Afrikaans
Akan
Albanian
Amharic
Armenian
Azerbaijani
Basque
Belarusian
Bemba
Bengali
Bihari
Bosnian
Breton
Cambodian
Catalan
Cebuano
Cherokee
Chichewa
Chinese (Simplified)
Chinese (Traditional)
Corsican
Czech
Danish
Dutch
Esperanto
Estonian
Ewe
Faroese
Filipino
Finnish
French
Frisian
Ga
Galician
Georgian
German
Greek
Guarani
Haitian Creole
Hausa
Hawaiian
Hebrew
Hmong
Hungarian
Icelandic
Igbo
Interlingua
Irish
Italian
Japanese
Javanese
Kazakh
Kinyarwanda
Kirundi
Kongo
Korean
Krio (Sierra Leone)
Kurdish
Kurdish (Soranî)
Kyrgyz
Laothian
Latin
Latvian
Lingala
Lithuanian
Lozi
Luganda
Luo
Luxembourgish
Macedonian
Malagasy
Malay
Maltese
Maori
Marathi
Mauritian Creole
Moldavian
Mongolian
Myanmar (Burmese)
Montenegrin
Nepali
Nigerian Pidgin
Northern Sotho
Norwegian
Norwegian (Nynorsk)
Occitan
Oriya
Oromo
Pashto
Polish
Portuguese (Brazil)
Portuguese (Portugal)
Punjabi
Quechua
Romanian
Romansh
Runyakitara
Russian
Samoan
Scots Gaelic
Serbian
Serbo-Croatian
Sesotho
Setswana
Seychellois Creole
Shona
Sindhi
Sinhalese
Slovak
Slovenian
Somali
Spanish
Spanish (Latin American)
Sundanese
Swahili
Swedish
Tajik
Tamil
Tatar
Telugu
Thai
Tigrinya
Tonga
Tshiluba
Tumbuka
Turkish
Turkmen
Twi
Uighur
Ukrainian
Urdu
Uzbek
Vietnamese
Welsh
Wolof
Xhosa
Yiddish
Yoruba
Zulu
ये फ़िल्म वास्तविक घटनाओं से प्रेरित एक काल्पनिक कृति है। इस फ़िल्म का किसी की भावनाएँ को आहत करने का उद्देश्य नहीं है।
फ़िल्म के निर्माता और इससे जुड़े लोग पात्रों के किसी भी कार्य या विचार का समर्थन नहीं करते।
यदि तुम युद्ध में मारे जाओगे तो स्वर्ग प्राप्त करोगे
या जीतकर पृथ्वी के राज्य का सुख भोगोगे।
इसलिए, हे अर्जुन! दृढ़ निश्चय के साथ उठो और युद्ध करो
भगवद्गीता अध्याय 2, श्लोक 37
चैप्टर 1
शांति का मूल्य
[पार्श्व में गहराता संगीत]
30 दिसंबर 1999
कांधार एयरपोर्ट
देवव्रत कपूर विदेश मंत्री भारत
मैंने सब कुछ ट्राई कर लिया है,
पीएम पर बहुत प्रेशर है।
आईएसआई ने इंटरनेशनल मीडिया में खबर दे दी है
कि हमारी बातचीत पूरी तरह फेल हो गई है।
और किसी भी वक़्त टेररिस्ट
ऊपर बैठे यात्रियों को मार देंगे।
सर, आपको पता है कि ये सच नहीं है।
[अंग्रेज़ी में] अब इनकी हिम्मत टूटने वाली है।
छत्तीस टेररिस्ट की रिहाई से,
तीन टेररिस्ट की रिहाई पर आ गए हैं।
सर, मुझे बस थोड़ा सा वक़्त दे दीजिए,
और मैं प्रॉमिस करता हूँ कि हमें एक भी टेररिस्ट छोड़ना नहीं पड़ेगा।
और हम सारे के सारे पैसेंजर्स को यहाँ से सही सलामत ले जा पाएँगे।
[अंग्रेज़ी में] बस कुछ ही वक़्त की बात है।
होस्टेजेस के परिवार वाले पिछले तीन दिनों से
पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे हैं।
[अंग्रेज़ी में] दुर्भाग्य से, यही सच है।
[पार्श्व में गंभीर संगीत]
शौचालय
[एक आदमी] साले, बैठ।
-[एक आदमी] पकड़ साले को। -[दूसर आदमी] पकड़ो कमीने को।
पकड़ो साले को।
[एक आदमी] उन्हें रिहा करो।
चल!
-हट साले! -गर्दन काट इसकी।
उठ।
गर्दन काट!
पकड़ इसको।
ज़हूर, बंदूक की नोक पर बातचीत नहीं होगी।
क्या फैसला लिया?
पीएम साहब से बात हो चुकी है।
कल तीनों मुस्ताख अहमद ज़र्गर,
अहमद ओमार सईद शेख
और आपके भाई मौलाना मसूद अज़हर,
अपने जेलों से रिहा कर के यहाँ कांधार में आपको सौंप दिए जाएँगे।
और हमारी रकम?
आज रात तक दस मिलियन डॉलर तुम्हारे दुबई कोंटेक्ट को
ट्रांसफर कर दिए जाएँगे।
अब मैं यात्रियों से अकेले में बात करना चाहता हूँ।
सुनिए,
आप सभी लोग अपनी-अपनी आँखों की पट्टियाँ उतार सकते हैं
और खिड़कियाँ खोल लीजिए।
घबराइए मत।
मैं अजय सनयाल, भारतीय आईबी चीफ
अजय सान्याल डाइरेक्टर, इंटेलिजेंस ब्यूरो, भारत
आपको ये खुशखबरी देना चाहता हूँ,
कि हमारी बातचीत सफल रही।
कल शाम आप सभी लोग
भारत के लिए सही सलामत रवाना होंगे।
इस कठिन परिस्थिति में हौसला बनाए रखने के लिए
हमारा देश सदैव आपका आभारी रहेगा।
भारत माता की…
भारत माता की…
जय।
हिन्दू बहुत ही डरपोक कौम है, हम्म?
इंटेलिजेंस साहब, आज रात पैसा आ जाना चाहिए।
सोने की चिड़िया कहलाता था ना आपका ये मुल्क?
आज सोना भी लुट गया,
ज़हूर मिस्त्री जैश-ए-मोहम्मद
कल चिड़िया भी उड़ जाएगी।
[जहूर मिस्त्री] सनयाल साहब…
पड़ोस में ही रहते हैं हम,
गूदे भर का ज़ोर लगा लो
और बिगाड़ लो जो बिगाड़ सकते हो।
[एक आदमी] सर बुरा मत मानिएगा,
पर आपके अलावा, हमारी बातचीत करने वाली टीम
नौसिखियों से भरी हुई थी।
अगर हमारे कमांडो उस प्लेन में घुस भी जाते
तो भारत की इज़्ज़त के लिए एक बेहतर रणनीति होती।
तो आपके हिसाब से अपनी इज़्ज़त को बचाने के लिए
एक सौ साठ मासूमों की जान को
दाँव पर लगाना बेहतर रणनीति है?
[अंग्रेज़ी में] मैंने पहले भी इस तरह की स्थिति को संभाला है।
और साफ-साफ कहूँ तो सर,
हमारा देश इस तरह की मुश्किल से निपटने के लिए तैयार नहीं है।
[अंग्रेज़ी में] तो फिर बेहतर होगा कि हम तैयारी शुरू कर दें।
क्योंकि हो गया ना, सर।
यूएन से भीख माँग ली,
यूएस के आगे गिड़गिड़ा लिए,
हमारे डिप्लोमैटिक रास्तों पर उन्होंने थूक दिया।
सर, मुझे माफ़ करना मैं कड़वा बोल रहा हूँ पर मेरे पास और कोई रास्ता नहीं है।
कश्मीर घुसे, कारगिल घुसे,
अब हैदराबाद तक घुसकर आ जाएँगे
और हम यहाँ बैठे-बैठे "सारे जहाँ से अच्छा" गुनगुनाते रह जाएँगे।
सर, मुँह तोड़ने के लिए मुट्ठी बंद करना ज़रूरी है।
[अंग्रेज़ी में] हमें पाकिस्तान में आतंक की जड़ तक घुसकर उसे वहीं खत्म करना होगा।
ताकि वो भारत के खिलाफ अगर नींद में भी सोचें ना
तो उनके ख्वाब में हम बैठे नज़र आने चाहिए।
और इसके लिए मेरे पास एक यूनिक प्लान है, सर।
[अंग्रेज़ी में] अरे सन्याल, आखिर तुम कहना क्या चाहते हो?
पूरे देश ने तुम्हारे प्लान की धज्जियाँ उड़ते हुए देख ली कांधार में।
तुम इंडियन इंटेलिजेंस संभालो,
अंतरराष्ट्रीय मैं संभाल लूँगा।
[केएस भुल्लर अंग्रेज़ी में] सर, क्या मैंने अपना कश्मीर वाला सिद्धांत आपको बताया था
सही मायने में अमन की आशा उसे कहते हैं।
13 दिसंबर 2001
[एक आदमी] किस खुशी की है मैडम मिठाई?
मेरे पति की नौकरी लग गई है एसबीआई सिक्योरिटी में।
-कॉन्ग्रेच्युलेशन, मैम। -आप भी लो।
वो मैंने बताया था ना आपको?
-कॉन्ग्रेच्युलेशन, मैडम। -आ जाओ, भैया। थैंक यू।
-कब लगी नौकरी? -आज ही लगी।
-शाम को मैंने पार्टी रखी है। -धीरे- धीरे।
सर, रोको! रोको!
सर, रोको!
-पकड़ना एक मिनट। -हाँ।
-रोको! रोको! -गाड़ी को रोको!
अरे रोको!
यादव जी, ये गाड़ी स्पीड लिमिट से ज़्यादा जा रही है पकड़िए इसे?
पार्लियामेंट के सारे दरवाज़े बंद करो! जल्दी!
-[एक आदमी] वीवीआईपी गेट की तरफ जा रहे हैं। -रोको!
गेट नंबर 11 पर गाड़ी क्रैश हुई है!
जल्दी से पार्लियामेंट के सारे दरवाज़े बंद करो, जल्दी!
जल्दी!
[समाचार] आज सुबह लगभग, 11 बजकर 40 मिनट पर
आतंकवादियों के एक आत्मघाती दस्ते ने संसद पर हमला किया।
जिस कार पर लाल बत्ती और गृह मंत्रालय का स्टीकर लगा हुआ था।
[ट्रांसमीटर] ऑपरेशन! ऑपरेशन! कमांडर!
गोली चल रही हैं गेट नंबर एक के सामने।
[एक आदमी] फिर वो सीधे गोली चलाते हुए आगे आए, सिक्योरिटी गार्ड के गोली लगी थी।
आप सुन सकते हैं मेरे पीछे गोलियों की आवाज़ चल रही है।
गेट नंबर एक के आसपास यहाँ पर एक एंकाउंटर
को रोकने की कोशिश की गई।
दिल्ली पुलिस
[टीवी समाचार] और जो आतंकवादी आए थे वो अपने साथ काफी बड़ी मात्रा में एक्सप्लोसिव लेकर आए थे।
वहाँ पर एक आतंकवादी जो कि ह्यूमन बम था
वो वहाँ पर गया और उसने अपने आप को एक्सप्लोड कर लिया।
धमाका इतना ज़्यादा बड़ा था
कि वहाँ पर ऊपर छत तक जो है
मांस के टुकड़े ऊपर लगे हुए हैं, मांस चारों तरफ फैला हुआ है।
[अंग्रेज़ी में] क्या स्थिति है?
पाँच टेररिस्ट घुस चुके हैं।
-अंदर या बाहर? -बाहर ही हैं।
शुक्र है कि संसद सत्र 40 मिनट पहले स्थगित कर दिया गया था।
बचे-कुचे एमपी को अंदर पार्लियामेंट कोर्ट में सुरक्षित बंद कर रखा है।
नई जानकारी आई है,
आईसी 814 के हाईजैकर्स में से एक,
सनी काज़ी, इस अटैक को लीड कर रहा था।
[अंग्रेज़ी में] उसे तीन और लोगों के साथ ढेर कर दिया गया है।
[अंग्रेज़ी में] हमें हर बार बिल्कुल सही करना होता है
और इन्हें बस एक बार।
हालत नाज़ुक है।
[अंग्रेज़ी में] बचाना मुश्किल है। हमें खून की ज़रूरत है।
[देवव्रत कपूर] पार्लियामेंट अटैक ने काफी हिला दिया है सरकार को।
किसी ने सोचा भी नहीं था कि वो घर के अंदर तक घुस जाएँगे।
प्रधानमंत्री काफी परेशान हैं।
उनका धैर्य टूट रहा है।
कभी-कभी धैर्य का टूटना देश के लिए अच्छा साबित हो सकता है।
हाँ…
जो फाइल तुमने दी, आखिरकार पढ़ी मैंने।
दो साल बाद।
काफ़ी रेडिकल आइडियाज़ हैं।
मगर मिडिल ईस्ट से दोस्ती करने में बहुत टाइम लगेगा।
और पाकिस्तान को आर्थिक रूप से बैंकरप्ट करना अभी बहुत मुश्किल है
क्योंकि उन्हें यूएस का साथ है।
हाँ…
एक सुझाव है जो प्रधानमंत्री को पसंद आया।
धुरंधर।
धुरंधर।
[अंग्रेज़ी में] हालांकि, पीएम को चिंता है
कि इतना लंबे समय तक चलने वाला प्लान कामयाब हो पाएगा?
[अंग्रेज़ी में] हमारे पास और कोई चॉइस नहीं है।
कभी या कहीं से तो शुरुआत करनी पड़ेगी?
क्योंकि आज तो सिर्फ घर में घुसे हैं,
कल छाती पर भी बैठ जाएँगे
और फिर टूटने के लिए कुछ नहीं बचेगा।
ना धैर्य, ना हौसला।
[अंग्रेज़ी में] मैं इसे करके दिखाऊँगा।
[अंग्रेज़ी में] धुरंधर के नाम।
[अंग्रेज़ी में] धुरंधर के नाम।
चैप्टर 2
दुश्मन देश में एक अजनबी
♪ धूप टूट के ♪
♪ काँच की तरह ♪
♪ चुभ गई तो क्या ♪
♪ अब देखा जाए ना ♪
♪ दिल है टूटा… ♪
♪ मेरा, मैं इश्क़ जलाकर आ गया ♪
अविश्वसनीय सच्ची घटनाओं से प्रेरित
♪ दिल है टूटा… ♪
♪ मेरा, मैं इश्क़ जलाकर आ गया ♪
♪ आसमान में उड़ान है ♪
♪ धड़कन धड़कन सुरूर में ♪
♪ दिल है टूटा… ♪
♪ है जुनून में सुकून ♪
♪ अब ये दिल ये दिल फ़ितूर में ♪
♪ आँधी बन के आया हूँ ♪
♪ मेरा हौसला भी अय्याश है ♪
♪ ना तो कारवां की तलाश है ♪
♪ ना तो कारवां की तलाश है ♪
♪ ना तो हमसफ़र की तलाश है ♪
♪ ना तो कारवां की तलाश है ♪
♪ दिल है टूटा… ♪
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा, तोरखम
♪ आधी बातें आँखें बोले ♪
♪ आधी बातें आँखें बोले ♪
♪ बाकी आधी ख़ामोशी कह दे ♪
♪ हमज़ुबाँ की तलाश है ♪
♪ ना तो कारवां की तलाश है ♪
-भाईजान, ये कहाँ जाएगी? -लाहौर जाएगी।
लाहौर?
-भाई ये वाली कहाँ जाएगी? -कराची।
-कराची। -पेशावर से।
♪ ना तो हमसफ़र की तलाश है ♪
पाकिस्तान में आपका स्वागत है
♪ मेरे हमक़दम है ये ज़मीन ♪
कराची बस स्टैंड
♪ मेरे हमक़दम है ये ज़मीन ♪
♪ मेरे हमक़दम है ये ज़मीन ♪
♪ मेरे हाथ में आकाश है ♪
♪ ना तो कारवां की तलाश है ♪
स्वागत है लयारी टाउन
♪ ना तो हमसफ़र की तलाश है ♪
♪ ना तो कारवां की तलाश है ♪
♪ दिल है टूटा… ♪
अरशद पप्पू बाबू डकैत
♪ मेरा, मैं इश्क़ जला कर आ गया ♪
♪ ना तो कारवां की तलाश है ♪
रहमान डकैत उज़ैर बलोच
♪ ना तो हमसफ़र की तलाश है ♪
[एक आदमी] डार्लिंग डार्लिंग दिल क्यों तोड़ा?
पीलो पीलो आलम दूध सोडा!
आलम जूस सेंटर
डार्लिंग डार्लिंग दिल क्यों तोड़ा?
पीलो पीलो आलम दूध सोडा!
डार्लिंग डार्लिंग दिल क्यों तोड़ा?
पीलो पीलो आलम दूध सोडा! लयारी
दूध सोडा, बीस रुपए… बीस रुपए…
-पीलो पीलो आलम दूध सोडा… -शुक्रिया।
डार्लिंग डार्लिंग दिल क्यों तोड़ा?
पीलो पीलो आलम दूध सोडा।
दूध सोडा, बीस रुपए… बीस रुपए…
कस्टम जूस ब्लेंड उपलब्ध हैं
सलाम वालेकुम।
वालेकुम अस्सलाम।
यहाँ कोई काम मिलेगा?
नहीं भाई, सिर्फ जूस मिलेगा।
मैं हिंदू कुश से आया हूँ।
नहीं-नहीं, चलो यार। ईद के बाद आना।
नमक कहाँ पर है?
बीस रुपए! बीस रुपए! दूध सोडा! दूध सोडा!
ओहो, पश्तून या बलोच?
अरे ये तो बलोच लग रहा है?
बहुत खूबसूरत।
अबे ये तो पेट्रोल है बे!
पकड़ इसे!
पकड़!
खोल, खोल।
(सायरन की आवाज़)
अरे, पुलिस! पुलिस! पुलिस भाग!
-चल! -चल!
[एक आदमी] ओए…
बेटा, उठ।
चल, बैठ जा।
उठ।
[पंजाबी में] आराम से। आराम से।
ये ले।
नाम क्या है?
हमज़ा,
हमज़ा अली मज़ारी।
बेटा नाम क्या है?
हमज़ा अली मज़ारी।
घूमाते रह, घूमाते रह ऐसे।
हाँ, घुमा, घुमा।
अरे, ऊपर से डाल भाई, दूध फट जाएगा।
आलम जूस सेंटर
इसको उठाकर पीछे वाली कोठरी में डाल दे।
सब ठीक है?
अबे तोड़ेगा क्या?
आराम से कर।
हल्के से।
मज़े करो।
शादी और पार्टी के ऑर्डर लिए जाते हैं
एक साल बाद
[एक आदमी लाउडस्पीकर पर] रहमान बलोच की तरफ से लयारी को रमज़ान मुबारक हो।
सबको मिलेगा खुदा के वास्ते सब्र रखें।
दुआओं में याद रखें, लयारी।
हमारे देश में सबसे घातक औज़ार है
नज़र और सब्र।
दोनों की धार हमेशा तेज़ रखना।
तुम्हारा उद्देश्य सिर्फ पाकिस्तान में घुसना नहीं है,
पूरे जंगल पर राज करना है।
चाय पिएगा?
वाशमा बट बिरयानी और चाय की दुकान
लयारी आते ही सबसे पहली जगह यहीं है जहाँ पर मैंने नौकरी की थी।
छह साल बैंचों पर सोया हूँ मैं।
छह साल गिलास धोए हैं,
नेटवर्क बनाने के लिए।
भट्ट साहब, सलाम वालेकुम।
वालेकुम अस्सलाम।
-सब खैरियत? -बस ठीक-ठाक।
अपने भट्ट साहब चाय में नमक डालते हैं।
यहाँ के लोगों को वाहियात लगती है।
लेकिन मुझे पसंद है।
मेरे गाँव में सिर्फ खारा पानी आता था,
तो चाय भी नमकीन बनती थी।
यहाँ की चाय मुझे मेरे घर की याद दिलाती है।
कहाँ है आपका घर?
रहमान डकैत के गैंग में घुसना आसान नहीं होगा।
इंतज़ार करना पड़ सकता है,
लंबा इंतज़ार।
लयारी में जितनी भी गैंग हैं
वो सब कौम के हिसाब से बँटे हुए हैं।
तू बलोच है,
इसलिए सिर्फ रहमान बलोच की गैंग में ही घुस सकता है।
पठान गैंग से बचकर रहना,
बाबू डकैत और अरशद पप्पू के लोग घूमते रहते हैं।
जैसे उस रात।
रहमान डकैत, बाबू डकैत?
दोनों के नाम में डकैत लगता है।
लयारी कहती है रहमान डकैत बाबू डकैत की नाजायज़ औलाद है।
जिस दिन रहमान को ये बात पता चली, उसी दिन उसकी अम्मी का इंतकाल हो गया।
कहते हैं कि रहमान ने गुस्से में आकर अपनी माँ का कत्ल कर दिया।
[गज़ल बज रही है]
♪ मुद्दतें गुज़रीं ♪
♪ पर अब तक वो ठिकाना याद है ♪
♪ हमको अब तक… ♪
चैप्टर 3
लयारी का हरामी राजा
क्यों बे भड़वे!
चल दराज़ खोल। माल निकाल, चल।
रहमान के सलवार में घुसकर बड़ी गर्मी ले रहा है।
पता नहीं…
वो बाबू भाई,
रहमान भाई ने अपने बच्चे के बर्थडे पार्टी में स्टाल लगाने को बोला है,
-तो मना कैसे कर सकता था? -[एक आदमी] बता कहाँ है?
-बता चल! -अरे, भाई नहीं पता…
-जानता है ना, जानता है ना तू -चल दराज़ खोल, पैसा निकाल!
किसके इलाके में काम करता है?
साले दोबारा वहाँ गया ना
तो तेरी गोटियों में ऐसा चीरा मारूँगा
कि ज़िंदगी भर प्लास्टिक की पाइप से मूतेगा।
हट!
साला।
ये चिकना लीची कहाँ से लाया?
बाबू डकैत
-ओए लुल्ली! -हाँ, भाई।
चल।
ए, चल।
ए, लुल्ली भड़वे।
हाँ, भाई।
बाबू डकैत को लकवा पड़ने के बाद
उसने रहमान बलोच से लड़ने के लिए
अरशद पप्पू के साथ हाथ मिला लिया है।
आज की तारीख में तक़रीबन एक-तिहाई लयारी पर
अरशद पप्पू और बाबू डकैत का कब्ज़ा है।
[दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़]
कल के वलीमे में रहमान खुद नहीं आएगा
पर उसका बेटा नईम ज़रूर आएगा,
दूल्हे के बचपन का दोस्त है वो।
रिज़वान, हमज़ा।
हमज़ा… रिज़वान।
इसकी किस्मत अच्छी थी।
आते ही अरशद पप्पू के गिरोह में शामिल हो गया है।
वलीमे से निकलते वक़्त
नईम पर बाबू डकैत के तीन लड़के हमला करेंगे।
अगर नईम को बचा सके तो एक झटके में रहमान डकैत की नज़र में आ जाएगा।
गोली कहीं से भी निकल सकती है।
इस काम में जान का खतरा हो सकता है।
चलेगा?
या कोई और तरकीब लगाएँ?
मैं बचा लूँगा लड़के को।
फ़िक्र मत करो…
बचा लूँगा लड़के को।
[पार्श्व में उत्तेजक संगीत]
जूस?
♪ रंबा हो, हो, हो ♪
♪ सांबा हो, हो, हो ♪
आप लेंगी जूस?
मुझे चाहिए।
♪ मैं नाचूँ ♪
♪ तुम नाचो ♪
♪ जितनी तुम प्यार से ♪
-सब बढ़िया? -हाँ।
ऑरेंज दे दीजिए। ऑरेंज अच्छा लग रहा है सबको।
♪ रंबा हो, हो, हो ♪
♪ सांबा हो, हो, हो ♪
नईम बलोच रहमान डकैत का बेटा
ये है नईम।
बच्चा कौन है इसके साथ?
ये रहमान बलोच का छोटा लड़का है…
फैज़ल।
एक काम कर…
तू नईम पर ध्यान दे, मैं बच्चे को संभालता हूँ।
♪ दुनिया में लोगों के मेले ये आएँगे, जाएँगे ♪
♪ यारों से मिल के हम झूमेंगे, झूमेंगे, गाएँगे ♪
फैज़ल मियाँ! फैज़ल मियाँ!
अरे, इधर आइए, इधर आइए।
सलाम।
♪ [अंग्रेज़ी में] गाएँगे… गीत गाएँगे ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] उन लोगों के लिए जिन्हें करते हैं प्यार ♪
♪ रंबा हो, हो, हो ♪
-मैम, जूस? -♪ सांबा हो, हो, हो ♪
[बाइक के नजदीक आने की आवाज़]
♪ मैं नाचूँ ♪
-♪ तुम नाचो… ♪ -फैज़ल कहाँ है?
-अरे! -तो हमारी तारीफ़ करोगे ज़रूर।
राशिद शाज़िया
-फैज़ल! -हाँ।
बहुत कमाल का जूस है।
चल।
क्या हो गया? अरे! अरे…
♪ सांबा हो, हो, हो ♪
मारो साले को!
मारो कमीने को!
सद्दाम, आगे बढ़!
♪ रंबा हो, हो, हो ♪
♪ सांबा हो, हो, हो ♪
♪ रंबा हो, हो, हो ♪
♪ सांबा हो, हो, हो ♪
♪ मैं नाचूँ ♪
♪ तुम नाचो… ♪
♪ जितनी तुम प्यार से जिलोगे ♪
♪ उतनी ही ज़िंदगी ♪
♪ रंबा हो, हो, हो ♪
♪ सांबा हो, हो, हो ♪
♪ रंबा हो, हो, हो ♪
♪ सांबा हो, हो, हो ♪
♪ दुनिया में लोगों के ♪
-आलम भाई यहाँ आओ, यहाँ आओ। -♪ मेले ये आएँगे, जाएँगे ♪
हमज़ा, तू जा, मैं फैज़ल को संभालता हूँ।
बच्चे को संभालो।
♪ यारों से मिल के हम झूमेंगे, झूमेंगे, गाएँगे ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] चमक रहे, तारे चमक रहे हैं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] गाएँगे… गीत गाएँगे ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] उन लोगों के लिए जिन्हें करते हैं प्यार ♪
♪ रंबा… ♪
♪ सांबा ♪
♪ रंबा… ♪
♪ सांबा ♪
मर गया ये। निकल यहाँ से।
छाती दबाओ इसकी!
छाती दबाओ!
अरे, बच्चे को गोली लगी है!
[आलम] अरे गोली लग गई!
[हमज़ा] अरे कोई डॉक्टर या एम्ब्युलेन्स बुलाओ!
[आलम] नईम!
एम्ब्युलेन्स को बुलाओ।
-खून रोको! -नईम!
-नईम मियाँ! -अरे कोई गाड़ी निकालो।
भाई कोई डॉक्टर है यहाँ पर?
[हमज़ा] अरे, भाई कोई मदद करो!
एम्ब्युलेन्स!
रहमान बलोच
रहमान डकैत
मेरा बच्चा…
अरे, घर के बच्चे को नहीं मारना चाहिए था!
हरामज़ादा!
बाबू… बाबू…
कीमत चुकानी पड़ेगी इसकी।
भैया, हम उसे छोड़ेंगे नहीं।
ऑपरेशन थियेटर
क्या ये मेरे बेटे का खून है?
-जी। -रहमान साहब,
मेरी दुकान में काम करता है।
निहायती मेहनती लड़का है।
बेचारे ने पूरी जान लगा दी बच्चे को बचाने में।
कितने लड़के थे?
तीन।
एक के पास ग्लॉक थी, एक के पास उज़ी, एक के पास एके-47।
एके का कुंडा कटा हुआ था।
पहचान पाएगा तीनों को?
-जी। -[दरवाज़ा खुलने की आवाज़]
[एक आदमी के चिल्लाने की आवाज़] या अल्लाह ये क्या हो गया!
ये क्या हो गया? ओए मेरे मौला!
ये क्या कर दिया तूने!
जैसे ही मुझे खबर मिली, मैं खुदा कसम नंगे पाँव दौड़ा चला आया।
रब्बा ये कैसे हो गया?
ये क्या हो गया?
खुदा मेरे नईम को जन्नत नसीब करे।
-कहाँ है? -आइए, इस तरफ।
साले, बाबू डकैत हरामी! तेरे नुन्नु में पानी भर जाए दल्ले!
इलेक्शन हो जाए फिर तुझे नंगा नचाऊँगा।
बंदूकों के बारे में बड़ी जानकारी है तुझे।
जी।
जहाँ से आता हूँ वहाँ आम बात है।
कहाँ से है?
खरोताबाद, क्वेता।
-बंदूक चलाने आती है? -जी।
कैसे?
बड़े भाई आज़ाद बलोच आर्मी में मुजाहिद थे,
उन्होंने ही सब कुछ सिखाया।
अब कहाँ हैं?
शहीद हो गए।
और कोई है रिश्ते में?
जी नहीं।
रहता कहाँ है?
आलम भाई की दुकान में।
नाम?
हमज़ा अली मज़ारी।
-डोंगे? -जी भाई?
इसे…
एक लाख दे।
फैज़ल की जान बचाई है इसने।
मुझे पैसे नहीं चाहिए।
क्या?
क्या बोला?
मुझे पैसे नहीं चाहिए, मियाँ।
रहमान भाई,
आज़ादी से लेकर आज तक पाकिस्तान में हम बलोचों को
कभी अपना हक़ नहीं मिला, इज़्ज़त नहीं मिली।
आपने हमें पहचान दिलाई।
उसके बदले में मेरे हिस्से में जो बन सका मैंने वही करने की कोशिश की।
मुझे इसके पैसे नहीं चाहिए।
इसका ख्याल रखो।
जी।
और हाँ…
एक अलविदा दो इसे।
तू ही तो मेरी जान है।
उज़ैर बच्चा है तू मेरा,
कोई बदमाशी नहीं करनी।
स्टेट इलेक्शन सिर पर है।
और कोई बदला-वदला नहीं लेना।
पीएपी रहमान के भरोसे बैठी है, यार।
याद है ना 97 के इलेक्शन में क्या हुआ था?
इसने ड्रामे किए थे
और एसपी चौधरी असलम इसको उठा कर ले गया था,
वो तो मैं मिनटों में निकाल कर ले आया था लेकिन फिर भी…
इलेक्शन के नतीजों में कितना गंदा असर पड़ा था, याद है कि नहीं?
एक बार इलेक्शन हो जाए, हम जीत जाएँ, उसके बाद
जमील जमाली नेशनल असेंबली पाकिस्तान आवामी पार्टी का सदस्य
बाबू डकैत क्या
अरशद पप्पू के भी पूरे खानदान को हलाल करके नंगा करेगा ना ये
तो कोई कुछ नहीं कहेगा।
मैं हूँ तुम्हारे साथ, यार।
मैं क्या, तब तो कराची की पूरी हुकूमत होगी तुम्हारे पीछे।
समझे?
उज़ैर,
इधर आ।
देखो, अपने भाई पर नज़र रखो।
अकेला मत छोड़ना इसको।
कसम है तुझे मेरी, तू मेरा मरा मुँह देखेगा, मेरा मरा मुँह देखेगा
खा कसम मेरी, खा।
ठीक है।
शाबाश।
मेरा समझदार बच्चा।
अल्लाह हाफ़िज़।
चलो।
पुलिस
♪ बहेगी हवा ♪
♪ रहें ना रहें हम ♪
♪ उड़ेगी सदा ♪
♪ रहें ना रहें हम ♪
♪ आए थे सिकंदर पहले कई ♪
♪ हालात ने तोड़े उनके भ्रम ♪
♪ शहंशाओं को भी हैं दिए ♪
एक मिनट हटो ना, यार।
नहीं-नहीं, आप से नहीं कह रहा सर।
भीड़ बहुत है ना।
ज़रवारी साहब बात करना चाहते थे।
ले।
रहमान, नईम वापस नहीं आएगा।
हमें अब अपने मुस्तकबिल के बारे में सोचना है।
जमील ने जो समझाया उस पर अमल करो।
क्या कर रहा है यार?
सीधा खड़ा होना, ऊपर क्यों चढ़ा हुआ है?
इन सब कामों में पीएपी का हाथ है भाई के सर पर।
पीएपी के लिए हमने अपने दम पर दो बार लोकल इलेक्शन अपनी तरफ घुमाया है।
और दूसरी तरफ है मुस्लिम मूवमेंट पार्टी, एमएमपी।
जो बाबू डकैत और अरशद पप्पू के हिमायती हैं।
लेकिन सीधी सी बात है,
जिसने पूरी लयारी पर कब्ज़ा किया ना,
उसने कराची पर कब्ज़ा किया।
और जिसने कराची पर कब्ज़ा किया उसका पूरा पाकिस्तान हो गया।
मैं आता हूँ। चल।
दर्रा आदम खेल से बेहतर जाली असला बनाते हैं हम यहाँ।
पूरे पाकिस्तान में सबसे बड़ा नकली बंदूकों का कारोबार है हमारे यहाँ पर।
सिर, संभालकर आ।
असली और नकली में कोई ज़्यादा फर्क बता नहीं सकता।
हाँ, थोड़ी गरम जल्दी हो जाती है लेकिन अपना काम करती है,
वो ज़्यादा ज़रूरी है।
उसके बाद ये सारा सामान पैक करके यहाँ से लाहौर,
आज़ाद कश्मीर, यहाँ तक कि अफ्रीका तक जाता है।
उसके अलावा भट्टा वसूली, किडनैपिंग, कच्ची शराब,
चाइना कटिंग, रमी क्लब, सियासी कत्ल वगैरह-वगैरह।
लयारी के लाखों लोगों का घर हमारी वजह से चलता है।
सब खैरियत से है, काम ठीक चल रहा है?
इन लड़कों से तो तू पहले ही मिल चुका होगा।
आगे का काम डोंगा तुझे समझा देगा।
-उज़ैर भाई, सलाम। -बैठे रहो, बैठे रहो, काम चालू रखो।
ये देख।
ये भी यहीं पर बनती है।
एक ट्रिगर में तीस।
क्या यार उज़ैर भाई, बता तो देते।
साला सलवार में पखाना निकलवा दिया!
[डोंगा] तू क्या हँस रहा है?
ए, डोंगे खेलना है तो खेल।
मैं सिखाता हूँ। बाबला को भी मैंने ही सिखाया था।
क्या देख रहा है?
-आजा बाबले, तेरी बारी। -वो…
महज़ गद्दी नहीं है,
तख़्त है।
जिसे पाने के लिए रहमान भाई ने ना जाने कितनों के जिस्म पर सुराख किए हैं।
♪ [अंग्रेज़ी में] जब सबने कहा कि ये मुमकिन नहीं, मैंने हालात बराबर करने के लिए ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मेरे ख़िलाफ़ थे हालात, फिर भी मैं डटा रहा बराबरी की इस जंग में, अकेला ही लड़ता रहा ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] जिनसे करता हूँ मैं प्यार, उनके लिए सब कुर्बान ♪
और बदले में हमें लयारी के लिए स्कूल
कॉलेज, अस्पताल सब बनवाते हैं।
♪ [अंग्रेज़ी में] तो बता… तू तैयार है या नहीं? ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] बता… तू तैयार है या नहीं? ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] दिल से बोल… तू तैयार है या नहीं? ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] सच में बता… तू तैयार है या नहीं? ♪
-आ जा। -♪ [अंग्रेज़ी में] बता… तू तैयार है या नहीं? ♪
-आ जा। -♪ [अंग्रेज़ी में] बता… तू तैयार है या नहीं? ♪
तो ये है कमरा,
उधर किचन।
यहाँ पहले रहमान भाई के साले रहा करते थे
ये है लयारी।
यहाँ से पूरा लयारी दिखता है
ओ लौडु, चल छत से दिखाते हैं।
♪ [अंग्रेज़ी में] मुझे पता है, किस दिन मिलेगा ♪
♪ [पंजाबी में] कसम दी है ♪
-आजा। -♪ [अंग्रेज़ी में] मैं ढूँढ रहा हूँ जवाब ♪
♪ आर या पार है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] हर सच के पीछे छुपा मतलब ♪
ये खड़ा मेनन सोसाइटी,
ये नवाबाद,
रागीवारा,
शाह बेग लेन, सिंगु लेन।
ये कुछ इलाके हैं अरशद पप्पू और बाबू डकैत के हाथ में।
वो टंकी देख रहा है…
वहाँ से आगरा ताज कॉलोनी,
अलमा इक़बाल कॉलोनी, बगदादी, बिहार कॉलोनी, चक्की वाला।
लयारी का बड़ा इलाका रहमान भाई की मुट्ठी में है,
इसलिए सुलगती है ये बाबू और पप्पू की।
डोंगा सियाही
हाँ, वो कालाकोट जाए तो ध्यान रखना,
वो एसपी असलम ने रहमान भाई को यहीं से उठाया था।
ये एसपी असलम कौन है?
बहुत साल पहले ना…
एक शैतान और एक जिन में ज़बरदस्त सेक्स हुआ,
नौ महीने बाद जो पैदा हुआ उसका नाम पड़ा चौधरी असलम।
एकलौता इंसान जिससे सारे बलोच खौफ़ खाते थे।
एसपी था लयारी का।
अब मकसूद है एसपी।
अपना खास है।
-कोई भी ज़रूरत पड़े, हम दोनों… -[चेन खोलने की आवाज़]
अबे, सियाही, क्या कर रहा है? क्या कर रहा है तू?
अबे दिख नहीं रहा है साँप सूखा रहा हूँ?
अबे, तो क्या छत से मूतेगा?
♪ [पंजाबी में] दरवाज़ा खुला है, हाथ में धारदार हथियार लिया हुआ है ♪
♪ [पंजाबी में] दुश्मन की नस पर सीधा निशाना है ♪
♪ [पंजाबी में] गोलियाँ घूम रही हैं और मौत सामने खड़ी है ♪
नईम बलोच का कत्ल हुए एक महीना बीत चुका है
पर पुलिस की तफ़्तीश कुछ ज़ोर नहीं पकड़ रही।
पूरी लयारी जानती है कि हमलावर मशहूर पठान गैंग के सरगना
बाबू डकैत के गिरोह से थे,
लेकिन कहीं भी किसी तरह की गिरफ़्तारी की कोई खबर नहीं है।
हैरतअंगेज़ बात ये है कि रहमान ने भी अभी तक कोई जवाबी हमला नहीं किया है।
क्या आने वाले इलेक्शन को मद्देनज़र रखते हुए
रहमान डकैत ने अपने सियासी आकाओं के लिए
अपने बेटे की मौत से मुँह फेर लिया है?
या फिर रहमान डकैत अपनी ताक़त खो चुका है?
कराची की बाकी खबरें जानने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
ओए निकाल ली उधर से!
-उसे पार कर, उसे पार कर! -♪ तू तैयार है या नहीं? ♪
-वाह! इधर आ तुझे पप्पी देता हूँ! -♪ तू तैयार है या नहीं? ♪
♪ तू तैयार है या नहीं? ♪
-कवर कर! कवर कर! कवर कर! -♪ तू तैयार है या नहीं? ♪
-कवर कर! कवर कर! कवर कर! -♪ नहीं पता तू तैयार है या नहीं ♪
-कोई बात नहीं! यहाँ पास कर! -♪ तू तैयार है या नहीं? ♪
♪ तू जानता है कि तू तैयार है या नहीं? ♪
-अरे यार! -कोई बात नहीं, कोई बात नहीं।
-ये ले हमज़ा! -♪ जीत या हार ♪
-♪ इसके आगे क्या? ♪ -जाने दे! हमज़ा, जाने दे!
-मार दे! मार! कुछ कर! -शाबाश! बहुत बढ़िया!
-वाह! -♪ जट की लात ♪
♪ मुझे पता है जब मैं ढूँढ लूँगा ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] आराम से आराम से ♪
सही खेला इसने आज।
मैराडोना! ऐसे मारा उसने आज।
-डोंगे। -हाँ?
ये ले।
-मैं नहीं पीता। -अरे पी ले!
इतना ज़िंदा रहकर क्या करेगा? पी ले!
चल, चल।
हमज़ा।
ले।
वाह!
आराम से, आराम से।
ठीक है तू?
फुटबॉल सिखाता था नईम को यहाँ।
बच्चा था अभी।
मारना नहीं चाहिए था।
डोंगा।
जी भाई।
नईम का बदला लेना चाहिए कि नहीं?
लेना चाहिए?
चमाट लगाऊँ एक?
भाई आपके डर से बोल रहा है।
सच बोल।
भाई बदला तो लेना चाहिए लेकिन अभी नहीं।
इलेक्शन के बाद।
वो बाबू डकैत इंतज़ार में होगा कि हम जवाबी हमला करेंगे।
और अगर हमने कुछ किया तो…
अपने ही लड़के मरेंगे।
जी भाई।
इलेक्शन जीतना ज़रूरी है।
वरना, पीएपी हम से सुलग जाएगी।
गैंग चलाने के लिए उनसे जितनी भी रक़म मिलती है
सब बंद हो जाएगी, भाई।
तू…
तू मेरी जगह होता, तो क्या करता?
बदला लेता।
-दिमाग खराब हो गया है तेरा चूतिए। -चुप।
बोल।
आप बलोचों के रहबर हैं, बादशाह हैं।
दुश्मन ने आपके बेटे को बेरहमी से मार दिया।
बादशाह अगर इंतकाम ना लें
तो बेइज़्ज़ती पूरी कौम की होती है।
और अगर आप इलेक्शन जीतने के मक़सद से बदला नहीं ले रहे हैं,
तो आप ये इलेक्शन कब का हार चुके हैं।
आज तक आपको इलेक्शन जीतने के लिए बाबू डकैत और अरशद पप्पू के
इलाकों से टक्कर लेनी पड़ती थी।
मुकम्मल जीत के लिए
आपको पूरी लयारी पर कब्ज़ा करना होगा।
बाबू ने इसी वक़्त में हमला किया क्योंकि उसे यकीन है
कि इलेक्शन के चलते पीएपी आपको कभी जवाबी हमला नहीं करने देगी।
असलियत ये है
कि वो बिल्कुल तैयार नहीं बैठा होगा।
यही मौका है उसकी पूरी जमात को खत्म करके उसके सारे इलाकों पर कब्ज़ा करने का।
लयारी की अवाम तय करती है कराची में किसकी हुकूमत होगी।
और अब लयारी में हुकूमत…
शेर-ए-बलोच की होगी।
हमज़ा मैं ये दोबारा नहीं करूँगा।
हमज़ा, प्लीज हमज़ा मुझे जाने दो।
समझो, भाई। हमज़ा, प्लीज़।
मुझे जाने दो।
गलती हो गई।
दोबारा नहीं करूँगा।
मैं कसम खाता हूँ,
दोबारा गलती नहीं करूँगा।
मुझे जाने देना यार।
पाया कितना बनाया है आज तूने?
पाया आज 5 किलो बनाया है।
नोट बहुत छाप रहा है।
बस सब अल्लाह की मेहरबानी है भाई।
मुस्कान क्लॉथ शॉप
फटाफट आ।
जल्दी कर।
हाँ।
भाई, गली नंबर सात से मेहरन खान रोड की तरफ जा रहा है।
प्लीज़, मुझ से गलती हो गई दोबारा नहीं करूँगा।
दोबारा गलती नहीं करूँगा।
मुझे जाने देना यार।
हमज़ा, प्लीज़।
मुझे जाने देना यार।
हमज़ा, प्लीज़…
मकसूद मियाँ, उज़ैर बलोच।
अच्छा सुनें, ये हसनैनाबाद काला गेट में सिलेंडर ब्लास्ट हो गया है।
लयारी की जितनी भी पुलिस फ़ोर्स है मुझे यहाँ चाहिए।
और अगले 40 मिनटों के लिए रास्ते और गलियाँ खाली चाहिए।
ठीक है जी।
खुदा हाफ़िज़।
-भाग रहा है? पकड़। -रुक साले।
रुक।
आज बचेगा नहीं।
छोड़ मुझे! छोड़!
नहीं!
मर साले!
अम्मी!
-उज़ैर भाई! उज़ैर भाई, बाबू! -क्या है?
-बाबू! बाबू! -कहाँ है?
उल्टी गली में इमरान भाई के ऑटो में।
अबे साले, इमरान कौन?
इमरान खान यार! इमरान खान!
हमारा कप्तान इमरान!
वो रहा बाबू!
भगा! भगा! भगा!
वो देख!
या हुसैन! या हुसैन! या हुसैन!
या हुसैन! या हुसैन!
हमज़ा पीछे ले, पीछे ले। दूसरी गली से जाते हैं, चल।
या हुसैन! या हुसैन!
या हुसैन! या हुसैन!
या हुसैन! या हुसैन!
भाई को बोल चील चौक पर पहुँचे।
[मोबाइल की घंटी बजती है]
पीछे हटा, पीछे!
कोई बीच में नहीं आएगा।
तू मेरी नस्ल का है।
तू मेरा बेटा है ना रहमान।
तू मुझे मारेगा?
रहमान… रहमान…
तू मेरी नस्ल है, रहमान।
तूने अपनी माँ को मारा,
अब तू मुझे मारेगा? रहमान,
रहमान, तू मेरी औलाद है रहमान।
मैं तेरा बाप हूँ।
तू मेरी औलाद है…
मैं तेरा बाप हूँ।
रहमान…
रहमान, तू…
बच्चे को नहीं मारना चाहिए था बापू।
रहमान…
आज से लयारी में
बलूचों की हुकूमत होगी।
जो भी दगाबाज़ी करेगा
उसका यही हश्र होगा।
चैप्टर 4
गोलियाँ और गुलाब
पीएपी! पीएपी! पीएपी!
काकरी ग्राउंड, लयारी कराची
[महिला रिपोर्टर] ऐसी जीत लयारी की तारीख़ में पहले कभी नहीं देखी गई थी।
तीन लाख वोटों से जीतने वाले जनाब जमील जमाली
का मानना है कि कराची तो बस शुरुआत है।
पार्टी प्रेसिडेंट और जिला वतन मोहतरमा
बेनज़ीर भुट्टो साहिबा के लंदन से वापस आने पर
पूरे पाकिस्तान पर सिर्फ पीएपी की हुकूमत होगी।
-पाकिस्तान का मुकद्दर… -जमील जमाली!
मेरे अज़ीज़ भाइयो और बहनो!
आज मैं आपकी आँखों में एक चमक देख रहा हूँ।
मैं आपकी आँखों में आँख डालकर देखता हूँ
तो मुझे ये चमक कह रही है कि मेरे लयारी को बदल डालो।
और ये चमक चीख-चीख कर ये भी कह रही है
कि हमें अब एक रोशनी तबदीली चाहिए अपनी ज़िंदगी में।
और वो तब्दीली आनी चाहिए। वो आएगी
-और अल्लाह के-- -[हॉर्न की आवाज़]
रहमान बलोच!
रहमान बलोच! रहमान बलोच!
♪ [अंग्रेज़ी में] मेरे सारे दुश्मन खड़े मेरे सामने ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] बदले का कोई इलाज नहीं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मेरे सारे दुश्मन खड़े मेरे सामने ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] बदले का कोई इलाज नहीं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मेरे सारे दुश्मन खड़े मेरे सामने ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] बदले का कोई इलाज नहीं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मेरे सारे दुश्मन खड़े मेरे सामने ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] बदले का कोई इलाज नहीं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] घबराते हैं, जैसे ही मैं अंदर आता हूँ, सब घबराते हैं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] इतना ख़ून बह चुका है, पट्टी भी कम पड़ जाती है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] कोई खड़ा रहने लायक़ नहीं बचता ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मेरी गोलियाँ झेलना उनके बस की बात नहीं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मैं प्लान बनाऊँ तो खेल मेरे हाथ में होता है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] निशाना सीधा सिर पर… और वार ज़ोरदार ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मेरे कदम रखते ही दहशत फैल जाती है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] क्योंकि मैं हूँ नंबर वन गैंगस्टर ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] एक गोली… और खेल ख़त्म ♪
[महिला रिपोर्टर] कहा जा रहा है इस जीत का सेहरा रहमान बलोच
उर्फ रहमान डकैत के सिर जाता है।
जिस तरह उन्होंने सिर्फ बलोच ही नहीं
बल्कि पठान, मुहाज़िर
और बाकी बिरादरी के वोटों को अपनी तरफ खींचा है।
♪ [अंग्रेज़ी में] दुश्मन को मिटाना मेरा तरीका है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] निशान तक नहीं छोड़ता ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] क्योंकि मैं हूँ नंबर वन गैंगस्टर ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] खौफ ♪
रहमान! रहमान! रहमान!
-[पार्श्व में मधुर संगीत] -रहमान! रहमान! रहमान!
♪ तू चाँद है एक धड़कता हुआ ♪
♪ चोरी से मुझको ही तकता हुआ ♪
♪ मेरी जन्नत का रास्ता ♪
पापा इलेक्शन जीते हैं,
और तुम यहाँ बैठी हुई हो, सड़ी हुई सी शक्ल बनाकर।
तो क्या करूँ? नाचूँ?
कोई शर्म-हया है तुम में या नहीं है?
-चलो तो। -अम्मी…
इलेक्शन अब्बू जीते हैं,
मेरी नुमाइश क्यों होनी चाहिए?
मेरी मेडिकल क्लास का टाइम हो रहा है, मैं जा रही हूँ।
चुप!
ये जो तुमने इस्लामाबाद में डॉक्टरी पढ़ने के ख्वाब सजा रखे हैं ना,
-इनको अब तुम भूल ही जाओ। -अम्मी…
एक अच्छा सा लड़का देखकर अब तुम्हारी शादी कराते हैं।
एक तो तुम्हारे पापा ने इन गुंडे-मवालियों के साथ वास्ता बना रखा है
और एक तुमने मेरी जान में आफ़त कर रखी है।
-चलो तुम! -अम्मी क्या कर रहे हो?
जमील साहब आपको फोटो के लिए स्टेज पर बुला रहे हैं।
-चलो। -सिर्फ आपको।
रहमान बलोच! रहमान बलोच! रहमान बलोच!
उज़ैर मियाँ…
अरे जावेद भाई अस्सलाम वालेकुम, सब खैरियत?
वालेकुम अस्सलाम।
-वालेकुम अस्सलाम, अल्ताफ भाई। -कैसे हो?
-कैसे लग रहे हैं? -फर्स्ट क्लास।
हमारे मसीहा कैसे हो?
रहमान बलोच! रहमान बलोच!
क्या हो रहा है?
भाई, ये… जावेद खनानी, ये अल्ताफ खनानी।
इलेक्शन में पीएपी के सारे खर्चे इन्होंने उठाए थे।
और ये हैं मेरे भाई रहमान बलोच।
-अस्सलाम वालेकुम। -अस्सलाम वालेकुम।
खनानी ब्रदर्स
बहुत सुना था आज मुलाकात भी हो गई।
ज़रवारी साहब की पार्टी को पूरा भरोसा है कि अगर आप साथ हैं…
तो इस बार के नेशनल इलेक्शन भी, पीएपी ही जीतेगी।
इंशाल्लाह।
हम एक दूसरे के काफ़ी काम आ सकते हैं।
लयारी हमारे धंधे के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है।
आप जैसा रखवाला वहाँ हो
तो हम बेफ़िक्र अपना काम जारी रख सकते हैं।
कभी सियासत में आने का नहीं सोचा?
जनाब, देखिए, देखिए यहाँ पर
पब्लिक की हरकत देखिए। क्या…
अरे आप लोग धूप में क्यों खड़े हैं?
आपको पता है धूप में ही खड़े-खड़े बाबू डकैत को लकवा मार गया था।
-आओ मेरे एसी टेंट में आओ यार। -अरे सुनिए, सुनिए, सुनिए… जनाब।
मैं निकलता हूँ।
-पक्का? -जी, जी।
-चलो ठीक है। -अच्छा।
-और रहमान मियाँ, सब खैरियत? -अलताफ़ चलो।
-सलाम वालेकुम। -उज़ैर…
एक ज़रूरी बात करनी थी।
हाँ, बोलो।
सोच रहा हूँ…
इन सब कामों के बदले
मैं खुद की ही पार्टी को लेकर सियासत में कदम रखूँ।
क्या ख्याल है आपका?
घबरा गए क्या?
अरे आप ही की पार्टी का हिस्सा रहूँगा,
मगर एक अलग पहचान के साथ।
ताकि मुस्लिम मूवमेंट पार्टी के वोट को काट के…
आपको दे सकूँ।
सयाना हो गया है मेरा बच्चा।
चल आ तुझे फैंटा पिलाऊँ।
-सुनिए। सुनिए… -हाँ?
सुनिए!
-क्या बात कर रही हो? -चलो।
मैं आता हूँ।
क्या है?
-तुम्हें अपनी अम्मी से बात करने की तमीज़ नहीं है। -क्या है?
-मेरे को क्या है? उनको बोलो ना। -ये कोई तरीका है उनसे बात करने का?
-मेरा फ़ोन पकड़कर! -सारे फ़साद की जड़ ये फ़ोन है।
इधर लाओ ये फ़ोन। जब देखो इसमें लगी रहती हो तुम।
-पापा क्या कर रहे हो? -बदतमीज़ औलादें!
-हाँ तो तुम क्या खड़ी हो? बैठो ना अंदर। -अरे, तो ये क्या बात होती है?
-मुझे सुनाओ फिर मेरा फ़ोन फेंको। -अंदर बैठो!
बकवास बंद करो अपनी तुम।
मेरी कैसे गलती हो गई?
-मुझे ही बोलते हो हर चीज़ के लिए। -चुप रहो
[उज़ैर] ओहो, किसका फ़ोन मार लिया?
बड़ा लाल लग रहा है।
लाल नहीं मेहरूम है।
अबे लौडु, मेहरूम नहीं मेहरून।
क्या?
ये दोनों खनानी भाई महीने में कितने का धंधा करते होंगे?
भाई, सरसरी तौर पर देखा जाए तो…
फ़ॉरेक्स के धंधे में मेरा ख्याल है डेढ़ से दो करोड़ कमा लेते होंगे।
फिर हवाले के धंधे में दो से ढाई करोड़।
और तीन करोड़ के आसपास फ़र्जी स्टैंप में कमा लेते होंगे।
हालाँकि सुनने में ये आया है कि हाल ही में इन्हें हिंदुस्तानी
पाँच सौ और हज़ार के नोट छापने की प्लेट मिली है।
अगर ये बात सच निकली,
तो मेरा ख्याल है एक माह में ये लोग तकरीबन 50 से 60 करोड़ के ऊपर का कारोबार करेंगे।
-हे, हमज़े बर्फ ला दे ज़रा। -हाँ।
ये नकली नोट इंडिया पहुँचते कैसे हैं?
इसके लिए तो पूरा नेटवर्क चाहिए होता है।
अरे बड़ा आसान है।
कराची से समंदर के रास्ते कतर,
फिर कतर से प्लेन कार्गो में नेपाल।
नेपाल में कोई एयरपोर्ट मिनिस्टर है
जिसका बेटा ये सारा सामान बॉर्डर पार करके
उत्तर प्रदेश के बक्करखाने में भिजवा देता है।
अब इन बक्करखानों के सारे काम नकद में होते हैं।
तो उन नोटों में ये नकली नोट भी घुसा देते हैं।
क्या?
क्या?
बोलना।
भाई, मैं सोच रहा था कि…
सियासत में बड़ा कारनामा करना हो, तो ऐसे दौलतमंदों से दोस्ती बनाए रखनी चाहिए।
खून बहाकर आप लयारी के तख़्त तक ही पहुँच सकते हैं।
चाँद तक पहुँचना है तो
अपना जलवा अमीरों में बिखेरना पड़ेगा।
ऐश कर।
♪ दुनिया की सुनती नहीं, ये बहरी जवानी ♪
♪ मस्ती में डूबी हुई, नशे जैसी जवानी ♪
♪ दुनिया की सुनती नहीं, ये बहरी जवानी ♪
♪ मस्ती में डूबी हुई, नशे जैसी जवानी ♪
♪ रातों के इरादों से क्या बचना ♪
♪ मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
♪ मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
♪ मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
♪ मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] जब सूरज ढल जाए, तो क्यों न हम एक-दूसरे का ख़याल रखें ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] कहो कि तुम हार नहीं मानोगे, जब सायरन बजें ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] ऐसे दौड़ो जैसे ज़रा भी धीमे पड़े तो शहर जल जाएगा ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] अब मुझे ऐसे चूमो जैसे हम बच निकलेंगे, जब लाइटें बुझ जाएँ ♪
♪ होने दे होने दे रात सुहानी ♪
♪ देखो पुरानी ना हो ये जवानी ♪
♪ होने दे होने दे रात सुहानी ♪
♪ देखो पुरानी ना हो ये जवानी ♪
♪ चलता जवानी पे कोई बस ना ♪
♪ मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
♪ मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
♪ मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
♪ मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] अच्छी लड़कियाँ भी तरह पार्टी करती हैं जमकर ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] नीचे झुक ज़रा, आज मुझे भी चमकने दे ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] अच्छी लड़कियाँ भी बिगड़ी की तरह पार्टी करती हैं जमकर ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] नीचे झुक ज़रा, आज मुझे भी चमकने दे ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मुश्किलें बहुत हैं ज़िंदगी में ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] पर आज रात बस एक ही सवाल है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मेरे साथ चलो या मरो ♪
एसपी मकसूद कैसे हो मियाँ? खैरियत?
बर्गर बच्चों की अय्याश पार्टी चल रही है कासिम किले में।
रेड मरवा दो लाखों कमाओगे।
मस्त हो जाएगी लाइफ।
खुदा हाफ़िज़।
♪ [अंग्रेज़ी में] ये शहर मेरे साथ घूमो ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] ये शहर मेरे साथ घूमो ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मुझे तो तेरे साथ है नाचना ♪
[मोटरसाइकल एक्सलेरेटर की आवाज़]
♪ प्यासे-प्यासे इन मेरे लबों के लिए ♪
♪ जब रात होती है, अंदर का शैतान जाग उठता है ♪
♪ मुझे बस चाहिए थोड़ा जीना साँस लेना, खुद को महसूस करना ♪
♪ तेरे होंठों ने हज़ार वादे किए ♪
♪ क्या ये सच है कि तेरा प्यार एक दुआ है? ♪
♪ मुझे बस चाहिए थोड़ा जीना साँस लेना, खुद को महसूस करना ♪
♪ भूलने वाले कोई जिए तो कैसे जिए? ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] सब कुछ खुलकर जी रहा हूँ, मेरा कोई मज़हब नहीं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मुझे बस चाहिए थोड़ा जीना थोड़ा प्यार, इस सच को समझना ♪
-♪ अरे हाँ ♪ - ♪ क्या बस यही है? ♪
-♪ अरे हाँ ♪ -♪ [अंग्रेज़ी में] क्या बस यही है? ♪
-♪ अरे हाँ ♪ -♪ [अंग्रेज़ी में] क्या बस यही है? ♪
-♪ अरे हाँ ♪ -♪ [अंग्रेज़ी में] खेल का वक़्त है ♪
♪ मोनिका, ओह माई डार्लिंग! ♪
♪ मोनिका, ओह माई डार्लिंग! ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] तुझे कभी नहीं मिली मेरे जैसी बुरी लड़की ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] टूटे-फूटे शहर में हम जीते हैं खुलकर ज़िंदगी ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] तुझे कभी नहीं मिली मेरे जैसी बुरी लड़की ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] जीते हुए ज़िंदगी फिर भी लगती है हाथ में बंदूक कितनी ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] क्या तू प्यार कर पाएगा मेरे जैसी लड़की से? ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मेरा आशिक़ सख़्त है हाथ में है लाल मचेती ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] तुझे कभी नहीं मिली मेरे जैसी बुरी लड़की ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] जीते हुए ज़िंदगी, फिर भी लगती है हाथ में बंदूक कितनी ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] ओह गॉड, ओह गॉड, जब सब कुछ बिखर जाता है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मैं खो जाती हूँ, ओह गॉड क्या तू मुझे थाम पाएगा? ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मेरा प्यार अब भी बाक़ी है पूरा चाहिए तो अच्छे से निभाओ ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मैं खो जाती हूँ, ओह गॉड क्या तू मुझे थाम पाएगा? ♪
♪ पिया तू अब तो आजा ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] वो गैंगस्टर है, पूरा शहर उसके नाम है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मेरी बेचैन रूह को अंगारों की तरह सुलगा देता है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] ठंडी मोहब्बत है वो मेरा दा विंची है ♪
♪ तन की ज्वाला ठंडी हो जाए, ऐसे गले लगा जा ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] वो इतना बेबाक है, मैं उसी की दीवानी हूँ ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मुझे कसकर थाम ले ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] वो गैंगस्टर है, पूरा शहर उसके नाम है ♪
♪ ऐसे गले लगा जा ♪
[इंजिन बंद होने की आवाज़]
माफ़ कीजिये, लगता है तेल खत्म हो गया है।
आइये, पैदल घर छोड़ देता हूँ।
अरे नहीं नहीं, पास में ही है मेरा घर।
मैं चली जाऊँगी, शुक्रिया।
जी ऐसा है कि…
मेरी अम्मी कहा करती थीं,
औरतों की हिफ़ाज़त करने वालों को जन्नत नसीब होती है।
तो मुझ से मेरी जन्नत की कुर्सी ना छीनें।
यालिना।
हमज़ा।
उस दिन आप रैली में थे।
आप भी अब्बू के साथ राजनीति में हैं?
सच आपके लिए शायद बहुत कड़वा होगा,
और झूठ बोलने की आज मेरी हिम्मत नहीं है।
हिम्मत तो पहले ही आप बहुत दिखा चुके हैं
और इम्तेहान नहीं लूँगी।
आप अपना कड़वा सच मुझे बता सकते हैं।
मेरा पूरा नाम हमज़ा अली मज़ारी है।
मैं रहमान बलोच की गैंग में काम करता हूँ।
उसके सारे काले धंधों में उसका साथ देता हूँ।
मगर शायरी का भी शौक़ रखता हूँ।
मीर, फ़ैज़, इक़बाल, ग़ालिब।
नशे नहीं करता, शराब नहीं पीता,
एकाध सिगरेट पी लेता हूँ।
कभी किसी लड़की के साथ बदसलूकी नहीं की है।
माली मुश्किलें थीं इसलिए इस पेशे में हूँ।
गरीब हूँ,
पर नाकामयाब नहीं।
और कड़वाहट चाहिए या आज के लिए इतना काफी है?
आपकी अमानत रह गई थी मेरे पास।
जमाली
[बाइक स्टार्ट होने की आवाज़]
आलम जूस सेंटर
खनानी द्वारा 500 और 1000 भारतीय करेंसी नोटों की प्लेटें हासिल की गईं
पाकिस्तान को हमारी
पाँच सौ और हज़ार की प्रिंटिंग प्लेट मिली कैसे?
[अंग्रेज़ी में] लगता है मंत्रालय के कुछ बड़े अधिकारी शामिल थे, सर।
सर, हाल ही में नेपाल, बांग्लादेश से
नकली करेंसी यूपी में काफी भारी तादाद में घुस रही है।
हम गुनहगारों को जानते हैं सर, लेकिन यूपी वालों का माफिया नेटवर्क इतना स्ट्रॉन्ग है
कि उस में घुसना काफी मुश्किल हो रहा है।
हम कराची माफिया में घुस गए हैं।
हम से यूपी माफिया में नहीं घुसा जा रहा।
हद है।
सर। इन क्रिमिनल्स की पॉलिटिकल बैकिंग इतनी मज़बूत है
कि उन्हें अरेस्ट करना नामुमकिन है।
और जैसे-तैसे सबूत ढूँढकर अरेस्ट कर भी लिया, तो…
सांप्रदायिक दंगों का बैकअप तो है ही इनके पास।
दो घंटे में इनके लोग पूरा यूपी जला देंगे।
[अंग्रेज़ी में] हमें ऐसी सरकार चाहिए जो हमारा मज़बूती से साथ दे।
एक काम करो।
[अंग्रेज़ी में] चलो कम से कम जानकारी इकट्ठा करना तो शुरू करो।
और कल को यूपी में ऐसी कोई नेता पावर में आता है
जिसे वाकई में हमारे देश की फ़िक्र हो,
तो ये सारे सबूत काम आ सकते हैं।
यस, सर।
और बंसल,
पता करो। मिनिस्ट्री में किन लोगों ने इनकी मदद की है।
हिंदुस्तानियों का सबसे बड़ा दुश्मन हिंदुस्तानी ही है।
पाकिस्तान तो दूसरे नंबर पर आता है।
खनानी और कालिया
-आजा, आजा। -रहमान भाई, खुशामदीद।
उज़ैर मियाँ।
-कैसे हो जावेद भाई? सब खैरियत? -खैरियत।
आइए।
सलाम वालेकुम।
खनानी और कालिया
मेजर इक़बाल साहब बस ज़रवारी साहब से मिलकर आ ही रहे हैं।
आइए रहमान भाई, आइए।
ये साजिद मीर हैं लश्कर से,
ये अब्दुल बटावी, आज़म चीमा।
जी।
मुरीदके में मुजाहिदों का सबसे बड़ा ट्रेनिंग कैंप चलाते हैं।
-अच्छा? -हाँ।
और ये हैं दाऊद सैयद गिलानी उर्फ डेविड हेडली।
ये मेजर इक़बाल के साथ काम करते हैं।
और आप हैं रहमान बलोच,
लयारी के बेताज बादशाह।
बस एक सियासी ताज पहनाने की देरी है।
फिर तो मैं वादा करता हूँ कि लयारी का अगला इलेक्शन आप ही जीतोगे।
और आप हैं मेजर इक़बाल, आईएसआई से।
रहमान भाई।
इनकी मर्ज़ी के बग़ैर पाकिस्तानी सियासत का
एक पत्ता भी नहीं हिल सकता।
इनकी रहमत से ही हम इतना बड़ा कारोबार खड़ा कर पाए हैं।
जावेद भाई, रहमत तो खुदा करता है।
हम तो बस उनके दिए हुए हुक्म की तामील कर रहे हैं।
आइए,
काम की बात शुरू करें।
बैठिए।
रहमान भाई,
हमें भारी तादाद में आप से असला-बारूद चाहिए।
मगर… जाली नहीं,
एकदम असली।
ऐसी बंदूकें जिस पर रूसी या अमरिकियों का नाम छिदा हो, हमारा ना हो।
कल को अगर अंतरराष्ट्रीय जाँच हो जाए,
तो आईएसआई का नाम नहीं आना चाहिए।
हमारे पास भी फर्स्ट कॉपी मिलती है।
मतलब डुप्लीकेट बंदूकें।
बलोचिस्तान में वो मज़बूत पकड़ है आपकी।
बलोच यूनाइटेड फ़ोर्स और उनके नौ
खलीफों ने आपको "शेर-ए-बलोच" के खिताब से नवाज़ा है।
वो तो आपको अपना मसीहा मानते हैं।
आपके कहे को कभी इनकार नहीं कर पाएँगे।
इसलिए ये सारा सामान आप उनसे खरीद लीजिए।
हम कीमत से बहुत ज़्यादा देंगे।
तो ये काम आप खुद भी तो कर सकते थे।
हैं?
बलोच आज़ाद मुल्क के लिए हम ही से लड़ रहे हैं।
वो हमें उनकी बंदूकें क्यों देंगे?
मेजर साहब को तो बिल्कुल भी नहीं देंगे।
हाल ही में आईएसआई और रेंजर्स ने बीयूएफ़ के बहुत से दहशतगर्द मारे हैं।
पूछताछ के नाम पर इन्होंने उनके 70 रिश्तेदारों को भी तो मरवा दिया…
हम्म!
मैं अपनी कौम को धोखा नहीं दूँगा।
ठीक है।
लेकिन रहमान भाई, पाकिस्तानी सियासत में आज तक जिसने भी हुकूमत की है,
वो सब कुछ ना कुछ गलत हरकत करके ही इस मुकाम तक पहुँचे हैं।
अगर आपको इस हमाम में उतरना है, तो…
नंगा तो होना पड़ेगा।
माफ़ी चाहता हूँ, लेकिन ये बंदूकों का इस्तेमाल कहाँ किया जा रहा है, ये जाने बग़ैर
हमारा ये सौदा करना मुश्किल होगा।
[एक आदमी] आप हमको बंदूकें दे रहे हैं,
उसके बदले हम आपको पैसे।
इससे ज़्यादा जानना आपके लिए ज़रूरी नहीं है।
भुटोवी साहब,
धंधा भरोसे पर चलता है।
भरोसा देने में कोई हर्ज़ नहीं है।
अगले महीने के पहले जुम्मे, 3 अक्टूबर
10-12 मुजाहिद इंडिया जा रहे हैं।
3 अक्टूबर
इस बार थोड़ा बड़ा मकसद है।
उनकी रुख़सती कराची से ही होगी,
तो जुम्मेरात के पहले तक सारा माल खैरियत से हमारे पास पहुँच जाना चाहिए।
रहमान भाई, फ़िक्र मत करो।
सिर्फ माली तौर पर ही नहीं,
मैं खुद ज़रवारी साहब से आपकी हिमायत करूँगा।
[खनानी] अरे वाह!
इलेक्शन मुबारक हो।
मैं वादे के साथ कह सकता हूँ कि इनका कहा ज़रवारी साहब कभी टाल नहीं पाएँगे।
ठीक है फिर,
ये सारा माल आप लोगों को अगले महीने की जुम्मेरात तक मिल जाएगा। इंशाल्लाह।
रकम डॉलर में होगी।
और जो वादा किया गया है
उसे भूलने की गुस्ताखी मत करना।
आप तो जानते ही होंगे…
रहमान डकैत की दी हुई मौत
बड़ी कसाई-नुमा होती है।
खुदा हाफ़िज़।
[मोबाइल की घंटी]
हाँ, बोल जावेद?
आया था।
लयारी छीनना चाहता है आप से।
रहमान ने अगर अपने पर फैला लिए, तो आपकी कुर्सी भी जाएगी और इज़्ज़त भी।
हैं?
अगर शैतान को मारना है,
तो चिराग तो घिसना ही पड़ेगा।
लगता है कि अब जिन्न को आज़ाद करने का वक़्त आ गया है।
हम्म।
चैप्टर 5
जिन्न
हवा हवा
♪ हवा-हवा, ए हवा ♪
♪ खुशबू लुटा दे ♪
♪ कहाँ खुली? ♪
-♪ हाँ, खुली ज़ुल्फ़ बता दे ♪ -ये कौन है?
♪ अब उसका पता दे ♪
♪ ज़रा मुझको बता दे ♪
♪ मैं उस से मिलूँगा ♪
♪ एक बार मिला दे ♪
♪ यार मिला दे ♪
♪ दिलदार मिला दे ♪
♪ यार मिला दे ♪
♪ दिलदार मिला दे ♪
मुफ़ीद कहाँ है?
हज पर गया है।
बड़े साहब ने मुझे भेजा है।
कैश?
कहाँ के हो?
नौशकी।
अरे, वाह…
बलोचिस्तान।
-हाँ। -तुम तीनों?
अरे फिर तो तुम हमारे भाई निकले!
आओ तुम्हें बढ़िया चरस पिलाता हूँ।
मुफ़ीद!
मुफ़ीद?
एसपी चौधरी असलम
रुक, रुक! मैं आ रहा हूँ, वापस आ रहा हूँ।
अबे गांडु!
एम4 है, कहाँ तक भाग लेगा?
♪ फिर किसी के चेहरे का रंग खिल गया ♪
♪ बिछड़ा हुआ आज कोई उसको मिल गया ♪
♪ कैसे मिल गया? कहाँ मिल गया? ♪
तुझे क्या लगता है?
कि बड़े साहब बेवकूफ हैं?
क्या लगा? मुफ़ीद के साथ मिलकर
बड़े साहब के माल में से खतने भर की चोरी कर लोगे,
और पायजामा उठाकर निकल लोगे?
कोकेन में खुशबू नहीं होती, लाले।
उल्लू के पठ्ठों, हेरोइन के पैकेट में टेलकम पाउडर कौन डालता है?
अगर सिरदर्द की गोली का
चूरा भी डाल देता ना, तो शायद बच जाता।
पुलिस के दिनों में मेरा एक पार्टनर था।
बहुत अज़ीज़ था, भाई से भी बढ़कर प्यार करता था मैं उसे।
फिर मुझे पता चला कि मेरी ही पीठ पीछे मेरी होने वाली बीवी को…
फिर क्या था?
एक ऑपरेशन में
बंदूक की नली उसकी तरफ घुमा दी।
आँतें निकालकर अपनी बदज़ात मंगेतर की दहलीज़ पर टाँग दी।
हमेशा बोलता हूँ बड़े साहब को
मगरमच्छ पर भरोसा कर सकते हैं,
मगर पर नहीं।
नहीं!
[मोबाइल की घंटी बजती है]
♪ फिर किसी के चेहरे का रंग खिल गया ♪
सूअर जमाली
-♪ बिछड़ा हुआ आज कोई उसको मिल गया ♪ -मेरे एसपी…
जमील साहब,
अभी-अभी तीन सुअर देखे
एक और को देखने की तमन्ना थी,
इतने में आपका फ़ोन आ गया।
बताइए क्या खिदमत कर सकता हूँ?
अरे सुअर छोड़, ये बता कहाँ है तू?
आराम से, आराम से।
चलिए, आराम से आइए।
ये गलत है रहमान भाई।
अपनों से ही गद्दारी कर रहे हैं आप?
किनके साथ हाथ मिला रहे हैं आप?
इन हरामजादों के साथ?
जिनके खिलाफ रोज़ हमारे भाई आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे हैं,
जानें जा रही हैं रोज़?
बच्चे कट रहे हैं, औरतों की इज़्ज़त लूटी जा रही है।
ये हमारी कौम खत्म करने पर तुले हैं
आप इन्हीं के साथ?
ये कौम का ड्रामा मुझे मत दिखा साले!
चार गोली खाई है मैंने अपनी कौम के लिए।
बच्चा खा लिया कौम ने मेरा।
बदले में थोड़ा वापस ले लिया
तो कौन सा तेरी अम्मी छीन ली तुझ से साले?
भाई…
मुझे सिखाएगा हरामखोर?
नहीं, भाई…
-आप अंदर चलो भाई, बच्चा है। -मुझे सिखाएगा!
रहने दो। रहने दो… रहने दो भाई बच्चा है।
हमज़ा तू यहाँ से जा!
दिमाग खराब हो गया तेरा!
फालतू की बातें कर रहा है!
हमज़ा तू निकल, निकल यहाँ से!
भाई, आप अंदर चलो।
हमज़ा, मैं कह रहा हूँ ना घर जा अपने!
बेवकूफ साला!
3 अक्टूबर, 12 मुजाहिद।
मगर, यार कराची से क्यों?
ना तो बॉर्डर पास है
और ना ही हवाई जहाज़ पकड़ सकते हैं।
हाँ, मुझे भी लग रहा है।
बोट से ही जा रहे होंगे।
गुजरात।
गुजरात निशाना होगा।
संयुक्त खुफिया समिति - जेआईसी नई दिल्ली
ओके।
खबर पक्की है?
ठीक है।
विक्टर-1 का मैसेज आया है।
-तुझे भी आया है? -हाँ।
सुबह से तीन बार वही सेम
तीन अक्टूबर कराची पोर्ट वाला मैसेज आ रहा है।
टैंगो 9 से भी आया है,
लेकिन उसका लोकेशन पोरबंदर बताया है।
वही सेम दस से बारह भारी हथियारों से लैस आतंकवादी।
-पोरबंदर? -हाँ।
दोस्तो मुझे भी,
मगर लोकेशन जामनगर की है।
मगर सेम जानकारी।
इतने लोकेशन एक साथ ट्रैक करना
इंसानों के लिए मुमकिन नहीं है।
बंसल सर को बताएँ?
ऐसा करते हैं, नेवल इंटेलिजेंस और गुजरात एटीएस को खबर देते हैं।
[अंग्रेज़ी में] वो वहाँ से इसे संभाल लेंगे।
ओके।
बलोच यूनाइटेड फोर्स - बीयूएफ़ कैंप
बलूचिस्तान में अज्ञात स्थान
शिरानी विद्रोही नेता, बलोच यूनाइटेड फोर्स- बीयूएफ़
♪ [अरबी में] हाँ, कसम से ♪
♪ [अरबी में] भाई सुन-सुन, मेरी अलग ही चाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई देख-देख, ये नाच बेमिसाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई सुन-सुन, मेरी अलग ही चाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई देख-देख, ये नाच बेमिसाल है ♪
♪ [अरबी में] मेरे नाच में ताक़त है, ओ दोस्त ♪
♪ [अरबी में] नाम उसका सबूहा, किस्मत का दोस्त ♪
♪ [अरबी में] हाथ बढ़ा, पकड़ ले, चाल में आ ♪
♪ [अरबी में] तेरा झटका ऐसा, दे सबको हिला ♪
♪ [अरबी में] शेर जैसी चाल दिखा दे आज ♪
♪ [अरबी में] थोड़ा और तेज़ कर, बढ़ा दे साज़ ♪
♪ [अरबी में] असली मज़ा वही, जो हमें आता ♪
♪ [अरबी में] जिसमें मेरा नाम खुद बोल जाता ♪
♪ [अरबी में] तो नाच मेरे लिए ♪
♪ [अरबी में] एक घूँट और दे, बढ़े अंदाज़ ♪
♪ [अरबी में] गाड़ी में बैठो और साथ चलो ♪
♪ [अरबी में] एक और डांस दिखाओ, चलो ♪
♪ [अरबी में] सड़क हो या स्टेज, हर जगह धमाल ♪
♪ [अरबी में] भाई सुन-सुन, मेरी अलग ही चाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई देख-देख, ये नाच बेमिसाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई सुन-सुन, मेरी अलग ही चाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई देख-देख, ये नाच बेमिसाल है ♪
♪ [अरबी में] हिलो, जगह को जगा दो ♪
♪ [अरबी में] स्टाइल बहुत बढ़िया है ♪
♪ [अरबी में] बढ़िया फ्लो वाला डांस करो ♪
♪ [अरबी में] हमारे खुदा ने बनाया सब कुछ बेहतर ♪
♪ [अरबी में] तेरा दोस्त भी झूम रहा है ♪
♪ [अरबी में] अरे, देखो तुम्हारा दोस्त बुला रहा है ♪
♪ [अरबी में] बुला रहा है, बुला रहा है ♪
♪ [अरबी में] मेरे लिए नाचो, मुझे खुशी मिलती है ♪
♪ [अरबी में] मेरे लिए नाचो और खाओ-पियो ♪
♪ [अरबी में] अलविदा नहीं, अभी नाचो ♪
♪ [अरबी में] चाय में मिठास, प्याला भरा ♪
♪ [अरबी में] भाई सुन-सुन, मेरी अलग ही चाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई देख-देख, ये नाच बेमिसाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई सुन-सुन, मेरी अलग ही चाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई देख-देख, ये नाच बेमिसाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई सुन-सुन, मेरी अलग ही चाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई देख-देख, ये नाच बेमिसाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई सुन-सुन, मेरी अलग ही चाल है ♪
दो, तीन…
गिनकर रखना भाई।
-शिरानी साहब… -हाँ?
शहबाज़ और सौ बलोच बच्चों का मेडिकल कोचिंग में इंतजाम करवा दिया है भाई ने।
और वो भी कराची में।
रहना-खाना सारी हमारी ज़िम्मेदारी है।
आपने सिर्फ सफर की तारीख बतानी है।
बाकी हम सब संभाल लेंगे।
नाना को बहुत उम्मीद है तुम से बेटा।
बहुत खून बहा रहे हैं ना बलोच अपनी आज़ादी के लिए?
थोड़ी स्याही बहा कर देख लो,
क्या पता तुम बलोचिस्तान को आज़ादी दिला सको।
रहमान…
-डोंगे! -हाँ जी?
शिरानी साहब ये…
हमारी तरफ से छोटा सा नज़राना है, खास आपके लिए।
मगर ये छोटे से सामान की लिस्ट है।
अगर अगले महीने की जुम्मेरात से पहले-पहले मुकम्मल हो जाए तो…
हो जाएगा।
♪ [अरबी में] हाँ, कसम से ♪
मचा दो!
♪ [अरबी में] भाई सुन-सुन, मेरी अलग ही चाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई देख-देख, ये नाच बेमिसाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई सुन-सुन, मेरी अलग ही चाल है ♪
♪ [अरबी में] भाई देख-देख, ये नाच बेमिसाल है ♪
♪ [अरबी में] मेरे नाच में ताक़त है, ओ दोस्त ♪
♪ [अरबी में] नाम उसका सबूहा, किस्मत का दोस्त ♪
♪ [अरबी में] हाथ बढ़ा, पकड़ ले, चाल में आ ♪
♪ [अरबी में] तेरा झटका ऐसा, दे सबको हिला ♪
♪ [अरबी में] शेर जैसी चाल दिखा दे आज ♪
♪ [अरबी में] थोड़ा और तेज़ कर, बढ़ा दे साज़ ♪
♪ [अरबी में] असली मज़ा वही, जो हमें आता ♪
♪ [अरबी में] जिसमें मेरा नाम खुद बोल जाता ♪
♪ [अरबी में] जो नाचे सबसे अच्छा, वही सरताज ♪
♪ [अरबी में] एक घूँट और दे, बढ़े अंदाज़ ♪
♪ [अरबी में] गाड़ी में बैठो और साथ चलो ♪
अरशद पप्पू तो फिर भी ठीक है,
रहमान डकैत कुछ ज़्यादा ही फड़फड़ा रहा है आजकल।
1997 में उसका एनकाउंटर करने का मौका था।
उस दिन आप ही ने बचाया था उसको।
आपका सगा है ना?
अपनी सियासत के लिए इतने सालों पाला है आपने उसको।
सुना है वो लयारी के इलेक्शन में खड़ा होना चाहता है।
सगा और सियासत एक ही जुमले में नहीं आते असलम मियाँ।
रहमान किसी का नहीं है।
अरे, जो अपनी अम्मी का कत्ल कर सकता है, वो भला क्या किसी का सगा होगा?
कितने साल हो गए तुम्हारी सस्पेंशन को?
सात साल।
सात साल?
तभी मैं कहूँ कि इन सात सालों में लयारी की ऐसी हालत कैसे हो गई।
साला, इस मुल्क में ना किसी को सही हुनर की कदर ही नहीं है।
सस्पेंड भी आप ही ने करवाया था मुझे।
मैंने?
नहीं, नहीं।
हो ही नहीं सकता।
ना।
सच्ची?
मैं…
खैर, इतनी पुरानी बात है।
अब वैसे भी कुछ याद नहीं है।
जवानी के जोश और खरोश में की होगी कोई गलती…
तूने।
खैर, मुद्दे की बात ये है
कि अब मैं लयारी को पूरी तरह से साफ कर देना चाहता हूँ।
ना कोई गंदगी, ना कोई गुंडागर्दी।
और इस नेक काम में सबसे पहला कदम होगा वहाँ पर तुम्हारी दोबारा से पोस्टिंग करना।
ताकि तुम्हारे अंदर जो पिछले सात साल से वो
आतिश-ए-फ़िशां उबल रहा है ना,
उसका सही इस्तेमाल करना।
उबल रहा है ना?
शाबाश!
ये है तुम्हारा री-जॉइनिंग लेटर।
जा, जाकर संभाल मेरी लयारी…
मेरा शेर पुत्तर, शाबाश!
अरे ये लो। उठा ले।
अच्छा लगा कि घूमकर आप मेरे पास वापस आए,
लेकिन ये काम मैं नहीं कर पाऊँगा।
जो गंदगी आप मुझे साफ़ करने को कह रहे हैं ना,
ये अकेले मैं नहीं कर पाऊँगा।
लयारी की पुलिस का एक-एक बंदा रहमान डकैत से मिला हुआ होगा।
पहले एनकाउंटर से पहले मेरा जनाज़ा उठ चुका होगा वहाँ से।
हाँ, तो फिर हल क्या है मेरे भाई?
लयारी टास्क फोर्स।
इसमें सिर्फ मेरे लड़के होंगे।
आर्मी से असला चाहिए, फ़ंडिंग चाहिए
ताकि मेरे लड़कों को घूस लेने की कभी ज़रूरत ना पड़े।
टास्क फ़ोर्स का एक सीक्रेट ऑफ़िस होगा
जिसके बारे में बाहर वालों को कभी पता ना चले।
और एक अहम बात,
मेरे तौर-तरीकों में कोई दखलंदाज़ी नहीं करेगा।
आप भी नहीं।
तभी सिर्फ तब
मैं लयारी की ज़िम्मेदारी उठाऊँगा।
वरना मेरा घर तो बड़े साहब की दुआ से चल ही रहा है।
चल फिर एसपी, 12 तारीख को टाइम पर जॉइन कर लेना।
नाक मत कटवाना मेरी, हैं?
तुम कॉलेज जा रही हो या कॉलेज से आ रही हो?
कोचिंग जा रही हूँ।
अब्बू, कुछ पैसे चाहिए थे।
क्यों?
आज तीसरी तारीख है, कोचिंग की फीस भरनी है?
पर अम्मी ने कहा है ना तुम्हारी कोचिंग-वोचिंग सब बंद!
आप फीस दे रहे हैं,
या मैं खुद कुछ इंतज़ाम करूँ?
थप्पड़ मारूँगा उल्टे हाथ का घुमा के
तेरे मुँह पर तो सारे इंतज़ाम तेरे बाहर आ जाएँगे।
अपनी अम्मी पर गई है लगता है बिल्कुल।
पैसे पेड़ों पर उगते हैं?
इतनी मेहनत करते हैं हम लोग।
कभी लिपस्टिक के लिए दे दो, कभी सैंडल के लिए दे दो।
दफा हो जा यहाँ से।
दफा हो, काफी हैं, गिन मत यहाँ पर खड़े होकर।
थैंक यू।
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ ये हवाएँ तेरी ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ सारी राहें तेरी ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ मैं हूँ तेरा ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ ये उजाले तेरे ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ दिल हवाले तेरे ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ मैं हूँ तेरा ♪
♪ बेताब-सा मोहब्बत का तू इंक़लाब है ♪
♪ मेरा जहां तेरी बाँहों में ख़्वाब, ख़्वाब है ♪
♪ गहरा हुआ ♪
♪ गहरा हुआ ♪
♪ रंग आशिक़ी ♪
♪ गहरा हुआ ♪
♪ तेरा हुआ ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ ये हवाएँ तेरी ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ सारी राहें तेरी ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ मैं हूँ तेरा ♪
♪ पलकें झपकता है आसमान ♪
♪ लाखों फ़रिश्तों की है तू जान ♪
♪ वो पूछते हैं रहती कहाँ? ♪
♪ मेरी बाँहों में रहती, उनको बता ♪
♪ पलकें झपकता है आसमान ♪
♪ उसने भी तुझ-सा देखा कहाँ ♪
♪ है रौनकें वहाँ, तू है जहाँ ♪
♪ मेरी बाँहों में रहना, यही है दुआ ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ है फ़साना तेरा ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ तो ज़माना तेरा ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ मैं हूँ तेरा ♪
♪ बेताब-सा मोहब्बत का तू इंक़लाब है ♪
♪ मेरा जहां तेरी बाँहों में ख़्वाब, ख़्वाब है ♪
♪ गहरा हुआ ♪
♪ गहरा हुआ ♪
♪ रंग आशिक़ी ♪
♪ गहरा हुआ ♪
यालीना?
अकेली हो?
क्या हो गया?
तकलीफ क्या है तुम्हारे अब्बू को?
दिल से बुरे नहीं हैं मेरे अब्बू।
सोच कर देखो, यतीम बचपन,
जवानी तो सियासत में पैर जमाने में ही निकल गई।
और पता है 45 पर जाकर 27 की लड़की से निकाह।
और 48 में मैं हुई।
तो दादा बनने की उम्र में
बाप बन गए ना।
इसलिए हमारे ख्यालों में इतने फासले हैं।
और ऊपर से
सियासती खानदान के बच्चों पर तो इतनी पाबंदियाँ होती हैं
कि कोई नॉर्मल इंसान तो दम घुटने से ही मर जाए।
ये मेडिकल तो बहाना है,
बस कैसे ना कैसे घर से निकलना चाहती हूँ।
ज़्यादा दिन वहाँ रह गई,
तो पापा किसी बर्गर बच्चे से मेरी शादी करा देंगे।
बर्गर बच्चे से नहीं, तो और किससे शादी करोगी?
जिन्ना मंजिल स्कूल
ल्यारी टास्क फोर्स कार्यालय अज्ञात स्थान
उमर हैदर एएसपी, ल्यारी टास्क फोर्स
आइए, आइए।
-ईद मुबारक! -खैर, मुबारक, उलफ़त!
खैर, मुबारक, फैज़ल!
यालीना, ईद मुबारक!
असलम वापस आ गया?
कौन आतिफ असलम?
वो कहाँ गया था?
अच्छा, एसपी चौधरी असलम!
अरे यार, ये ज़रवारी साहब को ना कब्रों में से गड़े मुर्दे उखाड़ने का शौक है।
तो फिक्र मत करना। मैं हूँ ना।
मैं संभाल लूँगा।
बच्चा है यार तू मेरा।
अरे!
-बेटी, ईद मुबारक! -खैर मुबारक!
अरे, फैज़ल मियाँ सुना है आठवीं में फिर से फेल हो गए?
लगता है आपको भी मिनिस्टर बनना है मेरी तरह।
-शरारती बच्चा। -अंदर आइए।
-खाने में क्या है? -चलिए।
♪ तेरी मोहब्बत में जलना भी है ♪
♪ और तुझ से बचके ही चलना भी है ♪
♪ कुछ रंग अपना बदलना भी है ♪
♪ मैंने ढलना तेरे रंग में है सदा ♪
♪ तू चाँद है एक धड़कता हुआ ♪
♪ चोरी से मुझको ही तकता हुआ ♪
♪ सीने से लग के चमकता हुआ ♪
♪ मेरी जन्नत का रास्ता, तू ही तू हुआ ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ ये हवाएँ तेरी ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ सारी राहें तेरी ♪
♪ तू अगर मेरी ♪
♪ मैं हूँ तेरा ♪
♪ बेताब-सा मोहब्बत का तू इंक़लाब है ♪
♪ मेरा जहां तेरी बाँहों में ख़्वाब, ख़्वाब है ♪
ओए, हमज़ा!
ओए, हमज़ा!
रोको इसे।
♪ गहरा हुआ ♪
आलम भाई, यालीना।
अंदर बैठ जाएँगे, आलम भाई।
अरे यहाँ बैठो।
पाइनएप्पल फ्रेश है?
नहीं है?
वॉटरमेलन लेकर आता हूँ।
बैठो।
♪ गहरा हुआ ♪
चौधरी असलम दोबारा कराची का एसएसपी नियुक्त अब आगे क्या?
ये आदमी तो अब्बू से मिलने आता रहता है घर।
ये एसपी असलम।
[एक आदमी] ए, इधर आ, इधर आ।
दोबारा घर आए तो नज़र रखना इस पर।
आपको खतरा है इस आदमी से?
सर, मार्च 2005 में जावेद खनानी और आईएसआई से मेजर इक़बाल ने
दुबई में हमारे एक मंत्री और उसके बेटे के साथ कुछ मीटिंग्स करके
एक बड़ी डील साइन की थी।
जिसमें ये फैसला लिया गया था
कि अब से इंडिया भी अपने करेंसी नोट्स का रॉ मटेरियल
उसी ब्रिटिश कंपनी से बनवाना शुरू करेगा जिससे पाकिस्तान बनवाता है।
लेज़ारस क्यू।
हमारी फेक करेंसी का जितना भी रॉ मटेरियल है,
वो इसी कंपनी से पाकिस्तान जाता है,
[अंग्रेज़ी में] इसीलिए जो क्वालिटी है वो बिल्कुल असली जैसी है।
पर उनको वो प्लेट्स कहाँ से मिली?
जनवरी 2007 में
एमजी 2005 नोटों की सीरीज में कुछ डिज़ाइन में बदलाव लाए गए थे,
जिसके लिए फिर से लेज़ारस से नई प्लेट्स बनवाई गई थी।
हमारे मंत्री और उसके बेटे ने लंदन से उन प्लेट्स की डिलीवरी रिसीव की
और वापसी में
अपने प्राइवेट जेट में टेक्निकल खराबी का बहाना बनाकर
दुबई में कुछ घंटों के लिए रुके थे।
दुबई
दुबई इंटरनेशनल में आपका स्वागत है टर्मिनल 3
हमारा मानना है कि इन्हीं चंद घंटों में वो दोबारा जावेद खनानी
और मेजर इक़बाल से मिले
और वहीं दुबई के होटल में उन प्लेट्स की नकल दे दी।
सर, लगभग टॉप 33 सीनियर मोस्ट हाई लेवल के ब्यूरोक्रेट ऑफिसर इस डील में शामिल थे।
करोड़ों रुपये जावेद खनानी के लंदन अकाउंट से
हमारे मंत्री और इन ऑफिसर्स के विदेशी अकाउंट में ट्रांसफर हुए हैं।
सर, मुझे लगता है हमें जल्द से जल्द इन पर एक्शन लेना चाहिए।
हम इनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएँगे।
सर…
ये केस हम बाहर भी ले आये ना,
तो ये मिनिस्टर पॉलिटिकल बदले का झूठा इल्जाम लगाकर
हमें ब्लैक लिस्ट करवा देंगे।
पर सर, हम चुप भी तो नहीं बैठ सकते ना।
बंसल,
किस्मत की सबसे खूबसूरत आदत पता है क्या है?
वो वक़्त आने पर बदलती है।
हमारा भी वक़्त आएगा।
तब तक के लिए,
नज़र
और सब्र।
खनानी साहब, हम पाँच मिनट में घर से निकल रहे हैं।
आप बेफ़िक्र रहें, हम पहुँच जाएँगे।
खुदा हाफ़िज़।
-डोंगे! -हाँ?
अंदर जा
-और रहमान भाई से कह कि जल्दी आएँ। -जी।
वो खनानी बार-बार फैक्ट्री से फ़ोन किए जा रहा है,
-[रहमान] ए, डोंगा! ए, डोंगा! -ज़ाहिर सी बात है, सभी इंतज़ार कर रहे हैं।
-हाँ, भाई? -गाड़ी चालू कर।
-हाँ, भाई। -भाई ये…
सामान लेकर खनानी के लिए निकलो।
-इसकी तबीयत खराब हो गई है अचानक। -चलिए, चलिए।
-गाड़ी स्टार्ट कर। -अस्पताल लेकर जा रहा हूँ।
अरे हम भी चलते हैं ना आपके साथ?
अरे तू निकल ना यार, डोंगा है मेरे साथ।
और सुन, हिसाब बराबर देख।
हरामी किसी के सगे नहीं हैं।
जी।
चल।
चल ना रे!
सारे के सारे रहमान भाई के साथ रहेंगे।
चलो।
अरे तुम खड़े-खड़े मुँह क्या देख रहे हो?
-चलो अंदर। -गाड़ी निकालो।
-सारा सामान लोड हो गया है कि नहीं? -हाँ, भाई।
क्या हो गया है?
सब ठीक है?
सलाम वालेकुम।
जुम्मेरात का वादा किया था।
वालेकुम अस्सलाम।
-चीमा साहब, सब खैरियत? -सब खैरियत।
-और भाई, -उज़ैर मियाँ!
चेक कर लें।
लिस्ट के हिसाब से सारा सामान है।
क्या बात है!
अरे अजमल, इस्माइल बेटा? शर्माओ मत, उठाओ।
तुम्हारे लिए ही मँगवाए हैं।
कमाल कर दिया रहमान ने।
आए नहीं?
वो किसी काम में मसरूफ थे, इसलिए आ नहीं पाए।
दुआ भेजी है।
डोंगे संभाल!
पुलिस
रहमान!
[जावेद] उज़ैर, हमज़ा, पक्का आप नहीं लेंगे?
नहीं जावेद भाई, अब बस निकलेंगे।
-वो लड़के गाड़ी में सामान भर दें। -डिक्की में नहीं,
पीछे की सीट पर रखना।
बस दो मिनट।
-नारा-ए-तकबीर… -अल्लाहु अकबर!
तो जी, लड़के तैयार हैं, कल निकल रहे हैं।
नहीं।
-डोंगा, सियाही… -हाँ, भाई?
-तुम लोग निकलो। -लेकिन भाई आप?
उज़ैर को बोलो जमील को खबर दे।
लेकिन खान भाई, एसपी है वो।
अगर तुम लोग गाड़ी में रहे,
तो बच्चा बचेगा नहीं।
जुम्मे के दिन की रवानगी थी ना?
हाँ, जुम्मे की ही रवानगी थी,
पर पता चला किसी ने
हिंदुस्तानी इंटेलिजेंस को पहले से ही हमारे आने की खबर पहुँचा दी थी।
वो तैयार थे हमारे लिए।
रहमान, लाले…
जहन्नुम की एक टिकट काटूँ
या बीवी-बच्चे को भी साथ ले जाएगा?
जैसे ही मैं गिरफ्तार हो जाऊँगा,
तुम इसे अस्पताल लेकर जाना। ठीक है?
रहमान…
ये लोग तुम्हें कुछ नहीं करेंगे।
खैर,
जब तक बड़े साहब नहीं बोलते
ये प्लान होल्ड पर है।
और मज़े की बात तो ये है,
खबरी का पता चल गया है।
चैप्टर 6
शैतान का संरक्षक
आओ।
उज़ैर मियाँ आइए।
आओ।
[आदमी के चीखने की आवाज़]
[एक आदमी] बोल।
-बोल साले! -[ज़ोर से मारने की आवाज़]
अरे, साजिद,
सेक्स कर रहा है तू?
अरे हिंदुस्तानी मुखबिर है।
बड़े हार्ड मांस होते हैं ये साले।
पट्टे से मारेगा
तो लोंडा गरम होकर अब तुझे अपनी घोड़ी बना देगा।
तू रुक मैं दिखाता हूँ।
1971 की जंग के बाद
पाकिस्तान में बड़ा ही उदास सा माहौल था।
मैं छह साल का था,
रेडियो सुन रहा था।
उस वक़्त
ज़िया-उल-हक ने एक ऐसी बात बोली जो मेरे ज़ेहन में गढ़ गई।
[अंग्रेज़ी में] भारत को हज़ार ज़ख़्म देकर लहूलुहान कर दो।
बिल्कुल ऐसे, जिस तरह
हमने इसके जिस्म पर छोटे-छोटे से सुराख बनाए हैं ना?
खुदा की कसम,
इससे बदतर हालत करूँगा मैं उस मुल्क की।
लेकिन आज का बिस्मिल्लाह
इसके साथ।
बोल!
कितने काफिर एजेंट्स आए तेरे साथ?
कहाँ तैनात हैं?
कराची?
रावलपिंडी?
बोल बेटा!
श्शश… अरे मैं तुझे नहीं मारना चाहता,
बस मुझे बता दे कहाँ हैं ये एजेंट?
कितने आए?
मेरे मुल्क में घुसे हो तुम।
बताओ!
बताओ!
प्यार नहीं समझते साले!
बोल कहाँ तैनात हैं? बोल! बोल!
बोल!
बोल!
[मोबाइल की घंटी बजती है]
इनकमिंग कॉल डोंगा
हाँ, डोंगे, सब खैरियत है अस्पताल में?
भाई, वो रहमान भाई को माई कलोची पुल से पकड़ कर ले गए।
कौन पकड़कर ले गया?
अरे वो साला, हरामी एसपी चौधरी असलम!
एसपी? साला!
रहमान भाई कह रहे थे आप जल्द से जल्द जमील भाई को खबर करो।
[टीवी की आवाज़]
गति में परिवर्तन और एक बेहतरीन सफलता।
अरे भाई उज़ैर! क्या बात है बच्चे, आज हमें कैसे याद कर लिया?
जमील भाई, मेरी बात सुनें।
एसपी असलम, रहमान भाई को माई कलोची पुल से उठाकर ले गया।
क्या? रहमान को उठा लिया?
अरे तू फ़िक्र मत कर बच्चे,
तेरा जमील मामू बैठा है अभी।
मैं करता हूँ कुछ।
जल्दी। जल्दी-जल्दी कुछ करें।
बॉल करीब थी। सुंदर शॉट।
अरे, क्या मिसबाह! कैच ड्रॉप कर दिया, यार!
अबे पैसे लगे हुए हैं मेरे!
जमील भाई सब संभाल लेगा।
-लड़के इकट्ठा करने पड़ेंगे। -घर चलना होगा इसी वक़्त।
उज़ैर, घर चल।
बारह साल इंतज़ार किया
तेरे खून की छींटें अपनी कमीज़ पर देखने के लिए।
रहमान डकैत का खून है एसपी साहब,
तमीज़ से बहाना।
मारो साले को!
अखलाक!
लयारी के जितने भी लोग हैं उनको काम पर लगाओ।
उनसे कहो कि एलटीएफ़ की वैन जहाँ कहीं से भी निकल रही है,
-उसकी खबर मुझे मिलती रहनी चाहिए। -ठीक है भाई।
अखलाक!
अखलाक!
जी, भाईजान?
अबे…
पागल हो गए हो क्या?
क्या मिलाया था बच्चे के खाने में?
ऐसे कैसे इल्जाम लगा रहा है मुझपे?
-चालीस साल से यहाँ काम कर रहा हूँ। -बोल अखलाक!
मुझे कुछ नहीं पता।
बोल अखलाक, मारा जाएगा आज तू मेरे हाथों।
भाभी के साथ कौन है अस्पताल में?
पता नहीं भाई।
किसी को भेजो अस्पताल।
कहाँ ले जा रहे हैं रहमान भाई को?
-खुदा कसम, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है। -नहीं पता?
क्या बोल रहे हो?
-इधर आ! -कहाँ ले जा रहे हो? कहाँ ले जा रहे हो भाईजान?
-खुदा के लिए छोड़ दो! -आखिरी मौका दे रहा हूँ अखलाक,
बोल दे, वरना तेरे गुर्दे काटकर
-तेरे मुँह में डाल दूँगा। -मुझे कुछ नहीं पता।
पक्का?
मुझे नहीं पता भाईजान!
हमज़ा, क्या कर रहा है ये?
रुक!
ये क्या कर रहे हो भाईजान?
-कौन था? -हमज़ा, तेरा दिमाग खराब हो गया है?
-मुझे नहीं पता। -नहीं पता?
मुझे नहीं पता।
-हमज़ा… -अरशद पप्पू!
कौन?
-अरशद पप्पू! -क्या?
अरशद पप्पू!
अरशद पप्पू?
मुझे सिर्फ शीशी दी थी फैज़ल के दूध में मिलाने को।
कितने पैसों में बिका तू अखलाक?
बोल ना साले!
मेरे भाई की मुखबरी करेगा तू? हाँ?
रहमान भाई की मुखबरी करेगा?
भाईजान मुझ से गलती हो गई…
गलती हो गई, भाईजान। भाईजान, गलती हो गई।
भाईजान, गलती हो गई। भाईजान। माफ़ कर दो भाई।
भाईजान, गलती हो गई। माफ़ कर दो भाईजान।
यालीना।
कब से फ़ोन कर रही हूँ, कहाँ हो?
यालीना, मैं किसी ज़रूरी काम में फँसा हुआ हूँ।
मैं करता हूँ तुमको।
अरे मेरी जान, ज़रा फ़ोन तो चेक करो?
तोहफा भेजा है तुम्हारे लिए।
अब्बू पर नज़र रखो, एसपी पर नज़र रखो।
अब्बू-एसपी, एसपी-अब्बू।
ऐसी कातिलाना नज़र रखी है ना
कि तुम तो अभी के अभी आकर मुझे किस कर दोगे।
[जमाली] अरे दी तुझे लयारी, दी।
[एक आदमी] एसपी तू आगे संभाल लेगा ना?
यालीना, तुम कहाँ हो इस वक़्त?
सच में आ रहे हो?
डॉलमेन मॉल में?
मैं मज़ाक नहीं कर रहा यालीना।
मॉल छोड़ो, मेरे घर जाओ। अपना फ़ोन बंद रखो।
-और जब तक मैं वहाँ पहुँचूँ, वहाँ से हिलना नहीं। -[गोली चलने की आवाज़]
हमज़ा?
-यालीना… घर जाओ। -हैलो?
पुलिस
सिंध पुलिस
-[कमेंट्री] एक रन दो गेंदो से। -[नोटिफ़िकेशन की आवाज़]
शॉट खेलते ही भाग पड़े जबरदस्त अपील।
अंपायर के मन में कोई सहमती नहीं।
दोनों टीमें अब बराबरी पर 195 पर।
चिंतित…
[वीडियो में एक आदमी] मुझे पहले रहमान का सिर चाहिए
फिर लयारी चाहिए।
[कमेंट्री] पर उम्मीद अब भी बरकरार।
एक गेंद में एक रन।
अरशद पप्पू
मुझे पहले रहमान का सिर चाहिए,
फिर लयारी चाहिए।
किसी भी कीमत पर चाहिए
और रहमान को उसके घर से अकेले निकलवाने की ज़िम्मेवारी मेरी।
जा, दी तुझे लयारी।
ऐश कर।
मगर सुन, अब ना जाइयो उन गरीब
मुस्लिम मूवमेंट पार्टी वालों के पाद सूंघने।
नंगे हैं वो साले।
और तू फिक्र मत कर यार, बच्चा है तू मेरा अरशद।
♪ दम मारो दम ♪
-एसपी, तू आगे संभाल लेगा ना? -♪ मिट जाएँ गम ♪
♪ बोलो सुबह शाम ♪
♪ हरे कृष्णा हरे राम ♪
♪ हरे कृष्णा हरे राम ♪
♪ हरे कृष्णा हरे राम ♪
♪ हरे कृष्णा हरे राम ♪
अज्ञात कॉल
जमील साहब, मैं हमज़ा अली मज़ारी।
एक घंटे में रहमान भाई शेरशाह पुल पर मिलने चाहिए, ज़िंदा।
वरना आज रात ये वीडियो सारे टीवी चैनल्स की
सुर्खियाँ बना दूँगा।
अगला कदम बहुत सोच-समझकर लेना जमील साहब।
वो क्या है ना, अब आपकी बेटी की ज़िंदगी भी मेरे हाथ में है।
यालीना!
यालीना!
यालीना कहाँ हो तुम?
यालीना!
क्या है?
चिल्ला क्यों रहे हैं?
यालीना, कहाँ है?
मॉल गई है।
घंटा मॉल गई!
दर्द संभाल लेगा, लाले?
कोशिश करता हूँ… लाले।
[मोबाइल की घंटी बजती है]
सूअर जमाली
साले का सर खोलने ही वाला था कि आपका फ़ोन आ गया।
असलम, रहमान को मत मारना अभी।
मतलब?
अरे अपना फ़ोन चेक कर!
मुझे पहले रहमान का सर चाहिए,
फिर लयारी चाहिए।
किसी भी कीमत पर चाहिए।
ये कहाँ से आया?
वो सब छोड़,
अगर ये वीडियो बाहर आ गया ना
तो मेरा करियर भी बर्बाद हो जाएगा और मेरी बेटी भी जान से जाएगी।
आपकी आवाज़ नहीं आ रही।
गाड़ी का पता चला?
[मोबाइल की घंटी बजती है]
अरे, कितना मुश्किल होता है किसी गाड़ी के बारे में पता लगाना।
हमज़ा…
हमज़ा, एसपी नहीं मान रहा।
और अब वो मेरा फ़ोन भी नहीं उठा रहा।
मुझे एसपी का पता चाहिए किसी भी हाल में…
लयारी टास्क फ़ोर्स का ऑफिस कहाँ है?
मैं दोबारा नहीं पूछूँगा।
अरे ओ बीबी, कहाँ आ रहे हो?
ये स्कूल बंद हो गया है
और बिना इजाज़त के आना यहाँ मना है।
चले जाओ यहाँ से!
[नोटिफ़िकेशन की आवाज़]
[फ़ोन पर लोगों के चीखने की आवाज़]
[उज़ैर फ़ोन पर] मेरे भाई को उठाने की जुर्रत की साले!
-सर, ये देखिए। -मारो सालों को!
जुर्रत कैसे की तूने?
पिछवाड़े में बहुत चर्बी है तुम लोगों की?
साले…
तेरी तो…
नहीं करना चाहिए था, नहीं करना चाहिए था।
मेरे भाई को उठाने की जुर्रत नहीं करनी चाहिए थी।
अब भुगतो सालों!
जब तक वो असलम मेरे भाई को छोड़ नहीं देता,
तब तक तुम लोग यहीं पर लटके रहोगे।
बता हरामखोर, कहाँ है रहमान भाई?
बता!
किसी को नहीं छोड़ना!
सब के सब यहीं लटके रहेंगे।
साले, मेरे भाई को उठाने की जुर्रत की, हरामी एसपी असलम ने।
और ज़ोर से मार सालों को।
उसको पता चलना चाहिए क्या हश्र होता है!
साला…
एसपी चौधरी असलम,
लयारी टास्क फोर्स से आग उठेगी और पूरा कराची खाक कर देगी।
आपके 40 अफसरों की कब्र को कोई मिट्टी देने वाला तक नहीं मिलेगा।
अगले आधे घंटे में
मुझे रहमान भाई शेरशाह पुल पर चाहिए,
सही सलामत।
खुदा हाफ़िज़।
आराम से, आराम से।
तुम में से हमज़ा कौन है?
इधर आओ।
हमज़ा…
चिंगारी लगाकर तुझे ये लगा तूने आग पर काबू पा लिया है?
ये गलतफहमी मत पाल।
यहाँ बारूद का ढेर बैठा है
तुझ जैसों को राख करने के लिए।
चैप्टर 7
जवाबी परिणाम
क्या बात है, रहमान बलोच!
लयारी का बादशाह, रहमान बलोच!
रहमान! रहमान! रहमान!
रहमान! रहमान! रहमान!
रहमान! रहमान! रहमान!
रहमान! रहमान! रहमान!
रहमान बलोच! रहमान बलोच!
इधर आ, साले।
लयारी टास्क फ़ोर्स का पता कहाँ से मिला?
जमील साहब ने दिया।
बड़ी फ़िक्र कर रहे थे आपकी।
सियासत में फ़िक्र सिर्फ़ गद्दी की होती है।
भाई…
जमील जमाली की लड़की घुमा रहा है यह।
उस दिन अपने लड़के बोलते फिर रहे थे, "यलीना जमाली, यलीना जमाली।"
लंबी छलाँग मारी है तूने।
इश्क़ या अय्याशी?
इश्क़।
लड़की को घर ले आया है।
बकायदा, इसी के साथ, इसी के घर में रह रही है अब वह।
बेचारा जमील, बेटी से तो गया।
अब जल्दी इंशाअल्लाह कुर्सी से भी जाएगा।
एसपी और अरशद पप्पू का कुछ करना पड़ेगा।
तुम्हें अपने घर नहीं जाना?
आपको जाना है मेरे घर, जाओ।
मैं वापस जाने नहीं आई हूँ।
खनानी और कालिया
खनानी के पैसे आ गए क्या?
भाई, छह करोड़ आ गए।
और बाकी के छह करोड़ आते ही
हमारी पार्टी को लयारी में कोई हरा नहीं पाएगा।
रहमान भाई!
आपका सियासी ताज पक्का।
और उज़ैर?
हमज़ा।
जल्दी चलिए,
सबसे बेहतरीन लम्हा मिस कर रहे हैं आप।
यहाँ सब आपके इंतज़ार में हैं।
आ जाओ।
-और कितने गए? -[मेजर इक़बाल] इंशाअल्लाह मेरे वीर।
जन्नत तुम्हारे बिल्कुल करीब है।
[टीवी समाचार अंग्रेज़ी में] अगर आप आसपास की आवाज़ को थोड़ा कम कर दें…
-दो-तीन मंज़िलों तक आग लगानी है। -सलाम।
-[टीवी समाचार] आप अभी वहाँ क्या देख रहे हैं… -देखिए रहमान भाई,
क्या कहर मचा दिया है आपके असले-बारूद ने!
लगता है गज़वा-ए-हिन्द मुंबई से ही शुरू होगा।
-आइए, आइए, बैठिए। -आइए।
रहमान भाई!
[टीवी समाचार] लेकिन गलती मत करना… इसे उस आतंकवादी ने
चलाया है जिसने सीएसटी स्टेशन पर हमला किया था।
ये पुलिस वैन अपने आप नहीं चल रही है…
इसे उस आतंकवादी ने चलाया है जिसने सीएसटी स्टेशन पर हमला किया था।
शायद, ये वही दो आतंकवादी हो सकते हैं
जिनकी तस्वीरें हमने अभी आपको दिखाईं,
जिन्हें देखकर कई लोग हैरान रह गए, उसके हाथ में एके 47 थी।
उसके चेहरे के हाव-भाव सच में सब कुछ बता रहे थे।
एक जवान आदमी टी-शर्ट पहने हुए और उसके बाएँ हाथ पर एक धागा था…
मुंबई आतंकी हमला 7 जगहों को निशाना बनाया गया
और उसके पास जो दिख रहा था वो या तो एके 47 थी
या… या एक लाइट मशीन गन।
[मेजर इक़बाल] सलाम आलेकुम अली।
ठीक है?
आपका जो टार्गेट ताज होटल है,
मीडिया सबसे ज़्यादा कवरेज उसको दे रहा है।
[टीवी समाचार] फँसे हुए, अभी भी अपनी खिड़कियों से बाहर देख रहे हैं, इंतज़ार कर रहे हैं…
आग लगी या नहीं लगी?
मेरे भाई!
जब तक आग के शोले नहीं निकलेंगे बाहर,
तब तक माहौल नहीं बनना।
लोगों को डराना है।
[टीवी समाचार] दरअसल, अभी-अभी एक और धमाका हुआ है।
करीब 35 मिनट में छह धमाके।
रहमान भाई, कमाल कर दिया आपने।
बंधक बनाने की स्थिति अभी भी जारी है
बंधकों पर संकट अभी भी बना हुआ है
कसाब की पहचान करने वालों से मिलिए
याद रख…
कमरे में कोई यहूदी या फिरंगी मिले तो बिल्कुल मत छोड़ना।
सब काफ़िर हैं।
औरत, बच्चे, बूढ़े
सबको मारना है मेरे भाई।
सब काफ़िर हैं।
बिल्कुल मत हिचकिचाना।
[टीवी समाचार] ऑपरेशन नरीमन हाउस के कमांडो इस बार
ज़मीन से नहीं आसमान से आएँगे।
हसन, पाँचवीं मंज़िल से इंडियन कमांडर अंदर आ रहे हैं।
दस-बारह ग्रेनेड फेंको सालों पर।
[टीवी समाचार अंग्रेज़ी में] अस्सी लोगों से ज़्यादा लोग मारे गए हैं।
सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
चालीस लोगों को बंधक बनाया गया है।
-नारा-ए-तकबीर! -अल्लाह हू अकबर!
-नारा-ए-तकबीर! -अल्लाह हू अकबर!
-नारा-ए-तकबीर! -अल्लाह हू अकबर!
-नारा-ए-तकबीर! -अल्लाह हू अकबर!
-नारा-ए-तकबीर! -अल्लाह हू अकबर!
-नारा-ए-तकबीर! -अल्लाह हू अकबर!
-नारा-ए-तकबीर! -अल्लाह हू अकबर!
-नारा-ए-तकबीर! -अल्लाह हू अकबर!
अल्लाह हू अकबर!
26/11 मुंबई आतंकवादी हमला
हैंडलर्स, आतंकवादियों और बंधकों के बीच असली रिकॉर्डिंग
26 नवंबर 2008
ठीक है, इंशाअल्लाह।
[गोली चलने की आवाज़]
हिम्मत करना, भाईजान।
घबराना नहीं है।
-नहीं, नहीं। -इंशाअल्लाह,
गोली लगे,
तो इंशाअल्लाह कामयाबी ही है।
-हाँ, जी। -अल्लाह, इंतज़ार कर रहे हैं।
इंशाअल्लाह।
उमर, कवर लो! कवर लो!
जो नज़र आ रहा है ना उसे मारो फ़ायर।
फर्स्ट एंट्री से हमने कमांडो मार दिया है।
अभी वक़्त नहीं मिला, मुझे इंशाअल्लाह।
अल्हमदुल्लिलाह अल्हमदुल्लिलाह!
-अल्लाह हाफिज़। -अल्लाह हाफिज़।
कुछ ज़िंदा रखने हैं कि सबको मार देना है?
[पंजाबी में] बात सुनो, इन लोगों को ना तुम वहीं खत्म करो।
जान छुड़ाओ यार अपनी।
आप ना इनको ऐसे रखें कि…
कि ना इसका जो गोली है ना वो किसी सामने वाली दीवार को लग कर आपकी तरफ वापस ना आए।
इंशाअल्लाह, इंशाअल्लाह।
हम कह रहे हैं उनको बिठाएँ, इनका जो ना मुँह रखें आगे को
और सिर जो है ना बैक साइड से रख के मारे।
[एक महिला] हैलो?
-आप बात करो उनसे, आप ही बात करो। -[एक महिला] मैं अभी उनसे बात कर चुकी हूँ।
मैं कुछ सेकंड पहले ही दूतावास से बात कर रही थी…
[अंग्रेज़ी में] जेना, घबराना मत…
बस आराम से बैठो, रिलेक्स करो और इंतज़ार करो कि वो कब संपर्क करते हैं, ठीक है?
यस, सर।
अगर वो अभी संपर्क कर लेते हैं
तो शायद… आप अपना सैबथ अपने परिवार के साथ मना पाओगी।
[गोली चलने की आवाज़]
-[हैंडलर] हैलो। -[टेररिस्ट] ओके।
[हैंडलर] अभी एक हुआ ना?
-दोनों। -[अस्पष्ट बातचीत]
[एक आदमी] और उन लोगों को अंतिम प्रस्ताव दे दे।
ये तो हमारा अभी ट्रेलर है,
अभी असल फ़िल्म तो अभी बाकी है।
हुकूमत ये बात जान ले कि ये तो हमारा ट्रेलर है,
अभी असल फ़िल्म बाकी है।
हमने खबर पहुँचाई थी।
वक़्त से पहले पहुँचाई थी।
फिर कैसे हो गया ये सब?
-तीन अक्टूबर की पहुँचाई थी। -अरे, यार!
छब्बीस नवंबर की नहीं।
छब्बीस-ग्यारह को 309 अलग-अलग टेररिस्ट अटैक्स के मैसेजेस इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट को पहुँचे थे।
कोचीन, मणिपुर, सांबा, दिल्ली, जयपुर, सोमनाथ!
कुछ सही, ज़्यादातर गलत।
ये जो पकड़ा गया है…
अजमल कसाब…
उसे मैंने अपने हाथों से बंदूक दी थी।
सरेआम दिनदहाड़े…
मेरे घर में घुस के!
इक़बाल,
खनानी,
मीर,
भुटोवी,
इन सबको खत्म कर दूँगा मैं।
इंतकाम की तासीर थोड़ी गरम होती है मियाँ।
पड़ोसी का घर जला तो लेगा,
मगर उसकी लपटें तेरे आँगन से ही गुज़रेंगी।
तेरा एक गलत कदम, तेरी गिरफ्तारी।
दुश्मन देश में हमारे एक एसेट की गिरफ्तारी,
पूरी दुनिया में भारत की धज्जियाँ उड़ जाएँगी।
तुझे तेरा बदला मिलेगा।
इंतज़ार कर।
ये खेल हम जीतने के लिए खेल रहे हैं।
और इस खेल में जीतने के लिए सबसे ज़रूरी है
हमारा ज़िंदा रहना।
ये ले।
घायल हूँ,
इसीलिए घातक हूँ।
स्वागत है लयारी टाउन में
कहाँ थे रात भर?
कहाँ थे?
मैं थक चुकी हूँ इस कबूतरखाने में तुम्हारा इंतज़ार करते-करते।
हमज़ा, तुम से बात कर रही हूँ मैं, जवाब दो।
मैं अपने बाप का घर छोड़कर आई हूँ तुम्हारे लिए।
शराब पी है?
किसके साथ थे?
कोई लड़की थी?
पूरी रात साथ थे?
हमज़ा जवाब दो!
पूरी रात साथ थे? कौन थी वह?
कौन थी वह? किसके साथ थे, हमज़ा?
जवाब दो ना!
मुझे पूरे कराची का बादशाह बनना है।
मेरे साथ चल सकती हो
तो ज़िंदगी भर सिर्फ तुम्हारा हक़ रहेगा मुझ पर।
लेकिन इसके बाद…
तुम मुझ से कोई सवाल नहीं पूछोगी।
अगर नहीं,
तो सामने दरवाज़ा खुला है।
आज के बाद
फिर कभी मुझे घर से निकल जाने की धमकी दी,
मैं तुम्हें नींद में ज़िंदा जला दूँगी।
[भीड़ के शोरगुल की आवाज़]
जनता का फैसला पाकिस्तान अवामी पार्टी
मेरे लयारी के भाइयो…
आज लयारी का ये समा देखकर
मेरी शहीद बेगम बेनज़ीर की रूह खुश हो गई होगी।
हमारे मुखालिफों को शायद याद नहीं होगा
कि एक ज़माने में
लयारी ने मुझे भी
वोट करके जमील साहब की तरह
यहाँ का एमएनए मुकर्रर किया था।
इसीलिए आज हमें बेहद खुशी हो रही है
ये एलान करते हुए कि अगले इलेक्शन में
पीएपी की तरफ से
मेरे छोटे भाई
रहमान बलोच की पार्टी
पीपल अमन कमेटी अलाइन्स में लड़ेगी।
♪ आजा वे आजा ♪
♪ आजा वे आजा, हाए सजन हाए सजन ♪
♪ आजा वे आजा ♪
♪ आजा वे आजा ♪
♪ सीने से लगा जा ♪
♪ हाए सजन मुझे लूट ले गया ♪
♪ हाए सजन मेरी आँख हैं तरसती ♪
♪ सारा विश्वास मेरा टूटकर बह गया ♪
♪ मुझे लूट ले गया ♪
♪ मुझे लूट ले गया ♪
♪ मुझे लूट ले गया ♪
अस्सलाम अलैकुम लयारी!
खुदा की इबादत के बाद
लयारी की बंदगी हमारे लिए सबसे अहम बात है।
और इस बंदगी के लिए,
अगर मुझे अपना सिर भी कटवाना पड़ जाए,
तो मुझे खुशी-खुशी कबूल है।
ज़रवारी साहब ने
मुझे छोटा भाई बुलाकर जो इज़्ज़त से नवाज़ा है, उसके बदले
मेरी पार्टी पीपल्स अमन कमेटी
ये वादा करती है, साहब,
कि वो पीएपी को…
कयामत तक अपना सपोर्ट देगी।
पाकिस्तान का रहनुमा, आतिफ अली ज़रवारी!
पाकिस्तान का रहनुमा, आतिफ अली ज़रवारी!
पाकिस्तान का रहनुमा, आतिफ अली ज़रवारी!
पाकिस्तान का रहनुमा, आतिफ अली ज़रवारी!
-नारा-ए-तकबीर! -अल्लाह हू अकबर!
हमारा मसीहा कैसा होगा?
रहमान बलोच जैसा होगा!
हमारा मसीहा कैसा होगा?
रहमान बलोच जैसा होगा!
♪ मुझे लूट ले गया ♪
♪ मुझे लूट ले गया ♪
♪ मुझे लूट ले गया ♪
♪ मुझे लूट ले गया ♪
♪ आजा वे आजा ♪
लयारी का सियासी मंज़र एक बार फिर बदलने जा रहा है।
आज पाकिस्तान के सदर आकिब अली ज़रवारी ने
एक हैरान कर देने वाले फैसले में ये एलान किया है
कि उनकी पाकिस्तान अवामी पार्टी
अगला इलेक्शन रहमान बलोच की नई पार्टी,
पीपल्स अमन कमेटी के साथ मिलकर लड़ेगी।
इस फैसले से रहमान बलोच,
जिसे लयारी का मसीहा भी माना जाता है
वो अब सियासत में कदम रखने जा रहा है।
हट!
अगर सियासत की मानें
तो रहमान के इस इलेक्शन में आने से
जमील जमाली के राजनीतिक भविष्य पर सवालिया निशान लग चुका है।
ज़रवारी साहब का ये कदम
पाकिस्तान की सियासत की सूरत बदल सकता है।
लयारी जो अब तक माफिया और गैंग के लिए मशहूर था…
पापा की ज़िंदगी तो बर्बाद होने वाली है,
बड़े घपले किए हैं, अब सज़ा तो मिलेगी ही।
हमारे गुनाहों के मुकाबले तुम्हारे अब्बू के गुनाह बहुत हल्के हैं।
आप जानते नहीं हैं हमारे अब्बू को।
उनका बस चले ना, पूरी कराची बेच खाएँ वो।
कल चाय पर बुलाओ उन्हें।
यहाँ?
सलीके से बाप का फ़र्ज़ अदा किया होता
तो बेटी आज मेरे घर नहीं होती।
कल का आया लौंडा
मुझे नसीहत देगा!
उन्नीस की है वो, 30-32 का तो होगा?
कुछ तो शर्म कर, हराम के पिल्ले।
एक छोटी बच्ची क्या फँसा ली
खुद को फन्ने खाँ समझने लगा?
जब तेरी अम्मी तेरी तशरीफ़ धोती थीं ना,
तब से ज़माने के फ़र्ज़ अदा कर रहा हूँ मैं।
पर एक बात याद रखियो,
इस पूरी लयारी में
मेरा खून बोलता है हराम के…
बाप के फ़र्ज़ सिखाएगा?
अपनी सियासी गद्दी गरम रखने के लिए
आपने कभी रहमान को हिमायती बनाया,
कभी एसपी असलम को।
आजकल अरशद पप्पू नाम का
साँप गले में लपेटा हुआ है।
आपने हमेशा ऐसे लोगों को शह दी है
जो कभी भी आप से ज़्यादा ताकतवर बनकर
आपके हाथों से लयारी छीन सकते हैं।
लयारी पर अपना दबदबा कायम रखना है,
तो ये रहमान और अरशद की जगह ऐसे बंदे को खड़ा करें,
जो आपका अपना हो।
जो आपका वफादार हो।
जो आपके रिश्ते में हो।
जो आपका सगा हो।
सोचो जमील साहब…
नसीहत में शोला है।
अरे, दी तुझे लयारी, साले दे दी।
[लाइटर जलाने की आवाज़]
♪ तूने पर्दा उठाया ♪
♪ क्या बात हो गई ♪
♪ हाय ये मुलाक़ात ♪
♪ वारदात हो गई ♪
♪ नैन मिलाए ♪
♪ हमने एक दूजे से यूँ ♪
♪ रात हुई फिर दिन ♪
♪ फिर से रात हो गई ♪
♪ कच्ची कली हमारा मासूम चेहरा ♪
♪ नीयत नूरानी हमारा दिल है सुनहरा ♪
♪ कच्ची कली हमारा मासूम चेहरा ♪
♪ नीयत नूरानी हमारा दिल है सुनहरा ♪
♪ [पंजाबी में] पर्दे के पीछे क्या है किसको पता ♪
♪ [पंजाबी में] पर्दे के पीछे क्या है किसको पता ♪
♪ [पंजाबी में] अफीम वाला चस्का मैं चखाऊँ ♪
♪ [पंजाबी में] तुझे शरारत सिखाऊँ ♪
♪ जब नैना लड़ाऊँ ♪
♪ [पंजाबी में] तुझे शरारत सिखाऊँ ♪
♪ जब नैना लड़ाऊँ ♪
मेरी जान, अब तो ज़रवारी साहब के खासम-खास हो गए।
छब्बीस ग्यारह के बाद जो आपने सिफारिश की उसी की मेहरबानी है।
♪ तुम भी हो तन्हा और हम अकेले ♪
♪ जो साथ हुए लाजवाब हो गए ♪
♪ तुम भी हसीन और हम आशिक़ी हैं ♪
♪ जो रात हुई बेनक़ाब हो गए ♪
♪ मेरे लबों पे सजी सुर्ख़ियाँ ♪
♪ मेरे लबों पे सजी सुर्ख़ियाँ ♪
♪ गुलाबी ये शरबत पिलाऊँ ♪
♪ [पंजाबी में] तुझे शरारत सिखाऊँ ♪
♪ जब नैना लड़ाऊँ ♪
♪ [पंजाबी में] तुझे शरारत सिखाऊँ ♪
♪ जब नैना लड़ाऊँ ♪
अगर यही बात इंडिया ने की होती हमारे साथ,
तो खुदा कसम दिल्ली घुसकर
मारते, सालों को।
जनाब, खैरियत? सब ठीक? कुछ मँगाऊँ?
अरे भाई, दूल्हे हो।
आज तो मज़े करो।
-बच्चे पैदा कर भाई, बच्चे पैदा कर भाई। -सही बात है।
अरे, आओ यार, हमज़ा, हमारे साथ भी बैठो, यार।
हम बस यही बात कर रहे थे
कि 26-11 के बाद ऐसा लगा था कि इंडिया ज़रूर कुछ ना कुछ गहमा-गहमी करेगा हमारे साथ।
लेकिन वो तो बिल्कुल ठुस निकले, साले।
मुबारक हो।
साले भारत वाले अमेरिका से मदद की भीख माँगते रहें
और अमेरिका भी गाजर दिखाता रहा।
गाजर!
वैसे आईएसआई का ख्याल है कि कश्मीर के साथ-साथ
पंजाब की आंदोलन को फिर से आग दिया जाए।
इसीलिए 15 अगस्त को अमृतसर में
मुंबई जैसे कुछ मज़ेदार करने की फरमाइश है।
आईएसआई की खिदमत में हम हमेशा तैयार खड़े हैं, भाई।
लिस्ट उज़ैर को भेज दीजिए।
वक़्त से पहले सामान पहुँच जाएगा।
ये हुई ना बात!
अगर रहमान भाई ने कह दिया, तो काम हो जाएगा।
ओए तारीख देख।
ठहर जा, गधे! रहने दे। मुझे करने दे।
देख ले बराबर से, देख ले।
9 अगस्त पानी की पाइपलाइन का उद्घाटन
बिन कासिम
9 अगस्त कैसा रहेगा? उस दिन कुछ नहीं है।
शिरानी साहब से बात करके
उस दिन असला उठा सकते हैं।
9 अगस्त की रात आपको सारा सामान मिल जाएगा।
बहुत बढ़िया।
9 अगस्त
रहमान भाई, एक फोटो ले लें सबके साथ?
-उठो भाई! तख्तों से उठो… -♪ आज मेरे यार की शादी है ♪
♪ आज मेरे यार की शादी है ♪
आ जाओ।
साढ़े छह फुट का…
जनाब, मुस्कुराइए ज़रा पहली शादी है आपकी।
ए, चाचा, तेरी अम्मी की कराऊँ दूसरी शादी?
मिस्त्री ज़हूर इब्राहिम
मसूद अज़हर जैश-ए-मोहम्मद
हाफिज सईद
[रहमान बलोच की आवाज़] आईएसआई की खिदमत में हम हमेशा तैयार खड़े हैं, भाई।
♪ [पंजाबी में] आशिक़ों का काम होता है वादा निभाना ♪
♪ [पंजाबी में] जो तोड़ता है वादा दुनिया मारती है उसे ताना ♪
रहमान डकैत
♪ [पंजाबी में] रौशनी दिखा कर मुझे दुखों में डुबोकर ♪
♪ [पंजाबी में] जैसे लहू ही निचोड़ लिया हो मेरे जिस्म के अंदर से ♪
♪ [पंजाबी में] रौशनी दिखा कर मुझे दुखों में डुबोकर ♪
♪ [पंजाबी में] जैसे लहू ही निचोड़ लिया हो मेरे जिस्म से ♪
अंतिम चैप्टर
तुम भी
♪ [पंजाबी में] हाय, तेरे झूठे वादों ने मुझे लूट लिया ♪
♪ [पंजाबी में] बता, प्यार में मुझे क्या मिला? ♪
♪ [पंजाबी में] हाय, तेरे झूठे वादों ने मुझे लूट लिया ♪
♪ [पंजाबी में] हाय, तेरे झूठे वादों ने मुझे लूट लिया ♪
♪ [पंजाबी में] इश्क़ की बाज़ी में पत्ते बिखेर कर ♪
♪ [पंजाबी में] जीत गई तू हम बैठ गए हार कर ♪
♪ [पंजाबी में] कमज़ोर समझकर तेरा चल गया ज़ोर ♪
♪ [पंजाबी में] इसलिए ही तूने मुझ से मुँह मोड़ लिया ♪
-अस्सलाम वालेकुम, शिरानी साहब। -वालेकुम अस्सलाम…
रहमान?
सियासी काम में मसरूफ हो गए इसलिए मुझे भेजा है।
ये नए लॉट की लिस्ट है।
इस बार बंदूकें थोड़ी ज़्यादा लगेंगी।
कब तक चाहिए?
नौ अगस्त, तीन बजे।
कोटरी बॉर्डर पर उज़ैर मिलेगा आपको।
ये लिस्ट देखकर आपको कोई सवाल होगा, तो आप मुझे बताइएगा।
रहमान भाई मसरूफ रहते हैं, तो ये ज़िम्मेदारी अब मुझे दी है।
अब तक हमारे 63 बच्चे मारे जा चुके हैं।
कल आईएसआई वालों ने स्कूल के पानी में ज़हर मिला दिया।
♪ [पंजाबी में] हाय, तेरे झूठे वादों ने मुझे लूट लिया ♪
♪ [पंजाबी में] बता, प्यार में मुझे क्या मिला? ♪
♪ [पंजाबी में] हाय, तेरे झूठे वादों ने मुझे लूट लिया ♪
♪ [पंजाबी में] बता, प्यार में मुझे क्या मिला? ♪
♪ [पंजाबी में] हाय, तेरे झूठे वादों ने मुझे लूट लिया ♪
वाह रहमान भाई, रिबन काट रहे हो!
♪ [पंजाबी में] ऐसा काम करो, ताकि लोग गाएँ कहानियाँ ♪
पानी आपूर्ति पाइपलाइन प्रोजेक्ट
सरदार अब्दुल रहमान बलोच अध्यक्ष
♪ [पंजाबी में] मुझे यूँ ठोकरें मत मार मैं और सह नहीं पाऊँगा ♪
♪ [पंजाबी में] मुझे तेरी जुदाई ने दीवाना कर दिया ♪
♪ [पंजाबी में] मुझे तन्हा बना कर सब से दूर कर दिया ♪
♪ [पंजाबी में] मुझे तन्हा बना कर सब से दूर कर दिया ♪
♪ [पंजाबी में] हाय, तेरे झूठे वादों ने मुझे लूट लिया ♪
♪ [पंजाबी में] हाय, तेरे झूठे वादों ने मुझे लूट लिया ♪
♪ [पंजाबी में] बता, प्यार में मुझे क्या मिला? ♪
♪ [पंजाबी में] हाय, तेरे झूठे वादों ने मुझे लूट लिया ♪
[मोबाइल की घंटी बजती है]
अस्सलाम वालेकुम शिरानी साहब। सब खैरियत है?
क्या?
मुझे तो खबर ही नहीं थी इस चीज़ की।
नहीं, नहीं। कोई मसला नहीं है।
मैं रहमान भाई से पूछता हूँ।
क्या हो गया?
यार, ये शिरानी साहब कोटरी बॉर्डर पहुँच रहे हैं असला लेकर।
हम्म।
यार, मुझे तो पता ही नहीं था कि डिलीवरी की तारीख आज है।
तारीख तो भाई ने ही तय की थी वलीमे वाले दिन।
खैर छोड़, मैं लेने जाता हूँ। तू भाई के साथ रह।
नहीं, नहीं। मैं जाता हूँ, कोई बड़ी बात नहीं है।
तू यहाँ रहमान भाई के साथ रह।
वैसे भी ये सियासती हरकतें मुझे बहुत बकवास लगती हैं यार।
-टच में रहना। -हाँ।
-सामान उठाकर फ़ोन करता हूँ। -हम्म।
गाड़ी की चाबी ला!
जो भी करना होगा लयारी घुसने से पहले करना होगा।
एक बार लयारी घुस गए
तो आप रहमान का कुछ नहीं उखाड़ सकते।
और सबसे बढ़िया जगह?
[हमज़ा] सर्कुलर रोड के पास वाला जंगल।
यहाँ से क्यों जा रहे हैं हम?
दास्तान पर पुल बन रहा है,
तो काफी ट्रैफिक था।
रसल, शौकत कहाँ गए?
कासिम पार्क वाले सिग्नल पर अटक गए थे।
लयारी एक्सप्रेस-वे तक मिल जाएँगे।
उज़ैर की गाड़ी कहाँ है?
उज़ैर तो कोटरी गया है भाई।
वो अमृतसर वाले असले की डिलीवरी लेने।
आज तो पाइपलाइन का उद्घाटन था ना?
वलीमे वाले दिन आज ही की तारीख तय हुई थी।
मैंने बोला था?
जी भाई, आप ही ने बोला था।
खैर, उज़ैर रास्ते में ही होगा,
दो-तीन घंटे में पहुँच जाएगा।
ओए तारीख देख।
नौ अगस्त कैसा रहेगा?
उस दिन कुछ नहीं है।
गाड़ी रोक।
साँप सूखाना है।
यहाँ महफूज़ नहीं है।
आप आधा किलोमीटर कंट्रोल करना।
[असलम] मैं इस बलोच पर भरोसा नहीं करूँगा।
मेरे सामने ज़िंदा साँसें ले रहा है,
वही गनीमत है।
अरे भाई ठीक है, वो बलोच है,
लेकिन मेरा दामाद भी तो है अब।
और एक बात को समझ,
अगर उसको लयारी की गद्दी मिल गई ना,
तो कराची की लगाम हमारे हाथ में होगी।
और कराची की लगाम का मतलब है
पूरे पाकिस्तान की सवारी।
तबड़क-तबड़क!
हमज़ा…
जी भाई?
-♪ [पंजाबी में] परदेसी को दिल मत देना ♪ -गाड़ी रोक।
-♪ [पंजाबी में] रोज़ तुझे रोना पड़ेगा ♪ -बलोच,
अगर मेरे साथ दगाबाज़ी की ना,
तो मारने से पहले तुझे रंडवा बना दूँगा।
और जमील साहब,
आपको खस्सी!
♪ [पंजाबी में] इश्क़ के ये सारे ज़ख़्म ♪
♪ [पंजाबी में] मैं खुद हँस-हँस के सिल लूँगी ♪
♪ [पंजाबी में] मेरा यार चाहे ज़हर ही क्यों न दे ♪
गाड़ी रोक, हरामखोर!
♪ धुरंधर! ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मैं राजा हूँ, पर संत से बहुत दूर ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] लोग मुझे बदमाश कहते हैं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] और हाँ, ये कोई बुरी बात नहीं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] माँ ने सिखाया अगर कोई वार करे ♪
गाड़ी रोक, हरामखोर!
रहमान भाई?
♪ [अंग्रेज़ी में] मुझे माफ़ कर देना क्योंकि उन्हें मैं कभी माफ़ नहीं कर सकता ♪
गाड़ी रोक!
-क्या हुआ भाई? -गद्दार है, साला?
एसपी से मिला हुआ है!
हमज़ा, ब्रेक लगा!
-गाड़ी रोक! -♪ [पंजाबी में] परदेसी को दिल मत देना ♪
♪ [पंजाबी में] रोज़ तुझे रोना पड़ेगा ♪
♪[पंजाबी में] रांझे जैसे जोगी के साथ ♪
♪ [पंजाबी में] तुझे जोगन बनना पड़ेगा ♪
गाड़ी साइड में लगा!
♪ [पंजाबी में] इश्क़ के ये सारे ज़ख़्म ♪
♪ [पंजाबी में] मैं खुद हँस-हँस के सिल लूँगी ♪
♪ [पंजाबी में] मेरा यार चाहे ज़हर ही क्यों न दे ♪
♪ धुरंधर ♪
रोक…
♪ धुरंधर ♪
♪ [पंजाबी में] परदेसी को दिल मत देना ♪
-♪ [पंजाबी में] रोज़ तुझे रोना पड़ेगा ♪ -गाड़ी रोक कुत्ते!
-गाड़ी रोक। -♪ [पंजाबी में] रांझे जैसे जोगी के साथ ♪
♪ [पंजाबी में] तुझे जोगन बनना पड़ेगा ♪
♪ [पंजाबी में] इश्क़ के सारे ज़ख़्मों को ♪
♪ [पंजाबी में] मैं खुद हँस-हँस के सिल लूँगी ♪
♪ [पंजाबी में] मेरा यार चाहे ज़हर ही क्यों न दे ♪
♪ धुरंधर ♪
पकड़ उसका हाथ।
♪ धुरंधर ♪
♪ ना देना दिल ♪
♪ ना देना दिल ♪
♪ धुरंधर ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] सिर्फ़ एक नाम, जो सबको बेनक़ाब कर दे ♪
-♪ [अंग्रेज़ी में] सबसे आगे, सबसे अलग ♪ -♪ धुरंधर ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] कोई हरा ना पाए, कोई छू ना पाए ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] सब कुछ देख चुका है ♪ -♪ धुरंधर ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] सिर्फ़ एक नाम, जो सबको बेनक़ाब कर दे ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] सबसे आगे, सबसे अलग ♪ -♪ धुरंधर ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] कोई हरा ना पाए, कोई छू ना पाए ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] सब कुछ देख चुका है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] मैं राजा हूँ, पर संत नहीं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] लोग मुझे कहते हैं बुरा आदमी ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] और ये अच्छी बात है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] माँ ने सिखाया कभी पलटकर वार करने से डरना नहीं ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] इसलिए मेरी कामयाबी से माँ का सिर ऊँचा करता हूँ ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] सिर पर है भारी ताज ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] ये वरदान भी है चुनौती भी ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] सिर पर है भारी ताज ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] इससे ज़्यादा होगा ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] सिर पर है भारी ताज ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] वार वहीं करूँ जहाँ दर्द सबसे ज़्यादा हो ♪
♪ धुरंधर ♪
डोंगे, उठ!
भाई!
भाई!
कैसे हुआ? किसने किया?
-वो हरामजादा ज़िंदा बचना नहीं चाहिए। -जी भाई।
-ज़िंदा बचना नहीं चाहिए। -जी भाई।
छोड़ूँगा नहीं।
तू रुक…
भाई, एसपी!
चलो, चलो, चलो! आगे बढ़ो!
दाईं ओर! दाईं ओर!
पीछे से।
हमज़ा साले।
रुक साले! छोड़ूँगा नहीं तुझे!
रुक!
रुक, साले…
दाहिनी तरफ से घेरो उन्हें!
पुलिस
सिंध पुलिस
[एक पुलिसवाला] गाड़ियों से बाहर निकलो!
गाड़ी से बाहर निकलो!
डोंगा?
संभाल लेगा?
फोड़ दूँगा।
अबे, तुझे नहीं छोड़ूँगा साले!
कवर करो!
आओ! तुमको दिखाता हूँ!
रुक, साले!
अरे, कहाँ भागेगा?
आ जाओ! आओ।
आ जाओ! आ, साले!
गद्दार साले! रुक!
ये ले, साले!
बाहर आओ बताता हूँ तुमको, डोंगा कौन है?
आओ! आओ!
आओ, सालों!
ये, ये तेरे लिए!
बलोची नहीं मरता इससे!
आओ, सालों, आओ!
♪ धुरंधर! ♪
♪ धुरंधर! ♪
♪ धुरंधर! ♪
मज़ा आ रहा है, एसपी साहब?
हारता नहीं हूँ, मैं।
मर जा, साले!
मर जा, साले!
-नारा-ए-तकबीर! -अल्लाह हू अकबर!
मज़ा आया, साले?
रहमान डकैत का खून है, तमीज़ से--
एसपी साहब,
कुछ भी हो जाए,
शहर पहुँचने तक रहमान ज़िंदा रहना चाहिए।
उँगली घाव में घुसाकर रख
वरना जल्दी मर जाएगा, साले।
गाड़ी रोको भाई, मदद चाहिए!
रोक रोक…
भाई, भाई, गाड़ी रोको। मदद चाहिए, भाई!
ए, गाड़ी रोक…
तुम लोगों की…
ए, गाड़ी रोक… रोक…
रोक!
-मदद चाहिए भाई। -हाँ, हाँ।
गोली लगी है।
-अस्पताल पहुँचाना है। -रहमान भाई?
अरे शगुफ़्ता के ब्लाउज़ से बड़े कंचे खेल रहा है तू आजकल?
[मोबाइल की घंटी बजती है]
रोज़ खेलता है यह।
मेरे कंचे से भी खेलती है वो।
एक मिनट, एक मिनट।
हमज़ा
हाँ, हमज़ा, बस थोड़ी देर में पहुँच रहे हैं हम वहाँ पर।
उज़ैर, जल्दी वापस आ।
एलटीएफ़ ने भाई पर हमला कर दिया है, गोली लगी है!
जल्दी वापस आ!
मेरी तरफ देखते रहो, मेरी तरफ देखते रहो। आँखें बंद नहीं करनी हैं भाई।
आँखें खुली रखो, साँस लेते रहो भाई।
आँखें खुली रखनी हैं, हाँ, हाँ…
बस आँखें खुली--
भाई मैं यहीं हूँ,
आपको कुछ नहीं होगा भाई।
आँखें खुली रखो, साँस लेते रहो, भाई।
आँखें खुली रखनी हैं, भाई। आपको कुछ नहीं होगा भाई।
कुछ नहीं होने देंगे आपको, भाई
अरे, तू भगा, यार!
हाँ, भाई, हाँ!
बस पहुँच गए, भाई। बस पहुँच गए।
डॉक्टर!
अरे, आगे से हटो!
हौसला रखिए।
आप ठीक हो जाओगे। आँखें खुली रखिए।
-आइए, आइए। -पहुँच गए।
चलो, चलो, जल्दी चलो।
चलो, चलो, जल्दी रास्ते से हटो।
-रास्ते से हटो। -कुछ नहीं होगा आपको।
साँस, लेते रहो, भाई।
आप लोग तैयार नहीं रहते हो क्या? हटो!
-चलो, चलो, ले चलो अंदर। -चलो, चलो, चलो!
-हटो। -अरे, हट जाओ ना आगे से!
डॉक्टर…
रहमान भाई, साँस लीजिए।
आँखें… आँखें खोलिए, रहमान भाई।
डॉक्टर, ये…
कुछ नहीं होगा।
[पार्श्व में संस्कृत श्लोक]
[एक आदमी] रहमान भाई…
ये क्या हो गया अल्लाह?
[दूसरा आदमी] रहमान भाई…
हमारे मसीहा थे!
रहमान भाई…
क्या हो गया ये?
खून में लदे हुए हमज़ा भाई रहमान भाई को उठाकर भाग रहे थे।
हमज़ा भाई ने अपनी पूरी जान लगा दी रहमान भाई को बचाने के लिए।
लेकिन जो अल्लाह को मंज़ूर था…
जब तक सूरज चाँद रहेगा, रहमान भाई का नाम रहेगा।
जब तक सूरज चाँद रहेगा, रहमान भाई का नाम रहेगा।
जब तक सूरज चाँद रहेगा, रहमान भाई का नाम रहेगा।
जब तक सूरज चाँद रहेगा,
[रिपोर्टर] अभी अभी खबर मिली है कि लयारी के बादशाह,
गरीबों के मसीहा,
शेर-ए- बलोच रहमान डकैत अब इस दुनिया में नहीं रहें।
सूत्रों से पता चला है
कि रहमान अपनी गाड़ी में एक सियासी मीटिंग से वापस जा रहे थे।
सर्कुलर रोड के पास वाले जंगल में,
एलटीएफ़ की एक नाका बंदी पर उनकी गाड़ी से हथियार बरामद हुए।
पूछताछ शुरू करने से पहले ही
रहमान डकैत और उनके लोगों ने एसपी चौधरी असलम और एलटीएफ़ पर गोलीबारी शुरू कर दी।
दोनों तरफ से भारी फायरिंग हुई।
मगर क्रॉस फायर में रहमान के ज़्यादातर आदमी मर गए।
रहमान डकैत को गोली लगी।
और जब तक उन्हें लयारी जनरल हॉस्पिटल पहुँचाया गया,
वो खून ज़्यादा बह जाने की वजह से मर गए।
अस्पताल के बाहर इस वक़्त अफरा-तफरी का माहौल है।
-[मोबाइल की घंटी बजती है] -आवाम का गुस्सा इस वक़्त आसमान छू रहा है।
रहमान के बाशिंदे उनकी मौत का जवाब चाहते हैं।
हाँ।
पता कर किसने किया है?
[दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़]
भूख लगी है…
भूख लगी है।
रहमान डकैत
अज्ञात स्थान भारत
[अंग्रेज़ी में] ऑपरेशन धुरंधर क्या है?
जासूसी के इतिहास में पहली बार,
हम अपना एसेट पाकिस्तानी अंडरवर्ल्ड, उनका माफ़िया…
उनकी गैंग में घुसने के लिए भेजेंगे।
रहमान डकैत की गैंग में घुसना आसान नहीं होगा।
इंतज़ार करना पड़ सकता है, लंबा इंतजार।
क्या ये मेरे बेटे का खून है?
जी।
[अंग्रेज़ी में] बल्कि, एविडेंस से पता चलता है,
सीधे-सीधे या फिर दूसरे तरीके से,
इस दुनिया में हो रहे हर टेररिस्ट अटैक के पीछे पाकिस्तान का हाथ है।
जब भी पाकिस्तानी आईएसआई किसी आतंकी संगठन से भारत पर हमला करवाती है,
तो हथियार और असले-बारूद कहाँ से लेती है?
उनके अंडरवर्ल्ड से।
ऐसी बंदूकें जिस पर रूसी या अमरिकियों का नाम छिदा हो,
हमारा ना हो।
कल को अगर अंतरराष्ट्रीय जाँच हो जाए,
तो आईएसआई का नाम नहीं आना चाहिए।
इसीलिए इन गैंग्स में घुसने से,
इनके माफ़िया और टेररिस्ट की साँठ-गाँठ,
और आईएसआई के शामिल होने की जानकारी हमें सीधे तौर पर मिलती रहेगी।
हम इस ऑपरेशन में क्रिमिनल्स को शामिल करेंगे।
जो या तो फाँसी का इंतज़ार कर रहे हों या उम्र कैद की सज़ा काट रहे हों।
जिनकी ज़िंदगी का कोई मकसद ही ना हो।
और वो मकसद हम उन्हें देंगे।
[अंग्रेज़ी में] और अगर हम कामयाब हो गए,
तो हमारे हाथों में किलिंग मशीन होगी।
जसकीरत सिंह रंगी
हमज़ा अली मज़ारी
♪ [अंग्रेज़ी में] खुले शहर में एक दमदार किरदार घूम रहा है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] सख़्त हौसले, ठंडी हवाएँ काला लिबास, बड़ी पहचान ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] ऐसा कुछ नहीं जो इंसान न कर सके ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] तो फिर जंग भी मंज़ूर है यहाँ हर क़ीमत अपने लहू से चुकानी पड़ती है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] एक गैंगस्टर है, हाँ एक गैंगस्टर ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] वो ज़्यादा बोलता नहीं पर खतरा रहता उसके काबों में ♪
घायल हो…
इसीलिए घातक हो।
♪ नाज़-ओ-अंदाज़ से कहते हैं कि जीना… होगा ♪
♪ ज़हर भी देते हैं तो कहते हैं कि पीना… होगा ♪
♪ नाज़-ओ-अंदाज़ से कहते हैं कि जीना… होगा ♪
♪ ज़हर भी देते हैं तो कहते हैं कि पीना… होगा ♪
♪ जब मैं पीता हूँ तो कहते हैं कि मरता भी नहीं ♪
♪ जब मैं मरता हूँ तो कहते हैं कि जीना… होगा ♪
धुरंधर जारी रहेगी
उन अज्ञात लोगों के नाम जिनके नाम हम शायद कभी नहीं जान पाएँगे
वे, जो अंधेरे में रहकर काम करते हैं ताकि भारत माँ गर्व से खड़ी हो सके
आपका साहस और बलिदान इस राष्ट्र को एक साथ बाँधता है
हम हमेशा आभारी रहेंगे।
♪ [अंग्रेज़ी में] वो मौत तक लड़ने वाला है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] जैसे मेरी कनपटी पर रखी बंदूक है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] एक ऐसा दोस्त जो नामुमकिन सा लगता है ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] एक ही इंसान में समाया हुआ है ♪
♪ अरे हाँ! ♪
♪ ज़रा सुनो ये! ♪
♪ [अंग्रेज़ी में] अरे हाँ! ♪
बदला 19 मार्च 2026
[हमज़ा] ये नया हिंदुस्तान है
ये घर में घुसेगा भी और मारेगा भी।
Can't find what you're looking for?
Get subtitles in any language from opensubtitles.com, and translate them here.