थे।
बिल्कुल सही।
ओय मिस्टर सही। और तुम दोनों बात समझने की
कोशिश करो। जेलर ने मुझे जानबूझकर प्रवोक
किया था ताकि बात बिगड़ जाए।
वाह वाह वाह वाह। हमसे बेहतर तो फिर वो
आपको समझती हैं। उन्होंने प्रवोक किया और
आप हो गए हैं। पता नहीं इलेक्शन कैसे जीते
होंगे यूनिवर्सिटी में। धांधली से। आज झूठ
बोलती है वो। उसके इसी एटीट्यूड की वजह से
लोगों ने उसको वोट नहीं दिया था।
ये ले बाबा से बात करें।
नहीं करती। क्या वो डीसी लगा हुआ है मेरे
ऊपर? मैं डरती हूं क्या उससे?
मैं अकम दादू को सॉरी कहने जा रही हूं।
अरे वाह। ये जबरदस्ती का दादू पता नहीं
कहां से आ गया। दादू
ये देखिए तुमने। रूमी बाजी इतना सारा खाना
बच गया। इसका क्या करूं?
ऊपर भिजवा दो।
और ये पेपर्स की चोरी वाला किस्सा ये तो
आज तक ही सुनाया आपने हमें। तो तुम अपनी
उसी सगी मालकन से पूछो जाके क्योंकि उसी
ने थीसिस किया हुआ है मुझ पर। अच्छा चुप
कर जाए आप लोग। रूमी आई हैं।
अरे बेटा छोड़ो तुम इनको। आओ आओ तुम मेरे
पास बैठो।
तुम जानती हो कि लड़ाई का आगाज तुम्हारी
दादी ने किया था।
आई नो दादू एंड आई एम रियली सॉरी। लेकिन
आप परेशान मत हो। बाबा से बात की है
मैंने।
चलो फिर तो मान गई तुम्हारी दादी।
दादी को मनाने के लिए आप लोग को उनको लंच
में बुलाना पड़ेगा अपने घर कल।
हां, आपके घर का लंच बड़ा मजेदार था।
इस्पेशली वो मिनी बर्गर्स।
भिजवा देंगे आपको मिनी बर्गर्स। आप तो
पीछे ही पड़ गए उनके। हम
दादू बस मैं आपको सॉरी कहने के लिए आई थी
और ये भी के आपने नाराज नहीं होना वरना
गुस्सा करना है। अगर आप गुस्सा कर गए तो
सब कुछ खराब हो जाएगा। ओके।
बाय।
ये इतनी दोस्ती आप लोगों के बीच कब हो गई?
क्या गेम खेल रहे हैं आप लोग?
और तेरा दिमाग भी वैसे ही चलता रहता है।
मैं जा रहा हूं सोने।
क्या सोच रही हो?
हां, बस यही के अपने कॉलेज के जमाने में
कितना उधम मचाते होंगे ये लोग।
तो खैर उन्होंने आज भी बहुत मचाया है।
लेकिन तुमने परेशान नहीं होना है। पिक्चर
अभी बाकी है। देखते जाओ।
क्या देखता जाऊं यार। हर कोई अपनी जिद पर
अड़ा हुआ है। तुमने भी 16 मार्च की रट लगाई
हुई है। और ये हमारे बुजुर्ग
शादी तो 16 मार्च को ही होगी।
अच्छा।
हम
मैं बता रहा हूं रूमी। अगर ये लोग ना माने
ना मैंने तुम्हें पका के ले जाना है
हम भाग के क्यों शादी करेंगे? भाग के शादी
नहीं करेंगे हम।
यार और मैं क्या करूं? इतने कम टाइम में
कैसे होगा ये सब?
अब इतनी भी टेंशन नहीं है। देखो शादी का
ड्रेस तो रेडी है। वही जो तुम ले गए थे।
याद है?
हम
पता है मुझे क्या लगता है?
मुझे लगता है कि तुम वो ड्रेस जानबूझ कर
भूली थी मेरी गाड़ी में।
और वो क्यों?
मेरी एक थ्यरी है। मुझे ऐसे लगता है कि
तुम्हें मेरी बातें समझ में आ गई थी और
शायद शायद तुम्हें मैं थोड़ा सा पसंद भी आ
गया था।
इसलिए तुमने शादी से इंकार करने के लिए
यहां पे ड्रेस का बहाना बनाया है।
ऑलराइट।
उस लड़के ने इंकार किया था।
अंधा था
अकल का
चलो पछताएगा सारी जिंदगी
इंशा्लाह
आमीन
अच्छा चलो मुझे ड्रेस तो ला के दो चेक
करना है कि वही रखूं या फिर कोई नया ड्रेस
लेना पड़ेगा शादी के लिए
शादी ना सही शादी के ड्रेस ही इकट्ठे देख
लेते हैं।
कम
वाह बेटा वाह कैसर हैं? क्या कहने
तुम्हारे तुम भी चने की झाड़ पे चढ़ गए।
अम्मी जान प्लीज ना करें मेरी बेटी के साथ
ऐसा।
मतलब बेटी ने कभी वैसे मुंह नहीं लगाया था
तुम्हें जिंदगी भर। हैं? जरा सी घास क्या
डाली? तुम तो सगी मां को ही भूल गए।
खुदा के लिए अम्मी जान समझे इस बात को।
रूबी ने पहली बार अपने बाप से कुछ मांगा
है।
क्यों शर्मिंदा करा रही है उसके सामने?
और वो जो लड़के के दादा ने तुम्हारी मां
को शर्मिंदा किया बच्चों के सामने उसका
कोई एहसास है तुम्हें?
पूछा है मैंने वरीषा से सारा किस्सा। आपने
भी तो मौके पे बराबर किया है ये सब कुछ।
अच्छा वैसे तुम चाहते क्या हो? बता दो।
आप प्लीज बस शादी की डेट फिक्स कर दे रूमी
के मुताबिक।
डेट तो तुम्हारी बेटी पहले ही फिक्स कर
चुकी है भाई। हैं? दादी को तो सिर्फ गेस्ट
अपीयरर्स के लिए बुलाना है उन्होंने।
जो भी हो आप प्लीज यह किस्सा निपटाए बस।
ओके। अल्लाह हाफिज।
खुदा हाफिज। रिश्ता तो मैं ऐसा निपटाउंगी
कि याद रखेगा वो एडी। नहीं जाऊंगी मैं।
मैं क्यों जाऊं?
ये रहा आपका ड्रेस।
क्या किल रही हो ईडी साहब के फोन के साथ?
शुक्र है इन्होंने कोई पासवर्ड नहीं लगाया
हुआ था।
किया क्या है?
इनवाइट कल के लंच के लिए दादी को प्यार
से।
रूम में यार क्या चीज है तुम दिखाओ।
माय डियर क्लास फेलो एसएम जजुआ मैं आज कुछ
रूढ़ हो गया जिसके लिए माफी मांगता हूं और
उम्मीद करता हूं तुम भी बच्चों की खातिर
अपना जर्फ बड़ा करोगी और कल
हमारे यहां लंच पर तशरीफ लाओगी तुम्हारा
क्लास फेलो एडी
हद है यार
ये देखो अच्छा लगेगा ना
ये तुम देख लो मुझे लग रहा है कि इस लड़की
को किसी ने तावीज़ पिलाए या काला जादू
किया बस।
भाभी ये तो वाक की बड़ी अजीब हरकतें कर
रही है।
और इसको देखो जरा। मुझे लगता है ये शादी
का नया जोड़ा लेकर आ गया है।
अरे नहीं नहीं ये वही जोड़ा है जो लास्ट
टाइम भूल ही गई थी इसकी गाड़ी में। और वो
बड़े मियां दादा जान वो मुझे फोन पर मैसेज
कर रहे हैं कल लंच पे बुला रहे हैं।
हैं तो चली थे।
तुम्हें नहीं बुला रहे हैं। मुझे बुला रहे
हैं और मैं नहीं जाऊंगी। अच्छा पहले जाके
तुम रूमी को बुला के लाओ। बहुत देर हो गई
ऊपर। बुलाओ।
जा रही हूं।
तुम नाराज हो मुझसे अभी तक?
मैं आपसे क्यों नाराज होंगी?
ये बात तुम अपने दिल से पूछो।
मेरा ना आपके साथ दिल का कोई ताल्लुक है
नहीं। सो
तो फिर दिमाग से पूछ लो।
आइंदा अगर आपने मेरी दादी का मजाक उड़ाया
तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। ओके।
वैसे काश तुम अपनी दादी के अलावा किसी और
के बारे में भी सीरियस हो जाओ।
बाई द वे ये किसी है कौन?
गौर से देखो।
आगे पीछे दाएं बाएं नीचे ऊपर
कोई ना कोई तो नजर आ जाएगा।
नजर आ गया मुझे।
क्या चल रहा है?
चलो वशी।
एडी साहब सारी इंस्ट्रक्शंस याद है ना?
याद है कि एसएम झंझुआ की किसी फिजूल बात
पे रिसोंड नहीं करना।
रिसोंड करना है लेकिन प्यार से और बस कर
दो यार। रात से पका दिया है मुझे तुमने
लेक्चर दे दे के। वो इसलिए क्योंकि आपके
सबक कच्चे रह जाते हैं। बहक जाते हैं आप।
दादी आपको सब याद है ना? कोई ड्रामा नहीं।
और दादी बहुत प्यार से बात करनी है आपने।
बहुत पीसफुली बात करनी है आपने।
जैसे बिल्कुल हंबल वे में।
चुप हो जाओ तुम दोनों। तुम क्या मेरी पीआर
मैनेजर से लगी हुई हो? मत भूलो कि मैं
ग्रेड 19 की सरकारी अफसर रह चुकी हूं
जिससे जेल की सब औरतें
दादी हमें नहीं कांपना और हमारा मूड नहीं
हो रहा है 100 दफा की सुनी नहीं कहानियां
सुनने का
अच्छा तो फिर मेरा भी मूड नहीं है ऊपर
जाने का नहीं चलो कांपो कांपो कांपोथ
चुप हो जाओ
दादी प्लीज अपना मूड अच्छा रखिएगा
तुम दोनों ना अपनी तोतिया बंद रखो समझी
ये क्या हो रहा है इशारेबाजी हैं? मै हम
ये कह रहे हैं कि माशा्लाह दादू आप इतनी
एलगेंट लग रही है। क्यों रूमी?
हां और आपका लिप शेड तो इतना सूट कर रहा
है आप पे। कितनी प्यारी लग रही हैं आप।
पता है मुझे। जा रही हूं।
इनको तो आज कोई कंट्रोल नहीं कर सकेगा।
और ना ही वहां ऊपर दादू को।
दादी, हमें भी तो जाना है।
दादी
दादी आ रहे हम।
किसी को बुरा लगता है तो लगे। मैं तो अपनी
पोती की शादी अपनी शरायत पे करूंगी।
हमने भी बुरा ना लगने की कसम खाई है मैडम
जंजुआ खुल के खेलो।
तुम्हारा ट्रैक रिकॉर्ड तो कभी अच्छा नहीं
था। मैं तुम पे ट्रस्ट कर नहीं सकती। और
ऐसे ही तुम्हारा पोता भी लगता है मुझे।
नो वज क्या गारंटी चाहिए तुम्हें?
एक अद फ्लैट कराची में मेरी रूमी के नाम
पर।
दादी चुप रहो तुम। मुझे अपनी शर्तें
मनवानी है।
ले दूंगा एक फ्लैट कराची में। आगे बोलो।
20 लाख हक मेहर।
डन।
हम रूमी जॉब करेगी शादी के बाद। कोई
पाबंदी नहीं होगी उस पर।
मुझे मंजूर है।
और और? हम लोग जहेज नहीं देंगे। ना सिलाई
मशीन ना मोटरसाइकिल।
हमें जरूरत भी नहीं है।
आपका पोता मेरी पोती को ₹50,000 महीना जेब
खर्च देगा।
आई एम सॉरी ये मुझे मंसूर नहीं है।
हमें भी ये शादी मंजूर नहीं।
अरे अरे रे एक मिनट।
क्या बात कर रहे हो बेटा?
देख रहे मुंह पर नाक कर रहा है वो। जवाब
दे रहा है। नहीं दे सकता ₹50,000।
दादी प्लीज काम डाउन।
मैंने कहां इंकार किया है?
अभी तो तुमने कहा है।
वो तो मैंने ₹00 वाली बात पे बोला है।
₹00 तुम ₹00 भी नहीं दे सकते मेरी रूमी
को। बात है करोड़ों की दुकान पकोड़ों की।
आप भी तो पकोड़ों वाला जेब खर्च देनी है
रूमी के लिए। मैं अपनी रूमी को ₹50,000
नहीं पूरा ₹1 लाख दूंगा। महंगाई हो गई है
तू आफ्टर ऑल।
दैट इज माय बॉय। आई एम सो प्राउड ऑफ यू।
अ मैम और कोई शर्त?
ठीक है। अ वलीमिका का और शादी का फंक्शन
एक होगा जॉइंट।
हर जाम देंगे।
बहुत मार ली तुमने हातिम ताई की कब्र पे
लात। रहने दो। ह कल को तुम कशकोल लेके
अब्दुल्ला शाह गाजी के मजार में भीख
मांगते फिरोगे। हम खानदानी लोगे हैं। हम
शेयर करेंगे।
मतलब 16 मार्च डन।
हमारी क्या मजाल जो इंकार कर सके। ठीक है।
खाना
ज्यादा कबूल खाना लगा दे।
नहीं नहीं खाने का तकक्लुफ रहने दो। मैं
वैसे भी डाइट पे हूं। अब तो खाना मैं
तुम्हारे वलीमे का ही खाऊंगी। निकल दादी।
चलो चलो चलो चलो।
मानो या ना मानो। मुझे लगता है ये एडी कोई
गेम चला रहा है।
सॉरी दादी। आप भी लालचों की तरह शर्तें
रखवा रही थी। कौन रखवाता है इससे शर्तें?
और ये शर्तें जो मैंने रखवाई हैं क्या अब
इनसे मेरा मजार बनेगा? तुम्हारे भले के
लिए किया सब कुछ।
कौन सी भलाई है दादी इसमें? और शर्तों पे
कौन से घर बसते हैं? और क्या सोचते होंगे
वो लोग?
मैं जाकर सुनकर आऊं।
ए
चली गई भाई वो
जी चली गई है एक नंबर की घाग औरत है यह
शफकत मुनीर
वैसे दादू क्या जरूरत थी उनकी सारी शर्तें
मानने की?
अरे भाई एक दफा निकाह होने दो फिर कहां की
शफकत? कौन सी शफकत? जब मियां बीवी राजी तो
क्या करेगा काजी?
एक मिनट। शादी में क्या बोलना है उन्हें?
मतलब आपने भी रख की बत्ती के पीछे लगा
दिया उन्हें।
घर तो उसका बाप भी लेकर देगा। और तुम
देखना हक मेहर भी मैं ऐन वक्त पर शादी के
दिन लेकर रहूंगी।
यार दादा खुदा का खौफ करें। अगर अपना घर
लेना होता तो ऐसे वो लोग यूं लाइन पर रह
रहे होते।
अरे तुम्हें नहीं पता आजकल के लोगों को
बड़े चालाक हैं। अपना करोड़ों रुपया बचाने
के लिए यूं ही धक्के खाते फिरते हर जगह।
दादी प्लीज़ जी की फैमिली ऐसी नहीं है।
हाय जी की फैमिली में है कौन? ये क्या
खड़का हुआ बुड्ढा जिसके इंजर पिंजर हिले
हुए हैं।
दादी देखिए अब हर चीज फाइनल हो चुकी है।
कुछ फाइनल नहीं होता।
लोग शादी के दिन ऐन वक्त पे भी भाग जाते
हैं। भूल गई क्या?
हर बात पे वो वाक्या याद करवाना जरूरी है
क्या?
दादी ऐसे ना ही कहा करें। रूमी बाजी का
दिल टूट गया। इतना सा मुंह निकल आया है।
और जो मेरे बच्चे का दिल टूटा था उसका
किसी को ख्याल नहीं है।
तुझसे किसने कहा था एक तरफा मोहब्बत करने
को?
तुम जो हो ना हर वक्त उसके पीछे पड़ी रहती
हो। कभी ख्याल रहता है तुम्हें कि वो
तुम्हारा सगा भाई है। कुछ तो ख्याल किया
करो उसका।
ये भी नाराज हो गई। अरे इस नई जनरेशन का
दिल भी बार-बार टूटता है अंडे की तरह। कभी
यहां गिरा तो टूट गया, कभी वहां गिरा तो
टूट गया। बस रहने दो। मुझे तो यह सोच-सच
कर मजा आ रहा है कि ये बुड्ढा इतनी जल्दी
घर खरीद के देगा कैसे?
घर तो मैं तुम्हें यूं ले लूंगा। यह तो
तुम्हें ही सेल्फ मेड बनने का कीड़ा काट
रहा है कई सालों से। लेडी साहब वह कीड़ा
ना अभी भी सलामत है। पर घर है तो सही
हमारा हैदराबाद में। चाहे मेरी शादी हो या
इसकी हमारा घर वही है। अरे भाई तुम्हें
कराची में घर लेना पड़ेगा नहीं तो ये जेलर
आंटी तुझे कच्चा चबा जाएगी।
वैसे दादू थोड़ा सा नेगोशिएट कर लेना
चाहिए अपना।
क्या बात कर रहे हो भाई? रिश्ता मांग रहा
था। मैं कौन सा किसी खान साहब से कालीन
खरीद रहा था कि मैं भाव-ताव करता उस औरत
से जो किसी को अपना बुखार भी ना दे।
जो भी होना है यह इतनी जल्दी होना कैसे
है? मैं आपको बता रहा हूं मेरी शादी खराब
नहीं होनी चाहिए। यह तुम्हारा और रूमी का
फैसला है। मेरा काम है चेक काट के देना।
वो मैं काट दूंगा।
इससे अच्छा है मेरा गला ही काट दे।
काट ही देता।
काटता नहीं दबा देता हूं।
साला सही दादू। सारे मसले हल हो जाएंगे।
आई एम सॉरी। ये नहीं मर गया। मर गया।
इतने सारे खाने का क्या करूं?
अरे पैक करके नीचे भिजवा दो उस ग्रीडी
आंटी को। लेकिन वो तो डाइटिंग पर हैं।
अरे मैं जानता हूं उसकी डाइटिंग। कॉलेज
में एक हाथ में समोसा, एक हाथ में पराठा
रोल। दोनों इकट्ठा खाती थी कैंपस में और
अब बातें देखो बनाती है बड़ी-बड़ी।
आपको तो लगता है यूनिवर्सिटी में अपनी
डिग्री से ज्यादा मैडम शफकत में
इंटरेस्टेड थी।
एक दफा लाइन मारी थी। उसने इग्नोर कर
दिया।
फिर उसने मुझे लाइन मारी। तो मैंने इग्नोर
कर दिया।
बस इसी बात का बदला दादू आज तक वो गिनगिन
कर ले रही है। मुझे कोई बता दे मेरी शादी
होनी है या नहीं होनी। यहां मसले ही इतने
हैं यार।
होगी
यार कल मुझे कोई इतनी एम्बरेसमेंट हुई है
ना? पूछो।
दादी को देखो जरा।
मैंने तो
हमारी शर्मिंदगी की कॉल ही नहीं की जुस
को।
तुमने फेशियल एक्सप्रेशन नहीं देखे थे
दादी के रात में जब जुरेज ने कहा था कि
मुझे ये शर्त मंजूर नहीं।
भाई
शुक्र है मैसेज आ गया।
किसका? जुरज
हां
क्या बोल रहा है?
एक मिनट
तुम्हारा वेट कर रहा हूं मैं लॉन में।
मिलने का कह रहा है मैं इससे मिलकर आती
हूं बात कर। अच्छा इससे जरा ये भी पूछ
लेना कि ऑफिस की रनोवेशन कब होगी? यार मैं
घर में बैठे-बैठे बोर हो गई हूं।
हां
बेटा वली तुम ये करो। तुम लाहौर से जहर
में बुझा हुआ एक टीका लाओ और एडी के सारे
खानदान को ठोक दो।
दादू आपने बोला था आप
हैंडल करेंगी अब मुझे आगे बता दे।
अरे कोशिश तो करी थी मैं। क्या नहीं मांगा
मैंने। मुंह फाड़ फाड़ के मैंने कहा मुझे
घर भी चाहिए उसके लिए। मुझे जेब खर्च भी
चाहिए। मुझे भग भी चाहिए। मगर वो तो सब
बातें मानता चला गया।
उन्होंने आपका मुंह बंद करवा दिया।
हां और क्या? इतना चालाक है वो तो तैयारी
करके आया हुआ था। हर बात मानता चला गया।
पे लगा रहा था एडी।
अभी भी वक्त बता दो। मैं आपको बता रहा
हूं।
या तो आप कुछ कर ले या मैं कुछ कर लूंगा।
इससे कहें कि इससे कहें कि थोड़ी सी शर्म
कर ले। शर्म तो इस घर के सारे बच्चों ने
घोल के पी ली। हां, पी ली है दादी, इसलिए
क्योंकि जिस घर में अपने लिए बड़ों ने अलग
रूल्स रखे हुए, वो बच्चों के लिए अलग
रूल्स रखे वहां यही होता है। बड़ों ने
क्या किया?
बड़ों ने यह किया कि आपने, बाबा ने, चाचा
ने, सबने पसंद से शादी की, मोहब्बत की
शादी की। और मेरे लिए आप लोग रूल्स चेंज
कर रहे हैं। मोहब्बत की शादी तो की लेकिन
तुम्हारी तरह यूं टर्न नहीं मारा। मोहब्बत
की शादी के खिलाफ भाषण नहीं दिया हम लोगों
ने।
हां, तो मेरी बात कौन सा पत्थर पे लकीर
थी? और दादी, हो गई मोहब्बत।
तुम्हारी लकीर पे मैं किसी दिन पत्थर फेर
दूंगी।
इतना परेशान है मेरा बच्चा पता नहीं कुछ
कर ही ना ले अपने आपको। ए बेटा वलीद अरे
बेटा ठहर जा ला खैर।
क्या हुआ?
पता नहीं।
देखो पता तो इंसान को सब कुछ होता है। बस
वो शेयर नहीं करना चाह रहा होता।
कभी-कभी ना अपनी फीलिंग्स शेयर करने के
लिए इंसान के पास अल्फाज भी नहीं रहते। तो
दिल चाहता है कि रोए
तो रो दो।
कंधा हाजिर है।
सुरेश
तुम चाहते हो कि मैं रोऊं?
मेरी वजह से तुम कभी नहीं रोओगी।
हम कहीं जा रहे थे ना या यहीं खड़े हो के
बातें करनी है? चलो।
ऐसे क्या देख रहे हो?
कुछ नहीं।
तो फिर सारी ऊटपटांग शर्तें दादी की मान
ली तूने।
जान भी मांगती ना तो दे देता। तुम्हें
अंदाजा ही नहीं तुम्हारीेंस क्या है यार।
क्या वाकई इतनी मोहब्बत करते हो तुम
मुझसे?
ऑब्वियसली।
पता है मैं पहली लड़की थी जिसे देख के
मेरे दिल की धड़कनें तेज हो गई थी। याद है
जब हम इस्लामाबाद से वापस आ रहे थे।
उन्होंने अपनी शादी का बताया था। मैंने
दुआ की थी कि काश काश ये शादी ना हो।
और तुम्हारी दुआ कबूल हो गई।
जाहिर है दिल से की थी।
ये एकक्टली ये
ये जो तुम नजरें चुराती हो ना इसने सारा
काम खराब किया।
चलो देख लो। क्या चुराया नाखून।
मेरी मोहब्बत।
वो तो मैंने सारी दुनिया को बता दी। और
देखो सब कैसे खफा हो गए मुझसे।
कोई बात नहीं। मना लेंगे सारी दुनिया को
यार। दुनिया का क्या है? बस तुम साथ मत
छोड़ना मेरा।
कोई खौफ है क्या? वो छोड़ के गया था।
क्या बोलती रहती हो तुम रूमी हर वक्त?
नहीं बस पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लगता है
कि जैसे कुछ छुपा रहे हो। कोई बात नहीं।
क्या छुपाऊंगा मैं?
सबका पास्ट होता है। शेयर कर लेना चाहिए।
मेरा पास्ट बेदाग है। सही है।
लेकिन वो है ना कि दाग तो अच्छे होते हैं।
वो सिर्फ एड्स में अच्छे होते हैं।
कैरेक्टर में नहीं।
चुप
ऐसे हंसती रहा करो अच्छी लगती हो
प्यार है मांगता कुर्बानिया मेरे जानिया
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