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रंग रे मेरे
रंग रे मेरे
रंग रे मेरे
रंग रे मेरे
मैं जानती हूं कि हमारे ना जाने से
तुम्हारा रास्ता भी तंग होगा। तुम एक बहुत
बड़े इम्तिहान में फंस जाओगी।
यह रास्ता सिर्फ हमारे लिए नहीं
तुम्हारे लिए भी मुश्किल हो जाएगा। मगर
मुश्किलात तो बढ़ जाएंगी पिया जी
लेकिन मैं रास्ते पे नहीं अपनी मंजिल पे
नजर रखता हूं।
हम चूहा तो पलट सकते हैं।
मैं जाके फिर लड़ रही हूं।
पावल ने कभी पलटना नहीं सीखा पिया जी।
अब आपका जो भी फैसला हो,
हालात जो भी हो,
मैं आपके साथ खड़ा हूं।
आजमा के देखना चाहे तो आजमा लें।
और कितने झूठ बोले हैं आपने मुझसे और मेरी
मां से।
इस लाचार और मजलूम बाप के चेहरे के पीछे
और कितने निकाब हैं।
आज एक साथ ही सारे निकाब हटा दें। अब्बा
आपने जो ये जुल्म मेरी और मेरी मां के साथ
किया है इसका कसूरवार कौन है? आप या मूसा
बोलें।
देर कहां लगा दी तुमने? क्या खबर लाया?
क्या बना काम का?
सेठ वो आ जाओ।
सलाम सेठ। यह चीमा और अच्छू हैं। उसी तरफ
से आ रहे हैं। ऑफिस बंद हो गया था तो
इसलिए इनको यहीं बुला लिया मैंने। यह बता
रहे हैं कि
लड़की तो सुबह से घर से बाहर नहीं निकली
लेकिन असलम अभी निकला कहीं जाने के लिए।
और इन्होंने आलियार को भी गली में देखा
है।
लगता है आलियार भी पिया से मिलने के लिए
चक्कर लगा रहा है वहां के।
क्या मुसीबत है यार।
लगता है ये लड़का सारा खेल खराब करके
छोड़ेगा।
शायद सावल भी इसीलिए अपना काम नहीं कर पा
रहा है।
सेठ मुझे लग रहा है सांवल भी ना मौके की
तलाश में। एक बार तो गया था असलम के
दरवाजे पे लेकिन फिर वापस लौट आया। सेठ
नहीं ऐसा तो नहीं कि आलियार को पता है कि
हम जो है ये फज़ूल बातें कर रहा है।
कैसे पता चलेगा उसे? कौन बताएगा उसे?
हमारे लिए क्या हुक्म है सेठ साहब?
तुम लोग फिलहाल इसी तरह प्यारा देते हो
और हां फिलहाल कोई और हाथ डालने की जरूरत
नहीं है उन लोगों पर।
मेरे आर्डर का इंतजार करो।
ठीक है सर।
ठीक है।
इतनी बार तुझे कहा है कि वक्त जगाओ और लोग
देख के बात किया कर। अब वक क्या पक रहा था
उनके सामने? सेठ मैं सिर्फ यह कह रहा था
कि हमें थोड़ा इंतजार करना चाहिए। आलियार
को पता है कि सांवल जो है वो हमारे लिए
काम करता है। लड़की को सांवल के साथ बदनाम
करने के चक्कर में हम कहीं आलियार को
मशकूक ना कर दें यह सोचने पे कि यह सारा
खेल हमारा रचाया हुआ है।
ठीक कह रहा है।
इसीलिए मैंने अपना प्लान बदल दिया है।
कान सीधे हाथ से पकड़ो या उल्टे हाथ से।
मकसद तो एक ही होता है ना।
तो क्या सेठ अब सांवल लड़की को नहीं
उठाएगा?
उसा के पास अभी बहुत से पत्ते हैं बाजी
पलटने दो।
मैं आलियार के दिल से उस लड़की को खुद उस
लड़की के जरिए ही बाहर निकाल फेंकूंगा।
तो क्या सेठ
तुम उस रात जीती हुई बाजी में मिली
इतनी आसानी से दरसबरदार हो जाओगे।
मिल्कियत तो वो मेरी ही है।
अब मेरी मर्जी है कि मैं उसे बसाऊं
या बर्बाद कर दूं।
शायद सेठ दाऊद अपना हक छोड़ देता।
लेकिन मूसा
मूसा अपना हक कभी नहीं छोड़ता।
कहां है मेरे सर की कसम कि अम्मा ही मेरी
सगी मां है। और उस रात जो औरत मरी थी वो
मेरी मां नहीं थी कोई और थी।
कहां है मेरे सर की कसम कि आप पहली ही रात
मुझे हियार के अब्बा के आगे नहीं आ रहे
थे।
आज आप इतनी इकलाकी जूरत तो दिखाते अब्बा
कि मुझसे सच बोलते।
मुझे मेरी मां की कब्र के पास लेकर जाते
और कहते ये देखो ये है तुम्हारी बदनसीब
मां।
नाराज है ना तू?
कसम से मैंने पूरी कोशिश की थी जीतने की।
तो सीट से लेकर जीत नहीं सका। तू ठीक कहती
थी।
ये चूहा मुझे एक दिन बर्बाद कर देगा।
तेरी आखरी दवा शक्ल भी नहीं देख सका।
तेरी बच्ची की खुशी नहीं तेरे साथ बना
सका। मुल्क की मार है। मुझे
काश मेरी अगर बेटी ना होती ना यही डॉक्टर
हो जाता।
जिंदगी भर तुझे खुशी नहीं दे सका शाकरा
अब वादा करता हूं
इसी बेटी को
दुनिया की सारी खुशियां दूंगा
कभी जुआ नहीं खेलूंगा मेरी तौबा
अपनी बेटी के लिए कुर्बान हो जाऊंगा।
उसमें एक आंच नहीं आने दूंगा मैं।
मेरा वादा है शाकि
ये मेरा बाप है।
आ
मेनु इश्क दी चोट लगी है
मेनु एक पल चैन
नहीं रह
मेनु एक पल चैन
नहीं रह
सु इश्क दी सूली चा
इश्क दी सूली
जाड़ आए
तेरा गम नहीं दिलों को लेता
तेरा गम नहीं दिलों
तेरा गम नहीं दिलों को
भाई क्या खबर है भाई वहां तो कोई हिलजुल
नहीं है सारा घर सन्नाटा पड़ा है वो ट्रक
वाला बाला भी वापस चला गया लग रहा है असलम
साहब ने आज रात निकल निकलने का इरादा
मुल्तवी कर दिया।
इरादा असलम साहब ने नहीं है।
पिया जी ने बदला है।
क्यों?
ये तो ठीक नहीं है भाई।
पिया जी अब डर के कहीं भागना नहीं चाहती।
सामना करना चाहती हैं इस तूफान का।
लेकिन भाई यह गलत है। यह तो अपने पांव पर
कुल्हाड़ी मारने वाली बात है। सेठ दाऊद
इतना इंतजार नहीं करेगा।
जानता हूं।
इसीलिए हमें हर बात की तैयारी करनी होगी।
निगरानी करने वालों पर नजर रखना
और मुझे खबर देना अगर वो निकले।
ठीक है भाई।
सावन
मोड़
मोहन
मोह
डेरा
सा
दिल विच ला
कहती सारी दुनिया
जोगी
कहदी सारी दुनिया जोगी
रोग
शकता
के मुका
रंग रे मेरे
रंग रे मेरे
रंग रे मेरे
रंग रे मेरे
आ
तेरे प्यार में डूबे ऐसे कैसे किनारा कर
लेंगे
मेरा यार बना है दुश्मन कैसे गवारा कर
लेंगे
रंग रेज मेरे मुझे रंग लगा मुझे रोग लगा
दे का रंग रेज मेरे
रंग रेज मेरे
रंग रेज मेरे
रंग रेज मेरे
वो सावन है ना जो हमारे मोहल्ले में रहता
है। उसने हमें बहुत पहले बताया था उसका जो
सेठ है ना वो हमारी वर्कशॉप हत्या आना
चाहता है। वो सेठ और कोई नहीं तुम्हारे
अब्बा है और सावल उनके लिए काम करता है।
मैं सेठ दाऊद के लिए सारे वो काम करता हूं
जिसका वो मुझे हुक्म देते हैं।
गुलाम का काम अपने आका का हुकुम पूरा करना
है। सवाल करना नहीं
बेदर्दा
तू जुल्म ना यूं कर टूटा हुआ दिल जोड़ के
जा।
अम्मा
खैरियत
तुम्हारे अब्बा रात भर घर नहीं लौटे। पता
नहीं कहां रह गए। रात भर घर नहीं आए तो
कहां चले गए। अरे मैं तो यही सोचती रही कि
अभी पलट आएंगे अभी आ जाएंगे। मगर अच्छा चल
मैं डब्बू क्लब के लड़कों को कहती हूं।
कहां रह गए थे आप? सारी रात मेरा इंतजार
में खून खुश होता रहे।
आप ठीक तो है ना असलम? असलम?
मैं आपके लिए कुछ खाने को लाती हूं।
ये आलियार कहां है? वो इसी घर में रहता है
या कोई और ठिकाना कर लिया है उसने।
कल से शक्ल नहीं देखी है मैंने उसकी।
इस वक्त वो घर पे नहीं होता।
सुबह सवेरे घर से निकलता है और शाम के बाद
वापस आता है।
कैसी मां होती है? तुमसे एक बेटा नहीं
संभाला जाता। बहुत मायूस किया तूने मुझे
शायद साहब।
उसकी उम्र में मैं क्या कर सकती हूं?
इसीलिए मैं उसके पाकिस्तान वापस आने के
खिलाफ थी। अब वो हाथ से निकलता जा रहा है
और आप उसका गुस्सा मुझ पे उतार रहे हैं।
तो किस पे निकालूं गुस्सा? तुम्हारे
साहबजादे पे इश्क का भूत सवार है। और उसका
ये इश्क हम सबको नहीं डूबेगा। पता नहीं
तुम्हें और तुम्हारे बेटे को कब अकल आएगी।
अकल है इसलिए सवाल पूछते हैं।
आपने खुद को मूसा से दाऊद में तो ढाल लिया
मगर मूसा अपने माजी के साथ एक बार फिर
हमारे सामने खड़ा और
दुनिया से ये राज छुपा सकते हैं आप अपने
बेटे से कब तक छुपाएंगे दाऊद
मूसा तुम्हारी मुलाकात आई है।
वो जाके कह दोगे मुझे नहीं मिलना। और जब
मना किया तो वो क्यों आ जाती है मिलने के
लिए मुझसे?
सुनो
तुम जाओ। मुसार अभी मुलाकात कर लेता है।
जी सर।
क्यों नहीं जाते मुलाकात करने? तुम्हारे
घर वाले हैं। परेशान तो होंगे ना। बाहर
कौन है मेरे साथ? एक बीवी और तीन साल का
बच्चा है। हर हफ्ते आ जाती है मेरा सर
खाने के लिए।
अरे नहीं नहीं नहीं ऐसी बात नहीं करते घर
वालों के लिए। तुम्हारी बीवी परेशान है।
तुम्हारे पास नहीं आएगी तो कहां जाएगी?
साहब वो खर्चे गुजारे की बात करती।
क्या जवाब दूंगा मैं इस बात का? सुनो मूसा
तुम मेरी बात मानते हो ना? अरे साहब क्या
बात करती है? तुम जाओ मुलाकात करके आओ।
इंतजार कर रही होगी तुम्हारी बीवी।
जैसा हुकुम साहब। जैसा हुकुम।
अच्छा रुको रुको रुको।
साहब साहब साहब साहब।
ये दराज खोलो। इसमें कुछ पैसे वो निकालो।
ये ले जाओ अपनी बेगम को दे दो। लेकिन साहब
ये तो अरे रख लो यार कुछ नहीं होता।
गुजारा गुजजारा हो जाएगा। और उसे कहना कि
आइंदा पैसों की फिक्र ना करें। मैं अपने
पीए से कह कर तुम्हारी बीवी और बच्चे का
महान खर्चा लगवा दूंगा। सरकारी फंड से
तुमने मेरी बहुत खिदमत की है मूसा।
ये हक है तुम्हारा। साहब मैं किस तरह
शुक्रिया अदा करूं आपका साहब साहब?
अरे नहीं नहीं बस ठीक हो गया। ठीक हो गया।
सही हो गया।
शुक्रिया साहब। शुक्रिया।
जाओ। मेहरबानी साहब।
तुमसे कितनी बार कहा है कि मत आया करो
यहां पर। जेल औरतों के आने की जगह नहीं
है।
और कहां जाऊं? खुद आप यहां बैठे हुए हैं।
मैं अपने दुखरे सुनाने किसके पास जाऊं?
मिनिस्टर साहब ने जो पैसे दिए ना फिलहाल
उनसे ही गुजारा करो।
महीने के खर्च का इंतजाम भी हो जाएगा।
अब क्या करूं और? आसमान से तारे तो तोड़
के लाने से ना।
आप हमारे वास्ते तौबा मांग लें। कर ले
तौबा। पिछली जिंदगी भुला दे।
हमारे लिए यह आसमान के तारों से बढ़कर
होगा।
मूसा वो करेगा जिसके लिए वो पैदा हुआ है।
मैं बड़ा आदमी बनकर रहूंगा।
समझी तुम?
आलियार तुम्हारा बाप तुम्हें ऐसा
मुस्तकबिल देगा कि तुम याद रखोगे। शेर
बच्चा है मेरा शेर।
इसकी तबियत खराब है। इसे डॉक्टर को ले
जाओ।
अल्लाह हाफिज।
सब
अक्षय
कितना ख्याल करते हो तुम मेरे मुंह से
जीते रहो साहब वो कंधे दबा दूं आपके ख्याल
में नहीं अभी जरूरत नहीं है बहुत शुक्रिया
ठीक है सर
पिया
मेरी जान तुमने अपने अब्बा को समझने में
बहुत बड़ी गलती की है।
उन्होंने तो अपनी सारी जिंदगी सिर्फ
तुम्हारे लिए जिए।
एक पल उन्होंने आराम नहीं किया। कभी सुकून
नहीं देखा। ये उनका एहसास जुर्म की चुबन
है जो उनको सारी जिंदगी चैन से जीने ना
दिया।
जिन औरतों की जिंदगी तबाह बर्बाद की है।
चैन और सुकून कहां नसीब होगा हमको।
पिया
तुम अपने अब्बा के लिए कितनी कड़वी बातें
कर रही हो।
तुम यह क्यों भूल रही हो कि इंसान को अपने
गुनाहों का कफारा अदा करने के लिए तो
कुदरत भी मौका देती है।
फिर एहसास जुर्म भी तो उन्हें सीधी राह पे
लाने का कभी-कभी बायस बन सकता है ना।
कफारा गुनाह के इकरार में किया जाता है।
अम्मा
पोशीदा कफारे अक्सर खुद गुनाह बन जाते
हैं।
और मेरे लिए ना मूसा और अब्बा में कोई
फर्क नहीं है। एक ने बाजी जीती और दूसरे
ने हारी।
और इस हारजीत के खेल में मौत किसे हासिल
हुई? हम तीन औरतों को जिनका इस बाजी से
कोई ताल्लुक नहीं था।
पिया मैंने भी तो पहली रात समझौता कर लिया
था।
औरत को समझौता करना पड़ता है।
आज भी ये सच्चाई जानकर मुझे सिर्फ समझौता
ही तो करना है। अम्मा लेकिन मैं कभी
समझौता नहीं करूंगी।
मैं अपनी जिंदगी के फैसले खुद करूंगी।
एक जुए की बाजी पर हारी हुई बनके जिंदगी
गुजारना कबूल नहीं है मुझे अम्मा।
आपने अब्बा का साथ देना है तो आप जरूर
दें।
आपने सारी जिंदगी उनसे वफा की है।
मैं नहीं चाहती मेरी वजह से आपकी वफा पे
दाग लगे।
भला मैं अपनी पिया को छोड़ के कहां जा
सकती हूं। अभी तो हमें अपनी पिया के सारे
ख्वाब पूरे होते देखने हैं।
इसका घर बसता हुआ देखना है। कोई ख्वाब
पूरा नहीं होगा। कोई घर नहीं बसेगा। कुछ
ठीक नहीं होने वाला। कैसे ठीक नहीं होगा?
सब कुछ ठीक हो सकता है? आलियार बहुत अच्छा
लड़का है। बहुत प्यार करता है तुमसे। मैं
तुम्हारे अब्बा को समझाऊंगी कि बाप के
कर्मों की सजा बेटे को ना दें। देखना वो
राजी हो जाएंगे इस रिश्ते पर।
अरे अम्मा आप किसी से कोई बात नहीं
करेंगी। किसी को नहीं मनाएंगी।
हम सबको जिंदगी में किसी न किसी के किए की
सजा मिलती है।
मैं और अली आप भी अपनों की सजा भुगतेंगे।
ओम
आज अपनी गाड़ी लगाने से पहले तुमने पूछा
नहीं छोटे सूट
हां
क्योंकि मुझे पता चला इस जगह का मालिक
तुम्हें
हम तो यहां कब्जे पे बैठे हुए हैं।
क्या बात है।
आज तो बड़े सेठ दाऊद की जुबान बोल रहे हो
तुम मे
जो जिसान में बात समझते हैं उसे उसी जबान
में बात करनी चाहिए।
क्या चाहते हो तुम?
ये तुम बताओ।
क्या चाहते हो?
क्या मैं पूछूं? क्या खेल खेल रहे हो?
या बहुत मासूम है तुम्हारे खेल नहीं
समझेगी।
ऐसे लोगों से
हम एक दूसरे से बहुत मोहब्बत करते हैं।
हां, आजकल हमारे बीच में कुछ डिफरेंसेस
हैं।
फैमिली डिफरेंसेस।
लेकिन इसका मतलब यह हरगिज़ नहीं कि तुम इस
दौरान उसके करीब जाओ।
मोहब्बत करने वाले खौफदा नहीं होते।
लेकिन आज तुम्हारी आंखों में खौफ सा दिखाई
दे रहा है।
यातबार में
प्रिया पे तो मैं तुझसे ज्यादा भरोसा करता
हूं।
लेकिन अब तुमको भरोसा नहीं चाहिए।
और तुम भला मोहब्बत को क्या जानो।
कुछ पैसों के लिए लोगों के माल पे कब्जा
करते हो तुम।
लेकिन दिल पे कब्जा नहीं किया जा सकता।
मोहब्बत जिसकी होती है
अपना आप उसको सूंघ देते हैं।
फिर परेशानी किस बात की?
मोहब्बत को अपना खुद फैसला करने दो।
मोहब्बत जिसके नसीब में होगी अपना कब्जा
खुद उसको दे दीजिए।
परेशान बिल्कुल नहीं।
वार्म करने आया हूं।
ताकि इसके बाद कोई शिकायत
बात मुकद्दर की है तो फिर एक बात तुम भी
सुनते जाओ वाले यार
नसीब और तकदीर की लिखाई सिर्फ ऊपर वाला
पढ़ पाया आज तक
और जिसके नसीब में जो लिखा लिखा है
वो मिलकर रहेगा।
चाहे कोई चाहे या ना चाहे।
यही तो मैं कह रहा हूं।
उस्ताद ये इंजन ओवरहोलिंग के लिए उतार
लूं?
खोल ले।
अच्छा वो 1685 की सीटें भी खोलनी है। वो
भी खोल लूं?
उतार ले सर ना खा मेरा। जय
चल भाई असलम ये सेठ निसार ने याद किया है।
सेठ निसार
अच्छा वो निसार चर्सी अब सेठ निसार हो गया
है। कमाल है
मेरे साथ ना उलझ चल काम है तेरे साथ।
अगर ना चलो तो
मर्जी है तुम्हारी पर हो सकता है ना चलने
से नुकसान भी तुम्हारा ही ज्यादा हो। अब
फैसला तुम्हारे हाथ में है।
मैं नहीं आऊंगा। जाके बोल दे अपने निसार
चर्सी से
जा
बोल दूं हां हां बोल बोल बोल जा
जी उस्ताद
इंजन मैं खोलता हूं
ठीक
आ
आ
जी पिया जी आपने कॉल करके बुलाया
सब खैरियत
आले यार यहां क्यों आया था
ये आपसे बेहतर कोई नहीं जान सकता
अगर वो मुझसे मिलने आया था।
मेरे घर तक क्यों नहीं आया? तुमने रोका था
क्या?
नहीं।
मैं आप दोनों के रास्ते की दीवार क्यों?
उसे भी यही समझा रहा हूं।
लेकिन धमकी देकर गया मुझे।
मेनु इश्क दी चोट लगी है
मेनु एक पल चैन
नहीं रह
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