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फिल्म की शुरुआत इंडोनेशिया के एक दूरदराज
कस्बे से होती है जो एक पहाड़ के नीचे बसा
हुआ है। यहां का मेयर मीडिया के सामने
अपनी झूठी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीट रहा
होता है। वो गर्व से बताता है कि उसने
बेसहारा बुजुर्गों और बेघर लोगों के लिए
एक रिहबिलिटेशन सेंटर बनवाया है। असल में
मेयर अगले साल संसद का चुनाव लड़ने वाला
होता है और पहले से ही तय कर चुका होता है
कि उसके बाद उसका बेटा ही अगला मेयर
बनेगा। लेकिन जो तस्वीर वह दिखा रहा था,
सच्चाई उससे बिल्कुल उलट थी। मेयर के ही
कंट्रोल में चलने वाले एक टिमबर मिल में
मजदूर हड़ताल पर होते हैं क्योंकि उन्हें
पिछले दो महीनों से तनख्वाह नहीं मिली थी।
मूछों वाला सुपरवाइजर एक बार फिर वही
पुराना झूठ बोलता है कि अगली शिपमेंट आते
ही सबका पैसा दे दिया जाएगा। वहीं सबसे
आगे खड़ी माया नाम की एक महिला वर्कर
मजबूरी में यह बात मान लेती है क्योंकि वह
अपनी नौकरी नहीं खो सकती थी। उसे अपने
छोटे भाई एडी की पढ़ाई, किराया और घर का
सारा खर्च उठाना था। एडी धीरे-धीरे अंदर
से टूटता जा रहा था। उसे लगने लगता है कि
इस कस्बे में उनका कोई फ्यूचर नहीं है
क्योंकि सारी इंडस्ट्रीज मेयर के कब्जे
में है। अपनी बहन से एक बड़ी बहस के बाद
एडी फैसला कर लेता है कि वह यहां से भाग
जाएगा। तब वह अपने चमन दोस्त के साथ लॉन्ग
डिस्टेंस बस का टिकट लेता है और तय करता
है कि अगली सुबह चुपचाप बड़े शहर निकल
जाएंगे। लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं होता
कि कोई उनकी हर हरकत पर नजर रखे हुए हैं।
उसी रात कुछ अजनबी एडी और उसके दोस्त को
एक सुनसान गली में घेर लेते हैं। एडी
विरोध करता है लेकिन भारीभरकम हमलावरों के
सामने दोनों बेबस पड़ जाते हैं। कुछ ही
देर में दोनों बेहोश कर दिए जाते हैं और
एक ट्रक में डाल दिए जाते हैं। जब एडी को
होश आता है तो वह खुद को कई और लोगों के
बीच पाता है जिन सबके हाथों में लाल रंग
की रिस्ट बैंड बंधी होती है। ट्रक पहाड़ों
के बीच बने एक लॉगिंग कैंप पर रुकता है।
जहां सभी को लकड़ी के पिंजरों में बंद कर
दिया जाता है। अगली सुबह एक भारी बूट की
लात से सबकी नींद खुलती है। एक गंजा आदमी
गुराते हुए कहता है कि अब यही जगह उनका
काम और उनका घर है। तभी एक दाढ़ी वाला
आदमी बीच में आता है और हालात समझाता है।
वो बताता है कि यह लोग कस्बे के बेघर
आदमियों को पकड़ कर यहां लाते हैं और उनसे
इललीगल लॉगिंग करवाते हैं। अगर जिंदा रहना
है तो सर झुक कर रहना होगा। अब धीरे-धीरे
एडी को यहां की सच्चाई समझ आने लगती है।
मजदूर भूखे कमजोर और मारपीट के निशानों से
भरे हुए थे। डर के बावजूद एडी के मन में
भागने का ख्याल आता है। खाने के दौरान वह
दाढ़ी वाले आदमी से पूछता है कि क्या कोई
यहां से भाग पाया है? वह बताता है कि 2
दिन पहले किसी ने कोशिश की थी। तभी अचानक
दो मजदूर भागने लगते हैं और कैंप में
अफरातफरी मच जाती है। इस मौके का फायदा
उठाकर दाढ़ी वाला एक गार्ड पर हमला करता
है। लेकिन भागते वक्त उसके पैर में चाकू
लग जाता है। एडी और उसका दोस्त उसे जंगल
की तरफ ले जाते हैं। गार्ड गोलियां चलाते
हैं। लेकिन तीनों किसी तरह जंगल में छिप
जाते हैं। दाढ़ी वाले की हालत बहुत खराब
होती है। खून बह रहा होता है। तभी उसकी
नजर एक लाल फूल पर पड़ती है। जिसके बारे
में उसके दादा कहते थे कि वह किसी भी जख्म
को भर सकता है। वह फूल को कुचल कर घाव पर
लगाता है। लेकिन दर्द के मारे अजीब आवाज
में चिल्ला पड़ता है। गार्ड उस आवाज को
सुन लेते हैं और एडी को पकड़ लिया जाता
है। उसका दोस्त जंगल में भाग निकलता है।
लेकिन पेट में गोली लगने के बाद ज्यादा
दूर नहीं जा पाता और वहीं मर जाता है।
कैंप में वापस एडी देखता है कि दाढ़ी वाले
का जख्म सड़ चुका है। अचानक उसका शरीर
झटके खाने लगता है और वह गार्ड पर हमला कर
देता है। गार्ड उसे मार देता है और एडी को
उसकी लाश ठिकाने लगाने का आदेश देता है।
एडी को जंगल में गड्ढा खोदकर लाश दफनानी
पड़ती है। लेकिन जैसे ही वह काम खत्म करता
है, मिट्टी से एक हाथ बाहर निकलता है। वही
आदमी फिर से जिंदा होकर बाहर आने लगता है।
गार्ड इसे एडी की हरकत समझते हैं और उसकी
गर्दन पर चाकू रख देते हैं। इसी बीच दूसरी
तरफ माया अपने भाई को पागलों की तरह ढूंढ
रही होती है। नदी में मिली एक लाश की खबर
सुनकर उसका दिल बैठ जाता है। लेकिन वो लाश
एडी की नहीं होती। यहीं माया की मुलाकात
रेयन नाम के एक जर्नलिस्ट से होती है जो
मेयर की सच्चाई उजागर करना चाहता था। मेयर
ने उसका इंटरव्यू टाल दिया था। लेकिन रेयन
को शक हो चुका था कि कस्बे में कुछ बहुत
गलत चल रहा है। जाते-जाते वह माया को अपना
कार्ड देता है और कहता है कि अगर उसे कुछ
भी पता चले तो जरूर कांटेक्ट करें। बाद
में वह जल्दी-जल्दी अस्पताल पहुंच रही थी
क्योंकि एक लाश मिलने की खबर आई थी। जब
उसे पता चलता है कि वह लाश एडी के दोस्त
की है तो उसका दिल बैठ जाता है। दोनों साथ
में गायब हुए थे। इसलिए उसे सबसे बुरे का
डर लगने लगता है। इसके बाद माया सब कुछ
पुलिस को बताती है। लेकिन पुलिस बिल्कुल
भी गंभीर नहीं दिखती। उनके चेहरे से साफ
था कि उन्हें कोई जल्दी नहीं है। तभी माया
समझ जाती है कि वह पुलिस पर भरोसा नहीं कर
सकती जिस कारण वो मजबूर होकर वो रेयन के
पास जाती है। अब कहानी वापस पहाड़ों के
बीच बने उस लॉगिंग कैंप में जाती है। वहां
एडी को गार्ड कैप्टन की भारी बूट की लात
से नींद से जगाया जाता है। कल जो कुछ हुआ
था उसके बाद एडी ने सीख लिया था कि सिर
झुका कर रहना ही बेहतर है। लेकिन वह ट्रक
में लदी दो नई लाशों को नजरअंदाज नहीं कर
पाता। थोड़ी देर बाद एडी पहचान जाता है कि
यह वही दो आदमी थे जिन्होंने एक दिन पहले
भागने की कोशिश की थी। लेकिन फिर उसे कुछ
अजीब सा लगता है। वही गार्ड जो हमेशा उसे
परेशान करता था। आज ठीक से खड़ा भी नहीं
हो पा रहा था। उसकी पैंट की दाहिनी टांग
पर सूखा हुआ खून लगा था। तभी एडी को साफ
याद आता है कि दाढ़ी वाले आदमी ने उसी जगह
उस गार्ड की टांग काटी थी। उसका शक और
गहरा हो जाता है जब वह गार्ड अपनी पैंट
ऊपर करता है और वहां एक सड़ता हुआ लाल घाव
दिखता है। उसी पल कुछ दूसरे गार्ड भागते
हुए आते हैं और चिल्लाते हैं कि दाढ़ी
वाले आदमी की लाश गायब हो गई है। अब एडी
की आंखें फैल जाती हैं क्योंकि उसकी बात
सही लगने लगी तब वह घबरा कर कह देता है कि
वह आदमी ज़ॉम्बी बन गया था और भाग गया है।
लेकिन यह सुनते ही घायल गार्ड गुस्से से
आग बबूला हो जाता है। उसे लगता है कि एडी
उसका मजाक उड़ा रहा है। वो एडी के मुंह पर
जोर से घूंसा मार देता है और लड़ाई रोकने
के बजाय कैप्टन मुस्कुराता है और कहता है
अगर मर्द हो तो आपस में निपट लो बोसडी
वालों। अब एडी जो पहले ही गार्ड की बदमाशी
से तंग आ चुका था। पूरी ताकत से पलट कर
वार करता है। दोनों में जमकर हाथापाई होती
है। कुछ देर तक दोनों बराबर रहते हैं।
लेकिन आखिरकार एडी बेहोश होकर जमीन पर गिर
जाता है। इसके बाद कैप्टन अपने ही आदमी से
नाखुश नजर आता है। वो उसे गालियां देता है
और आदेश देता है कि एडी को घसीट कर वापस
पिंजरे में डाल दिया जाए। रात के समय एडी
अपने पिंजरे में होश में आता है। उसके
सीने में अजीब सा डर बैठ जाता है। सामने
कैंप के उस कोने में वही घायल गार्ड था
जिसकी हालत अब और खराब हो चुकी थी। उसकी
आंखें लाल थी और पूरा शरीर बुरी तरह कांप
रहा था। जैसे ही वह एडी को देखता है, उसका
गुस्सा और भड़क उठता है। वो सीधा एडी की
तरफ बढ़ता है। लेकिन एक दूसरा गार्ड बीच
में आकर उसे रोकने की कोशिश करता है।
अचानक उस घायल गार्ड का गुस्सा जानवरों
जैसा हो जाता है और उसे बेहोश कर देता है।
फिर वो दोबारा एडी की तरफ बढ़ने लगता है।
इसी दौरान एडी को पूरा शक हो जाता है कि
यह आदमी अब ज़ॉम्बी बनने वाला है। इसलिए वह
घबराकर जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाने
लगता है। उसकी डर भरी आवाज चारों तरफ गूंज
जाती है और लकड़ी के पिंजरे में बंद बाकी
मजदूर भी घबरा जाते हैं। तभी अचानक
इनफेक्टेड गार्ड लकड़ी का दरवाजा तोड़
देता है और अपने हथियार से एक मजदूर पर
जानलेवा वार कर देता है। यह देखकर मजदूर
बुरी तरह डर जाते हैं और जान बचाने के लिए
इधर-उधर भागने लगते हैं। कुछ ही देर बाद
यह पूरा हंगामा बाकी गार्ड्स का ध्यान
खींच लेता है। जब वे इनफेक्टेड गार्ड को
बिना किसी वजह के जमीन पर बेहोश पड़ा
देखते हैं, तो एक गार्ड उसे देखने आगे
बढ़ता है। तभी अचानक उस आदमी की आंखें
सफेद पड़ जाती हैं और वह पूरी तरह ज़ॉम्बी
बनकर सामने वाले गार्ड पर झपट पड़ता है।
वह उसे काट लेता है और काटा गया गार्ड
तुरंत तड़पने लगता है। कुछ ही सेकंड में
उसकी आंखें पलट जाती हैं और वह भी ज़ॉम्बी
बन जाता है। अब हालात और बिगड़ जाते हैं।
मजदूरों की सर्वाइवल इंस्टिंक्ट काम करने
लगती है और वे समझ जाते हैं कि बाहर रहना
अब सुरक्षित नहीं है। इसलिए वे डरते हुए
वापस उसी पिंजरे में चले जाते हैं। वहीं
एडी बाहर से यह सब बेबस होकर देख रहा होता
है। वो गार्ड्स को अंदर जाने से रोकने की
कोशिश करता है। लेकिन कोई उसकी बात नहीं
सुनता और वह देखता रह जाता है कि गार्ड्स
एक-एक करके ज़ॉम्बी के हमले का शिकार होते
जा रहे हैं। थोड़ी देर बाद खुशकिस्मती से
गार्ड्स की संख्या ज्यादा होती है और भले
ही गोलियां ज्यादा असरदार ना हो लेकिन
मिलकर कोशिश करने से वे इन बेकाबू ज़ॉम्बीज़
को काबू में कर लेते हैं। एडी खुद भी
हिम्मत दिखाते हुए लगातार दो ज़ॉम्बीज़ को
मार गिराता है। शायद यह किस्मत थी लेकिन
इतनी लड़ाई के बाद एडी पूरी तरह थक जाता है
और बेहोश हो जाता है। जब एडी को होश आता
है तब फैला हुआ हंगामा शांत हो चुका होता
है। गार्ड कैप्टन को याद आता है कि एडी ने
एक दिन पहले ही वार्निंग दी थी। इसलिए वो
उससे और जानकारी पूछता है। तब एडी बताता
है कि उसे बस इतना ही पता चला है कि
ज़ॉम्बी का वीक पॉइंट उसका सिर है। इसके
साथ ही वो एक और अहम बात बताता है कि
इनक्यूबेशन पीरियड अलग-अलग है। जैसे
इनफेक्टेड गार्ड को पैर पर काटा गया था और
उसे ज़ॉम्बी बनने में पूरा दिन लगा। लेकिन
जिन्हें गर्दन पर काटा गया वे तुरंत
ज़ॉम्बी बने। इसके बाद सब लीडर को समझ आ
जाता है कि यह मामला छुपाया नहीं जा सकता।
इसलिए वह सब कुछ मेयर को बता देता है। एडी
को तब बड़ा झटका लगता है जब उसे पता चलता
है कि जिस इललीगल लॉगिंग की गार्ड्स
रखवाली कर रहे थे, वह खुद मेयर का काम था।
ज़ॉम्बी आउटबक की खबर सुनते ही मेयर तुरंत
पहुंचता है और अपनी थ्योरी जांचने के लिए
एक ज़ॉम्बी को सिर में गोली मारता है जिससे
साबित हो जाता है कि अफवाहें सच थी। देखा
जाए तो अब मेयर गार्ड कैप्टन को सख्त आदेश
देता है कि यह बात किसी भी हालत में गांव
से बाहर नहीं जानी चाहिए और वायरस को बाहर
की दुनिया में फैलने से हर हाल में रोकना
होगा। लेकिन मेयर यह नहीं जानता कि वायरस
पहले ही फैल चुका है। पहला केस वो दाढ़ी
वाला इनफेक्टेड आदमी किरिस का गाना सुनेगा
कहते हुए तबाही मचाने लगा है। हकीकत में
तभी एक मां और उसकी बेटी एल्ला का सामना
उसी इनफेक्टेड आदमी से हो जाता है। अचानक
हमला होने से ड्राइवर घबरा जाता है और
जमीन पर गिर जाता है। ऐला अपनी मां से
पीछे रहने की गुहार लगाती है। लेकिन मां
उसे नजरअंदाज कर मदद के लिए दौड़ती है और
खुद बाइट हो जाती है। कुछ ही पलों में
ड्राइवर जान बचाकर भाग जाता है और अपनी
महंगी टेस्ला कार भी छोड़ देता है। इसके
बाद ऐला जब अपनी मां को देखने के लिए कार
का दरवाजा खोलती है तो ज़ॉम्बी सीधा उसकी
तरफ बढ़ता है। ऐला समझदारी दिखाते हुए
अपने लंबे पैरों से ज़ॉम्बी को दरवाजे में
फंसा देती है और दूसरी तरफ से निकल जाती
है। वो कार के चारों ओर घूमकर ज़ॉम्बी को
अंदर ही बंद कर देती है। यहां पर ऐला के
पास अपनी मां के घाव देखने का वक्त नहीं
होता। वो उसे जंगल की तरफ ले जाकर भागती
है। रास्ते में उसे महसूस होता है कि उसकी
मां का शरीर कांपने लगा है और अगले ही पल
उसकी मां की आंखें सफेद हो जाती हैं और वह
चीखते हुए ऐला पर हमला कर देती है। ऐला डर
के मारे उसे धक्का देती है। लेकिन उसकी
मां पूरी तरह ज़ॉम्बी बन चुकी होती है।
जल्द ही ज़ॉम्बी बनी मां तेजी से ऐला की
तरफ दौड़ती है। लेकिन ऐला तक पहुंचने से
पहले उसका सिर एक पेड़ से टकरा जाता है और
वह वहीं ढेर हो जाती है। ऐला सदमे में
जमीन पर गिर जाती है। उसे यह पता ही नहीं
चलता कि कार में बंद ज़ॉम्बी खिड़की तोड़कर
बाहर निकल चुका है और उसकी तरफ बढ़ रहा
है। कुछ समय बाद वही दाढ़ी वाला ज़ॉम्बी
इंसानों की गंध सूंघते हुए एक माउंटेन
विलेज तक पहुंच जाता है। वहां के भोलेभाले
लोगों को संभालने का मौका तक नहीं मिलता
और एक-एक करके सब ज़ॉम्बीज़ में बदल जाते
हैं। उधर ऐला पूरा दिन खुद को संभालने में
बिताती है। अपनी मां की मौत को स्वीकार
करती है और भारी दिल से उसे दफना देती है।
फिर हिम्मत जुटाकर वह पहाड़ से नीचे मदद
मांगने निकल पड़ती है। सुबह होते ही ऐला
उसी माउंटेन विलेज में पहुंचती है। लेकिन
वहां हर तरफ ज़ॉम्बीज़ होते हैं। इसके
बावजूद वो डरती नहीं। जमीन से एक कुदाल
उठाती है और ज़ॉम्बीज़ से लड़ना शुरू कर देती
है। दोनों तरफ से ज़ॉम्बीज़ उस पर टूट पड़ते
हैं और कांपते हाथों से वह रास्ता बनाती
हुई आगे बढ़ती है। आखिर में वह सड़क के मोड़
पर बने एक चिकन कूप में छिप जाती है जहां
की तेज बदबू उसकी गंध को छुपा लेती है।
थोड़ी देर बाद दूर से किसी की मदद की आवाज
आती है। जिसे सुनकर ज़ॉम्बीज़ उस तरफ चले
जाते हैं और ऐला को भागने का मौका मिल
जाता है। यह साफ हो जाता है कि गांव पूरी
तरह खत्म हो चुका है। लेकिन आयरनी यह है
कि मेयर अब भी खुद को हालात काबू में रखने
का श्रेय दे रहा होता है। जाहिर है वो
अपनी टीम की तेज एक्शन के लिए तारीफ करता
है। लेकिन एडी जिसने सब कुछ अपनी आंखों से
देखा था। अच्छी तरह जानता था कि यह सब अभी
खत्म नहीं हुआ है। यह तो बस अब शुरू हुआ
है। उधर उसी वक्त पिंजरे में बंद मजदूर
आपस में इकट्ठा होकर यह जानने की कोशिश कर
रहे होते हैं कि आखिर ज़ॉम्बीज़ फैलने की
असली वजह क्या है? लेकिन कोई भी कोने में
बैठे उस आदमी पर ध्यान नहीं देता। जिसकी
बाह से अब भी खून बह रहा होता है। जैसे ही
शाम ढलती है, पिंजरे के अंदर से एक डरावनी
चीख गूंजती है। जिसे सुनते ही एडी का दिल
बैठ जाता है क्योंकि वह उस आवाज को पहचान
जाता है। इसके बाद अगले ही पल वो घायल
आदमी भयानक चीख मारता है। अपने पैर पटकता
है और पास खड़े मजदूर पर झपट पड़ता है।
तभी सब समझ जाते हैं कि वह आदमी ज़ॉम्बी बन
चुका है। लेकिन तंग पिंजरे में भागने की
कोई जगह नहीं होती। बाहर मौजूद गार्ड शोर
सुनकर पिंजरा तोड़ते हैं और उन्हें लगता
है कि उन्होंने ज़ॉम्बी को काबू में कर
लिया है। लेकिन असल में सच्चाई इससे कहीं
ज्यादा डरावनी थी। भागते हुए मजदूरों की
भीड़ में कई इनफेक्टेड लोग शामिल होते
हैं। जल्द इनफेक्शन आग की तरह फैलने लगता
है और ज़ॉम्बीज़ की संख्या तेजी से बढ़ती
जाती है। अब किसी को नहीं पता होता कि कब
उनका दोस्त ही ज़ॉम्बी बन जाए। जो
इनफेक्टेड मजदूर पहले पिंजरे में बंद थे,
वे बाहर निकलते ही पूरे लॉगिंग कैंप को
नर्क बना देते हैं। इस हालात में एडी को
लगता है कि अब उसका बचना मुश्किल है।
दूसरी ओर रेज़न चोरी छुपे रिहबिलिटेशन
सेंटर में घुसता है और रेड रेस्ट बैंड
वाले लोगों को ट्रक में भरते देखता है। वो
ट्रक का पीछा करता है जो पहाड़ की तरफ
जाता है। सुबह होते ही वह लॉगिंग कैंप
पहुंचता है और वहां हालात देखकर समझ जाता
है कि कुछ बहुत गलत हो चुका है। तभी अचानक
एक पागल सा आदमी उस पर हमला करता है।
लेकिन तभी कोई आकर उसे बचा लेता है। रेजन
एडी को पहचान लेता है और दोनों जान बचाकर
कैंप से भागते हैं और सूअर टनल्स में छिप
जाते हैं। अगली सुबह होते ही वे सड़क पर
एक खून से सनी गाड़ी देखते हैं। इंजन
स्टार्ट नहीं होता और तभी दो ज़ॉम्बीज़ उनकी
तरफ दौड़ते हैं। एडी ट्राईपॉड उठाकर हमला
करता है और किस्मत से एक ज़ॉम्बी गिर जाता
है। ठीक उसी पल गाड़ी स्टार्ट हो जाती है
और दोनों वहां से भाग निकलते हैं। इसके
बाद रेजन एक पल के लिए जंप सजाता है
क्योंकि उसे लगता है कि उसने किसी इंसान
को मार दिया है। तभी एडी बोलता है कि साले
यह इंसान नहीं ज़ॉम्बी है। तब अपनी गलती
समझते ही रेजन रिवर्स करता है और ज़ॉम्बी
को दोबारा कुचल देता है ताकि वह पूरी तरह
खत्म हो जाए। फिर शाम तक वे पहाड़ के बीच
बने एक गांव में पहुंचते हैं और वहीं रात
बिताने का प्लान करते हैं। लेकिन अनजाने
में वह ज़ॉम्बियों के अड्डे में घुस जाते
हैं। आंखें बंद और दिल जोर-जोर से धड़कते
हुए वह संकरी गलियों में भागते हैं। इसी
तरह एक छोटे से घर में घुसकर दरवाजा बंद
कर लेते हैं। लेकिन ज़ॉम्बी इतने ताकतवर
होते हैं कि दरवाजा तोड़ देते हैं। तभी
अचानक एक परछाई सामने आती है। हवा में
ब्लेड चमकता है और कुछ ही सेकंड में
ज़ॉम्बी कट कर गिर जाते हैं। उनकी रक्षा
करने वाली वही सेक्सीी लड़की होती है। एडी
जब उसका नाम पूछता है तो वह बताती है कि
उसका नाम ऐला है और वह अपनी दादी से
तलवारबाजी सीख चुकी है। इसी वजह से उसकी
स्किल्स इतनी जबरदस्त है। लेकिन इसके
बावजूद हालात बेहद खराब होते हैं क्योंकि
पूरा गांव ज़ॉम्बियों से भरा हुआ है और
किसी के फोन में नेटवर्क नहीं है। एला
पहले ही एक दिन से यहां फंसी हुई होती है।
एडी बेचैन हो जाता है क्योंकि उसे अपनी
बहन माया के पास वापस जाना है। लेकिन एला
सीधा बोल देती है कि हो सकता है तब तक
उसकी बहन भी ज़ॉम्बी बन चुकी हो। अगली सुबह
रेजिन नींद से तब जागता है जब एडी उसे
थप्पड़ मारकर उठाता है। वही थप्पड़ उसके
दिमाग में एक आईडिया डाल देता है और वह
भागने का प्लान बनाता है। जल्द ही सब अपने
नाजुक शरीर के हिस्सों पर कार्डबोर्ड बांध
लेते हैं ताकि काटे जाने से बच सकें। ऐला
की तलवारबाजी और तीनों की ताकत मिलकर
उन्हें ज़ॉम्बियों से निकलने का मौका देती
है और एडी एला के लिए एक लंबी देसी ब्लेड
भी बना देता है। इसके बाद तीनों चुपचाप घर
से बाहर निकलते हैं और सामने ही एक ज़ॉम्बी
आ जाता है। ऐला बिना देर किए उसकी गर्दन
में तलवार घुसा देती है। लेकिन आवाज सुनकर
और ज़ॉम्बी आ जाते हैं। ऐला बिना डरे झुंड
में घुस जाती है और एक-एक करके सबको काटने
लगती है। वहीं रेज़न कार की तरफ दौड़ता है।
लेकिन उसे पता चलता है कि चाबियां गायब
हैं। तभी घबराहट में उसे एक पुरानी ट्राई
मिलती है। वह स्टार्ट करने की कोशिश करता
है। लेकिन वो बार-बार बंद हो जाती है।
इससे एडी और ऐला को थोड़ी देर मिल जाती
है। एडी लकड़ी की सीढ़ी उठाकर ज़ॉम्बियों
को रोकता है और ऐला पीछे से वार करती है।
आखिरकार ट्राई साइकिल स्टार्ट हो जाती है
और दोनों उस पर कूद जाते हैं। लेकिन तभी
एडी देखता है कि ट्राई साइकिल की टोकरी
ड्यूरियन फलों से भरी है और सामने
ज़ॉम्बियों का झुंड आ जाता है। रेज़िन
उन्हें कुचलने की तैयारी करता है। लेकिन
पीछे से भी ज़ॉम्बी आ जाते हैं। अब मजबूरी
में एडी ड्यूरियन उठाकर ज़ॉम्बियों पर
फेंकने लगता है और उसकी बदबू से ज़ॉम्बी
कंफ्यूज होकर इधर-उधर घूमने लगते हैं। इसी
मौके का फायदा उठाकर रेजन जोर से
ट्राईसाइकिल दौड़ा देता है। इसके बाद एडी
खुशी से चिल्लाता है क्योंकि वो आखिरकार
शहर की तरफ निकल चुके होते हैं और उसे
लगता है कि वो अपनी बहन से मिल पाएगा
लेकिन उसे नहीं पता होता कि शहर पहले से
ही तबाही के कगार पर है। दूसरी ओर अब
डिपुटी मेयर ने अपना असली चेहरा दिखा दिया
और उसने दिखावा करना पूरी तरह छोड़ दिया।
उसने पुलिस को साफ आदेश दे दिया कि मेयर
और उसके बेटे को किसी भी हालत में पकड़ना
है। अब उसे बस अपनी कुर्सी बचानी थी। उधर
मेयर और उसका पूरा गिरोह शहर के बाहर एक
सुनसान बंगले में जाकर छिप चुका था। उसे
बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह ज़ॉम्बी
बीमारी इतनी तेजी से फैल जाएगी। इसी बीच
पार्टी का बड़ा नेता गुस्से में मेयर को
अपने आदमी की मौत का जिम्मेदार ठहरा रहा
था। देखा जाए तो सड़कों पर लाशें देखकर
पार्टी लीडर भी हिल गया और उसने सेना
बुलाने का फैसला कर लिया। यह सुनते ही
मेयर का दिल बैठ गया। अगर यह बात बाहर चली
गई तो उसका पूरा राजनीतिक करियर खत्म हो
जाएगा। तब पार्टी लीडर ठंडी हंसी-हंसते
हुए उसे यह भी याद दिला देता है कि अब वह
बड़े पद का सपना देखना छोड़ दे। अचानक
मेयर का बेटा पास में रखा एक सजावटी सामान
उठाता है और पार्टी लीडर के सिर पर दे
मारता है। फिर वो उसके सचिव जी को भी नहीं
छोड़ता। मेयर चुपचाप अपने बेटे के कंधे पर
हाथ रखता है। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं
था। साफ था कि अब बाप बेटा दोनों एक ही
रास्ते पर चल पड़े हैं। उसी वक्त सुरक्षा
अधिकारी वहां पहुंचता है और बुरी खबर देता
है कि पुलिस ने मेयर और उसके बेटे के
खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश निकाल दिया है।
मेयर समझ जाता है कि अब यहां रुकना खतरे
से खाली नहीं। वो अपने लोगों से कहता है
कि जितने हथियार मिल सकते हैं, सब इकट्ठा
कर लो। अब बचना सिर्फ ज़ॉम्बी से नहीं।
डिपुटी मेयर की सफाई से भी था। जैसे ही वे
सुनसान सड़कों से निकलते हैं, चारों तरफ
भूखे ज़ॉम्बी दिखाई देने लगते हैं। अचानक
गाड़ी जोर से रुकती है क्योंकि शहर से
बाहर जाने वाली सड़क पूरी तरह बंद थी।
मेयर टूटे हुए मलबे को देखकर सन्न्य रह
जाता है क्योंकि आधे दिन से भी कम समय में
पूरा शहर तबाह हो चुका था। हकीकत में
ज़ॉम्बी बीमारी आग की तरह पूरे शहर में फैल
चुकी थी और काटे जाने के कुछ ही पलों में
लोग जानलेवा दरिंदे बन जाते थे। लेकिन
पुलिस अभी भी हालात की गंभीरता नहीं समझ
पाई थी और वह घायल और ठीक लोगों को एक साथ
पकड़ कर बंद कर रही थी। जैसे ही जेल के
दरवाजे बंद होते हैं, एक घायल कैदी बुरी
तरह तड़पने लगता है और पास वाले आदमी पर
झपट पड़ता है। लॉकअप में अफरातफरी मच जाती
है। शोर सुनकर एक पुलिस वाला दरवाजा खोल
देता है और अगले ही पल ज़ॉम्बी उस पर टूट
पड़ता है। कुछ ही मिनटों में पूरा थाना
ज़ॉम्बियों के कब्जे में आ जाता है। इसके
अलावा अस्पताल की हालत भी कुछ अलग नहीं
थी। मरीज अपने बिस्तरों से उठकर डॉक्टरों
पर हमला करने लगते हैं। पूरे शहर में वही
डरावना मंजर फैल चुका था। माया और रेजन
मदद के लिए फोन करना चाहते थे। लेकिन
डेपुटी मेयर ने पहले ही शहर का संपर्क काट
दिया था। एक मूड पर मुड़ते ही वे सामने
देखते हैं कि एक ज़ॉम्बी किसी बेबस इंसान
को नोच रहा है। बिना एक पल सोचे दोनों
उल्टी दिशा में दौड़ लगा देते हैं। आगे से
और ज़ॉम्बी आते दिखते हैं। तभी उनकी नजर एक
तारों वाली बाड़ पर पड़ती है। पूरी ताकत
लगाकर वे बाड़ के ऊपर से कूद जाते हैं।
जल्द ही घुमावदार गलियों से गुजरते हुए वे
एक बंद सुपर मार्केट तक पहुंचते हैं। शीशे
के अंदर कुछ बचे हुए लोग दिखते हैं। रेज़न
दरवाजे पर जोर-जोर से पीटता है और आखिरी
पल में अंदर से कोई दरवाजा खोल देता है।
भूखी और थकी हुई माया और रेसन जो भी खाना
मिला जल्दी-जल्दी खा लेते हैं। उन्हें
सांस लेने का भी वक्त नहीं मिलता कि बाहर
से किसी गाड़ी की आवाज आती है। माया
खिड़की से झांकती है तो बाहर मेयर और उसका
गिरोह खड़ा था जो शहर से भागने में नाकाम
रहा था। उधर एडी और ऐला अपनी पुरानी गाड़ी
में किसी तरह ज़ॉम्बियों के बीच से निकलकर
ऐला की नानी के घर पहुंचते हैं। दीवारों
पर खून के निशान देख ऐला का दिल बैठ जाता
है। वो भारी दरवाजे पर जोर से दस्तक देती
है और दूर से कुछ ज़ॉम्बी उनकी तरफ बढ़ते
दिखाई देते हैं। तभी दरवाजा धीरे से खुलता
है और ऐला की नानी सामने खड़ी थी। बिना
कुछ कहे वह लकड़ी की छड़ी जमीन पर घुमाती
है और पल भर में सारे ज़ॉम्बी जमीन पर ढेर
हो जाते हैं। ऐला फूट-फूट कर अपनी नानी से
लिपट जाती है। देखा जाए तो एडी चुपचाप
पीछे हट जाता है। घर के अंदर घूमते हुए वो
दीवारों पर तलवारबाजी के इनाम और मार्शल
आर्ट के मेडल देखता है। थोड़ी देर बाद एडी
मुड़कर देखता है और गलती से एला को कपड़े
बदलते हुए देखकर वहीं जम जाता है। तभी एला
की नानी उसके पीछे आकर खड़ी हो जाती है।
उसकी नजर सब समझ जाती है। एडी शर्मिंदगीगी
में जमीन कुरेदता है। पर नानी हल्की सी
मुस्कान देती है। जैसे ही एला कपड़े पहन
लेती है, उसकी दादी एडी को अलग ले जाकर
कहती है कि एला का अच्छे से ध्यान रखना।
पहली बार उस बूढ़ी औरत की सख्त आंखों में
नरमी दिखती है। कुछ ही देर में रात हो
जाती है। तभी अचानक एडी नींद से चौंक कर
उठता है। दादी बाहर की तरफ इशारा करती है
कि दरवाजे के बाहर ज़ॉम्बी की भीड़ जमा हो
चुकी है। दादी कहती है कि उन्हें तुरंत
निकलना होगा। मुख्य कमरे में बनी मंदिर के
सामने एक लंबी तेज तलवार रखी थी जो दादी
एला को दे देती है। एडी जेब से हथगोला
निकालता है लेकिन दादी उसके हाथ से छीन
लेती है और कहती है कि उसके लिए लकड़ी की
छड़ी ही ठीक है। तीनों पीछे वाले दरवाजे
से निकलने की तैयारी कर ही रहे होते हैं
कि सामने का दरवाजा टूट जाता है। दादी एडी
और एला को जबरदस्ती बाहर धकेल देती है और
अंदर से दरवाजा बंद कर लेती है। फिर बिना
किसी डर के अपनी तलवार निकालती है और
ज़ॉम्बी की भीड़ पर टूट पड़ती है। जब उसे
समझ आ जाता है कि अब वो नहीं बचेगी तो वह
जेब से हथगोला निकाल लेती है। बाहर एला
दरवाजा पीट रही होती है। तभी पीछे से दो
ज़ॉम्बी उन पर झपट पड़ते हैं। एडी एला से
कहता है कि भागना होगा दादी की कुर्बानी
बेकार नहीं जानी चाहिए। जैसे ही वे गाड़ी
लेकर निकलते हैं, पीछे से जोरदार धमाके की
आवाज गूंजती है। एला जोर-जोर से रोने लगती
है। एडी उसे संभालते हुए कहता है कि दादी
की मौत बेकार नहीं जाएगी। फिर गाड़ी
स्टार्ट करके शहर की तरफ बढ़ जाता है।
रास्ते में एडी ऐला का ध्यान भटकाने की
कोशिश करता है। लेकिन बोलते-बोलते उसकी
आवाज भी कांपने लगती है। अचानक सामने
ज़ॉम्बी का झुंड दिख जाता है। ऐला चिल्लाकर
कहती है कि बदला लेने का वक्त आ गया है।
तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो जाती है।
हैरानी की बात यह होती है कि जैसे ही
बारिश की बूंदे ज़ॉम्बी पर गिरती हैं, वो
पत्थर की मूर्तियों की तरह जम जाते हैं।
बिना समय गवाए एडी और एला उन जमे हुए
ज़ॉम्बी को आसानी से काट गिराते हैं। काफी
समय बाद पहली बार दोनों एक दूसरे को देखकर
हल्की सी मुस्कान देते हैं। एडी अपनी टूटी
फूटी छोटी गाड़ी स्टार्ट करता है और कहता
है कि अब उसे अपनी बहन से मिलने जाना है।
लेकिन उसी वक्त दूसरी तरफ माया एक बहुत
बड़े संकट में फंस जाती है। सुपर मार्केट
में उसकी टक्कर अपने सबसे बड़े दुश्मन
मेयर और उसके बेटे से हो जाती है। मेयर
पिस्तौल निकालकर अंदर मौजूद लोगों को
दरवाजा खोलने का आदेश देता है। अंदर आते
ही मेयर और उसका बेटा घमंडी मुस्कान देने
लगते हैं। जिससे माया का खून खल उठता है।
वो पूछती है कि उसके भाई को लकड़ी के
कारखाने में क्यों ले जाया गया था। शुरुआत
में मेयर साफ झूठ बोलता है और कहता है कि
उसने किसी का अपहरण नहीं किया। तभी राइजन
बीच बचाव करता है और कहता है कि इस वक्त
आपस में लड़ने का समय नहीं है। खासकर जब
सुपर मार्केट मेयर के परिवार का है। मेयर
सहमति जताता है और साथ मिलकर काम करने की
बात करता है। माया गुस्से से फटने ही वाली
होती है कि डिप्टी मेयर का ब्रॉडकास्टिंग
चालू हो जाता है। हकीकत में उस घोषणा में
माया मेयर और उसके बेटे को अपराधी बताया
जाता है और ज़ॉम्बी फैलाने का आरोप लगाया
जाता है। माया गुस्से से आग बबूला हो जाती
है क्योंकि उसे बलि का बकरा बना दिया गया
था। लेकिन मेयर शांत रहता है और कहता है
कि उनके साथ भी धोखा हुआ है। वह अपने
लोगों को सामान इकट्ठा करने का आदेश देता
है और माया सीधे पूछती है कि क्या वही
ज़ॉम्बी वायरस के पीछे है? मेयर मासूमियत
से इंकार करता है और राइज़न उसकी बात पर
यकीन कर लेता है क्योंकि उसने शुरुआत में
मेयर के लोगों को भी बेखबर देखा था। तभी
मेयर के दो आदमी टॉयलेट की तरफ जाते हैं।
जैसे ही लकड़ी का दरवाजा खोलते हैं,
कैशियर चीख कर रुकता है, लेकिन देर हो
चुकी होती है। अंदर से ज़ॉम्बी निकल कर उन
दोनों को मार डालते हैं। कैशियर उन्हें
गालियां देता हुआ भाग जाता है। किसी को
नहीं पता होता कि अंदर और कितने ज़ॉम्बी
छिपे हैं। सुपर मार्केट में अफरातफरी मच
जाती है और ज़ॉम्बी हर तरफ फैल जाते हैं।
इसके बाद माया और उसके साथी ज़ॉम्बी से
लड़ते हैं। लेकिन कोने में छुपी मां और
उसका बच्चा उतने खुशकिस्मत नहीं होते।
ज़ॉम्बी उन्हें देख लेता है और माया बचाने
दौड़ती है लेकिन फंस जाती है। राइज़न मदद के
लिए कूदता है। तभी पीछे से एक और ज़ॉम्बी
उस पर हमला कर देता है। हालात बहुत खराब
हो जाते हैं। तभी आखिरकार मेयर गोली चलाकर
ज़ॉम्बी को गिरा देता है। उसके आदमी भी साथ
आ जाते हैं और सब ज़ॉम्बी खत्म कर दिए जाते
हैं। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती
है क्योंकि सुपर मार्केट में छुपे बाकी
सभी लोग मारे जा चुके होते हैं। माया जमीन
पर बैठ जाती है और इस तबाही से टूट चुकी
होती है। तभी बाहर से पुलिस सायरन की आवाज
गूंजती है। मेयर और उसके आदमी लाइट बंद
करके छुप जाते हैं। पुलिस अंदर घुसते ही
मेयर की गाड़ी के टायर मार देती है और दो
पुलिस वाले अंदर आते हैं लेकिन मेयर के
गार्ड उन्हें मार गिराते हैं। जाहिर है यह
समझते हुए कि अब और पुलिस आने वाली है।
मेयर तुरंत भागने का फैसला करता है। माया
भागना नहीं चाहती थी लेकिन अब पुलिस भी
उसके पीछे थी। जिस कारण दांत भीचकर वह भी
उनके साथ अंधेरी रात में निकल जाती है।
माया इस शहर को अपनी हथेली की तरह जानती
थी और उसे पता था कि आगे क्या करना है।
देखा जाए तो मजदूरों का डोमेट्री ज्यादा
दूर नहीं था और थोड़ा सुनसान इलाके में
था। इसलिए वहां सुरक्षित होने की उम्मीद
थी। मेयर चुपचाप माया का पीछा करने का
प्लान बना रहा था। तभी अचानक अंधेरे से
कुछ ज़ॉम्बी उन पर टूट पड़ते हैं। मेयर का
एक आदमी वहीं मारा जाता है और उसका बेटा
पल भर के लिए हिचकिचाता है। उसी पल एक
ज़ॉम्बी उसे पकड़ लेता है। अब मेयर फुर्ती
से गोली चलाकर ज़ॉम्बी को गिरा देता है।
लेकिन अब वह दिखावा छोड़ चुका था। वो
बंदूक माया पर तान देता है और उसे आगे
चलने के लिए मजबूर करता है। थोड़ी ही देर
में बिना किसी और परेशानी के वो लोग
डोमिट्री पहुंच जाते हैं। शुरुआत में
बीमारी फैलने पर ज्यादातर मजदूर हड़ताल पर
थे। इसलिए वहां बस एक जवान नाइट गार्ड बचा
था। माया को अपने पुराने साथी को खुद
मारना पड़ता है और यह उसके दिल में जहर की
तरह उतर जाता है। लेकिन सबसे बड़ा झटका
मेयर को लगता है। पहले हुए हमले में उसके
बेटे को काट लिया गया था और अब तक वे सब
जानते थे कि एक दिन के अंदर वह भी ज़ॉम्बी
बन जाएगा। अब मेयर के सामने एक भयानक
फैसला था कि क्या वो अपने बेटे से बड़ा
सबकी भलाई को मानेगा या अपने इकलौते बेटे
के प्यार में अंधा हो जाएगा। उधर पूरा शहर
ज़ॉम्बी वायरस की चपेट में आ चुका था। डर
से पागल लोग सरकारी इमारत की तरफ भाग रहे
थे जिसे एकमात्र सुरक्षित जगह बताया गया
था। लेकिन वहां उन्हें लोहे के ठंडे फाटक
बंद मिले। बाहर फंसे लोगों की चीखें और
ज़ॉम्बी के मांस नोचने की आवाजें मिलकर रूह
कंपा देने वाला मंजर बना देती हैं। जो लोग
पहले ही अंदर पहुंच चुके थे, वह डर के
मारे देखते रहते हैं कि कुछ ही मिनटों में
बाहर का हर इंसान ज़ॉम्बी बन जाता है। इसी
दौरान डिप्टी मेयर आराम से बैठी हुई थी।
उसका बॉडीगार्ड पास आकर कहता है कि शहर को
तुरंत खाली कर देना चाहिए। लेकिन सत्ता की
भूख उसके दिमाग में बीमारी की तरह बस चुकी
थी। उसे लगता था कि अगर वह मेयर को पकड़
ले तो पूरा शहर उसी के काबू में आ जाएगा।
तभी एक अफसर भागता हुआ आता है और बताता है
कि दो सिपाहियों ने देखा है कि ज़ॉम्बी एक
खास गंध से बुरी तरह डरते हैं। जल्द ही
कुछ बड़े अफसर जांच करते हैं और पाते हैं
कि जब ज़ॉम्बी के पास कटहल जैक फ्रूट लाया
जाता है तो वह ऐसे पीछे हटते हैं जैसे भूत
देख लिया हो। यह सुनते ही उपमेयर की आंखों
में चमक आ जाती है। वो सेटेलाइट फोन से
बाहर खबर देती है और पूरे ज़ॉम्बी फैलने का
दोष भागे हुए मेयर पर डाल देती है। फोन
रखने के बाद वह अपने आदमियों को दो आदेश
देती है। मेयर को पकड़ना और जितना हो सके
उतना कटहल इकट्ठा करना। लेकिन थोड़ी देर
में खबर आती है कि बाहर हालात इतने बिगड़
चुके हैं कि बड़ी मात्रा में कटहल जुटाना
नामुमकिन है। कुछ पल सोचने के बाद मेयर उन
लोगों के पास जाती है जिन्हें उसने अंदर
जगह दी थी। भीड़ गुस्से में फूट पड़ती है
और पूछती है कि बाहर फंसे लोगों की मदद
क्यों नहीं की जा रही? यहां मेयर पहले से
तैयार जवाब देती है और आंखों में आंसू
लाकर कहती है कि अगर फाटक खोले जाते तो
अंदर मौजूद सब लोग मारे जाते। उसका भावुक
भाषण सुनकर भीड़ शांत हो जाती है। फिर वह
कहती है कि उसने ज़ॉम्बी को हराने का तरीका
खोज लिया है। इन सब बातों से बेखबर मेयर
और उसकी टीम अब भी डोरमेट्री में छिपी हुई
थी। फिलहाल जगह सुरक्षित थी लेकिन ज्यादा
देर तक नहीं। मेयर तय करता है कि उन्हें
जंगल के उस पार बने रेडियो स्टेशन तक जाना
होगा क्योंकि वह वहां से अपने सैन्य
दोस्तों से संपर्क कर मदद बुलाना चाहता
है। माया हिचकिचाती है क्योंकि अपने भाई
को छोड़कर जाने का ख्याल ही उसका खून खौला
देता है। दूसरी ओर एडी और एला शहर के
बीचों-बीच पहुंच चुके थे। लेकिन एडी की
प्यारी तीन पहियों वाली गाड़ी अब पूरी तरह
जवाब दे चुकी थी। एडी उदास होकर उसे
सहलाने लगा। तभी एला से यह देखा नहीं गया
और उसने उसे जबरदस्ती वहां से खींच लिया।
एडी अपनी बहन को अच्छे से जानता था इसलिए
उसे अंदाजा था कि माया शायद मजदूरों के
डोरमेट्री में छुपी हुई। अगली सुबह मेयर
का दल अपना सामान समेट चुका था और निकलने
की तैयारी पूरी हो चुकी थी। माया ने साफ
कह दिया कि वह उनके साथ नहीं जाएगी
क्योंकि उनका रास्ता ज़ॉम्बियों से भरा हुआ
है। तभी राइजन ने कोई बहस नहीं की। उसने
माया को कागज और कलम थमा दी और शांति से
समझाया कि भाई से मिल जाना ही सब कुछ नहीं
है। ज़ॉम्बियो और डिप्टी मेयर की तलाश से
बचना उससे भी ज्यादा मुश्किल होने वाला
है। अब जैसा कि उम्मीद थी मेयर का दल
थोड़ी ही देर में मुसीबत में फंस गया
क्योंकि हर कुछ कदम पर ज़ॉम्बियों के झुंड
टूट पड़ते थे। मजबूरी में वे किसी तरह
हालात संभाल रहे थे। लेकिन गोलियां बहुत
तेजी से खत्म होने लगी थी। इसी वजह से
मेयर ने अपने आदमियों को तलवार और
कुल्हाड़ी जैसे नजदीकी हथियार इस्तेमाल
करने का आदेश दिया जिससे खतरा और बढ़ गया।
ठीक उसी वक्त हालात काबू से बाहर होने ही
वाले थे कि माया और राइज़न मदद के लिए
पहुंच गए। माया ने आखिरकार खुद से समझौता
कर लिया था और वह मेयर के साथ शहर छोड़ने
को तैयार थी। दूसरी तरफ एडी और एला
डोमेट्री पहुंच चुके थे लेकिन वहां सब कुछ
खाली पड़ा था। एडी का दिल बैठ सा गया। तभी
उसकी नजर नक्शे पर बने एक निशान पर पड़ी।
यह माया का छोड़ा हुआ संकेत है जो राइजन
की सलाह पर बनाया गया था ताकि भाई-बहन मिल
सके और मेयर के दल का रास्ता भी पता चलता
रहे। इसके बाद एडी बड़बड़ाता हुआ एला को
लेकर रेडियो स्टेशन की तरफ बढ़ गया। माया
के बिना रास्ता दिखाने वाला कोई नहीं था।
इसलिए दोनों सीधे ज़ॉम्बियों वाले इलाके
में जा घुसे। कुछ ही पलों में ज़ॉम्बियों
की एक भयानक लहर उनके पीछे पड़ चुकी थी।
दोनों जान बचाकर दौड़े और आखिरी पल में
लोहे की बाढ़ फांद पाए। एला अब भी
ज़ॉम्बियों को खत्म करना चाहती थी। लेकिन
एडी ने उसे रोक लिया। अचानक फैक्ट्री के
पीछे गत्तों के ढेर से आवाज आ गई। एडी ने
लकड़ी की छड़ी घुमाई और एक आदमी बाहर निकल
आया। एला पहचानते ही गुस्से से चिल्ला पड़ी
क्योंकि यह वही ड्राइवर है जो पहले गाड़ी
छोड़कर भाग गया था। एला को लगा कि अगर यह
आदमी भागा ना होता तो शायद उसकी मां आज
जिंदा होती। गुस्से में उसने तलवार निकाल
ली। मगर ड्राइवर रहम की भीख मांगने में
इतना उलझा रहा कि पीछे से आते ज़ॉम्बियों
पर उसका ध्यान ही नहीं गया। दुखद रूप से
उसे दर्द से चीखते देख ऐला के मन में कई
तरह के जज्बात उमड़ रहे थे। लेकिन तभी
सड़क के दोनों सिरों से ज़ॉम्बीज़ की तेज
चीखें सुनाई दी और भागने का कोई रास्ता
नहीं बचा था। मजबूरी में दोनों पास के एक
कमरे में घुस गए। जहां कटहल ड्यूरियन के
छिलकों के ढेर लगे थे जो ज़ॉम्बीज़ का
रास्ता रोक रहे थे। रात यहीं काटने का
फैसला करके वे कुछ देर के लिए रुक गए। अब
एला काफी देर से भाग रही थी और पसीने से
पूरी तरह भीग चुकी थी। शहर की लड़कियों को
नहाने की आदत थी और ज़ॉम्बी अपोकलिप्स में
भी ऐला उस परंपरा को तोड़ना नहीं चाहती
थी। लेकिन जैसे ही वह बाथरूम में गई, उसने
देखा कि दरवाजे का लॉक टूटा हुआ है। उसने
एडी की तरफ सावधानी से देखा और अनम ने मन
से दरवाजा बंद कर लिया। उधर एडी खाने की
तलाश में एक अलमारी में हाथ डालता है और
झटके से एक चूहा पकड़ लेता है। डर के मारे
वह उछल कर पीछे गिरता है और सीधे ऐला के
सामने बाथरूम में आ गिरता है। ऐला गुस्से
में उसे थप्पड़ मार देती है और एडी अपना
चेहरा ढक लेता है। ऐला झंझलाहट और हंसी के
बीच खुद को रोक नहीं पाती। उसे लगने लगा
कि इस अपोकलिप्स में इस आदमी के साथ रहना
इतना भी बुरा नहीं है। इस बीच मेयर और
उसका ग्रुप अपनी मंजिल के करीब पहुंच चुका
था। राइजन ने मेयर के बेटे का पीला चेहरा
देखा और उसे शक हुआ। लेकिन जब वो उससे कुछ
पूछना चाहता है तो मेयर बीच में आकर बात
टाल देता है। थोड़ी देर बाद वे एक छोटे से
गांव में पहुंचते हैं। मेयर के वांटेड
होने की खबर पहले ही फैल चुकी थी। इसलिए
गांव वाले डर के मारे पीछे हट जाते हैं।
तभी मेयर बेफिक्र होकर बोलने ही वाला था
कि पीछे से कुछ ज़ॉम्बीज़ दौड़ते हुए आ जाते
हैं। मेयर कुल्हाड़ी उठाकर उन्हें बेरहमी
से मार देता है। उसका यह रूप देखकर गांव
वाले डर जाते हैं और मजबूरी में गेट खोल
देते हैं। आगे चलकर उन्हें कोई ज़ॉम्बी
नहीं मिलता और वे ब्रॉडकास्ट स्टेशन पहुंच
जाते हैं। अंदर मेयर सबको एरिया चेक करने
का आदेश देता है। आखिर में माया को एक
कैबिनेट में वॉकी टॉकी मिलता है। एक
मैकेनिक रह चुकी माया उसे आसानी से ठीक कर
लेती है। राइज़न उसे हैरानी से देखता है और
मजाक में ज़ॉम्बी हंटर कह देता है। माया
मुस्कुरा देती है और राइज़न उसकी तरफ खोस आ
जाता है। लेकिन मेयर की चिंता बढ़ रही थी
क्योंकि उसके बेटे के पैर का ज़ॉम्बी जख्म
बिगड़ता जा रहा था। तब मेयर ने अपने
बॉडीगार्ड से सच नहीं छुपाया था। फिर वह
बेटे को दिलासा देता है कि कुछ घंटे और
निकालने हैं। रेस्क्यू टीम आते ही इलाज हो
जाएगा। लेकिन बेटा खुद को धोखा खाया हुआ
महसूस करता है और गुस्से में दूसरे कमरे
में चला जाता है। तभी माया और रेज़न हैरान
होते हैं और तभी उसके पैर का जख्म देख
लेते हैं। अब रेज़न चुपचाप कैंची उठा लेता
है। तभी अचानक मेयर के बेटे की आंखें सफेद
हो जाती हैं और वह खड़ा होते ही एक ज़ॉम्बी
बन जाता है। अब कमरा छोटा था और हथियार भी
नहीं थे। फिर माया और रेज़न जल्दी घिर जाते
हैं। तब ज़ॉम्बी माया की सेक्सीी बॉडी
देखते हुए कुछ साबित करना चाहता है। लेकिन
तभी मेयर और बाकी लोग दरवाजा तोड़कर अंदर
आते हैं और किसी तरह बच पाते हैं। फिर
आखिरी में आने वाला एक गार्ड ज़ॉम्बी के
काटने से घायल हो जाता है। तब कैप्टन रोने
लगता है क्योंकि वह उसका छोटा भाई था। तभी
मेयर अपनी पिस्तौल से उसे तुरंत मार देता
है और सोचता है काश उसने पहले ही सच बता
दिया होता। अब भारी दिल से वो कांच के पार
अपने बेटे से माफी मांगता है और गोली चला
देता है। इसके बाद रेडियो ठीक किया जाता
है और मेयर अपने आर्मी के दोस्त कॉर्नल से
संपर्क करता है लेकिन हेलीकॉप्टर मुमकिन
नहीं था क्योंकि डेपुटी मेयर ने शहर पर
कब्जा कर लिया था तब एक जानकारी मिलती है
कि वर्ल्ड वॉर 2 का एक पुराना ब्रिज ही
आखिरी रास्ता है। अब यही उनकी उम्मीद बन
जाता है। फिर माया एक सुरंग के बारे में
जानती थी जो रास्ता छोटा कर देगी। तब रात
के अंधेरे में वे निकल पड़ते हैं। लेकिन
जंगल में भारी कदमों की आवाज आती है। तभी
ज़ॉम्बीज़ का झुंड टूट पड़ता है। फिर फायर
करते हुए भागते हैं। लेकिन एक गार्ड पीछे
रह जाता है और ज़ॉम्बीज़ उसे पूरी तरह नोच
डालते हैं। उधर डेपुटी मेयर लाल कपड़े और
जूरियन की बदबू से लोगों को बेवकूफ बना
रही थी। अब असल में वह ज़ॉम्बीज़ को इकट्ठा
करके ब्रिज उड़ाने की साजिश रच चुकी थी।
तभी इसी दौरान एडी नींद से जागता है। फिर
रात के अजीब सपनों से शर्मिंदा होकर पानी
पीता है और टीवी चालू करता है। अब डेपुटी
मेयर का लाइव ब्रॉडकास्ट देखकर वह सच समझ
जाता है। तब ऐला के साथ भागते हुए वह
देखता है कि सैनिक सर्वाइवर्स को भी मार
रहे हैं। अब उन्हें ज़ॉम्बीज़ से ही नहीं
बल्कि इंसानों से भी बचना था। फिर चालाकी
से वे ज़ॉम्बीज़ को सैनिकों की तरफ मोड़ देते
हैं और एक घर में घुस जाते हैं। तभी घर की
मालकिन उन्हें शरण देती है और लाल कपड़ा
इकट्ठा करने की बात कहती है। लेकिन यह
सुनकर एडी समझ जाता है कि सबको धोखा दिया
जा रहा है और वह सच बताने का फैसला करता
है। इसके बाद फैसला हुआ कि सब अलग-अलग हो
जाएंगे। फिर घर की मालकिन गैदरिंग स्पॉट
पर जाकर लोगों को सच्चाई बताएगी। तब एडी
और एला ब्रॉडकास्ट स्टेशन की तरफ
निकलेंगे। अब अगर बाहर निकलने का कोई
रास्ता मिला तो वे दूसरों के लिए सिग्नल
छोड़ देंगे। फिर ज्यादा वक्त नहीं लगा जब
उन्होंने स्टेशन का दरवाजा खोला और फर्श
पर ताजी लाशें देखी। तभी एडी ने पहचान
लिया कि यह मेयर के आदमी थे और उसे यकीन
हो गया कि उसकी बहन यहां आ चुकी थी। अब
दोनों ने ब्रॉडकास्ट रूम छाना और आखिरकार
माया की छोड़ी हुई एक रिकॉर्डिंग मिली। तब
पता चला कि शहर से बाहर निकलने का एक ही
रास्ता है। वही पुराना ब्रिज। तभी जैसे ही
वे बाहर निकले ऐला वहीं जम गई। अब सामने
एक ज़ॉम्बी खड़ा था। फिर उसने तुरंत पहचान
लिया कि यही उसकी मां की मौत का जिम्मेदार
था। तब एडी भी उसे पहचानता था। लेकिन यही
पहला इनफेक्टेड इंसान था जिसने उस अजीब
फूल का इस्तेमाल किया था। जल्द गुस्से से
भरी ऐला बदला लेना चाहती थी। लेकिन ज़ॉम्बी
उस पर झपट पड़ा। तब एडी ने लकड़ी से वार
किया। फिर दोनों बचते रहे लेकिन पीछे
गार्ड रेल से टकरा गए। तभी उसके पीछे छिपा
ज़ॉम्बीज़ का पूरा झुंड सामने आ गया। अब
इलेक्ट्रिक बाइक स्टार्ट करने का वक्त
नहीं था। फिर दोनों जान बचाकर भागे और
पीछे मुड़कर भी नहीं देखा। उधर मेयर और
उसका ग्रुप भी ज़ॉम्बीज़ के झुंड से भाग रहा
था। तब किसी तरह वे टनल में घुसे। लेकिन
आयरन गेट पूरी तरह जंग लगा हुआ था। तभी
बॉडीगार्ड खुद को कुर्बान करने ही वाला था
कि अचानक अजीब सा हुआ। अब सारे ज़ॉम्बी
एकदम रुक गए। जैसे टनल के अंदर कोई डरावनी
चीज हो। फिर आगे बढ़ते ही बदबू का भयानक
झोंका आया। तब रेज़न को समझ आ गया कि
ज़ॉम्बीज़ ड्यूरियन की बदबू से बचते हैं। अब
मतलब कोई भी तेज बदबू उनके सेंसेस को रोक
सकती है। तभी सबको समझ आया कि ज़ॉम्बीज़ टनल
में क्यों नहीं आए थे। फिर आगे बढ़ते हुए
उन्हें पीछे से कुछ परछाइयां दिखी। तभी
खुले हिस्से में पहुंचते ही किसी चीज के
कुतरने की आवाज आई। अब बॉडीगार्ड ने
वार्निंग शॉट चलाया। तब कई सुराखों से लोग
बाहर निकले। लेकिन उनके कपड़े ज़ॉम्बीज़ से
भी ज्यादा फटे हुए थे। अब साफ था कि वे
काफी समय से यहां रह रहे थे। तभी हैरानी
की बात यह थी कि उनमें से एक ने मेयर का
नाम लिया। फिर पता चला कि वे लकड़ी के
कैंप के मजदूर थे जो आउटब्रेक के वक्त
भागकर सीवर में छिप गए थे। अब वे जानवरों
की लाशें खाकर जिंदा थे और बदबू की वजह भी
यही थी। तभी जैसे ही उन्हें सच्चाई समझ
आई। मजदूरों की आंखों में नफरत भर गई।
लेकिन माया ने समझाने की कोशिश की पर कोई
सुनने को तैयार नहीं था। अब हालात बिगड़ते
देख बॉडीगार्ड आगे बढ़ा। फिर रेज़न माया को
लेकर भागने लगा। तब कुछ मजदूर उनके पीछे
पड़ गए। अब रेज़न ने माया को बचाने के लिए
पूरी ताकत लगा दी। तभी माया ने सिज़र केक
से एक को गिराया और किसी तरह दोनों बच
निकले। लेकिन मेयर उतना खुशकिस्मत नहीं
था। तब बॉडीगार्ड उसे बचाते हुए लड़ता
रहा। फिर आखिरकार उसने मेयर को भागने को
कहा। तभी चीख सुनकर मेयर रुक गया लेकिन
पलट कर नहीं देखा। अब आगे चलकर उसे माया
और रेजिन मिल गए। तब टनल पार करते ही
ब्रिज दिखाई दिया। तभी सड़ी हुई बिल्ली की
बदबू आई। फिर नाक ढक कर आगे बढ़े। लेकिन
सामने ज़ॉम्बीज़ भरे पड़े थे। उधर डेपुटी
मेयर एक्सप्लोसिव्स की तैयारी कर चुकी थी।
अब उसका मकसद मेयर को पूरी तरह खत्म करना
था। लेकिन माया को समझ नहीं आ रहा था कि
यहां इतने ज़ॉम्बीज़ क्यों हैं। तभी उन्हें
डेड कैट का आईडिया आया। फिर बदबू से
ज़ॉम्बीज़ रुक गए। लेकिन एक लाश पर ठोकर
लगते ही बिल्ली हाथ से छूट गई और ज़ॉम्बीज़
फिर टूट पड़े। तभी दूसरी तरफ एला और एडी भी
ज़ॉम्बीज़ से भाग रहे थे। फिर वही घर की
मालकिन ट्रक लेकर आई। तब ड्यूरियन की मदद
से सब बच पाए। अब आखिरकार सब केव में मिल
गए। तभी पता चला कि बॉडीगार्ड जिंदा था और
कुछ लोग डेपुटी मेयर की साजिश समझ चुके
थे। अब आखिरी रास्ता सामने था लेकिन
ज़ॉम्बीज़ का झुंड रोकना मुश्किल था। तब एडी
ने बताया कि बारिश में ज़ॉम्बीज़ जम जाते
हैं। तभी माया को रेन मेकर का ख्याल आया।
लेकिन मेयर के पास कोई और बेहतर आईडिया
नहीं था। तब उसने मन मारकर उन्हें ट्राई
करने की इजाजत दे दी। फिर एडी और ऐला ने
रेन मेकर को ढूंढने की जिम्मेदारी ली। तब
माया ने साफ कहा कि अगर कुछ भी गड़बड़ लगे
तो तुरंत वापस लौट आना। अब मेयर को ज्यादा
उम्मीद नहीं थी। लेकिन उसने सिर्फ 1 घंटे
का वक्त देने पर सहमति दी। फिर अगर उस समय
तक वे नहीं लौटे, तो ज़ॉम्बीज़ के झुंड को
चीर कर निकलना ही आखिरी रास्ता होगा। तभी
उसी वक्त डेपुटी मेयर भागने की पूरी
तैयारी कर चुकी थी। अब वह बचे हुए कुछ
सर्वाइवर्स को इकट्ठा कर रही थी और उन्हें
समझा रही थी कि लाल कपड़ा ज़ॉम्बीज से बचा
सकता है। लेकिन असल में वो उन्हें सिर्फ
बेट की तरह इस्तेमाल करना चाहती थी। फिर
शहर से बाहर जाने वाला इकलौता ब्रिज पहले
ही सैनिकों के कब्जे में था। तब वहां सारे
बचे हुए एक्सप्लोसिव्स लगा दिए गए थे। अब
जैसे ही मेयर पहुंचेगा, ब्रिज उड़ा दिया
जाएगा। तभी डेपुटी मेयर को अकेले बस में
चढ़ते देख मिलिट्री कमांडर का चेहरा सख्त
हो गया। अब प्रोपेगेंडा की वजह से बहुत से
लोग घरों से बाहर निकल आए थे। फिर उन्हें
लग रहा था कि वे इनविसिबल हैं। लेकिन
रास्ते में कुछ लोग डेपुटी मेयर से टकराए।
तभी भागने की जल्दी में उसने ड्राइवर को
तेज भगाने का आदेश दे दिया। अब यह देखकर
कमांडर और भी झुंझुला गया। इधर एडी और ऐला
पहाड़ों से नीचे उतर चुके थे। तब
जैसे-जैसे वे उस गांव के पास पहुंचे। एडी
के मन में अजीब सा डर बैठ गया। फिर वो ऐला
से अपने दिल की फीलिंग्स बताना चाहता था।
लेकिन शब्द गले में ही अटक गए। तभी ऐला ने
शायद कुछ महसूस किया और बात बदल दी। अब
दोनों गांव में पहुंचे और राहत की बात यह
थी कि कहीं कोई ज़ॉम्बी नहीं था। तब एडी ने
एक लकड़ी के घर का दरवाजा खटखटाया। लेकिन
दरवाजा खोलने वाली रेन मेकर की बेटी थी।
फिर पता चला कि बूढ़ी रेन मेकर की मौत हो
चुकी थी। तब उसकी बेटी ने ही उसकी विद्या
संभाली थी। अब मजबूरी में उन्होंने किस्मत
आजमाने का फैसला किया। तभी जरूरी सामान
इकट्ठा किया गया और रिचुअल शुरू हुआ। फिर
एडी और ऐला पहरा देते रहे। जबकि यंग रेन
मेकर पूजा करने लगी। फिर समय बीतता गया
लेकिन बारिश का नामोनिशान नहीं था। तब
पहाड़ के उस पार मेयर बेचैन हो चुका था।
अब एक घंटा पूरा होते ही उसने मान लिया कि
रिचुअल नाकाम हो गया है। फिर उसने ज़ॉम्बीज़
से भिड़कर निकलने का फैसला कर लिया। तभी
माया थोड़ा और इंतजार करना चाहती थी। लेकिन
सब मेयर के साथ हो गए। अब आदेश मिलते ही
सब झुंड के किनारे तक चुपचाप पहुंच गए।
तभी उसी दौरान शहर में ब्रेन वाश लोग भी
ज़ॉम्बीज़ से टकरा गए। फिर बिना सोचे समझे
वे सीधे उनके बीच घुस गए। लेकिन जैसे ही
आमनासामना हुआ, उन्हें समझ आ गया कि कुछ
गड़बड़ है। अब लाल कपड़े के बावजूद कई लोग पल
भर में मारे गए। इधर एडी और ऐला पर भी
ज़ॉम्बीज़ टूट पड़े। तब पीछे हटने का कोई
रास्ता नहीं था। फिर दोनों ने हथियार उठाए
और लड़ना शुरू कर दिया। तभी यंग रेन मेकर
जमीन पर गिर पड़ी। अचानक तभी चमत्कार हुआ
और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। अब सारे
ज़ॉम्बीज़ वहीं के वहीं जम गए। फिर कुछ पल
की हैरानी के बाद लोग होश में आए। तब सब
साफ होने के बाद एडी और ऐला विदा लेने
लगे। अब जाते वक्त उसने उन्हें एक
इलेक्ट्रिक स्कूटर दे दी। उधर डेपुटी मेयर
तेज रफ्तार में भागते हुए सर्वाइवर से
टकराई। तब जब उन्होंने उसे फ्रॉड कहा तो
उसने सैनिकों को गोली चलाने का आदेश दे
दिया। तभी मिलिट्री कमांडर का सब्र टूट
गया। फिर उसने पिस्टल निकाली लेकिन अगले
ही पल टकले बॉडीगार्ड ने उसे गोली मार दी।
अब डेपुटी मेयर ने सबको धमकी दी। तभी
दूसरी तरफ मेयर और उसका ग्रुप ब्रिज के
पास पहुंच चुके थे। अब सामने सैनिकों को
देखकर सबके चेहरे सख्त हो गए। लेकिन मेयर
शांत था। फिर अचानक ब्रिज के पास जंगल से
धुआं उठा। तब कैप्टन ने एक सोल्जर को जांच
के लिए भेजा। तभी जैसा मेयर ने सोचा था
वही हुआ और सोल्जर सीधे ट्रैप में फंस
गया। फिर उसने दो और सोल्जर्स भेजे। अब वे
भी एंबुश में फंस गए। तब सब कुछ मेयर की
प्लानिंग के मुताबिक चल रहा था और अब
ब्रिज गार्ड कर रहा कैप्टन अकेला रह गया
था। लेकिन इधर एडी और एला ब्रिज की तरफ
जाते हुए अचानक एक पुराने दुश्मन से टकरा
गए जो वही फर्स्ट जनरेशन ज़ॉम्बी था। तब
एला की आंखों में आग भर गई और उसने ठान
लिया कि आज इसे पूरी तरह खत्म करेगी। फिर
पीछे से और भी ज़ॉम्बीज़ आ रहे थे। लेकिन
ऐला ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह सीधे
उस फर्स्ट जनरेशन ज़ॉम्बी पर टूट पड़ी। तभी
एडी बाकी ज़ॉम्बीज़ से लड़ता रहा ताकि ऐला को
खुली जगह मिल सके। आखिरकार ऐला ने जोरदार
वार किया और अपनी मां का बदला पूरा कर
लिया। उधर मेयर और उसका ग्रुप ब्रिज गार्ड
कर रहे कैप्टन के पास पहुंचे। तब कैप्टन
ने विरोध करने की कोशिश की लेकिन पल भर
में गोली लगते ही गिर पड़ा। फिर भी वह
पूरी तरह मरा नहीं था और उसने जेब से
ग्रेनेड निकालकर ब्रिज उड़ाने और सबको साथ
ले जाने की धमकी दी। तभी रेजन ने उसे
समझाया कि ऐसा करना बेकार है क्योंकि सब
सरकार के लिए काम कर रहे हैं और जिंदा
रहकर जिंदगी जीना बेहतर है। फिर उसकी बात
मानकर कैप्टन ने ग्रेनेड नदी में फेंक
दिया। तभी सब ने राहत की सांस ही ली थी कि
अचानक पीछे से गोलियों की बौछार होने लगी।
अब डेपुटी मेयर पूरी तरह आर्म्ड सोल्जर्स
के साथ वहां पहुंच चुकी थी। लेकिन माया और
बाकी लोग उनके सामने टिक नहीं पाए और मेयर
ने समझदारी से सबको हथियार डालने का इशारा
किया। तभी डेपुटी मेयर गुस्से से चिल्लाते
हुए मेयर की बेइज्जती का मजा ले रही थी।
फिर जैसे ही वह उन्हें मारने का आदेश देने
वाली थी, तभी ब्रिज से इलेक्ट्रिक स्कूटर
का हॉर्न सुनाई दिया। वहां एडी और ऐला आ
चुके थे। लेकिन उनके पीछे एक विशाल ज़ॉम्बी
हॉर्ड भी था। तभी हालात बदलते देख डेपुटी
मेयर को बदला छोड़ना पड़ा। फिर उसने कुछ
सोल्जर्स को ज़ॉम्बीज़ रोकने के लिए छोड़ा
और बिना पीछे देखे ब्रिज पार कर भाग गई।
अब मेयर ने माया को आदेश दिया कि डेपुटी
मेयर का पीछा करो क्योंकि वह कभी भी ब्रिज
उड़ा सकती है। तब खुद मेयर रेजिडेंस को
बचाने के लिए पीछे रुक गया। फिर कुछ
सोल्जर्स इंसानी दीवार बनाकर ज़ॉम्बीज़ से
लड़ते रहे लेकिन संख्या लगातार बढ़ती गई और
वे जल्दी ही घिर गए। तभी रेजन ने एडी और
ऐला को पकड़ कर पीछे खींच लिया। अब
बॉडीगार्ड ने मेयर से जाने को कहा और वह
आखिरी गोली तक लड़ता रहा। तब जब एमो खत्म
हो गया तो बॉडीगार्ड समझ गया कि अब लौटने
का कोई रास्ता नहीं है। इधर डेपुटी मेयर
ब्रिज के दूसरे सिरे पर पहुंच चुकी तब
उसने कैप्टन को ब्रिज उड़ाने का आदेश
दिया। लेकिन कैप्टन ने कहा कि पहले सबको
पार आने दो। तभी बोल्ड बॉडीगार्ड ने उसे
गोली मार दी। फिर डेपुटी मेयर ने आगे
बढ़कर डेटोनेटर उठा लिया। तब यह देख मेयर
और बाकी लोग चिल्लाए कि एक पल रुक जाओ। अब
वह पल भर हिचकी लेकिन आखिरकार बटन दबा
दिया। फिर जोरदार धमाके के साथ ब्रिज दो
टुकड़ों में टूट गया और ज़ॉम्बी पीछा वहीं
रुक गया। तभी धुआं छटने के बाद माया जमीन
से उठी और हैरानी से देखा कि एडी और बाकी
लोग भी टूटे हुए ब्रिज को पार कर सुरक्षित
पहुंच चुके थे। अब दूर से सोल्जर्स का एक
ग्रुप आता दिखा। तब डेपुटी मेयर खुशी से
चमक उठी और उसने उन्हें मेयर और बाकी
लोगों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
लेकिन सोल्जर्स ने उसकी बात अनसुनी कर दी
और उल्टा डेपुटी मेयर और उसके बॉडीगार्ड
को घेर लिया। फिर पता चला कि यह सोल्जर्स
मेयर के पुराने मिलिट्री दोस्त के कहने पर
आए थे और अब डेपुटी मेयर को कानून का
सामना करना था। इसके बाद सीन बदलता है और
माया समेत सारे सर्वाइवर्स को एक टेंपरेरी
कैंप में ले जाया जाता है। तब टीवी पर
न्यूज़ चल रही होती है जिसमें मेयर की
बहादुरी की तारीफ हो रही होती है कि कैसे
उसने रेजिडेंस को बचाया और ज़ॉम्बीज से
लड़ा। लेकिन माया और बाकी लोग इन बातों पर
ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे थे। अब चारों
लोग दो-दो के ग्रुप में खड़े होकर राहत की
सांस ले रहे थे। फिर वे इस बात के लिए
शुक्रगुजार थे कि वे इस खौफनाक सफर से
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