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[प्रशंसा] ओम
नमः शिवाय
जगत गुरु नमस्तुभ्यम
शिवाय शिवदाय
योगिन्द्रांम च योगिन्द्र
गुरु नाम गुरुवे नमः
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत] [प्रशंसा]
भैया
अरे जल्दी कर ना यार अरे बस थोड़ा रह गया शाबाश ना
अरे लक्ष्मण अपने भतीजे को क्यों रुला रहे उसको जन्मदिन के अवसर पर
अरे भैया रुलाने की बात नहीं अपने कुल देवता की मूर्ति मूर्ति इसके जिस्म पर
गड़वा रहा हूं ताकि भगवान इसकी रक्षा करे। अब
अरे डरो मत भाभी हिम्मत रखो भाभी शेर बना रहा हूं अपने भतीजे को। अरे शाबाश अरे बना
दे बना दे बस
[प्रशंसा] [संगीत]
[संगीत] गगन झूमे
कदम झूमे गगन झूमे
कदम झूमे जहां दुनिया में तू जाए
कोई मंजिल यहां क्या हो मुश्किल यहां वो खुद ही चल के पास आए तर रम पम पम गगन झूमे
कदम चूमे जहां दुनिया में तू जाए
कोई मंजिल यहां ना हो मुश्किल यहां वो खुद ही चल के पास आए
रम पम पम [संगीत]
हमेशा भैया और भाभी की बाहें हमेशा भैया और भाभी की बाहें
लड़पन को तेरे झूला झुलाए रहे अक्सर आ तेरे सर पर आ रहे अक्सर तेरे
सर पर इसी औच तरम पम पम गगन झूमे
कदम चूमे जहां दुनिया में तू जाए
[संगीत]
तेरा बचपन रहे आंखों में मेरी याद बनकर तेरा बचपन रहे आंखों में मेरी याद बनकर
हजारों नन्ही कलियों की हंसी कुर्बान जिस पर यही मंजर आहा सदा मुड़कर आहा यही मंजर
सदा मुड़कर नजर में बार-बार आए तर रम पम पम गगन झूमे
कदम झूमे गगन झूमे
कदम चूमे जहां दुनिया में तू जाए
कोई मंजिल आका ना हो मुश्किल आका वो खुद ही चल के पास आए तरम पम पम गगन झूमे
कदम चूमे गगन झूमे
कदम झूमे जहां दुनिया में तू जाए
लक्ष्मण लक्ष्मण तुम यहां खुशियां मना रहे हो और वहां तुम्हारा हक लूटा जा रहा है।
क्या कह रहे हो गोविंद? रघुपति साईं ने फैसला कर लिया है कि वो
अपने छोटे दीवान के बेटे को अपनी सारी जायदाद का वारिस बना देंगे। आज ये रस पूरी
होने जा रही है। लक्ष्मण के जीते जी यह रस्म हार हरिगज़
पूरी नहीं हो सकती। मैं देखता हूं। मत जा लक्ष्मण। हम गरीबी अच्छे हैं। हमें उनके
दौड़े नहीं चाहिए। लक्ष्मण बहुत खुसैल है। कहीं कोई ऊंचनीच
ना कर बैठे। जाके उसे रोकिए। आज भगवान को साक्षी मानकर और तमाम लोगों
की मौजूदगी में मैं सौगंध खाता हूं। कि हमारी सारी जायदाद और मिल्कियत का वारिस
हमारे छोटे दीवान श्रीनाथ का इकलौता बेटा मॉनंटी। नहीं जिमीदार साहब नहीं
कोई माटी बाटी जायदाद का वारिस नहीं बन सकता।
कौन हो तुम? लक्ष्मण है मेरा नाम। और मेरे भगवान जैसे भाई का नाम राम है।
मेरी सीता जैसी भाभी का नाम सुनेंगे जिम्मेदार साहब। लक्ष्मी है उसका
नाम। मत लो उस जलेल का नाम। जिस दिन उसने मेरी मर्जी के खिलाफ उस दो टके के किसान
के साथ शादी की। उसी दिन से मेरे साथ उसका रिश्ता हमेशा के लिए टूट गया। रिश्ते की
डोर कच्चे धागे की नहीं होती जिमीदार साहब जो एक झटके से टूट जाए।
ये तो जरूर आपके पुरखों में किसी ने दान पुण्य किए थे जो आपको लक्ष्मी जैसी बेटी
नसीब हुई। जिसने अपने पवित्र प्यार की खातिर आपकी इस झूठी लक्ष्मी को ठुकरा कर
मेरे गरीब भाई से शादी की। मेरा भाई एक किसान है जिमीदार साहब जो अपने खून पसीने
से अनाज का एक-एक दाना पैदा करता है। दौलत के जिस बलबूते पर आपने ये आलीशान कोठियां
खड़ी की है ना दरअसल ये हम गरीबों के खून पसीने की कमाई है।
तो साफ क्यों नहीं कह देते कि हमारी दौलत देखकर पसीने की जगह राल टपक रही है।
किस दौलत का घमंड कर रहे हैं आप? आपकी सबसे बड़ी दौलत, आपकी बेटी आज हमारे घर की
इज्जत है। दरअसल मैं तो आप ही के चिराग से आपके इस घर को रोशन करना चाहता हूं। लेकिन
आप किसी पराए चिराग से इस घर को जला के राख कर देना चाहते हैं। वारिस बनाने का
इतना ही शौक है तो किसी यतीम को वारिस बना दीजिए। किसी बदहाल गरीब को ये हक दे
दीजिए। मगर किसी कमीने, किसी बेईमान को यह हक हरगिज़ हरिगज़ मत दीजिए। बकवास बंद कर
बदतमीज़ अपनी जुबान को लगाम दे। जिसे तू कमी और बेईमान कह रहा है वही शख्स यहां का
निहायती ईमानदार और वफादार नौकर है। श्रीनाथ
तेरे खून में कितनी ईमानदारी और वफादारी है। उसका पता तो उसी दिन चलेगा जिस दिन
तेरे चिराग से इस घर को आग लगेगी। तो तुम क्या चाहते हो कि मैं यह भूल जाऊं कि उस
बच्चे के अंदर एक गंदे और गरीब आदमी का खून दौड़ रहा है।
जिम्मेदार साहब मैं भी बहुत कुछ कह सकता हूं लेकिन इतना
सुन लीजिए कि आदमी गंदा नियत से होता है कपड़ों से नहीं किसान का दिल गंगा की तरह
पवित्र होता है। किसान के खून में वो तासीर है जो पत्थर का सीना चीर कर हरियाली
पैदा कर सकता है। और माफ कीजिए जिम्मेदार साहब। वो घड़ी हर इंसान पर आती है। जरा
सोचिए जिस दिन आपकी जिंदगी का अंत होगा उस दिन आपकी अर्थी को कंधा देने के लिए आपको
मुख अग्नि देने के लिए अपने खून की जरूरत पड़ेगी।
मालिक ये ये बड़ी-बड़ी बातें कह के आपको बहकाया जा रहा है और आप खामोश हैं।
मालिक अगर मैंने आपका एक चुटकी भर नमक भी खाया है तो एक नमक हलाल नौकर होने के नाते
ये बात जरूर कहूंगा कि लक्ष्मण बिल्कुल ठीक कहता है। दौलत की चादर उतार कर एक बाप
की नजर से देखिए। इस दुनिया में बिटिया रानी के अलावा और आपका है ही कौन? अब भी
अगर आपकी आंखें नहीं खुली जिम्मेदार साहब तो मैं चाहता हूं। लेकिन इतना याद रखिए कि
भैया और भाभी तो शायद आपको माफ कर दे लेकिन विजय आपको कभी माफ नहीं करेगा।
ठहरो लक्ष्मण। [संगीत]
लक्ष्मण। कल दिवाली है। लेकिन कल इस हवेली में दिया तब जलेगा जब हमारी बेटी लक्ष्मी
यहां आएगी और खुद लक्ष्मी पूजन करेगी। जिम्मेदार साहब दीवान जी
जी कल आप खुद जाइए और सबको इज्जत के साथ यहां
ले आइए। जो आज्ञा मालिक
बडे दीवान जी। जीती रहो बेटा। जीती रहो। सौभाग्यवती रहो
बेटा। दीवान जी आपकी आंखों में आंसू वैसे तो बेटी को विदा करते हुए बाप की
आंखों में आंसू आ ही जाते हैं लेकिन आज मैं तुम्हें लेने आया हूं ना तो खुशी के
मारे आंखों से आंसू बह निकले बेटा बिना बताए हवेली को सुना करके आ गई और आज जब
तुम्हारे पिताजी की आंखें खुली तो वो आंखें राह में बिछाए तुम्हारा इंतजार कर
रहे हैं। चलो बेटा तैयार हो जाओ। मैं तुम्हें लेने आया हूं। जल्दी तैयार हो
जाओ।
जी [संगीत]
जब तक मेरी आंखों का चला जिंदा है तब तक कोई दूसरा दीप हवेली के इर्दगिर्द जमा भी
नहीं सकता। यहां खून की होली होगी और हवेली में दीवारी।
लक्ष्मी
मुझे मेरा बेटा
[संगीत] भाभी मुझे को लेकर पीछे के दरवाजे से निकल
जाओ और गोविंद के घर चल जाओ मैं और भैया लोगों को देखते हैं।
जाओ जल्दी जाओ। पीछे करो कोई जिंदा भागने ना भाई।
भाभी क्या बात है भाभी? गोविंद भैया मेरे विजय को बचा लो। श्रीनाथ
और उसके आदमी मेरे विजय के खून के प्यासे हो रहे हैं।
आप फिक्र मत करो भाभी। मैं अपनी जान दे दूंगा। लेकिन विजय का बाल बांका नहीं होने
दूंगा। आप एक काम करो मेरे दोनों बच्चों आना और माधवी को संभालो। मैं इसे लेकर
जाता हूं। इनका ख्याल रखो भाभी।
[संगीत]
भैया भैया
भैया ये क्या हो गया मेरी जाने का समय आ गया है ऐसा मत कहो
भैया ऐसा मत कहो लेकिन तू एक वादा कर कहो भैया इन गद्दारों से इन सबकी मौत का बदला
लेगा भैया तुम्हें कुछ नहीं होगा भैया
और [संगीत]
क्या नहीं
बेटा नहीं
श्रीनाथ अब तू मेरे हाथों से नहीं बच सकता चलो
चलो
[प्रशंसा]
के साथ गिरफ्तार कर लीजिए इस कातिल को गिरफ्तार
कर लीजिए गिरफ्तार कर लीजिए इस कातिल को पकड़ लीजिए
इसे पहले इस खून को गिरफ्तार कीजिए इंस्पेक्टर। जिसने मेरे भाई का खून किया
है, जिसने दीवान जी का खून किया है। ये सब बाद में देखा जाएगा। पहले हम तुमको
हिरासत में लेते हैं। क्योंकि तुमने ये सब खून हमारी आंखो के सामने किए हैं।
मेरे भाई और दीवान जी की मौत का ये मंजर तब तक मेरी आंखों के सामने रहेगा। श्रीनाथ
जब तक मैं तेरा खून नहीं कर लेता। इसे धमकी मत समझना। ये मर्द की जबान है। ये ये
मर्द की जबान है। [संगीत]
श्रीनाथ मैं तेरी आखिरी निशानी का निशान तक मिटा
दूंगा। मैं तुझे नहीं छोडूंगा।
तुझे नहीं छोडूंगा श्रीनाथ मैं तुझे नहीं छोडूंगा
चलो लक्ष्मण
हां चलो
[संगीत]
ओम श्री गणेशाय नमः ओम नमः शिवाय जय गिरजापति
ओ मेरे राजेश मेरे प्यारे राजेश दिन रात मैं तुम्हारा नाम जपती हूं। जैसे बिना
भगवान से मिले लोग भगवान की पूजा करते हैं वैसे ही आज तक तुमसे मिले बगैर मैं
तुम्हें पूजती जा रही हूं। ऑल द बेस्ट राजेश। मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं
कि इस बार भी चैंपियनशिप तुम ही जीतो।
फखरे हिंदुस्तान मिस्टर राजेश [प्रशंसा]
एशियन चैंपियन रेड डेविल। तो लीजिए अब वो मुकाबला शुरू होता है जिसका आपको बरसों से
इंतजार था। एक तरफ मिस्टर राजेश फखरे हिंदुस्तान दूसरी तरफ मिस्टर डीसका
रेड डेविल अब देखना हमारा रेड डेविल राजेश के कैसे
[ __ ] छुड़ा देगा हां चुप करो यार राजेश का एक हाथ पता नहीं
कितने रेड डेविलों को [ __ ] बना देगा कसम खुदा की
[संगीत] बड़ी बकबक कर रहा था। राजेश राजेश राजेश
बाइक के बारे में कुछ मालूम नहीं। ना जाने थर्ड क्लास के लोग फर्स्ट क्लास के ट्रिक
में कैसे बैठ जाते हैं। तुम्हारे अब्बा और उनके वालिद क्या गेट
कीपर का काम करते थे। ओए, यह दुनिया में आते ही पता चल गया कि कौन थर्ड क्लास शख्स
है और कौन फर्स्ट क्लास।
[संगीत]
[प्रशंसा]
इसके बाद अनोखा मुकाबला शुरू होगा। बरसात में डरिएगा नहीं। ये बरसात सिर्फ रिंग में
होगी। इसके छींटे आप तक नहीं पड़ेंगे। मुकाबला शुरू होता है बरसात में। बारिश
बारिश बारिश बार-बार है। यहां छोड़िए थर्ड क्लास।
[संगीत] आ हा देखा हमारे राजेश का कमर। तुम्हारा
रेड टेबल कटे हुए मुर्गे की तरह फड़फड़ा रहा।
अरे ओ मुतखोड़ जितनी तेरी जुबान चल रही है ना उतने अपने नोट चलाए तो मालूम।
अरे तुम तो ऐसे फरमा रहे हो जैसे तुम्हारे घर में नोटों का छापा खाना हो। अगर इतना
ही शौक है तो लग गई ₹1000 की शर्त। घटिया आदमी जुबान से घटिया बातें निकालेगा
ना। हजार क्या होता है? लगाओ ₹10,000 की। अरे मैं अपने राजेश के लिए जान तक दांव पे
लगा सकता हूं कसम खुदा की। चलो लग गई ₹10,000 की। मगर एक बात है ये ₹10,000 हम
किसी शरीफ आदमी के पास जमा करेंगे। अरे तुम तो शक्ल से ही हरामखोर लगते हो। ए भाई
जान आप शरीफ है क्या? शरीफ नहीं तो क्या मैं आपको खूनी नजर आता
हूं। नहीं नहीं शक्ल की बात नहीं मैं तो नियत
की बात कर रहा था। वो तो क्लियर है ना? अरे साहब नियत में तो लाखों में एक हूं।
अरे तो फिर इसी बात पे पकड़ो ये ₹10,000 ए दौलतमंद बाप की औलाद निकाल ₹10,000
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत] [प्रशंसा]
[संगीत] [प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा] [संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत] मैं
[प्रशंसा] [संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा] [संगीत]
[प्रशंसा]
वन टू थ्री 4 5 6 7 8 9 10 मिस्टर इज द विनर
वो मारा तुम्हारे रेड डेविल को मैं ₹100 जीत गया मैं जीत गया निकालो
ये कहां गए अरे मैं लुट गया मैं लुट गया मैं बर्बाद हो गया मैं तबाह हो गया ये लोग
मुझे धोखा दे गए मुझे बचा लीजिए राजेश बाबू मुझे तबाह होने से बचा लीजिए मुझे
बर्बाद होने से बचा लीजिए मैं बहुत गरीब आदमी हूं
क्या हुआ मैं अपनी टैक्सी गिरवी रखकर ₹10 लाया था
मैंने आपके नाम पर ₹10 की शर्त लगा दी वो कमीने अपने रुपए तो लेकर ही गए साथ में
मेरे रुपए भी लेकर रफूचकर हो गए कौन थे वो
एक जाम उस बेवकूफ के नाम जो हमसे शर्त लगाने के लिए आया था। चेस फॉर अ विक्ट्री।
[संगीत] मिस्टर राजेश तुम्हारे हाथ सिर्फ दो हैं।
लेकिन इस पिस्तौल में छह गोलियां हैं जो तुम्हारे हाथों से भी ज्यादा तेज चलती
हैं। यूं। [संगीत]
राजेश के दो हाथ तुम्हारे पिस्तौल की गोलियों से ज्यादा तेज चलते हैं और जब
चलते हैं तो आदमी की बत्ती सी बाहर और हड्डी पसली चकनाचूर हो जाती है। यू
[संगीत] इधर आओ
वाह उस्ताद मान गए उस्ताद आप सबके उस्ताद हैं उस्तादों के उस्ताद हैं मैदान में
चैंपियन बार में चैंपियन मार में चैंपियन ये पैसे मैं तुम्हें एक शर्त पे लेने
दूंगा अरे उस्ताद आप हुक्म कीजिए मैं आपके लिए
हर शर्त लगाने को तैयार हूं क्या आप जिंदगी भर कभी शर्त नहीं लगाएंगे
चलो वादा करता हूं मर जाऊंगा कभी शर्त नहीं लगाऊंगा ये बात मैं शर्त लगा कर कहता
हूं खुदा की कसम फिर शर्त
ओ हो हो हो ये ये शर्त का लफ्ज़ अपनी जुबान से निकालूंगा ही नहीं
खुदा की कसम कसम खुदा की
खुदा की कसम खुदा की कसम
आए हाए हाए हाए हाए हाए क्यों बे फटी हुई गुदड़ी के लाल माले मुफ्त इले बेरहम हैं
कसम पैदा करने वाले की फिर कभी पैदा मत होना
प्लीज मिस्टर मिस्टर राजेश आप नेक्स्ट फाइट किसके साथ करेंगे?
जो मुझे चैलेंज करेगा चाहे वो किसी भी शहर का हो कहीं का भी हो मैं लड़ने के लिए
तैयार हूं। पर मिस्टर राजेश आपकी नेक्स्ट फाइट कहां
है? पीछे मिस्टर बैनर्जी आ रहे हैं। ये सवाल
आप मुझसे पूछिएगा प्लीज। वो छिपकली कौन है? खामखा राजेश के साथ
चिपकी जा रही है। हो सकता है वो राजेश की बीवी हो।
अरे कीप क्वाइट यार। राजेश की अभी तक शादी नहीं हुई। अगर मैं वहां होती ना तो उस
छिपकली का मुंह कुचल डालती। एक्सक्यूज मी मिस्टर बनर्जी।
यस। मिस्टर राजेश का अगला प्रोग्राम कहां है?
मुंबई में। और यह फाइट सबसे ज्यादा खतरनाक और बहुत कीमती होगी। जो कोई मिस्टर राजेश
को हराएगा उसे ₹1 लाख इनाम दिया जाएगा। यह ओपन चैलेंज होगा। मिस्टर बनर्जी आप लोग
बंबई कब जाएंगे? परसों?
परसों मेरा राजेश बहुत प्यारा है। उछलने की क्या बात है? तो तू ऐसे उछल रही
है जैसे उसका और तेरा अफेयर चल रहा हो। अफेयर? अफेयर नहीं, लव अफेयर। आज तक उसने
मुझे इतनी चिटियां लिखी है। मेरा तो रैक भर गया है। रैक की बात तो तू जाने दे। तू
एक चिट्ठी लाकर दिखा दे तो मैं मान जाऊं। अच्छा जी एक तो अपने दिल की बात मैंने
तुम्हें बताई ऊपर से तुम लोगों को सबूत चाहिए किसी का प्रेम पत्र पढ़ते हुए
तुम्हें शर्म नहीं आएगी एनीवे तुम लोग संडे को देख लेना जब मेरा राजेश मेरी
बाहों में बाहें डाल कर आएगा तब तुम सब लोगों को यकीन हो जाएगा कि वो मुझसे कितनी
मोहब्बत करता है। अगर ऐसा ना हुआ तो तो तुम लोग मुझे समुंदर
में डाल देना। डन
डन
ये डिग्री, ये डिप्लोमा, ये सर्टिफिकेट्स इनसे तुम कोई अच्छी सी नौकरी तो हासिल कर
सकते हो। मिस्टर आनंद लेकिन मिस्टर राजेश को नहीं हराया जा सकता। जाओ अपने स्कूल के
बच्चों को पीटी सिखाओ। मिस्टर राजेश से ओपन चैलेंज लड़ना तुम्हारे बस की बात
नहीं। तो फिर आप साफ क्यों नहीं कहते कि ओपन चैलेंज सिर्फ एक स्टंट है। ₹1 लाख का
इनाम स्टेडियम में लोगों को लाने के लिए एक फ्रॉड है। और मिस्टर राजेश जिनजिन
फाइटरों के साथ आज तक लड़ा है वो सब आप ही के आदमी है।
ऐसी बात कहने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई? हिम्मत के ही बल पे मैं मिस्टर राजेश
से ओपन चैलेंज लड़ना चाहता हूं। बाकी आपकी मर्जी यहां पे तो आप मानेंगे नहीं। लेकिन
स्टेडियम में पब्लिक के बीच में मैं मिस्टर राजेश को चैलेंज दूंगा। बाय
ठहरो। तुम्हें खुदकुशी करने का अगर इतना ही शौक है तो ठीक है। ये कॉन्ट्रैक्ट साइन
करो। [संगीत]
भाइयों और बहनों, इस फाइट की खासियत यह है कि इसमें राउंड नहीं होंगे। यह फाइट
लगातार चलती रहेगी। हार और जीत के फैसले पर खत्म होगी।
[प्रशंसा]
तुम्हारे हाथों से पता चलता है कि तुमने कभी फाइट नहीं की। नहीं कभी भी नहीं।
जरूरत नहीं पड़ी। इस गोलगप्पे की हिम्मत कैसे हुई राजेश को
चैलेंज करने की? [प्रशंसा]
[प्रशंसा]
लगता है फाइटिंग तुम्हारा पेशा नहीं है। नहीं है तो अब हो जाएगा। मैं कहता हूं अब
बेवक़ है अपना नाम वापस ले लो। पता नहीं आप मेरी हिम्मत तोड़ने की नाकाम कोशिश कर
रहे हैं या मुझसे डर रहे हैं। [संगीत]
इस अनाड़ी ने तो तुम्हारे खिलाड़ी का थोपड़ा ही बिगाड़ दिया। ओ श
[संगीत]
[प्रशंसा] [संगीत]
गेट अपेश गेट अप
[संगीत]
[संगीत] वन टू थ्री फोर
फाइव सिक्स
[संगीत] [प्रशंसा]
सुपर फाइटर जिंदाबाद
[संगीत]
गाड़ी में बैठ जाओ नहीं तो गोली तुम्हारे बदन के आर-पार होगी। चलो बैठो।
[संगीत] [प्रशंसा]
[संगीत] मेरे बॉस को बचाओ। अरे
वो लड़के मेरे बॉस को बदनाम करके ले गई है। जी कौन जल्दी लाओ।
[संगीत] अब
जल्दी ए कहां ले जा रही हो तुम मुझे
ये पटाखे वाले रिवाल्वर है पकड़ो कहां ले जा रहे हो
जन्नत में जन्नत
राजेश जी मेरी बात सुनो मैंने अपनी हॉस्टल की लड़कियों के सामने डीक मारी थी कि तुम
मुझसे बहुत प्यार करते हो और मैंने वादा किया था कि आज तुम्हें बीच पर लेके आउंगी
अगर ऐसा ना हुआ तो मुझे अपनी इज्जत बचाने के लिए समुंदर में तो नहीं लेकिन चूलों के
पानी में डूब जाना पड़ेगा। प्लीज ट्राई एंड हेल्प मी राजेश जी।
बेशक क्या?
कम ऑन। [संगीत]
आ गया। जीवन के देखिए
जो भी करना चाहे आप करके देखिए
[संगीत] [प्रशंसा]
लो आ गया लो आ गया
जी भर के देखिए अरे जो भी करना चाहे आप जो भी करना चाहे आप करके देखिए
लो आ गया हीरो लो आ गया हीरो जी भर के देखिए अरे जो भी करना चाहे आप वहां जो भी
करना चाहे आप वो करके देखिए आ लो आ गया हीरो
[संगीत]
है फौलादी है बाजू रेशम की डोर नहीं अगर मरना चाहे आप हां हां मरना चाहे आप तो फिर
मर के देखिए लो आ गया हीरो
आ गया जी भर के देखिए
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत] [प्रशंसा]
ये झूमती जवानी ये हुस् ये शान ये झूमती जवा ये हुस्न ये शबा
नहीं है कोई सब है कहने और सुनने से बात नहीं बनती है कहने
और सुनने से बात नहीं बनती है। जुल्फ के बिखरने से रात नहीं बनती है। जानेमन जरा
पास मेरे मिला के नजर गहराइयों में दिल की गहराइयों में दिल की
उतर के देखिए। जो भी करना चाहे आप जो भी करना चाहे आप वो
करके देखिए आ गया
हेलो आ गया हीरो जी भर के देखिए
[संगीत] हु आ
[संगीत] [प्रशंसा]
[संगीत]
या या
[संगीत]
[प्रशंसा] [संगीत]
इतना जवान और हुस् मुझको कोई खेल ले है किसकी मजा
इतना जवाब और हुस् मुझको को कोई घेर ले है किसकी मजा
देखो दीवानी जरा फूलों का गुरूर देखो दीवानी जरा फूलों का गुरूर
लूट ले भरा फूलों का गुरूर आपकी अदा ले गई मेरी जान बा खुदा
कितना भी ना ज्यादा कितना भी ना ज्यादा सवर के देखिए
जो भी करना चाहे आप जो भी करना चाहे आपको भर के देखिए
लो आ गया हीरो लो आ गया हीरो जी भर के देखिए अरे जो भी करना चाहे आप आ जो भी
करना चाहे आप वो करके देखिए लो आ गया हीरो लो आ गया हीरो जी भर के
देखिए
[संगीत] यही है वो लड़की इंस्पेक्टर साहब इसी ने
मेरे बॉस को किडनैप किया है। इसे फौरन गिरफ्तार करके हवालात में बंद कर दीजिए।
क्या ये सच है मिस्टर राजेश? किडनैप हम बंद करवा दूं? बोल दूं?
ऐसी कोई बात नहीं है। इंस्पेक्टर साहब मैं अपनी मर्जी से इनके साथ आया हूं। अगर मेरी
वजह से आप लोगों को कोई तकलीफ पहुंची हो तो मैं माफी चाहता हूं।
दैट्स ऑल राइट। रोजी बेबी। कम ऑन, कम ऑन।
[संगीत]
इतने साल हो गए। मैं कब तक अपने प्यार को जब्त किए रहूं?
जब तुमसे नजर मिलती है तो बात अंदर ही दब कर रह जाती है।
तुम तो सो गए। लेकिन मैं अपने प्यार को छुपाकर रात भर
जागती रहूंगी।
हेलो मैं डॉक्टर पटेल बोल रहा हूं।
जी कहिए। सुनिए मिस्टर आनंद बहुत सीरियस हैं।
ओह नो। मिस्टर राजेश को फ़ोन दीजिए।
जी। मिस्टर राजेश सो रहे हैं। वो बहुत सीरियस हैं। उनसे कुछ बात करना
चाहते हैं। उनको ये मैसेज जरूर दे दीजिएगा।
जी ठीक है। मैं मैसेज दे दूंगी। गुड नाइट। किसका फ़ोन था?
हॉस्पिटल से डॉक्टर पटेल का। क्या बात? वो आनंद है ना सर जिसने आपके
साथ फाइट की थी उसकी हालत बहुत खराब है। ही इज वै सीरियस। वो आपके साथ कुछ जरूरी
बात करना चाहता है। रोजी मेरे कपड़े निकालो। मैं इसी वक्त
हॉस्पिटल जाऊंगा। सर
[संगीत] आनंद आनंद
[संगीत] राजेश राजेश बाबू आप
आ गए। मैंने मैंने तो सोचा था आप नहीं आएंगे।
फौलादी जिस्म वाले राजेश के अंदर एक दिल है जिसमें इंसानियत अब भी जिंदा है। आनंद
जानता हूं राजेश बाबू वरना इतनी रात गए आप क्यों आते? शायद कल सुबह तक मेरी आंखें
बंद हो जाती और मैं अपनी कहानी अपने साथ बहुत दूर चला जाता।
नहीं आना ऐसा मत कहो। तुम बहुत जल्दी अच्छे हो जाओगे।
नहीं बहुत जल्दी अच्छे हो जाओगे। राजेश बाबू आखिरी वक्त जब करीब होता है तो
दूसरों से पहले आदमी को खुद पता चल जाता है कि उसकी मौत बहुत करीब है।
आपने तो मुझे लड़ने से मना किया लेकिन क्या करें? मेरी जरूरतें इतनी ज्यादा बड़ी
हो गई थी कि मेरी अपनी जिंदगी बहुत छोटी नजर आ रही थी।
मेरी एक एक मां है। बहुत बीमार है। गांव में रहती है। शहर में लाकर उसका इलाज
करवाने की ताकत मेरे अंदर नहीं थी। स्कूल का मामूली ड्रिल मास्टर हूं ना
इसलिए राजेश बाबू मेरी एक बहन है। उसकी डोली
उठवाने की तमन्ना थी। लेकिन हिम्मत नहीं रही।
इनाम के ₹1 लाख जब सामने नजर आए तो साथ में एक भली चंगी मां भी नजर आई जो अपनी
बेटी को आशीर्वाद देकर डोली में बिठा रही थी लेकिन राजेश बाबू वो सब
सपना रह गया ये बात तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया
ना शायद मैं अब भी नहीं बताता राजेश बाबू
लेकिन एक बात मुझे बार-बार सता रही थी कि कहीं नहीं आप मुझे गलत ना समझ बैठे।
राजेश बाबू मैं नाम कमाने के लिए आपसे नहीं लड़ा था और ना ही आपको हराने के लिए
लड़ा था। मेरी अपनी मजबूरी थी जिसकी वजह से मैं अपनी तकदीर आजमाने चला आया था।
राजेश बाबू हो सके तो मुझे माफ कर दीजिए माफ कर
[संगीत]
[संगीत]
ये क्या कर रहे हो राजेश?
पागल हुए हो क्या? पागल तो कल तक था। अब होश आ गया है।
इस तरह आग लगाकर तुम आखिर साबित क्या करना चाहते हो?
मैं फाइटर राजेश के चिता चला रहा हूं। आज आनंद के साथ-साथ वो भी चल जाएगा।
तुम्हारा मतलब है कि आइंदा तुम किसी फाइट कॉम्पटीशन में हिस्सा नहीं लोगे।
हां बहनोजी साहब मुझे ऐसी कमाई नहीं चाहिए जिसमें इंसान के खून की ब आती हो।
तुमने कैसे तमाशा समझ रखा है? ये मेरा बिज़नेस है। पब्लिसिटी पे लाखों रुपए खर्च
हो चुके हैं। लाखों के टिकट बिक चुके हैं। तुम्हारे जज्बात की खातिर मैं कल के होने
वाले नुकसान को बर्दाश्त नहीं कर सकता। कल के होने वाले नुकसान की आपको चिंता है।
और कल तक जो आपने मुझसे करोड़ों रुपए कमाए उसके बारे में आप सोचते नहीं। खैर सोचना
आपके बस की बात नहीं। आपको तो सिर्फ रुपए चाहिए। चाहे वो किसी की लाश बेचकर क्यों
ना हो या किसी का खून बेचकर। जाइए जाइए मेरी सारी कमाई। सारे रुपए ले जाइए जो
मैंने आपके पास अमानत के तौर पर रखे थे। आज से आप उसके वॉइस हैं।
प्लीज गेट गोइंग। राजेश गेट गोइंग।
राजेश क्या वाकई तुम जा रहे हो?
हां रोजी। मैं सब कुछ और सब कुछ छोड़ कर जा रहा हूं।
मेरा काम मानोगी? कहो।
तुम अपने माता-पिता के घर चले जाओ। किसी अच्छे भले लड़के से शादी करके
मेरे पास तुम्हें देने के लिए कुछ नहीं है। मैं खुद खाली हाथ किसी की सेवा करने
जा रहा हूं। क्या उस राह पर मैं तुम्हारी हमसेफ नहीं
बन सकती? नहीं रोजी। उस राह की कोई मंजिल नहीं, कोई
ठिकाना नहीं। उस राह पर मुझे अकेला ही जाना होगा।
आई एम सॉरी। मुझे मुझे माफ कर देना। मुझे माफ कर देना।
दादी जी। [संगीत]
मैं प्रायश्चित करने आया हूं बहन। मैं आनंद को वापस तो नहीं ला सकता लेकिन उसकी
जगह तो ले सकता हूं। तुम्हारा भाई बनकर अपना फर्ज तो पूरा कर सकता हूं। एक ना
उम्मीद मां के लिए उम्मीद तो बन सकता हूं। प्लीज
मगर अंदर आने से पहले तुम एक वादा करो भैया।
मेरा एक सहारा तो खत्म हो गया। अगर मां को कुछ हो गया, तो मैं बिल्कुल बेसहारा हो
जाऊंगी। मां की आंखें आनंद भैया के इंतजार में
दरवाजे पर ही लगी रहती हैं। भैया की मौत की खबर सुनकर उनकी आंखें हमेशा के लिए बंद
हो जाएंगी। जब तक मां अच्छी नहीं हो जाती तुम ये बात मां से छुपा कर रखोगे भैया।
बोलो भैया। मैं वादा करता हूं बहन। मैं वादा करता
हूँ। [संगीत]
कौन हो तुम बेटा? मां
ये राजेश भैया हैं। आनंद भैया के दोस्त। आनंद का दोस्त।
लेकिन बेटा तुम्हारे बारे में उसने कभी हमें कुछ नहीं बताया।
कैसे पता था मां? उसने मुझे भी आप लोगों के बारे में बहुत देर से बताया। जिन
रिश्तों के बारे में देर से पता चले वो रिश्ते टूट तो नहीं जाते?
नहीं बेटा रिश्ते तो मरने के बाद भी नहीं टूटते।
बस ये वही रिश्ता है मां जो मेरे और आनंद के बीच में था।
था मतलब आनंद तेरे साथ नहीं आया। नहीं मां उसी की तो खबर देने मैं आया हूं।
उसे बहुत अच्छी और बहुत बड़ी नौकरी मिली है। वो भी स्विट्जरलैंड में। तू जानती है
मां स्विट्जरलैंड कहां है? नहीं बेटा।
कहते हैं स्विट्जरलैंड स्वर्ग जैसा है मां। मैंने भी नहीं देखा पर सुना जरूर है
मां बहन आनंद ने जो फल भेजे हैं उसका रस निकाल कर मां के ले लिया
अच्छा बेटा आनंद इतनी दूर नौकरी करने चला
और हमें एक बार बताया भी नहीं कैसे पता था मां सब कुछ जल्दबाजी में हो
गया मुझे भी जाने से पहले ही बता कर गया था और कह कर गया था कि मां का अच्छी तरह
से ख्याल रखना और बहन को किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने देना वो वहां नौकरी जॉइन
करते ही मुझे खत लिखेगा उससे उससे पहले मैं तुम्हें शहर ले जाऊंगा और तेरा इलाज
कराऊंगा। ये सारी जिम्मेदारियां मुझ पर सौंप कर गया है मां।
चल जल्दी से सामान पैक कर ले। कस्बे की गाड़ी से शहर जाना है।
हां अच्छा। लो मां।
दादा जी ये लीजिए। जूस पीजिए। नहीं बेटी मैं ये नहीं पऊंगा। ये उधार की
जिंदगी मैं और नहीं जीना चाहता। अब किसके लिए इस बूढ़े जिस्म को जिंदा रखूं मैं?
मैं तो तंग आ गया हूं जिंदगी से। दादा जी आप फिर बच्चों की तरह जिद करने लग
गए। पहले यह पीजिए और फिर बताइए आपकी परेशानी क्या है? लीजिए।
नहीं बेटी अब मुझसे इंतजार नहीं किया जाता।
कई साल पहले एक उम्मीद की रोशनी नजर आई थी। किसी ने खबर दी थी कि विजय सिंगापुर
में है। वो अपनी पढ़ाई खत्म करके यहां आ जाएगा। मेरी जिम्मेदारियों का बोझ उठाएगा।
लेकिन उस बात को हुए भी अब 10 साल हो चुके हैं। अब मैं बिल्कुल नाउद हो गया हूं
बेटी। मैं कल ही वकील साहब को बुलाकर सारी
जायदाद तुम्हारे नाम कर देता हूं। दादा जी आपको विजय चाहिए ना? मैं विजय को
आपके पास लाऊंगी। क्यों झूठी तसल्ली दे रही हो?
यकीन कीजिए दादा जी। मैं दुनिया के हर अखबार हर मैगजीन में इश्तहार दूंगी। और आप
देखना जो वाकई इस जायदाद का हकदार है वही इस जायदाद का वारिस बनेगा।
वाह! भ वाकई तुम वफादार और ईमानदार बड़े दीवानजी की बेटी हो। जिस मसले को हम आज तक
नहीं सुलझा सके तुमने यूं सुलझा दिया। वाह वाह। अच्छा बताओ ये इश्तहार तुम शहर से
भेजोगी या फॉरेन जाकर भेजोगी जानने के। इश्तहार के लिए फॉरेन जाने की बात कोई
उल्लू का पट्ठा ही कर सकता है। लीजिए दादा जी।
शहर में कई ऐसी एजेंसियां हैं जिनका ताल्लुक दुनिया के हर अखबार और मैगजीन से
है। तो फिर देर मत करो। जल्दी से आज ही शहर
चली जाइए। घंटी बजा के। मां के साथ बैठ मैं टैक्सी लेकर आता हूं।
आराम से
टैक्सी ए टैक्सी। अरे टैक्सी को लाख बार बुलाओगे तो भी जवाब
नहीं देगी और ना ही अपने आप चलने लगेगी कसम खुदा की। अरे टैक्सी के मालिक का कोई
नाम होता है जैसे आपका भी कोई नाम होगा। हैं?
अरे ओए होए उस्ताद अरे उस्ताद आप तो ईद का चांद हो गए। अरे आपके होटल के चक्कर
काट-काट कर मेरे जूते घिस गए। नए जूते खरीदने पड़े आपकी कसम।
मां और बहन साथ में आई है। जरा धीरे बोल। ओ किसी धर्मशाला ले चले आए।
अरे बहुत धर्मशालाएं हैं। ओबेरा कॉन्टिनेंटल धर्मशाला। ए ताजमहल धर्मशाला।
कौन सी धर्मशाला में लेूं? मुझे फाइव स्टार होटल में नहीं। मुझे बाकी
किसी धर्मशाला में जाना है। वो राजेश मर गया। जिसे फाइव स्टार होटल की आदत थी। अब
तो कोई भी छोटी मोटी धर्मशाला चली गई। लगता है उस्ताद तकदीर ने बड़े जोरों से
उछाल कर थोपी पछाल मारी है। अम्मी और बहन कहां है? वो रहा।
देख उनके सामने मेरी पिछली जिंदगी का कोई जिक्र मत करना।
आप बिल्कुल फिक्र मत करो उस्ताद। रहीम का हज़मा बहुत तगड़ा है। हर बात पहचा लेता है।
आप अम्मी को ले आइए। अबे बेशर्म मीटर खड़ा हो जा। उस्ताद से
क्या पैसे लेगा? हट।
[संगीत]
अरे ये किसका घर है? नहीं मियां। इस गरीब खाने को अपना ही घर समझिए उस्ताद।
मेरे रहते हुए अम्मी जान और बहन धर्मशाला में रहे। लानत है हमारी जिंदगी पर। अपनी
टैक्सी के नीचे कूद कर जान दे देनी चाहिए खुदा की कसम।
मगर बेटा तू इतनी तकलीफ? अम्मी जान इस घर को अपना ही घर समझिए। मैं
तो दिन भर बाहर रहता हूं। रात को किसी भी कोने में बिस्तर लगा के पड़ा रहूंगा। हां।
बाहर आ।
प्रेम तेरा ये एहसान मैं शायद जिंदगी भर नहीं भुला पाऊंगा यार। उस्ताद क्यों
शर्मिंदा कर रहे हो? ये सारी जायदाद आपकी है। उस दिन आपने मेरे रुपए उस कमीने से
वसूल किए जिसकी बदौलत ये टैक्सी चल रही है। वो पूरी लत छूट गई जिसकी वजह से छोटा
सा मकान है खुदा की कसम। अच्छा उस्ताद ये अचानक इस तरह आपका शहर
कैसे आना हुआ? पूरी कहानी फुर्सत से सुनाऊंगा दोस्त।
पहले बता कहीं छोटी मोटी नौकरी मिलेंगी क्या? हम नौकरी कर रहे हैं आपके दुश्मन।
बस एक चैलेंज फाइट कर दीजिए। कई नौकर इर्द-गिर्द घूमने लगेंगे। हां।
चैलेंज फाइट करना मैंने हमेशा के लिए छोड़ दिया दोस्त। फिलहाल तो मुझे नौकरी चाहिए
ताकि मैं अपनी मेहनत की कमाई से अपनी मां का इलाज कर सकूं।
बुरा ना मानो उस्ताद। नौकरी कोई टैक्सी तो है नहीं कि मीटर गिराया और पैसा आना शुरू
हो गया खुदा की कसम। पर टैक्सी तो चला सकता हूं मैं यार।
हे आप स्टार हो उस्ताद। चमकते हुए सितारे। लोग आपको फौरन पहचान लेंगे।
यार तू अभी कह रहा था ना कि तू रात को टैक्सी नहीं चलाता।
हां। अगर मैं रात को टैक्सी चलाऊंगा तो कैसा
रहेगा? देख यार हम दिन के सितारे हैं। रात को
हमें कौन पहचानेगा? आपके कदमों के तफैल उस्ताद ये टैक्सी आपकी
है। ये घर आपका है। हम आपके खुदा की कसम जब तक गाड़ी चलती है चलाते रहिए। हम आपके
साथ हैं। खुदा की कसम
खुदा की कसम। थैंक यू।
[संगीत]
[संगीत] राजेश क्या हुआ था?
क्या
[संगीत]
आ
[संगीत] [प्रशंसा]
[संगीत] [प्रशंसा]
[संगीत]
माफ़ कर दो, बहन जी।
माफ़ कर दो भैया।
[संगीत] भाग गए कमीने।
थैंक यू राजेश। थैंक यू वेरी मच। अगर तुम वक्त पर नहीं मिलते तो वो खतरनाक गुंडे
मुझे जान से मार डालते। लेकिन एक बात बताओ तुम टैक्सी ड्राइवर कैसे बन गए?
अनजाने में गुनाह हो गया था जिसका प्रायश्चित कर रहा हूं। पर यह बताओ ये
गुंडे तुम्हारे पीछे क्यों पड़े थे? हम एक नाउद इंसान जो अपने निवासी का इंतजार
कर रहा था मैंने उसे झूठी तसल्ली दी कि उसके वारिस को मैं जल्द से जल्द ढूंढ
निकालूंगी। मेरी तसल्ली कुछ नमक हरामो के दिल को छुप गए। ये उन्हीं के गुंडे थे।
राजेश तुमने मेरी जान बचाई है। मेरी एक मदद और
कर सकोगे। अगर मेरे बस में हुआ तो जरूर करूंगा।
थैंक यू। हरामजादों
कमी हो। तुम मेरी लता को मारने गए थे। अगर मेरी लता को कुछ हो जाता तो मैं गटर में
गिर कर अपनी जान दे देता। भगवान भगवान आज मुझे यकीन हो गया कि तुम इस दुनिया में
मौजूद हो जो एक इंसान का रूप धारण करके तुमने मेरी लता को बचा लिया। पर कुत्तों
तुमने किस कुत्ते के कहने पर मेरी लता पर हाथ उठाया।
मेरे कहने से बेटे डैडी। आओ मैं तुम्हें समझाता हूं।
देखो बेटे अगलता का वो इश्तहार अखबारों और मैगजीन में छप जाता और गलती से सचमुच कोई
वारसा दमकता तो हम दोनों लावारिस हो जाते। डैडी या तो मैं गधे का बेटा हूं या तो आप
गधे के बाप हैं। बात एक ही है बेटे आगे बोलो।
डैडी आपने मुझसे कहा था कि जिस बस्ती के अंदर लक्ष्मी और उसका बेटा विजय था आपने
और आपके आदमी ने सबको गोलियों से बून डाला था।
हां बिल्कुल बून डाला था। फिर वो जिंदा कैसे बच पाएगा? डैडी आज नहीं
तो कल वो बुड्ढा रघुपति लता को अपनी सारी जायदाद का वारिस बना देगा और लता का वारिस
मैं हूं क्योंकि मैं उससे शादी करने वाला हूं। बज गई घंटी
वाह वाह आज मुझे लग रहा है कि मेरा अपना खून बोल
रहा है। दादा जी मैंने दुनिया के तमाम अखबारों में
खबर छपा दी है कि ठाकुर विजय चौहान तुम जहां कहीं पर भी हो फौरन अपने नाना जी के
पास आ जाओ। उनकी तबियत बहुत
हेलो सिंगापुर से कौन ठाकुर विजय चौहान एक मिनट
दादा जी विजय का सिंगापुर से फ़ोन है हेलो कौन विजय मेरे मेरे बच्चे मेरे लाल
कहां से बात कर रहे हो तुम हैं मेरे मेरी तबीयत बस बस बस तुम्हें एक नजर देख लो
उसके बाद बिल्कुल ठीक हो जाऊंगा अरे बेटे ये सांस आज तक इसीलिए तो चल रही
है ना कि तुझे एक बार देख लूं। बेटे मैंने तुम्हारे नाम की एक तस्वीर बनाई है बेटे
जिसे सपनों में सजा कर मैं आज तक जी रहा हूं। हां आ जाओ बेटे जल्दी आ जाओ। कब? 21
तारीख को। जहां से आ रहे हो। बस एक एक पल एक-एक बरस की तरह काटूंगा
बेटे। हां जल्दी आ जाओ। हां। लता मेरा विजय आ रहा है।
दादा जी। श्रीनाथ मॉनंटी मेरे जिगर का टुकड़ा आ रहा है। आज मैं खुशी से पागल हो
जाऊंगा। भगवान आज तूने मेरी सुन ली। मैंने झोली खुशियों से भर दी। ये तो वाकई बहुत
खुशी का दिन है। ताऊ मेरा मतलब है बज गई घंटी। अभी 21
तारीख में दिन ही कितने बाकी है मालिक? हां। कितने दिन बाकी है? हां बेटा हम इसी
वक्त शहर को जाएंगे। बहुत सालों से इस घर में दिवाली नहीं मनाई गई। हे अरे 21 तारीख
को हम लोग इस सारे इलाके को रोशनी से भर देंगे। अच्छा मालिक चलो बेटा चलो मालिक
अगर विजय जिंदा है तो आज उसकी मौत का इंतजाम करना है मुझे और उसे मारेगा कौन?
अगर यहां उसका बेड़ा किनारे लग गया तो हम दोनों बाप बेटे का बेड़ा गर्क हो जाएगा
घंटी बजा के। अरे उसी को नर्क पहुंचाने के लिए तो हम
लोग शहर जा रहे हैं। मैं एक ऐसे आदमी को जानता हूं जो आदमी का खून मच्छरों की तरह
करता है। अरे मत बचा लो। अरे मत कूड़ी से बचा लो।
अरे मेरा खून का डालेगा अरे भाई कोई अरे भाई
अरे भाई जान से मार डालेगा मैं तुम्हारे हाथ
जोड़ता हूं अरे तुम्हारे पांव पड़ता हूं करोड़ मल को कुत्ते की मौत मरने से बचा लो
अरे बचा लो रे भाई अरे मैंने बचा ले हमारी फरियाद
अरे
अरे बड़े अफसोस की बात है कि तुम लोग इस कत्ल के चश्मदीद गवाह हो। कत्ल के बाद
सबूत या गवाह छोड़ना मेरी आदत नहीं है। लेकिन खूनी दादा तुमने इस बुड्ढे सेठ को
क्यों मारा? ये जानना मेरा काम नहीं। मान लिया और काम
किया। अरे ओ लंगोटर तुझे पहले कहीं देखा है?
हमारे लिए काम करोगे? अपना यही तो धंधा है। क्या काम है?
तुम्हें हमारे लिए तीन काम करने होंगे। घंटी बजा के नंबर एक यहां से सिंगापुर
जाकर 21 तारीख को मुंबई पहुंचने वाले जहाज में ठाकुर विजय चौहान नाम के एक आदमी का
कत्ल करना होगा। समझो के कत्ल हो गया।
घंटी बजा के नंबर दो। सिंगापुर से विजय चौहान के नाम का नकली
पासपोर्ट बनाकर तुम्हें उसकी जगह यहां आना होगा। और उस बूढ़े नाना का नकली नवासा
बनकर बूढ़े का विश्वास जीतना होगा। ये तो वाकई दो नंबर का काम लगता है।
तीसरा और आखिरी काम उस बुड्ढे से उसकी सारी जायदाद अपने नाम करवानी होगी और फिर
वही जायदाद हमारे नाम ट्रांसफर करके उस बुड्ढे का खून कर देना होगा।
समझो बुड्ढा भी मर गया। और यह भी समझ लो कि हम लोग वारिस बन गए।
ये समझने और समझाने का काम नहीं है ताऊ। यह कर के दिखाने का काम है।
कर के दिखाने से पहले मेरी कीमत तो तय कर दो।
हर काम के लिए एक ₹1 लाख। पूरे काम के लिए 3 लाख अभी जाकर रहे हो
अपने नौकर से पूछने कि वो इतनी कम रकम में काम करेगा क्या
क्या तुम्हारा नौकर भी यही काम करता है हम छोटे-मोटे फकीरों का काम वही संभालता
है पूरे खूनियों का खानदान लगता है डैडी
जल्दी से रकम बढ़ा दो नहीं तो भाग जाएगा घंटी बजा के 5 लाख
दो पंजों के बराबर रकम लूंगा पंजे का मतलब तो जानते हैं ना आप लोग वैसे भी तुम दोनों
मेरे ही पंजे में हो क्योंकि मैं तुम दोनों का सारा प्लान जान चुका हूं। चलता
हूं। अरे अरे भाई जा कह रहे हो रंझा आखिर पंजा
ही होता है। हम तुम्हें दो पंजों के बराबर रकम देने के लिए तैयार है। यानी कि 10 लाख
डन मां जी लंबी सांस लीजिए।
[संगीत]
डॉक्टर साहब मेरी मां को जल्द से जल्द ठीक कर दीजिए। इसके लिए जितना चाहिए उतना
रुपया खर्च कर सकता हूं मैं। राजेश बाबू सिर्फ रुपयों से इंसान की जान बचाई जा
सकती तो दुनिया का हर करोड़पति अमर हो जाता।
इसका मतलब मेरी मां आपकी मां का केस बहुत सीरियस है। वो इतनी
कमजोर हो चुकी है कि ऐसी हालत में उनका ऑपरेशन भी नहीं किया जा सकता। कुछ दिन
ऑब्जरवेशन के लिए उन्हें ये रुकना पड़ेगा। उसके बाद आई विल ट्राई माय लेवल बेस्ट।
क्या मैं अपनी मां से मिल सकता हूं? ओह श्योर।
थैंक यू सर। मां मां डॉक्टर ने कहा है तो जल्दी ठीक हो
जाएगी। मैं सब सुन चुकी हूं बेटा। एक बात बता
आनंद की कोई खबर मिली? आनंद की? अरे मां आनंद ऐसे आनंद में है कि
मैं कुछ बता ही नहीं सकता। कल ही टेलीफोन पर बर्बाद की थी। बस तेरा ही नाम रटे जा
रहा था। कह रहा था ये मां कैसी है? मैं इतनी दूर से देख तो नहीं सकता ना। मां के
पैर मेरी तरफ से छू ले। छ लूं मां।
जी सर। मैं कितनी तकदीर वाली हूं। भगवान ने मुझे
दो-दो बेटे दिए हैं।
तेरे जैसा दोस्त भगवान सबको दे।
एक बात बता अभी तू डॉक्टर से कह रहा था कि तेरे पास बहुत सारे रुपए हैं। कल तक तो तू
टैक्सी चलाता था। अचानक इतने सारे रुपए कहां से आ गए? अरे मां, मां, दरअसल मुझे
एक नाटक कंपनी में काम मिल गया है। उसमें सबसे अच्छा और सबसे बढ़िया रोल मेरा ही है।
उसी के एडवांस के पैसे लाया हूं। अब चलो वहां रिहर्सल का वक्त हो रहा है।
जिस काम के लिए तू जा रहा है, भगवान तुझे कामयाबी दे। सारी दुनिया में तेरा नाम
रोशन हो। मां तेरी दुआ मेरे साथ है। मुझे कोई नहीं
रोक सकता। चलता हूं मां। हां।
डैडी वो देखिए। कितना खानदानी लगता है। हो ना हो वही हमारा विजय है।
चुप उसका खानदान उसके पेट से नजर आ रहा है। कितना मोटा वो रईस जरूर लगता है लेकिन
खानदानी नहीं। अरे वो देखो सफेद सूट वाला। कहीं वो तो
विजय नहीं है। मैडम विजय अपने नाना से मिलने आ रहा है।
किसी का माता मनाने नहीं आ रहा है। सफेद कपड़े क्यों पहनेगा? और नहीं
वो काला चश्मा पहने हैंडसम पर्सनालिटी वाला मुझे पूरा यकीन है वही विजय है
हां डील डोल में बिल्कुल मेरे जैसा लगता है किसी ऊंचे खानदान का
हां वही हमारा विजय है उसकी जगह बिलकुल अपनी मां से मिलती है
डैडी आप और लता यहीं ठहरी मैं उससे पूछ कर आता हूं
ओ माय मदरलैंड माय मातृभूमि मेरी जन्मभूमि माय मां तेरी तेरी मिट्टी की महक दूर
समुंदर में खड़ा मैं महसूस कर रहा था धन्य हो माता जिसका मैं पुत्र हूं वाह क्या
फिल्म एक्टर की तरह ओवर एक्टिंग कर रहा था वो विजय मेरे भाई मेरे जिगर के टुकड़े
मेरे भाई मेरा मुन्ना कितना बड़ा हो गया तू ओ मेरे बेटे ओ मेरे से गले लग जा
जिंदगी भर में मत छूटे मेरा ये सिंगापुर का अखबार है इसमें पढ़ लेना
कि मैंने विजय का खून किस बेरहमी से किया है
ओ भाई ओए मेरे भाई मुन्ना मुन्ना मच गई ठंडी जिस्म की सारी हड्डियां चिटक गई अगर
ऐसा मेरा एक और भाई होता तो मैं कल का स्वर्ग में पहुंच गया होता। नहीं मनना
इसलिए शुभ बातें नहीं किया करते स्वर्ग में जाए तेरे दुश्मन
वेलकम वेलकम विजय बेटे चाचा जी अरे चाचा श्रीनाथ जी अनाथों के
नाथ जी अरे कहां थे चाचा इन पैरों को पकड़ने के लिए कब से तरस रहा था मैं अब
मैं यहां से नहीं उठूंगा जब तक आप मुझे अपने हाथों से नहीं उठाएंगे चाचा
अरे बेटा तेरी देशभक्ति और बड़ों के आदर को देख कर मेरा दिल बाग-बाग हो गया है
बेटा आज मैं इतना खुश हूं इतना खुश हूं कि मेरी आंखों से आंसू भी नहीं बह रहे मगर
मचके भी नहीं। क्या मतलब?
मतलब ये कलावती कन्या कौन है? ये लता है।
वेलकम। किसी खूबसूरत पेड़ से खूबसूरती से लिपटने
वाली लता। आप बेल इस झाड़ से लिपट जाएगी। नो नो नो नो। इस बेल को इस झाड़ से मत
लिपटने दो। नहीं तो इस बेल की सारी ब्यूटी जड़ी बूटी बन जाएगी।
कुली कुली? कुली। मेरा मतलब है कि यहां कोई कुली नहीं
दिखाई दे रहा। ताऊ, ये रेलवे स्टेशन नहीं डॉग की यार्ड है। ओह हो हो मगर इन फूल
जैसे हाथों ने कभी फूल तक नहीं उठाए। सामान कैसे उठाएंगे?
कोई बात नहीं। आप सामान क्यों उठाते हैं? सामान मेरा बाप उठाएगा।
खामोश बदतमीज। जाओ जल्दी से जा के जहाज से सामान लेके आओ।
नाना जी हमारी राह देख रहे होंगे। चलो बेटा चलो ना।
[संगीत] छोटे सरकार।
जिंदाबाद। छोटे वाले जिंदाबाद
बाबू जिंदाबाद
छोटे सरकार जिंदाबाद
छोटे वाले जिंदाबाद
बाबू जिंदाबाद
छोटे सरकार नाना जी
मेरे बच्चे
ओ नाना जी विजय विजय मेरे बच्चे
तेरी आवाज सुनने के लिए 25 साल तड़पता रहा मैं तुझे देखने के लिए आंखें तरस रही थी
तेरी तेरी याद में मैं इतना रोया, इतना रोया कि मेरे आंसू सूख गए बेटा। बोल क्या
मिला तुझे इस बूढ़े को तड़पा कर? क्यों इतनी देर जुदा रहा तू मुझसे?
अगर मुझे पहले पता होता कि आपके दिल में इतना बड़ा प्यार का सागर छुपा हुआ है। तो
मैं पहले ही दौड़कर आपके कदमों से लिपट जाता और जिंदगी भर आपकी सेवा करता।
मैं यह जानता हूं रे बेटा। मैं यह जानता हूं। और मैं भी तो यहां दिन रात सोते
जागते यही रट लगाए था। कि मेरा विजय कहां है? कहां है मेरा विजय? और मेरा विजय मुझे
छोड़कर अपनी मां के साथ अरे तू तू अकेला आया है क्या? तेरी मां कहां है?
मां मां
मां मां तो मुझे अकेला छोड़कर हमेशा के लिए बहुत दूर चली गई। नाना जी।
ये तू क्या कह रहा है? मैं सच कह रहा हूं नाना जी। मैं सच कह रहा
हूं। 5 साल पहले मां ने मरने से पहले मन से वचन लिया था। कहा था कि तू पढ़ाई लिखाई
खत्म करने के बाद नाना जी से जाके मिलना ताकि तू उनका सहारा बन सके। नहीं
लक्ष्मी नहीं रही भगवान
तूने मेरी बेटी मुझसे छीन ली। बातों पे आंसू बहाने से क्या फायदा है
मालिक? भगवान का लाख लाख शुक्र है कि उसने आने वाले कल को आपके सामने लाकर खड़ा कर
दिया है। आपका सपना आपका विजय हां तुम ठीक कह रहे हो श्रीनाथ। चलो बेटे
अंदर जाओ। जाओ बेटे जाओ।
अरे वाह। तुमने तो झंडे गाड़ दिए। तुमने तो क्या कमाल कर दिया।
धोती फाड़ी और रुमाल कर दिया। तुम तो मास्टरों के मास्टर निकले। यानी,
हेड मास्टर, फाइटिंग में मास्टर, वॉकिंग में मास्टर, टॉकिंग में मास्टर, एक्टिंग
में मास्टर। अरे दादा जी तो दादा जी, उन बाप बेटों को भी यकीन हो गया कि तुम ही
असली विजय हो। मुबारक हो राजेश बहुत-बहुत मुबारक हो।
राजेश, गुड राजेश। हुड राजेश। एक हाथ की दूरी पर रहकर बात करो। तुम हमारा माल
देखकर हमारे पे जाल फेंकने की कोशिश कर रही हो।
राजेश, तुम्हें ये क्या हो गया है? मैं, मैं लता हूं।
लता हो या घटा, सीता हो या गीता। आई डोंट केयर अ डैम फॉर एनीबॉडी। ठाकुर विजय चौहान
जिस रास्ते से गुजरते हैं, उस रास्ते पर ना जाने कितने लताओं की नजरें बिछ जाती
है। कहो कैसा रहा मेरा नाटक? बहुत बड़े इडियट की तरह।
इडियट लगता है एक तो तुम वैसे ही खूबसूरत हो। और
तुम्हारे चेहरे पर जो ये गुस्सा आया उससे तुम और भी खूबसूरत लगने लगी हो। जाना ये
तो सिर्फ आगाज़ है। अंजाम क्या होता है वो देखना। हम
कांग्रेचुलेशंस जैकम। वाह वाह वाह। अरे भाई तुमने तो ऐसी एक्टिंग की। एक मिनट के
लिए तो मैं भी झटका खा गया कि तुम वाकई विजय हो।
दीवान जी अभी तो झटके लगे हैं। आगे आगे देखना कि आगे खटके देता हूं।
लेकिन ताऊ जहाज के सामने तुमने इतनी ओवरएक्टिंग की कि मेरी घंटी बज गई। मैं डर
गया कि कहीं दादा जी के सामने पोल खुल गई तो हम सबकी कहीं घंटी ना बज जाए।
क्या है ना मामू मोटी अक्कल वाले गधों को समझा।
मैं गधा नहीं हूं। मैं तुम्हारी बात नहीं कर रहा हूं। गधों
की बात कर रहा हूं। उन्हें समझाने के लिए ओवरएक्टिंग करनी पड़ती है। वरना मामला बहुत
ढीया पड़ जाता है ना। बज गई घंटी बज गई घंटी
[संगीत]
मालिक खाना शुरू करें हां
[संगीत] ये क्या नाना जी के लिए भी तो खाना पड़ोसो
अरे नहीं बेटा मेरे लिए ये चावल की कांजी ही ठीक है आदमी जितना दौलतमंद होता जाता
है उतना ही उसका पेट छोटा होता जाता है मालिक की उम्र भगवान लंबी करता जाए इसलिए
हमारा ये फर्ज है कि इन्हें कम से कम और खासतौर से उबली हुई चीजें दी जाए ताकि
घंटी बजाने वाली बीमारियां इनसे बहुत दूर रहे। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट
प्रॉब्लम वगैरह-वगैरह ना जाने डॉक्टर ने कितनी बीमारियां बताई थी और मालिक के लिए
सख्त परहेज की हिदायत भी दी है और साथ में ये दवाई।
[संगीत] घंटी बज गई, वाह! कितना ज़हदार चिकन है,
वह। बोटी तो पसंद आएगी ही पालतू जो हो पालतू पालतू से तुम्हारा मतलब
क्या ये सच नहीं है कि तुम इस घर में तब से पल रहे हो जब तुम पिल्ले थे
हां ये तो सच है ये भी सच है कि तुम अपने मालिक के वफादार
हो बिल्कुल वफादार हूं सच है
फिर तुम पालतू हो कि नहीं हां मैं पालतू हूं अरे मेरा बाप भी पालतू
है खाना खाओ और बेटा तुम भी खाना खाओ आज मैं एक अंडा खा लूं नाना जी सवाल ही
नहीं पैदा होता एक दिन दादा जी अंडा खा लेंगे तो क्या
बिगड़ जाएगा एक ही बार खाने से तो बात बिगड़ जाती है
और फिर नाना जी अगर आपकी सेहत अच्छी रही तो उसी में हम सबकी भलाई है और अच्छी सेहत
के लिए कम खाना चाहिए। मेरा भी आज से खाना बंद।
मोहन सर यह खाना ले जाओ और मुझे भी नाना जी की तरह
कांझी दो। कल तक मैं सबके साथ खाना खाता था। आज लगा
कोई मेरे साथ खाना खा रहा है। विजय बेटे हमने फैसला कर लिया है। कल से मिल का
कामकाज तुम संभालोगे। मैंने वकील साहब को बुलवा लिया है ताकि चेक बुक पर दस्तख्त
करने की अथॉरिटी तुम्हें मिल जाए। इतनी जल्दी भी क्या नाना जी? अरे जल्दी
कैसे नहीं है? हम तो चाहते हैं जल्द से जल्द मालिक के सर का बोझ हल्का हो और उनकी
सेहत अच्छी हो। मालिक आपने बिल्कुल ठीक किया है।
हम बज गई घंटी।
हेलो हेलो कौन? मिस्टर राजेश बोल रहे हैं। हां
मैं डॉक्टर श्याम बोल रहा हूं। डॉक्टर साहब मां कैसी है?
पहले से बहुत अच्छी है। खाने पीने में मैं खास तौर पे ध्यान दे रहा हूं।
ऑपरेशन कब तक करोगे आप? आज तो मैं उन्हें डिस्चार्ज कर रहा हूं।
खामखा हॉस्पिटल में रखकर खर्चा बढ़ाने से कोई फायदा नहीं। मैं ही रोज घर पर जाकर
मां जी का चेकअप कर लिया करूंगा। आप जैसे समझे वैसे कीजिएगा। पर वक्तव में
मुझे इत्तला देते रहिएगा। क्यों? आप खुद आकर मां जी से नहीं मिलेंगे
क्या? फिलहाल यहां से निकलना नामुमकिन लगता है।
लेकिन डॉक्टर साहब भगवान के बाद सिर्फ आप ही पर भरोसा है मुझे।
आप बिल्कुल बेफिक्र रहिए मिस्टर राजेश। अब वो सिर्फ आप ही की मां नहीं मेरी भी मां
है। बाय।
हाय। हाय।
दफ्तर में पहला दिन मुबारक हो। चेक साइन करने की अथॉरिटी है। डबल मुबारक हो।
थैंक्स मांटी। तो आज बजाते हैं घंटी। घंटी मतलब?
अरे चलो तो सही। आज मैं ऐसी घंटी बजाऊंगा कि तुम्हारे जिस्म के सारे तार ऊपर से
नीचे तक झंझना उठेंगे। अरे चलो आओ।
यू [संगीत]
[संगीत]
ल
ल [प्रशंसा]
[संगीत] [प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत] अरे होती जो मैं बिजली
[संगीत] आई होती जो मैं बिजली तेरे घर में उजाला
करती तेरे दिल में उजाला करती करता अगर तू माने तो
करता अगर तू माने तो ऐसा कर लगाती ओई
[संगीत]
अरे होती जो मैं मोटर मोटर अरे होती जो मैं मोटर मैं तुझको भगा ले
जाती गादी में बिठा ले जाती करता अगर तू बेईमानी तो एक्सीडेंट कर देती तो
[संगीत]
घूमे बिजली
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत] [प्रशंसा]
मेरा रूप है मीठामीठा
मेरा रूप है मीठामीठा मेरा प्यार है फीका फीका क्या बात है मेरे दिलबर तेरा साथ है
फीका फीका क्या बात है मेरे दिलबर तेरा साथ है फीका फीका तेरा साथ फीका पीता अरे
होती झूमे मिर्ची
अरे होती झूमे मिर्ची हल्का सा नाग लगाती मजा प्यार का और बढ़ाती करता अगर तुम्हें
माने तो ऐसा जलाती तो करताई होई ओए ओई
ओईएईओई हाय हाय ओई
झूमे बिजली
[संगीत]
[संगीत]
एक बात बताऊं तुझको तेरे प्यार की हूं मैं प्यासी एक बात बताऊं तुझको तेरे प्यार की
हूं मैं प्यासी पड़ी दुआ करती हूं बन जाऊं तेरी मैं दासी बन जाऊं तेरी मैं दासी तेरी
होती जो मैं बीवी
तेरी होती जो मैं बीवी दिन रात में सेवा करती 10 12 बच्चे देती करता अगर तुम्हें
माने तो बच्चों से पिटवा के तू करता
[संगीत]
इतनी गिर गए हो तुम। हां इतनी गिर गई हो कि नौकरी छोड़ने के बाद अपना घर बसाने के
बजाए तुमने धंधा शुरू कर दिया। क्यों गिरा?
मुझे गलत मत समझो राजेश। इन लोगों ने मुझे तुम्हारी तस्वीर दिखाकर कहा। आदमी को अपने
जाल में फसाना है। लेकिन यकीन मानो राजेश मैं जो कुछ भी किया तुम्हारे करीब आने के
लिए किया। मुझे अपने से दूर मत रखो। राजेश दूर मत रखो।
तुम्हें कैसे समझाऊं रोजी? यहां एक बहुत खतरनाक ड्रामा खेला जा रहा है।
वैसे तो ये जिंदगी ही एक ड्रामा है राजेश। कब तक खतरों से बचते रहेंगे?
तो ठीक है। कल से तुम्हारी पुरानी नौकरी शुरू।
थैंक यू। थैंक यू वेरी मच राजेश। राजेश नहीं। एक बात याद रखना रोजी। आज के
बाद मैं तुम्हारे लिए राजेश नहीं ठाकुर विजय चौहान हूं। ओके। ओके
रेडी बोरिया निकालिए कंबल निकालिए और खाली बक्से निकालिए और चलिए मेरे साथ बैंक बैंक
से एक-एक पैसा निकाल के ले आते हैं। आज मैं एक चेक पे नहीं सारी चेक बुक पे
दस्तखत करवा के ले आया करवा लाया गधे के बच्चे ये तू दस्तखत करवा के लाया
है। विजय चौहान की जगह उसने राजेश के दस्तखत कर दिए हैं।
क्या बहुत बेवकूफ बना चुका है वो।
अब देखना तेरा बाप उसे कैसे दस्तखात करवाएगा।
देख क्या रहे हो? चुपचाप चेक साइन कर दो। वरना मैं समझूंगा अपने ही एक भाड़े के
टट्टू को मैंने खुद गोली मार दी। रिवाल्वर का मुंह मुझसे हटाकर अपने बेटे
के मुंह में ठूंस दीजिए। मिस्टर श्रीनाथ। क्यों? अगर शराब पिलाकर तुम्हारा बेटा
मुझसे ये चेक साइन करवा सकता है तो कल कोई भी मामूली क्लार्क शराब के नशे में मुझसे
कुछ भी लिखवा सकता है। लेकिन मैं इतना कमजोर नहीं कि शराब के नशे में बह कर इन
चेक पर साइन कर दूं। क्यों रे तूने राजेश को शराब पिलाई थी?
हां मैंने राजेश को शराब पिलाई थी। पट्टे
अपने ही मोहरे को कमजोर बनाया है। इतना ही नहीं कल दलाल बनकर मुझे लड़की के
पास भी ले गया था। हरामजादे तू मेरा बेटा हो का दलाल बन गया
और क्या बोल सकता हूं सर बात यही खत्म नहीं हुई श्रीनाथ जी इत्तफाक
से वो लड़की मेरी पुरानी सेक्रेटरी निकली और ये राज उसे छुपाने के लिए मुझे विजय की
जगह राजेश नाम पे सेंड करना पड़ा ये पुरानी मुसीबत कहां से ढूंढ कर ले आया
मुसीबत तो अब शुरू हुई है श्रीनाथ जी अब शुरू हुई है असलियत नाना जी के सामने ना
खुल जाए इसलिए मजबूर होकर मुझे उसको अपना राजदार बनाना पड़ा साथ में सैलरी के अलावा
अपने हिस्से में से चार आने की पार्टनरशिप भी देनी पड़ी।
औरत भी तू सच बात ये है श्रीनाथ जी मैं आपका आदमी था
और रहूंगा। थोड़े-थोड़े पैसे पे हाथ मारने से अगर बुड्ढे को जरा भी शक हो गया तो
मेरी साइनिंग अथॉरिटी चली जाएगी। मैं उस बुड्ढे को यकीन दिलाना चाहता हूं कि मैं
नाग बनकर उसकी दौलत की रखवाली कर रहा हूं। जिस दिन बुड्ढे ने मेरे नाम सारी दौलत कर
दी। मैं उसे डस कर दूसरी दुनिया में पहुंचा दूंगा। लेकिन आपके बेटे ने बहुत
बड़ी गलती की। मैं आपको यकीन दिलाने के लिए बाहर ले चलता हूं। वो लड़की मेरी
सेक्रेटरी बन कर बैठी है। अपनी आंखों से देख लीजिए। आइए आइए ना आइए।
क्या यही है वो लड़की?
यही है वो लड़की। बज गई घंटी। आपने मेरा मुंह तवा समझ रखा है क्या? जो
गरम-गरम चपातियां फेंके जा रहे हैं। हेलो नवजीवन इंडस्ट्री? यस, प्लीज कनेक्ट
मी टू मिस्टर विजय। हु स्पीकिंग? यह जानने की तुम्हें कोई जरूरत नहीं है। जो मैं
कहती हूं चुपचाप करो। मैं आपकी नहीं मिस्टर विजय की सेक्रेटरी
हूं मैडम। और सेक्रेटरी होने के नाते मेरे लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आप कौन है
और मिस्टर विजय से क्या काम है? मेरा नाम और काम जानने के बाद तुम्हें इस नौकरी से
हाथ धोना पड़ेगा। सिर्फ इतना बता दो तुम्हारा नाम क्या है?
तुमने कौन सा अपना नाम बताया है जो मैं अपना इंट्रोडक्शन तुम्हें दे दूं। और
नौकरी से निकलवाने की धमकी वहां देना मैडम जहां आपके हस्बैंड काम करते हैं। यू ची
इडियट? मैं अभी वहां आकर बताती हूं कि मैं कौन हूं और मेरे हस्बैंड कहां काम करते
हैं।
यू खिसियानी बिल्ली यू शट अप यू सिली। यू यू चुपकली तू यहां पर भी आके चिपक गई। एंड
यू किडनैप? यहां किसको किडनैप करने आई है? किडनैप करने नहीं तुझे डिसमिस करने आई
हूं। यू आर डिसमिस्ड। यह क्या तेरे हस्बैंड का ऑफिस है जो घर की तरह यहां भी
हुकुम चला रही है? आज मैं तुझे छोडूंगी नहीं। ऐसी हालत कर
दूंगी कि जिंदगी भर याद रखेगी। हालत तो मैं ख़राब करूंगी मेरी।
दूंगी।
कभी मेरी तू चुड़ैल की मैं तुझे भी नहीं छोडूंगी।
मैं
सर पापा से बात कर रही है मैं आप हट जाइए सर हट जाइए
अरे बंद करो स्टॉप इट स्टॉप इट 5 मिनट का इंटरवल करते हैं लेकिन ठंडा
पीने के बाद मैदान जंग में फिर उतरेंगे हां ओके ओके
तुझे मैं तुम्हें आखिरी बार कहती हूं इस लड़की को फौरन से निकाल दो मैं इसकी शक्ल
तक बर्दाश्त नहीं कर सकती ये मेरे ऑफिस में काम करती है इसकी कोई
गलती नहीं है मैं इसे कैसे निकाल सकता हूं ठीक है जो चीज करो। मैं अभी दादा जी से
बात करती हूं। फिर पता चलेगा।
छोड़ दो मुझे। लड़की ऑफिस में सेक्रेटरी का काम कर रही
है। हां दादा जी। मेरी आंखों के सामने विजय के
साथ चिपक-चिपक कर बात कर रही थी। आंखों की शर्म भी खत्म हो गई है उसकी। सच पूछो तो
मुझे नफरत हो गई है उस लड़की से। तुमने डांटा नहीं उसे। बताना था उसे कि इस
तरह की हरकत करने से उसका बहुत बड़ा नुकसान हो जाएगा। नौकरी तक जा सकती है।
अरे दादा जी जब अपना ही सिक्का खोटा निकले तो दूसरों को समझाने से क्या फायदा?
ठीक है। आज अपने ही सिक्के को घिस कर चमकाता हूं। आने दो विजय को।
वो आ रहे हैं लाड साहब। आज बहुत जोर से डांटना उसे।
हां नाना जी नमस्कार। अरे ये सब क्या है? सब मजाक समझ रखा है
क्या? पर क्या बात है नाना जी।
नाना जी, नाना जी मत बोलो। तुम शायद नहीं जानते मेरा गुस्सा कितना खराब है।
नाना जी, इतना गुस्सा इसकी कोई वजह होगी? आ हा हा कितने भोले बन रहे हैं बेचारे।
जैसे अभी तक दूध के दांत नहीं निकले। अरे तुम क्यों क्यों झगड़ रही हो? मैं अभी
फैसला कर देता हूं। विजय जी
मैं सोचता हूं आप इस घर में शहनाई बजवा ही दूं।
शहनाई बजवा दीजिए। मगर ये तो बताइए कि ये शहनाई आप किसी बावर्ची के लिए बजवा रहे
हैं या किसी ड्राइवर के लिए? ना किसी ड्राइवर के लिए ना बावर्ची के
लिए। बल्कि हमारी बेटी लता की शादी के लिए। और दूल्हा बनोगे तुम। मैं कल ही
पंडित जी को बुलवाकर मुहूर्त निकलवाता हूं। और साथ-साथ वकील साहब को बुलवा कर
तुम्हें सारी जायदाद का कानूनी वारिस बनाता हूं।
कांग्रेचुलेशंस मिस्टर विजय। आज से आप मिस्टर रघुपति सहायक की जायदाद के इकलौते
वारिस बन गए। मुबारक हो विजय बेटा मुबारक हो। आज खुशी
से मेरा दिल फटा जा रहा है। आज तो पूरी घंटी बज गई। ताऊ आ
अब यह बूढ़ा हमारे सर पर वाकई बोझ बन गया है। कॉन्ट्रैक्ट की तीसरी शर्त को पूरा
करने का वक्त आ गया है। आप फिक्र मत कीजिएगा श्रीना जी। राजेश की जुबान पत्थर
की लकीर है। कल की शाम उस बुडो की जिंदगी की आखिरी शाम होगी।
मैं उसे कल बाहर घुमाने ले जाऊंगा। आप अपनी दूरबीन से आंख लगाकर देखिएगा।
कि मैं उसे किस तरह पहाड़ी के नीचे फेंक दूंगा।
शाबाश राजेश शाबाश। कल शाम पूरे का काम तमाम।
बातों बातों में बहुत दूर निकल आए बेटा रानी। बस थोड़ी दूर और नाना जी।
डार्ड, अभी तक राजेश ने बुड्ढों को धकेला ही नहीं और साथ में कुछ बड़बड़ा भी रहा
है। कहीं हमारा राज तो नहीं उस बुड्ढो को बता रहा।
अरे ये पहाड़ी के किनारे क्यों ले आए बेटा? आपकी जिंदगी की तकलीफों को खत्म
करने के लिए।
अपनी कामयाबी के लिए और बूढ़े की मौत के लिए।
लेकिन राजेश एक बात अभी तक मेरी समझ में नहीं आ रही कि वो जो लता है ना 24ों घंटे
दादाजी के पीछे पूछ की तरह रहती थी। अचानक ऐन कत्ल के मौके पर गायब कहां हो गई? मैं
बूढ़ों को रास्ते से तब हटा सकता था जब मैं लता को यहां से कहीं दूर भेज देता।
इसलिए मैंने अपने नाना जी की दवाई के लिए लता को शहर भेज दिया। उस बेचारी को क्या
मालूम कि वो उस बूढ़ों की जिंदगी बनकर नहीं मौत बनकर जा रही है।
घंटी बजा के
नहीं। अच्छा जी मैं चलता हूं। अरे भाई इतनी जल्दी भी क्या है मियां? अभी
तो महफिल शुरू हुई है। कामयाबी का नशा शराब के नशे से कहीं
ज्यादा होता है। आप इस नशे का लुत्फ उठाइए और मुझे कामयाबी के नशे में डूबा रहने
दीजिए। बाय बाय। मां की बेटे अब ये तमाम जायदाद हमारी हो
जाएगी। सारी मिलें हमारी होगी और सारे वर्कर्स हमारे इशारों पर नाचेंगे।
हां, वर्करों को इशारे पर नचा कर क्या करोगे डैड? हमें तो वर्करों को मिलों से
बाहर निकालना है ताकि हम वहां पर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स खड़ी कर सके घंटी
बजा के। वह तो ठीक है लेकिन इन वर्कर्स को वहां से भगाएंगे कैसे?
जुल्म से घंटी बजा के। साथियों हम हड़ताल नहीं करना चाहते थे। पर
मालिकों ने हमें उस मुकाम पे लाकर खड़ा कर दिया है जहां हड़ताल हमारी जरूरत ही नहीं
मजबूरी बन गई है। इन मालिकों का जुल्म दिन-ब दिन बढ़ता ही जा रहा है। पहले ₹100
लिखवा कर ₹50 हमारे हाथों में रखते थे। पर अब ₹50 की जगह उन्होंने ₹25 देने का फैसला
किया है। हम सब बर्दाश्त करते रहे क्योंकि हमारे लिए आवाज उठाने वाला मसीहा हमारे
बीच मौजूद नहीं था। इन मालिकों ने हमारे हमदर्द को एक झूठे इल्जाम में 5 साल के
लिए जेल भेज दिया था। लेकिन आज वो हमारा नेता हमारे बीच मौजूद है। और वो ये है
गोविंद भैया। उधर मालिक हमारा खून चूस रहे हैं और इधर
आप लोग तालियां बजा रहे हैं। ये वक्त तालियां बजाने का नहीं है। ये वक्त है जब
कि हम अपने हक के लिए लड़े अपने अधिकारों को हासिल करें।
किस अधिकार की बात कर रहे हो तुम? कौन सा हक चाहिए तुम्हें? जिस किसी को हमारे
कायदे और कानून मानने से इंकार है वो खुशी से इस मिल को छोड़कर जा सकता है।
ये मिल हमारी मां है और इस तरह हमारी मां से कोई जुदा नहीं कर सकता जो कि हमें रोटी
देती है। मां की रोटी खाने का इतना ही शौक है तो
जाओ अपनी मां के पास जाओ। इस मिल के अंदर तुम लोगों को कुछ नहीं मिलने वाला और अगर
किसी शख्स ने इधर खड़े होकर भौंका तो मैं कोड़े मार मार कर उसकी खाल उदेड़ दूंगा।
ये छोटे मालिक का हुक्म है। कौन है ऐसा वैशी इंसान जिसने हम गरीबों के लिए ऐसा
हुक्म दिया है? छोटे मालिक यानी रघुपति सायं के नए वारिस
मिस्टर विजय विजय
यस सर रहीम खुद अपनी आंखों से देख कर आया है कि मिल वर्कर्स के साथ आपके नाम पर ज़ूम
किया जाएगा। अच्छा अच्छा तो वो इस तरह से बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं मुझे। अगर
उन्हें सीधी बाजी को उल्टा करना आता है तो मैं भी उल्टी बाजी को सीधा करना जानता
हूं। चेक बुक लाओ। पिछली तनख्वाह में जितनी कटौती की गई थी। उसके भुगतान के
अलावा हमारे वर्कर्स को 3-3 महीने का बोनस दे दिया जाए।
जिसमें सिर्फ हमारे ऑफिस और फैक्ट्री के वर्कर्स ही नहीं बल्कि हमारे महल के नौकर
भी होंगे। थैंक यू। अरे आगे बढ़ो, आगे बढ़ो। मालिक
हाथ चलाओ। विजय बाबू
जिंदाबाद। ये हम गरीबों का विश्वास जीतने के लिए
नाटक तो नहीं किया जा रहा है। जो नाटक था वो हकीकत नहीं बन सकती और जो
हकीकत है वो नाटक नहीं बन सकता। बेटा विजय की हकीकत तो सिर्फ मैं जानता
हूं। अब मैं ये देखूंगा तुम्हारी हकीकत क्या है।
[संगीत] जरा वो इनकम टैक्स की फाइल लाना।
[संगीत] साहब
आपकी शक्ल कुछ जानी पहचानी लग रही है। याद नहीं आ रहा कि मैं आपसे पहले कहां मिला
था? इसी ऑफिस में मालिक। मैं आपका नौकर हूं
दुखिया घंटी बजा के। घंटी बजा के? नौकर है तो मालिक की तरह सूट
पहन के क्या घूम रहा है। अपनी औकात भूल गया क्या? अरे ये तो मेरा ही सूट है।
जिसका कपड़ा मैं अमेरिका से लेकर आया था। तू कैसे पहन के घूम रहा है हरामजादे?
जितने भी हरामजादे हैं सब नवाबदे बन के घूम रहे हैं मालिक।
घंटी बजा के। क्या मतलब? मतलब बुलाइए अपने चौकीदार से
लेके चपरासी तक को और खुद ही देख लीजिए घंटी बजा के।
गोपाल भिकू धनिया रानी
लता अरे लता तुम यहां कब आई? मैं तो यहां पैदा हुई हूं मालिक। मैं लता
नहीं हूं। प्लीज ऑफिस में झाड़ू लगाने वाली।
ओ ब्लडी हेल। तुम लोगों को हो गया क्या है? तुम लोगों
की जरूरत कैसे हुई? मालिक के कपड़ों को छूने की।
इसमें हमारा कोई दोष नहीं है मंटी साहब। हमने तो वैसा ही किया है जैसा छोटे मालिक
ने हमें हुक्म दिया। क्या हुक्म दिया है तुम्हारे छोटे मालिक
ने? उन्होंने कहा यहां ना कोई राजा है ना कोई
प्रजा। ना कोई छोटा है ना कोई बड़ा। भगवान ने सबको एक जैसा बनाया। इसलिए क्यों ना हम
सब गले मिलकर? नहीं। मैं तुमसे गले मिलूंगा।
ठीक है आप नहीं मिल सकते। मैं आपके गले मिल लेता हूं। घंटी बजा के।
खबरदार अगर कोई मेरे गले पड़ा। मैं अभी जाकर मिलता हूं तुम्हारे छोटे मालिक से।
तुम होते कौन हो मिल की सोई खत्म करने वाले? दोद कौड़ी के वर्करों को हमारे
कपड़े बांटने का हक तुम्हें किसने दिया? हमने सोचा था कि हम इन मजदूरों को इतना
दुख देंगे कि ये दुखी होकर हमेशा हमेशा के लिए ये बिल ये शहर छोड़कर चले जाएंगे।
लेकिन तुमने तनख्वाह तो तनख्वाह तीन महीनों का बोनस देकर उन्हें मजदूरों से
मालिक बना दिया। तो क्या हो गया? जो उनका हक था उन्होने
देना कोई गुनाह तो नहीं? अच्छा एक गुनाहगार आज हमें ये समझा रहा है
कि गुनाह क्या है और बेगुनाह कौन है। देखो मिस्टर राजेश ये मत भूलो कि तुम सिर्फ एक
भाड़े के टट्टू हो। अगर हम चाहे तो तुम्हें अभी इसी वक्त रघुपति सहाय के कत्ल
के इल्जाम में फांसी के तख्ते पर पहुंचा सकते हैं।
मुझे फांसी के तख्ते पर चढ़ाना आपके बस में नहीं है श्रीनाथ क्योंकि आपके पास
मेरे खिलाफ कोई सबूत है ही नहीं। हम बाप बेटे उस कत्ल के चश्मती गवाह है।
घंटी बजा के। घंटा तो मैं तुम दोनों का बजा दूंगा कोर्ट
में। ये साबित करके कि तुम दोनों ने मुझे भाड़े पे उस बूढ़े का खून करने के लिए लाए
थे। हम तुम्हारी धमकियों से डरने वाले नहीं
है। सीधी तरह से बताओ अगर तुम चाहते क्या हो? मैं वही चाहता हूं जो आप नहीं चाहते।
अगर आप मॉनंटी के बाप हैं तो मैं आपका बाप हूं। आइंदा आप जिसके बाप हो उसी के बाप
बने रहिए। मेरा बाप बनने की कोशिश मत कीजिएगा। समझे?
डैड हम इसे सांप बना के लाए थे। लेकिन ये सपेरा बनने की कोशिश कर रहा है।
घबराओ मत बेटे। इस सपेरे की बीन तो मेरे ही पास है। मैं कल ही शहर जाऊंगा और
दो-चार दिन में वकील साहब से जायदाद के तमाम कागजात तैयार करवा के आता हूं। और
फिर किसी तरीके से भी इन जायदाद के कागजात परसुल्लू के पत्ते से दस्तखत करवा लूंगा।
डैड एक बात मेरी अच्छी तरह से सुन लो। अगर ये सांप है तो मैं सपोला हूं और सपोले का
जहर इतना खतरनाक होता है कि वो डसता किसी और को है और मरता उसका दुश्मन है।
मैं समझा नहीं बेटे। डैड मैं इसे नहीं लता को डसूंगा। जब लता
को पता चलेगा कि उसके दादा जी का कातिल राजेश है तो हमारे रास्ते खुद ब खुद खुल
जाएंगे। [संगीत]
धोखे की बात नमक हराम तुमने जिसका नमक खाया उसी को मार डाला।
लगा मेरी बात तो कोई बात नहीं सुनूंगी मैं। मैं तो समझ रही
थी कि तुम मेरे हो इस घर के हो। लेकिन तुम तुमने मेरे दादा जी की जान ली। शायद तुम
ये भूल गए हो कि मैं उस वफादार दीवान की बेटी हूं जिन्होंने इस घर के लिए अपनी जान
दी। और आज इस घर के लिए मैं तुम्हारी जान लूंगी।
[संगीत] डर लगता है बेटा गिर पडूंगा। एक कदम और
दादा जी एक कदम वेरी गुड दादा जी दादा जी
और अपने पांव पर खड़े हैं दादा जी
क्या ये सच है या कोई चमत्कार है या करिश्मा है या कोई सपना है
ना ये सपना है ना ये करिश्मा है नाना जी अपने पैरों पर खड़े हैं ये हकीकत है
और इस हकीकत में छुपा हुआ राज इस दवा की शीशी में है। वो बाप बेटे पिछले 5 साल से
दवा के नाम पर यह जहर कांजी में डालकर दादाजी को देते रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि
दादाजी के हाथ पैर सुन हो गए। पैरालाइज्ड। यह दवा धीरे-धीरे इनकी जान भी ले सकती थी।
जब विजय ने मुझे यह दवा जांच करने के लिए दी तो मैंने उसी वक्त विजय से कहा था कि
इस तरह के मरीजों का इलाज सिर्फ शॉक ट्रीटमेंट से ही किया जा सकता है। और उस
दिन जब विजय दादाजी को घुमाने के लिए बाहर लेकर गए और उसने व्हीलचेयर को नीचे फेंका।
वेरी गुड। दादा जी दादा जी आज मैं इतनी खुश हूं किसी
लगता है रोते चले जाओ आप अच्छे हो गए दादा जी
हां बेटी मैं अच्छा हो गया अब मैं चल सकता हूं लेकिन ये पैर मेरे नहीं बेटी ये तो
विजय के हैं। अरे यह तो इसकी हिम्मत थी जिसने मेरे अंदर इतनी ताकत पैदा कर दी।
लेकिन विजय अब सचमुच तू अपने पुराने नाना को नहीं देख सकेगा। अब तो मैं अपने पैरों
पर खड़ा हो सकने वाला तेरा नया नाना हूं। आज तक हर बार तू आगे बढ़कर मुझे गले लगा
लेता था ना। आज मैं खुद चलकर तुझे गले लगा लूंगा। जी
[संगीत] इज अगर अपने प्यार को माफ कर सको तो मुझे
माफ कर देना।
[संगीत] [प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
समझ समझ कर समझ को समझो समझ समझना भी एक समझ है समझ समझ कर समझ समझो समझ समझना भी
एक समझ है समझ समझ कर भी जो ना समझे मेरी समझ में वो
ना समझ है समझ समझ कर समझ को समझो समझ समझना भी एक समझ है
समझ समझ कर भी जो ना समझे मेरी समझ में वो ना समझ है समझ समझ कर
समझ को समझो समझ समझना
एक समझ है
[प्रशंसा] [संगीत]
इशारा मेरा समझ ना पाओ तो तुमसे दिलबर खुदा ही समझे इशारा मेरा समझ ना पाओ तो
तुमसे दिलबर खुदा ही समझे करोगे कुछ बात काम की भी या
रहोगे बातों में उलझे उलझे तुम्हारी मोटी अकल की आंखें यही समझ है तो
क्या समझ है समझ समझ कर समझ को समझो समझ समझना भी एक समझ है समझ समझ कर समझ तो
समझो समझ समझना
एक समझ है
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत] उलझ उलझ कर मैं रह गया हूं तुम्हारी
जुल्फों में जाने जाना इसलिए तो खाली गया है। हां इसलिए तो खाली गया है मेरी नजर का
हर एक निशाना है सीधी सी फिर भी जानू ना क्यों ये दिल मेरा ना समझ है। समझ समझ कर
समझ को समझो समझ समझना भी एक समझ है। समझ समझ कर
समझ को समझो समझ समझना
एक समझ है [संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
अभी तो बिगड़ा नहीं है कुछ भी अगर तुम्हारी समझ में आए
अरे बुद्धू अभी तो बिगड़ा नहीं है कुछ भी अगर तुम्हारा सारी समझ में आए
मुझे पहेली बुझाने वाली है मुझे पहेली
बुझाने वाली तेरी अदा से खुदा बचाए जो प्यार मेरा समझ समझ कर भी कह रही है के ना
समझ है समझ समझ कर समझ को समझो समझ समझना मेरा भी एक समझ है।
समझ समझ कर भी जो ना समझे मेरी समझ में वो ना समझ है। समझ समझ कर
समझ को समझो समझ समझना
एक समझ है समझ समझ कर समझ को समझो
समझ समझना ये एक समझ है
वो बहरूप पिया है, धोखेबाज है लक्ष्मण। विजय जिंदा है। यह बात सिर्फ मेरे अलावा
वो आदमी जानता है जिसे मैंने विजय को पालने के लिए दिया था।
लेकिन गोविंद वो आदमी है कहां? वो विजय को लेकर कहां गया है? इसकी भी खबर है
तुम्हें? तो क्या तुम उस कमीने श्रीनाथ को उसकी चाल
में कामयाब हो जाने दोगे? उस हरामखोर की फिक्र तुम मत करो।
जिस दिन मैं इस पिंजरे से बाहर निकल आया वही तारीख उसकी जिंदगी की आखिरी तारीख
होगी और उस बहरूपे की भी फिक्र करने की जरूरत
नहीं। लगता है इन गीदड़ों की मौत आई है जो शहर
में इकट्ठे हो गए हैं। गोविंद
तुम सब मेरे विजय को ढूंढ निकाल लो। मैं वादा करता हूं लक्ष्मण कि मैं विजय को
जल्द से जल्द ढूंढ निकालूंगा। मुझे तुम पर पूरा भरोसा है गोविंद।
यह दुनिया भी अजीब भूल भलाई है। यहां गैर तो गैर
अपने भी गुम हो जाते हैं। मेरी लक्ष्मी भाभी कौन जाने कहां
किस हाल में होगी बेचारी। किस हाल में होगी।
डॉक्टर साहब मां जी का ऑपरेशन कामयाब हो
गया। ओह थैंक्स अ लॉट।
यू आर वेलकम। थैंक यू। थैंक यू वेरी मच।
थैंक यू डॉक्टर। थैंक यू वेरी मच दोस्त। तुमने आज मेरी एक जिम्मेदारी पूरी कर दी
है। मां का इलाज करके मुझ पर ऐसा एहसान किया जो मैं जिंदगी भर नहीं भुला सकूंगा।
इसमें एहसान की क्या बात है राजेश भैया? क्या मां के साथ सिर्फ आप ही का रिश्ता
है? मेरी भी तो कोई जिम्मेदारी बनती है। हां एक जिम्मेदारी तो तुमने पूरी कर दी
है। बस अब मुझे और एक जिम्मेदारी पूरी करनी है। माधवी की शादी। बस हंसीखुशी से
उसकी डोली उड़ जाए। तब जाके मैं कहीं चैन की सांस ले सकूंगा।
राजेश भैया मैं एक बात कहूं। अगर आप मुझे इस लायक समझे तो माधवी की जिम्मेदारी मैं
जिंदगी भर के लिए अपने ऊपर लेना चाहता हूं।
श्याम हां राजेश भैया। मांजी के इलाज के दौरान
मैं और माधवी एक दूसरे के बहुत करीब आ गए और एक दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझ चुके
हैं। बस अब आपका और मां जी का आशीर्वाद चाहिए।
श्याम तेरे जैसा लड़का जिस लड़की को मिल जाए उसके तो नसीब जाग जाएंगे। मुबारक हो
मुबारक हो यार। आओ बरखुरदार आओ।
तुम्हारे इंतजार में ये रुपए सड़ रहे हैं और ये कलम इस वसीयतनामे पर चले इसके लिए
हम कब से तड़प रहे हैं। एक हाथ से रुपया उठाओ और दूसरे हाथ से दस्तखत करके चलते
बरो घंटी बजा के। शस्त्र
कहां करना है? हर पन्ने पर। ठहरो। कोई अपनी जगह से हिलने नहीं पाए। इस
घर को पुलिस ने चारों तरफ से घेर रखा है। अगर किसी परिंदे ने भी पर मारा तो गोली चल
जाएगी। लेकिन लेकिन हमारा कसूर क्या है? कसूर तुम्हारा नहीं हमारा है जो हमने
पुलिस में नौकरी कर ली। हम यहां पर तहकीकात करने आए हैं। क्या करने आए हैं?
इस घर का मालिक पिछले कई दिनों से लापता है। फिर भी तुम लोग यहां इकट्ठे होकर दफा
144 क्यों तोड़ रहे हो? सीधी तो बताओ कहां है रघुपति का जी? नहीं
पता। अबे खोजू अगर तुझे सब कुछ पता होता तो
पुलिस यहां खास करने आई है। बोल सच बता कहां है रघुपति सहाय?
नर्क में। स्वर्ग में।
माफ़ कीजिएगा। दरअसल हम खुद बहुत परेशान है।
कि वो अचानक न जाने कहां गायब हो गए। अगर वो जिंदा है तो मरने से पहले हम उनको
ढूंढ निकालेंगे। और अगर वो मर चुके हैं तो उनकी आत्मा को स्वर्ग से घसीट कर नीचे
लाएंगे और तहकीकात करेंगे। क्या करेंगे? एक बार अगर वो कातिल मिल जाए तो देखना
इंटें तोताराम उसके मुंह से टेट की तरह कैसे बुलवाता है। सुना है कि इतनी बड़ी
जायदाद के तुम ही अकेले वारिस हो? हां यही वारिस है।
चुप बे ला हम इनसे तहकीकात कर रहे हैं। क्या कर रहे
हैं? तुमने अभी तक इस जायदाद का कोई हिस्सा
बेचा है या किसी के नाम ट्रांसफर किया है? जी नहीं। खबरदार
ऐसी गलती भूल के भी मत करना वरना पुलिस को तुम पर शक हो जाएगा और तुम्हारे साथ-साथ
वो लोग भी फस जाएंगे जिन्होंने जायदाद को छुआ है। समझ गए?
हां जी समझ गए। जो कुछ करना सोच समझ के करना। हमारी
तहकीकात पूरी हुई। अब हम चलते हैं। क्या करते हैं?
चलो लेफ्ट राइट लेफ्ट राइट लेफ्ट राइट। अब पुलिस चली गई है। जल्दी से दस्तखत कर
दो। मेरा क्या? मैं तो दस्तखत करके चलता बनूंगा। मगर कहीं ऐसा ना हो जल्दबाजी में
आप लोग फंस जाए और फांसी के फंदे पे लटकते रहें।
तहकीकात नहीं डैडी ये ठीक कह रहा है। जब तक पुलिस की निगाह में ये केस ठंडा ना हो
जाए हमें चुप रहना चाहिए। नहीं तो हम बाप बेटे की घंटी बज जाएगी।
हम ओके। पहली बार सही बोला। हम चलता हूं।
[संगीत]
[संगीत]
सुनिए हम
आप लक्ष्मी देवी जी है ना? जी
नमस्ते। नमस्ते।
लेकिन आप मैं हूं ईश्वर दयाल। जिस स्कूल में आपका
बेटा आनंद टीचर था। मैं वहां हेड मास्टर हूं।
अच्छा अच्छा। एक बार तो आपके घर भी आया था आनंद के साथ।
हां याद आया। कहिए कैसे हैं? सब भगवान की कृपा है। पर भगवान ने बड़ा
अन्याय किया है आपके साथ। आपको देखा तो कलेजा फटने लगा। भगवान इंसान से सब कुछ ले
ले पर उसकी मां से उसका जवान बेटा ना छीने।
क्या? क्या कह रहे हैं आप? क्या हुआ मेरे आनंद को?
क्या? अभी तक आपको मालूम नहीं हुआ कि आपका बेटा आनंद इस दुनिया में नहीं रहा।
क्या? फाइट के मुकाबले में उसकी जान चली गई।
आनंद के प्रोविडेंट फंड की रकम मैंने गांव के पते पर भिजवा दी।
मां लेकिन सब कुछ वापस आ गया।
तू चला गया। [संगीत]
बेटी तुम मां को संभालो मैं पानी लेकर आता हूं।
मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुल्हनिया। ओ सज के आएंगे दूले राजा भैया। मां मां ये
देख ये सारी ये जेवर और खासतौर से ये शॉल तेरे बेटे ने तेरे लिए भिजवाए हैं। तू
नहीं जानती वो तुझको कितना चाहता है और अपनी बहन से कितना प्यार करता है। ये सब
तेरी शादी की तैयारियां उसी के पैसे से हो रही है और ढेर सारे रुपए भी भेजे हैं
वहां। कहां से? स्वर्ग से।
भैया मां को तो मालूम हो गया है। आज तक तुम लोग मुझे धोखा देते रहे। आज तक मेरे
से सच्चाई छुपाते रहे ताकि मेरी सांस चलती रहे। अरे मेरी सांस तो यहां चल रही थी
लेकिन मेरे दिल की धड़कन तो आनंद के साथ थी और तू आज तक मेरे साथ नाटक करता रहा
क्योंकि तू एक बहुत बड़ी नाटक कंपनी में काम करता है तो तूने घर में भी नाटक शुरू
कर दिया और वो भी मां के साथ एक बेटे की आंख बंद हो गई और दूसरा मां की
आंख पर पट्टी बांधकर खड़ा देखता रहा कि वो दो बूंद आंसू भी ना बहा सके अपने बेटे की
लाश से लिपट कर रो भी ना सके बोल तूने ऐसा क्यों क्यों किया तूने ऐसा
क्यों मैं बताता हूं क्यों अगर सुन सकती हो तो
सच ये है कि आनंद मेरे हाथ मारा था नहीं
आनंद को तूने मारा मेरे बेटे का तूने खून किया क्यों किस लिए
क्या तुझे ऐसा मां के क्या कर रही है अम्मा
और आज कपड़े लाकर मां को बहलाने आया है। नहीं चाहिए मुझे। ले जाइए सब कुछ। निकल जा
इस घर से। चला जा निकल जा। अभी इस सीमा को ले जाइए सारे साला।
तुम गए थे तो चला जाऊंगा मां। पर सफाई नहीं। सच्चाई बता कर जाऊंगा। आनंद मेरे
हाथों जरूर मरा था। पर मैं उसका कातिल नहीं हूं। अगर मैं उसका कातिल होता तो
कानून मुझे सजा देता। पर मैं अपनी जमीर की आवाज पर खुद को सजा देने आया हूं।
पश्चाताप की आग में जल रहा हूं। मां मैंने अपने नाम दौलत शहरत की लाश को आनंदन के
चिता के साथ जला दी है। मां शहरत के उजाले में रहने वाला राजेश आज गुमनामी के अंधेरे
में डूब गया है। मां सिर्फ तेरे बेटे का फर्ज पूरा करने के लिए। उन सपनों को पूरा
करने के लिए जो आनंद ने देखा था। मैं कसम खाकर कहता हूं मां जिस दिन माधवी की डोली
उठती मैं अपना सर तेरे कदमों पर रखकर उस वक्त तक पटकता जब तक तू मुझे माफ नहीं कर
देती या मैं मर नहीं जाता। हां मां। मां
राजेश भैया सच कह रहे हैं। बड़ा वो होता है जिसे भूल का एहसास हो। और उससे बड़ा वो
होता है जो उसे माफ़ कर दे। हां मां। मैं चलता हूं मां।
ठह बेटा भैया। तू कहां जा रहा है? एक बेटी को तो मैं खो
चुकी हूं। मैं दूसरे को नहीं खोऊंगी। नहीं मैं भगवान से प्रार्थना करूंगा कि
अगले जन्म तेरी कोख से पैदा हो और हर जन्म तेरी सेवा करता रहूं।
मेरा बेटा मेरा राजेश। [संगीत]
[हंसी]
[संगीत]
हमने जो भी तुमको दिए हो हमने जो भी तुमको दिए लौटा दो हमको
प्रिय
लौटा दो पोसे के साथ लौटा दो पोसे के साथ
किसी को जब दिए जाते हैं किसी को जब दिए जाते हैं तो वापस कब ले
जाते हैं तो पी और सोफी
और सो हमने जो भी तुमको दिए हो हमने जो भी तुमको
दिए
[संगीत]
[संगीत] हटती नहीं है नजर हो
देखूं वन को जहां हटती नहीं है नजर हो
देखूं वन को जहां ऐसी जवानी सनम हो
सारे ज में कहां हो प्यार की तुम पे की जो बरसात
हो प्यार की तुम पे की जो बरसात लौटा दो लौटा दो वोसे के साथ हो
किसी को जब दिए जाते हैं तो वापस कब लिए जाते हैं
तो और सोफे [प्रशंसा]
और सो
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
यु बिखेरे हुए सीने से लिपटी रहो
लिपटी रहो यु बिखेरे हुए सीने से लिपटी रहूं
लिपटी रहूं मेरी तमन्ना है मेरी तमन्ना है बाहों में
चमती रहो चमती रहो
देख लेने की करो नहीं बात [प्रशंसा]
तो और सोफे
अरसा हो हमने जो भी तुमको दिए लौटा दो हमको वो
प्रिय लौटा दो बोसे के साथ
लौटा दो बोसे के साथ किसी को जब दिए जाते हैं तो वापस तब लिए
जाते है तो सोफिया
और सो
लौटा दो गोसे के साथ लौटा दो गोसे के साथ
[संगीत]
क्या ये मेरा रेिग्नेशन
रेिग्नेशन पर क्यों याद है एक दिन आपने मुझसे कहा था कि मैं
अपने मां-बाप के पास वापस लौट जाऊं मिस राजेश मैं एक अनाथ लड़की हूं
एक सहारा आपने मुझे जरूर दिया था लेकिन यह मेरा पागलपन था कि मैं उस सहारे को प्यार
समझ बैठी ये जानने के बाद कि आप और लता एक दूसरे से
मोहब्बत करते हैं। मेरा आपकी जिंदगी से दूर चला जाना ही बेहतर है। ओके गुड बाय।
ये सच है कि मैं लता से मोहब्बत करता हूं। और उतना ही सच यह भी है कि मैं तहे दिल से
तुम्हारी इज्जत करता हूं। जिस रिश्ते को इज्जत की नजर से देखा जाता
है उसे दोस्ती कहते हैं रोजी। हमारी दोस्ती की इज्जत रख लो और यहां से मत जाओ।
प्यार के खातिर तो सभी लोग जी लेते हैं। आज रुक कर हमारी दोस्ती को प्यार से भी
ऊंचा बना दो। रोजी।
मैं डॉक्टर श्याम बोल रहा हूं। डॉक्टर साहब फरमाइए क्या बात है?
मैं दुनिया का वो आश्चर्य आपको दिखाना चाहता हूं जिसको देखकर आपकी आंखों को यकीन
नहीं आएगा। ऐसी कौन सी आश्चर्य की बात है जो आप मुझे
दिखाना चाहते हैं? एक बार हॉस्पिटल में तशरीफ ले आइए और फिर
खुद अपनी आंखों से देखिए कि इस वक्त आपके नाना जी क्या कर रहे हैं?
मैं अभी आता हूं। मीना मीना चाय चाय मदीक
डैड आपके चेहरे से ऐसा क्यों लग रहा है जैसे कोई सांप सूंघा हो घंटी बजाके?
कल तक मैंने सुना था कि कानों सुनी बात झूठ हो सकती है। लेकिन आज मुझे यकीन हो
गया कि आंखों देखी बात भी गलत हो सकती है। क्या मतलब? वो बुड्ढा रघुपति सहाय मरा
नहीं जिंदा है। क्या?
चलो मेरे साथ और उस बुड्ढे से मिल लो जिसका राजेश ने खून किया था।
हम बहुत धोखा दे चुके। अब ना ही हिलने की कोशिश करना ना ही चालाकी दिखाने की। वरना
घंटी बजा दूंगा तेरी। चलो जहां हम कहते हैं गाड़ी ले चलो। चलो।
धोखा खाने के बाद जिस तरह हम तड़पे थे। उससे कहीं ज्यादा तड़पा तड़पा कर हम लोग
तुम्हें मारेंगे। एक बार मेरे हाथ पैर खुल जाए उसके बाद तू किसी को तड़पा नहीं सकेगा।
मैं तुझे इतना मारूंगा इतना मारूंगा कि तड़प-तड़प के तेरी घंटी बज जाएगी।
[हंसी]
[संगीत]
पकड़ लो इन दोनों को मुझे अभी और इसी वक्त इन दोनों की लाश चाहिए। कोई नहीं जाएगा।
जाने दो इन लोगों को। क्यों? गैरकानूनी ढंग से ये हमारे हाथ
नहीं आएगा डैड। अब इसकी घंटी हमें कानूनी तौर से बजानी पड़ेगी। वो कैसे कान इधर लाओ
डैड वो भाग के कहीं नहीं जा सकता क्योंकि मैं ऐसा आदमी अपने साथ लेकर आया हूं जिसे
देखते ही राजेश की घंटी बज जाएगी। कौन है वो?
मिस्टर बनर्जी।
कौन है ये? मेरा नाम हृदयनाथ बनर्जी है। दुनिया की
नजरों में मैं राजेश के फाइटिंग कंपटीिशंस का मैनेजर था। पर असलियत यह है कि राजेश
को मैंने अपनी गोद में खिलाया है। अपने साए में उसे जवान किया है। अपनी देखरेख
में उसे फाइटिंग चैंपियन बनाया है। और यह बात जानकर आपको और भी हैरत होगी मिस्टर
श्रीनाथ कि राजेश ही विजय जो इस सारी जायदाद और इस सारी शान और शौकत
का इकलौता वारिस है। क्या बकवास कर रहे हो तुम?
सच्ची बात हमेशा बकवास लगती है मिस्टर श्रीनाथ। मगर सच हमेशा सच ही रहता है। राम
के बेटे और लक्ष्मण के भतीजे विजय को गोविंद ने अपनी जान पर खेल के बचा लिया।
इससे पहले कि आपके आदमी गोविंद तक पहुंच पाते उस बच्चे का बाल बांका होता। गोविंद
ने लाकर वो बच्चा मेरे हवाले कर दिया। और मिस्टर श्रीनाथ मैं उस बच्चे को लेकर
सिंगापुर चला गया। जहां मैंने उसका नाम बदलकर विजय से राजेश रख दिया और उसे
फाइटिंग चैंपियन बनाया ताकि वो अपने दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दे सके।
लेकिन जब मुझे एहसास हुआ कि वो फाइटिंग चैंपियन मेरे लिए नोट छापने
की मशीन बन सकता है। तो मैंने उसकी असलियत राजेश से भी छुपा ली।
इसका मतलब है कि रुपओं की खातिर तुम कुछ भी कर सकते हो।
रुपया भगवान है मेरे लिए और अपने भगवान को पाने के लिए मैं अपनी जान भी नाव पे लगा
सकता हूं। मिस्टर श्रीनाथ। तुम्हें कोई ऐसी चाल बताओ जिससे राजेश की
मौत हो जाए और बिना हाथ पैर हिलाए हम उसे हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा पा लें। यह
काम हमारा होगा और उसके दाम तुम मुकरर करोगे। तो फिर गौर से सुनिए। मैं राजेश के
गले में कानून का फंदा डलवा सकता हूं। कानून जिसे मौत देता है उसकी सुनवाई
दुनिया की किसी अदालत में नहीं होती। मिस्टर श्रीनाथ तो ठीक है। अदालत तक
पहुंचाने का इंतजाम तुम करोगे। तुम्हारे लिए दौलत का इंतजाम मैं करूंगा।
ओके। नाना जी आज मैं आपको सच-सच बता देना चाहता हूं।
सच्चाई ये है कि आपका और मेरा कोई रिश्ता नहीं है नाना जी।
क्या? दादा के कहने पर मैं आपका नवासा बनकर आपके
घर में दाखिल हुआ। यह तुम क्या कह रहे हो बेटा?
ये सच कह रहे हैं दादा जी। आपकी दिन-ब दिन गिरती हुई सेहत देखकर मेरे पास कोई दूसरा
रास्ता नहीं बचा था। मैं आपको यहां उन लोगों से मिलाने लाया
हूं जो मेरे कुछ नहीं बहुत कुछ है। मेरा सब कुछ है। मां।
[संगीत] [प्रशंसा]
लक्ष्मी लक्ष्मी
मेरी बेटी पिताजी
पिताजी मैं तो सोचती थी क्या आप मुझे कभी माफ नहीं करेंगे।
मैंने तो तुम्हें बरसों पहले माफ कर दिया था बेटी।
लेकिन तकदीर ने हमारे साथ न जाने कौन सा खेल खेला। और हम अपने प्यार को अपने सीने
में छुपाए खिलौनों की तरह बिखर गए। यह कौन है?
ये गोविंद की बेटी है। लेकिन जितनी इसने मेरी सेवा की है, शायद
मेरी अपनी बेटी भी उतनी ना करती। अनजाने में मैं आपको अपनी मां से मिलाने
लाया था। और इत्तेफाक से ये तो आपकी अपनी बेटी निकली। अब तो आपको यकीन हो गया होगा
ना कि मेरा आपसे कोई रिश्ता नहीं। और ना ये मेरी सगी मां है।
अरे सगा बेटा नहीं तो क्या तूने मेरे लिए सगों से बढ़कर सगों से ज्यादा किया है।
सगा रही है तभी तो गैरों के खून से इसके हाथ रंगे हुए हैं।
खून किसका खून किया है? आनंद का। अपनी जाती दुश्मनी निकालने के
लिए इसने आनंद का खून कर दिया। इंस्पेक्टर गिरफ्तार कर लो इसे।
क्या बक रहे हो बनर्जी? तुम तो जानते हो कि हर फाइट से पहले हम फाइटर से बॉन्ड
साइन करवाते थे। लेकिन आनंद से मैंने कोई बॉन्ड साइन नहीं
करवाया। गिरफ्तार कर लो इंस इंस्पेक्टर।
इंस्पेक्टर साहब यहां सफाई देने की कोई जरूरत नहीं है। जो भी साबित करना हो कोर्ट
में करना चलो। चलो! नहीं नहीं छोड़ दो इसे। मत ले जाओ। छोड़ दो
इस बेगुनाह को। इसने किसी का कत्ल नहीं किया। खून नहीं कर सकता।
इसे ले जाने दो बेटी। मैं अपनी सारी दौलत लुटा दूंगा। लेकिन उस बेगुनाह के ऊपर किसी
भी तरह की आंच नहीं आने दूंगा। अब हमारे रास्ते का आखिरी कांटा भी हमेशा
हमेशा के लिए साफ हो जाएगा। तो फिर अब आप अपना वादा पूरा कीजिए। आपने
कहा था कि इस काम के दाम मैं मुकर्रर करूंगा। कितने दाम चाहिए आपको?
पूरी जायदाद में आधे की पार्टनरशिप। मंजूर है। लेकिन बनर्जी साहब मैं आपको यह
पार्टनरशिप तब तक नहीं दे सकता जब तक राजेश फांसी के फंदे पर लटक नहीं जाता।
किस कम वक्त ने राजेश को फांसी के फंदे पर लटकवाने के लिए भेजा है मिस्टर श्रीनाथ।
वो तो सीधा मरने के लिए गया है। क्या मतलब? मतलब ये कि जिन पुलिस वालों ने
राजेश को गिरफ्तार किया दरअसल वो असली पुलिस वाले नहीं थे। तो फिर वो मेरे अपने
आदमी थे। सारे के सारे कराटे चल गए। वो राजेश को हमेशा के लिए खत्म करके ये खबर
देने ही वाले हैं कि राजेश की लाश को उन्होंने कहां ठिकाने लगाया है।
वाह वाह बनर्जी साहब आपने तो ऐसा काम कर दिखाया है कि जायदाद में से मैं अपना
हिस्सा भी आपको देने को तैयार हूं। एडवांस के तौर पर आप अभी इतना तो लेते जाइए।
इसकी तो आपने परमानेंट घंटी बजा दी डैड। जायदाद के असली वारस बाप और बेटे होते
हैं। अब तुम देखते जाओ मौजी मैं उस बुड्ढे से
तमाम जायदाद अपने नाम कैसे करवाता हूं। पहले जरा राजेश का गरम खून ठंडा हो जाने
दो। उसकी भी अब तक घंटी बज चुकी होगी डैड।
[संगीत]
[संगीत]
कौन है आप? [संगीत]
तेरी मौत तो फिर मेरी जान क्यों बचाई? ताकि मैं तुझे अपने हाथों से खत्म कर
सकूं। भैरोबिए
तू नकली वारिस बनकर मेरे विजय का हक छीनने आया है। मैं तेरे खून से तेरे माथे पे लिख
दूंगा। तू विजय नहीं है। हां, मैं विजय नहीं। मैं राजेश हूं। मौत
सामने खड़ी हो ना तो सच्चाई अपने आप जुबान पर आ जाती है। जो इंसान दिन रात मौत से
खेलता रहा हो वो मौत से नहीं डरता।
[संगीत]
वाह करवा [संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत] ओम
[संगीत]
[संगीत]
हाथ क्यों रुक गए तुम्हारे? हम दुश्मन तुम्हारे सामने आए कर बाहर। अरे कर
विजय मेरा विजय
आज आज तूने मेरे हाथों से बहुत बड़ा पाप होने से बचा लिया रे
भूल गया अपने चाचा को हैं तो भूल गया अपने चाचा को याद है जब तू छोटा सा था ना तब तब
इष्ट देवता की तस्वीर मैंने तेरे सीने पे गडवाई थी ताकि इष्ट देवता जिंदगी भर तेरी
सहायता करते रहे और जिस दिन यह तस्वीर करवाई थी ना, उस दिन तू बहुत रोया था। और
तेरा रोना देख के सारी रात मैं बेचैन रहा था।
मुझे कुछ याद नहीं। मुझे सिर्फ इतना याद है कि जब मैंने होश
संभाला तो अपने को बैनर्जी के सामने पाया।
बहन जी? अरे उसी बहना जी के हाथों में तो मैंने
तेरी जिंदगी की जिम्मेदारी दी थी। हां हां उसी ने तेरा नाम राजेश रखा होगा।
जरूर तेरा नाम राजेश रखा होगा उसी ने। बैनर्जी ने मुझे कभी कुछ नहीं बताया।
अरे तेरी जान का खतरा देखकर वो असलियत छुपा गया होगा। याद कर बेटा जिस दिन
श्रीनाथ के आदमियों ने पूरे गांव में गोलियां चला दी थी। बड़ी मुश्किल से तुझे
उठाए लक्ष्मी भाभी मेरे पास आई थी। श्रीनाथ की गोलियों ने पूरे घर को छलनी कर
दिया था। लक्ष्मी भाभी तो वहीं रह गई थी। पर तू मेरी पनाह में आ गया था। तेरी जान
बचाने के लिए अपने बच्चों को लक्ष्मी भाभी को सौंप कर मैं वहां से भाग निकला था। याद
कर बेटा याद कर विजय याद कर विजय याद कर
[संगीत]
चाचा
चाचा चाचा मैंने पहचान लिया अपने चाचा को विजय विजय चाय चाचा विजय तू मिल गया मुझे
आज आज लक्ष्मी भाभी तुझे देखती तू कितनी खुश होती
वो बेचारी इस दुनिया में है भी या नहीं चाचा मां जिंदा है
क्या मां जिंदा है चाचा मां जिंदा है मुझे उसके पास ले चल मुझे उसके पास ले चल
ले
क्या हो रहा है अरे ये क्या कर रहे हो बजा दो इन सब की घंटी
पिस्तल नीचे फेंक दो फेंको श्रीनाथ अगर तू अपने बेटे को जिंदा देखना
चाहता है तो अपने आदमियों से कह दो कि इन सबको छोड़ दे
छोड़ने को तो मैं कह देता हूं रोजी लेकिन मुझे एक बात बताओगी तुमने क्या इन सबको
बचाने का ठेका ले रखा है उस दिन तुमने राजेश की जान बचाई और आज इनकी जान बचाने
के लिए आ गई हूं आखिर तुम्हारे इन लोगों के साथ रिश्ता क्या है?
इस रिश्ते की बुनियाद भरोसे पे टिकी है श्रीनाथ। तेरे जैसे गद्दार और नमक हराम
कभी नहीं समझ सकता। हरामजादी अब तू ऊपर जाकर इस रिश्ते की
बुनियाद को मजबूत कर। इन सबको पहले
अब तू मार मार।
शबत से इस पर दस्तखत कर दो मेरे बुड्ढे मालिक। वरना मेरे ये कमीने लोग इन दो
नौजवान लड़कियों की इज्जत इतनी बुरी तरह से लूटेंगे कि ये दोनों बेचैरिया तुम्हारी
आंखों के सामने शर्म के मारे तड़प-तड़प कर अपनी जान दे देंगी।
नहीं श्रीनाथ। इज्जत की खातिर तो मैं दुनिया की सारी दौलत तुम्हारे कदमों में
रखने को तैयार हूं। नाना जी, आप एक जहरीले सांप को दूध पिला रहे हैं। कसम खुदा की
इसकी मत सुनिए। मारो हरामजादे मरते भी उपदेश दे रहा है।
कमीने मां
माधुरी राजेश
राजेश राजेश
रोजी रोजी रोजी तुम्हारा याद किसने किया? ah
बोलो जी बड़ी तकदीर वाले होते हैं वो लोग राजी
जिन्हें दोस्त की गोद में मरना नसीब हो नहीं रोजी ऐसा मत बोल ऐसा मत बोलो जी
अब जाते-जाते मुझे भी कुछ कह लेने दो राजी तुम्ही ने तो कहा था कि मैं दोस्ती की
खातिर रुक जाऊं अब अगर तुम कहोगे भी तो वो तुम्हारी खातिर नहीं रुक सकती
वो लोग सबको उठाकर अपने साथ में नहीं लगी गए।
क्या? भाभी को उठाकर ले गए। कौन उठा कर ले गए
उन्हें? कौन ले गए? मां और
श्रीना।
वाकई तुमने दोस्ती को उस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है। जहां प्यार छोटा पड़
जाता है। कौन जाने इस भेड़िए ने कितनी जाने ली
होंगी। विजय और चल मेरे साथ। आज उस श्रीनाथ का अंत आ गया है।
नहीं नहीं श्रीनाथ छोड़ दो इस बेचारे को। मैं तुम्हारी तमन्ना पूरी कर देता हूं। तो
ठीक है जल्दी से इस पर दस्तक करो।
तुम सब भाग जाओ यहां से।
नमक हराम खामोश तुम
नहीं नहीं नहीं मैं गुनहगार नहीं हूं मैं खिदमतगार हूं कसम खुदा की
रघुपति साह साहब अब पता चला कि पराए चिराग से अपने घर में आग लग जाती है आज मैं 20
साल पुराना वो हक आपसे मांगने आया हूं जिसका हकदार मेरा भतीजा है जो आपका खून है
आप मिलना चाहेंगे उससे? लक्ष्मण
कहां है? कहां है मेरा बेटा? भाभी विजय से मिलना है ना?
हां। ए विजय आओ अंदर आओ।
[संगीत]
बांधो इसे। अरे चल। मैं मरते
भाभी ये रहा अपना विजय यकीन नहीं आ रहा ये देखो इश्क देवता की वो
तस्वीर जो बचपन में इसके सीने पे गड़वाई थी मां
मुझे मां
[संगीत]
अरे सबका पिता इधर खड़ा है शाबाश मौजी मेरे बच्चे अब मैं तुम सबको देख लूंगा
हरामजादों
बुड्ढे इन कागजात पर दस्तखत कर वरना अभी और इसी
वक्त लाशों के ढेर बिछा दूंगा मैं चल बेटे जल्दी कर
[संगीत]
हो आ
[संगीत] गो
[संगीत]
नहीं [संगीत]
[प्रशंसा]
पीछे
आ [संगीत]
[संगीत] अरे शर्म करो मंडो एक आदमी का मुकाबला
नहीं कर सकते हैं मारो मारो मारो बनाओ उसको
[संगीत] ओ
[संगीत] [प्रशंसा]
[संगीत] [प्रशंसा]
[संगीत]
बापू घंटी बज गई
ओके अबे कहां भाग रहा है अरे अरे पकड़ लो इसको
[संगीत] जल्दी
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
नहीं
[संगीत] [प्रशंसा]
[संगीत] मुझे
अरे [संगीत]
अरे अरे अरे भाई ये क्या कह रहे हो? अरे ये क्या कह रहे हो भाई? अरे को दिया
अरे डैडी बच गई। कर दे मेरे भाई मेरे भैया
[संगीत]
[संगीत]
को छोड़ दो छोड़ दो
[संगीत]
[संगीत]
कुत्ता मर गया। मर गया कुत्ता।
भैया
भैया ये देखो ये देखो अपना विजय। अपना विजय मिल
गया भैया। हां भैया
मैंने मरते वक्त जो आपको वचन दिया था ना उसे बरसों मैंने अपना ईमान बना के रखा।
आज मैंने श्रीनाथ को भी मौत के घाट नहीं उतारा।
बल्कि उस कमीने का मैंने बीज नाश कर दिया है। मैंने उसका बीज नाश कर दिया है। भैया
भैया आज मैं बहुत खुश हूं भैया।
[संगीत]
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